रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने हिन्दी दिवस पर की बड़ी घोषणा

Raipur: Chief Minister Shri Vishnu Dev Sai made a big announcement on Hindi Day.

Raipur: Chief Minister Shri Vishnu Dev Sai made a big announcement on Hindi Day. रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हिन्दी दिवस पर बड़ी घोषणा करते हुए राज्य के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में हिन्दी में भी पढ़ाई शुरू करने की बात कही है। मुख्यमंत्री ने राजधानी स्थित अपने निवास कार्यालय में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की उपस्थिति में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने यह निर्णय लिया है कि एमबीबीएस की पढ़ाई की व्यवस्था भी हम हिंदी में करेंगे। इस साल के प्रथम सत्र 2024-25 में एमबीबीएस की पढ़ाई की सुविधा हिंदी में भी उपलब्ध होगी। इसके लिए छात्र छात्राओं की संख्या अनुरूप आवश्यक पुस्तक उपलब्ध कराने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने हिंदी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हिंदी दिवस की सार्थकता इस बात में है कि हम शासन प्रशासन और शिक्षा के हर स्तर पर हिंदी को लागू करें, हिंदी को बढ़ावा दें। उन्होंने कहा हमें इस बात की खुशी है कि हमारे यशस्वी  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2022 को उत्तरप्रदेश के उन्नाव की रैली में हिंदी में चिकित्सा शिक्षा उपलब्ध कराने की मंशा जाहिर की थी, हम उसका क्रियान्वयन करने जा रहे हैं।   मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में राज्य में 10 शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय हैं। हिंदी में चिकित्सा शिक्षा उपलब्ध कराने का सबसे अधिक लाभ हमारे ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्रों को होगा जो अधिकतर हिंदी मीडियम से होते हैं जो प्रतिभाशाली होते हैं लेकिन अंग्रेजी की वजह से उन्हें चिकित्सा पाठ्यक्रम में कुछ दिक्कत आती है। अब यह दिक्कत दूर हो जाएगी। इससे चिकित्सा छात्र छात्राओं का आधार भी मजबूत होगा और अच्छे चिकित्सक तैयार करने में इससे अधिक मदद मिलेगी। मातृभाषा में शिक्षा दिए जाने का यह सबसे बड़ा लाभ यह होता है कि इससे विषय की बारीक समझ  बनती है। इसे हम छत्तीसगढ़ में हर स्तर पर कार्यान्वित करने के लिए कृत संकल्पित हैं। recent visitors 155

फ्री स्कीम से राज्य के ‘कपड़े’ उतारना ठीक नहीं : कैलाश विजयवर्गीय

It is not right to take off the 'clothes' of the state through free scheme: Kailash Vijayvargiya

It is not right to take off the ‘clothes’ of the state through free scheme: Kailash Vijayvargiya भोपाल ! कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विभिन्न राज्यों में चलाई जा रही मुफ्त की योजनाओं पर तंज कसा है। उन्होंने कहा है कि कुछ निर्णय होते हैं, जो लोकहित में नहीं होते, बावजूद इसके सिर्फ लोकप्रियता प्राप्त करने और चुनाव जीतने के लिए ले लिए जाते हैं। फिर भुगतना जनता को पड़ता है। यह ठीक नहीं है। सिर्फ कुर्सी प्राप्त करने के लिए इस प्रकार से किसी राज्य के ‘कपड़े’ उतार दें, यह नहीं होना चाहिए। विजयवर्गीय के इस बयान को पूर्व की शिवराज सरकार के समय शुरू हुई लाड़ली बहना योजना से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, विजयवर्गीय ने किसी योजना का नाम नहीं लिया है। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लाड़ली बहना योजना शुरू की थी। इसकी वजह से प्रदेश पर प्रतिमाह करीब 2600 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ रहा है। विजवयर्गीय ने कहा कि मुफ्त की योजनाओं पर सवाल खड़े करना चाहिए। सरकार को सचेत करना चाहिए कि आप ऐसी घोषणाएं नहीं कर सकते, क्योंकि इनमें हमारा पैसा लगा है। यह समाज और देश के लिए चिंता की बात है। recent visitors 166

प्रसिद्ध हनुमान मंदिर पहुंचे अरविंद केजरीवाल, बजरंग बली से सभी की भलाई का मांगा आशीर्वाद

Arvind Kejriwal reached the famous Hanuman temple

Arvind Kejriwal reached the famous Hanuman temple, sought blessings from Bajrang Bali for everyone’s well-being. नई दिल्ली ! आबकारी नीति मामले में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के एक दिन बाद यानी शनिवार को मुख्यमंत्री और AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) पत्नी सुनीता केजरीवाल के साथ कनॉट प्लेस स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिर पहुंचे. इस दौरान उनके साथ दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री और AAP नेता मनीष सिसोदिया, आप सांसद संजय सिंह व अन्य लोग मौजूद थे. हनुमान मंदिर में उन्होंने पूजा अर्चना की और सभी की भलाई के लिए बजरंग बली से आशीर्वाद मांगा. शुक्रवार को दिल्ली के सीएम को जमानत मिलने के बाद आप नेता मनीष सिसोदिया, आप सांसद राघव चड्ढा, सांसद संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज व अन्य नेताओं ने बीजेपी पर जोरदार हमला बोला था. पार्टी के नेताओं ने कहा था कि वह जेल से बाहर आने के बाद हरियाणा में पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में चुनाव प्रचार करेंगे. अब हरियाणा के मतदाता बीजेपी को उसके पाप की सजा विधानसभा चुनाव देंगे. बीजेपी के साजिश कामयाब नहीं होंगे बता दें कि 21 मार्च को दिल्ली आबकारी नीति मामले में ईडी ने सीएम अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार किया था. ईडी का सीएम पर आरोप है कि उन्होंने कथित शराब घोटाले में मुख्य भूमिका निभाई. इसके उलट आम आमदी पार्टी का आरोप है कि बीजेपी और केंद्र सरकार अरविंद केजरीवाल की लोकप्रियता से डरती है. यही वजह है कि आम आमदी पार्टी और उसके नेताओं को जांच एजेंसियों के जरिए फर्जी केस फंसाकर जेल भेजा गया. ताकि पार्टी की छवि खराब हो सके, लेकिन आम आमदी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता बीजेपी वालों के साजिश को कामयाब नहीं होने देंगे. recent visitors 236

खुली पहली ‘प्रभारी मंत्री की खिड़की’, अब आमजन आसानी से कर सकेंगे शिकायत

First 'Incharge Minister's Window' opened, now common people will be able to complain easily

First ‘Incharge Minister’s Window’ opened, now common people will be able to complain easily रतलाम ! प्रदेश में जनता की समस्या सुनने और उसका समाधान करने के लिए सीएम हेल्पलाइन और जनसुनवाई जैसी योजनाएं चल रही थी. वहीं अब ‘प्रभारी मंत्री की खिड़की’ भी इसी प्रकार की समस्याओं को हल करने के लिए खोली जा रही है. प्रदेश के रतलाम में सबसे पहले प्रभारी मंत्री की खिड़की खुली है. रतलाम कलेक्टर राजेश बाथम ने बताया कि जिले के प्रभारी मंत्री विजय शाह ने निर्देश दिए थे कि जिले में एक ऐसी जन शिकायत, जन समस्या निवारण संबंधी खिड़की होनी चाहिए, जिसमें आम लोगों की शिकायतों का समाधान हो सके. इसी को देखते हुए ‘प्रभारी मंत्री की खिड़की’ नाम से जन शिकायत के समाधान के लिए यह व्यवस्था शुरू की गई है. यह समस्या निवारण केंद्र प्रतिदिन सुबह 11:00 से शाम 5:00 बजे तक चालू रहेगा. कलेक्टर राजेश बाथम के मुताबिक, प्रभारी मंत्री की खिड़की नाम से जो शिकायत निवारण केंद्र शुरू किया गया है, उसमें सभी विभागों से जुड़ी समस्या या शिकायत आम लोग कर सकते हैं. कलेक्टर ने बताया कि शुक्रवार से यह व्यवस्था शुरू कर दी गई है. इसमें शिकायतें भी आना शुरू हो गई है. जानकारी के मुताबिक, कलेक्टर कार्यालय में प्रतिदिन लोगों के आवेदन को स्कैन कर प्रभारी मंत्री को ईमेल किया जाएगा. वहीं संबंधित विभाग को भी कार्रवाई के लिए आवेदन की प्रति भेजी जाएगी. प्रभारी मंत्री की खिड़की खुलने के बाद आवेदन आने का सिलसिला भी शुरू हो चुका है. शुक्रवार दोपहर तक पांच आवेदन इस विंडो पर आ चुके हैं. इस तरह की और भी कई योजनाएंजन समस्या का निवारण करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने कई योजनाएं चला रखी है. इसके तहत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और प्रति मंगलवार होने वाली जनसुनवाई प्रमुख रूप से शामिल है. इसके अलावा आमतौर पर प्रतिदिन ही प्रशासनिक और पुलिस विभाग के कार्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा आम लोगों की समस्याओं का निवारण किया जाता है. recent visitors 205

इंदौर के उपचुनाव में जीती भाजपा, चार हजार वोट से कांग्रेस प्रत्याशी को हराया

BJP wins Indore by-election, defeats Congress candidate by four thousand votes

BJP wins Indore by-election, defeats Congress candidate by four thousand votes इंदौर नगर निगम के वार्ड 83 के उप चुनाव में भाजपा प्रत्याशी की जीत हो गई है। भाजपा के जीतू राठौर को 6490 और कांग्रेस के उम्मीदवार विकास जोशी को 2235 वोट मिले हैं। भाजपा उम्मीदवार 4255 वोटों से चुनाव जीत गए हैं। उप जिला निर्वाचन अधिकारी राजेंद्र रघुवंशी ने बताया कि मतगणना के लिए 15 टीमें बनाई थी। 11 टेबलों पर गणना हुई और 4 टीमें रिजर्व में थीं। शुक्रवार को नेहरू स्टेडियम में मतगणना सुबह 9 बजे शुरू हुई। मतदाताओं ने रुचि नहीं दिखाईपार्षद कमल लड्ढा के निधन के बाद यहां उपचुनाव हुए हैं। बुधवार को वोटिंग हुई थी। भाजपा से जीतू राठौर, कांग्रेस विकास जोशी सहित 6 उम्मीदवारों मैदान में थे। इस उप चुनाव में खास बात यह रही की भाजपा का गढ़ कहे जाने वाले इस वार्ड में मतदाताओं ने चुनाव में ज्यादा रुचि नहीं दिखाई। इस वार्ड में 11 सितंबर को 41.32 प्रतिशत ही मतदान हुआ। जो पिछली बार से कम है। 21 हजार 700 मतदाताओं में से महज 8900 वोटर्स ने ही वोट डाले। कमल लड्ढा 8 हजार वोट से जीते थेइंदौर नगर निगम चुनाव में कमल लड्ढा की जीत सबसे बड़ी जीत थी। बता दें कि इस वार्ड में अब लड्ढा के निधन के बाद यहां उपचुनाव हुआ है। 2022 में हुए चुनाव में इस वार्ड से बीजेपी के कमल लड्ढा की जीत 8803 वोट से हुई थी। कमल लड्ढा को उस समय 11 हजार 280 वोट मिले थे। वहीं उनके प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के आशीष लाहोटी को 2 हजार 477 वोट मिले थे। वहीं वार्ड 83 के बाद सबसे बड़ी जीत वार्ड 81 में बीजेपी के अभिषेक बबलू शर्मा की हुई थी। शर्मा 8 हजार 696 वोट से जीते थे। recent visitors 165

शराब घोटाले मामले में अरविंद केजरीवाल को राहत, सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत

Arvind Kejriwal gets relief in liquor scam case, gets bail from Supreme Court

Arvind Kejriwal gets relief in liquor scam case, gets bail from Supreme Court दिल्ली ! सुप्रीम कोर्ट आबकारी नीति घोटाले मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की दो याचिकाओं पर आज यानी शुक्रवार को फैसला सुनाया। पहली याचिका पर कोर्ट ने सीबीआई की गिरफ्तारी को वैध माना। वहीं, दूसरी याचिका पर फैसला सुनाते हुए र्ब्ट ने केजरीवाल को जमानत दे दी। दरअसल, केजरीवाल ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से दर्ज भ्रष्टाचार के मामले में अपनी गिरफ्तारी और जमानत से दिल्ली हाईकोर्ट के इनकार को चुनौती देते हुए दो अलग-अलग याचिकाएं दायर की थीं। न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने दोनों याचिकाओं पर फैसला सुनाया। पीठ में न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइंया भी शामिल हैं। पीठ ने पांच सितंबर को केजरीवाल की याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। सीबीआई ने इस मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख को 26 जून को गिरफ्तार किया था। recent visitors 275

पुरानी शैली बदलें, पूरी संवेदनशीलता के साथ जनता की समस्याओं का निराकरण करें – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

solve the problems of the public with full sensitivity - Chief Minister Vishnu Dev Sai

Change the old style, solve the problems of the public with full sensitivity – Chief Minister Vishnu Dev Sai रायपुर। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में दो दिवसीय कलेक्टर कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित करते हुए कहा कि बीते 9 महीने में यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की गारंटी के अनुरूप प्रदेश को संवारने की दिशा में प्रयास किया गया है, किन्तु विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करने के लिए हम सबको और अधिक कठिन परिश्रम करना होगा। उन्होंने कलेक्टरों से कहा कि शासन की योजनाएं पूरी पारदर्शिता के साथ क्रियान्वित की जाए और इसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी फ्लैगशिप योजनाओं में सैचुरेशन के लक्ष्य को ध्यान में रखकर कार्य करें। उन्होंने कुछ जिलों में आम जनता और स्कूली छात्रों से शासकीय अधिकारियों द्वारा किए गए दुर्व्यवहार पर सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अधिकारी पूरी संवेदनशीलता और सहृदयता के साथ आम जनता की समस्याओं को सुने और उसका यथासंभव शीघ्र निराकरण करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों-कर्मचारियों की भाषा-शैली मर्यादित होनी चाहिए। उन्होंने कलेक्टरों को जनसामान्य से संयमित लहजे में बातचीत करने की हिदायत दी और कहा कि यदि आपके अधीनस्थ अधिकारी भाषा संयम न रखें, तो उन पर तत्काल सख्त कार्यवाही करें।  मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों से कहा कि स्थानीय स्तर की समस्याएं वहीं निपटे, छोटी-छोटी समस्याओं को लेकर लोगों को राजधानी न आना पड़े। इस बात का ध्यान जिला प्रशासन को रखना चाहिए। जनप्रतिनिधियों द्वारा ध्यान में लाई गई जन समस्याओं के त्वरित निदान के लिए प्रभावी कदम उठाएं जाएं। मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान साफ तौर पर कहा कि इस विभाग का आम लोगों और किसानों से ज्यादा वास्ता है। राजस्व के प्रकरणों का निराकरण बिना किसी लेट-लतीफी के किए जाने से शासन-प्रशासन की छबि बेहतर होती है। उन्होंने अधिकारियों को जनसामान्य की भूमि संबंधी छोटी-छोटी त्रुटियों एवं समस्याओं का निदान पूरी संवेदनशीलता के साथ समय-सीमा में करने के निर्देश दिए।   मुख्यमंत्री ने सारंगढ़-बिलाईगढ़, बस्तर, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में राजस्व मामलों के निराकरण की धीमी गति पर अप्रसन्नता जताई। उन्होंने जिलेवार कलेक्टरों से अविवादित और विवादित नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, त्रुटि सुधार, डायवर्सन, असर्वेक्षित ग्रामों की जानकारी, नक्शा बटांकन की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण में ऐसे जिले जिनकी प्रगति 70 प्रतिशत से कम है, उन्हें इस मामले में ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। विवादित बटवारा के प्रकरण 6 माह से ज्यादा लंबित न हो। सीमांकन के प्रकरणों को भी तेजी से निराकृत किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने सभी कमिश्नरों को अधीनस्थ जिलों का नियमित दौरा कर राजस्व प्रकरणों के निराकरण की स्थिति की समीक्षा करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य को प्रधानमंत्री ने अभी पीएम आवास के अंतर्गत 8 लाख 46 हजार 931 आवासों को स्वीकृति दी है। पूर्ववर्ती सरकार के दौरान पीएम आवास का काम काफी पिछड़ गया था। हमें तेजी से इस पर काम करना है। यह सर्वाेच्च प्राथमिकता का कार्य है। इसके साथ ही हमने चिन्हांकित किये गये लगभग 47 हजार आवासहीन परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास देने का निर्णय भी लिया है। इस पर भी जुट कर काम करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में स्वच्छता सर्वे अभी चल रहा है। छत्तीसगढ़ के गांव और ग्राम पंचायतें स्वच्छता सर्वे को सभी मानदंडों को पूरा करती हों, इस पर विशेष रूप से ध्यान देने की जरूरत हैं। मनरेगा रोजगार सृजन का सबसे अच्छा माध्यम है। इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में उपयोगी अधोसंरचनाएं तैयार करें। मनरेगा में भुगतान संबंधी दिक्कतों का समाधान करें। मुख्यमंत्री ने मनरेगा के तहत मानव दिवस सृजन कम होने पर बस्तर कलेक्टर पर नाराजगी जतायी। उन्होंने कलेक्टरों को ग्रामीण क्षेत्रों में स्वसहायता समूहों को बढ़ावा देने के साथ ही ट्रेनिंग, बैंक लिंकेज आदि की व्यवस्था पर विशेष रूप से ध्यान देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने पंचायतों का व्यापक निरीक्षण करने, वहां की समस्याओं को हल करने के निर्देश दिए। अमृत सरोवर योजना को जन अभियान का स्वरूप देने, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवासों का तेजी से निर्माण कराए जाने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि यह हमारी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता वाली योजना है। 15 सितम्बर को प्रधानमंत्री जी द्वारा पहली किश्त जारी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बैठक में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल विकास योजना के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा की और खैरागढ़, सारंगढ़, सक्ती, रायगढ़ जिलों की शून्य प्रगति पर नाराजगी जताई और कहा कि यह स्थिति ठीक नहीं है।   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की समीक्षा के दौरान गरियाबंद जिले के सूपेबेड़ा में किडनी की बीमारी की रोकथाम के लिए प्रभावी उपाय करने और आवश्यकतानुसार दिल्ली से विशेषज्ञ बुलाकर सेवाएं लेने की बात कही। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम का सभी जिलों में संचालन तथा रोगियों को लाभ सुनिश्चित करने, आगामी 6 माह में शत प्रतिशत आयुष्मान पंजीयन करने, पीएम जनऔषधि केंद्रों का संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने टीबी उन्मूलन के तहत किये जा रहे कार्यों की भी जानकारी ली। टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में रायपुर और बिलासपुर जिले में बेहतर स्थिति की सराहना की। उन्होंने अन्य जिलों को भी टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए सरस्वती सायकल योजना के वितरण में कुछ जिलों में हुई लेट-लतीफी को लेकर अप्रसन्नता जताई। उन्होंने कलेक्टरों को स्पष्ट तौर पर कहा कि सायकल का वितरण शिक्षा सत्र शुरू होते ही सुनिश्चित किया जाना चाहिए। सुकमा एवं बलरामपुर जिले में साइकिल वितरण अब तक न होने पर की स्थिति को देखते हुए कहा कि इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने आदिम जाति विकास विभाग की समीक्षा के दौरान हितग्राहियों को प्रधानमंत्री जन मन योजना का शत-प्रतिशत लाभ दिलाने पर जोर दिया। उन्होंने कबीरधाम जिले में वन अधिकार पट्टा के कार्य में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया और जिन जिलों में डिजिटलाइजेशन का कार्य 80 प्रतिशत से कम है, वहां तेजी से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने आश्रम एवं छात्रावासों की व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने पर विशेष ध्यान देने को कहा और कलेक्टरों को स्वयं निरीक्षण करने के … Read more