जनता जमीन पर परेशान, ₹350 करोड़ के जेट के बाद ₹225 करोड़ का हेलीकॉप्टर खरीदी पर ! उमंग सिंघार ने मोहन सरकार को घेरा

Public struggling on the ground while a ₹225 crore helicopter is purchased following a ₹350 crore jet! Umang Singhar targets the Mohan government. भोपाल। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री के लिए नए वीवीआईपी विमान और हेलीकॉप्टर की खरीद को लेकर राजनीति तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि प्रदेश में आम जनता स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं की समस्याओं से जूझ रही है, जबकि सरकार वीवीआईपी हवाई सुविधाओं पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। उमंग सिंघार ने कहा कि पहले करीब ₹350 करोड़ के लग्जरी जेट की खरीद को लेकर सवाल उठे और अब करीब ₹225 करोड़ के वीवीआईपी हेलीकॉप्टर को लेकर सरकार निशाने पर है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक मध्यप्रदेश सरकार का नया बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 विमान 2026 में बेड़े में शामिल होने की प्रक्रिया में है, जबकि एयरबस H160 हेलीकॉप्टर को 2027 तक बेड़े में शामिल किए जाने की जानकारी सामने आई है। सिंघार का आरोप है कि एक तरफ प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं और आपातकालीन सेवाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री के हवाई दौरों और वीवीआईपी सुविधाओं पर भारी खर्च किया जा रहा है। उन्होंने जहरीली शराब से हुई मौतों और स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाया है। सितंबर में जहरीली शराब से मौतों के बाद सिंघार प्रभावित परिवारों से भी मिले थे। हेलीपैड को लेकर भी सरकार पर सवाल हवाई सुविधाओं के विस्तार को लेकर सरकार की योजनाओं पर भी विपक्ष सवाल उठा रहा है। हाल में कैबिनेट ने 140 विधानसभा क्षेत्रों में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित करने की योजना को मंजूरी दी है, जिनमें हेलीपैड का प्रावधान बताया गया है। योजना के लिए ₹962.50 करोड़ के बजट को मंजूरी दिए जाने की रिपोर्ट है। सरकार की ओर से हेलीपैड को जरूरत पड़ने पर एयर एंबुलेंस और हवाई संपर्क के लिए उपयोगी बताया गया है। उमंग सिंघार ने सवाल उठाया कि जब प्रदेश के अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन जैसी जरूरतें मौजूद हैं, तो सरकार की प्राथमिकता वीवीआईपी हवाई सुविधाओं पर इतनी बड़ी राशि खर्च करना क्यों है। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा कि क्या जनता की बुनियादी जरूरतों से ज्यादा जरूरी वीवीआईपी सुविधाओं पर करोड़ों रुपये खर्च करना है? हालांकि, विमान और हेलीकॉप्टर की खरीद सरकार की ओर से विमानन बेड़े के आधुनिकीकरण और सरकारी यात्राओं की जरूरतों से जुड़ी बताई गई है। इसलिए इसे लेकर विपक्ष के खर्च और प्राथमिकताओं संबंधी आरोपों को सरकार के पक्ष के साथ देखा जाना जरूरी है। recent visitors 38

जनता को गुमराह करने आए थे राहुल! मोहन यादव ने स्कूल एजुकेशन का बजट बताकर कसा तंज

Rahul Gandhi came to mislead the public! Mohan Yadav took a dig at him by revealing the school education budget. भोपाल। इंदौर में राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम को लेकर मध्य प्रदेश में सियासत गरमा गई है. उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में एबीवीपी की जीत को लेकर कांग्रेस पर पलटवार किया. सीएम मोहन यादव ने ABVP को जीत पर बधाई देते हुए इसे ‘झूठ की गूंज’ का जवाब बताया. वहीं उन्होंने मध्य प्रदेश में ड्रॉप आउट स्टूडेंट्स और शिक्षा को लेकर भी आंकड़े सामने रखे. राहुल गांधी में सीरियसनेस की कमी मोहन यादव ने कहा कि, ”इंदौर में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक ऐसा इवेंट किया जो असल में झूठ फैलाने की कोशिश थी. अपनी आदत के मुताबिक उन्होंने इस विषय को लेकर अपनी सीरियसनेस की कमी दिखाई. वे बिना तैयारी के आए और बच्चों और युवाओं से बात की, जबकि उनके साथ एक असली सवाल-जवाब का सेशन होना चाहिए था. कांग्रेस सिर्फ जनता को गुमराह करने के एजेंडे को आगे बढ़ा रही है, यह बहुत निराशाजनक है.” मध्य प्रदेश ने ज़ीरो-ड्रॉपआउट रेट उन्होंने कहा कि, मध्य प्रदेश ने ज़ीरो-ड्रॉपआउट रेट हासिल किया है, यह एक रिकॉर्ड है जिसे कांग्रेस और उसके साथियों को मानना चाहिए. कांग्रेस के राज में 2002-03 तक ड्रॉपआउट रेट 16% था. 1956 और 2002-03 के बीच ज़्यादातर समय कांग्रेस सत्ता में थी, फिर भी ड्रॉपआउट के आंकड़े उस विरासत को दिखाते हैं. उस समय स्कूल एजुकेशन का बजट लगभग 16% था. 2002-03 तक यह 2,000 करोड़ रुपए था, जबकि आज यह 38,658 करोड़ रुपए है. यह बच्चों और उनकी शिक्षा के मैनेजमेंट के प्रति हमारे गहरे कमिटमेंट को दिखाता है.” कांग्रेस ने छात्रों को कभी स्कूटी-लेपटॉप नहीं दिया मोहन यादव ने सवाल किया कि, ”कांग्रेस जवाब दे क्या उन्होंने अपने समय में कभी स्टूडेंट्स को यूनिफॉर्म दी? क्या उन्होंने कभी आने-जाने के लिए साइकिल दी? क्या उन्होंने कभी टॉप करने वाले स्टूडेंट्स को स्कूटर या लैपटॉप दिए? कांग्रेस ने स्टूडेंट्स और युवाओं को बढ़ावा देने या सपोर्ट करने के लिए कभी ऐसी कोई स्कीम लागू नहीं की.” उन्होंने कहा, ”जंतर मंतर पर युवाओं की आड़ में मायाजाल को फैलाने का काम करने का जवाब दिल्ली के युवाओं ने विद्यार्थी परिषद की जीत में दिया है. विजयवर्गीय बोले- राहुल गांधी फैला रहे ‘झूठ की गूंज’ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विश्राम भवन पर प्रेस वार्ता आयोजित कर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि, ”राहुल गांधी ने इंदौर में ‘झूठ की गूंज’ फैलाने की कोशिश की है. इसके पहले दिल्ली और पंजाब भी गए थे. एक कहावत है ‘जहां जहां पैर पड़े संतन के वहां बंटा ढाल’. पंजाब में गए तो पंजाब में यूनिवर्सिटी के चुनाव में कांग्रेस का सफाया हो गया. फिर दिल्ली आए दिल्ली में झूठ की गूंज का बड़ा दावा किया था. 7 से 8 लाख रजिस्ट्रेशन हो गए और वहां पर उन्होंने बडी युवा शक्ति की सभा ली. दिल्ली विश्वविद्यालय के चुनाव के परिणाम आए हैं. सूपड़ा साफ हो गया, NSUI का एक भी सीट नही मिली है.” देश के युवाओं ने कांग्रेस को नकारा कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, ”दिल्ली विश्वविद्यालय के चुनाव दिल्ली के नहीं होते बल्कि पूरे देश के विद्यार्थीयों के होते हैं. पूरे देश के छात्र वहां पढ़ते हैं. दिल्ली के चुनाव का परिणाम मूड ऑफ कंट्री है, मतलब देश के युवा शक्ति का मूड क्या है इस चुनाव परिणाम से साफ दिखाई देता है. इसलिए यह झूठ की गूंज के माध्यम से युवाओं को भड़काने का काम कांग्रेस पार्टी और वामपंथी कर रहे हैं. देश की युवा शक्ति ने उनको नकार दिया है और सिर्फ दिल्ली में नहीं मैं फिर इसको रिपीट कर रहा हूं. पंजाब में भी नकार, राजस्थान में नकार, राजस्थान की लोकल बॉडीज के चुनाव में नकार और इसलिए अब यह झूठ की गूंज ज्यादा चलने वाली नहीं है.” ’12 हजार क्षमता का था पंडाल, दावा लाख लोगों का’ कैलाश विजयवर्गीय ने लाखों की भीड़ के दावे और मंच की क्षमता पर Gen z को लेकर कहा, ”उस पंडाल का साइज आप पता लगाएंगे तो उस पंडाल में 12 हज़ार की संख्या आ सकती और उनका दावा था 1 लाख लोगों का. शहडोल, सतना सब दूर से आए तब जाकर इतनी भीड़ हुई.” उन्होंने कहा, ”मध्य प्रदेश की युवा शक्ति सिर्फ मोदी जी के साथ है. दिल्ली ने भी बता दिया है आने वाले समय में मध्य प्रदेश भी बताएगा.” recent visitors 27

इंदौर में राहुल गांधी के विरोध में लगे ‘झूठ की गूंज’ के पोस्टर, कांग्रेस नेताओं ने इसे भाजपा की साजिश बताकर हटाए

Posters titled ‘Echo of Lies’ targeting Rahul Gandhi appeared in Indore; Congress leaders removed them, alleging a BJP conspiracy. इंदौर। इंदौर में आज राहुल गांधी का कार्यक्रम छात्रों की गूंज होने वाला है। इसमें वे विद्यार्थियों के साथ संवाद करने शहर आने वाले हैं। राहुल गांधी के विरोध में शहर के कई मुख्य रास्तों पर होर्डिंग पर बैनर लगे हैं। इनमें लिखा है- झूठ की गूंज पर होगी सत्य की विजय। सभी पर एक क्यूआर कोड दिया गया है, जिसमें राहुल की पिछली चार रैलियों में किए गए चालीस दावों की जांच कर उन्हें झूठ बताया गया है। क्यूआर कोड को स्कैन करने पर www,jhoothkigoonj.com वेबसाइट खुलती है, इसमें राहुल गांधी की कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में की गई रैली में किए गए दावों और उनकी सत्यता पर सवाल उठाए गए हैं। सभी रैलियों में किए गए उनके दावों में से कुछ को झूठ और कुछ को गुमराह करने वाला बताया गया है। रातों रात तमाम बिल बोर्ड पर झूठ की गूंज पोस्टर लगने पर कांग्रेस नेताओ ने इसे भाजपा की साजिश बताया है। इससे शहर में राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। इसके बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह लगे इन पोस्टरो को हटाना शुरू कर दिया। कांग्रेस ने कहा- हमेशा झूठ बोलने वाली पार्टी ने लगाए झूठ की गूंज के पोस्टर शहर कांग्रेस के अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि लोकतंत्र में भाजपा ने निचला स्तर बना लिया है। हमेशा झूठ बोलने वाली पार्टी ने सारे शहर में झूठ की गूंज के पोस्टर लगा दिए हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर राजनीतिक दल को अपनी बात कहने और जनता के बीच जाने का अधिकार होता है। भाजपा के कारण देश के लोकतंत्र को खतरा है यह बात कांग्रेस हमेशा कहती रही है। भाजपा अपने कार्यों से यह साबित करती रही है कि उसका लोकतंत्र में विश्वास नहीं है। यही कारण है कि आज इंदौर में होने जा रहे हैं छात्रों की गूंज कार्यक्रम को देखते हुए भाजपा ने शहर में कई जगह झूठ की गूंज के पोस्टर लगाए हैं। भाजपा के झूठ की शुरुआत तो अच्छे दिन लाने और हर व्यक्ति को 15 लाख रुपए उसके खाते में पहुंचाने के साथ हुई थी। ऐसे झूठ भाजपा की भोपाल से लेकर दिल्ली तक की सरकार लगातार बोल रही है। सरकार के इस झूठ को छात्र और युवा समझ गए हैं। अब वह अपनी आवाज उठा रहे हैं और कांग्रेस उनके साथ खड़ी हो रही है तो भाजपा परेशान हो रही है। चौकसे ने कहा कि पहले तो राहुल गांधी के कार्यक्रम के आयोजन में जितनी बाधाएं पैदा की जा सकती थी उतनी बाधाएं भाजपा सरकार ने जिला प्रशासन, नगर निगम, इंदौर विकास प्राधिकरण और इंदौर पुलिस के माध्यम से पैदा की है। जब उन सभी बाधाओं को पार करते हुए भी कांग्रेस अपना कार्यक्रम कर रही है तो आज झूठ फैलाने वाली पार्टी ने झूठ की गूंज के पोस्टर लगा दिए। पार्षद राजू भदौरिया ने उतारे पोस्टरकांग्रेस पार्षद राजू भदोरिया को आज सुबह इस तरह के पोस्टर लगने की जैसे ही जानकारी मिली वैसे ही वे मैदान में उतर गए और उन्होंने अपने साथियों के साथ जाकर अवैध रूप से लगाए गए इन पोस्टरों को उतारना शुरू कर दिया। उन्होंने सवाल किया है कि इंदौर नगर निगम के अधिकारी और उनकी टीम अब कहां है जब अवैध रूप से इस तरह के पोस्टर पूरे शहर में रातों-रात लगा दिए गए हैं। 169 स्त्रोतों से दावों की जांच की गईराहुल गांधी द्वारा अपनी रैलियों में किए गए दावों की जांच 169 स्त्रोतों के जरिए की गई। इसमें भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट सहित संसद और न्यूज वेबसाइट से जानकारी ली गई है। इसके साथ ही वेबसाइट पर यह भी कहा गया है कि राहुल गांधी द्वारा देश से जितने झूठ बोले गए हैं, उन सभी को उजागर करने में मदद करें। वेबसाइट पर लिखा है कि कोई दावा तब झूठा होता है जब रिकॉर्ड उसका पूरी तरह खंडन करता है। कोई दावा तब भ्रामक होता है जब किसी वास्तविक आंकड़े को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है, संदर्भ से अलग कर दिया जाता है या उसे किसी और रूप में प्रस्तुत किया जाता है। recent visitors 32

राहुल गांधी के छात्र संवाद से पहले नितिन नवीन का MP दौरा, तीन शहरों में कार्यक्रम

Nitin Naveen’s MP tour before Rahul Gandhi’s student dialogue, programs in three cities भोपाल । प्रदेश में इस माह दो बड़ी सियासी गतिविधियां होंगी। कांग्रेस सांसद और लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 19 सितंबर को इंदौर में प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से ठीक पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 17 सितंबर को इंदौर आएंगे। नितिन नवीन के 17 सितंबर को इंदौर, मंदसौर और उज्जैन में तीन प्रमुख कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नवीन का मप्र का यह पहला दौरा होगा। इधर, राहुल गांधी के कार्यक्रम से पहले भाजपा ने कहा है कि जेन-जी किसी व्यक्ति के हाथ का खिलौना न बनें। ‘जेन-जी’ की समस्याओं के हल के लिए वह तत्पर है और नयी पीढ़ी को कथित साजिशों के जाल में फंसकर किसी व्यक्ति के हाथ का खिलौना नहीं बनना चाहिए। उज्जैन में दीपोत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे नितिन नवीन प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार नितिन नवीन ग्रामीण आबादी को जमीन का मालिकाना हक देने वाली स्वामित्व योजना के तहत इंदौर में निश्शुल्क रजिस्ट्री वितरण की शुरूआत करेंगे। नवीन उज्जैन में दीपोत्सव कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन और सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर उज्जैन में 17 सितंबर को बड़ा दीपोत्सव कार्यक्रम होगा। क्षिप्रा नदी के घाटों और महाकाल लोक क्षेत्र में करीब 25 लाख दीप जलाए जाने की तैयारी है। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन का इस आयोजन में भी शामिल होने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसके अलावा नवीन का मंदसौर के गांधी सागर अभयारण्य में चीतों को छोड़ने का भी प्रस्तावित कार्यक्रम है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने बताया कि 17 सितंबर को भाजपा के नितिन नवीन का दौरा प्रस्तावित है, जल्द ही उनका दौरा फाइनल होगा, जिसकी सूचना दी जाएगी। उषा ठाकुर बोंली, विद्यार्थियों की मांगें सुनकर उनके समाधान के लिए पूरी भाजपा तत्पर लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का इंदौर में 19 सितंबर को ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसको लेकर पूर्व मंत्री व प्रदेश भाजपा प्रवक्ता उषा ठाकुर ने कहा कि इस विद्यार्थी संवाद अभियान के तहत राहुल गांधी भाजपा को प्रश्नपत्र लीक,महंगी शिक्षा, सरकारी भर्तियों में अनियमितताओं और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर घेरने का प्रयास कर रहे हैं। ‘जेन-जी’ (जेनरेशन जेड) से तात्पर्य उस पीढ़ी से है जिसका जन्म मुख्य रूप से वर्ष 1997 से 2012 के बीच हुआ है। उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले दिनों हुए छात्र आंदोलन का जिक्र करते हुए मीडिया से कहा,‘‘हमारे नेतृत्व ने बच्चों की बात सुनी। उनकी समस्याओं का जो समाधान ढूंढना है, हम वह अवश्य ढूंढेंगे। विद्यार्थियों की मांगें सुनकर उनके समाधान के लिए पूरी भाजपा तत्पर है।’’ recent visitors 33

अरब में चुनाव लड़ने चले जाते, भाई का नाम ही पप्पू है; राहुल गांधी पर सीएम मोहन यादव ने,,

You could have gone to Arab to contest elections, your brother’s name is Pappu; CM Mohan Yadav on Rahul Gandhi अगर मालवा । राज्य के सीएम मोहन यादव ने जनता को संबोधित करते हुए डबल इंजन सरकार के कामों को गिनाया। इसके साथ ही नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर जमकर निशाना भी साधा। मोहन यादव ने कहा- एक नेता आ रहे हैं, झूठ की गूंज लेकर। उन्होंने, उनकी मां ने, दादा जी ने सारे खानदान ने कभी देश का भला नहीं किया। इसके साथ ही राहुल गांधी को पप्पू कहकर तंज कसते हुए कहा- ये तो समुद्र में चुनाव लड़ने चले गए थे। राहुल गांधी के खानदान ने कभी देश का भला नहीं किया दरअसल, राहुल गांधी द्वारा झूठ की गूंज नामक कार्यक्रम किये जा रहे हैं। इसी सिलसिले में उनको एमपी आना है। इस पर राज्य के सीएम मोहन यादव ने आरोप लगाते हुए कहा- राहुल गांधी के खानदान ने कभी भी देश का भला नहीं किया है। लेकिन अब वो यहां आ रहे हैं जनता की बात करने के लिए। युवा की बात करने के लिए। राहुल गांधी अरब में चुनाव लड़ने चले जाते जनता अच्छे से जानती है। जवाहरलाल नेहरू, श्रीमती इंदिरा गांधी, राजीव गांधी… बाद के समय में भी दिल्ली से चुनाव क्यों नहीं लड़ते थे। क्योंकि जनता इन्हें अच्छे से जानती थी। इसलिए ये लोग रायबरेली, अमेठी से लड़ते थे। राहुल पर तंज कसते हुए कहा- अब तो ये सब भी छोड़कर वायनाड गए हैं, केरल। वो कहते हैं कि समुद्र आ गया, नहीं तो अरब में चुनाव लड़ने जाते। भाई का नाम ही पप्पू है… मोहन यादव का तंज ये लोग न्यायालय के ऊपर भी उंगली उठाते हैं। सेना के पराक्रम पर भी उंगली उठाते हैं। राहुल गांधी पर फिर से तंज कसते हुए कहा- कई टेक्नोलॉजी के मामले में भारत कैसे आगे बढ़ रहा है, लेकिन भाई है कि मानता ही नहीं है। ताली बजाते हुए कहा- भाई भी क्या करे, भाई का नाम ही पप्पू है। दबी मुस्कान में कहा- अब पप्पू है, तो पप्पू जैसा काम करेगा। झूठ की गूंज कार्यक्रम के लिए एमपी आने वाली बात पर सीएम ने कहा- हमारे राज्य में आ रहे हैं, हम स्वागत करते हैं। recent visitors 45

रीवा सांसद का कांग्रेस विधायक पर पलटवार, बोले- अभय मिश्रा यौन विकृतियों से पीड़ित, पॉकेटमारी से शुरू किया था बिजनेस 

Rewa MP hits back at Congress MLA, says Abhay Mishra suffers from sexual perversions, started his business by pickpocketing सांसद ने विधायक अभय मिश्रा को यौन विकृतियों से पीड़ित तक बता दिया। सांसद ने कहा कि बिना सिर-पैर इस तरह की बात कोई सामान्य मानसिकता वाला व्यक्ति सोच भी…और पढ़ें रीवा। संजय गांधी मेडिकल कॉलेज के मुर्दाघर में महिलाओं के शवों के साथ दुष्कर्म के सेमरिया विधानसभा से कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा के सनसनीखेज आरोप के बाद रीवा की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस विधायक के इस बयान पर अब रीवा के भाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा ने तीखा और बेहद निजी हमला बोला है। सांसद ने विधायक अभय मिश्रा को यौन विकृतियों से पीड़ित तक बता दिया। सांसद ने कहा कि बिना सिर-पैर इस तरह की बात कोई सामान्य मानसिकता वाला व्यक्ति सोच भी नहीं सकता। उन्होंने कहा कि संजय गांधी अस्पताल जैसे प्रतिष्ठित संस्थान पर बिना साक्ष्य के इस तरह का अनर्गल आरोप लगाना पूरे चिकित्सकीय स्टाफ का अपमान है और इससे रीवा की छवि खराब होती है। डिप्टी सीएम के पिता पर की गई टिप्पणी पर पलटवार इससे पहले कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल के पिता स्वर्गीय भैयालाल शुक्ल के व्यवसाय को लेकर टिप्पणी की थी। इस पर पलटवार करते हुए सांसद जनार्दन मिश्रा ने कहा कि स्वर्गीय भैयालाल शुक्ल यदि कोई व्यवसाय करते भी थे तो वह ईमानदारी का व्यवसाय था। इसी दौरान सांसद ने विधायक अभय मिश्रा के अतीत को लेकर भी बड़े आरोप लगाए। कहा कि विधायक अभय मिश्रा ने वाहनों की स्टपनी चोरी करके और स्टेट बैंक में पॉकेटमारी कर अपना कारोबार शुरू किया था। सांसद ने दावा किया कि एक समय कोतवाली में जिस तरह अपराधियों की फोटो स्लेट लेकर लगाई जाती थी, उसी तरह लंबे समय तक अभय मिश्रा की फोटो भी लगी रहती थी। अब यहां तक पहुंचे हैं, तो अशोभनीय बातें कर रहे हैं। recent visitors 37

मीनाक्षी नटराजन केस, रजनीश अग्रवाल का नहीं मिला पता, महेश केवट ने नोटिस लेने से किया मना

Meenakshi Natarajan case: Rajneesh Agarwal’s whereabouts unknown, Mahesh Kevat refuses to take notice विशेष संवाददाता जितेन्द्र श्रीवास्तव/अर्पिता श्रीवास्तव  जबलपुर। राज्यसभा सदस्य का नामांकन निरस्त किये जाने को चुनौती देते हुए कांग्रेस नेत्री मीनाक्षी नटराजन की तरफ से दायर याचिका पर शनिवार को सुनवाई हुई. इस मामले में हाईकोर्ट ने भाजपा के नवनिर्वाचित 3 राज्यसभा सांसद सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था. याचिका पर हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट जस्टिस बी पी शर्मा की एकलपीठ को बताया गया कि राज्यसभा सांसद रजनीश अग्रवाल का पता नहीं मिलने के कारण नोटिस सर्व नहीं हो पाया. इसके अलावा राज्यसभा सांसद महेश केवट ने नोटिस स्वीकार करने से इंकार कर दिया. रजनीश अग्रवाल का नहीं मिला पता, महेश केवट ने नोटिस लेने से किया मना हाईकोर्ट में याचिका की सुनवाई के दौरान एकलपीठ को बताया गया कि सांसद तरुण चुघ को भेजी गयी याचिका की कॉपी पढ़ने लायक नहीं है. सांसद रजनीश अग्रवाल का पता नहीं मिलने के कारण नोटिस सर्व नहीं हो पाया है. सांसद महेश केवट ने नोटिस स्वीकार करने से इंकार कर दिया. याचिकाकर्ता की तरफ से बताया गया कि सांसद रजनीश अग्रवाल के द्वारा चुनाव आयोग में दिये गये फार्म के पते पर नोटिस सर्व किया गया था. इसके अलावा केन्द्रीय चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त, रिटर्निंग अधिकारी, प्रमुख सचिव मध्य प्रदेश विधान सभा और मुख्य निर्वाचन अधिकारी राज्य चुनाव आयोग की तरफ से याचिका से उनका नाम विलोपित किये जाने की मांग करते हुए आवेदन पेश किया. हाईकोर्ट जस्टिस ने दिए आदेश हाईकोर्ट जस्टिस बी पी शर्मा की एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा, “सांसद तरुण चुघ को पिटिशन की कॉपी और दस्तावेज ई-मेल के माध्यम से भेजने के निर्देष याचिकाकर्ता के अधिवक्ता को दिये हैं. सांसद रजनीश अग्रवाल को आरएडी मोड (रजिस्टर्ड पावती सहित) से नोटिस भेजे जाएं. सांसद महेश केवट को भेजा गया नोटिस सर्व हुआ माना जाए और उन्हें जवाब दाखिल करने के लिए एक अवसर और प्रदान किया जाता है. नाम हटाने के लिए दायर आवेदन पर याचिकाकर्ता अपना जवाब पेश करें.” मीनाक्षी नटराजन ने हाईकोर्ट में क्यों दायर की है याचिका? कांग्रेस नेत्री मीनाक्षी नटराजन की तरफ से दायर की गई चुनाव याचिका में कहा गया था कि तेलंगाना की एक अदालत में महिला द्वारा दायर व्यक्तिगत परिवाद में उन्हें प्रतिवादी बनाया था. प्रतिवादी बनाए जाने के कारण न्यायालय ने उनके पक्ष के लिए उन्हें नोटिस जारी किया था. उनके खिलाफ कोई आपराधिक केस दर्ज या विचाराधीन नहीं था. उनके नामांकन पर आपत्ति प्रस्तुत किये जाने पर रिटर्निंग ऑफिसर ने नियमों के विपरीत जल्दबाजी में न्यायालय में लंबित प्रकरण की जानकारी छुपाने के आधार पर उनका नामांकन निरस्त कर दिया. उन्होंने सुनवाई के दौरान रिटर्निंग अधिकारी को बताया था कि परिवाद में उनके खिलाफ कोई आरोप नहीं है, सिर्फ औपचारिक तौर पर उन्हे अनावेदक बनाया गया है. रिटर्निंग ऑफिसर के द्वारा उनका नामांकन नियम विरुद्ध तरीके से निरस्त किया गया है. जिसके कारण यह याचिका दायर की गई है. याचिका में मध्य प्रदेश से निर्वाचित राज्यसभा सदस्य तरुण चुघ, रजनीश कुमार अग्रवाल, महेश केवट, केन्द्रीय चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त, रिटर्निंग अधिकारी, प्रमुख सचिव मध्य प्रदेश विधान सभा तथा मुख्य निर्वाचन अधिकारी राज्य चुनाव आयोग को अनावेदक बनाया गया है. recent visitors 36