तीन वरिष्ठ आईएएस अफसरों को अजाक्स में मिली बड़ी जिम्मेदारी

तीन वरिष्ठ आईएएस अफसरों को अजाक्स में मिली बड़ी जिम्मेदारी

Three senior IAS officers have been given significant responsibilities in Ajax. भोपाल। मध्य प्रदेश अनुसूचित जाति जनजाति कल्याण अधिकारी-कर्मचारी संघ (अजाक्स) के प्रांताध्यक्ष जेएन कंसोटिया ने प्रदेश के तीन वरिष्ठ आईएएस अफसर को संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दी है। 21 सितम्बर को इसके आदेश जारी कर दिए गए हैं। रीवा कमिश्नर आईएएस बीएस जामोद और कृषि कल्याण विभाग मंत्रालय के उपसचिव आईएएस संतोष वर्मा को प्रांतीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं ऊर्जा विभाग मंत्रालय के सचिव आईएएस विशेष गढ़पाले को प्रांतीय कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया है। आईएएस जामोद की नियुक्ति के आदेश की एक प्रतिलिपि रीवा कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और अजाक्स के प्रदेश के सभी संभागीय व जिला अध्यक्ष को भी भेजी गई है। आईएएस वर्मा और गढ़पाले की नियुक्ति के सम्बन्ध में संबंधित विभाग के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव मंत्रालय के अलावा भोपाल कमिशनर, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और अजाक्स के प्रदेश के सभी संभागीय व जिला अध्यक्ष को एक-एक प्रतिलिपि भेजी गई है। तीनों अफसरों ने प्रान्ताध्यक्ष व पूर्व एसीएस जेएन कंसोटिया का आभार माना है। जल्द ही इन वरिष्ठ अफसरों शपथ समारोह आयोजित होगा, जिसमें विधिवत रूप से शपथ लेंगे और काम करना शुरू कर देंगे। संघठन में होगा नई ऊर्जा का संचारअजाक्स मंत्रालय इकाई के अध्यक्ष घनश्याम भकोरिया और महासचिव हरिमोहन अहिरवार समेत अन्य के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के इन तीन वरिष्ठ अफसरों के अजाक्स के विधिवत पदाधिकारी बनने से निश्चित ही संघठन में नई ऊर्जा आएगी और अन्य पदाधिकारी भी उनके साथ मिलकर उत्साह के साथ काम करेंगे। प्रदेश के सभी पदाधिकारियों ने दी बधाईइन अफसरों के अजाक्स में प्रदेश स्तर की नई जिम्मेदारी मिलने पर महासचिव (प्रशासन) इंजी. एस एल सूर्यवंशी, महासचिव गौतम पाटिल, सचिव इंजी. एमसी अहिरवार, प्रदेश प्रवक्ता विजय शंकर श्रवण, भोपाल संभागीय अध्यक्ष वंशीलाल, भोपाल जिलाध्यक्ष विनोद बट्टी, मंत्रालय इकाई अध्यक्ष घनश्याम भकोरिया, मंत्रालय इकाई महासचिव हरिमोहन अहिरवार, मंत्रालय महिला इकाई अध्यक्ष विमला हिरकने समेत प्रदेशभर के सभी संभागीय, जिला इकाई के पदाधिकारियों, सदस्यों और अजाक्स से जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों ने हर्ष व्यक्त किया तथा शुभकामनायें भी दीं। recent visitors 122

MPWLC में 10 करोड़ का टेंडर घोटाला: नियम ताक पर, चहेती फर्मों को करोड़ों का फायदा,पढ़िए पूरी पड़ताल

MPWLC tender scam: Rules flouted, favoured firms benefit by crores; learn how officials are committing fraud भोपाल। MPWLC Scam in 10 crores मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक कॉर्पोरेशन (MPWLC) में सड़क और साइनज के करीब 10 करोड़ रुपये के टेंडर को लेकर गंभीर गड़बड़ियों के आरोप लगे हैं। शिकायतें बताती हैं कि अधिकारियों ने तय नियमों की अनदेखी कर चहेती फर्मों को फायदा पहुँचाया और पात्रता की मूल शर्तें पूरी न करने के बावजूद उन्हें क्वालिफाई कर दिया। टेंडर की पहली शर्त ही टूटी MPWLC Scam in 10 crores जुलाई 2025 में जारी इस टेंडर में साफ लिखा था कि भाग लेने वाली फर्म मध्य प्रदेश पीडब्ल्यूडी में पंजीकृत होनी चाहिए। लेकिन कॉर्पोरेशन ने एवेन्यू ग्राफिक्स, सत्यम ग्राफिक्स और अबुल फैज जैसी फर्मों को भी क्वालिफाई कर लिया, जिनका रजिस्ट्रेशन उस वक्त नहीं था। हद तो यह कि एक फर्म ने तो टेंडर जारी होने के बाद आवेदन किया, जो कि नियमों के हिसाब से अमान्य है। OEM सर्टिफिकेट के बिना भी क्वालिफाई MPWLC Scam in 10 crores पड़ताल में यह भी सामने आया कि इन फर्मों के पास ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (OEM) का इनकॉरपोरेशन सर्टिफिकेट तक नहीं था। बावजूद इसके उन्हें प्रजेंटेशन के लिए बुलाया गया और बाद में दस्तावेज़ लेकर खानापूर्ति कर दी गई। प्रतिस्पर्धा खत्म, थ्री एम वेंडर बाहर इस टेंडर में छह वेंडर शामिल हुए थे, जिनमें तीन थ्री एम इंडिया से और तीन ओराफिल से थे। लेकिन अधिकारियों ने एक पेपर के आधार पर थ्री एम इंडिया के सभी वेंडरों को बाहर कर दिया। जबकि उनके पास पीडब्ल्यूडी रजिस्ट्रेशन और सभी जरूरी दस्तावेज मौजूद थे। इससे प्रतिस्पर्धा घट गई और अनुमान लगाया जा रहा है कि टेंडर सामान्य से 20–25% कम दर पर मंजूर होने की बजाय केवल ढाई प्रतिशत कम दर पर खोला गया। नियमों की अनदेखी, पारदर्शिता पर सवाल जानकारों का कहना है कि टेक्निकल बिड खुलने के सिर्फ एक घंटे बाद ही फाइनेंशियल बिड भी खोल दी गई, जबकि नियमानुसार इसमें कम से कम 24 घंटे का अंतर होना चाहिए। इस प्रक्रिया से किसी भी वेंडर को आपत्ति दर्ज कराने का मौका ही नहीं मिला। जवाबदेही से बचते अधिकारी जब चीफ इंजीनियर जीपी मेहरा से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि “हमने पीडब्ल्यूडी एनआईटी के अनुसार फर्मों को क्वालिफाई किया है, बाकी जानकारी अधीक्षण यंत्री से लीजिए।”अधीक्षण यंत्री एसके जैन का कहना था कि “स्टैंडर्ड मानकों के हिसाब से कार्रवाई हुई है और रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करने वाली फर्म को भी पात्र माना जाता है। शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी गई है।”वहीं, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की एसीएस रश्मि अरुण शमी ने कहा, “मुझे जानकारी नहीं है, पता करती हूं।” एमडी अनुराग वर्मा से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। recent visitors 167

एनएसएस में सक्रिय रहने से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का होता है सर्वागीण विकास: प्रो. सक्सेना

एनएसएस में सक्रिय रहने से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का होता है सर्वागीण विकास: प्रो. सक्सेना

Being active in NSS leads to all-round personality development of students: Prof. Saxena भोपाल। राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में यूआईटी आरजीपीवी की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई में नवप्रवेशित स्वयंसेवकों का अभिमुखीकरण कार्यक्रम यूआईटी परिसर में सम्पन्न हुआ, जिसमें एनएसएस स्वयंसेवकों को प्रो अनंत सक्सेना समन्वयक एनएसएस बरकतउल्ला विवि) डॉ शशिरंजन अकेला समन्वयक(एनएसएस- एनसीसी, यूआईटी आरजीवी) एवं डॉ राहुल परिहार( सह समन्वयक एनएसएस बीयू) ने मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम के प्रारंभ में उन्मुखीकरण की प्रस्तावना एनएसएस अधिकारी डॉ अविनाश राय ने रखी। अतिथियों का स्वागत एनएसएस सह कार्यक्रम अधिकारी डॉ रीतू के राजन एवं डॉ मेहताब सिंह ने किया। प्रो अनंत सक्सेना ने कहा कि एनएसएस की गतिविधियों में सक्रिय रहने से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का सर्वागीण विकास होता है। छात्रों को अपनी रचनात्मकता दिखाने का एक सुअवसर प्राप्त होता है। आरजीपीवी भोपाल के जनसंपर्क अधिकारी डॉ शशिरंजन अकेला ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति ने शैक्षिक एवं शिक्षणेत्तर गतिविधियों दोनों को शिक्षा का अभिन्न अंग माना है।आज का विद्यार्थी एक श्रेष्ठ नागरिक के रूप में विकसित होकर समाज एवं देश के प्रति कर्तव्यबोध रखे तथा अपने ज्ञान का उपयोग समाज हित में करें।शिक्षा के माध्यम से समाज सेवा, सामाजिक समरसता का भाव जागरण तथा मूल्यों एवं पर्यावरण संरक्षण में भी एनएसएस की भूमिका महत्वपूर्ण है।डॉ राहुल परिहार ने एनएसएस स्वयंसेवकों को कैंपस को स्वच्छ बनाए रखने, श्रमदान, रक्तदान एवं स्वच्छता अभियान में एनएसएस इकाई की भूमिका को रेखांकित करते हुए बताया कि वार्षिक शिविर के माध्यम से एनएसएस स्वयंसेवक परिवेश को समझ पाता है तथा उन्हें अपने विकास का भी अवसर मिलता है। कार्यक्रम का समापन राष्टगान से हुआ। इस अवसर पर उपस्थित स्वयंसेवकों को विभिन्न गतिविधियों का अभ्यास भी कराया गया। recent visitors 90

नर्मदा विकास प्राधिकरण के अधिकारी एचआर चौहान की फर्जी नियुक्ति

Fake appointment of Narmada Development Authority officer HR Chauhan भोपाल। नर्मदा विकास प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी एचआर चौहान (सदस्य अभियांत्रिकी वित्त) की फर्जी नियुक्ति का मामला सामने आया है। चौहान पर आरोप है कि उन्होंने शासकीय दस्तावेजों में हेराफेरी की है। इस मामले की शिकायत लोकायुक्त, ईओडब्ल्यू, मुख्य सचिव, राज्यपाल एवं एसीएस डब्ल्यूआरडी तक पहुंच चुकी है। इस पर संज्ञान लेते हुए ईओडब्ल्यू ने प्रकरण पंजीबद्ध करते हुए शासन को जांच करने के लिए निर्देशित किया है। न्यायालय भी इस मामले में सरकार को जांच करने कह चुका है, लेकिन फिर भी कोई कार्यवाही आगे नहीं बढ़ रही है। भोपाल। समता समाधान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक पवार ने यह मामला शासन तक पहुंचाया है। शिकायत में बताया गया कि एचआर चौहान की नियुक्ति फर्जी तरीके से हुई थी। यानि उनकी पदस्थापना न्यायालीन प्रकरणों की अनदेखी की गई है। इसमें ना तो गोपनीय प्रतिवेदन बुलाया गया और ना ही मेरिट प्रक्रिया अपनाई गई। चौहान की नियुक्ति मुख्य अभियंता नहर सनावद, सदस्य, अभियांत्रिकीय और सदस्य वित्त पर बोगस (फर्जी) तरीके से की गई है। ब्लैक लिस्टेड कंपनी को दिए ठेकेचौहान द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बड़ी-बड़ी निविदाएं निकाली गई, जिनकी दर प्रचलन दर से अधिक थी। जिस कारण शासन को करोड़ों का नुकसान हुआ। साथ ही इन्होंने निविदा की आड़ में करोड़ों का भ्रष्टाचार भी किया है। एक ही ग्रुप के 5-7 ठेकेदारों को उपकृत किया गया। विशेष रूप से ब्लैक लिस्टेड कंपनी मेंटोना को निविदा दी गईं। बिना किसी निविदा के कार्यों का एरिया भी बढ़ाया गया। जिसमें करोड़ की हेरा-फेरी की गई है। नर्मदा घाटी विकास इंदौर में भी हुआ भ्रष्टाचारमुख्य अभियंता नर्मदा घाटी विकास इंदौर के प्रभारी श्याम सुंदर राउत द्वारा भी भारी भ्रष्टाचार किया गया है। कार्यपालन यंत्री के रूप में न्यायालय द्वारा जांच स्थापित करने के बावजूद भी न्यायालय के आदेश को ठेंगा दिखाया गया। यह जिम्मेदारी सदस्य, अभियांत्रिकी एचआर चौहान की है। इसलिए श्याम सुंदर राउत और एचआर चौहान न्यायालय के आदेश की अव्हेलना करने के आरोपी हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि जांच एजेंसियां कोई ठोस कार्यवाही नहीं कर रही हैं। भ्रष्टाचार को भीतर से संरक्षण मिल रहा है। पवार की मांग है कि शासकीय दस्तावेजों में हेराफेरी करने वाले दोषियों पर प्रकरण दर्ज किया जाए। recent visitors 91

मध्यप्रदेश के आउटसोर्स कर्मियों को अब निश्चित तारीख पर मिलेगा वेतन

मध्यप्रदेश के आउटसोर्स कर्मियों को अब निश्चित तारीख पर मिलेगा वेतन

Outsourced workers of Madhya Pradesh will now get salary on a fixed date भोपाल। मध्य प्रदेश के आउटसोर्स कर्मियों को महीने की 7 और 10 तारीख तक वेतन मिल जाएगा। उक्त अवधि में भुगतान नहीं करने वाली आउटसोर्स एजेंसियों के खिलाफ श्रम विभाग कार्रवाई करेगा। सरकार ने पहली बार यह डेडलाइन तय की है, इसका फायदा सरकारी विभागों, निगम मंडलों, बिजली कंपनियों व उपक्रमों में काम करने वाले 3 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मियों को मिलेगा।श्रम विभाग ने ये निर्देश इसलिए जारी करने पड़े, क्योंकि अब तक आउटसोर्स कर्मियों को कई एजेंसियां तय समय पर भुगतान नहीं करती थी, जिसकी वजह से ये परिवार का पालन-पोषण ठीक से नहीं कर पाते थे। कुछ एजेंसियां बिना कारण बताएं ही सेवा से हटा देती थीं। इस पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने बीते दिनों श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल से फीडबैक लेकर गाइडलाइन बनाने के निर्देश दिए थे। जिन एजेंसियों के पास 1000 आउटसोर्स कर्मी होंगे, उन्हें महीने की 7 तारीख तक वेतन भुगतान करना होगा।ऐसी आउटसोर्स एजेंसियां, जिनके पास 1000 से अधिक आउटसोर्स कर्मी है,उन्हें महीने की 10 तारीख तक भुगतान करना होगा।गड़बड़ी पर यहां शिकायतः यदि कोई एजेंसी गड़बड़ी करती है या श्रम विभाग की गाइडलाइन का पालन नहीं करती है तो आउटसोर्स कर्मी 0755-2555582 वाट्सऐप पर शिकायत दर्ज करा सकते है। यह नंबर शासन द्वारा अधिकृत है। recent visitors 95

प्रतिनियुक्ति लेकर मलाईदार पदों पर वर्षों से जमे शिक्षक

प्रतिनियुक्ति लेकर मलाईदार पदों पर वर्षों से जमे शिक्षक

Teachers stuck on lucrative posts for years by taking deputation भोपाल। मध्यप्रदेश समग्र शिक्षक संघ ने राज्य में प्रतिनियुक्ति की अवधि को लेकर गंभीर आपत्ति जताई है। संघ ने लंबे समय से प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों को मूल पदस्थापना पर भेजने की मांग की है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश चंद्र दुबे एवं प्रदेश संरक्षक मुरारी लाल सोनी ने इस संबंध में मध्यप्रदेश शासन को पत्र प्रेषित किया है। संघ पदाधिकारियों ने पत्र में उल्लेख किया है कि शासन के नियमों के अनुसार प्रतिनियुक्ति की अवधि सामान्यत: 4 वर्ष तय है। विशेष परिस्थितियों में यह अवधि दोनों विभागों की सहमति से केवल 3 वर्ष और बढ़ाई जा सकती है, लेकिन वर्तमान में नीति के विपरीत अनेक अधिकारी, कर्मचारी एवं शिक्षक ऐसे हैं, जो व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए वर्षों से प्रतिनियुक्ति पर जमे हुए हैं। जो स्पष्ट रूप से प्रतिनियुक्ति नियमों के विपरीत है। संघ ने तर्क दिया है कि प्रतिनियुक्ति की लंबी अवधि से मूल विभाग के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। पदाधिकारियों का कहना है कि प्रतिनियुक्ति का उद्देश्य केवल विशेष प्रशासनिक आवश्यकता की पूर्ति होती है, न कि व्यक्तिगत सुविधा से इसे स्थायी पदस्थापना का रूप देना है। प्रतिनियुक्ति लेकर मलाईदार विभागों में जमेसंघ के अध्यक्ष सुरेशचंद दुबे का कहना है कि विभिन्न संगठनों से जुड़े कई शिक्षक, कर्मचारी, अधिकारी और उनके परिजन मलाईदार विभागों में नियम विरुद्ध प्रतिनियुक्ति पर 10 से 15 वर्षों से जमे हुए हैं। ऐसे सभी कर्मचारी, अधिकारियों और शिक्षकों को मूल विभाग में तत्काल प्रभाव से वापस भेजा जाए। प्रतिनियुक्ति पर जमे लोकसेवकों की संपत्ति की जांच होसंघ के प्रदेश संरक्षक मुरारीलाल सोनी का का आरोप है कि अनेक लोकसेवक कई वर्षों से नियमविरुद्ध प्रतिनियुक्ति पर जमे हैं। वे शासन को आर्थिक रूप से खोखला कर रहे हैं। ऐसे लोकसेवकों की प्रति नियुक्ति समाप्त कर उनके कार्यकाल और संपत्ति की जांच कराई जाए। recent visitors 103

बिना बिल के आपका घर होगा रोशन, किफायती दर पर सोलर पैनल होगा स्थापित

बिना बिल के आपका घर होगा रोशन, किफायती दर पर सोलर पैनल होगा स्थापित

Your house will be illuminated without bills, solar panels will be installed at affordable rates भोपाल। बिना बिजली बिल के आपका घर रोशन होने का सपना जल्द ही पूरा होता हुआ दिखेगा। इस सपने को साकार करने के लिए भोपाल में रोहित नगर F-1, f-2 प्रथम तल दुर्गा टावर रिलायंस मार्ट के पास ‘अर्थ वेव टेक्नोलॉजी प्राथमिक लिमिटेड’ के ऑफिस का महापौर मालती राय व गिरीश शर्मा ने शुभारंभ किया। इस मौके पर कंपनी के डायरेक्टर अल्पेश पटेल, पार्थ पटेल, केयूर गजेरा, हार्दिक काछड़िया तथा एमपीईवी के सेवानिवृत जीएम राकेश नायक, ऊर्जा विकास निगम के अनिल समुद्री, भोपाल डेवलपमेंट अथॉरिटी नवीन श्रीवास्तव, शंकर भाई पटेल, आरएस पांडे, संजय पटेल, प्रवीण भाई काछड़िया के अलावा बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। महापौर मल्टी राय ने अर्थवेव सोलर टेक्नोलॉजी प्राथमिक लिमिटेड के डायरेक्टर और उनकी टीम को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जो भी प्रोडक्ट लोगों को उपलब्ध कराएं, वह उनकी उम्मीदों पर खरा उतरे। महापौर राय ने लोगों से आग्रह किया है कि सभी लोग सोलर ऊर्जा से ही अपने घर रोशन करें और बिजली बिलों से मुक्ति पाएं। वहीं मुख्य अतिथि गिरीश शर्मा ने कहा कि पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग से जूझ रही है, ऐसे में हमें अब प्राकृतिक संसाधनों का दोहन करने से बचना चाहिए। सूर्य हमें बिना किसी रुकावट के उजाला दे रहा है। इसके उपयोग से हमारे घर भी रोशन होंगे, तो पर्यावरण का संतुलन नहीं बिगड़ेगा। इससे लाखों टन कोयला की बचत होगी। कंपनी के डायरेक्टर अल्पेश पटेल ने बताया कि हमारी कंपनी 4 राज्यों में काम कर रही है। कंपनी का पहला ऑफिस गुजरात से शुरू हुआ। इसके बाद उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और अब मध्य प्रदेश में शुभारंभ हो गया है। उन्होंने दावा किया कि हमारी कंपनी जो भी प्रोडक्ट और सर्विस प्रोवाइडर कराती है, वह क्वालिटी और क्वांटिटी बेस पर आधारित होती है। हमारी यही कोशिश रहती है कि किसी को शिकायत का मौका नहीं मिले। उन्होंने बताया कि वेव सोलर कंपनी इनवर्टर का निर्माण करती है। यह प्रोडक्ट 10 साल का गारंटेड है। हमारी कंपनी ने यह ऐसा प्रोडक्ट बनाया है, जिसमें लोगों को शिकायत करने का मौका नहीं मिलेगा। recent visitors 101