सड़कों पर मौत का तांडव , मप्र में हर घंटे में एक जानलेवा दुर्घटना, हर दिन 150+ एक्सीडेंट, 38 से ज्यादा मौतें

सड़कों पर मौत का तांडव , मप्र में हर घंटे में एक जानलेवा दुर्घटना, हर दिन 150+ एक्सीडेंट, 38 से ज्यादा मौतें

Death on the roads: One fatal accident every hour in Madhya Pradesh, 150+ accidents daily, and over 38 deaths. भोपाल। Death on the roads मध्य प्रदेश 2023 में सड़क दुर्घटनाओं के मामले में देश के सबसे खतरनाक राज्यों में से एक रहा है। एनसीआरबी की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में कुल 14,098 लोगों की मौत हुई, जो भारत की कुल आकस्मिक मौतों का 9.8 प्रतिशत है। 2022 की तुलना में दुर्घटनाओं में 5.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। रिपोर्ट बताती है कि 2023 में मध्य प्रदेश में 54,763 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इन दुर्घटनाओं में 54,699 लोग घायल भी हुए। राज्य में आकस्मिक मृत्यु दर 49.8 रही, जो देश में छठी सबसे अधिक दर है। मध्य प्रदेश के हाईवे खतरनाक Death on the roadsयात्रियों के लिए राजमार्ग सबसे खतरनाक साबित हुए। भारत की कुल सड़क दुर्घटना मौतों का 7 प्रतिशत केवल मध्य प्रदेश के राष्ट्रीय राजमार्गों पर दर्ज किया गया। शाम 6 बजे से रात 9 बजे के बीच का समय विशेष रूप से जोखिम भरा रहा, इस दौरान 10,613 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इसके अलावा, देश में हुई घातक बस दुर्घटनाओं में से 10.2 प्रतिशत मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में मिलाकर हुईं। छोटे वाहनों से ज्यादा हुए एक्सीडेंट Death on the roadsखराब बुनियादी ढांचा और पर्यावरणीय कारक भी इन मौतों में योगदान करते हैं। एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार, भारी और यात्री वाहनों के कारण बड़ी संख्या में मौतें हुईं। राज्य की सड़कों पर स्ङ्क/जीप और कारों से होने वाली दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या ट्रक/लॉरी/मिनी-ट्रक से होने वाली मौतों से अधिक थी। राजधानी भोपाल में भी बढ़ोतरी Death on the roadsराष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, भोपाल में 2023 में सड़क दुर्घटनाओं में 4.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। यह वृद्धि 2022 की तुलना में हुई है। कुल 2,906 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 196 लोगों की जान गई और 2,196 लोग घायल हुए। रात 9 बजे से आधी रात तक का समय सबसे खतरनाक रहा। दोपहिया वाहन चालक और पैदल यात्री सबसे ज़्यादा असुरक्षित पाए गए। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने भी भोपाल को ओवर-स्पीडिंग के कारण होने वाली दुर्घटनाओं में चौथे स्थान पर रखा था। recent visitors 98

कितना बदलेगा भोपाल निगम, जल्द सच आ जाएगा सामने

How much will change in Bhopal Corporation, the truth will come out soon भोपाल। भोपाल नगर निगम में नई अधिकारी की जल्द आमद होने वाली है। जो आईएएस अधिकारी संस्कृति जैन भोपाल आने वाली हैं, अभी तक सिवनी जिले की कलेक्टर थीं। उनकी विदाई के दौरान उन्हें वहां की जनता ने खूब सम्मान दिया है, जिसकी चर्चा प्रदेशभर में हो रही है। वैसे भोपाल नगर निगम महिला अधिकारियों के लिए मुफीद नहीं बन सका है। बात करें महपौर आलोक शर्मा के कार्यकाल की, तो आईएएस छवि भारद्वाज आयुक्त थीं। आलोक पूर्व सीएम शिवराज के नजदीकीर रहे थे। उन्होंने छवि को प्रेसर पॉलिटिक्स के चलते काम नहीं करने दिया। वे सोमवार को भानपुर खंती का दौरा करने वाली थीं। यह खबर जैसे ही आलोक को लगी, तो उन्होंने उसके पहले ही रविवार रात को उनका तबादला करवा दिया। इसके बाद प्रियंका दास आईं। उन्होंने निगम की माली हालात को सुधारने के लिए खूब मेहनत की। डीजल चोरी रोकना उनके लिए भारी पड़ गया। इनसे आलोक की पटरी नहीं खाई। आनन-फानन में अलोक ने उनको भी विदा कर दिया।  आमने-सामने होंगी दोनों महिला  नेता और अफसर अब महिला महापौर मालती राय हैं। जो राजधानी के एक मंत्री की खास हैं। हरेंद्र नारायण निगम के लचर ढर्रे को सुधारने में लगे रहे। वे ज्यादा सिफारिश पसंद नहीं करते थे। इसी दौरान उपयुक्त निधि सिंह की निगम में आमद हुई। उनका सख्त रवैया महापौर समेत उनके समर्थक पार्षदों को पसंद नहीं आया। उनका महापौर लॉबी ने विरोध करते हुए निंदा प्रस्ताव पास कर दिया और सख्त अंदाज वाली महिला अधिकारी को भागने मजबूर कर दिया था। इस लिहाज से देखें तो भोपाल निगम महिला अधिकारी के लिए ग्रहणकारी रहा है। हरेंद्र नारायण से भी उनकी सही बैठक नहीं चल पाई। हालांकि उन्हें सरकार ने छिंदवाड़ा कलेक्टर बना दिया है। अब सिवनी कलेक्टर आईएएस संस्कृति जैन पदभार सभालने वाली हैं। इस बार ऐसा होगा कि महापौर और आयुक्त दोनों ही महिला आमने-सामने राजधानी की नगर सरकार चलाएंगी। इससे सवाल उठता है कि क्या नगर की सूरत बदलेगी या फिर धक्कापलेट गाड़ी ही चल पायेगी, लेकिन यह कितने दूर चलेगी कह पाना मुश्किल है।वैसे राजधानी भोपाल में  प्रशासनिक कार्यों के दबाव के साथ-साथ राजनीतिक दबाव भारी रहता है।  निगम को घुन की तरह लगा है भ्रष्टाचार  भोपाल नगर निगम में भ्रष्टाचार की बेल बहुत बड़ी है। क्योंकि इसी की दम पर ही निगम चल रहा है। नगर निगम के कारनामो से अखबार के पन्ने डेली भरे रहते हैं। इस पर लगाम लगाना किसी के बस की बात नहीं है। वे इसको रोकने में कितनी कामयाब होंगी, यह आने वाला समय ही बताएगा। भोपाल की जनता उनकी ईमानदारी की छवि देखने के लिए तैयार है। देखना यह है कि निगम में पूर्व में जिस तरह महिला अफसरों के साथ हुआ है, उसको रोकने में वे कितनी सफल होंगी, यह कहना अभी जल्दबाजी होगा।  माना जा रहा है नई कमिश्नर जिनकी छवि एक ईमानदार अधिकारी की बनी हुई है। वे सिवनी से ट्रांसफर होकर भोपाल आ रही है। सिवनी से उन्हें गाजे- बाजे के साथ विदाई मिल गई है. संभवतः वे सोमवार को पद ग्रहण कर लेंगी। recent visitors 297

भोपाल वन विहार घूमने वाले को बूरी ख़बर: आज से ‘नो-व्हीकल जोन: न कार अंदर जा सकेगी, न बाइक बस; 40 गोल्फ कार्ट से घूम सकेंगे टूरिस्ट

भोपाल वन विहार घूमने वाले को बूरी ख़बर: आज से ‘नो-व्हीकल जोन: न कार अंदर जा सकेगी, न बाइक बस; 40 गोल्फ कार्ट से घूम सकेंगे टूरिस्ट

Bad news for visitors to Bhopal’s Van Vihar: From today, it’s a ‘no-vehicle zone’: no cars, bikes, or buses will be allowed inside; tourists can explore using 40 golf carts. भोपाल । वन विहार नेशनल पार्क आज (1 अक्टूबर) से ‘नो व्हीकल’ जोन हो जाएगा। न कार अंदर जा सकेंगी और न बाइक या बसें । टूरिस्ट 40 गोल्फ कार्ट के जरिए वन विहार घूम सकेंगे। वन विहार में घूमने आने वाले टूरिस्ट कई बार अपनी गाड़ियों के हॉर्न तेज आवाज में बजाते हैं। इससे अन्य पर्यटकों के साथ जानवर भी परेशान होते हैं। इसलिए वन विहार प्रबंधन यह कदम उठाने जा रहा है। बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव वन विहार में ही राज्य स्तरीय वन्य प्राणी सप्ताह की शुरुआत भी करेंगे। हर 10 मिनट में मिलेंगे गोल्फ कार्ट वन विहार की असिस्टेंट डायरेक्टर डॉ. रूही हक ने बताया कि वन विहार में भ्रमण के लिए 40 गोल्फ कार्ट का संचालन किया जाएगा। इन गोल्फ कार्ट में से 32 गोल्फ कार्ट हॉप ऑन हॉप ऑफ पद्धति संचालन के लिए रहेंगे। वहीं, 8 गोल्फ कार्ट (6 सीटर) पूर्ण रूप से 3 घंटे के लिए बुकिंग पर पर्यटकों को उपलब्ध रहेंगे।गोल्फ कार्ट का संचालन दोनों गेट से 10 मिनट पर लगातार होगा। सभी व्यू पाइंट पर 30 सेकेंड से 1 मिनट के लिए रुकेंगे। इससे पर्यटकों को अपनी स्वेच्छानुसार व्यू पाइंट पर वन्यप्राणियों को देखने का पर्याप्त समय मिलेगा। साइकिल से भी घूम सकेंगे गोल्फ कार्ट के अलावा पैदल भ्रमण, साइकिल, शाकाहारी सफारी की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। इस बदलाव से वन विहार में पर्यटकों को सशुल्क 150 नई साइकिलें भी उपलब्ध कराएगा। जिससे वन विहार भ्रमण और सुगम बनेगा। अलग-अलग रंग के बैंड भी मिलेंगे विभिन्न प्रकार के माध्यम से भ्रमण करने हेतु पर्यटकों को विभिन्न रंग के बाइओडिग्रेडबल बैंड भी दिए जाएंगे। जिससे किसी भी भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो। पार्किंग के लिए रुपए चुकाने होंगे वन विहार को जहां नो व्हीकल जोन बनाया जा रहा है तो पार्किंग के रूप में पर्यटकों को रुपए भी चुकाने होंगे। चार पहिया वाहनों की पार्किंग के लिए केवल प्रवेश द्वार नंबर-2 पर पार्किंग स्थल बनाया गया है। टूव्हीलर्स के लिए गेट नंबर-1 और 2 दोनों पर ही व्यवस्था रहेगी। recent visitors 103

मनुवादी ताकतों को परास्त किए बिना, भारत में समानता स्थापित नहीं हो सकती: प्रो. रतनलाल

Equality cannot be established in India without defeating Manuwadi forces: Prof. Ratanlal भोपाल। लोकतान्त्रिक अधिकार मोर्चा (DRF), मध्यप्रदेश के नेतृत्व में एक दिवसीय ऐतिहासिक ‘मनुवादी संघी फासीवाद विरोधी जन सम्मेलन’ संपन्न हुआ। भोपाल के नार्मदीय भवन में जुटे किसानों, मजदूरों, दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों सहित लगभग 300 प्रगतिशील, जनवादी प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से ‘संविधान की रक्षा और फासीवाद को परास्त’ करने का निर्णायक संघर्ष संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन विजय कुमार और आभार सैयद जावेद अख्तर ने किया। सम्मेलन के दौरान क्रान्तिकारी सांस्कृतिक मंच (RCF) के साथियों ने क्रन्तिकारी जनगीतों की प्रस्तुति दी। सम्मेलन में मुख्य वक्ताओं ने कहा कि देश इस समय भाजपा/आरएसएस-कॉर्पोरेट फासीवाद की मजबूत गिरफ्त में है, जिसने सामाजिक विभाजन, कॉर्पोरेट लूट और संवैधानिक संस्थाओं के क्षरण को चरम पर पहुंचा दिया है। आज मनुवादी संघी फासीवाद से लड़ना वक्त की पुकार है। इतिहासकार डॉ. रतनलाल (संस्थापक, अंबेडकरनामा) ने ऐतिहासिक संदर्भ प्रस्तुत करते हुए कहा कि, “आज की लड़ाई 1927 के महाड़ सत्याग्रह की वैचारिक निरंतरता है। मनुवादी ताकतों को परास्त किए बिना, भारत में समानता स्थापित नहीं हो सकती।” राष्ट्र निर्माण में आदिवासी पुस्तक के लेखक और इतिहासकार डॉ. जितेंद्र मीणा ने आदिवासी अधिकारों पर बात करते हुए कहा, “आदिवासियों की जल-जंगल-जमीन को लूटा जा रहा है। गोंडवाना और भील प्रदेश की मांग अब केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि संवैधानिक न्याय की मांग बन चुकी है।” वरिष्ठ नेता बुद्धसेन पटेल ने सभी बहुजन ताकतों से एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा कि, “पिछड़े वर्गों को उनकी संख्या के अनुपात में 52% आरक्षण देना संवैधानिक अनिवार्यता है, जिसे सरकार टाल नहीं सकती।” मानवाधिकार कार्यकर्ता और वरिष्ठ एडवोकेट सैयद साज़िद अली ने अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों की निंदा की और कहा कि, “ईवीएम हटाओ, मतपत्रों से चुनाव कराओ” की मांग लोकतंत्र को बचाने की पहली शर्त है। सम्मेलन ने अपनी सभी प्रमुख मांगों और प्रस्तावों को शामिल करते हुए भारत की माननीय राष्ट्रपति को एक विस्तृत ज्ञापन (Memorandum) भी सौंपा, जिसमें संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए उनके तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई है। लोकतान्त्रिक अधिकार मोर्चा के संयोजक मोनू यादव ने घोषणा की कि यह सम्मेलन संघर्ष की रणभेरी है। ‘आरएसएस फासीवाद के खिलाफ व्यापक, एकजुट और मज़बूत जन प्रतिरोध’ खड़ा करने की निर्णायक शुरुआत आज से हो गई है। उन्होंने संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए सभी जनवादी ताकतों से ‘जनपथ से न्यायपथ’ तक एकताबद्ध होकर संघर्ष तेज़ करने की पुरजोर अपील की है।  लोकतान्त्रिक अधिकार मोर्चा, मध्य प्रदेश के आंनद श्याम ने बताया कि सम्मेलन ने छह सूत्रीय ‘न्याय संकल्प’ पारित किया, जिसमें मौजूदा भाजपा/ आरएसएस की सरकार को चुनौती देने वाली प्रमुख मांगें शामिल हैं। recent visitors 88

ब्रेकिंग न्यूज : MP में 24 आईएएस अफसरों के तबादले, 11 कलेक्टर बदले: संस्कृति बनीं भोपाल नगर निगम की कमिश्नर; नीरज वशिष्ठ पांढुर्णा के नए कलेक्टर

ब्रेकिंग न्यूज : MP में 24 आईएएस अफसरों के तबादले, 11 कलेक्टर बदले: संस्कृति बनीं भोपाल नगर निगम की कमिश्नर; नीरज वशिष्ठ पांढुर्णा के नए कलेक्टर

Breaking News: 24 IAS officers transferred in MP, 11 collectors changed भोपाल। राज्य शासन ने मंगलवार को 24 आईएएस अफसरों के तबादले करते हुए 11 कलेक्टर बदल दिए हैं। जिन जिलों के कलेक्टर बदले गए हैं उनमें पन्ना, पांढुर्णा, सिवनी, मुरैना, डिंडोरी, अलीराजपुर, निवाड़ी, भिंड, सिंगरौली, छिंदवाड़ा और रतलाम जिलों के कलेक्टर शामिल हैं। पन्ना कलेक्टर रहे सुरेश कुमार को मुरैना का संभागायुक्त बनाया गया है। संस्कृति जैन को भोपाल नगर निगम का कमिश्नर बनाया गया है। नीरज कुमार वशिष्ठ पांढुर्णा के नए कलेक्टर होंगे। राज्य शासन द्वारा जारी आदेश में कलेक्टर पन्ना सुरेश कुमार को ओएसडी सह आयुक्त चंबल संभाग मुरैना, छिंदवाड़ा कलेक्टर शीलेंद्र सिंह को अपर सचिव नगरीय विकास और आवास विभाग, नेहा मारव्या कलेक्टर डिंडौरी को संचालक विमुक्त घुमंतू और अर्ध घुमंतु जनजाति विभाग, संजीव श्रीवास्तव कलेक्टर भिंड को अपर सचिव लोक निर्माण विभाग, उषा परमार अपर आयुक्त राजस्व भोपाल संभाग को कलेक्टर पन्ना पदस्थ किया गया है। देखें लिस्ट recent visitors 93

अजाक्स को मिले तीन काबिल वरिष्ठ आईएएस (IAS)अफसर, जो हर मंच पर रखेंगे समाज की बात

अजाक्स को मिले तीन काबिल वरिष्ठ आईएएस (IAS)अफसर, जो हर मंच पर रखेंगे समाज की बात

Ajax has acquired three capable senior IAS officers, who will represent society on every platform. भोपाल। मध्य प्रदेश अनुसूचित जाति जनजाति कल्याण अधिकारी-कर्मचारी संघ (अजाक्स) को संघ की विचारधारा से मेल खाने वाले तीन काबिल वरिष्ठ आईएएस अफसर मिल गए हैं। यह अफसर अब समाजहित और उनके अधिकारों की बात हर मंच पर प्रमुखता से रखेंगे। क्योंकि यह तीनों ही अफसर प्रशासनिक अनुभवी हैं। मप्र के ही हैं, जो जमीनी हकीकत से वाकिफ हैं। इनके आने से जहाँ संघठन के काम में तीन गुना तेजी आएगी, वहीं प्रांताध्यक्ष जेएन कंसोटिया का बोझ भी क़ुछ हद तक कम हो जाएगा। हालांकि संघठन की बागडोर उन्हीं के हाथों में रहेगी, क्योंकि वे अब फूल टाइम संघ को आगे बढ़ाने दे रहे हैं। काफ़ी विचार-मंथन के बाद तीनों अफसरों को प्रांतीय अध्यक्ष ने संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दे दी है। 21 सितम्बर 2025 को इसके आदेश जारी कर दिए गए हैं। रीवा कमिश्नर आईएएस बीएस जामोद और कृषि कल्याण विभाग मंत्रालय के उपसचिव आईएएस संतोष वर्मा को प्रांतीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं ऊर्जा विभाग मंत्रालय के सचिव आईएएस विशेष गढ़पाले को प्रांतीय कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया है। आईएएस जामोद की नियुक्ति के आदेश की एक प्रतिलिपि रीवा कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और अजाक्स के प्रदेश के सभी संभागीय व जिला अध्यक्ष को भी भेजी गई है। आईएएस वर्मा और गढ़पाले की नियुक्ति के सम्बन्ध में संबंधित विभाग के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव मंत्रालय के अलावा भोपाल कमिशनर, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और अजाक्स के प्रदेश के सभी संभागीय व जिला अध्यक्ष को एक-एक प्रतिलिपि भेजी गई है। तीनों अफसरों ने प्रान्ताध्यक्ष व पूर्व एसीएस जेएन कंसोटिया का आभार माना है। जल्द ही इन वरिष्ठ अफसरों शपथ समारोह आयोजित होगा, जिसमें विधिवत रूप से शपथ लेंगे और काम करना शुरू कर देंगे। संघठन में होगा नई ऊर्जा का संचार अजाक्स मंत्रालय इकाई के अध्यक्ष घनश्याम भकोरिया और महासचिव हरिमोहन अहिरवार समेत अन्य के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के इन तीन वरिष्ठ अफसरों के अजाक्स के विधिवत पदाधिकारी बनने से निश्चित ही संघठन में नई ऊर्जा आएगी और अन्य पदाधिकारी भी उनके साथ मिलकर उत्साह के साथ काम करेंगे। प्रदेश के सभी पदाधिकारियों ने दी बधाई इन अफसरों के अजाक्स में प्रदेश स्तर की नई जिम्मेदारी मिलने पर महासचिव (प्रशासन) इंजी. एस एल सूर्यवंशी, महासचिव गौतम पाटिल, सचिव इंजी. एमसी अहिरवार, प्रदेश प्रवक्ता विजय शंकर श्रवण, भोपाल संभागीय अध्यक्ष वंशीलाल, भोपाल जिलाध्यक्ष विनोद बट्टी, मंत्रालय इकाई अध्यक्ष घनश्याम भकोरिया, मंत्रालय इकाई महासचिव हरिमोहन अहिरवार, मंत्रालय महिला इकाई अध्यक्ष विमला हिरकने, अजाक्स के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य तथा मप्र विपणन संघ के विभागीय प्रान्त अध्यक्ष सत्य विजय चन्दन, मिथलेश सोनकर, अर्जुन सिंह ठाकुर समेत प्रदेशभर के सभी संभागीय, जिला इकाई के पदाधिकारियों, सदस्यों और अजाक्स से जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों ने हर्ष व्यक्त किया तथा शुभकामनायें भी दीं। recent visitors 212

तीन वरिष्ठ आईएएस अफसरों को अजाक्स में मिली बड़ी जिम्मेदारी

तीन वरिष्ठ आईएएस अफसरों को अजाक्स में मिली बड़ी जिम्मेदारी

Three senior IAS officers have been given significant responsibilities in Ajax. भोपाल। मध्य प्रदेश अनुसूचित जाति जनजाति कल्याण अधिकारी-कर्मचारी संघ (अजाक्स) के प्रांताध्यक्ष जेएन कंसोटिया ने प्रदेश के तीन वरिष्ठ आईएएस अफसर को संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दी है। 21 सितम्बर को इसके आदेश जारी कर दिए गए हैं। रीवा कमिश्नर आईएएस बीएस जामोद और कृषि कल्याण विभाग मंत्रालय के उपसचिव आईएएस संतोष वर्मा को प्रांतीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं ऊर्जा विभाग मंत्रालय के सचिव आईएएस विशेष गढ़पाले को प्रांतीय कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया है। आईएएस जामोद की नियुक्ति के आदेश की एक प्रतिलिपि रीवा कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और अजाक्स के प्रदेश के सभी संभागीय व जिला अध्यक्ष को भी भेजी गई है। आईएएस वर्मा और गढ़पाले की नियुक्ति के सम्बन्ध में संबंधित विभाग के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव मंत्रालय के अलावा भोपाल कमिशनर, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और अजाक्स के प्रदेश के सभी संभागीय व जिला अध्यक्ष को एक-एक प्रतिलिपि भेजी गई है। तीनों अफसरों ने प्रान्ताध्यक्ष व पूर्व एसीएस जेएन कंसोटिया का आभार माना है। जल्द ही इन वरिष्ठ अफसरों शपथ समारोह आयोजित होगा, जिसमें विधिवत रूप से शपथ लेंगे और काम करना शुरू कर देंगे। संघठन में होगा नई ऊर्जा का संचारअजाक्स मंत्रालय इकाई के अध्यक्ष घनश्याम भकोरिया और महासचिव हरिमोहन अहिरवार समेत अन्य के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के इन तीन वरिष्ठ अफसरों के अजाक्स के विधिवत पदाधिकारी बनने से निश्चित ही संघठन में नई ऊर्जा आएगी और अन्य पदाधिकारी भी उनके साथ मिलकर उत्साह के साथ काम करेंगे। प्रदेश के सभी पदाधिकारियों ने दी बधाईइन अफसरों के अजाक्स में प्रदेश स्तर की नई जिम्मेदारी मिलने पर महासचिव (प्रशासन) इंजी. एस एल सूर्यवंशी, महासचिव गौतम पाटिल, सचिव इंजी. एमसी अहिरवार, प्रदेश प्रवक्ता विजय शंकर श्रवण, भोपाल संभागीय अध्यक्ष वंशीलाल, भोपाल जिलाध्यक्ष विनोद बट्टी, मंत्रालय इकाई अध्यक्ष घनश्याम भकोरिया, मंत्रालय इकाई महासचिव हरिमोहन अहिरवार, मंत्रालय महिला इकाई अध्यक्ष विमला हिरकने समेत प्रदेशभर के सभी संभागीय, जिला इकाई के पदाधिकारियों, सदस्यों और अजाक्स से जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों ने हर्ष व्यक्त किया तथा शुभकामनायें भी दीं। recent visitors 117