आईएएस संतोष वर्मा के समर्थन में 18 जनवरी को भोपाल में ओबीसी, एससी, एसटी का महाआंदोलन

Massive agitation by OBC, SC, ST in Bhopal on January 18 in support of IAS Santosh Verma भोपाल। ओबीसी, एससी, एसटी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में 18 जनवरी को भोपाल के गोविंदपुरा स्थित भेल दशहरा मैदान में सुबह 10 बजे से विशाल महाआंदोलन और महासम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें पदोन्नति में आरक्षण, बैकलॉग पदों पर भर्ती, ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण, सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों के क्रियान्वयन को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा। इस महाआंदोलन को भीम आर्मी, जयस सहित अनेक सामाजिक व आदिवासी संगठनों का समर्थन प्राप्त है। शुक्रवार को आयोजित संयुक्त पत्रकार वार्ता में अपाक्स के संरक्षक इंजीनियर भुवनेश पटेल, अखिल भारतीय ओबीसी महासभा के कार्यकारी अध्यक्ष तुलसीराम पटेल, अजाक्स के एसएल सूर्यवंशी, ओबीसी महासभा के कमलेंद्र सिंह, भीम आर्मी के सुनील बैरसिया, युवा छात्र संघ के प्रियंक जाटव और पिछड़ा वर्ग कल्याण परिषद के महामंत्री सीएस यादव ने डबल इंजन की भाजपा सरकार पर पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति विरोधी रवैया अपनाने का गंभीर आरोप लगाया। नेताओं ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने दुर्भावनापूर्ण तरीके से आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा के खिलाफ कार्रवाई की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्मा द्वारा किसी भी जाति, वर्ग या समाज के प्रति कोई आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की गई थी। उनके कथन के भावार्थ को समझे बिना कुछ लोगों ने जानबूझकर दुष्प्रचार किया, जिसके आधार पर सरकार ने व्सतु स्थिति को जाने समझे बगैर कारण बताओ नोटिस जारी कर डीओपीटी को प्रस्ताव भेज दिया। यह सामाजिक न्याय की आवाज को दबाने का प्रयास है, जिससे ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग की भावनाएं आहत हुई हैं। ऐसी दमनात्मक कार्रवाई तत्काल रोकी जानी चाहिए। पत्रकार वार्ता में कहा गया कि मध्य प्रदेश में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग शिक्षा, रोजगार, प्रशासन, न्यायपालिका और विकास की मुख्यधारा में लगातार उपेक्षा और भेदभाव का सामना कर रहे हैं। कांग्रेस शासनकाल में घोषित 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण को लेकर पिछड़ा वर्ग को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के बीच भटकाया जा रहा है, जबकि भाजपा सरकार को बिना बहाने सीधे तौर पर ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करना चाहिए। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इन मुद्दों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को पूरे प्रदेश में फैलाया जाएगा। महाआंदोलन की प्रमुख मांगें आईएएस संतोष वर्मा के विरुद्ध जारी समस्त कार्रवाई तत्काल वापस ली जाए।ओबीसी को जनसंख्या अनुपात में 52 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए।एससी, एसटी,ओबीसी के सभी रिक्त व बैकलॉग पद विशेष भर्ती अभियान से भरे जाएं।निजी क्षेत्र और संविदा, आउटसोर्स सेवाओं में आरक्षण लागू किया जाए।ओबीसी को भी पदोन्नति में आरक्षण दिया जाए।नई पेंशन व्यवस्था समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए।सिविल जजों की भर्ती एमपीपीएससी के माध्यम से कराई जाए।सफाई कर्मियों को ठेका प्रथा से मुक्त कर नियमित किया जाए।विद्यार्थियों को समय पर छात्रवृत्ति और पर्याप्त छात्रावास सुविधा मिले।संविदा नियुक्ति संबंधी बिल निरस्त कर स्थायी भर्तियां की जाएं।न्यायालयों, मंदिरों और शासकीय ठेकों में आरक्षित वर्गों को जनसंख्या अनुपात में प्रतिनिधित्व दिया जाए।पेसा अधिनियम को पूर्ण रूप से लागू किया जाए।बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के अपमान के मामलों में कठोरतम कार्रवाई की जाए। recent visitors 105

भोपाल में 18 जनवरी को होगी ओबीसी-एससी-एसटी संयुक्त मोर्चा की आमसभा

OBC-SC-ST Joint Front’s general meeting will be held in Bhopal on January 18. भोपाल। भोपाल में 18 जनवरी 2026 को ओबीसी-एससी-एसटी संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर एक ऐतिहासिक और विराट आमसभा का आयोजन किया जा रहा है। यह आमसभा संविधान प्रदत्त सामाजिक न्याय, समानता और अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। मोर्चा का कहना है कि मध्य प्रदेश में ओबीसी, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के हक-अधिकारों पर लगातार कुठाराघात हो रहा है और महापुरुषों के सम्मान के साथ-साथ संवैधानिक मूल्यों की अनदेखी की जा रही है। आमसभा की प्रमुख मांगों में, ओबीसी को जनसंख्या अनुपात में 52% आरक्षण, आदिवासी संतोष वर्मा, आईएएस, अजाक्स प्रांताध्यक्ष के विरुद्ध की गई अन्यायपूर्ण कार्यवाहियों को समाप्त करने, विभाग में यथावत पदस्त करने एवं शीघ्र उनके प्रमोशन से रोक हटाने, एससी-एसटी-ओबीसी बैकलॉग पदों की एक माह के अंदर शीघ्र पूर्ति करने और जो पद ड्राइंग कैडर घोषित किए गए हैं। https://www.instagram.com/pawanahirwar2.0/?utm_source=ig_embed&ig_rid=9d4ec39b-85ad-48a7-9815-353d1a35139a उन पदों पर पहले बैकलॉग भर्ती की जाने व उसके पश्चात् पदों को ड्राइंग कैडर घोषित किए जाने, ओबीसी के रोके गए 13% पदों को तत्काल अनहोल्ड करने, निजी क्षेत्र एवं आउटसोर्स में एससी-एसटी-ओबीसी को जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण दिए जाने, पदोन्नति में ओबीसी को भी जनसंख्या अनुपात में आरक्षण दिए जाने तथा (ओ.पी.एस.) पुरानी पेंशन लागू किए जाने की मांग शामिल है। ओबीसी-एससी-एसटी संयुक्त मोर्चा का स्पष्ट कहना है कि यह आमसभा किसी भी वर्ग या समाज के खिलाफ नहीं है, बल्कि उन वर्गों के हक में है जिनके वोट से मध्य प्रदेश में सरकार बनी है। यह सभा सरकार को चेताने, उसे उसकी संवैधानिक जिम्मेदारियां याद दिलाने और सामाजिक न्याय के मूल सिद्धांतों के समर्थन में एक लोकतांत्रिक आवाज बुलंद करने का मंच होगी। मोर्चा के अनुसार यह संघर्ष अधिकारों की पुनः स्थापना का संघर्ष है और इसमें आमजन की भागीदारी ही इसकी सबसे बड़ी ताकत बनेगी। ओबीसी-एससी-एसटी संयुक्त मोर्चा के प्रवक्ता ने कहा, “यह आमसभा सत्ता के खिलाफ नहीं, बल्कि संविधान के पक्ष में है। हम सरकार को याद दिलाना चाहते हैं कि सामाजिक न्याय कोई दया नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकार है। https://www.instagram.com/tribal_farmer_06/?utm_source=ig_embed&ig_rid=fb28946a-f6a2-432d-b30d-71b5fc0175e2 ओबीसी, एससी और एसटी समाज ने लोकतंत्र को मजबूती दी है और अब समय आ गया है कि सरकार भी उनके अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए। 18 जनवरी को भोपाल में उमड़ने वाला जनसैलाब यह स्पष्ट संदेश देगा कि समाज अब चुप नहीं रहेगा।” मोर्चा ने प्रदेश भर के नागरिकों, सामाजिक संगठनों, युवाओं और बुद्धिजीवियों से अपील की है कि वे परिवार सहित भोपाल पहुंचकर इस आमसभा को ऐतिहासिक बनाएं और संविधान, सामाजिक न्याय तथा समान अधिकारों के समर्थन में अपनी एकजुटता प्रदर्शित करें। recent visitors 79

भोपाल की अरेरा कॉलोनी में फर्जी पुलिस बनकर किडनैपिंग और लूट की वारदात

Kidnapping and robbery by posing as police in Bhopal’s Arera Colony भोपाल। भोपाल के पाश इलाके अरेरा कॉलोनी में पुलिस बनकर आए बदमाशों ने लूट व अपहरण की सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। हबीबगंज थाना क्षेत्र के ई-7 सेक्टर स्थित मेघना अपार्टमेंट में 11 जनवरी की शाम करीब साढ़े सात बजे 5-6 बदमाश फ्लैट में घुसे व खुद को पुलिसकर्मी बताया। उन्होंने फ्लैट में मौजूद राहुल गुप्ता, अनिमेष वर्मा, अनुराग और नरेंद्र परमार को एनडीपीएस केस में फंसाने की धमकी दी और मारपीट की। डर के मारे युवकों ने विरोध नहीं किया। बदमाशों ने उनसे 79,800 रुपये नकद और तीन कीमती घड़ियां लूट लीं। फिर बदमाशों ने चारों को उनकी ही कार में जबरन बैठाया और मिसरोद बाइपास टोल रोड की ओर ले गए। वहां और रुपये मांगे। राहुल ने परिचित आनंद रघुवंशी को फोन कर मदद मांगी। आनंद होशंगाबाद से एक लाख रुपये लेकर भोपाल पहुंचे। बदमाशों ने उन्हें पांच नंबर पेट्रोल पंप के पास बुलाया। वहां आनंद ने बदमाशों से फोन छीन लिया और शोर मचाया कि वह असली पुलिस के साथ है। पकड़े जाने के डर से बदमाश पीड़ितों के हाथ से मोबाइल छीनकर भाग निकले। घबराए युवक हबीबगंज थाने पहुंचे, लेकिन किरकिरी से बचने पुलिस ने मामला चार दिन तक दबाए रखा। बाद में पहचान होने पर चार बदमाशों को गिरफ्तार किया गया। recent visitors 73

हमें एकजुट होकर संविधान की रक्षा करनी पड़ेगी, नहीं तो हम अधिकार विहीन हो जाएंगे: प्रवीण मांगरिया 

 We have to unite and protect the Constitution, otherwise we will be deprived of our rights: Praveen Mangariya  भोपाल। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति-जनजाति विकास परिषद का सामाजिक समरसता सम्मेलन 28 दिसंबर को राजधानी के पॉलिटेक्निक चौराहा स्थित मानस भवन में संपन्न हुआ। सम्मेलन में समकालीन मुद्दों पर विशेष चर्चा हुई। कार्यक्रम में आनंद जमधाड़े को भोपाल जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया। इसके अलावा अन्य पदाधिकारियों को भी नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। यह कार्यक्रम प्रदेशाध्यक्ष मोनिका शाह वट्टी की अध्यक्षता में हुआ। जिसमें परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण मांगरिया, महासचिव मूलचंद नागले, राष्ट्रीय महासचिव एआर सिंह, आर प्रसाद, महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष सीमा निराला, किरण अहिरवार, एसआर बौद्ध, प्रवीण बौद्ध, सुनील बोरसे, जिला अध्यक्ष आनंद जमधाडे, महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष मेश्राम, गुजरात प्रदेश अध्यक्ष हरीश और राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष के अलावा प्रदेशभर से प्रबुद्धजन व समाजसेवी शामिल हुए। सम्मेलन के समापन उपरांत राष्ट्रपति के नाम मांगपत्र श्यामला हिल्स टीआई को सौंपा गया।  राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण मांगरिया ने कहा कि आज समाज विभिन्न वर्गों व संगठनों में बटा हुआ है। हालांकि सभी का उद्देश्य एक ही है कि संविधान की रक्षा और उसके अधिकारों का लोकतंत्र में पालन हो। उन्होंने कहा कि समाज अगर आवाज नहीं उठाएगा, अपनी ताकत नहीं दिखाएगा तो वरिष्ठ आईएएस संतोष वर्मा जैसे हम सब प्रताड़ित होते रहेंगे। हमारे अधिकार और बोलने की आजादी पर पावंदी लगाई जा रही है। संविधान की मूल भावना के अनुरूप सामाजिक समरसता संकुचित हो रही है। सबसे ज्यादा कमजोर कड़ी हमारे युवा हैं। उनके समाजहित में आगे आना होगा, तभी समाज सुरक्षित हो पाएगा। उन्होंने कहा कि हमें एकजुट होकर संविधान की रक्षा करनी पड़ेगी, नहीं तो हम अधिकार विहीन हो जाएंगे।  वहीं प्रदेशाध्यक्ष मोनिका शाह बट्टी ने कहा कि अब हम संघर्ष के लिए मैदान में पूरी ताकत के साथ उतर चुके हैं। अब जहां भी प्रदेश में अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के साथ अन्याय, अत्याचार होता है, तो हम पूरी ताकत के साथ उसका का मुकाबला और संघर्ष करेंगे। बाबा साहब ने जो संविधान दिया है, उसे सुरक्षित और सम्मान देना हमारा कर्तव्य है, जो हम करेंगे।    इंजी. एआर सिंह ने कहा कि  सामाजिक चेतना के लिए यह मंच मिल का पत्थर साबित होगा। सामाजिक न्याय किसे चाहिए, जो वंचित और शोषित वर्ग है उसे न्याय की दरकार है। अगर हम उनके साथ खड़े नहीं हुए, तो समाज और निचले स्तर पर चला जाएगा। जब तक समाज का विकास नहीं होता, तब तक हम देश का विकास नहीं मान सकते हैं। बाबा साहब का आंदोलन सफल है। जब बाबा साहब का आंदोलन चल रहा था, तब ब्रिटिश सरकार थी। उस सरकार में बाबा साहब ने समाज की बात रखी और ब्रिटिश सरकार को उनकी बात मानना पड़ी, जिसकी बदौलत हमें अधिकार मिले। उस समय बाबा साहब को लगा कि पूरा देश हमारा स्वागत करेगा, लेकिन कुछ विरोधियों ने  उनका विरोध किया। इसके बाद पूना समझौता हुआ और हमें आरक्षण मिला। उस दौर की सरकार ने भरोसा किया और बाबा साहब को संविधान बनाने की जिम्मेदारी सौंपी। बाबा साहब ने संविधान बनाया, जो आज देश के साथ पूरे विश्व में प्रसिद्ध है।  उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी बंद कर दी गई हैं। प्रदेश में 6 लाख से अधिक पद हैं, जिनमें से लगभग 3 लाख पद भरे हैं। इनमें करीब डेढ़ लाख पद बैकलॉग के खाली हैं। अब सरकार ने नौकरी खत्म कर दी और ठेकेदार प्रथा चालू कर दी। इससे हमारे वर्गों का बहुत बड़ा नुकसान हो रहा है। ठेकेदारी प्रथा आने से सरकारी नौकरी में धीरे-धीरे आरक्षण खत्म हो रहा है। यानि आरक्षण समाप्ति की ओर है। सरकार के सभी संसाधन और नौकरी प्राइवेट पर दी जा रही हैं। प्रदेश में सामाजिक स्तर की बात करें तो आए दिन समाज पर अत्याचार, अन्याय की खबरें आ रहीं हैं। 18 जनवरी को भोपाल में एक बड़ा आंदोलन होना है। उसमें सभी संगठन आगे आएं और विरोध  दर्ज कराएं।   सीमा निराला ने कहा कि वहीं अंध विश्वास जोर पकड़ रहा है। रोज नए बाबा पैदा हो रहे हैं।  उनके जरिए हमारे समाज को गुमराह किया जा रहा है। मेरा इतना कहना कि देश में दो विचार चल रही है। पहली वह जो संविधान में भरोसा करती है. दूसरी वह जो मनुवादी व्यवस्था पर चलती है। अन्य वक्ताओं ने आव्हान किया है कि जहां भी हमारे समाज में अंधविश्वास व अन्याय, शोषण की घटनाएं हों तो हम सभी को पुरजोर विरोध न्याय मिलने तक करना है।  राजस्थान के अध्यक्ष ने निजीकरण, ईवीएम, नौकरी में ठेकेदारी का विरोध करने पर जोर दिया है। हम संख्या में 85 फीसदी होने के बाद भी हम परेशान क्यों है, इसकी वजह है, क्योंकि हम व्यवस्था को समझ ही नहीं पाए। कांशीराम साहब ने समझा। उन्होंने कहा था कि जो बहुजन की बात करेगा, वही दिल्ली पर राज करेगा। उससे समाज में काफी राजनैतिक भागीदारी बड़ी है। हमें समझना होगा कि हम किस दिशा में जा रहे है। सामाजिक न्याय की बात करें तो कोई बड़ा उद्योगपति हमारे समाज से नहीं है। राजनीति, सामाजिक चेतना विकसित करना है। महिलाओं को जगाने की बहुत जरूरत है। recent visitors 86

MP Assembly Special Session: मनरेगा योजना का नाम बदलने को लेकर विधानसभा में कांग्रेस का प्रदर्शन, महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे बैठकर जताया विरोध

MP Assembly Special Session: मनरेगा योजना का नाम बदलने को लेकर विधानसभा में कांग्रेस का प्रदर्शन, महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे बैठकर जताया विरोध

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा ने आज अपने स्थापना के 69 साल पूरे कर लिए हैं। इस अवसर पर आज 17 दिसंबर को विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र आयोजित किया गया है। यह दिन इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि ठीक 69 साल पहले, 17 दिसंबर 1956 को मध्यप्रदेश विधानसभा की पहली बैठक हुई थी। वहीं कांग्रेस ने विधानसभा में मनरेगा योजना का नाम बदलने के विरोध में कांग्रेस के विधायकों ने विधानसभा परिसर में जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस विधायकों ने महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे बैठकर विरोध किया। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि बीजेपी महात्मा गांधी का अपमान कर रही है। उन्होंने कहा कि राम जी के नाम पर कोई नई योजना लानी चाहिए थी, राम जी के नाम पर कोई नई योजना आती तो हम उसकी तारीफ करते। महात्मा गांधी से बीजेपी को तकलीफ है। कांग्रेस के प्रदर्शन पर बोले विधायक रामेश्वर शर्माकांग्रेस के विधानसभा में प्रदर्शन पर विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस को राम से एलर्जी है इसलिए विरोध कर रही है। राम से एलर्जी रखोगे तो रावण से राम तक सबका अंत होगा।कांग्रेस ने महात्मा गांधी के नाम का इस्तेमाल किया। हम महात्मा गांधी के विचारों और कार्यों का अनुसरण कर रहे हैं। कांग्रेस गांधी का नाम लेकर कई बार सत्ता में आई लेकिन गरीब का घर नहीं बनाया। यह दुनिया जानती है कि महात्मा गांधी के रामराज्य को जमीन पर उतारने का काम किसी ने किया है तो वो पीएम मोदी ने किया है। शर्मा ने कहा कि हमने अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण किया, ग़रीब के पक्के मकान बनाने का काम किया, गरीब के इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड बनाए, किसानों का सम्मान किया क्योंकि यही गांधी जी चाहते थे। सबका साथ सबका विकास – यही काम भाजपा सरकार कर रही है। मनरेगा में मनमोहन सिंह की सरकार के समय भ्रष्टाचार हुआ, अब मनरेगा के बलबूते पर ग्रामीण लोगों का विकास होगा। recent visitors 80

एग्जीबिशन से आत्मनिर्भरता की ओर महिलाओं के बढ़ते कदम 

Exhibition marks women’s march towards self-reliance  भोपाल। रिफ्रेशिंग ‌द्वारा फोर सीज़न बैंक्वेट हॉल कोहेफ़िज़ा में 13 और 14 दिसंबर को दो दिवसीय एग्जिबीशन का आयोजन होगा, जिसमें प्रवेश निशुल्क रहेगा। इस एग्जिबीशन का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।  आयोजक अब्दुल रहमान रईस ने बताया कि एग्जिबीशन में रोजमर्रा में उपयोग होने वाली वस्तुएं कम कीमत पर उपलब्ध रहेगी। इस आयोजन में मध्य प्रदेश सहित अन्य प्रदेश के लगभग 80 से ज्यादा स्टाल लगेंगे। इसमें ब्रांडेड कंपनियों के स्टाल भी शामिल हैं। कार्यक्रम में बच्चों के लिए भी प्ले जोन रखा गया है, जिससे उनके मनोरंजन के संपूर्ण साधन उपलब्ध रहेंगे। आयोजन के दूसरे दिन 14 दिसंबर को बॉलीवुड सिंगर सुपरहिट गीतों के प्रस्तुति देकर कार्यक्रम की शाम को रंगीन बनाएंगे। महिलाओं के लिए विशेष प्रकार से अलग से स्थान रहेगा, जिसमें उनकी संपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। recent visitors 74

70वां महापरिनिर्वाण दिवस: अजाक्स भवन भोपाल में डॉ. बीआर आम्बेडकर को श्रद्धापूर्वक किया याद

70th Mahaparinirvan Day: Dr. BR Ambedkar remembered with reverence at Ajax Bhawan, Bhopal भोपाल। मध्य प्रदेश अनुसूचित जाति जनजाति अधिकारी कर्मचारी संघ (अजाक्स) द्वारा 6 दिसंबर को भारत रत्न, संविधान निर्माता, बाबासाहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के 70 वें महापरिनिर्वाण दिवस पर तुलसी नगर स्थित अजाक्स भवन में बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धापूर्वक उनका स्मरण और प्रतिमा पर पुष्पांजली अर्पित की गई। इस अवसर पर प्रान्तीय कार्यकारिणी सदस्य मप्र अजाक्स सत्य विजय चन्दन भी परिवार सहित उपस्थित रहे। मौजूद अजाक्स पदाधिकारियों ने बाबासाहेब के बताये मार्ग पर समाज को आगे बढाने का संकल्प लिया। वर्तमान परिप्रेक्ष्य में उपस्थित मुद्दों पर विमर्श भी किया गया। इसके बाद करीब साढ़े 3 किमी तक पैदल मार्च निकला। जिसमें सैकड़ों पदाधिकारी शामिल थे। कार्यवाहक अध्यक्ष इंजी. एसएल सूर्यवंशी के नेतृत्व में पदाधिकारी पैदल मार्च करते हुए सेकंड स्टाफ से प्रकाश तरण पुष्कर चौराहा और लिंक रोड नंबर 1 से बोर्ड ऑफिस चौराहा स्थित बाबासाहेब की प्रतिमा स्थल पहुंचे। जहां अजाक्स पदाधिकारियों ने विभिन्न सामाजिक लोगों की उपस्थिति में बाबासाहब को माल्यार्पण किया। साथ ही सभी ने अजाक्स के प्रांताध्यक्ष आईएएस संतोष वर्मा के बयान पर षडयंत्रपूर्वक हंगामा मचाने वाले लोगों पर कार्रवाई करने बाबा साहेब के चरणों में ज्ञापन अर्पित किया। सभी ने प्रदेश में साप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की प्रार्थना के साथ समाज मे वैमनस्यता फैलाने वाले लोगों पर कठोर कार्यवाही करवाने का संकल्प लिया।  ज्ञात हो कि अजाक्स ने उक्त मामले में ज्ञापन सौंपने के लिए राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री से समय माँग चुका है, लेकिन आज तक मुलाकात का समय नहीं मिला। जिससे अजाक्स में आक्रोश व्याप्त है। इसलिए संघ पदाधिकारियों द्वारा यह ज्ञापन बाबासाहेब के चरणों में अर्पित कर राज्य सरकार से प्रदेश का सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले तथाकथित लोगों पर कड़ी कार्यवाही की मांग की गयी है l यहां उपस्थित लोगों ने बाबसाहब को श्रद्धापूर्वक याद कर उनके सम्मान में नारे लगाए।  इस मौके पर कार्यवाहक अध्यक्ष इंजी. एसएल सूर्यवंशी के साथ महासचिव एमसी अहिरवार, विजय शंकर श्रवण, राजवीर सिंह अग्निहोत्री, निर्मला पाटिल, हनुमंत प्रभाकर, अशोक बैन, विनोद बट्टी और निर्मला प्रधान, बीएल भूआर्य, बंसीलाल धनवाल, अवधनारायण मकोरिया, घनश्याम भकोरिया, रितेष मैना, लखन गंगवार समेत बड़ी संख्या में अजाक्स के पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित थे। recent visitors 120