धार भोजशाला: बसंत पंचमी पर नमाज का समय तय करने की दिग्विजय सिंह की मांग, शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील

धार भोजशाला: बसंत पंचमी पर नमाज का समय तय करने की दिग्विजय सिंह की मांग, शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील

Dhar Bhojshala: Digvijay Singh demands fixing the time for namaz on Basant Panchami, appeals to maintain peace and order धार जिले की ऐतिहासिक भोजशाला एक बार फिर प्रशासन और पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनकर सामने है। वर्ष 2026 में बसंत पंचमी शुक्रवार यानि 23 जनवरी को पड़ रही है। यह संयोग पहले भी तीन बार 2006, 2013 और 2016 में बन चुका है और उन सभी मौकों पर क्षेत्र में तनावपूर्ण हालात देखने को मिले थे। ऐसे में इस बार पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खास सतर्कता बरती जा रही है। क्या कहा दिग्विजय सिंह ने?इस वर्ष बसंत पंचमी का त्योहार शुक्रवार को आ रहा है। पूर्व में भी आया है और केंद्र सरकार के निर्णय अनुसार धार जिला प्रशासन ने उसे शांति से दोनों पक्षों से मिल कर मनाने की व्यवस्था की थी। मैं प्रशासन व सरकार से ये कहना चाहूँगा कि ASI द्वारा 2003, 2013 व 2016 में पहले ही अपने दिए गए आदेश में यह सपष्ट कर चुका है कि जब भी कभी बसंत पंचमी का त्योहार और शुक्रवार की नमाज़ साथ में होती है तो बसंत पंचमी की पूजा सूर्योदय से लेकर 1 तक और उसके बाद 3:30 बजे से सूर्यास्त तक की जाएगी और दोपहर 1 – 3 का समय शुक्रवार की नमाज अदा करने के लिए छोड़ा जाएगा। इस स्थिति में सरकार व प्रशासन की ये ज़िम्मेदारी है ASI द्वारा पारित किए गए आदेश की पूर्ण पालन किया जाए और धार में अमन शांति का पैग़ाम दिए जाने की पूरी कोशिश करते हुए सांप्रदायिक उन्माद व अफ़वाह फैलाने वालो पर सख्त कार्यवाही की जाए। मैं सभी हिन्दू मुसलमान भाइयों से सांप्रदायिक सौहार्द बनाये रखने की अपील करता हूँ। हमारा प्रदेश अमन का प्रतीक है और सरकार व प्रशासन की ये नैतिक ज़िम्मेदारी है कि इस अमन को क़ानूनी रूप से स्थापित किया जाए। इस वर्ष बसंत पंचमी का त्योहार शुक्रवार को आ रहा है।पूर्व में भी आया है और केंद्र सरकार के निर्णय अनुसार धार जिला प्रशासन ने उसे शांति से दोनों पक्षों से मिल कर मनाने की व्यवस्था की थी।मैं प्रशासन व सरकार से ये कहना चाहूँगा कि ASI द्वारा 2003, 2013 व 2016 में पहले ही अपने दिए… जवानों ने निकाला फ्लैग मार्चपुलिस अधिकारियों के अनुसार किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों से लगातार संवाद किया जा रहा है। रविवार को एहतियात के तौर पर करीब 2000 जवानों ने शहर में फ्लैग मार्च निकाला । इसके साथ ही भोजशाला और आसपास के इलाकों में ड्रोन कैमरों और करीब एक हजार सीसीटीवी कैमरों के जरिए 24 घंटे निगरानी की जा रही है। recent visitors 74

भोपाल में एक्यमानस मित्र द्वारा डिमेंशिया जागरूकता की महत्वपूर्ण पहल

भोपाल में एक्यमानस मित्र द्वारा डिमेंशिया जागरूकता की महत्वपूर्ण पहल

A significant dementia awareness initiative by Akymanas Mitra in Bhopal भोपाल ! एक्यमानस मित्र द्वारा आयोजित डिमेंशिया अवेयरनेस गेट-टुगेदर में 30–35 लोगों की भागीदारी देखने को मिली, जहाँ डिमेंशिया जैसे संवेदनशील विषय पर खुलकर संवाद हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य इस स्थिति को बेहतर ढंग से समझना और समाज में इसकी जागरूकता बढ़ाना था, जहाँ अब भी जानकारी और संरचित सहायता की कमी महसूस की जाती है।सत्र के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि डिमेंशिया केवल याददाश्त से जुड़ी समस्या नहीं है, बल्कि यह मस्तिष्क से संबंधित एक जटिल स्थिति है, जो व्यक्ति के व्यवहार, भावनाओं और रोज़मर्रा की गतिविधियों को प्रभावित करती है। उम्र बढ़ने के साथ सही समझ, लाइफस्टाइल में बदलाव और भावनात्मक सहयोग की अहम भूमिका पर विशेष जोर दिया गया।क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट इशिता सचान ने डिमेंशिया के मानसिक और संज्ञानात्मक पहलुओं को सरल भाषा में समझाया, जिससे प्रतिभागियों को इसके प्रभाव और संकेतों को पहचानने में स्पष्टता मिली।एक्यमानस मित्र के संस्थापक दीपक भंडारी ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि किस तरह अपनी माता के डिमेंशिया से जूझने के अनुभव ने उन्हें इस पहल की शुरुआत के लिए प्रेरित किया। उनकी कहानी ने कार्यक्रम को एक मानवीय और भावनात्मक जुड़ाव प्रदान किया। कार्यक्रम में आयोजित एक इंटरएक्टिव मेमोरी चैलेंज के माध्यम से प्रतिभागियों को यह अनुभव कराया गया कि स्मृति कैसे कार्य करती है और डिमेंशिया में उसमें किस प्रकार के बदलाव आते हैं।यह आयोजन सफल रहा क्योंकि इसमें डिमेंशिया पर खुली चर्चा हुई—एक ऐसा विषय जिस पर अक्सर बात नहीं की जाती। इस तरह की पहलें वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल और सहयोग के लिए एक मजबूत आधार तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।एक्यमानस मित्र, जो एक समर्पित मेमोरी केयर और डे-केयर सेंटर है, आगे भी डिमेंशिया जागरूकता अभियानों और संज्ञानात्मक आकलन (assessment) कार्यक्रमों का आयोजन करेगा, जिससे लोग अपनी मानसिक स्थिति को समझ सकें और समय रहते सही मार्गदर्शन प्राप्त कर सकें। recent visitors 78

मेट्रो प्रोजेक्ट भोपाल में चला रहा पेड़ों पर आरी पेड़ों की कटाई का सिलसिला लगातार जारी

Metro project is cutting down trees in Bhopal. The process of felling trees continues. भोपाल। रायसेन रोड स्थित गोविन्दपूरा इंडस्ट्रियल एरिया गेट एवं आईटीआई के आस पास के क्षेत्र में मेट्रो प्रोजेक्ट के तहत सैकड़ों पेड़ काटे जा रहे हैं। वहीं एनजीटी द्वारा शहर में 16 किलोमीटर लंबी सड़क निर्माण परियोजना के तहत अयोध्या बायपास पर हजारों पेड़ों की कटाई के बाद कटाई पर रोक लगा दी गई है।  पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि 40 से 50 साल पुराने हरे-भरे पेड़ों को विकास के नाम पर काटा जा रहा है, जबकि भोपाल पहले ही बढ़ते वाहनों, औद्योगिक प्रदूषण, कचरा जलाने और पटाखों के कारण गंभीर वायु प्रदूषण झेल रहा है। ऐसे में हरियाली खत्म होने से शहर की हवा और तापमान दोनों पर गंभीर असर पड़ेगा। पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार एक परिपक्व पेड़ प्रतिवर्ष लगभग 20 से 25 किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषित करता है। हजारों पेड़ों की कटाई से आक्सीजन स्तर में गिरावट और हीट आइलैंड प्रभाव बढ़ने की आशंका है। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि क्या इस परियोजना के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति ली गई है और क्या पेड़ कटाई से पहले वैकल्पिक पुनरोपण की ठोस योजना तैयार की गई है।  पर्यावरण की कीमत पर विकास स्वीकार नहीं  स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पर्यावरण की कीमत पर विकास स्वीकार नहीं वहीं शहर में जहां-जहां सड़कें बनाई जाती हैं, वहां बाद में अतिक्रमण हो जाता है, जिससे जनता को कोई राहत नहीं मिलती। यदि सड़क चौड़ी करने या विकास के नाम पर पेड़ों की कटाई चलती रही तो क्षेत्र की हरियाली पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी साथ ही पर्यावरण पर भी असर देखने को मिलेगा। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने पेड़ कटाई का निर्णय वापस नहीं लिया, तो आंदोलन किया जाएगा। जनता का साफ संदेश है कि ऐसा विकास स्वीकार नहीं किया जाएगा, जो पर्यावरण, स्वास्थ्य और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ समझौता करे। recent visitors 91

आईएएस संतोष वर्मा के समर्थन में 18 जनवरी को भोपाल में ओबीसी, एससी, एसटी का महाआंदोलन

Massive agitation by OBC, SC, ST in Bhopal on January 18 in support of IAS Santosh Verma भोपाल। ओबीसी, एससी, एसटी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में 18 जनवरी को भोपाल के गोविंदपुरा स्थित भेल दशहरा मैदान में सुबह 10 बजे से विशाल महाआंदोलन और महासम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें पदोन्नति में आरक्षण, बैकलॉग पदों पर भर्ती, ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण, सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों के क्रियान्वयन को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा। इस महाआंदोलन को भीम आर्मी, जयस सहित अनेक सामाजिक व आदिवासी संगठनों का समर्थन प्राप्त है। शुक्रवार को आयोजित संयुक्त पत्रकार वार्ता में अपाक्स के संरक्षक इंजीनियर भुवनेश पटेल, अखिल भारतीय ओबीसी महासभा के कार्यकारी अध्यक्ष तुलसीराम पटेल, अजाक्स के एसएल सूर्यवंशी, ओबीसी महासभा के कमलेंद्र सिंह, भीम आर्मी के सुनील बैरसिया, युवा छात्र संघ के प्रियंक जाटव और पिछड़ा वर्ग कल्याण परिषद के महामंत्री सीएस यादव ने डबल इंजन की भाजपा सरकार पर पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति विरोधी रवैया अपनाने का गंभीर आरोप लगाया। नेताओं ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने दुर्भावनापूर्ण तरीके से आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा के खिलाफ कार्रवाई की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्मा द्वारा किसी भी जाति, वर्ग या समाज के प्रति कोई आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की गई थी। उनके कथन के भावार्थ को समझे बिना कुछ लोगों ने जानबूझकर दुष्प्रचार किया, जिसके आधार पर सरकार ने व्सतु स्थिति को जाने समझे बगैर कारण बताओ नोटिस जारी कर डीओपीटी को प्रस्ताव भेज दिया। यह सामाजिक न्याय की आवाज को दबाने का प्रयास है, जिससे ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग की भावनाएं आहत हुई हैं। ऐसी दमनात्मक कार्रवाई तत्काल रोकी जानी चाहिए। पत्रकार वार्ता में कहा गया कि मध्य प्रदेश में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग शिक्षा, रोजगार, प्रशासन, न्यायपालिका और विकास की मुख्यधारा में लगातार उपेक्षा और भेदभाव का सामना कर रहे हैं। कांग्रेस शासनकाल में घोषित 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण को लेकर पिछड़ा वर्ग को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के बीच भटकाया जा रहा है, जबकि भाजपा सरकार को बिना बहाने सीधे तौर पर ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करना चाहिए। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इन मुद्दों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को पूरे प्रदेश में फैलाया जाएगा। महाआंदोलन की प्रमुख मांगें आईएएस संतोष वर्मा के विरुद्ध जारी समस्त कार्रवाई तत्काल वापस ली जाए।ओबीसी को जनसंख्या अनुपात में 52 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए।एससी, एसटी,ओबीसी के सभी रिक्त व बैकलॉग पद विशेष भर्ती अभियान से भरे जाएं।निजी क्षेत्र और संविदा, आउटसोर्स सेवाओं में आरक्षण लागू किया जाए।ओबीसी को भी पदोन्नति में आरक्षण दिया जाए।नई पेंशन व्यवस्था समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए।सिविल जजों की भर्ती एमपीपीएससी के माध्यम से कराई जाए।सफाई कर्मियों को ठेका प्रथा से मुक्त कर नियमित किया जाए।विद्यार्थियों को समय पर छात्रवृत्ति और पर्याप्त छात्रावास सुविधा मिले।संविदा नियुक्ति संबंधी बिल निरस्त कर स्थायी भर्तियां की जाएं।न्यायालयों, मंदिरों और शासकीय ठेकों में आरक्षित वर्गों को जनसंख्या अनुपात में प्रतिनिधित्व दिया जाए।पेसा अधिनियम को पूर्ण रूप से लागू किया जाए।बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के अपमान के मामलों में कठोरतम कार्रवाई की जाए। recent visitors 117

भोपाल में 18 जनवरी को होगी ओबीसी-एससी-एसटी संयुक्त मोर्चा की आमसभा

OBC-SC-ST Joint Front’s general meeting will be held in Bhopal on January 18. भोपाल। भोपाल में 18 जनवरी 2026 को ओबीसी-एससी-एसटी संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर एक ऐतिहासिक और विराट आमसभा का आयोजन किया जा रहा है। यह आमसभा संविधान प्रदत्त सामाजिक न्याय, समानता और अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। मोर्चा का कहना है कि मध्य प्रदेश में ओबीसी, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के हक-अधिकारों पर लगातार कुठाराघात हो रहा है और महापुरुषों के सम्मान के साथ-साथ संवैधानिक मूल्यों की अनदेखी की जा रही है। आमसभा की प्रमुख मांगों में, ओबीसी को जनसंख्या अनुपात में 52% आरक्षण, आदिवासी संतोष वर्मा, आईएएस, अजाक्स प्रांताध्यक्ष के विरुद्ध की गई अन्यायपूर्ण कार्यवाहियों को समाप्त करने, विभाग में यथावत पदस्त करने एवं शीघ्र उनके प्रमोशन से रोक हटाने, एससी-एसटी-ओबीसी बैकलॉग पदों की एक माह के अंदर शीघ्र पूर्ति करने और जो पद ड्राइंग कैडर घोषित किए गए हैं। https://www.instagram.com/pawanahirwar2.0/?utm_source=ig_embed&ig_rid=9d4ec39b-85ad-48a7-9815-353d1a35139a उन पदों पर पहले बैकलॉग भर्ती की जाने व उसके पश्चात् पदों को ड्राइंग कैडर घोषित किए जाने, ओबीसी के रोके गए 13% पदों को तत्काल अनहोल्ड करने, निजी क्षेत्र एवं आउटसोर्स में एससी-एसटी-ओबीसी को जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण दिए जाने, पदोन्नति में ओबीसी को भी जनसंख्या अनुपात में आरक्षण दिए जाने तथा (ओ.पी.एस.) पुरानी पेंशन लागू किए जाने की मांग शामिल है। ओबीसी-एससी-एसटी संयुक्त मोर्चा का स्पष्ट कहना है कि यह आमसभा किसी भी वर्ग या समाज के खिलाफ नहीं है, बल्कि उन वर्गों के हक में है जिनके वोट से मध्य प्रदेश में सरकार बनी है। यह सभा सरकार को चेताने, उसे उसकी संवैधानिक जिम्मेदारियां याद दिलाने और सामाजिक न्याय के मूल सिद्धांतों के समर्थन में एक लोकतांत्रिक आवाज बुलंद करने का मंच होगी। मोर्चा के अनुसार यह संघर्ष अधिकारों की पुनः स्थापना का संघर्ष है और इसमें आमजन की भागीदारी ही इसकी सबसे बड़ी ताकत बनेगी। ओबीसी-एससी-एसटी संयुक्त मोर्चा के प्रवक्ता ने कहा, “यह आमसभा सत्ता के खिलाफ नहीं, बल्कि संविधान के पक्ष में है। हम सरकार को याद दिलाना चाहते हैं कि सामाजिक न्याय कोई दया नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकार है। https://www.instagram.com/tribal_farmer_06/?utm_source=ig_embed&ig_rid=fb28946a-f6a2-432d-b30d-71b5fc0175e2 ओबीसी, एससी और एसटी समाज ने लोकतंत्र को मजबूती दी है और अब समय आ गया है कि सरकार भी उनके अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए। 18 जनवरी को भोपाल में उमड़ने वाला जनसैलाब यह स्पष्ट संदेश देगा कि समाज अब चुप नहीं रहेगा।” मोर्चा ने प्रदेश भर के नागरिकों, सामाजिक संगठनों, युवाओं और बुद्धिजीवियों से अपील की है कि वे परिवार सहित भोपाल पहुंचकर इस आमसभा को ऐतिहासिक बनाएं और संविधान, सामाजिक न्याय तथा समान अधिकारों के समर्थन में अपनी एकजुटता प्रदर्शित करें। recent visitors 88

भोपाल की अरेरा कॉलोनी में फर्जी पुलिस बनकर किडनैपिंग और लूट की वारदात

Kidnapping and robbery by posing as police in Bhopal’s Arera Colony भोपाल। भोपाल के पाश इलाके अरेरा कॉलोनी में पुलिस बनकर आए बदमाशों ने लूट व अपहरण की सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। हबीबगंज थाना क्षेत्र के ई-7 सेक्टर स्थित मेघना अपार्टमेंट में 11 जनवरी की शाम करीब साढ़े सात बजे 5-6 बदमाश फ्लैट में घुसे व खुद को पुलिसकर्मी बताया। उन्होंने फ्लैट में मौजूद राहुल गुप्ता, अनिमेष वर्मा, अनुराग और नरेंद्र परमार को एनडीपीएस केस में फंसाने की धमकी दी और मारपीट की। डर के मारे युवकों ने विरोध नहीं किया। बदमाशों ने उनसे 79,800 रुपये नकद और तीन कीमती घड़ियां लूट लीं। फिर बदमाशों ने चारों को उनकी ही कार में जबरन बैठाया और मिसरोद बाइपास टोल रोड की ओर ले गए। वहां और रुपये मांगे। राहुल ने परिचित आनंद रघुवंशी को फोन कर मदद मांगी। आनंद होशंगाबाद से एक लाख रुपये लेकर भोपाल पहुंचे। बदमाशों ने उन्हें पांच नंबर पेट्रोल पंप के पास बुलाया। वहां आनंद ने बदमाशों से फोन छीन लिया और शोर मचाया कि वह असली पुलिस के साथ है। पकड़े जाने के डर से बदमाश पीड़ितों के हाथ से मोबाइल छीनकर भाग निकले। घबराए युवक हबीबगंज थाने पहुंचे, लेकिन किरकिरी से बचने पुलिस ने मामला चार दिन तक दबाए रखा। बाद में पहचान होने पर चार बदमाशों को गिरफ्तार किया गया। recent visitors 82

हमें एकजुट होकर संविधान की रक्षा करनी पड़ेगी, नहीं तो हम अधिकार विहीन हो जाएंगे: प्रवीण मांगरिया 

 We have to unite and protect the Constitution, otherwise we will be deprived of our rights: Praveen Mangariya  भोपाल। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति-जनजाति विकास परिषद का सामाजिक समरसता सम्मेलन 28 दिसंबर को राजधानी के पॉलिटेक्निक चौराहा स्थित मानस भवन में संपन्न हुआ। सम्मेलन में समकालीन मुद्दों पर विशेष चर्चा हुई। कार्यक्रम में आनंद जमधाड़े को भोपाल जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया। इसके अलावा अन्य पदाधिकारियों को भी नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। यह कार्यक्रम प्रदेशाध्यक्ष मोनिका शाह वट्टी की अध्यक्षता में हुआ। जिसमें परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण मांगरिया, महासचिव मूलचंद नागले, राष्ट्रीय महासचिव एआर सिंह, आर प्रसाद, महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष सीमा निराला, किरण अहिरवार, एसआर बौद्ध, प्रवीण बौद्ध, सुनील बोरसे, जिला अध्यक्ष आनंद जमधाडे, महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष मेश्राम, गुजरात प्रदेश अध्यक्ष हरीश और राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष के अलावा प्रदेशभर से प्रबुद्धजन व समाजसेवी शामिल हुए। सम्मेलन के समापन उपरांत राष्ट्रपति के नाम मांगपत्र श्यामला हिल्स टीआई को सौंपा गया।  राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण मांगरिया ने कहा कि आज समाज विभिन्न वर्गों व संगठनों में बटा हुआ है। हालांकि सभी का उद्देश्य एक ही है कि संविधान की रक्षा और उसके अधिकारों का लोकतंत्र में पालन हो। उन्होंने कहा कि समाज अगर आवाज नहीं उठाएगा, अपनी ताकत नहीं दिखाएगा तो वरिष्ठ आईएएस संतोष वर्मा जैसे हम सब प्रताड़ित होते रहेंगे। हमारे अधिकार और बोलने की आजादी पर पावंदी लगाई जा रही है। संविधान की मूल भावना के अनुरूप सामाजिक समरसता संकुचित हो रही है। सबसे ज्यादा कमजोर कड़ी हमारे युवा हैं। उनके समाजहित में आगे आना होगा, तभी समाज सुरक्षित हो पाएगा। उन्होंने कहा कि हमें एकजुट होकर संविधान की रक्षा करनी पड़ेगी, नहीं तो हम अधिकार विहीन हो जाएंगे।  वहीं प्रदेशाध्यक्ष मोनिका शाह बट्टी ने कहा कि अब हम संघर्ष के लिए मैदान में पूरी ताकत के साथ उतर चुके हैं। अब जहां भी प्रदेश में अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के साथ अन्याय, अत्याचार होता है, तो हम पूरी ताकत के साथ उसका का मुकाबला और संघर्ष करेंगे। बाबा साहब ने जो संविधान दिया है, उसे सुरक्षित और सम्मान देना हमारा कर्तव्य है, जो हम करेंगे।    इंजी. एआर सिंह ने कहा कि  सामाजिक चेतना के लिए यह मंच मिल का पत्थर साबित होगा। सामाजिक न्याय किसे चाहिए, जो वंचित और शोषित वर्ग है उसे न्याय की दरकार है। अगर हम उनके साथ खड़े नहीं हुए, तो समाज और निचले स्तर पर चला जाएगा। जब तक समाज का विकास नहीं होता, तब तक हम देश का विकास नहीं मान सकते हैं। बाबा साहब का आंदोलन सफल है। जब बाबा साहब का आंदोलन चल रहा था, तब ब्रिटिश सरकार थी। उस सरकार में बाबा साहब ने समाज की बात रखी और ब्रिटिश सरकार को उनकी बात मानना पड़ी, जिसकी बदौलत हमें अधिकार मिले। उस समय बाबा साहब को लगा कि पूरा देश हमारा स्वागत करेगा, लेकिन कुछ विरोधियों ने  उनका विरोध किया। इसके बाद पूना समझौता हुआ और हमें आरक्षण मिला। उस दौर की सरकार ने भरोसा किया और बाबा साहब को संविधान बनाने की जिम्मेदारी सौंपी। बाबा साहब ने संविधान बनाया, जो आज देश के साथ पूरे विश्व में प्रसिद्ध है।  उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी बंद कर दी गई हैं। प्रदेश में 6 लाख से अधिक पद हैं, जिनमें से लगभग 3 लाख पद भरे हैं। इनमें करीब डेढ़ लाख पद बैकलॉग के खाली हैं। अब सरकार ने नौकरी खत्म कर दी और ठेकेदार प्रथा चालू कर दी। इससे हमारे वर्गों का बहुत बड़ा नुकसान हो रहा है। ठेकेदारी प्रथा आने से सरकारी नौकरी में धीरे-धीरे आरक्षण खत्म हो रहा है। यानि आरक्षण समाप्ति की ओर है। सरकार के सभी संसाधन और नौकरी प्राइवेट पर दी जा रही हैं। प्रदेश में सामाजिक स्तर की बात करें तो आए दिन समाज पर अत्याचार, अन्याय की खबरें आ रहीं हैं। 18 जनवरी को भोपाल में एक बड़ा आंदोलन होना है। उसमें सभी संगठन आगे आएं और विरोध  दर्ज कराएं।   सीमा निराला ने कहा कि वहीं अंध विश्वास जोर पकड़ रहा है। रोज नए बाबा पैदा हो रहे हैं।  उनके जरिए हमारे समाज को गुमराह किया जा रहा है। मेरा इतना कहना कि देश में दो विचार चल रही है। पहली वह जो संविधान में भरोसा करती है. दूसरी वह जो मनुवादी व्यवस्था पर चलती है। अन्य वक्ताओं ने आव्हान किया है कि जहां भी हमारे समाज में अंधविश्वास व अन्याय, शोषण की घटनाएं हों तो हम सभी को पुरजोर विरोध न्याय मिलने तक करना है।  राजस्थान के अध्यक्ष ने निजीकरण, ईवीएम, नौकरी में ठेकेदारी का विरोध करने पर जोर दिया है। हम संख्या में 85 फीसदी होने के बाद भी हम परेशान क्यों है, इसकी वजह है, क्योंकि हम व्यवस्था को समझ ही नहीं पाए। कांशीराम साहब ने समझा। उन्होंने कहा था कि जो बहुजन की बात करेगा, वही दिल्ली पर राज करेगा। उससे समाज में काफी राजनैतिक भागीदारी बड़ी है। हमें समझना होगा कि हम किस दिशा में जा रहे है। सामाजिक न्याय की बात करें तो कोई बड़ा उद्योगपति हमारे समाज से नहीं है। राजनीति, सामाजिक चेतना विकसित करना है। महिलाओं को जगाने की बहुत जरूरत है। recent visitors 95