कांग्रेस का डॉक्टर अंबेडकर के प्रति प्रेम ढकोसला, भाजपा ने ही दिया उन्हें सम्मान

Congress’s love for Dr. Ambedkar is a fraud, only BJP gave him respect सुशील दामले विशेष संवाददाता भोपाल। पिछले दिनों संसद में हुए हंगामे को लेकर मध्य प्रदेश के कुरवाई विधायक हरिसिंह सप्रे ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। विधायक सप्रे ने कहा कि डॉ भीमराव अंबेडकर के प्रति कांग्रेस का प्रेम ढकोसला है। जिसकी कोई सच्चाई नहीं है। भाजपा ने ही डॉक्टर अंबेडकर के प्रति सच्चा प्रेम जताने का काम किया है। भाजपा ने जहां-जहां उनके पांव पड़े उस स्थान को पवित्र स्थल बनाया है। चाहे बात महू की हो, दिल्ली, लंदन की हो या मुंबई की, सभी जगह को तीर्थ स्थल का रूप दिया है। जो आज करोड़ों- करोड़ों लोगों के आस्था का केंद्र बना हुआ है। कांग्रेस ने तो बाबा साहब को संसद में भी जाने से एक बार नहीं बल्कि दो दो बार रोका है। उनकी ही नीतियों के कारण बाबा साहब ने कानून मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। उन्होंने कहा कि जब भाजपा सत्ता में आई तो सबसे पहले डॉ भीमराव अंबेडकर को देश का सर्वोच्च सम्मान “भारत रत्न” सम्मान दिया। इस सम्मान के हकदार में पहले से भी थे लेकिन कांग्रेस ने ऐसा नहीं किया। दलितों के मसीहा को न देकर कांग्रेस ने अपने खानदान को जरूर भारत रत्न दिया। हम विधानसभा क्षेत्र के सभी गांव में जाकर जनता को कांग्रेस के बाबा साहब के प्रति झूठे प्रेम की सच्चाई बताएँगे। वैसे कांग्रेस ने बाबा साहब के प्रति कुछ नहीं किया। कुरवाई विधानसभा के हर घर टोटी से जल पहुंचेगा विधायक हरि से सप्रे ने कहा कि कुरवाई क्षेत्र में चल रहे जल जीवन मिशन निर्माण कार्य समेत अन्य जन समस्याओं को लेकर विधानसभा पटल पर 12 सवाल रखे थे। जिनके संतोषजनक जवाब आ चुके हैं। सरकार के मुखिया और मंत्री ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही संबंधितों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि हर घर में टोटी से जल पहुंचे, इसके लिए हम पूरी ताकत के साथ लगे हुए हैं। इसमें भ्रष्टाचार और लेट लतीफी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्सा नहीं जाएगा। recent visitors 114

मध्य प्रदेश कांग्रेस की बड़ी तैयारी जल्द करेंगे BJP कार्यालय का घेराव,  प्रदेश कि पुलिस बन चुकी है BJP की नौकर , जीतू पटवारी 

Madhya Pradesh Congress makes big preparations, will soon surround BJP office, state police has become servant of BJP, Jitu Patwari  भोपाल। कांग्रेस दफ्तर गांधी भवन इंदौर पर हुए हमले और डॉ. भीमराव आंबेडकर पर गृहमंत्री अमित शाह की टिप्पणी को लेकर कांग्रेस ने सोमवार को पुलिस कमिशनर (सीपी) दफ्तर का घेराव किया। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पुलिस को लेकर तीखी टिप्पणियां की। पटवारी ने इस दौरान पुलिस से कहा कि वह बीजेपी के नौकर की तरह काम कर रहे हैं। उन्हें अपने धर्म का पालन करना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने कहा कि सात दिन में अगर पुलिस ने कांग्रेस दफ्तर पर हमला करने वालों के खिलाफ नाम जद एफआईआर दर्ज नहीं की तो वह 20 हजार कार्यकर्ताओं के साथ बीजेपी दफ्तर का घेराव करेंगे। इसकी तारीख वह सात दिन बाद बताएंगे।  यह सभी नेता रहे मौजूद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, राष्ट्रीय सचिव सत्यनारायण पटेल जैसे नेताओं के नेतृत्व में आंदोलन हुआ। इसमें केंद्रीय गृहमंत्री शाह की टिप्पणी और कांग्रेस दफ्तर पर हमले को लेकर राष्ट्रपति के नाम पर ज्ञापन दिया गया। इस दौरान गठन प्रभारी अवनीश भार्गव, शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुरजीत सिंह चड्ढा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष सदाशिव यादव, इंदौर नगर निगम नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे, पूर्व विधायक अश्विन जोशी,  पूर्व विधायक विपिन वानखेड़े, वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेश चौकसे जैस नेता मौजूद रहे। RTO मामले में सियासत हाई, जीतू पटवारी बोले- MP करप्शन का समुद्र बड़ी संख्या में कांग्रेस इन सबके अलावा विनय बाकलीवाल, अरविन्द बागड़ी, गिरधार नगर, रघु परमार, अनिल यादव, अमन बजाज, शेख,अलीम, रीना बोरासी, सच सलूजा, संतोष गौतम, प्रदेश प्रवक्ता अमित चौरसिया, सुदामा चौधरी, पार्षद सोनीला मीमरोट, चंदू अग्रवाल, महेन्द्र रघुवंशी, अरविंद जोशी, बद्री शर्मा, रमीज खान, जोहार मानपुरवाला, रफीक खान, हर्ष जैन, पार्षद अंसाफ अंसारी, राजू भदौरिया, राजेश यादव, पुखराज राठौर, शैलू सेन, नीलेश पटेल, फूलसिंह कुंवाल, गिरीश जोशी, दिनेश कुशवाह, किशोर डोंगरे सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस जन उपस्थित थे। recent visitors 207

वीडी शर्मा ने फिर दिया विवादास्पद बयान कहा, “कांग्रेस के खून में अंग्रेजों का जींस”

बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए कहा “इस पार्टी ने हमेशा डॉ.भीमराव अंबेडकर का अपमान किया.” पन्ना ! मध्यप्रदेश बीजेपी अध्यक्ष व खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा “बाबासाहब डॉ.भीमराव अंबेडकर ने देश की आजादी, सामाजिक न्याय और भारतीय जीवन मूल्यों की स्थापना के लिए जो काम किया, उसे पूरा देश जानता है. कांग्रेस पार्टी लगातार बाबासाहब को अपमानित करती रही है. जब बाबासाहब ने संसद से इस्तीफा दिया तो पं. नेहरू का कहना था कि देने दो इस्तीफा, क्या फर्क पड़ेगा. बाबासाहब का इससे बड़ा अपमान क्या होगा?” वीडी शर्मा ने कहा “जब बाबासाहब चुनाव लड़ रहे थे तो हराने के लिए पं. नेहरू ने लगातार प्रयास किए. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संसद में दिए गए भाषण को गलत तरीके से कांग्रेस जनता के सामने प्रस्तुत किया. अमित शाह के मन, कर्म व स्वभाव में बाबासाहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के मूल्य समाहित हैं. अमित शाह डॉ. अंबेडकर के कार्यों को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी डॉ. अंबेडकर जी समाज के अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाने का कार्य कर रहे हैं.” वीडी शर्मा ने कहा “कांग्रेस के खून में अंग्रेजों के जींस हैं. कांग्रेस ‘फूट डालो राज करो’ की राह पर चल रही है. डॉ. अंबेडकर को लेकर कांग्रेस पार्टी बखेड़ा खड़ा कर रही है. कांग्रेस के नेता अब गुंडागर्दी पर उतारू हो गए हैं. हम सभी ने देखा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने किस तरह हमारे सांसदों को धक्का दिया. हमारे बुजुर्ग सांसद सारंगी को सिर में चोट लगी और उन्हें आईसीयू में भर्ती करना पड़ा. वहीं, एक अन्य सांसद राजपूत को भी चोटें आई हैं.” recent visitors 178

जनता के मुद्दों से दूर भाग रही भाजपा, विधानसभा में नहीं होने दे रही चर्चा

भोपाल। रायसेन जिले के सिलवानी विधानसभा से कांग्रेस के विधायक देवेंद्र पटेल ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार जनता के असल मुद्दों से दूर भाग रही है वह नहीं चाहती की जनता के मुद्दों पर विधानसभा मैं चर्चा हो।पटेल ने कहा कि भाजपा पार्टी ने विधानसभा चुनाव के दौरान जनता से बहुत सारे वादे किए थे, चाहती है तो वह चर्चा से दूर भाग रही है। इससे पूरे प्रदेश की जनता अपने आप को ठगा महसूस कर रही है। विधायक श्री पटेल ने कहा कि भाजपा सरकार में किसानों को खाद लिए जेल जाना पड़ रहा है। किसानों को 12 घंटे बिजली देने का वादा किया था, जिसमें से वह मुश्किल 8 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। लाडली बहनाओं को ₹3000 देने की बात कही थी, जिसको एक साल बीत गया, अभी तक इसमें से आधी राशि भी हर महीने तक नहीं मिल रही है। बमुश्किल 1250 ही दे रही है। अब सुना है कि सरकार इसके भार नहीं झेल पा रही है, इसलिए इसको बंद करने की दिशा में बयानबाजी शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि मोहन सरकार जनहित के मुद्दों पर फेल है। विपक्ष के विधायकों को बजट देने में भारी भेदभाव हो रहा है। आज महिलाओं पर अत्याचार बढ़ गए हैं। युवाओं को रोजगार नहीं है। महगाई आसमान छू रही है। प्रशासन बेलगाम हो गया है। पटवारी बिना पैसे के कोई काम नहीं कर रहा है। ऐसे अनेक मुद्दे हैं, जिनकी सरकार अनदेखी कर रही है। recent visitors 94

कांग्रेस एमएलए वाल्मीकि ने विधायक निधि में पक्षपात करने पर सरकार पर बोला हमला

भोपाल। छिंदवाड़ा जिले के परासिया विधानसभा से विधायक सोहनलाल वाल्मीकि ने सरकार पर जमकर हमला बोला है। एमएलए वाल्मीकि ने कहा कि मोहन सरकार जनप्रतिनिधियों के साथ समान व्यवहार नहीं कर रही है। वह विपक्ष के विधायकों की लगातार उपेक्षा कर रही है जिसका खामियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ रहा है। हम सभी विपक्ष के विधायक राजनीतिक रूप से भले ही अलग-अलग पार्टियों में है, लेकिन हम सब क्षेत्र की जनता के लिए जवाबदेह होते है। मोहन सरकार ने सभी दलों के विधायकों को समान रूप बजट देने का बोला था, लेकिन उसमें जमकर पक्षपात हो रहा है। सरकार विधायकों की व्यक्तिगत रूप से भले ही मदद ना करें लेकिन जनता के कार्यों के लिए उसे सहयोग करना चाहिए। विधायक बाल्मीकि ने मोहन सरकार से आग्रह किया है कि विधानसभा का सत्र पूर्ण रूप से चले ताकि जनहित के मुद्दे विधानसभा पटल पर रखे जा सके। recent visitors 339

एमपी विधानसभा में चाय की केतली लेकर पहुंचे नेता प्रतिपक्ष, कांग्रेस विधायक ने शराब की बोतलों की माला पहनी

MP Congress Protest: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार के 1 साल पूरा होने के साथ ही विपक्ष ने आंदोलन के सिलसिले को बढ़ा दिया है. विधानसभा के शीतकालीन सत्र में बेरोजगारी की समस्या की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार चाय की केतली लेकर पहुंचे. इसके अलावा कांग्रेस के विधायक महेश परमार ने शराब घोटाले का आरोप लगाते हुए शराब की खाली बोतलों की माला पहनकर ध्यान अपनी और आकर्षित कराया. डॉ मोहन यादव सरकार को 1 साल पूरा होने के साथ ही सरकार जन कल्याण अभियान चलाते हुए प्रदेश भर में कई सौगात दे रही है. दूसरी तरफ कांग्रेस अपने विधायकों के साथ सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है. विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष ने बुधवार (18 दिसंबर) को कहा कि सरकार को युवाओं को नौकरी देना चाहिए. सदन का ध्यान आकर्षित करने के लिए विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने हाथ में चाय की केतली लेकर प्रदर्शन किया. उन्होंने कहा, ”जब युवाओं को रोजगार नहीं मिलेगा तो उनके पास चाय बेचने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा.” कांग्रेस विधायक महेश परमार शराब की खाली बोतल की माला पहन कर पहुंचे और उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शराब घोटाले को लेकर कड़ी कार्रवाई का संदेश देने की बात कही थी. मध्य प्रदेश में हजारों करोड़ों का शराब घोटाला हो चुका है. केंद्र सरकार को इस बारे में संज्ञान लेना चाहिए. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक जितेंद्र पंडिया ने कहा कि कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए कांग्रेस केवल सुर्खियां बटोरने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रही है. कांग्रेस के नेता मीडिया में चेहरा चमकाने के लिए नाटक कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ”मध्य प्रदेश की डॉक्टर मोहन यादव सरकार हर वर्ग के लिए काम कर रही है. सरकार मध्य प्रदेश के विकास की गति को तेजी प्रदान कर रही है. मध्य प्रदेश में रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध हो रहे हैं. कांग्रेस के पास आंदोलन करने के लिए कोई मुद्दा तक नहीं बचा है.” recent visitors 122

आंबेडकर वाले बयान को लेकर कांग्रेस ने मांगा अमित शाह का इस्तीफा; कहा- देश से मांगे माफी

नई दिल्ली ! केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मंगलवार को राज्यसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान डॉ. बीआर आंबेडकर को लेकर दिए बयान पर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने शाह पर डॉ. आंबेडकर का अपमान करने का गंभीर आरोप लगाया। साथ ही गृह मंत्री से इस्तीफा देने की मांग की। वहीं, इस मुद्दे के चलते आज संसद में भी हंगामा जारी रहा। दरअसल, संविधान पर चर्चा के दौरान राज्यसभा में अमित शाह ने कहा था कि ‘अभी एक फैशन हो गया है। आंबेडकर, आंबेडकर, आंबेडकर। इतना नाम अगर भगवान का लेते तो सात जन्मों तक स्वर्ग मिल जाता। आंबेडकर का नाम सौ बार लें, लेकिन आंबेडकर के बारे में कांग्रेस पार्टी का भाव क्या है, ये मैं बताता हूं।’ शाह ने कहा था, ‘डॉ. आंबेडकर ने देश की पहली कैबिनेट से इस्तीफा क्यों दे दिया था। उन्होंने अनुसूचित जनजातियों से व्यवहार, अनुच्छेद 370 और देश की विदेश नीति से नाराजगी के चलते इस्तीफा दे दिया था। इस पर बीसी रॉय ने पंडित नेहरू को चिट्ठी लिखी कि आंबेडकर और राजाजी मंत्रिमंडल छोड़ेंगे तो क्या होगा? इसके जवाब में पंडित नेहरू ने लिखा था कि राजाजी के जाने से कुछ असर पड़ेगा, लेकिन आंबेडकर के जाने से कुछ नहीं होगा।’ उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया था कि कांग्रेस के आंबेडकर के बारे में ये विचार रहे हैं। आज आंबेडकर को मानने वाले पर्याप्त संख्या में आ गए हैं इसलिए ये आंबेडकर-आंबेडकर कर रहे हैं। वोटबैंक के लिए कांग्रेस नेता आजकल आंबेडकर का नाम बार-बार लेते हैं। इसके अलावा, विपक्षी दल यह भी मांग कर रहा है कि शाह को सार्वजनिक रूप और संसद में अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगनी चाहिए। संसद के बाहर पत्रकारों से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, ‘हम आंबेडकर का अपमान करने के लिए गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग करते हैं; उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए।’ इसके अलावा, उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी कहा, ‘गृहमंत्री अमित शाह ने जो आज भरे सदन में बाबासाहेब का अपमान किया है, उससे ये फिर एक बार सिद्ध हो गया है कि भाजपा और आरएसएस तिरंगे के खिलाफ थे। उनके पुरखों ने अशोक चक्र का विरोध किया। संघ परिवार के लोग पहले दिन से भारत के संविधान के बजाय मनुस्मृति को लागू करना चाहते थे। मगर बाबासाहेब ने ये नहीं होने दिया, इसलिए उनके प्रति इतनी घृणा है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘मोदी सरकार के मंत्रीगण ये कान खोलकर समझ लें कि मेरे जैसे करोड़ों लोगों के लिए बाबा साहेब डॉ. आंबेडकर जी भगवान से कम नहीं हैं। वे दलितों, आदिवासियों, पिछड़े वर्ग, अल्पसंख्यक व गरीबों के मसीहा हैं और हमेशा रहेंगे।’ कांग्रेस सांसद नीरज डांगी ने भी शाह से माफी मांगने को कहा। उन्होंने कहा, ‘राज्यसभा में अमित शाह ने कहा कि बाबासाहेब आंबेडकर का नाम लेना फैशन बन गया है। यह देश के दलितों और बाबा साहेब का सीधा अपमान है।’ डांगी ने कहा, ‘शाह ने पूरे देश को दिखा दिया है कि भाजपा नेता किस तरह की सोच रखते हैं। वंचित और शोषित वर्ग जिसका अपमान किया गया है, यह वही वर्ग है जो उन्हें 240 से घटाकर 40 कर देगा। कांग्रेस पार्टी की ओर से, मैं मांग करता हूं कि अमित शाह को सार्वजनिक रूप से और सदन में माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने बाबासाहेब के बारे में जो कहा है, उस पर विचार करते हुए वह संवैधानिक पद पर बने रहने का अधिकार खो चुके हैं। उन्हें गृह मंत्री के पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।’ कांग्रेस ने मंगलवार को आरोप लगाया कि राज्यसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान शाह की टिप्पणी दर्शाती है कि भाजपा और आरएसएस नेताओं के मन में आंबेडकर के लिए ‘काफी नफरत’ है और इसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा था कि जो लोग मनुस्मृति में विश्वास करते हैं, वे निश्चित रूप से आंबेडकर के साथ मतभेद रखेंगे। जवाहरलाल नेहरू पर संविधान के पहले संशोधन के जरिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने का आरोप लगाने के लिए भाजपा पर पलटवार करते हुए कांग्रेस महासचिव (संचार प्रभारी) जयराम रमेश ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वे अपने पसंदीदा लक्ष्य पर लगातार हमला करने वाले मास्टर हैं। वह तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश करने में महारथी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, ‘अनुच्छेद 19(2), 15(4), और 31(b) को प्रथम संशोधन के माध्यम से 18 जून, 1951 को भारत के संविधान में जोड़ा गया था। एक प्रवर समिति ने विधेयक की जांच की थी और उसकी रिपोर्ट वेबसाइट पर उपलब्ध है। अपने डिसेंट नोट के पैरा 2 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने निम्न बातें लिखीं थी।’ उन्होंने कहा, ’19(2) में प्रतिबंध से पहले उचित शब्द का जुड़ना एक बहुत ही अच्छा बदलाव है। यह 19(2) को न्यायसंगत बनाता है और मैं देश में नागरिकों के स्वतंत्रता की रक्षा के लिए इस बदलाव के महत्व को कम नहीं करना चाहता। उचित शब्द वास्तव में, नेहरू ने खुद जोड़ा था। अनुच्छेद 19 (2) सरदार पटेल द्वारा 3 जून, 1950 को नेहरू को लिखे गए एक पत्र का अनुसरण करता है। अनुच्छेद 15(4) तब के मद्रास में चंपकम दोराईराजन मामले में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सार्वजनिक क्षेत्र के शिक्षण संस्थाओं में आरक्षण को खारिज किए जाने के बाद आया। अनुच्छेद 31(b) सुप्रीम कोर्ट द्वारा बिहार, यूपी और अन्य राज्यों में जमींदारी उन्मूलन कानूनों को रद्द करने के परिणामस्वरूप आया था।’ उन्होंने आगे कहा, ‘तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश करने वाले दोनों मास्टर डिस्टोरियन – प्रधानमंत्री और गृह मंत्री – पहले संशोधन की इस पृष्ठभूमि पर चुप रहे क्योंकि उन्हें अपने पसंदीदा लक्ष्य पर हमला करना था। लेकिन इस जोड़ी से सत्य और तथ्य पर पूरी तरह से कायम रहने की उम्मीद करना बेकार है।’ recent visitors 263