कार्यकर्ताओं में जोश भरने पहुंचे जीतू पटवारी, संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की अपील

Jitu Patwari reached to energize the workers, appealed to strengthen the organization till the booth level. इंदौर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने देपालपुर विधानसभा के बेटमा ब्लॉक में आयोजित ‘ब्लॉक स्तरीय पंचायत समिति कार्यकर्ता सम्मेलन’ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ आगामी राजनीतिक कार्ययोजना और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने को लेकर विस्तृत चर्चा की। सम्मेलन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान पटवारी ने कार्यकर्ताओं से कहा कि आने वाले समय में संगठन को और ज्यादा सक्रिय और मजबूत बनाना जरूरी है, ताकि जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाया जा सके और पार्टी की नीतियों को घर-घर तक पहुंचाया जा सके। कार्यक्रम में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सत्यनारायण पटेल, इंदौर जिला (ग्रामीण) अध्यक्ष विपिन वानखेड़े, विधानसभा प्रभारी मनोज सिंह गौतम, किसान कांग्रेस जिला अध्यक्ष जीतू ठाकुर, मनीष पटेल सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी नेताओं ने संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावी रणनीति पर अपने विचार रखे। सम्मेलन के दौरान कार्यकर्ताओं में उत्साह दिखाई दिया और संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय करने के लिए विभिन्न सुझाव भी सामने आए। recent visitors 138

नगर पालिका में चली कुर्सी, भाजपा और कांग्रेस पार्षद में तीखी बहस, आगबबूला हुए जनप्रतिनिधि

Budget in Tikamgarh Municipality : A heated debate erupts between BJP and Congress councillors in the municipal council, leaving public representatives furious. टीकमगढ़ ! शुक्रवार को Budget in Tikamgarh Municipality बैठक आयोजित की गई, जिसमें भाजपा-कांग्रेस पार्षदों के बीच जमकर हंगामा हो गया. बैठक के दौरान भाजपा पार्षद ने उनके वार्ड में रूके कार्य को लेकर आपत्ति जताई, जिसको लेकर भाजपा पार्षद अजय यादव और कांग्रेस पार्षद अरविंद आमने-सामने आ गए. दोनों में देखते-देखते तीखी बहस शुरू हो गई और बात इतनी बढ़ गई कि गुस्से में भाजपा पार्षद ने कुर्सी उठाकर फेंक दी. भाजपा पार्षद ने कुर्सी उठाकर फेंकी कांग्रेस पार्षद और भाजपा पार्षद में बहस इतनी बढ़ गई कि भाजपा पार्षद ने गुस्से में आकर सभाकक्ष में रखी कुर्सी उठाकर फेंक दी, उपस्थित महिला और पुरुष सभी पार्षद यह सब देखकर दंग रह गए और मीटिंग में हड़कंप मच गया. हालांकि, वहां उपस्थित पार्षदों ने समझा बुझाकर मामले को शांत करने की कोशिश की. नगरपालिका में हंगामे के बीच बजट Budget in Tikamgarh Municipality ने वित्तीय वर्ष के लिए 2 अरब 50 करोड़ से अधिक का बजट पेश किया. सीएमओ द्वारा ये बजट पेश किया गया. इस दौरान जमकर हंगामा होता रहा लेकिन सर्वसम्मति से बजट पेश किय गया. शोर-शराबे के बीच नगरपालिका का वार्षिक बजट पेश किया गया. भ्रष्टाचार ने पकड़ी रफ्तार, जब से आए अब्दुल गफ्फार : अजय यादव नाली और सड़क निर्माण के टेंडर बजट में शामिल नहीं होने से वार्ड नंबर 18 से पार्षद अजय यादव उर्फ अज्जू गाढ़े का गुस्सा सातवें आसमान पर था. अज्जू गाढ़े ने नगरपालिका अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा, ” जिन कार्यों में इनको कमीशन मिलता है तो इनको भ्रष्टाचार नहीं दिखता और जिनमें इनको कमीशन ने मिले तो भ्रष्टाचार दिखाई देता है. अध्यक्ष को केवल अपने क्रेसर की डस्ट और गिट्टी बेचने से मतलब है. उन्होंने कहा, “भ्रष्टाचार ने पकड़ी रफ्तार, जब से आए अब्दुल गफ्फार.” मुझे भी है 5000 लोगों का नशा वहीं, कुर्सी फेंकने पर भाजपा पार्षद ने कहा, ” कुर्सी उठाना केवल मेरा गुस्सा नहीं बल्कि उन 5000 लोगों का गुस्सा है जो वार्ड में निवासरत हैं. उनकी जिम्मेदारी मेरे ऊपर है. यदि मेरे वार्ड का विकास नहीं होगा तो गुस्सा आना लाजमी है. वहीं, बैठक में कुर्सी फेंकने की घटना पर नगरपालिका सीएमओ ओमपाल सिंह भदौरिया ने कहा, ” ये अनुशासनहीनता है, नोटिस जारी किया जाएगा. recent visitors 85

आदिवासी विधायक को हटाना पूरे समाज का अपमान” — जीतू पटवारी का भाजपा पर बड़ा हमला

“Removing the tribal MLA is an insult to the entire society” – Jitu Patwari’s big attack on the BJP भोपाल। मध्यप्रदेश की सियासत में एक बार फिर आदिवासी मुद्दा गरमा गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा सरकार पर दलित और आदिवासी विरोधी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है। पटवारी ने कहा कि आज मध्यप्रदेश में दलित और आदिवासियों के खिलाफ पूरी भाजपा एकजुट होकर खड़ी दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता द्वारा चुने गए एक आदिवासी विधायक को पद से हटाने की कार्रवाई केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे आदिवासी समाज का अपमान है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता के फैसले का सम्मान होना चाहिए, लेकिन भाजपा सरकार सत्ता के अहंकार में आदिवासी समाज की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। पटवारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर चुप नहीं बैठेगी और आदिवासी समाज के सम्मान की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लड़ी जाएगी। पटवारी के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी टकराव और तेज होने के आसार हैं। recent visitors 86

कर्ज के पहाड़ तले मध्यप्रदेश! मोहन सरकार फिर ले रही 5800 करोड़ का नया कर्ज, कांग्रेस ने घेरा”

Madhya Pradesh under a mountain of debt! The Mohan government is taking on another 5,800 crore rupees in new loans, and Congress is attacking it. भोपाल। वित्तीय वर्ष के अंतिम चरण में मध्यप्रदेश सरकार एक बार फिर बड़ा कर्ज लेने जा रही है। प्रदेश सरकार भारतीय रिजर्व बैंक के माध्यम से तीन किस्तों में 5,800 करोड़ रुपये का कर्ज उठाने की तैयारी में है। इससे पहले होली से ठीक पहले सरकार 6,300 करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी है। लगातार लिए जा रहे कर्ज को लेकर अब सियासत भी तेज हो गई है और विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। वित्त विभाग के अधिकारियों के अनुसार 10 मार्च (मंगलवार) को सरकार तीन अलग-अलग किस्तों में यह कर्ज लेगी। इसमें 1,900 करोड़, 1,700 करोड़ और 2,200 करोड़ रुपये शामिल हैं। सरकार का कहना है कि यह राशि प्रदेश में विकास परियोजनाओं और आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिए ली जा रही है। खासतौर पर इस धनराशि का उपयोग पूंजीगत कार्यों और अधोसंरचना विकास में किया जाएगा। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अगर हाल ही में लिए गए कर्ज को भी जोड़ लिया जाए तो वित्तीय वर्ष 2025-26 में मध्यप्रदेश द्वारा लिए गए कुल कर्ज की राशि लगभग 85,000 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी। वहीं प्रदेश पर कुल कर्ज का बोझ बढ़कर करीब 5.66 लाख करोड़ रुपये के आसपास पहुंचने का अनुमान है। इधर इस मुद्दे को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार लगातार कर्ज लेकर मध्यप्रदेश को कर्ज के दलदल में धकेल रही है और आने वाली पीढ़ियों पर आर्थिक बोझ बढ़ा रही है। हालांकि सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि लिया जा रहा कर्ज राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन (FRBM) अधिनियम के दायरे में है और इसका उपयोग केवल विकास कार्यों के लिए किया जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा के बजट सत्र के दौरान कर्ज का यह मुद्दा सियासी बहस का बड़ा केंद्र बन सकता है, जहां विपक्ष सरकार की आर्थिक नीति पर सवाल उठाएगा। recent visitors 91

कांग्रेस MLA मुकेश मल्होत्रा की विधायकी रद्द, बीजेपी के रामनिवास रावत होंगे नए विधायक, हाईकोर्ट ने सुनाया फैसला

gwalior congress mla mukesh malhotra membership cancelled bjp ram niwas rawat to be the ग्वालियर। मध्य प्रदेश की विजयपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव ग्वालियर हाईकोर्ट ने शून्य (रद्द) घोषित कर दिया है। हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच के जस्टिस जीएस अहलूवालिया ने यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने निर्वाचन प्रक्रिया में गड़बड़ी और तथ्यों को छुपाने के आधार पर यह निर्णय लिया है। आपराधिक रिकॉर्ड छुपाने का आरोपमुकेश मल्होत्रा के खिलाफ यह याचिका भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी और पूर्व मंत्री रामनिवास रावत ने दायर की थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि मुकेश मल्होत्रा ने अपने चुनावी हलफनामे में अपने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी छुपाई थी। कोर्ट ने याचिका के तथ्यों को सही पाया और माना कि जानकारी छुपाना चुनाव नियमों का उल्लंघन है। रामनिवास रावत घोषित हुए विजयपुर के विधायकचुनाव शून्य घोषित करने के साथ ही हाईकोर्ट ने एक और महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। चुनाव के दौरान दूसरे नंबर पर रहने वाले भाजपा प्रत्याशी रामनिवास रावत को विजयपुर विधानसभा सीट से विधायक घोषित कर दिया गया है। इस फैसले के बाद अब विजयपुर सीट पर भाजपा का प्रतिनिधित्व हो गया है। recent visitors 95

ग्राम पारूआ में नवनिर्मित पंचायत भवन का लोकार्पण, विधायक जयवर्धन सिंह ने ग्रामीणों को किया समर्पित

Inauguration of the newly constructed Panchayat Bhawan in village Parua, MLA Jaivardhan Singh dedicated it to the villagers. राजगढ़। क्षेत्र के विकास को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ग्राम पारूआ में नवनिर्मित पंचायत भवन का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक Jaivardhan Singh ने भवन का उद्घाटन कर इसे ग्रामवासियों को समर्पित किया। लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा कि यह नया पंचायत भवन ग्राम पंचायत के प्रशासनिक कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके साथ ही ग्रामीणों को विभिन्न शासकीय योजनाओं और सेवाओं का लाभ लेने में भी सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास और जनसेवा के लिए वे निरंतर प्रतिबद्ध हैं तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना उनकी प्राथमिकता है। पंचायत भवन के निर्माण से स्थानीय प्रशासन को बेहतर कार्यस्थल मिलेगा और ग्रामवासियों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए एक व्यवस्थित मंच उपलब्ध होगा। https://www.facebook.com/share/p/18fJZEWWZ9 इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, पंचायत पदाधिकारी, स्थानीय गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। recent visitors 57

लाड़ली लक्ष्मी योजना पर कमलनाथ का बड़ा हमला: “1 लाख देने का वादा निकला जुमला”

Kamal Nath’s big attack on Ladli Laxmi Yojana: “The promise of giving Rs 1 lakh turned out to be a mere slogan” भोपाल। मध्यप्रदेश में लाड़ली लक्ष्मी योजना को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तिकरण के नाम पर भाजपा केवल पाखंड कर रही है और जमीनी हकीकत कुछ और ही है। कमलनाथ ने कहा कि वर्ष 2007 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के समय भाजपा सरकार ने बड़े प्रचार-प्रसार के साथ लाड़ली लक्ष्मी योजना शुरू की थी। उस समय यह दावा किया गया था कि योजना के तहत लाड़ली लक्ष्मी बेटियों को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी, लेकिन अब सामने आ रहे आंकड़े इस दावे की सच्चाई उजागर कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि योजना में पंजीकृत बेटियों में से केवल लगभग 20 प्रतिशत बच्चियों को ही एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिल पाएगी, जबकि बाकी बड़ी संख्या में बच्चियां विभिन्न नियमों और प्रक्रियाओं के कारण योजना से बाहर हो जाती हैं। कमलनाथ के अनुसार, आंकड़े बताते हैं कि कक्षा 6वीं में छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाली बालिकाओं की संख्या 13,67,897 है, लेकिन कक्षा 9वीं तक पहुंचते-पहुंचते यह संख्या घटकर 7,06,123 रह जाती है। यानी लगभग 48 प्रतिशत बेटियां हाईस्कूल तक पहुंचने से पहले ही सिस्टम से बाहर हो जाती हैं। इसी तरह कक्षा 11वीं में केवल 2,72,443 और कक्षा 12वीं में मात्र 1,56,378 बेटियां ही छात्रवृत्ति की पात्र बचती हैं। कमलनाथ ने कहा कि यह स्थिति साफ दिखाती है कि सरकार ने बेटियों को एक लाख रुपये देने के नाम पर सिर्फ़ हवाबाज़ी और प्रचार किया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने मांग की कि सरकार लाड़ली लक्ष्मी योजना के ऐसे नियमों में बदलाव करे जिनकी वजह से छात्राएं लाभ से वंचित हो रही हैं। साथ ही बेटियों का ड्रॉपआउट रेट कम करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और योजना में पंजीकृत सभी बेटियों को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता सुनिश्चित की जाए। recent visitors 68