बुधनी विधानसभा में कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का जनसंपर्क अभियान: राजकुमार पटेल के समर्थन में दो दिवसीय दौरा

Public relations campaign of Congress President Jitu Patwari in Budhni Assembly: Two-day visit in support of Rajkumar Patel मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी आज, 27 अक्टूबर, से बुधनी विधानसभा क्षेत्र में दो दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान वे कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमार पटेल के समर्थन में व्यापक जनसंपर्क करेंगे और मतदाताओं के साथ संवाद स्थापित करेंगे। पटवारी का यह दौरा 28 अक्टूबर तक चलेगा, जिसमें वे क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में जाकर कांग्रेस की नीतियों और आगामी चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति से लोगों को अवगत कराएंगे। दौरे का मुख्य उद्देश्यबुधनी विधानसभा क्षेत्र, जो प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखता है, में कांग्रेस इस बार मजबूत दावेदारी पेश कर रही है। जीतू पटवारी के इस दौरे का उद्देश्य स्थानीय मतदाताओं के बीच कांग्रेस के प्रत्याशी राजकुमार पटेल के प्रति समर्थन को बढ़ाना और जनता को कांग्रेस की योजनाओं से अवगत कराना है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, पटवारी इस दौरे में किसानों, युवाओं और महिलाओं के लिए पार्टी के एजेंडे पर विशेष रूप से जोर देंगे और क्षेत्र के विकास के लिए कांग्रेस की प्राथमिकताओं को सामने रखेंगे। मतदाताओं से संवाददौरे के दौरान जीतू पटवारी विभिन्न गांवों और कस्बों में जाकर जनसभाएं करेंगे, जहां वे सीधे तौर पर मतदाताओं से संवाद करेंगे। कांग्रेस का उद्देश्य जनता की समस्याओं को सुनना और उन्हें कांग्रेस की ओर से समाधान का भरोसा देना है। इस अवसर पर पटवारी स्थानीय मुद्दों जैसे कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर भी चर्चा करेंगे। कांग्रेस की रणनीतिबुधनी विधानसभा पर कांग्रेस की नजर लंबे समय से है, और जीतू पटवारी का यह दौरा इस ओर एक अहम कदम है। पार्टी ने इस बार राजकुमार पटेल को प्रत्याशी बनाया है, जिन्हें स्थानीय स्तर पर अच्छा जनसमर्थन हासिल है। जीतू पटवारी का समर्थन भी उन्हें मजबूती देने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी का लक्ष्य क्षेत्र के लोगों के सामने कांग्रेस के विकल्प को एक मजबूत विकल्प के रूप में पेश करना है। कांग्रेस समर्थकों में उत्साहदौरे की घोषणा के बाद से ही कांग्रेस समर्थकों और स्थानीय कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। पार्टी कार्यकर्ता जीतू पटवारी के नेतृत्व में बुधनी में नई ऊर्जा के साथ जुटे हुए हैं। कांग्रेस का मानना है कि इस तरह के जनसंपर्क अभियानों से मतदाताओं के साथ सीधा संवाद स्थापित होगा, जो चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कुल मिलाकर, जीतू पटवारी का यह दौरा कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है, क्योंकि इससे कांग्रेस को स्थानीय स्तर पर समर्थन बढ़ाने का अवसर मिलेगा। पटवारी के संवाद कार्यक्रम को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि कांग्रेस बुधनी में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराने के लिए प्रतिबद्ध है। recent visitors 168

बेटी भी अपनी, बेटा भी अपना: भेदभाव से बचे, संतुलित समाज की ओर बढ़ें,,,

Both your daughter and your son should avoid excesses. ✍️प्रमोद कुमार व्दिवेदी एड्वोकेट आजकल समाज में दिखावा ज्यादा ही चल रहा बेटीयों के लिए, ऐसे ऐसे विडियों डाले जाते है मानो बेटे नालायक ही होते हैं,बेटा होना गुनाह है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना चल रही अच्छा है,बेटी है तो कल है और अच्छा पर क्या बेटा होना,,,, अपराध है,सजा है। समाज की सोच सकारात्मक हो चली बेटी को बोझ अब नहीं समझा जाता,, पर क्या बेटे बोझ है,बेटे कल नहीं। हमे बेटे बेटी में भेदभाव नहीं करना चाहिए,बेटे को पिता को मारते बेटी को बचाते दिखा रहे,बेटी पिता का रास्ता देख रही,,, तो क्या बेटे नहीं देखते। समझने की आवश्यकता है कि यह विडियो, स्लोगन आदि बच्चों में क्या प्रभाव डाल रहे। Both your daughter and your son should avoid excesses. बेटी हमेशा पिता से ज्यादा लगाव रखती है,बेटा मां से और यह  स्थापित सच्चाई है। पुत्र मां को जन्म से लेकर मृत्यु तक मुंह पर रखता है नाम, दुनिया के सारे स्वाद स्वादिष्ट कहेगा पर कहेगा मेरी मां के हाथ से बने,,,,खाने का स्वाद ही अलग,,,वह दादा परदादा भी बन जाए अपनी मां के सामने बेटा ही, ठीक ऐसे ही पिता बेटी को दिल में रखता है, क्योंकि बेटी में उसे अपनी मां की छवि नजर आती है, बेटी भी ध्यान रखने में मां समान रखती है। पंरतु हमें समाजिक स्तर पर, पारिवारिक जीवन में, ध्यान रखना चाहिए और  बेटा बेटी एक समान,, परिवार की है शान।।।। जैसी सकारात्मक सोच रखे, बेटी भी पढे बेटा भी, बेटी भी शान बेटा भी शान ,,,मेरा परिवार महान,,,। कृपया बालमन को समझे,, अन्यथा हीनभावना से ग्रस्त अपने बच्चे को पाऐंगे। यह भी पड़े: https://mysecretnews.com/services-civil-conduct-act-are-retired-officers/ बेटा-बेटी दोनों परिवार की शान हैं। हमें चाहिए कि हम अपने बच्चों में आपसी समानता और सम्मान का भाव जगाएँ। सामाजिक और पारिवारिक स्तर पर यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि हमारे बच्चे किसी प्रकार की हीनभावना का शिकार न हों। हमारे लिए बेटा-बेटी एक समान हैं और यह सोच ही एक मजबूत और आत्मनिर्भर समाज की नींव रखेगी। “बेटी भी अपनी, बेटा भी अपनी शान। दोनों से है परिवार महान।” recent visitors 302

केंद्रीय मंत्री शिवराज, वीडी शर्मा और भूपेंद्र सिंह के खिलाफ MP-MLA कोर्ट में मानहानि का ट्रायल जारी रहेगा

Defamation trial against Union Minister Shivraj, VD Sharma and Bhupendra Singh will continue in MP-MLA court. मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, सांसद वीडी शर्मा और विधायक भूपेंद्र सिंह के खिलाफ मानहानि मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में जारी रहेगी। हाई कोर्ट ने तीनों नेताओं की याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने मामले को निरस्त करने की मांग की थी। जबलपुर : मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व वर्तमान केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, खजुराहो सांसद वीडी शर्मा और पूर्व मंत्री एवं वर्तमान विधायक भूपेंद्र सिंह के विरुद्ध एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में मानहानि की ट्रायल जारी रहेगी। हाई कोर्ट ने उक्त तीनों नेताओं द्वारा मानहानि प्रकरण को चुनौती देते हुए उसे निरस्त करने की मांग की थी।न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी की एकलपीठ ने उस मांग को अस्वीकार करते हुए तीनों की याचिका निरस्त कर दी। इस मामले में 21 सितंबर को सुनवाई पूरी होने के बाद हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जो शुक्रवार को बाहर आया। राज्यसभा सदस्य वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने विशेष कोर्ट ने उक्त तीनों नेताओं के विरुद्ध आपराधिक अवमानना व 10 करोड़ रुपये की मानहानि का प्रकरण दायर किया है। तन्खा ने आरोप लगाया कि उक्त भाजपा नेताओं ने उनके विरुद्ध प्रिंट और दृश्य मीडिया में अपमानजनक टिप्पणी करके और सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के समक्ष हुई कार्यवाही का दुष्प्रचार करके दंडनीय अपराध किया है। तन्खा की ओर से सिब्बल ने रखा था पक्षतन्खा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल व अधिवक्ता हरजस छाबड़ा ने पैरवी की, वहीं शिवराज व अन्य की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेन्द्र सिंह ने पक्ष रखा। वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने मध्य प्रदेश में पंचायत और निकाय चुनाव मामले में परिसीमन और रोटेशन की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में पैरवी की थी। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव में ओबीसी आरक्षण पर रोक लगा दी तो उक्त भाजपा नेताओं ने साजिश करते हुए इसे गलत तरीके से प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, वीडी शर्मा और भूपेंद्र सिंह ने गलतबयानी करके ओबीसी आरक्षण पर रोक का ठीकरा उनके सिर फोड़ दिया। जिससे उनकी छवि व अदालत की गरिमा को ठेस पहुंची है। तन्खा का आरोपतन्खा का आरोप है कि भाजपा नेताओं ने उनके खिलाफ गलत और अपमानजनक टिप्पणियां की थीं, जो एक अधिवक्ता के रूप में उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाली थीं। यह मानहानि का मामला उन्होंने एक नेता के रूप में नहीं, बल्कि एक अधिवक्ता के रूप में दायर किया है और उन्होंने कोर्ट से आग्रह किया कि इस मामले में नजीर पेश की जाए। निचली अदालत से तीनों नेताओं को समन और वारंट जारी हुए थे और उन्हें हाजिर होने कहा गया था। इसी से क्षुब्ध होकर शिवराज सिंह व अन्य ने हाई कोर्ट की शरण ली थी। हाई कोर्ट ने पूर्व में उक्त नेताओं के विरुद्ध वारंट पर रोक लगा दी थी। भाजपा नेताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेन्द्र सिंह ने दलील दी कि उनके बयानों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। उनका उद्देश्य किसी की मानहानि करना नहीं था। recent visitors 139

कार्तिकेय की मतदाताओं को चेतावनी: कांग्रेस का विधायक चुना तो गांव में नहीं होगा विकास कार्य

Karthikeya’s warning to voters: If a Congress MLA comes, not a single brick is going to be laid in the village. please understand all of you शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान ने एक कार्यक्रम में कहा कि उपचुनाव में 19-20 होता है तो आप समझिए, किसका नुकसान होगा? अपने पैरों पर हम क्यों कुल्हाड़ी मारें? MP Bypoll 2024: मध्य प्रदेश के बुधनी विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव को लेकर अब राजनीति चरम पर पहुंच गया है. इस सीट पर बीजेपी के बीच मुख्य मुकाबला है. इस बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय सिंह चौहान ने एक चुनावी कार्यक्रम में कुछ ऐसा कह दिया कि उनके बयान को लेकर कांग्रेस ने उन्हें नसीहत देने लगे हैं. एमपी कांग्रेस के बड़े नेता ने उन पर पलटवार करते हुए कार्तिकेय सिंह को नसीहत दी है. दरअसल, कार्तिकेय सिंह चौहान ने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि उपचुनाव में 19-20 होता है तो आप समझिए, किसका नुकसान होगा? अपने पैरों हम क्यों कुल्हाड़ी मारें? ये है कार्तिकेय का बयान एमपी के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान ने कहा, “अपनी पोलिंग में गड़बड़ी कर हम क्यों अपनी इज्जत खराब करें? क्या हम को नहीं जाना काम कराने के लिए मुख्यमंत्री के पास, क्या हमें नहीं जाना काम कराने के लिए कृषि मंत्री के पास. आप ही लोग बताईए, सरपंच जी कैसे कराएंगे आप काम. जबाव दीजिए.” उन्होंने आगे कहा कि यदि उन्नीसा-बीस हुआ तो हम किस मुंह से अपने नेताओं के पास काम कराने जाएंगे. अगर गलती से भी कांग्रेस का विधायक आ जाता है तो एक ईंट गांव में नहीं लगने वाली है. समझ लेना आप सब. दिग्विजय सिंह ने क्या दी नसीहत? एमपी के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान के इस बयान पर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर उन्हें नसीहत दी है. उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा, “कार्तिकेय अभी से इस प्रकार का भाषण ना दो. अपने पिता शिवराज सिंह चौहान जी से सीखो. लोकतंत्र में सरकार और विपक्ष दोनों मिलकर भारत निर्माण में सहयोग करते हैं.” उन्होंने कहा कि 10 साल तक मैं मुख्यमंत्री रहा, लेकिन मैंने इस प्रकार की भाषा का कभी उपयोग नहीं किया. आपके पिता गवाह हैं. पंचायत राज कानून में निर्माण काम करने के जिम्मेदार सरपंच की होती है, ना कि विधायक की. आप तो अभी ना सरपंच हैं ना विधायक. आप मेरे पुत्र नहीं पौत्र समान हैं. यह मेरी राय है. आप मानें ना मानें, आप जानें. जय सियाराम. recent visitors 147

सेवा सिविल आचरण अधिनियम: क्या रिटायर्ड अधिकारी और कर्मचारी इसका सही पालन कर रहे हैं?- प्रमोद कुमार व्दिवेदी

“Services Civil Conduct Act: Are retired officers and employees following it properly?” भोपाल ! सेवा सिविल आचरण अधिनियम के नियमों पर चर्चा हो सकती है, जिसमें यह बताया जाए कि शासकीय सेवा में रहते हुए लागू नियमों का पालन रिटायर्ड जीवन में भी क्यों आवश्यक है। लेख में पेंशन का उद्देश्य, रिटायर्ड अधिकारी द्वारा निजी क्षेत्र में काम करने के नैतिक और कानूनी पहलुओं पर भी प्रकाश डाला जा सकता है। शासकीय सेवा में रहते अगर सेवा सिविल आचरण का बंधन है तो रिटायर्ड होने बाद भी,,पेंशन का मतलब यह कि आपका जीवन सुरक्षित रहे आर्थिक रूप से,पर जब कुछेक लोग रिटायर्ड होने के बाद अगर अन्यत्र काम कर रहे और पेंशन से अधिक राशि प्राप्त कर रहे वेतन से तो,,,साथ ही उस विभाग में वे तो कतई नहीं निजी क्षेत्र के कर्मचारि बन काम कर सकते जहां वे पदस्थ थे।पर क्या हकीकत में ऐसा हो रहा,ना सरकार ने ना आमजनों ने सवाल उठाया,सेवा सिविल आचरण वास्तव में पेंशनर्स खातिर भी है पंरतु खबर पढ़ते हैं, जानते हैं देखते हैं कि कुछेक व्यक्ति अधिकारी इसका उल्लंघन करते हैं।मुखर होकर विरोध करना चाहिए पर नहीं किया जाता क्यों,,रिटायर्ड जज वकील बनकर मैदान में उतरकर, सरकारी अधिकारियों ने भी मैदान में वकील भी बनकर या निजी कंपनियों में सलाहकार बनकर उसी विभाग में ज्यादा काम करवाने जातें हैं जहां पदस्थ थे।रिटायर्ड पुलिस अधिकारी भी ,,आखिरकार सवाल उठना लाजिमी है कि फिर पेंशन क्यों,, सामाजिक दायित्व निर्वहन करने का समय है परिवारिक दायित्व निर्वहन करने का समय है और अगर आप अपनी क्षमताओं का दोहन करना चाहते हैं तो सेवा सिविल आचरण का पालन करें। पेंशन छोड़ दें, राष्ट्रवाद होगा यह आपका,,,।मैंने कतिपय अधिकारियों खिलाफ आवाज बुलंद की, परिणाम सार्थक निकले,।सबको उठाना चाहिए तथा पद हैसियत से काम करके रिटायर्ड होने पर फिर उसी विभाग में किसी नीजि कंपनी या स्वयं की ऐजेंसी या अन्य रूप में काम करने खातिर जाना नियमानुसार तथा सेवा सिविल आचरण अनुसार गलत है।खरी खोटी सच्चाई बयां कि चाहे रिटायर्ड जज हो या अन्य सबके खातिर,,, नैतिकता, राष्ट्रवाद और समाजिक सुरक्षा भी हम से हम स्वयं को समझे तब, स्वयं नियमों के अधीन रहे तो,,,, उपदेशक। recent visitors 160

ABVP कुकृत्य करने वालों का संगठन है, बीजेपी दलित और आदिवासी विरोधी : उमंग सिंघार

ABVP is an organization of evildoers, BJP is anti-Dalit and tribal: Umang Singhar भोपाल। कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा पर हमला करते हुए उसे दलित और आदिवासी विरोधी बताया है। उन्होंने इंदौर में ABVP के छात्रों के द्वारा हॉस्टल में घुसकर आदिवासी और दलित छात्रों के साथ अभद्रता को लेकर बीजेपी और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को आड़े हाथों लिया है। नेता प्रतिपक्ष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ट्वीट करते हुए लिखा कि भाजपा अपने पाले हुए सड़क छाप गुंडों के जरिए दलित और आदिवासी विरोधी एजेंडा की प्रतिपूर्ति करती है। ये ABVP छात्रों का नहीं कुकृत्य करने वालों का संगठन है, जिसे भाजपा अपनी अगली पीढ़ी के लिए तैयार कर रही है। उमंग सिंघार ने ABVP संगठन पर तंज कसते हुए कहा कि ये लोग आदिवासी और दलित छात्रों को अपना निशाना बनाते रहते हैं। दो दिन पहले भाजपा की नई पीढ़ी ABVP के “गुंडे” इंदौर में आदिवासी और दलित छात्रों को उनके होस्टल कैम्पस में जाकर गालियां दी और होस्टल पर पत्थर फेंके। कानून को मजाक समझने वालों पर मौन यादव कार्रवाई करेंगे या दलित और आदिवासी अत्याचारों पर भी “मौन” रहेंगे? सिंघार ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव जी इस मामले पर सख्त से सख्त कार्रवाई करने के आदेश दें। recent visitors 168

वायनाड लोकसभा उपचुनाव: प्रियंका गांधी ने दाखिल किया नामांकन, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे रहे मौजूद

Wayanad Lok Sabha by-election: Priyanka Gandhi filed nomination, Sonia, Rahul and Kharge showed solidarity. कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने आज वायनाड लोकसभा उपचुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान उनके साथ उनकी मां सोनिया गांधी, भाई राहुल गांधी, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई अन्य नेता मौजूद रहे। इससे पहले उन्होंने स्थानीय नेताओं की मौजूदगी में नामांकन पर्चा भरा था। नामांकन पर्चा भरने के बाद उन्होंने अपने भाई राहुल गांधी के साथ एक रोड-शो किया। बता दें कि वायनाड उपचुनाव में प्रियंका गांधी का सामना भाजपा उम्मीदवार नव्या हरिदास से होने वाला है। रोड शो में शामिल हुए ये नेताराहुल गांधी के अलावा प्रियंका के इस रोड शो में उनकी मां सोनिया गांधी और पति रॉबर्ट वाड्रा भी मौजूद रहे। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल समेत पार्टी के अन्य नेता भी इस रोड शो में शामिल हुए। प्रियंका गांधी ने किया लोगों को संबोधितरोड-शो में प्रियंका गांधी ने लोगों को संबोधित भी किया। उन्होंने कहा, “पिछले 35 सालों से मैं अलग-अलग चुनावों के लिए प्रचार कर रही हूं। यह पहली बार है जब मैं आपके समर्थन की मांग अपने लिए कर रही हूं। यह एक बहुत ही अलग एहसास है। मैं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी का बहुत आभारी हूं कि उन्होंने मुझे वायनाड से उम्मीदवार बनने का सौभाग्य दिया।” उन्होंने आगे कहा, “सत्य और अहिंसा ने मेरे भाई (राहुल गांधी) को एकता और प्रेम के लिए देशभर में 8000 किमी पैदल चलने के लिए प्रेरित किया। जब पूरी दुनिया उनके खिलाफ थी, तब आप उनके साथ खड़े थे। मेरे भाई को लड़ने के लिए आपलोगों ने साहस दिया। मेरा पूरा परिवार आपका कर्जदार है। मुझे मालूम है कि उसे (राहुल गांधी) आपलोगों को छोड़ना पड़ा और मैं आपसे वादा करती हूं कि मैं आपके और उसके बीच के संबंधों को मजबूत करूंगी। उन्होंने मुझे बताया कि आप किन बड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। मेरे भाई ने मुझे बताया कि आपलोगों की क्या तकलीफ है। मैं आपके घर आना चाहती हूं और आपसे सीधे समझना चाहती हूं कि आपकी समस्याएं क्या हैं और हम उनसे कैसे निपट सकते हैं।” Priyanka Gandhi filed nomination कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी रोड-शो को संबोधित किया। उन्होंने कहा, “वायनाड देश का ऐसा निर्वाचन क्षेत्र है जहां से दो सांसद हैं, एक आधिकारिक सांसद और दूसरा अनौपचारिक सांसद।” प्रियंका गांधी के नामांकन पर कांग्रेस सांसद ने दी प्रतिक्रियाप्रियंका गांधी के नामांकन पर कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने कहा, “आप जो ऊर्जा यहां देख रहे हैं, यह कुछ ऐसा है, जिसका हम सभी इंतजार कर रहे थे। हम चाहते थे कि प्रियंका गांधी किसी भी सीट से चुनाव लड़े, लेकिन हमने कभी ऐसा नहीं सोचा था कि किस्मत हमारे पास चलकर आएगी। हम सभी उत्साहित हैं। हर तरफ उत्साह है। यह वायनाड और केरल के लिए दोहरा सौभाग्य है, क्योंकि इसे अब स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा- प्रियंका गांधी वाड्रा, लोकसभा की सदस्य, वायनाड, केरल।” नव्या हरिदास ने प्रियंका गांधी को दी चुनौतीभाजपा उम्मीदवार नव्या हरिदास ने कांग्रेस को पहले ही कड़े मुकाबले की चुनौती दे चुकी हैं। उन्होंने कहा था कि आगामी उपचुनाव में प्रियंका गांधी को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा।। उन्होंने कहा,”मेरी प्रतिद्वंद्वी प्रियंका गांधी हैं। मैं केवल इतना कहना चाहूंगी कि वायनाड में कांग्रेस को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा। राहुल गांधी ने रायबरेली की सीट बरकरार रखने के लिए वायनाड की सीट छोड़ दी थी। जब वायनाड के लोगों को भूस्खलन का सामना करना पड़ा, तो उनके पास इन मुद्दों को उठाने के लिए संसद में कोई प्रतिनिधि नहीं था।” प्रियंका गांधी का पहला चुनावनव्या ने आगे कहा, “पिछले पांच वर्षों में राहुल गांधी ने शायद ही इस निर्वाचन क्षेत्र का दौरा किया हो। वे यहां के लोगों के मुद्दों को उठाने में भी नाकाम रहें। यह मेरा पहला लोकसभा चुनाव होगा।” उन्होंने यह भी कहा था कि वायनाड गांधी परिवार के लिए सिर्फ एक दूसरी सीट है। बता दें कि प्रियंका गांधी के साथ नव्या हरिदास का भी यह पहला चुनाव होगा। 13 नवंबर को होने वाले इस उपचुनाव में एलडीएफ ने भी उम्मीदवार खड़ा किया। उन्होंने सत्यन मोकेरी को अपना उम्मीदवार बनाया है। Read More : https://mysecretnews.com/madhya-pradesh-governments-malaria-eradication-campaign-success-on-paper/ recent visitors 191