जनपद पंचायत आमला की 15 दुकानों की नीलामी पर उठे सवाल।

Questions raised regarding the auction of 15 shops of Janpad Panchayat Amla. हरिप्रसाद गोहेआमला। जनपद पंचायत आमला की 15 दुकानों की नीलामी प्रक्रिया और नए भवन निर्माण की एजेंसी व तकनीकी स्वीकृति पर गंभीर आरोप लगे हैं। यूथ कांग्रेस विधानसभा उपाध्यक्ष राकेश सोने ने 6 अक्टूबर 2026 को एसडीएम के माध्यम से सीईओ जिला पंचायत बैतूल को शिकायत सौंपकर दोनों कार्यवाहियों को निरस्त करने की मांग की है। शिकायत में आरोप है कि अध्यक्ष और सीईओ जनपद पंचायत ने नियमों का उल्लंघन कर मनमाने ढंग से नीलामी की है। पूर्व नीलामी की धरोहर राशि को भी नियम विरुद्ध खर्च किया गया है। नीलामी की शर्त 2.2 में जिला रोजगार कार्यालय में 3 माह पूर्व जीवित पंजीयन और 200 रुपये के स्टाम्प पर शपथपत्र अनिवार्य किया गया है। शिकायत के अनुसार यह शर्त साजिशन जोड़ी गई है, जिससे बिना पंजीयन वाले शिक्षित बेरोजगार वंचित हो गए। जबकि जिला पंचायत बैतूल द्वारा आजीविका प्लाजा की नीलामी में ऐसी कोई शर्त नहीं रखी गई थी। दुकान क्रमांक 1, 2 और 3 के लिए एक-एक आवेदन आने पर भी नीलामी कर दी गई, जबकि एक से अधिक बोलीकर्ता होना जरूरी है। वहीं दुकान क्रमांक 4 में एक से अधिक आवेदन होने के बावजूद बोली राशि जमा नहीं कराई गई। recent visitors 109

डॉ. भीमराव अंबेडकर शासकीय महाविद्यालय आमला में सड़क सुरक्षा पर सत्र।

Session on road safety at Dr. Bhimrao Ambedkar Government College, Amla. हरिप्रसाद गोहेआमला। डॉ. भीमराव अंबेडकर शासकीय महाविद्यालय आमला में 7 अक्टूबर 2026 को सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सड़क सुरक्षा एवं सुरक्षित नागरिकता पर सत्र का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में मुख्य वक्ता थाना प्रभारी आमला मुकेश ठाकुर ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि वाहन चलाते समय लाइसेंस, बीमा, नियंत्रित गति और ट्रैफिक नियमों का पालन आवश्यक है, ताकि यात्रा सुरक्षित हो सके।अभिकर्ता हेमंत देशमुख ने ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया और यातायात नियमों की जानकारी दी। प्रभारी प्राचार्य प्रो. मुकेश इवने ने कहा कि नियमों का पालन कर श्रेष्ठ नागरिक बनने का परिचय दें। रासेयो कार्यक्रम अधिकारी डॉ. जगदीश पटैया ने युवाओं से नियमों के प्रति जागरूक होकर समाज को भी जागरूक करने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजेंद्र गिरी गोस्वामी ने किया, आभार लाइब्रेरियन सतीश बागड़े ने माना। इस अवसर पर प्रो. राजा अतुलकर, डॉ. सुनीता सोलंकी, प्रो. लोकेश झरबड़े , क्रीड़ा अधिकारी दीपक हथिया,सहित स्टाफ और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। recent visitors 67

त्योहार सजावट से नहीं, एहसासों से खास बनते हैं : सोनाली नागले

Festivals become special through feelings, not decorations: Sonali Nagle हरिप्रसाद गोहेआमला। बरसात के बाद जब मौसम करवट लेता है और हवा में हल्की ठंडक घुलने लगती है, तब नवरात्रि की आहट महसूस होने लगती है। घरों में पूजा की तैयारियां शुरू हो जाती हैं, मंदिर सजने लगते हैं और शाम होते ही गरबा की ताल माहौल में अलग ही रंग भर देती है।भारत में नवरात्रि का स्वरूप अनूठा है। गुजरात में गरबा-डांडिया की धूम रहती है, तो बंगाल में दुर्गा पूजा की भव्यता मन मोह लेती है। कहीं व्रत रखे जाते हैं, कहीं कन्या पूजन होता है, तो कहीं पूरा मोहल्ला मिलकर माता की चौकी सजाता है। रीति-रिवाज भले अलग हों, भावना एक ही है- शक्ति में विश्वास और अच्छाई की विजय की कामना।नवरात्रि केवल देवी उपासना का पर्व नहीं, बल्कि भीतर की शक्ति को पहचानने का अवसर भी है। माँ दुर्गा का स्वरूप सिखाता है कि कठिनाइयों के सामने हार मानने के बजाय साहस और विश्वास से उनका सामना किया जाए। बुराई पर अच्छाई की जीत तभी सार्थक होगी, जब हम अपने भीतर के अहंकार, ईर्ष्या और नकारात्मकता पर विजय पाएं।आज की भागदौड़ में जब अपनों के साथ बैठने का समय भी कम होता जा रहा है, ऐसे त्योहार हमें करीब लाते हैं। आरती के समय एक साथ खड़ा परिवार, प्रसाद के लिए बढ़ते हाथ, पड़ोसियों से छोटी-सी मुलाकात और गरबा पर साथ झूमते लोग- यही छोटे दृश्य त्योहारों को खास बनाते हैं।बचपन में नवरात्रि का इंतजार अलग ही होता था। नए कपड़ों की खुशी, दोस्तों संग गरबा देखने का उत्साह और दशहरे पर रावण दहन की बेसब्री। तब शायद समझ नहीं थी कि रावण जलाना केवल परंपरा नहीं, बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। त्योहारों ने अनजाने में जीवन के जरूरी संस्कार भी सिखाए।आखिर त्योहारों की खूबसूरती सजावट में नहीं, एहसासों में है। समय बदलता है, मनाने के तरीके बदलते हैं, पर माँ के सामने हाथ जोड़ते समय मन में उठने वाली श्रद्धा आज भी वैसी ही है। शारदीय नवरात्रि यही याद दिलाती है कि शक्ति केवल देवी स्वरूप में नहीं, बल्कि उस विश्वास में भी है जो मुश्किल समय में संभालता है। recent visitors 157

तहसील पहुंचकर कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन, तहसील कार्यालय के सामने मैदान बनाने की मांग।

Upon reaching the Tehsil office, a memorandum addressed to the Collector was submitted, demanding the construction of a ground in front of the Tehsil office. हरिप्रसाद गोहेआमला। आमला नगर में प्रतिभावान खिलाड़ियों और उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की कमी नहीं है। यहां के ऊर्जावान खिलाड़ियों ने विभिन्न खेलों में आमला का नाम सार्वजनिक मंच पर गौरवान्वित किया है। लेकिन जब शहर में खेल मैदान की बात आती है तो खेल प्रेमियों में मायूसी छा जाती है। नगर में युवाओं के लिए व्यवस्थित खेल मैदान नहीं है। ऐसा नहीं है कि खिलाड़ियों और स्वयंसेवी संगठनों ने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से मांग नहीं की हो, फिर भी जायज मांग पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सवाल यही है कि क्या शहर की प्रतिभाओं को आमला में मैदान मिलेगा या फिर किसी अन्य गांव में मैदान बना दिया जाएगा।इसी मांग को लेकर बुधवार सुबह करीब आधा सैकड़ा युवा और खिलाड़ी लामबंद होकर आमला तहसील कार्यालय पहुंचे और तहसीलदार के माध्यम से कलेक्टर बैतूल के नाम ज्ञापन सौंपा। खिलाड़ियों ने मांग की है कि तहसील कार्यालय के सामने उपलब्ध शासकीय खुली भूमि पर खेल मैदान विकसित किया जाए। यह भूमि नगर के बीचोंबीच और आसानी से पहुंच योग्य है। यहां क्रिकेट, फुटबॉल, वॉलीबॉल, कबड्डी सहित अन्य खेलों के लिए सुविधा विकसित हो सकती है।खिलाड़ियों के बताए अनुसार विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे द्वारा इसी भूमि पर खेल मैदान बनाने की घोषणा विभिन्न मंचों से की गई थी। युवा इसी उम्मीद में थे, लेकिन मंगलवार शाम सोशल मीडिया पर नांदपुर पंचायत में खेल मैदान स्वीकृति की पोस्ट आने के बाद युवाओं में नाराजगी है। युवाओं का कहना है कि जब नगर में ही भूमि उपलब्ध है तो प्राथमिकता आमला को क्यों नहीं दी जा रही है। हालांकि स्थान चयन को लेकर आधिकारिक स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।ज्ञापन में भूमि का स्थल निरीक्षण एवं सीमांकन कर उपयुक्तता का परीक्षण करने और नियमानुसार स्वीकृति देने की मांग की गई है। खिलाड़ियों ने कहा कि मैदान केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि शारीरिक विकास और प्रतिभा निखारने का माध्यम है।साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो युवा आंदोलन और सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे। recent visitors 176

अमृत महोत्सव का भव्य समापन, एकादशी पर गूंजे जय श्री श्याम के जयकारे

Grand conclusion of Amrit Mahotsav; chants of ‘Jai Shri Shyam’ resonate on Ekadashi. विशेष संवाददाता: जितेन्द्र श्रीवास्तव/अर्पिता श्रीवास्तवजबलपुर। श्री खाटू श्याम सेवा मित्र मंडल जबलपुर के तत्वावधान में आयोजित ‘अमृत महोत्सव’ का भव्य आयोजन 6 अक्टूबर 2026 को एकादशी के पावन अवसर पर संपन्न हुआ। कार्यक्रम का आयोजन श्री शिवशक्ति महाकाल, खाटूश्याम धाम, गोरखपुर, जबलपुर में किया गया।समापन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और धार्मिक कार्यक्रमों में सहभागिता की। आयोजन में नयन कपूर, जबलपुर सहित परम पूज्य श्री कुंज बिहारी दास जी महाराज (श्री धाम वृंदावन) की उपस्थिति प्रमुख रही।कार्यक्रम के दौरान भक्ति संगीत, धार्मिक प्रस्तुतियों और श्याम भक्ति से माहौल भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने श्री श्याम प्रभु के दर्शन एवं भजन-कीर्तन का लाभ लिया। आयोजन के अंत में श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हुए ‘जय श्री श्याम, राधे-राधे’ के जयकारे लगाए। आयोजक श्री खाटू श्याम सेवा मित्र मंडल, जबलपुर की ओर से आयोजन में सहयोग करने वाले सभी श्रद्धालुओं एवं भक्तों का आभार व्यक्त किया गया। recent visitors 28

सावधान ! जबलपुर में दूध-पनीर, आइसक्रीम के सैंपल फेल, तेजी से हो रही मिलावट

Be careful when eating out! Milk, paneer, and ice cream samples in Jabalpur have failed tests; adulteration is rampant. विशेष संवाददाता: जितेन्द्र श्रीवास्तव/अर्पिता श्रीवास्तवजबलपुर । शहर में रेस्टोरेंट, होटल और ढाबों में लोग बड़ी राशि खर्च कर परिवार के साथ भोजन करते हैं, लेकिन परोसे जा रहे खाद्य पदार्थ मानकों के अनुरूप है या नहीं, इसकी गारंटी नहीं है। खाद्य सुरक्षा प्रशासन की कार्रवाई में दूध, पनीर, दही, आइसक्रीम, चावल और गेहूं सहित कई खाद्य पदार्थों के नमूने अमानक पाए गए है। इन मामलों को अपर कलेक्टर न्यायालय में पेश किया गया। जनवरी से अब तक 115 प्रकरणों में 2 हजार से 2 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया गया है। सभी मामलों में कुल 31.57 लाख रुपए का अर्थदंड अधिरोपित किया गया। दूध से बने उत्पादों में सबसे ज्यादा गड़बड़ीदूध से बने उत्पाद आम लोगों के रोजमर्रा के भोजन का अहम हिस्सा हैं। खाद्य सुरक्षा प्रशासन की जांच में इन उत्पादों में सबसे अधिक गड़बड़ी सामने आई। होटल और रेस्टोरेंट में पनीर से बनने वाले व्यंजनों की कीमत भी अधिक होती है। अलग-अलग प्रतिष्ठानों से लिए गए पनीर के नमूनों की जांच में कई नमूने अमानक मिले। अनाज और मेवे भी जांच में फेलजांच में अनाज और मेवों के ऐसे नमूने भी मिले, जो खाद्य मानकों पर खरे नहीं उतरे। अपर कलेक्टर न्यायालय में पहुंचे प्रकरणों में बड़ी संख्या ऐसे प्रतिष्ठानों की भी है, जिन्होंने खाद्य सुरक्षा प्रशासन से आवश्यक पंजीयन नहीं कराया था। डेयरियों के दूध, दही और पनीर के नमूने अवमानकअपर कलेक्टर शहर रविशंकर राय और अपर कलेक्टर ग्रामीण नीता राठौर के न्यायालय से 115 से अधिक प्रकरणों में आदेश पारित हुए हैं। खाद्य सुरक्षा प्रशासन के अधिकारियों ने ये प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किए थे। मदर डेयरी, कन्हैया डेयरी, गुरुवीर डेयरी, उमेश डेयरी, मोनू तिवारी डेयरी, वासू डेयरी और जबलपुर डेयरी सहित कई प्रतिष्ठानों से लिए गए पनीर, दही और दूध के नमूने प्रयोगशाला जांच में अवमानक पाए गए। होटल और नामी ब्रांड पर भी कार्रवाईहोटल ऋषि रेजेंसी की आइसक्रीम अवमानक पाई गई। पेप्सिको इंडिया लिमिटेड के कुरकुरे और डोरिटो उत्पादों पर मिथ्याछाप और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के निर्देशों का पालन नहीं करने पर जुर्माना लगाया गया। खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करने पर होटल हिल्टन तथा अवमानक बूंदी लड्डू बेचने पर विशन स्वीट्स पर भी अर्थदंड लगाया गया। अन्य संस्थानों में अलग-अलग अनियमितताएं मिलने पर भी जुर्माना किया गया। खाद्य सुरक्षा प्रशासन की ओर से न्यायालय में प्रस्तुत किए गए प्रकरणों का तेजी से निराकरण किया जा रहा है। खाद्य पदार्थों की बिक्री में मानकों का ध्यान रखना सभी के लिए जरूरी है। संस्थानों पर जुर्माने की कार्रवाई की जाती है। लगातार नियमों की अवहेलना करने वाले व्यक्ति पर बड़ा जुर्माना अधिरोपित किया जाता है। -रविशंकर राय, अपर कलेक्टर (शहर) recent visitors 36

कूनो नेशनल पार्क से दो चीते नौरादेही टाइगर रिजर्व रवाना, मुख्यमंत्री मोहन यादव सोफ्ट बोमा में करेंगे रिलीज

Two cheetahs from Kuno National Park are being sent to Nauradehi Tiger Reserve; Chief Minister Mohan Yadav will release them into the soft boma. श्योपुर। देश में चीता पुनर्स्थापना का केंद्र बना कूनो नेशनल पार्क अब चीतों को देश के अन्य जंगलों में बसाने का सोर्स बन गया है। कूनो प्रबंधन ने बुधवार सुबह पार्क के दो चीतों-नर थोलो और मादा CCB-3 को ट्रेंकुलाइज कर वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व (नौरादेही, सागर) के लिए रवाना किया। कूनो के टिकटोली गेट से चीतों को विशेष वाहन में शिफ्ट किया गया। इस दौरान कूनो के सीसीएफ उत्तम शर्मा, डीएफओ और वन्यजीव चिकित्सकों की टीम साथ रही। दोनों चीतों की हेल्थ पूरी तरह सामान्य है।कूनो से तीसरी बार शिफ्टिंगइसके पहले कूनो से ही 2 चीते गांधी सागर (मंदसौर-नीमच) भेजे गए थे, जिनमें पवन और राधा शामिल थीं। अब CCB-3 जो राधा की बहन है, उसे नौरादेही भेजा गया है। स्टीयरिंग कमेटी ने नौरादेही के लिए 4 चीतों की मंजूरी दी है, पहले चरण में 2 भेजे जा रहे हैं। श्योपुर का कूनो 2022 में नामीबिया से 8 चीतों की पहली खेप आने के बाद से भारत का चीता हब बन गया है। यहां जन्मे शावकों को मिलाकर अब कूनो में चीतों की संख्या 30 के पार है, इसलिए अब इन्हें अन्य अनुकूल हैबिटेट में बसाया जा रहा है।मुख्यमंत्री करेंगे रिलीजआज शाम मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव सागर में दोनों चीतों को 439 हेक्टेयर के सॉफ्ट बोमा में रिलीज करेंगे। यह बोमा भोपाल के वन विहार जितना बड़ा है, जिसमें 5 हिस्से, पावर फेंसिंग और 24 घंटे सैटेलाइट ट्रैकिंग की व्यवस्था है। recent visitors 14