हाइफ़ा पर हिज़्बुल्लाह का ‘सबसे बड़ा’ रॉकेट हमला, इजरायल की कमजोर नस बनी !

तेल अवीव हिज्बुल्लाह ने हाइफा की खाड़ी में ताबड़तोड़ करीब 100 रॉकेट दागे. कुछ को इजरायल के एयर डिफेंस सिस्टम ने रोक लिया. लेकिन कुछ गिरे. जिससे दो लोगों की मौत हो गई. 8 जख्मी हो गए. किरयत श्मोना में 20 रॉकेट गिरे. मौत भी यहीं हुई है. ये एक कपल था, जो अपने कुत्ते के साथ घूम रहा था. इन्हें प्रोटेक्टिव बंकर में घुसने का मौका नहीं मिला. इसलिए रॉकेट से निकले शार्पेनल की वजह से मारे गए. हाइफा की खाड़ी के पास वाले इलाके में तीन लोग बुरी तरह से जख्मी हुए हैं. इजरायली फोर्स ने कहा कि हिज्बुल्लाह के रॉकेट खुले इलाके में गिरे हैं. कुछ को हमने रोक दिया. इजरायली पुलिस और बम स्क्वाड किरयत श्मोना में कई घरों की जांच की है. पुलिस ने लोगों को ऐसी जगहों पर जाने को मना किया है, जहां पर रॉकेट गिरे हों. क्योंकि उनमें जिंदा विस्फोटक होने की आशंका है. अगर वो फटे तो नुकसान हो सकता है. आइए जानते हैं हाइफा के बारे में… येरूसल और तेल-अवीव के बाद इजरायल का तीसरा सबसे बड़ा शहर हाइफा है. 2022 के मुताबिक यहां करीब तीन लाख लोग रहते हैं. यहां पर सबसे ज्यादा बहाई समुदाय के लोग रहते हैं. माउंट कारमेल के पठारी ढलानों पर बसे इस शहर का इतिहास 3000 साल पुराना है. कांस्य युग में स्थापित हुए इस शहर सबसे पहले डाई (Dye) बनाने का काम होता था. पूरी दुनिया में यह इसी काम के लिए प्रसिद्ध था. यहां कई साम्राज्य आए और गए. बेबिलोनियन, पर्सियन, इजरायलाइट्स आदि. 1948 की फिलिस्तीन जंग में जब हाइफा में युद्ध हुआ तो यहां की अरब आबादी शहर छोड़कर भाग गई थी. इसके बाद यह शहर इजरायल का हिस्सा बन गया. हाइफा एक बंदरगाह शहर है. खाड़ी का इलाका करीब 63.7 वर्ग किलोमीटर का है. इजरायली रक्षामंत्री ने दी ईरान को चेतावनी इजरायल के रक्षामंत्री योआव गैलेंट ने कहा है कि ईरान ने 1 अक्तूबर को बड़ा हमला किया था. लेकिन उसे जबाव में तगड़ा हमला मिलेगा. उसका हमला आक्रामक था लेकिन सटीक नहीं. हमारा हमला घातक और पिनप्वाइंट एक्यूरेट होगा. सबसे जरूरी बात कि ये हैरान कर देगा. उन्हें पता भी नहीं कि उनके साथ क्या होने वाला है. इस बीच द जेरुसलम पोस्ट ने रिपोर्ट किया है कि इजरायल ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर हमला नहीं करेगी. उसका फोकस मिलिट्री बेस और इंटेलिजेंस साइट्स होंगे.   recent visitors 87

हसन खुमैनी ने कहा, ‘यह सोचना गलत है कि अगर इजरायल को अकेला छोड़ देंगे तो वह इजरायल भी हमें अकेला छोड़ देगा

तेहरान  ईरानी क्रांति के नेता रहे ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खुमैनी के पोते ने इजरायल के खिलाफ पूरी ताकत से हमला करने की धमकी दी है। हसन खुमैनी के ने ईरानी चैनल पर एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि इजरायल तब तक पीछे नहीं हटेगा, जब तक उसके खिलाफ ताकत का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। हसन खुमैनी ने फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना के लिए जनमत संग्रह कराने ईरान के सुझाव पर भी बात की औऱ कहा कि यह इजरायल के अंत की ओर जाएगा। हसन खुमैनी ने दावा किया कि जनमत संग्रह में 'जो सबसे ज्यादा वोट हासिल करेगा, वो जीतेगा। इससे अंततः इजरायल का सफाया हो जाएगा और वे यह जानते हैं।' पूर्व सुप्रीम लीडर के पोते ने अमेरिका, ब्रिटेन और इजरायल की तरफ से प्रस्तावित दो राज्य समाधान की आलोचन की। हसन ने कहा कि यह दुनिया को 'इजरायली कब्जे' की वैधता स्वीकार करने के लिए मजबूर करने की एक चाल मात्र है। इजरायल से दोस्ती को बताया बेकार हसन खुमैनी ने कहा, 'यह सोचना गलत है कि अगर इजरायल को अकेला छोड़ देंगे तो वह इजरायल भी हमें अकेला छोड़ देगा।' उन्होंने कहा कि इजरायल से बातचीत और दोस्ती दिखाने से कुछ हासिल नहीं होगा। इसके बजाय ईरान को अपनी ताकत और सैन्य क्षमता दिखाने की जरूरत होगी। मौजूदा वैश्विक स्थिति में इजरायल से निपटने के लिए मजबूत नजरिए की जरूरत है। ईरान का इजरायल पर हमला ईरान ने पिछले सप्ताह इजरायल के ऊपर 200 बैलिस्टिक मिसाइलों की बौछार कर दी थी। यह हमला अप्रैल में किए गए हमले से ज्यादा घातक था। इस बार के हमले में कई ईरानी मिसाइलें इजरायली क्षेत्र में गिरी थीं। इजरायली एयरबेस भी इस हमले में निशाना बना था। ईरान ने इसे लेबनान में हिजबुल्लाह नेता हसन नसरल्लाह की हत्या के बदले में की गई कार्रवाई बताया था। बीते शुक्रवार को ईरान के सुप्रीम लीडर ने ग्रैड मस्जिद से संबोधन दिया था, जिसमें इजरायल को मिटाने की धमकी दी थी। हसन नसरल्लाह को इजरायल ने पिछले महीने के आखिर में दक्षिणी बेरूत के दहियाह में एक हवाई हमले में मार दिया था। इजरायली एयरस्ट्राइक ने हिजबुल्लाह के भूमिगत मुख्यालय को निशाना बनाया था, जब नसरल्लाह वहां अपने सीनियर कमांडरों के साथ बैठक कर रहा था। बीते कुछ दिनों में इजरायल ने ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के लगभग सभी शीर्ष नेताओं को मार दिया है। recent visitors 76

इजरायली सेना ने गाजा को खंडहर में बदल दिया, अब 42000 मौतें, इजरायल कई मोर्चों पर एक साथ लड़ रहा है युद्ध

तेल अवीव इजरायल ने 7 अक्टूबर, 2023 को हुए हमास के बर्बर हमले की पहली बरसी पर 10 दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है. हमास ने पिछले साल 7 अक्टूबर के दिन इजरायल में अचानक धावा बोल दिया था. उसके लड़ाकों ने आसमान, जमीन और समुद्र के रास्ते इजरायल में घुसकर कत्लेआम मचाया था. इस हमले में 1200 से अधिक इजरायली नागरिकों की मौत हुई थी और हमास ने 250 से के करीब लोगों को बंधक बना लिया था, जिसमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल थीं. हमास ने अपने इस हमले को ऑपरेशन अल-अक्सा फ्लड (Operation Al-Aqsa Flood) नाम दिया था. इजरायल ने इस बर्बरता का बदला लेने और हमास का अस्तित्व मिटाने की कसम खाई थी. उसने गाजा में ऑपरेशन आयरन स्वॉर्डस (Operation Iron Swords) चलाया. उसकी सेना ने गाजा को खंडहर में बदल दिया. पिछले एक साल के अंदर गाजा में इजरायली कार्रवाई में करीब 41000 मौतें हुई हैं, लाखों लोग गाजा से विस्थापित हुए हैं. इजरायल अब तक इस्माइल हानिया और मोहम्मद डेफ समेत हमास के कई शीर्ष नेताओं को ढेर कर चुका है. यह 2008 के बाद से फिलिस्तीन-इजरायल संघर्ष का पांचवां युद्ध है, और 1973 में योम किप्पुर युद्ध के बाद इस क्षेत्र में सबसे बड़ा सैन्य अभियान है. हमार ने 7 अक्टूबर के हमले को बताया 'Glorious' गाजा पट्टी पर 2007 से हमास का शासन है और 7 अक्टूबर, 2023 के हमले के बाद इजरायल की बदले की कार्रवाई में यहां बड़े पैमाने पर विनाश हुआ है. गाजा में बुनियादी ढांचे मलबे में तब्दील हो चुके हैं. एक वर्ष बीत जाने के बाद भी, गाजा युद्ध अनसुलझा है और पूरे क्षेत्र में युद्ध की संभावना अधिक बनती जा रही है. अपने कई शीर्ष नेताओं और कमांडरों के मारे जाने के हमास सक्रिय है. कतर स्थित हमास के सदस्य खलील अल-हया ने एक वीडियो संदेश जारी करके 7 अक्टूबर, 2023 के हमले को 'महान कार्य' बताया है. अल-हया ने 7 अक्टूबर के हमले की बरसी पर जारी अपने संदेश में कहा, 'पूरा फिलिस्तीन, विशेष रूप से गाजा और हमारे फिलिस्तीनी नागरिक दुश्मन के खिलाफ अपने प्रतिरोध के साथ एक नया इतिहास लिख रहे हैं.' इजरायल कई मोर्चों पर एक साथ लड़ रहा है युद्ध हमास द्वारा 7 अक्टूबर, 2024 को किए गए हमले की पहली बरसी आने तक इजरायल कई मोर्चों पर युद्ध लड़ रहा है. अब उसका फोकस गाजा से लेबनान में शिफ्ट हो गया है. लेबनान के अलग-अलग हिस्सों में हिज्बुल्लाह को निशाना बनाते हुए इजरायली सेना की जमीनी कार्रवाई और वायुसेना के हवाई हमले जारी हैं. गाजा में 41,000 से अधिक मौतों के बावजूद ऐसा लगता है कि यह हिंसा कभी खत्म नहीं होने वाली. इजरायली रक्षा बलों ने 5 अक्टूबर, 2024 को गाजा शहर के बगल में स्थित जबालिया में हमास लड़ाकों को खत्म करने के इरादे से एक और अभियान शुरू किया. इजरायल ने कहा कि हमास जबालिया में फिर सिर उठाने की कोशिश कर रहा था. अब भी 101 बंधकों के बारे में नहीं चल सका पता यह संभव है कि इजरायल के खिलाफ उसके दुश्मनों द्वारा एक और आतंकवादी हमला या सैन्य अभियान इलाके में संघर्ष की स्थिति को और भी भयावह बना सकता है. हमास ने 7 अक्टूबर, 2023 को इजरायल पर हमले के दौरान जिन 250 लोगों को बंधक बनाया था, उनमें से 101 बंधकों का अब भी पता नहीं चल सका है. इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हाल ही में संयुक्त राष्ट्र में अपने संबोधन में इन बंधकों का जिक्र किया था. उन्होंने यह प्रतिबद्धता जाहिर की थी कि इजरायल आखिरी बंधक का पता लगाए बिना चैन से नहीं बैठेगा. गाजा में इजरायल का उद्देश्य हमास की सैन्य क्षमताओं और शासन को नष्ट करना और बंधकों को छुड़ाना है. अपने युद्ध को अंजाम तक पहुंचा पाएगा इजरायल? लेबनान के खिलाफ मोर्चा खोलने के पीछे इजरायल का लक्ष्य अपने उन 60,000 से अधिक नागरिकों को सीमा के पास अपने घरों में लौटने के लिए सुरक्षित महसूस कराना है, जिन्हें ​हिज्बुल्लाह के रॉकेट हमलों की जद में आने का डर सताता है. पिछले एक साल में इजरायल अपने दुश्मनों पर नकेल कसने में कामयाब रहा है, लेकिन अपने युद्धों को अंजाम तक पहुंचाने में सफल नहीं रहा है. इजरायली सैन्य अधिकारी भी यह स्वीकार करते हैं कि हमास और हिज्बुल्लाह के शीर्ष नेतृत्व को खत्म करने और उनकी सैन्य क्षमताओं को कुंद करने के बावजूद, ये दोनों मिलिशिया समूह फिलिस्तीन और लेबनान में एक ताकत बने रहेंगे. इस संघर्ष में ईरान की एंट्री से स्थिति और बिगड़ सकती है. इन सब तथ्यों को ध्यान में रखते हुए यही समझ में आता है कि इजरायल को निकट भविष्य में भी युद्धों और संघर्षों के लिए तैयार रहना होगा.   recent visitors 71

गाजा की मस्जिद पर की इजरायल ने Air Strike, 18 लोगों की मौत; युद्ध की पहली वर्षगांठ मनाने जुटे थे लोग

गाजा. गाजा पर इजरायल के हमले आज भी जारी हैं। रविवार को सुबह-सुबह एक मस्जिद पर हुई भीषण बमबारी में 18 से अधिक लोगों के मारे जाने की खबर है। फिलिस्तीनी समाचार एजेंसी वफा ने इसकी जानकारी दी है। इस हमले में दर्जनों लोग घायल हो गए हैं। इजरायल का दावा है कि यहां हमास का कमांड सेंटर था। आपको बता दें कि बीते साल 7 अक्तूबर से दोनों देशों के बीच युद्ध जारी है। इसकी पहली बरसी से ठीक पहले मध्य गाजा पट्टी के डेर अल-बला में अल-अक्सा अस्पताल के पास मौजूद मस्जिद पर हमला हुआ है। प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि हताहतों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि मस्जिद का इस्तेमाल विस्थापित लोगों को रखने के लिए किया जा रहा था। इजरायली सेना ने एक बयान में कहा कि उसने हमास के आतंकवादियों पर एक सटीक हमला किया है। वे डेर अल बलाह के क्षेत्र में 'शुहादा अल-अक्सा' मस्जिद के रूप में काम करने वाली एक संरचना में लगे एक कमांड और कंट्रोल सेंटर के भीतर काम कर रहे थे। इससे पहले हमास की सशस्त्र शाखा अल-कस्साम ब्रिगेड ने वेस्ट बैंक के शहर तुलकरम पर एक इजरायली हमले में अपने एक प्रमुख कमांडर जही यासर अब्द अल-रजेक औफी के साथ सात अन्य लड़ाकों की मौत की पुष्टि की थी। हमास ने शुक्रवार को एक बयान में यह बातें कही। हमास की सशस्त्र शाखा अल-क़स्साम ब्रिगेड ने कहा कि इज़रायल को अपने आपराधिक कृत्यों की कीमत चुकानी होगी। इजरायल रक्षा बलों (आईडीएफ) ने गुरुवार रात घोषणा की कि उसने हमास नेटवर्क के प्रमुख कमांडर औफी को मार गिराया है। आईडीएफ ने एक बयान में कहा कि औफी ने 02 सितंबर को अटेरेट में कार बम विस्फोट की योजना बनाई और उसका नेतृत्व किया था। फिलिस्तीन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक संक्षिप्त बयान में कहा कि गुरुवार को वेस्ट बैंक में तुलकरम शरणार्थी शिविर को निशाना बनाकर किए गए एक इज़रायली हवाई हमले में कम से कम 18 फिलिस्तीनी मारे गए और कई अन्य घायल हो गए थे। आपको बता दें कि इजरायली-फिलिस्तीनी संघर्ष में की शुरुआत में 1200 लोग मारे गए और लगभग 250 लोगों को बंधक बना लिया गया था। वहीं, गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, गाजा पर इजरायल के हमले के बाद 42,000 फिलिस्तीनी मारे गए हैं। इन हमलों ने लगभग 23 लाख लोगों को विस्थापित कर दिया है। फिलिस्तीन के लोग भूख का संकट से जूझ रहे हैं। recent visitors 77

इजरायल ने चार दिनों में हिज्बुल्लाह के 2000 से अधिक सैन्य ठिकानों को तबाह किया, 250 हिज़्बुल्लाह लड़ाकों को खत्म

तेलअवीव इजरायल रक्षा बलों (आईडीएफ) ने दावा किया है कि इजरायल पिछले चार दिनों में हिज्बुल्लाह के 2000 से अधिक सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया है और लगभग 250 हिज़्बुल्लाह लड़ाकों को खत्म कर दिया है. आईडीएफ के मुताबिक, मारे गए हिज़्बुल्लाह कमांडरों में पांच बटालियन कमांडर, 10 कंपनी कमांडर और छह प्लाटून कमांडर शामिल थे. आईडीएफ ने आगे कहा कि इजरायली वायु सेना दक्षिणी लेबनान में खुफिया-आधारित अभियानों के दौरान एहतियाती हमले भी कर रही है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखे पोस्ट में आईडीएफ ने लिखा,  "पिछले 4 दिनों में, आईडीएफ ने 2,000 से अधिक सैन्य ठिकानों और 250 हिज़्बुल्लाह आतंकवादियों को खत्म कर दिया है. उनमें से 5 बटालियन कमांडर- 10 कंपनी कमांडर- 6 प्लाटून कमांडर शामिल हैं." आईडीएफ ने एक अन्य पोस्ट में लिखा, 'दक्षिणी लेबनान में 24 घंटे के ऑपरेशन का विवरण: सटीक खुफिया-आधारित छापों के दौरान, IDF सैनिकों को एक आवासीय घर के अंदर रॉकेट लॉन्चर गोला-बारूद, एंटी-टैंक मिसाइल और रॉकेट मिले. इसके अलावा, इमारतों और घरों में दर्जनों हथियार मिले जिनका लक्ष्य इजरायली क्षेत्र था. हथियारों में एंटी-टैंक मिसाइल, फायरआर्म्स, विस्फोटक उपकरण शामिल हैं.' रान ने दागी थीं मिसाइलें इजरायल रक्षा बलों ने एक अपडेट साझा किया जिसमें कहा गया कि "लगभग 2 महीनों में पहली बार, दक्षिणी इजरायल में सायरन बज रहे हैं." यह घटनाक्रम ईरान द्वारा मंगलवार को इजरायल के खिलाफ युद्ध में सैकड़ों मिसाइलों को लॉन्च करने के कुछ दिनों बाद हुआ है.ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल हमले के जवाब में अपने विकल्पों पर विचार कर रहा है. अल जज़ीरा के अनुसार ईरान ने कहा था कि हमास, हिजबुल्लाह और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के शीर्ष नेताओं की हत्या के जवाब में इजरायल पर लगभग 180 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं. देश दो मोर्चों पर युद्ध का सामना कर रहा है  जिसमें देश के उत्तरी हिस्से से ईरान समर्थित हिजबुल्लाह और दक्षिणी सीमा पर हमास हमला कर रहा है. ऐसे हुई थी शुरूआत दशकों पुराने इजरायल-फिलिस्तीनी संघर्ष उस समय खूनी लड़ाई में तब्दील हो गया है जब 7 अक्टूबर, 2023 को  फिलिस्तीनी हमास आतंकवादियों द्वारा इजरायल में घुसकर हमला किया गया. इस हमले में 1,200 लोग मारे गए और जिसमें लगभग 250 को बंधक बना लिया गया. गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, जवाबी कार्रवाई में इजरायल ने गाजा पर हमला कर दिया था जिसमें 41,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए, गाजा की लगभग पूरी आबादी विस्थापित हो गई. इसके बाद भूखमरी का संकट पैदा हो गया तथा इजरायल पर नरसंहार के आरोप लगे.     recent visitors 94

इजरायल ने हिजबुल्लाह के मिसाइल प्रोजेक्ट चीफ महमूद यूसुफ अनीसी को बनाया निशाना

तेल अवीव इजरायल का लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ हवाई और जमीनी कार्रवाई जारी है. इजरायली रक्षा बलों ने हिज्बुल्लाह की मिसाइल प्रोडक्शन यूनिट के चीफ एक्सपर्ट महमूद यूसुफ अनीसी को मार गिराने का दावा किया है. इजरायली सेना ने इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर बेरूत में यह ऑपरेशन चलाया था. आईडीएफ के मुताबिक महमूद यूसुफ अनीसी के पास मैकेनिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में व्यापक अनुभव था. वह हिज्बुल्लाह के वेपन प्रोडक्शन चेन में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति था. इजरायली सेना ने एक बयान में कहा, 'महमूद यूसुफ अनीसी ने 15 वर्षों से अधिक समय तक हिज्जबुल्लाह के लिए रणनीतिक हथियारों के विकास पर सक्रिय रूप से काम किया. वह टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में हिज्जबुल्लाह के प्रमुख विशेषज्ञों में से एक बन गया और अपने अनुभव का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए हथियार निर्माण में करने लगा.' इस बीच खबर है कि इजरायल ने हसन नसरल्लाह का उत्तराधिकारी माने जा रहे हाशिम सफीद्दीन को भी निशाना बनाया है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से बताया कि इजरायल ने बेरूत में एक हवाई हमले में हिज्बुल्लाह के वरिष्ठ अधिकारी हाशिम सफीद्दीन  को निशाना बनाया, जिसे ईरान समर्थित मिलिशिया समूह का अगला चीफ माना जा रहा है. हालांकि, आईडीएफ या हिज्बुल्लाह की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.  रिपोर्ट के मुताबिक संभवतः सफीद्दीन एक बंकर में हिज्बुल्लाह के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर रहा था, तभी गुरुवार आधी रात को इजरायल ने बेरूत पर भीषण हवाई हमले किए. इजरायल द्वारा नसरल्लाह को मारने के बाद से यह क्षेत्र में सबसे भारी बमबारी में से एक थी. समाचार आउटलेट एक्सियोस ने लेबनानी मीडिया के हवाले से कहा, ताजा इजरायली हमला नसरल्लाह की हत्या से कहीं बड़ा था. हताहतों की संख्या अभी तक ज्ञात नहीं है. हाशिम सफीद्दीन हिज्बुल्लाह के राजनीतिक मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और समूह की जिहाद परिषद का सदस्य है. जिहाद परिषद ही हिज्बुल्लाह के सैन्य अभियानों का प्रबंधन करता है. अमेरिका ने सफीद्दीन को 2017 में आतंकवादी घोषित किया था. हसन नसरल्लाह के ममेरे भाई हाशिम सफीद्दीन को आमतौर पर हिज्बुल्लाह में 'नंबर दो' माना जाता है, और उसके ईरानी शासन के साथ भी घनिष्ठ संबंध हैं.   recent visitors 71

इजरायली सेना का बड़ा दावा- एक और दुश्मन हुआ ढेर, एयर स्ट्राइक में हमास के प्रमुख रावी मुश्तहा की हुई मौत

यरूशलम इजरायल (Israel) की सेना ने हमास (Hamas) के तीन वरिष्‍ठ नेताओं को मार गिराने का दावा किया है. इजरायल डिफेंस फोर्सेज (Israel Defense Forces) ने गुरुवार को कहा कि तीन महीने पहले एक हमले में गाजा में हमास के तीन सीनियर लीडर मारे गए थे. इनमें हमास सरकार का प्रमुख रावी मुश्‍तहा भी शामिल है. मुश्‍तहा को हमास प्रमुख याह्या सिनवार का करीबी माना जाता है. इजरायल की सेना गाजा में करीब एक साल से हमास के खिलाफ हमले कर रही है. आईडीएफ ने एक्‍स पर पोस्‍ट में कहा कि गाजा पट्टी में हमास सरकार के प्रमुख रावी मुश्तहा और हमास के राजनीतिक ब्यूरो के सुरक्षा विभाग को संभालने वाले समेह अल सिराज और एक कमांडर सामी औदेह की मौत हो गई. इजरायली सेना ने कहा कि तीनों कमांडरों ने उत्तरी गाजा में एक भारी सुरक्षा वाले अंडरग्राउंड कैंपस में शरण ली थी. इस जगह का इस्तेमाल वे अपने कमांड और कंट्रोल सेंटर के रूप में भी करते थे. 3 महीने पहले किया था हमला IDF ने X पर एक पोस्ट में कहा, 'लगभग 3 महीने पहले गाजा में IDF और ISA के संयुक्त हमले में कई आतंकवादियों को मार गिराया गया, जिसमें गाजा में हमास सरकार के प्रमुख रावी मुश्तहा, हमास के पॉलिटिकल ब्यूरो और हमास की लेबर कमेटी में सिक्योरिटी पोर्टफोलियो रखने वाले समेह अल-सिराज, हमास के सामान्य सुरक्षा तंत्र के कमांडर समी औदेह शामिल हैं. IAF के लड़ाकू विमानों ने उत्तरी गाजा में एक किलेबंद और अंडरग्राउंड कंपाउंड में छिपे आतंकवादियों पर हमला किया और उन्हें मार गिराया.' आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करता रहेगा इजरायल IDF ने आगे कहा, यह कंपाउंड हमास के कमांड और कंट्रोल सेंटर के रूप में काम करता था और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को लंबे समय तक इसके अंदर रहने में सहूलियत थी. IDF ने कहा कि वह 7 अक्टूबर के नरसंहार के लिए जिम्मेदार सभी आतंकवादियों को खोजना जारी रखेगा और इजरायल को धमकी देने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा. मुश्तहा हमास के एक टॉप नेता याह्या सिनवार का करीबी सहयोगी था, जिसने 7 अक्टूबर को इजरायल पर हुए हमले की साजिश रचने में मदद की थी, जिसमें 100 से अधिक लोग मारे गए थे. पिछले सप्ताह लेबनान के बेरूत में एक हमले में इजरायल ने हिजबुल्लाह प्रमुख हसन नसरल्लाह को भी मार गिराया. recent visitors 59