छतरपुर जिला हॉस्पिटल में कईं दिनों से एक्सरे मशीन खराब: डॉक्टर मरीजों को एक्सरे करने भेज रहे बाहर

X-ray machine is not working in Chhatarpur District Hospital since many days: Doctors are sending patients outside for X-ray छतरपुर । जिला अस्पताल में 15 जनवरी से एक्स-रे मशीन खराब पड़ी है, जिससे मरीजों को बाहर के निजी केंद्रों पर एक्सरे कराने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इससे मरीजों का खर्चा भी बढ़ रहा और परेशानी भी हो रही है। ताजा मामला सोमवार की रात का है, जब एक सड़क दुर्घटना में घायल संतोष राजपूत (30) को एक्सरे की जरूरत पड़ी। संतोष अपनी पत्नी सविता (29), बेटी आंशिका (6) और बेटे कार्तिक (डेढ़ वर्ष) के साथ पन्ना से मातगुवां जा रहे थे। छतरपुर रेलवे स्टेशन के पास एक कार (MP16CB 3786) ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे चारों घायल हो गए। बाहर से कराना पड़ा एक्सरे जिला अस्पताल में भर्ती संतोष के दाएं पैर में गंभीर चोट के कारण डॉक्टरों ने एक्सरे की सलाह दी, लेकिन अस्पताल की मशीन खराब होने के कारण परिजनों को बाहर से 250 रुपए खर्च कर एक्सरे कराना पड़ा। चिंताजनक बात यह है कि घायल मरीज को स्ट्रेचर पर बाहर ले जाते समय कोई वार्ड बॉय या अस्पताल कर्मचारी साथ नहीं था। सिविल सर्जन बोले- दो दिन से मशीन खराब है सिविल सर्जन डॉ. जीएल अहिरवार का कहना है कि मशीन दो दिन से खराब है और जल्द ठीक करवा दी जाएगी। वहीं, दुर्घटना के संबंध में सिविल लाइन थाना प्रभारी वाल्मीकि चौबे ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और कार चालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। recent visitors 203

एमपी गजब: स्वास्थ्य विभाग ने जिस अस्पताल को ब्लैकलिस्ट किया, उस का नाम बदलकर इलाज शुरू 

MP Gajab: The hospital which was blacklisted, its name changed and treatment started  जितेन्द्र श्रीवास्तव (विशेष संवाददाता) जबलपुर। निजी अस्पतालों में व्याप्त अनियमितताओं की जांच की मांग को लेकर समाजवादी पार्टी कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और जिला प्रशासन को एक शिकायती पत्र सौंपा है। पार्टी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जिस अस्पताल को ब्लैक लिस्टेड किया था, उसी अस्पताल में दूसरे नाम से हॉस्पिटल का संचालन होने लगा है। जिसकी जांच कर कार्यवाही की जाना चाहिए। आयुष्मान कार्ड का चल रहा फर्जीवाड़ा समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव आशीष मिश्रा ने आरोप लगाया है कि निजी अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड का घोटाला भी चल रहा है। विगत कुछ महीनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां पर आयुष्मान कार्ड के जरिए फर्जीवाड़ा किया गया है। उन अस्पतालों पर कार्रवाई भी की गई है लेकिन अभी भी जिले के कई अस्पताल ऐसे हैं जहां पर मरीजों का आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद भी उनसे नकद राशि भी जमा कराई जा रही है जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण गैलेक्सी हॉस्पिटल था। जिसमें एक मरीज से ली गई रकम को मुख्यमंत्री ने स्वयं ही वापस कराया था। ऐसे ही कुछ अस्पतालों की जांच कराए जाने की मांग को लेकर एक पत्र भी प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा गया है। गरुड़ पुराण लेकर पहुंचे थे पार्टी कार्यकर्ता समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता कलेक्टर कार्यालय गरुड़ पुराण लेकर पहुंचे थे और उसे प्रशासनिक अधिकारियों को भेंट करने का प्रयास किया गया लेकिन अधिकारियों ने गरुड़ पुराण नहीं ली केवल मांग पत्र लेकर उसे कलेक्टर के संज्ञान में लाने का आश्वासन दिया एसडीएम ऋषभ जैन ने बताया कि कार्यकर्ताओं द्वारा सौंपी गई शिकायत कलेक्टर दीपक सक्सेना के समक्ष रखी जाएगी उसके बाद उनके निर्देश अनुसार कार्यवाही की जाएगी। मरीज को लेकर पहुंचे थे पार्टी कार्यकर्ता निजी अस्पतालों की शिकायत करने समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता कलेक्टर कार्यालय अपने साथ मरीज को लेकर भी पहुंचे थे। गौरझामर निवासी हुकुमचंद प्रजापति और ग्वारीघाट निवासी राहुल अहिरवार ने भी निजी अस्पतालों की मनमानी से संबंधित बातें अधिकारियों को बताई। recent visitors 343

‘चिकित्सा योजनाओं का बेहतर संचालन कर सुविधा उपलब्ध कराएं’, राजस्थान-जैसलमेर में स्वास्थ्य मंत्री ने ली चिकित्सा अधिकारियों की बैठक

जैसलमेर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि जैसलमेर जिले की भौगोलिक परिस्थिति को देखते हुए चिकित्सा सेवाऐं सुदृढीकरण के लिए बजट की कोई कमी नहीं रखी जायेगी। उन्होंने कहा कि जिले में एएनएम के जितने भी रिक्त पद है उनको शीघ्र ही भरवाने की कार्यवाही कर दी जायेगी। चिकित्सा मंत्री रविवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के सभागार में आयोजित चिकित्सा अधिकारियों की बैठक ले रहे थे। बैठक में जैसलमेर विधायक श्री छोटूसिंह भाटी, पूर्व विधायक डॉ. जितेन्द्र सिंह, जिला कलक्टर प्रताप सिंह, उप निदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाऐं, जोन-जोधपुर डॉ. आदित्य कुमार, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेन्द्र कुमार पालीवाल, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. चन्दन सिंह तंवर के साथ खण्ड मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी उपस्थित थे। चिकित्सा मंत्री ने कहा कि पोर्टल के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ ही अन्य चिकित्सा अधिकारियों की पोसिं्टग की है, यदि इस जिले में किसी ने कार्यग्रहण नहीं किया है तो उसकी सूचना मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दे ताकि उसमें भी उचित कार्यवाही करेगें। उन्होंने ने कहा कि डेजर्ट जिले जिनकी भौगोलिक स्थिति अन्य जिलों से भिन्न है, उनमें विशेष रियायत देकर चिकित्सा सुविधाओं को और भी बेहतर बनायेगें। चिकित्सा मंत्री ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी के रिक्त पदों पर शीध्र ही पदस्थापन कर दिया जायेगा एवं निर्देश दिये कि वहां पर टेलीमेडिसन के समस्त उपकरण स्थापित कर दूर-दराज ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को चिकित्सा सुविधाओं का विशेषज्ञ चिकित्सकों के माध्यम से पूरा लाभ देवें। चिकित्सा मंत्री ने कहा कि जैसलमेर जिले में एफआरयू यूनिट स्थिति की जानकारी ली तो मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि जिले में 03 एफआरयू रामगढ, मोहनगढ, सांकडा में संचालित है, लेकिन यहां पर स्वीकृत विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद रिक्त है। चिकित्सा मंत्री ने इन रिक्त पदों को शीध्र भरवाने का विश्वास दिलाया। उन्होंने जिले में दी गई एएलएस एम्बुलेंस की जानकारी भी ली एवं कहा कि यहां कि जरूरत के अनुरूप लाठी व रामगढ के लिए एक-एक एएलएस एम्बुलेंस शीध्र ही उपलब्ध करवा दी जावेगी। चिकित्सा मंत्री ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं प्रमुख चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिये की अपने जिले की आवश्यकता अनुसार सीटी स्केन एवं एमआरआई एवं अन्य महत्वपूर्ण चिकित्सा उपकरणों की सूची शीध्र ही उपलब्ध करावें। इसके साथ ही उप स्वास्थ्य केन्द्र एवं स्वास्थ्य केन्द्र का सुदृढीकरण करवाना है, उसके लिए भी प्लान जनवरी प्रथम सप्ताह तक भेज देवें ताकि बजट की व्यवस्था करवाई दी जायेगी। चिकित्सा मंत्री ने चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिये की वे चिकित्सा विभाग की समस्त योजनाओं को बेतहर ढंग से क्रियान्वयन कर आमजन को चिकित्सा सेवाओं का पूरा लाभ देवें एवं निःशुल्क चिकित्सा सुविधा हर मरीज को मिले इस बात का पूरा ध्यान रखें। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिये कि वे 104 एम्बुलेंस की सेवाओं की प्रभावी मॉनिटिरिंग करें एवं कमी पाई जाने पर रिर्पोटिंग करें ताकि हम उनके विरूद्ध कार्यवाही कर सकें। अतिरिक्त एएनएम मुख्यालय जहां एएनएम का पद स्वीकृत है, लेकिन उक्त पद राजहैल्थ पोर्टल पर अपडेट नहीं हो रहे है, उसके सम्बन्ध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जानकारी दी तो चिकित्सा मंत्री ने सीधे ही निदेशक से दूरभाष पर वार्ता कर पोर्टल पर सही स्थिति दर्शाने के निर्देश दिये। जैसलमेर विधायक छोटूसिंह भाटी एवं पूर्व विधायक डॉ. जितेन्द्र सिंह ने जिला अस्पताल में आंखों का विशेषज्ञ के साथ ही रेडियोग्राफर एवं अन्य महत्वपूर्ण उपकरणों की उपलब्धता कराने की आवश्यकता जताई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पालीवाल ने जिले की चिकित्सा सेवाओं के बारे में अवगत करवाया कहा कि चिकित्सा सेवाओं की क्रियान्विति सुचारू से की जा रही है। recent visitors 99

मरीजों से निःशुल्क चिकित्सा सुविधा का लिया फीडबैक, राजस्थान-जैसलमेर के श्रीजवाहिर चिकित्सालय का स्वास्थ्य मंत्री ने किया औचक निरीक्षण

जयपुर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने अपनी जैसलमेर यात्रा के दौरान रविवार को जैसलमेर जिला अस्पताल श्रीजवाहिर चिकित्सालय का औचक निरीक्षण कर चिकित्सा व्यवस्थाऐं देखी एवं वार्डों का भ्रमण कर मरीजों की कुशलक्षेम पूछी एवं उनको जिला अस्पताल में मिल रही निःशुल्क चिकित्सा सुविधा की जानकारी ली एवं पूरा फीडबैक लिया। उन्होंने ट्रोमा सेन्टर की चिकित्सा व्यवस्था को भी देखा एवं निर्देश दिये कि यहां पर मरीज को तत्काल चिकित्सा सुविधा का लाभ दिया जावे। चिकित्सा मंत्री श्री सिंह ने अस्पताल के सर्जिकल वार्ड, मेडिकल वार्ड के साथ ही मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य यूनिट का भी भ्रमण कर चिकित्सा व्यवस्थाऐं देखी एवं वहां भर्ती मरीजों से भी उनको मिल रही चिकित्सा सुविधाओं की उनसे जानकारी ली, तो मरीजों ने बताया कि उन्हें निःशुल्क चिकित्सा सुविधा का लाभ मिल रहा है। चिकित्सा मंत्री ने जिला अस्पताल की चिकित्सा सुविधाओं के बारे में प्रमुख चिकित्सा अधिकारी से जानकारी ली एवं निर्देश दिये कि यहां आने वाले हर मरीज को निःशुल्क चिकित्सा सुविधा का पूरा लाभ दिया जावे एवं चिकित्सक सेवा भावना से मरीज का उपचार करें, यह सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शीध्र ही चिकित्सकों की भर्ती करने जा रही है एवं आने वाले समय में जैसलमेर-बाडमेर को विशेष रूप से चिकित्सक उपलब्घ करवाये जायेगें। उन्होंने कहा कि पोकरण व जैसलमेर के बीच में एक करोड रूपये लागत की एएलएस एम्बुलेंस शीध्र ही उपलब्ध करवा दी जावेगी, ताकि सड़क मार्ग में दुर्धटना होने पर यह एम्बुलेंस बहुत ही उपचार के लिए कारगर सिद्ध होगी। जैसलमेर विधायक श्री छोटूसिंह भाटी ने जिले की चिकित्सा व्यवस्था के बारे में विस्तार से अवगत कराया एवं कहा कि यहां की भौगोलिक परिस्थिति को देखते हुए चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ के रिक्त पदों को भरावें। recent visitors 90

एमपी गजब: 108 एंबुलेंस को ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं बातें एयर एम्बुलेंस की ,ऑक्सीजन के अभाव में युवक की मौत

खंडवा। मरीज को इंदौर रेफर करने के खेल और एंबुलेंस ड्राइवर की लापरवाही से एक युवक की ऑक्सीजन के अभाव में मौत हो गई। खंडवा में मेडिकल कॉलेज होने के बाद भी मरीज को उपचार के लिए इंदौर रेफर करने का सिलसिला यहां थम नहीं रहा है।ऐसे में मरीज को उपचार के अभाव में जान गंवानी पड़ रही है। वहीं मरीजों की सुविधा के लिए शासन द्वारा संचालित 108 एम्बुलेंस की सुविधा भी प्रभावी देखरेख, चालकों की मनमानी के अभाव में दम तोड़ रही है। सड़क हादसे में घायल मरीज को जिला अस्पताल से इंदौर रेफर करने के दौरान 108 एंबुलेंस के सिलिंडर में ऑक्सीजन खत्म होने से मरीज की मौत हो गई। युवक के स्वजनों का आरोप है कि ऑक्सीजन के लिए एंबुलेंस चालक दो घंटे तक एंबुलेंस हिला हवाला करता रहा। स्वजनों ने रात में मोघट पुलिस को शिकायती आवेदन दिया है। अस्पताल से एंबुलेंस निकलने के बाद पता चला कि सिलेंडर में ऑक्सीजन ही नहीं है। फिर कर्मचारी घायल को एंबुलेंस में लेकर इंदौर रोड स्थित ऑक्सीजन प्लांट पहुंचा। ऑक्सीजन लेने की प्रक्रिया में ही कर्मचारी को दो घंटे लग गए। तब तक घायल युवक के मुंह पर खाली मास्क ही लगा रखा था। पंधाना पुलिस के अनुसार टाकली कला ग्राम में रहने वाले 28 वर्षीय धर्मेंद्र पुत्र अमरचंद विद्युत कंपनी में लाइन हेल्पर था। गुरुवार रात करीब आठ बजे घर लौटते समय कोहड़द और टकली के बीच अज्ञात वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी। दुर्घटना में धर्मेंद्र के सिर में गंभीर चोट आई थी। उपचार के लिए रात को जिला अस्पताल लाया गया। हालत गंभीर होने से रात करीब 10:30 बजे उसे 108 एंबुलेंस क्रमांक सीजी 04 एनजेड 6025 से इंदौर रेफर किया गया। युवक के भाई जितेंद्र दिलावरे ने बताया कि एंबुलेंस के सिलेंडर में ऑक्सीजन कम होने से चालक वाहन लेकर ऑक्सीजन सिलेंडर के गोदाम पर पहुंचा। 2 घंटे तक ऑक्सीजन के लिए माथा पच्ची चलती रही। मरीज के मुंह पर केवल ऑक्सीजन का खाली मास्क लगा रखा था। एंबुलेंस के ड्राइवर संदीप चौहान व ईएमटी ने बताया कि हम प्लांट पर ऑक्सीजन लेने पहुंचे। हमारे पास रुपए नहीं थे। इसलिए भोपाल में बैठे एचआर विभाग से ऑक्सीजन लेने के लिए आईडी लेनी पड़ती है। आईडी लेने हमने सात अधिकारियों को कॉल किया। इस प्रक्रिया में रात करीब एक बजे सिलिंडर मिला। यहां से एंबुलेंस आगे रवाना होने पर कुछ समय बाद ही युवक धर्मेंद्र की मौत हो गई। इस मामले में एंबुलेंस एजेंसी के जोनल मैनेजर अविनाश पांडे का कहना है कि एंबुलेंस में ऑक्सीजन कम होने से व्यवस्था कर रहे थे, मौत मरीज गंभीर होने के कारण हुई है। सिस्टम की लापरवाही और एंबुलेंस चालक की मनमानी से युवक धर्मेंद्र की मौत को लेकर आक्रोशित स्वजनों ने मोघट थाने में शिकायत की है। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है। recent visitors 171

भोपाल का न्यू हकीम होटल: किचन में बहते सीवेज के पास बन रहा खाना

Bhopal’s New Hakeem Hotel: Food being cooked near flowing sewage in the kitchen भोपाल। बोर्ड ऑफिस चैराहा स्थित न्यू हकीम होटल में अगर आप नाॅनवेज खाना खाने जाते हैं, तो सावधान हो जाइऐ। यहां नाॅनवेज खाना खुले में बह रहे सीवेज के पास तैयार हो रहा है। वहीं किचन के चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा हुआ है। होटल के पीछे बनी किचन की जांच पडताल की गई तो खुले में सीवेज बहता मिला। वहीं होटल संचालक बेफिक्र है, क्योंकि इसके संचालक भोपाल जिला भाजपा कार्यकारिणी में बडे पद पर है। सूत्रों के अनुसार संचालक भाजपा जिला उपाध्यक्ष है, ऐसी होटल संचालक बताता है और कहता है कि मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है। इसलिए प्रषासन भी दबाववष कार्यवाही करने की बजाय वह धीरे से अपनी जेब गरम करने में भलाई समझते हैं। इसके पहले भी इस होटल के साफ-सफाई और स्वास्थ्य मानकों की अनदेखी के गंभीर मामले सामने आ चुके हैं। यहां खाना गंदगी के बीच तैयार किया जा रहा है जो ग्राहकों की सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। नाॅनवेज किसका है यह नहीं बताया जाता होटल में जो मांस या मछली लोगों को परोसी जाती है, वह कितने दिन की रखी है। साथ ही लोगों को खिलाये जाने वाले मांस या मछली की क्या क्वालिटी है? इस मांस या मछली की क्वालिटी को किस डाॅक्टर ने खाने योग्य अपनी सहमति दी, यह किसी को नहीं बताया जाता है? कुछ लोगों ने बताया कि नानवेज की क्वालिटी बेकार है। किचन में स्वच्छता का अभाव होटल में देखा गया कि किचन में न तो सफाई की कोई व्यवस्था है और न ही स्वास्थ्य सुरक्षा के बुनियादी नियमों का पालन किया जा रहा है। खाना बनाने में इस्तेमाल होने वाले बर्तनों और सामग्री की हालत खराब है। ऐसे अस्वच्छ वातावरण में तैयार खाना लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।संचालकों की लापरवाहीहोटल संचालकों द्वारा ग्राहकों की सेहत को नजरअंदाज किया जा रहा है। गंदगी के बीच भोजन तैयार करना न केवल गैर-जिम्मेदाराना है बल्कि यह स्वास्थ्य विभाग के नियमों का भी सीधा उल्लंघन है। स्थानीय प्रशासन की भूमिका इस मामले ने स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या ऐसे होटलों पर नियमित जांच और कार्रवाई की जा रही है? यदि नहीं, तो यह प्रशासन की बड़ी लापरवाही मानी जाएगी। इस मुद्दे पर लोगों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि ऐसी लापरवाही दोबारा न हो।स्वास्थ्य सुरक्षा की अनदेखी बर्दाश्त नहींखाने-पीने की जगहों पर स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। गंदगी में तैयार खाना सिर्फ होटल आने वाले ग्राहकों को ही नहीं, बल्कि व्यापक स्तर पर समाज के स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है।इस तरह की घटनाएं न केवल होटल संचालकों की लापरवाही को उजागर करती हैं बल्कि प्रशासन की जिम्मेदारी पर भी कई सवाल खडे करती है? समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो इसके परिणाम समाज के स्वास्थ्य पर दूरगामी असर डाल सकते हैं। क्या होना चाहिए अगला कदम? recent visitors 641

आयुष्मान भारत में बुजुर्गों को राहत: 70+ उम्र के लोगों को मुफ्त चिकित्सा सेवाएं

Relief to the elderly in Ayushman Bharat: Free medical services to people aged 70+ नई दिल्ली। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयुष्मान भारत योजना का विस्तार करते हुए 70 वर्ष और उससे अधिक उम्र के बुजुर्गों को इस योजना के दायरे में शामिल किया है। अब देश के लगभग 6 करोड़ बुजुर्ग बिना किसी शर्त के सरकारी और निजी अस्पतालों में हर साल 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज करा सकेंगे। इस योजना का लाभ लेने के लिए इनकम, पेंशन, बैंक बैलेंस, जमीन या किसी पुरानी बीमारी जैसी किसी भी आधार पर कोई पाबंदी नहीं होगी। आयुष्मान योजना के तहत विस्तारित लाभ इस योजना में मरीजों के अस्पताल में भर्ती होने से पहले और बाद का खर्च, सभी प्रकार की जांच, ऑपरेशन और दवाइयों का खर्च भी कवर होता है। किसी भी पुरानी बीमारी का इलाज भी इस योजना के तहत किया जा सकता है। खास बात यह है कि बुजुर्ग भी अब सरकारी और चुनिंदा निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज पा सकेंगे, जिससे उनकी आर्थिक सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को पूरा किया जा सकेगा। योजना का मौजूदा लाभ और विस्तार आयुष्मान भारत योजना के तहत पहले ही 35 करोड़ से अधिक लोग लाभान्वित हो रहे हैं, और अब बुजुर्गों को शामिल करने के बाद यह संख्या 40 करोड़ के करीब पहुँच जाएगी। यह योजना दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना मानी जाती है, जो हर साल भारत के गरीब तबके को 5 लाख रुपए तक की मुफ्त स्वास्थ्य सेवा प्रदान करती है। इस योजना की शुरुआत केंद्र सरकार ने 2017 में की थी और इसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति के अंतर्गत लागू किया गया था। बुजुर्गों के लिए राहत और आर्थिक सुरक्षा बुजुर्गों की सेहत और उनकी चिकित्सा आवश्यकताओं को देखते हुए इस योजना का विस्तार बेहद लाभदायक साबित होगा। इलाज में लगने वाले महंगे खर्च और गंभीर बीमारियों के इलाज का बोझ बुजुर्गों पर नहीं पड़ेगा, जिससे वे आर्थिक रूप से सुरक्षित रह सकेंगे और उनकी देखभाल का जिम्मा सरकार उठाएगी। आयुष्मान भारत योजना में बुजुर्गों का समावेश एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील कदम है। इससे न केवल उनकी आर्थिक सुरक्षा में मदद मिलेगी, बल्कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का भी लाभ मिलेगा। यह योजना स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति है और इससे करोड़ों बुजुर्गों को जीवन के इस चरण में चिकित्सा राहत मिलेगी। recent visitors 189