केंद्रीय मंत्री शिवराज, वीडी शर्मा और भूपेंद्र सिंह के खिलाफ MP-MLA कोर्ट में मानहानि का ट्रायल जारी रहेगा

Defamation trial against Union Minister Shivraj, VD Sharma and Bhupendra Singh will continue in MP-MLA court. मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, सांसद वीडी शर्मा और विधायक भूपेंद्र सिंह के खिलाफ मानहानि मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में जारी रहेगी। हाई कोर्ट ने तीनों नेताओं की याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने मामले को निरस्त करने की मांग की थी। जबलपुर : मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व वर्तमान केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, खजुराहो सांसद वीडी शर्मा और पूर्व मंत्री एवं वर्तमान विधायक भूपेंद्र सिंह के विरुद्ध एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में मानहानि की ट्रायल जारी रहेगी। हाई कोर्ट ने उक्त तीनों नेताओं द्वारा मानहानि प्रकरण को चुनौती देते हुए उसे निरस्त करने की मांग की थी।न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी की एकलपीठ ने उस मांग को अस्वीकार करते हुए तीनों की याचिका निरस्त कर दी। इस मामले में 21 सितंबर को सुनवाई पूरी होने के बाद हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जो शुक्रवार को बाहर आया। राज्यसभा सदस्य वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने विशेष कोर्ट ने उक्त तीनों नेताओं के विरुद्ध आपराधिक अवमानना व 10 करोड़ रुपये की मानहानि का प्रकरण दायर किया है। तन्खा ने आरोप लगाया कि उक्त भाजपा नेताओं ने उनके विरुद्ध प्रिंट और दृश्य मीडिया में अपमानजनक टिप्पणी करके और सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के समक्ष हुई कार्यवाही का दुष्प्रचार करके दंडनीय अपराध किया है। तन्खा की ओर से सिब्बल ने रखा था पक्षतन्खा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल व अधिवक्ता हरजस छाबड़ा ने पैरवी की, वहीं शिवराज व अन्य की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेन्द्र सिंह ने पक्ष रखा। वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने मध्य प्रदेश में पंचायत और निकाय चुनाव मामले में परिसीमन और रोटेशन की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में पैरवी की थी। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव में ओबीसी आरक्षण पर रोक लगा दी तो उक्त भाजपा नेताओं ने साजिश करते हुए इसे गलत तरीके से प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, वीडी शर्मा और भूपेंद्र सिंह ने गलतबयानी करके ओबीसी आरक्षण पर रोक का ठीकरा उनके सिर फोड़ दिया। जिससे उनकी छवि व अदालत की गरिमा को ठेस पहुंची है। तन्खा का आरोपतन्खा का आरोप है कि भाजपा नेताओं ने उनके खिलाफ गलत और अपमानजनक टिप्पणियां की थीं, जो एक अधिवक्ता के रूप में उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाली थीं। यह मानहानि का मामला उन्होंने एक नेता के रूप में नहीं, बल्कि एक अधिवक्ता के रूप में दायर किया है और उन्होंने कोर्ट से आग्रह किया कि इस मामले में नजीर पेश की जाए। निचली अदालत से तीनों नेताओं को समन और वारंट जारी हुए थे और उन्हें हाजिर होने कहा गया था। इसी से क्षुब्ध होकर शिवराज सिंह व अन्य ने हाई कोर्ट की शरण ली थी। हाई कोर्ट ने पूर्व में उक्त नेताओं के विरुद्ध वारंट पर रोक लगा दी थी। भाजपा नेताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेन्द्र सिंह ने दलील दी कि उनके बयानों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। उनका उद्देश्य किसी की मानहानि करना नहीं था। recent visitors 124

कार्तिकेय की मतदाताओं को चेतावनी: कांग्रेस का विधायक चुना तो गांव में नहीं होगा विकास कार्य

Karthikeya’s warning to voters: If a Congress MLA comes, not a single brick is going to be laid in the village. please understand all of you शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान ने एक कार्यक्रम में कहा कि उपचुनाव में 19-20 होता है तो आप समझिए, किसका नुकसान होगा? अपने पैरों पर हम क्यों कुल्हाड़ी मारें? MP Bypoll 2024: मध्य प्रदेश के बुधनी विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव को लेकर अब राजनीति चरम पर पहुंच गया है. इस सीट पर बीजेपी के बीच मुख्य मुकाबला है. इस बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय सिंह चौहान ने एक चुनावी कार्यक्रम में कुछ ऐसा कह दिया कि उनके बयान को लेकर कांग्रेस ने उन्हें नसीहत देने लगे हैं. एमपी कांग्रेस के बड़े नेता ने उन पर पलटवार करते हुए कार्तिकेय सिंह को नसीहत दी है. दरअसल, कार्तिकेय सिंह चौहान ने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि उपचुनाव में 19-20 होता है तो आप समझिए, किसका नुकसान होगा? अपने पैरों हम क्यों कुल्हाड़ी मारें? ये है कार्तिकेय का बयान एमपी के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान ने कहा, “अपनी पोलिंग में गड़बड़ी कर हम क्यों अपनी इज्जत खराब करें? क्या हम को नहीं जाना काम कराने के लिए मुख्यमंत्री के पास, क्या हमें नहीं जाना काम कराने के लिए कृषि मंत्री के पास. आप ही लोग बताईए, सरपंच जी कैसे कराएंगे आप काम. जबाव दीजिए.” उन्होंने आगे कहा कि यदि उन्नीसा-बीस हुआ तो हम किस मुंह से अपने नेताओं के पास काम कराने जाएंगे. अगर गलती से भी कांग्रेस का विधायक आ जाता है तो एक ईंट गांव में नहीं लगने वाली है. समझ लेना आप सब. दिग्विजय सिंह ने क्या दी नसीहत? एमपी के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान के इस बयान पर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर उन्हें नसीहत दी है. उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा, “कार्तिकेय अभी से इस प्रकार का भाषण ना दो. अपने पिता शिवराज सिंह चौहान जी से सीखो. लोकतंत्र में सरकार और विपक्ष दोनों मिलकर भारत निर्माण में सहयोग करते हैं.” उन्होंने कहा कि 10 साल तक मैं मुख्यमंत्री रहा, लेकिन मैंने इस प्रकार की भाषा का कभी उपयोग नहीं किया. आपके पिता गवाह हैं. पंचायत राज कानून में निर्माण काम करने के जिम्मेदार सरपंच की होती है, ना कि विधायक की. आप तो अभी ना सरपंच हैं ना विधायक. आप मेरे पुत्र नहीं पौत्र समान हैं. यह मेरी राय है. आप मानें ना मानें, आप जानें. जय सियाराम. recent visitors 133

सेवा सिविल आचरण अधिनियम: क्या रिटायर्ड अधिकारी और कर्मचारी इसका सही पालन कर रहे हैं?- प्रमोद कुमार व्दिवेदी

“Services Civil Conduct Act: Are retired officers and employees following it properly?” भोपाल ! सेवा सिविल आचरण अधिनियम के नियमों पर चर्चा हो सकती है, जिसमें यह बताया जाए कि शासकीय सेवा में रहते हुए लागू नियमों का पालन रिटायर्ड जीवन में भी क्यों आवश्यक है। लेख में पेंशन का उद्देश्य, रिटायर्ड अधिकारी द्वारा निजी क्षेत्र में काम करने के नैतिक और कानूनी पहलुओं पर भी प्रकाश डाला जा सकता है। शासकीय सेवा में रहते अगर सेवा सिविल आचरण का बंधन है तो रिटायर्ड होने बाद भी,,पेंशन का मतलब यह कि आपका जीवन सुरक्षित रहे आर्थिक रूप से,पर जब कुछेक लोग रिटायर्ड होने के बाद अगर अन्यत्र काम कर रहे और पेंशन से अधिक राशि प्राप्त कर रहे वेतन से तो,,,साथ ही उस विभाग में वे तो कतई नहीं निजी क्षेत्र के कर्मचारि बन काम कर सकते जहां वे पदस्थ थे।पर क्या हकीकत में ऐसा हो रहा,ना सरकार ने ना आमजनों ने सवाल उठाया,सेवा सिविल आचरण वास्तव में पेंशनर्स खातिर भी है पंरतु खबर पढ़ते हैं, जानते हैं देखते हैं कि कुछेक व्यक्ति अधिकारी इसका उल्लंघन करते हैं।मुखर होकर विरोध करना चाहिए पर नहीं किया जाता क्यों,,रिटायर्ड जज वकील बनकर मैदान में उतरकर, सरकारी अधिकारियों ने भी मैदान में वकील भी बनकर या निजी कंपनियों में सलाहकार बनकर उसी विभाग में ज्यादा काम करवाने जातें हैं जहां पदस्थ थे।रिटायर्ड पुलिस अधिकारी भी ,,आखिरकार सवाल उठना लाजिमी है कि फिर पेंशन क्यों,, सामाजिक दायित्व निर्वहन करने का समय है परिवारिक दायित्व निर्वहन करने का समय है और अगर आप अपनी क्षमताओं का दोहन करना चाहते हैं तो सेवा सिविल आचरण का पालन करें। पेंशन छोड़ दें, राष्ट्रवाद होगा यह आपका,,,।मैंने कतिपय अधिकारियों खिलाफ आवाज बुलंद की, परिणाम सार्थक निकले,।सबको उठाना चाहिए तथा पद हैसियत से काम करके रिटायर्ड होने पर फिर उसी विभाग में किसी नीजि कंपनी या स्वयं की ऐजेंसी या अन्य रूप में काम करने खातिर जाना नियमानुसार तथा सेवा सिविल आचरण अनुसार गलत है।खरी खोटी सच्चाई बयां कि चाहे रिटायर्ड जज हो या अन्य सबके खातिर,,, नैतिकता, राष्ट्रवाद और समाजिक सुरक्षा भी हम से हम स्वयं को समझे तब, स्वयं नियमों के अधीन रहे तो,,,, उपदेशक। recent visitors 141

ABVP कुकृत्य करने वालों का संगठन है, बीजेपी दलित और आदिवासी विरोधी : उमंग सिंघार

ABVP is an organization of evildoers, BJP is anti-Dalit and tribal: Umang Singhar भोपाल। कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा पर हमला करते हुए उसे दलित और आदिवासी विरोधी बताया है। उन्होंने इंदौर में ABVP के छात्रों के द्वारा हॉस्टल में घुसकर आदिवासी और दलित छात्रों के साथ अभद्रता को लेकर बीजेपी और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को आड़े हाथों लिया है। नेता प्रतिपक्ष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ट्वीट करते हुए लिखा कि भाजपा अपने पाले हुए सड़क छाप गुंडों के जरिए दलित और आदिवासी विरोधी एजेंडा की प्रतिपूर्ति करती है। ये ABVP छात्रों का नहीं कुकृत्य करने वालों का संगठन है, जिसे भाजपा अपनी अगली पीढ़ी के लिए तैयार कर रही है। उमंग सिंघार ने ABVP संगठन पर तंज कसते हुए कहा कि ये लोग आदिवासी और दलित छात्रों को अपना निशाना बनाते रहते हैं। दो दिन पहले भाजपा की नई पीढ़ी ABVP के “गुंडे” इंदौर में आदिवासी और दलित छात्रों को उनके होस्टल कैम्पस में जाकर गालियां दी और होस्टल पर पत्थर फेंके। कानून को मजाक समझने वालों पर मौन यादव कार्रवाई करेंगे या दलित और आदिवासी अत्याचारों पर भी “मौन” रहेंगे? सिंघार ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव जी इस मामले पर सख्त से सख्त कार्रवाई करने के आदेश दें। recent visitors 154

वायनाड लोकसभा उपचुनाव: प्रियंका गांधी ने दाखिल किया नामांकन, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे रहे मौजूद

Wayanad Lok Sabha by-election: Priyanka Gandhi filed nomination, Sonia, Rahul and Kharge showed solidarity. कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने आज वायनाड लोकसभा उपचुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान उनके साथ उनकी मां सोनिया गांधी, भाई राहुल गांधी, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई अन्य नेता मौजूद रहे। इससे पहले उन्होंने स्थानीय नेताओं की मौजूदगी में नामांकन पर्चा भरा था। नामांकन पर्चा भरने के बाद उन्होंने अपने भाई राहुल गांधी के साथ एक रोड-शो किया। बता दें कि वायनाड उपचुनाव में प्रियंका गांधी का सामना भाजपा उम्मीदवार नव्या हरिदास से होने वाला है। रोड शो में शामिल हुए ये नेताराहुल गांधी के अलावा प्रियंका के इस रोड शो में उनकी मां सोनिया गांधी और पति रॉबर्ट वाड्रा भी मौजूद रहे। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल समेत पार्टी के अन्य नेता भी इस रोड शो में शामिल हुए। प्रियंका गांधी ने किया लोगों को संबोधितरोड-शो में प्रियंका गांधी ने लोगों को संबोधित भी किया। उन्होंने कहा, “पिछले 35 सालों से मैं अलग-अलग चुनावों के लिए प्रचार कर रही हूं। यह पहली बार है जब मैं आपके समर्थन की मांग अपने लिए कर रही हूं। यह एक बहुत ही अलग एहसास है। मैं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी का बहुत आभारी हूं कि उन्होंने मुझे वायनाड से उम्मीदवार बनने का सौभाग्य दिया।” उन्होंने आगे कहा, “सत्य और अहिंसा ने मेरे भाई (राहुल गांधी) को एकता और प्रेम के लिए देशभर में 8000 किमी पैदल चलने के लिए प्रेरित किया। जब पूरी दुनिया उनके खिलाफ थी, तब आप उनके साथ खड़े थे। मेरे भाई को लड़ने के लिए आपलोगों ने साहस दिया। मेरा पूरा परिवार आपका कर्जदार है। मुझे मालूम है कि उसे (राहुल गांधी) आपलोगों को छोड़ना पड़ा और मैं आपसे वादा करती हूं कि मैं आपके और उसके बीच के संबंधों को मजबूत करूंगी। उन्होंने मुझे बताया कि आप किन बड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। मेरे भाई ने मुझे बताया कि आपलोगों की क्या तकलीफ है। मैं आपके घर आना चाहती हूं और आपसे सीधे समझना चाहती हूं कि आपकी समस्याएं क्या हैं और हम उनसे कैसे निपट सकते हैं।” Priyanka Gandhi filed nomination कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी रोड-शो को संबोधित किया। उन्होंने कहा, “वायनाड देश का ऐसा निर्वाचन क्षेत्र है जहां से दो सांसद हैं, एक आधिकारिक सांसद और दूसरा अनौपचारिक सांसद।” प्रियंका गांधी के नामांकन पर कांग्रेस सांसद ने दी प्रतिक्रियाप्रियंका गांधी के नामांकन पर कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने कहा, “आप जो ऊर्जा यहां देख रहे हैं, यह कुछ ऐसा है, जिसका हम सभी इंतजार कर रहे थे। हम चाहते थे कि प्रियंका गांधी किसी भी सीट से चुनाव लड़े, लेकिन हमने कभी ऐसा नहीं सोचा था कि किस्मत हमारे पास चलकर आएगी। हम सभी उत्साहित हैं। हर तरफ उत्साह है। यह वायनाड और केरल के लिए दोहरा सौभाग्य है, क्योंकि इसे अब स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा- प्रियंका गांधी वाड्रा, लोकसभा की सदस्य, वायनाड, केरल।” नव्या हरिदास ने प्रियंका गांधी को दी चुनौतीभाजपा उम्मीदवार नव्या हरिदास ने कांग्रेस को पहले ही कड़े मुकाबले की चुनौती दे चुकी हैं। उन्होंने कहा था कि आगामी उपचुनाव में प्रियंका गांधी को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा।। उन्होंने कहा,”मेरी प्रतिद्वंद्वी प्रियंका गांधी हैं। मैं केवल इतना कहना चाहूंगी कि वायनाड में कांग्रेस को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा। राहुल गांधी ने रायबरेली की सीट बरकरार रखने के लिए वायनाड की सीट छोड़ दी थी। जब वायनाड के लोगों को भूस्खलन का सामना करना पड़ा, तो उनके पास इन मुद्दों को उठाने के लिए संसद में कोई प्रतिनिधि नहीं था।” प्रियंका गांधी का पहला चुनावनव्या ने आगे कहा, “पिछले पांच वर्षों में राहुल गांधी ने शायद ही इस निर्वाचन क्षेत्र का दौरा किया हो। वे यहां के लोगों के मुद्दों को उठाने में भी नाकाम रहें। यह मेरा पहला लोकसभा चुनाव होगा।” उन्होंने यह भी कहा था कि वायनाड गांधी परिवार के लिए सिर्फ एक दूसरी सीट है। बता दें कि प्रियंका गांधी के साथ नव्या हरिदास का भी यह पहला चुनाव होगा। 13 नवंबर को होने वाले इस उपचुनाव में एलडीएफ ने भी उम्मीदवार खड़ा किया। उन्होंने सत्यन मोकेरी को अपना उम्मीदवार बनाया है। Read More : https://mysecretnews.com/madhya-pradesh-governments-malaria-eradication-campaign-success-on-paper/ recent visitors 177

शिवराज के घर बैठक में पूर्व MLA की अनुपस्थिति से चिंतित भाजपा: शिवराज बोले-नामांकन में साथ दिखेंगे

BJP concerned over the absence of former MLA in the meeting at Shivraj’s house: Shivraj said – will be seen together in the nomination भोपाल। बुधनी विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव को लेकर भोपाल में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के आवास पर बैठक हुई। जिसमें बीजेपी प्रत्याशी रमाकांत भार्गव, भाजपा जिला अध्यक्ष रवि मालवीय, सीहोर जिले की प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर, पूर्व मंत्री रामपाल सिंह समेत कई कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।इस बैठक में बुधनी से टिकट की दौड़ में शामिल रहे वन विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष गुरु प्रसाद शर्मा और पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह राजपूत नहीं पहुंचे। इस पर भाजपा प्रत्याशी सफाई देते दिखे। रमाकांत भार्गव ने कहा कि 25 अक्टूबर को नामांकन के दौरान सभी नेता-पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। शिवराज बोले- भारी बहुमत से बुधनी का उपचुनाव जीतेंगे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भाजपा और कार्यकर्ता तैयार हैं। हमारी बैठक भी हो गई है। रविवार को रमाकांत भार्गव ने सलकनपुर मंदिर में कार्यकर्ताओं के साथ जाकर मां विजयासेन देवी का आशीर्वाद ले लिया है। शिवराज सिंह ने कहा- ” हमने आज कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर पूरी रणनीति बनाई है। भाजपा पूरी तरह से तैयार है। जनता बीजेपी के साथ है। भारी बहुमत से बुधनी का उपचुनाव हम जीतेंगे। केवल बुधनी नहीं विजयपुर में भी हमारे योग्य प्रत्याशी मंत्री रामनिवास रावत भारी बहुमत से जीतेंगे।केंद्रीय मंत्री ने कहा-डबल इंजन की सरकार के काम का जनता में असर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में विश्वास है और यहां मोहन यादव भी बहुत अच्छा काम कर रहे हैं तो हम दोनों जगह जीतेंगे। शिवराज बोले- ये हमारी प्रतिष्ठा का चुनाव सीहोर जिले की प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर ने बैठक के बाद मिडिया से बात करते हुए कहा- आज की बैठक में सभी प्रमुख और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से शिवराज ने कहा है कि ये चुनाव हमें ऐतिहासिक मतों से जीतना है। ये हमारी प्रतिष्ठा का चुनाव है। चुनाव की चुनौती को हल्के में नहीं लेना है। पूरी गंभीरता के साथ प्रत्येक बूथ पर हमें पहुंचना है। हर बूथ के कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना है। इस चुनाव में हम सबको मिलकर एकजुटता के साथ हमारे प्रत्याशी रमाकांत भार्गव को ऐतिहासिक मतों से जिताना है। recent visitors 121

अहिल्या माता और शिवाजी पर सियासत: कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने, नाम परिवर्तन पर टकराव

Politics on Ahilya Mata and Shivaji: Congress-BJP face to face, clash over name change इंदौर में हुई मेयर इन काउंसिल की बैठक में रेसीडेंसी कोठी का नाम बदलकर शिवाजी कोठी (शिवाजी वाटिका) करने का प्रस्ताव पास होने के बाद राजनीतिक विवाद उत्पन्न हो गया है। कांग्रेस नेता राकेश सिंह यादव ने बीजेपी पर आरोप लगाया है कि यह कदम महाराष्ट्र में आगामी चुनावों के मद्देनजर उठाया गया है, ताकि वहां के वोट बैंक को साधा जा सके। उनका कहना है कि यह देवी अहिल्या बाई होलकर की उपेक्षा है, जिन्होंने इंदौर के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। कांग्रेस बोली अहिल्या रेसीडेंसी नाम करना थारेसीडेंसी कोठी, जो लगभग 204 वर्ष पुरानी है और अंग्रेजी शासन के दौरान मालवा-निमाड क्षेत्र में ब्रिटिश सत्ता का केंद्र थी, का नामकरण शिवाजी महाराज के नाम पर किए जाने से कांग्रेस असहमत है। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महासचिव ने भी सोशल मीडिया पर इस फैसले की आलोचना की और सुझाव दिया कि इसे देवी अहिल्या रेसीडेंसी कोठी नाम दिया जाना चाहिए था। गफ्फूर खां की बजरिया पर नहीं हुआ निर्णयसाथ ही, अन्य नामकरणों की भी बैठक में स्वीकृति दी गई, जिसमें फूटी कोठी ब्रिज का नाम सेवालाल महाराज ब्रिज और भंवरकुआं चौराहे का नाम टंट्या भील चौराहा रखा गया है। इसके अलावा, बीजेपी नेता वरुण पाल ने गफ्फूर खां की बजरिया का नाम बदलकर वीरांगना तुलसाबाई होलकर के नाम पर करने की मांग भी की थी, हालांकि इस पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। दोनों के अपने तर्कइस नामकरण विवाद से दोनों दलों के बीच राजनीतिक तनाव और बढ़ने की संभावना है, क्योंकि कांग्रेस इसे ऐतिहासिक व्यक्तियों के सम्मान से जोड़कर देख रही है, जबकि बीजेपी इसे अपने राजनीतिक एजेंडे के तहत नामकरण के रूप में प्रस्तुत कर रही है। recent visitors 120