मप्र : मंत्रालय में बड़ी विसंगति, उच्च वेतन में निम्न पद का काम कर रहे कर्मचारी

भोपाल। मंत्रालय में पदोन्नति के पदों पर सीधी भर्ती का प्रस्ताव निरस्त करवाने, 9 वर्ष से बंद पदोन्नतियां शुरू करवाने, समयमान के साथ उच्च पदनाम, सचिवालय भत्ता परिवहन भत्ता, मंहगाई भत्ता का पुनरीक्षण इत्यादि दीर्घलंबित मंत्रालयीन मांगों समस्याओं की ओर शासन का ध्यानाकर्षण करने मंत्रालय के कर्मचारी लगातार मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी उच्च स्तर पर कोई सुनवाई होती नहीं दिख रही है। इससे अब मंत्रालय के कर्मचारियों ने लड़ाई का तरीका बदलते जा रहे हैं। अब वे सीधे तौर पर शासन के खिलाफ कर्मचारियों को मानसिक रूप से तैयार कर रहे हैं। 16 जनवरी गुरुवार को वल्लभ भवन क्रमांक 01 मेन गेट के निकट लंच टाइम में शांतिपूर्ण गेट मीटिंग आयोजित की गयी है। इसमें बड़ी संख्या में मंत्रालयीन अधिकारी-कर्मचारी अपनी ताकत दिखाएंगे। हालांकि वे सरकार का कोई नुकसान नहीं चाहते, इसीलिए उन्होंने मीटिंग के लिए लंच का टाइम चुना है। 9 वर्ष से पदोन्नतियां नहीं की गई। पूरे प्रदेश को चौथा समयमान दिया गया पर मंत्रालय को छोड़ दिया। शासन के अन्य विभागों ने पदोन्नति का कोई न कोई विकल्प खोज लिया, लेकिन मंत्रालय में कोई रास्ता नहीं निकाला गया। सामान्य प्रशासन विभाग ने परिपत्र दिनांक 09 मार्च 2020 जारी कर सभी विभागों को निर्देश दिए कि क्रमोन्नति/समयमान के साथ उच्च पदनाम देने की व्यवस्था लागू की जाए। अनेक विभागों ने उक्त परिपत्र का पालन कर पदोन्नति का हल निकाल लिया लेकिन स्वयं सामान्य प्रशासन विभाग ने नहीं किया। आज उच्च पद का वेतन देकर निम्न पद का काम लिया जा रहा है जो कि एक तरह से लोकधन की हानि ही कही जाएगी। इन सब कारणों से मंत्रालयीन अधिकारी कर्मचारी स्थायीकर्मी आउटसोर्स कर्मचारी लंबे समय से खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। (1) 09 वर्ष से बंद पदोन्नतियों को शुरू करवाने(2)पदोन्नति के पदों पर सीधी भर्ती का प्रस्ताव निरस्त करवाने(3)मंत्रालय कर्मचारियों को चौथा समयमान वेतनमान दिलाने(4)सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र दिनांक 9 मार्च 2020 के अनुसार राज्य प्रशासनिक सेवा की भांति समयमान वेतनमान के साथ साथ उच्च पदनाम दिलाने(5)सचिवालय भत्ते का वर्तमान मूल्य सूचकांक के अनुसार पुनरीक्षण(6)लंबित मंहगाई भत्ता एरियर सहित(7)कर्मचारियों एवं पेंशनरों के लिए लंबित चिकित्सा बीमा योजना लागू करवाने(8)सहायक ग्रेड 3 और डाटा एंट्री ऑपरेटर की ग्रेड पे समान अर्थात् ₹ 2400 करवाने(9)अनुकंपा नियुक्ति से नियुक्त सहायक ग्रेड 3 के मामले सीपीसीटी उत्तीर्ण न करने पर सेवाएं समाप्त करने संबंधी प्रावधान निरस्त करवाने(10)मंत्रालय स्थापना और मंत्री स्थापना में वर्षों से कार्यरत आकस्मिकता निधि कर्मचारियों को भर्ती नियम के अनुसार विभागीय परीक्षा लेकर नियमित करवाने(11)सीधी भर्ती से नियुक्त होने वाले तृतीय श्रेणी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 70%,80% स्टाइपेंड देने संबंधी अन्यायपूर्ण एवं असमानतापूर्ण आदेश निरस्त करवाने(12)स्थायीकर्मियों को सातवां वेतनमान दिलवाने(13)आउटसोर्स कर्मचारियों को समकक्ष नियमित कर्मचारी की न्यूनतम वेतन के समतुल्य पारिश्रमिक,अवकाश,काम के घंटे निर्धारित करवाने(14) वर्ष 2012-13 में मंत्री स्थापना से मंत्रालय स्थापना में नियुक्त हुए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पे प्रोटेक्शन का लाभ देने(15) सेवानिवृत्ति के बाद 240 दिन के बजाय पूरे 300 दिन का अवकाश नकदीकरण करने(16) गृह भाड़ा भत्ता, परिवहन भत्ता एवं अन्य भत्ते सातवें वेतनमान के अनुरूप पुनरीक्षित करवाने आदि। recent visitors 175

जब तक देश में ईवीएम तब तक विपक्षी दलों का इक़बाल बुलंद नहीं होगा

सुशील दामले विशेष संवाददाता भोपाल। क्रांति जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष करण करोसिया ने ईवीएम मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार और प्रशासन पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन भाजपा सरकार की कठपुतली बनकर काम कर रहा है। विपक्षी दलों के नेताओं की आवाज को कुचला जा रहा है। जबकि आज से 20 साल पहले ऐसा नहीं होता था। जब भी कोई दलों के लगभग एक दर्जन लोग सरकार और प्रशासन के अधिकारियों से मिलते थे तो उनकी बात को तवज्जो मिलती थी और मुद्दों पर चर्चा भी होती थी। आज उल्टा हो रहा है। अपनी बात रखने वालों पर सरकार बलपूर्वक हमले करवाती है। एक तरह से भाजपा सरकार की इस देश में तानाशाही चल रही है। इसकी सबसे बड़ी मुख्य वजह है देश में ईवीएम से चुनाव होना। जब तक देश में ईवीएम से चुनाव होते रहेंगे, तब तक विपक्षी दलों का रहने का कोई औचित्य ही नहीं है। करोसिया ने कहा कि भाजपा सरकार में दलितों पर हमले और अत्याचार बढ़ गए हैं। दलितों के नाम पर सिर्फ यह भाजपा सरकार डोंग करती है। आप देखिए देश के संसद में गृहमंत्री अमित शाह ने डॉ भीमराव अंबेडकर का कितना बड़ा अपमान किया है। जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि ईवीएम हटाने को हमारी पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन करेगी। उन्होंने बेरोजगारों, किसानों की दुर्दशा को लेकर भाजपा सरकार को दोषी बताया है। भाजपा अपने जिला अध्यक्षों की सूची को लेकर जनता के मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए यह ड्रामा रच रही है। recent visitors 341

लेडी कांस्टेबल सहित दो पुलिस वालों ने की वसूली, भोपाल में 15 स्पा सेंटर्स से पकड़े गए थे लड़के-लड़कियां

 भोपाल। छह साल बाद स्पा सेंटरों पर हुई भोपाल पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई ने पुलिसकर्मियों की पोल खोलना शुरू कर दी है। छापामार कार्रवाई के दौरान पुलिस ने जिन आरोपितों को पकड़ा था, उन पर पीटा (प्रीवेंशन आफ इम्मोरल ट्रैफिकिंग एक्ट) के अतंर्गत कार्रवाई की गई थी। जानकारी के अनुसार सभी आरोपितों को मुचलके पर छोड़ा जाना था, लेकिन महिला थाने में पदस्थ आरक्षक खुशबू सिंह चंदेल और क्राइम ब्रांच के आरक्षक सुनील चंदेल ने स्पा सेंटर में पकड़े गए युवक-युवतियों को जेल जाने का डर दिखाकर वसूली कर ली। दोनों आरक्षकों को निलंबित कर दिया गया जिसके बाद उच्च अधिकारियों ने जांच करते हुए दोनों आरक्षकों पर निलंबन की कार्रवाई की। बता दें शनिवार को क्राइम ब्रांच ने शहर के अलग-अलग इलाकों के 15 स्पा सेंटर में रेड की थी। जिसमें 68 युवक-युवतियां पकड़ी गई थीं, जिनके विरूद्ध अलग-अलग थाने में प्रकरण दर्ज किए गए थे। एक को नकद, दूसरे को ऑनलाइन भेजे गए थे 20 हजार शनिवार को छापेमार कार्रवाई के बाद जब पुलिस ने आरोपितों को मुचलके पर छोड़ने में देरी की तो पकड़े गए आरोपितों ने हंगामा शुरू कर दिया। आरोपितों ने कहा कि छोड़े जाने उन्होंने आरक्षक खुशबू को रुपये दिए थे, फिर जमानत में देरी क्यों हो रही है। यह बात अधिकारियों तक पहुंची तो दोनों आरक्षकों की जांच कराई गई। जिसमें खुशबू और चंदेल की डील का खुलासा हुआ। आरोपितों ने खुशबू को नकद राशि दी थी और चंदेल को 20 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए थे। संदिग्ध पुलिसकर्मियां की जांच जारी विभिन्न थाना क्षेत्रों में संचालित जिन स्पा सेंटरों में अनैतिक गतिविधियां जारी हैं, उच्च अधिकारी उनमें पुलिस के संरक्षण को लेकर जांच कर रही है। डीसीपी श्रद्धा तिवारी ने बताया कि स्पा सेंटरों में पुलिसकर्मियों की लिप्तता को लेकर जांच की जा रही है। दो आरक्षकों पर कार्रवाई हुई है। आगे भी यदि कोई किसी तरह से दोषी पाया जाता है तो उनपर भी कड़ी कार्रवाई होगी। वहीं एमपी नगर जोन-2 में संचालित मिकाशो फैमली स्पा सेंटर व पंचकर्म में पकड़ी गई युगांडा की युवती को लेकर भी पुलिस जांच में जुटी है। दो स्पा संचालकों पर एफआईआर इधर एमपीनगर थाने में स्पा संचालकों पर एफआईआर दर्ज की गई है। संचालकों ने स्पा सेंटर में काम करने वाले कर्मचारियों की जानकारी पुलिस को नहीं दी थी, जिसके बाद यह कार्रवाई हुई है। पुलिस के अनुसार आलोक दुबे क्षेत्र में स्पा सेंटर चलाते हैं, उन्होंने सेंटर में काम करने वाले कर्मचारियों की जानकारी नहीं दी थी। साथ ही एक अन्य स्पा सेंटर के संचालक संतोष कुमार व मयंक वर्मा पर भी एफआईआर दर्ज की गई है। recent visitors 74

भोपाल के तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को समयबद्ध कार्यवाही के निर्देश: मंत्री करण सिंह वर्मा

भोपाल । मध्यप्रदेश सरकार ने राजस्व प्रकरणों के शीघ्र और समयबद्ध निराकरण पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया है। राजस्व मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की चेतावनी देते हुए राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा ने सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को अपने कार्यों में तत्परता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कहा है। समयबद्धता पर जोर मंत्री करण सिंह वर्मा ने स्पष्ट किया कि लंबित राजस्व प्रकरणों के समाधान में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी प्रकरणों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर निपटाने की प्रक्रिया अपनाएं।उन्होंने कहा, “राजस्व प्रकरणों का समयबद्ध समाधान जनता के प्रति हमारी जवाबदेही को दर्शाता है। किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।” अनावश्यक विलंब नहीं होगा स्वीकार वर्मा ने सभी अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि किसी भी मामले को अनावश्यक रूप से न रोका जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग में पारदर्शिता और कुशलता सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है। कठोर कार्यवाही की चेतावनी कार्य में लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ मंत्री ने कठोर कार्यवाही की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारी जो अपने कर्तव्यों में चूक करेंगे या जानबूझकर प्रकरणों को लंबित रखेंगे, उन्हें अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। जनता का विश्वास बढ़ाने की पहल इस निर्देश का उद्देश्य राजस्व विभाग में जनता का विश्वास बढ़ाना और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना है। मंत्री वर्मा ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि जनता को उनके प्रकरणों का शीघ्र समाधान मिले और उन्हें कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। समर्पित अधिकारी बने मिसाल मंत्री ने अच्छे प्रदर्शन वाले अधिकारियों की सराहना की और सभी अधिकारियों को उनके उदाहरण का अनुसरण करने की सलाह दी। यह पहल प्रदेश में राजस्व मामलों में पारदर्शिता और दक्षता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उम्मीद है कि इन निर्देशों से भोपाल के राजस्व विभाग में सुधार और जनता के लिए सुविधाजनक सेवाएं सुनिश्चित होंगी। [/more] recent visitors 218

शहर के पर्यावरण को लेकर फिर लामबंद हुए पर्यावरण विद् और सामाजिक कार्यकर्ता

Environmentalists and social workers once again mobilized for the city’s environment बैठक में मुख्य मुद्दा रहा बड़े तालाब का कैचमेंट एरिया और प्रोफेसर कॉलोनी में स्थापित कलेक्ट्रेट ऑफिस सुशील दामले (विशेष संवाददाता) भोपाल । आज भोपाल के इंडियन कॉफी हाउस में पर्यावरण विद और सामाजिक कार्यकर्ताओं की एक बैठक का आयोजन किया गया जिसमें भोपाल शहर में चल रही पर्यावरण के विरुद्ध होने वाली अनेक गतिविधियां जिसमें विकास नहीं विनाश नजर आता है उनमें मुख्य रूप में कैचमेंट एरिया में हो रहे निर्माण और प्रोफ़ेसर कॉलोनी में स्थापित कलेक्ट्रेट ऑफिस को रोकने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया गया  जिसमें आने वाले दिनों में एक रूपरेखा तैयार कर आंदोलन किया जाएगा । सर्वप्रथम चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा बनाई जाएगी जिसके अंतर्गत एक आवेदन प्रपत्र तैयार कर विभिन्न योजनाओं से संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों और पीएमओ ऑफिस दिल्ली तक इसे भेजा जाएगा। सभी पर्यावरणविद जन ने एक दूसरे को नए वर्ष की बधाई और शुभकामनाएं दीं।आज शामिल होने वाले लोगों में पूर्व मंत्री दीपक जोशी, पार्षद मोहम्मद सरवर,डा.राजीव जैन, त्रिभुवन मिश्रा, राजकुमार श्रीवास्तव,रशीद नूर खान, प्रभाष जेटली, धीरेन्द्र, हर्षवर्धन तिवारी, प्रेमशंकर सिंह,के आर पठान और अभय राजन सक्सेना रहे। डा.राजीव जैन सदस्य साउथ वेस्टर्न बायपास मूवमेंट समिति भोपाल। recent visitors 212

कमलनाथ को एमपी कांग्रेस में नहीं मिल रहा ‘भाव’? पूर्व सीएम ने खबरों पर तोड़ी चुप्पी

भोपाल ! मध्य प्रदेश में कांग्रेस की अंदरूनी कलह की खबरों के बीच, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बुधवार को पार्टी में किसी भी मतभेद से इनकार किया। कमलनाथ ने कहा कि सभी नेता एकजुट होकर पार्टी को मजबूत करने और मोहन यादव सरकार को चुनौती देने के लिए काम कर रहे हैं। यह बयान उन खबरों के बीच आया है जिनमें कहा गया था कि कमलनाथ और दिग्विजय सिंह सहित कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी में उपेक्षित होने पर नाराजगी जताई थी। यह नाराजगी बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की जन्मस्थली महू में आयोजित होने वाले कांग्रेस के एक बड़े कार्यक्रम की तैयारी को लेकर हुई वर्चुअल मीटिंग के दौरान सामने आई थी। इस कार्यक्रम में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के शामिल होने की उम्मीद है। सूत्रों के मुताबिक, कमलनाथ ने कहा था कि प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी उनसे किसी भी कार्यक्रम के बारे में सलाह नहीं ले रहे हैं। दिग्विजय सिंह समेत कुछ अन्य नेताओं ने भी कमलनाथ की बात का समर्थन किया था। कमलनाथ ने इन खबरों का खंडन करते हुए कहा कि सभी कांग्रेसी पार्टी को मजबूत करने और प्रदेश की व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए एकजुट हैं। विवाद का कोई सवाल ही नहीं है। पार्टी की राज्य राजनीतिक मामलों की समिति की हालिया बैठक को लेकर मीडिया में नाराजगी की अटकलें निराधार हैं। कमलनाथ का यह स्पष्टीकरण प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के बयान के एक दिन बाद आया है। पटवारी ने भी इन खबरों का खंडन करते हुए कहा था कि सभी फैसले पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ विचार-विमर्श करके लिए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि वह खुद कमलनाथ से मुलाकात करेंगे। हाल ही में, MPCC ने पार्टी के मीडिया पैनलिस्टों और प्रवक्ताओं की एक सूची जारी की थी। लेकिन, मीडिया को जारी करने के कुछ ही घंटों बाद यह सूची वापस ले ली गई। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी के बाद सूची वापस ली गई। नवंबर 2023 में मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों में करारी हार के बाद, कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने कमलनाथ की जगह जीतू पटवारी को प्रदेश अध्यक्ष बनाया था। इस बदलाव के बाद से ही पार्टी में अंदरूनी कलह की खबरें आती रही हैं। recent visitors 296

मध्य प्रदेश की सड़कों पर रात में होगा दिन जैसा उजाला, मोहन सरकार का जबरदस्त प्लान

MP SOLAR POWER PLANT भोपाल ! मध्य प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में अब रोशनी या कहें लाइट के लिए परंपरागत साधनों पर निर्भर नहीं होना पड़ेगा. सरकार इसके विकल्प के तौर पर सौर ऊर्जा का उपयोग करने जा रही है. ग्रामीण क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट से लेकर अन्य सार्वजनिक कार्यालयों में उपयोग होने वाली बिजली के लिए सोलर पैनल लगाने की तैयारी कर रही है. इसके लिए सभी जिलों में गांवों को चिन्हित किया जा रहा है. मध्य प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि अगले 4 साल में सौर ऊर्जा का उत्पादन 30 हजार मेगावाट से अधिक किया जा सके. सस्ती बिजली मिलेगी, टेंडर किया जारी ग्रामीण क्षेत्रों में सोलर पैनल लगाने का काम ग्रामीण यांत्रिकी विभाग को सौंपा गया है. सौर ऊर्जा से बनने वाली बिजली परंपरागत साधनों से उत्पन्न बिजली से सस्ती होगी. ग्रामीण यांत्रिकी विभाग ने ग्राम पंचायतों में सोलर प्लांट लगाए जाने के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी है. गौरतलब है कि केंद्र सरकार पीएम सूर्य घर योजना के तहत सब्सिडी भी उपलब्ध करा रही है. केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को सोलर प्लांट लगाए जाने का लक्ष्य दिया है. इसके तहत तीनों बिजली कंपनियां अपने कार्यक्षेत्र में सोलर प्लांट लगाने का काम रही हैं. इसके साथ ही अब पंचायत स्तर पर भी सोलर प्लांट लगाए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. अब तक 400 मेगावाट क्षमता के सोलर प्लांट प्रमुख सचिव ग्रामीण यांत्रिकी नीरज मंडलोई ने बताया कि “तीनों बिजली कंपनियों के कार्यक्षेत्र में 400 मेगावाट से ज्यादा बिजली उत्पादन क्षमता के सोलर प्लांट लग चुके हैं. इससे बिजली का उत्पादन भी मध्य प्रदेश में बढ़ गया है. सोलर से पैदा होने वाली सस्ती बिजली की क्षमता लगातार बढ़ रही है. दरअसल, प्रदेश में बिजली की डिमांड 18 हजार मेगावाट को क्रास कर चुकी है. इसको देखते हुए बिजली उत्पादन भी बढ़ाया जा रहा है. अगले तीन से चार साल में प्रदेश की बिजली उत्पादन क्षमता को 30 हजार मेगावाट से ऊपर करने का लक्ष्य है.” पहले चरण में भोपाल की इन पंचायतों में लगेंगे सोलर प्लांट नीरज मंडलोई के मुताबिक “ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वारा अभी भोपाल जिले की चार ग्राम पंचायतों के लिए टेंडर जारी किए गए हैं. इन पंचायतों में 4 से 5 महीने में 15 किलोवाट के सोलर प्लांट स्थापित हो जाएंगे. इन सोलर प्लांट से एक महीने में 1800 से 2000 यूनिट बिजली का उत्पादन होगा. गांव-गांव तक सस्ती बिजली पहुंचाने के लिए यह पहल की गई है. अभी ग्राम पंचायत मुगालिया छाप, नजीराबाद, गुनगा, ललरिया और धमर्रा ग्राम पंचायत में 15 किलोवाट के रूपटाप सोलर पावर प्लांट लगाए जाने के टेंडर जारी हुए हैं.” सोलर पैनल लगाने पर मिल रही सब्सिडी बता दें कि तीन किलोवाट के सोलर प्लांट पर सब्सिडी पीएम सूर्य घर योजना के तहत एक किलोवाट सोलर पर 30 हजार, दो किलोवाट पर 60 हजार रुपए और तीन किलोवाट या उससे ऊपर के सोलर संयंत्र स्थापना पर 78 हजार रुपए की सब्सिडी केंद्र सरकार द्वारा दी जा रही है. यह सब्सिडी पहले से ज्यादा है. इस योजना के तहत मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने सब्सिडी देना शुरू कर दिया है. पहले एक किलोवाट के सोलर पैनल पर 14 हजार 588 रुपए की सब्सिडी दी जा रही थी. जबकि जनवरी 24 में बढ़ाकर 18 हजार रुपए प्रति किलोवाट कर दी गई थी. recent visitors 211