इस्राइल ने 34 बंधकों की रिहाई को किया खारिज, ‘हमास ने अभी तक नामों की सूची नहीं दी’

तेल अवीव। इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने उन खबरों का खंडन किया है, जिनमें दावा किया गया था कि हमास ने रविवार को संभावित युद्धविराम समझौते के तहत रिहा किए जाने वाले बंधकों की सूची भेजी है। प्रधानमंत्री कार्यालय का यह बयान यूके स्थित एक समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के बाद आया है, जिसमें कहा गया है कि हमास ने 34 बंधकों की सूची को मंजूरी दे दी है, जिन्हें वह युद्धविराम समझौते के बदले में रिहा करेगा। रिपोर्ट के अनुसार, हमास ने कहा है कि यह सौदा गाजा से हटने और स्थायी युद्धविराम लागू करने के लिए इस्राइल की सहमति पर निर्भर है। नेतन्याहू के कार्यालय ने एक बयान में कहा, 'जो दावा किया गया था, उसके विपरीत, हमास ने इस क्षण तक बंधकों के नामों की सूची नहीं भेजी है।' वर्तमान में, पीएम नेतन्याहू मध्य पूर्व में कई मोर्चों पर इस्राइल रक्षा बलों (आईडीएफ) का नेतृत्व कर रहे हैं। यह बयान नेतन्याहू की प्रोस्टेट सर्जरी के बाद बृहस्पतिवार को अस्पताल से छुट्टी मिलने के कुछ दिनों बाद आया है। उनके कार्यालय के अनुसार, सर्जरी के बाद नेतन्याहू अच्छी स्थिति में थे और पूरी तरह से होश में थे। इस बीच, आईडीएफ ने घोषणा की है कि उसने दक्षिणी गाजा में इस्राइल द्वारा नामित मानवीय क्षेत्र में एक कमांड सेंटर पर हमास के गुर्गों के खिलाफ ड्रोन हमला किया है। इस्राइली सेना के अनुसार, खान यूनिस क्षेत्र में स्थित इस परिसर का इस्तेमाल हमास के कार्यकर्ताओं द्वारा गाजा में सैनिकों और इस्राइल के खिलाफ हमलों की योजना बनाने के लिए किया जाता था। देइर अल-बलाह क्षेत्र में आईडीएफ ने एक अलग हमला किया आईडीएफ ने कहा कि मानवीय क्षेत्र के देइर अल-बलाह क्षेत्र में एक अलग हमला किया गया, जिसमें फलस्तीनी इस्लामिक जिहाद के एक कार्यकर्ता को निशाना बनाया गया, जिसने इस क्षेत्र से पहले भी हमले किए थे। इस्राइली मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, आईडीएफ ने कहा कि उसने दोनों हमलों में नागरिकों को होने वाले नुकसान को कम करने के लिए उपाय किए। सैनिकों ने मार गिराया साद सईद जकी दहनोन आईडीएफ ने कहा कि उत्तरी गाजा के जबालिया में हाल ही में किए गए अभियानों के दौरान सैनिकों ने फलस्तीनी इस्लामिक जिहाद कंपनी कमांडर और उत्तरी गाजा में आतंकी समूह के रॉकेट डिवीजन के उप प्रमुख साद सईद जकी दहनोन को मार गिराया। उसने सात अक्तूबर 2023 के हमले में भाग लिया था। दहनोन ने इस्राइल में की थी घुसपैठ आईडीएफ ने कहा कि दहनोन ने इस्राइल में घुसपैठ की थी। वह बेत लाहिया क्षेत्र में सैनिकों के खिलाफ कई हमलों में भी शामिल था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आईडीएफ ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें दहनोन और अन्य आतंकवादी खुद को कंबल में ढके हुए हैं। साथ ही बरसात के मौसम की आड़ में सैनिकों के पास जाने की कोशिश करते हुए दिखाई दे रहे हैं। दूसरे ऑपरेटिव को पूछताछ के लिए इस्राइल लाया गया आईडीएफ ने कहा कि दहनोन मारा गया है, जबकि दूसरे ऑपरेटिव ने सैनिकों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। आईडीएफ के अनुसार, दूसरे ऑपरेटिव के पास एक विस्फोटक उपकरण था और उसे आगे की पूछताछ के लिए इस्राइल लाया गया। recent visitors 94

‘हम हिजबुल्ला के खिलाफ हैं, लेबनान के नहीं’, इस्राइल ने लेबनानी झंडा जलाने पर की सैनिकों की आलोचना

यरुशलम. बीते एक साल से ज्यादा समय से इस्राइल और हमास के बीच जंग जारी हैं। वहीं, इस युद्ध की लपटें लेबनान और ईरान तक पहुंच चुकी हैं। इस बीच, इस्राइली सेना ने शनिवार को सैनिकों के एक समूह पर बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि समूह ने दक्षिणी लेबनान में लेबनानी झंडा जलाया, जहां वे ईरान समर्थित समूह हिजबुल्ला से लड़ रहे हैं। दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद सेना ने इसकी आलोचनी की। वीडियो में इस्राइल की वर्दी पहने करीब आधा दर्जन लोग धार्मिक नारा लगाते और नाचते हुए दिखाई दे रहे हैं, जबकि उनमें से एक लाइटर से झंडे में आग लगा रहा है। हमारी जंग आंतकवादी हिजबुल्ला के खिलाफ: अद्रेई सेना के प्रवक्ता अविचय अद्रेई ने कहा, 'हम दक्षिणी लेबनान में कुछ सैनिकों द्वारा लेबनानी झंडे को जलाने के कृत्य को आदेशों का उल्लंघन, रक्षा बलों के मूल्यों के साथ असंगत तथा लेबनान में हमारी सैन्य गतिविधियों के लक्ष्यों के साथ गलत संरेखण के रूप में देखते हैं। हमारी जंग आंतकवादी हिजबुल्ला के खिलाफ है, जो पंथ, विचारधारा या पहचान में कभी भी सही मायने में लेबनानी नहीं रहा है।' प्रतिबंध का कोई उल्लेख नहीं सोशल मीडिया पर दी गई प्रतिक्रिया में सैनिकों के खिलाफ किसी भी संभावित प्रतिबंध का उल्लेख नहीं किया गया था। हालांकि, एक वीडियो को जारी किया गया था, जिसमें कथित तौर पर हिजबुल्ला के एक आतंकवादी ने लेबनान के झंडे को फाड़कर उसकी जगह समूह का बैनर लगा दिया था। ""#هام منذ بدء الحرب على حزب الله، قلناها بوضوح: حربنا ليست ضد الشعب اللبناني، بل ضد من ينتهك أرض لبنان، ويحرق سيادته، ويدنس رموزه.     حربنا ضد حزب الله الإرهابي، الذي لم يكن يومًا لبنانيًا لا في العقيدة، ولا الفكر، ولا الهوية. ومن هنا، نعتبر قيام بعض الجنود على حرق العلم اللبناني في… pic.twitter.com/A1KtAcyOcn— افيخاي ادرعي"" – (@AvichayAdraee) November 9, 2024 recent visitors 94

इजरायल ने हमास के एक और कमंडर को मारा, इजरायली हमलों में गाजा में 25, लेबनान में 13 लोग मारे गए

बेरूत मिडिल ईस्ट में हमास और हिजबुल्लाह के खात्मे की कसम खाने के बाद इजरायल कई मोर्चे पर जंग लड़ रहा है। इस बीच शुक्रवार को गाजा और लेबनान पर इजरायल का कहर एक साथ टूटा। ताजा हमलों में दोनों जगहों पर दर्जनों नागरिकों की मौत हो गई है। इजरायल ने लेबनान के उत्तरपूर्वी गांवों को निशाना बनाया जिनमें कम से कम 52 लोग मारे गए। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इस हमले में कई लोग घायल भी हुए हैं। वहीं उत्तरी गाजा में लोगों के घरों को निशाना बना कर किए गए हमलों में 84 लोगों के मारे जाने की खबर है। गाजा के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक शुक्रवार को गाजा में मारे गए लोगों में 50 से अधिक बच्चे शामिल हैं। इन हमलों में जबालिया शरणार्थी शिविर में कई लोग मारे गए हैं। इस बीच लेबनान में इजरायल ने कई बिल्डिंगों को निशाना बनाया जिसके बाद कई लोग देश छोड़कर भागने को मजबूर हो रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार 2023 में इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद से लेबनान में 2,897 से अधिक लोग मारे गए हैं और 13,150 घायल हुए हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि मरने वालों में एक चौथाई महिलाएं और बच्चे थे। संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों का अनुमान है कि लेबनान पर इजरायल के आक्रमण के बाद 1.4 मिलियन लोग विस्थापित हो चुके हैं। हमास का एक और वरिष्ठ अधिकारी ढेर इजरायली सेना ने शुक्रवार को कहा कि उसने खान यूनिस में हवाई हमले में हमास के वरिष्ठ अधिकारी इज अल-दीन कसाब को मार डाला। फिलिस्तीनी समूह ने एक बयान में कसाब की मौत पर शोक व्यक्त किया, और कहा कि वह एन्क्लेव में उनकी कार पर एक इजरायली हमले में अयमान आयश नामक शख्स हमास के एक अन्य अधिकारी के साथ मारा गया था। हमास के सूत्रों ने रॉयटर को बताया कि कसाब गाजा में एक स्थानीय समूह का अधिकारी था, लेकिन उसके निर्णय लेने वाले राजनीतिक कार्यालय का सदस्य नहीं था। वहीं इजरायल ने कहा है कि उसने हमास के बुनियादी ढांचे और नुसेरात शरणार्थी शिविर के पास सक्रिय एक आतंकवादी को निशाना बनाया है। एक अलग घोषणा में इजरायली सेना ने कहा कि गाजा के दक्षिणी शहर खान यूनिस में एक वाहन पर हवाई हमले में हमास के राजनीतिक ब्यूरो के एक बड़े नेता इज़ अल-दीन कसाब और उनके सहायक अयमान अयेश की मौत हो गई। हमास ने अपने नेता की मौत की पुष्टि की है। गौरतलब है कि अयमान अयेश हमास के आखिरी बचे हुए बड़े नेताओं में से एक था। recent visitors 91

इजराइल के हवाई हमले से दहला लेबनान, 16 मारे गए, हिजबुल्लाह ने भी दागे रॉकेट

इजरायल मानवीय मिशनों को गाजा तक पहुंचने की अनुमति दे:डब्ल्यूएचओ लेबनान में इजरायली हवाई हमलों में दो हजार से ज्यादा लोगों की मौत :स्वास्थ्य मंत्रालय इजराइल के हवाई हमले से दहला लेबनान, 16 मारे गए, हिजबुल्लाह ने भी दागे रॉकेट जिनेवा/ बेरूत विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इजरायल से आग्रह किया है कि वह उत्तरी गाजा तक मानवीय मिशनों को महत्वपूर्ण खाद्य और चिकित्सा आपूर्ति पहुंचाने की अनुमति दें, जो वहां जारी हिंसा के कारण पहुंच नहीं पा रही हैं। डब्ल्यूएचओ और उसके सहयोगियों ने  पोलियो टीकाकरण अभियान का दूसरा दौर शुरू किया, जिसका लक्ष्य पाँच लाख से ज़्यादा बच्चों को पोलियो से बचाना है।डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस ने  ‘एक्स’ पर लिखा, “दो दिनों के टीकाकरण के बाद मध्य गाजा में पोलियो वैक्सीन की दूसरी खुराक पाने वाले बच्चों की कुल संख्या 156,943 हो गयी है।” उन्होंने कहा कि फिलहाल, जारी हिंसा से करीब 90 प्रतिशत बच्चों को टीका लगाने के अभियान के लक्ष्य को खतरा है। प्रमुख ने बताया कि पोलियो के टीकों के अलावा, बच्चों को उनकी प्रतिरक्षा को मजबूत करने के लिए विटामिन ए की खुराक दी जा रही है। उन्होंने बताया कि अक्टूबर में उत्तरी गाजा में संयुक्त राष्ट्र के 54 निर्धारित मिशनों में से केवल एक ही सफलतापूर्वक पूरा हुआ है, अन्य संघर्ष के कारण रद्द कर दिए गए हैं या बाधित हैं। लेबनान में इजरायली हवाई हमलों में दो हजार से ज्यादा लोगों की मौत : स्वास्थ्य मंत्रालय  लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इजरायली हवाई हमलों के कारण उनके देश में 2,367 लोग मारे गए हैं वहीं 11,088 घायल हो गए हैं। ये आंकड़ा 8 अक्टूबर 2023 से अब तक का है।  मंत्रालय ने बताया कि 15 अक्टूबर को लेबनान के अलग-अलग इलाकों में हुए इजरायली हवाई हमलों में मृतकों की संख्या 17 और घायलों की संख्या 182 हो गई। समाचार एजेंसी शिन्हुआ की मानें तो, दक्षिण में तीन लोग मारे गए और 92 लोग घायल हो गए। नबातियेह प्रांत में नौ लोग मारे गए और 49 घायल हो गए। वहीं, बेका घाटी में पांच लोग मारे गए और 26 लोग घायल हो गए। इसके अलावा, बालबेक हरमेल प्रांत में 15 लोग घायल हो गए। 23 सितम्बर से इजरायली सेना हिजबुल्लाह के साथ बढ़ते तनाव के बीच लेबनान पर ताबड़तोड़ हवाई हमला कर रही है। 8 अक्टूबर 2023 के बाद से इजरायली सेना की ओर से लेबनानी-इजरायली सीमा पर गोलीबारी की जा रही है। जबकि, गाजा पट्टी में हमास और इजरायल के बीच युद्ध जारी है। यह हवाई अभियान पिछले वर्ष हमास के इजरायली हमले के बाद बढ़े हैं। गाजा पट्टी पर इजरायली हमले में 42,400 से अधिक लोग मारे हए। मृतकों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। दुनिया के बड़े देशों और संगठनों ने मध्य पूर्व के बिगड़ते हालात को लेकर कई चेतावनी जारी की। तमाम कोशिशों के बीच भी शांति वार्ता पर बात नहीं बन पाई। इस बीच इजरायल की ओर से गाजा और लेबनान पर हवाई हमले जारी रहे। हालात ने गंभीर मोड़ तब और ले लिया जब इजरायल ने 1 अक्टूबर को दक्षिण लेबनान में प्रवेश कर जमीनी कार्रवाई शुरू की। इजराइल के हवाई हमले से दहला लेबनान, 16 मारे गए, हिजबुल्लाह ने भी दागे रॉकेट गाजा में हमास के आतंकवादियों का सामना कर रहे इजराइल को अब ईरान समर्थिक आतंकवादी समूह हिजबुल्लाह से जूझना पड़ रहा है। इजराइली सुरक्षाबल लेबनान में छुपे हिजब्बुलाह आतंकियों को चुन-चुनकर ढेर कर रहा है। इजराइली सुरक्षाबलों (आईडीएफ) के ताजा हमले में 16 लोग मारे गए हैं। आईडीएफ ने दावा किया है कि दक्षिण लेबनान में उसके हमले में दर्जनों आतंकवादियों को मौत की नींद सुला दिया गया। लेबनान के समाचार पत्र द नेशनल न्यूज की खबर में स्वास्थ्य मंत्रालय के हवाले से कहा गया है कि  दक्षिण लेबनान के शहर नबातिह में एक नगरपालिका भवन पर हुए इजराइली हवाई हमलों की शृंखला में कम से कम 16 लोग मारे गए और 52 घायल हो गए। मृतकों में नबातिह का मेयर अहमद काहिल भी शामिल है। इस हमले पर लेबनान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री नजीब मिकाती ने कहा कि अहमद काहिल स्थानीय संकट समिति की बैठक में थे। उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा अगर दुनिया इजराइल को आक्रमण करने से नहीं रोक सकती तो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सामने युद्धविराम की गुहार लगाने का कोई मतलब नहीं। इजराइल ने  सुबह नबातीह और आसपास के इलाकों पर करीब 12 स्थानों पर हमले किए। संयुक्त राष्ट्र के विशेष समन्वयक जीनिन हेनिस-प्लास्चार्ट ने कहा कि इजराइल ने पूरे लेबनान में नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है। उन्होंने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन है। उल्लेखनीय है कि कार्यवाहक प्रधानमंत्री नजीब मिकाती ने मंगलवार को कहा था कि अमेरिकी अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया है कि इजराइल अब बेरूत पर हमले कम करेगा। द टाइम्स ऑफ इजराइल ने आईडीएफ के हवाले से कहा है कि कुछ समय पहले उत्तरी इइराइल में लेबनान से दो रॉकेट दागे गए। इनमे से वायुसेना ने एक रॉकेट को मार गिराया। दूसरा रॉकेट खुले क्षेत्र में गिरा। इस हमले में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। उधर, इराक में इस्लामिक प्रतिरोध ने दावा किया है कि उसने इलियट पर ड्रोन हमला किया है। इस बीच अमेरिकी सेना ने कहा है कि हूथी हथियार भंडारण केंद्र पर हमले में बी-2 बमवर्षक विमानों का इस्तेमाल किया गया। आईडीएफ के एक्स हैंडल पर कहा गया है कि दक्षिणी लेबनान में  उसके सैनिकों ने जमीन और आसमान से हमले कर दर्जनों हिजबुल्लाह आतंकियों का सफाया किया। नागरिक क्षेत्र में छुपाकर रखे गए हथियारों के जखीरा (कोर्नेट मिसाइलों, एटी-3 सैगर मिसाइलों, गोले और 100 मोर्टार) को भी नष्ट कर दिया गया। एक जगह एंटी टैंक मिसाइल दागने के बाद आतंकवादी भाग गए। बेरूत टाइम्स के अनुसार, हिजबुल्लाह के उप महासचिव नईम कासेम ने फिर दोहराया है कि मौजूदा लड़ाई का समाधान युद्धविराम है। हमास के समर्थन में शुरू किया हमला अब युद्ध में बदल गया है। हिजबुल्लाह ने इजराइल पर आक्रमण के लिए नई रणनीति और नया समीकरण तय किया है। अगर इजराइली अधिकारी युद्धविराम नहीं चाहते, तो हिजबुल्लाह आखिरी दम तक लड़ेगा। कासेम ने लेबनान के विस्थापितों से वादा किया कि उनकी … Read more

हिजबुल्ला के पीछे हाथ धोकर पड़ा इजरायल, एक और कमांडर को किया हलाक

बेरुत मीडिल ईस्ट में लगातार जंग के बीच दिन-ब-दिन हालात बदतर होते जा रहे हैं. इस बीच आईडीएफ ने दावा किया है कि उन्होंने हमास के उत्तरी गाजा यूएवी कमांडर महमूद अल-मबौह को मार गिराया है. उसने इजरायल के सुरक्षा बलों और लोगों पर ड्रोन हमले का निर्देश दिया था. आईडीएफ के मुताबिक उन्होंने जबालिया और राफा में ड्रोन हमले किए, जिसमें 50 से अधिक हमास आतंकवादी मारे गए. शरणार्थी शिविरों पर बमबारी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक फिलिस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि गाजा के आठ ऐतिहासिक शरणार्थी शिविरों में से सबसे बड़े जबालिया के अल-फलूजा के पास इजरायली गोलीबारी में कम से कम 17 लोग मारे गए. स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि इसके अलावा दक्षिण गाजा में पूर्वी खान यूनिस के बानी सुहैला शिविर में 10 अन्य लोग मारे गए. जबालिया को अब इजरायल बना रहा निशाना इससे पहले मंगलवार को एक इजरायली हवाई हमले में गाजा शहर के सबरा में तीन घर तबाह हो गए. रिपोर्ट के मुताबिक स्थानीय नागरिक आपातकालीन सेवा ने कहा कि उन्होंने घटनास्थल से दो शव बरामद किए हैं, जबकि 12 अन्य लोगों की तलाश जारी है, जिनके बारे में माना जाता है कि वे उस समय घरों में मौजूद थे. इजरायल की सेना बीते 10 दिनों से जबालिया को निशाना बना रही है ओर उत्तरी क्षेत्र में लौट रही है. मिडिल ईस्ट इजरायल इस समय कई मोर्चों पर लड़ाई लड़ रहा है. इजराइल ने पूर्वी लेबनान में एयरस्ट्राइक तेज कर दिया है. मंगवार (15 अक्टूबर 2024) को बेका घाटी में कई हवाई हमले हुए, जिनमें बालबेक शहर के पास आवासीय क्षेत्रों को निशाना बनाया गया. इजरायली सेना ने एक बयान में कहा कि ऊपरी गैलिली में सायरन बजने के बाद लेबनान से इजरायल में प्रवेश करने वाले दो ड्रोन की पहचान की गई है, हालांकि इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. recent visitors 86

इजरायली रक्षा मंत्री ने कहा, “IDF सैनिक हिजबुल्लाह की संपत्तियों को जमीन के ऊपर और नीचे दोनों जगह नष्ट कर रहे हैं

यरूशलम इजरायल का कहना है कि वह मिलिट्री ऑपरेशन खत्म होने के बाद हिजबुल्लाह को दक्षिणी लेबनानी सीमा क्षेत्र पर दोबारा कब्जा नहीं करने देगा। इजरायल के रक्षा मंत्री योआव गैलेंट ने कहा कि इजरायल ‘हिजबुल्लाह के बुनियादी ढांचे वाले (दक्षिणी लेबनानी) गांवों की पूरी पहली पंक्ति’ को अपना ‘मिलिट्री टारेगट’ मानता है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, गैलेंट ने कहा कि हिजबुल्लाह आतंकवादियों ने इन गांवों में कई भूमिगत सुरंगों और हथियारों के गोदाम का निर्माण किया है। इजरायली रक्षा मंत्री ने कहा, “आईडीएफ सैनिक वर्तमान में इन (हिजबुल्लाह) संपत्तियों को जमीन के ऊपर और नीचे दोनों जगह नष्ट कर रहे हैं।” उन्होंने चल रहे छापों को ‘शक्तिशाली और प्रभावी’ बताया। गैलेंट ने कहा कि आईडीएफ सैनिकों के वापस चले जाने के बाद भी हम हिजबुल्लाह आतंकवादियों को इन क्षेत्रों में वापस नहीं आने देंगे। इजरायल-लेबनान सीमा पर  भी लड़ाई जारी रही। इजरायली सेना ने दावा किया कि उसने लेबनान में हिजबुल्लाह के लगभग 200 ठिकानों पर हमला किया, जिसमें रॉकेट लांचर, एंटी-टैंक मिसाइल पोजिशन और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। सेना ने यह भी बताया कि हिजबुल्लाह लड़ाकों के साथ लड़ाई में 28 सैनिक घायल हुए हैं। आईडीएफ ने दक्षिणी लेबनान के 21 से अधिक गांवों के निवासियों से अवली नदी के उत्तर के इलाके को खाली करने का अल्टीमेटम दिया। इजरायली सैन्य प्रवक्ता अविचाय एड्राई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘अपनी सुरक्षा के लिए, आपको तुरंत अपने घर छोड़ देने चाहिए। बिना देरी किए खाली कर दें। हिजबुल्लाह के तत्व, सुविधाएं या हथियार क्षेत्र में हैं, जो आपकी जान को जोखिम में डाल रहे हैं।” वहीं हिजबुल्लाह की तरफ से इजरायली ठिकानों पर हमले जारी हैं। इजरायली अधिकारियों के अनुसार, हिजबुल्लाह ने रविवार शाम तक उत्तरी इजरायल में कम से कम 90 रॉकेट दागे। हिजबुल्लाह ने उत्तरी इजरायल के बिन्यामीना में गोलानी ब्रिगेड के ट्रेनिंग बेस पर ड्रोन अटैक की जिम्मेदारी ली। यह हमला इजरायल में एक दुर्लभ घटना है, जिसके दौरान एक ड्रोन इजरायल की वायु रक्षा प्रणाली को भेद गया और भारी नुकसान पहुंचाया। हमलें में कम से कम चार इजरायली सैनिक मारे गए और दर्जनों अन्य घायल हो गए। इजरायल ने अक्टूबर की शुरुआत से लेबनान में ‘सीमित’ जमीनी अभियान शुरू किया, जिसमें दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाया गया। इसने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर हवाई हमले भी तेज कर दिए हैं, जो हिजबुल्लाह का गढ़ है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने  बताया कि 8 अक्टूबर, 2023 से लेबनान पर इजरायली हवाई हमलों में मरने वालों की संख्या 2,306 तक पहुंच गई है, जबकि कुल 10,698 लोग घायल हुए हैं।     recent visitors 106

इजरायल के हमले से मरने वालों में महिलाएं और बच्चे ज्यादा, नॉर्थ गाजा में 400,000 फिलिस्तीनी फंसे हुए

गाजा पिछले एक साल से ज्यादा वक्त से फिलिस्तीन में इजरायल का हमला जारी है, जिसमें हजारों नागरिकों की मौत हो चुकी है. इजरायल के हमले से मरने वालों में महिलाएं और बच्चे ज्यादा हैं. Al Jazeera की रिपोर्ट के मुताबिक, नॉर्थ गाजा में करीब 400,000 फिलिस्तीनी फंसे हुए हैं और इजराइली सेना के निकासी आदेश जारी करने के बावजूद किसी को भी इलाके को छोड़ने की अनुमति नहीं दे रही है. ऐसे में कहानी एक ऐसी फिलिस्तीनी महिला और उसके परिवार की, जिसको जंग के पिछले एक साल में 14 बार विस्थापित होने को मजबूर होना पड़ा. पीड़ित महिला सबरीन ने Al Jazeera से बात करते हुए कहा, "जंग से पहले मैं एक शानदार जिंदगी गुजार रही थी. एक ऐसी जिंदगी, जिसमें इज्जत थी. अल्लाह के शुक्र से हम खुशहाल थे. मेरे पति एक मछुआरे थे, हमें और कुछ नहीं चाहिए था. मेरी पोती खुश थी, वह अपने स्कूल जाती थी लेकिन जंग ने सब ठप कर दिया." 'जिंदा रहने की कोशिश में भटकने को मजबूर…' इजरायल के पहले हमले में सबरीन को गाजा शहर में बना अपना घर छोड़ने को मजबूर होना पड़ा. उन्होंने पहले भी अपने परिवार के साथ नॉर्थ गाजा में शरण ली थी लेकिन आगे साउथ की तरफ जाने के बाद उन्हें जिंदा रहने की कोशिश में बार-बार साउथ और फिर सेंट्रल गाजा को पार करना पड़ा. फिलिस्तीनी नागरिक सबरीन आगे कहती हैं, "मैं आपको विस्थापन के बारे में बताती हूं. आप पर अत्याचार किया जाता है, यह बहुत महंगा है, हम लोगों से लोन लेते हैं ताकि हम एक जगह से निकल कर दूसरी जगह जा सकें. विस्थापन की शुरुआत से लेकर अब तक चुकाने के लिए बहुत सारे लेन हैं और मेरे नाम पर भी कुछ नहीं बचा है. यह इस हद तक पहुंच गया है कि मुझे अपनी बेटी और अपनी नातिन का गोल्ड बेचना पड़ा है. अब जो बचा है, वह है मेरी नातिन का कंगन, उसकी अंगूठी और झुमके हैं." जब सीजफायर होने की खबर आई, तो उन्होंने घर जाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर नॉर्थ की ओर लौटने की कोशिश की. 'हम छोटी लड़कियों के लिए डरे हुए थे…' सबरीन अपना दर्दनाक एक्सपीरिएंस शेयर करते हुए कहती हैं, "मैंने बच्चे और लड़कियों, अपनी मां और बेटी, बहन और अपनी भतीजी को लिया और हम चल पड़े. हम सेना की चौकियों के पास दो सड़कों पर पहुंचे. मैंने कोई सैनिक नहीं देखा लेकिन फिर सैनिक आ गए, लगभग तीस सैनिक हमें रुकने के लिए कह रहे थे. उन्होंने हमसे पूछा कि हम पहले क्यों नहीं आए, हमसे पहले कुछ लोग अंदर आ गए. मैं दो घंटे बाद वापस लौटी, फिर स्नाइपर्स ने मुझ पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं. लाइव गोला बारूद. हम अपने छोटे बच्चों, छोटी लड़कियों के लिए डरे हुए थे, लेकिन मैं अपने चारों ओर गोलीबारी के बावजूद भी चल रहे थेय एक युवक आया और मुझे खींचकर ले गया." अन्य लोगों की तरह, सबरीन ने भी गाजा में इजरायल के नरसंहार की वजह से अपने कई रिश्तेदारों को खो दिया है और बार-बार विस्थापन के कारण उन्हें शोक मनाने भी वक्त सही से नहीं मिल सका है. '23 लाख नगारिक हुए विस्थापित' सबरीन कहता हैं, "हमारे रिश्तेदारों में से बहुत से शहीद हुए हैं. मेरी बहन का पति, उसका बेटा भी, मेरे चाचा के बेटे और चाची के बेटे सहित कई लोग. हमला होने के बाद हमें अपने बच्चों के साथ निकलना पड़ा. हमने शहीदों को दफना दिया और हम साउथ की तरफ गए." गाजा के करीब 23 लाख नागरिक कम से कम एक बार जरूर विस्थापित हुए हैं. सबरीन की तरह कई लोगों को इजरायली हमलों की वजह से कई बार विस्थापित होना पड़ा है. गाजा का ज्यादातर इलाका इजरायली सेना के विस्थापन आदेशों का सामना कर रहा है, लोगों का कहना है कि उनके पास भागने के लिए जगह नहीं बची है. सबरीन दर्द बयां करते हुए कहती हैं, "हम उम्मीद करते हैं कि गाजा फिर से पहले की तरह हो जाए. फिर से बनाया जाए, फिर से सुकून और सुरक्षित महसूस करें, दूसरे अरब देशों की तरह. हमारे बच्चे दूसरे देशों के बच्चों की तरह शानदार जिंदगी गुजार सकें. हमें सुरक्षित रहने का अधिकार है, हमें अपने घर लौटने का अधिकार है.   recent visitors 74