एमपी गजब: स्वास्थ्य विभाग ने जिस अस्पताल को ब्लैकलिस्ट किया, उस का नाम बदलकर इलाज शुरू 

MP Gajab: The hospital which was blacklisted, its name changed and treatment started  जितेन्द्र श्रीवास्तव (विशेष संवाददाता) जबलपुर। निजी अस्पतालों में व्याप्त अनियमितताओं की जांच की मांग को लेकर समाजवादी पार्टी कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और जिला प्रशासन को एक शिकायती पत्र सौंपा है। पार्टी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जिस अस्पताल को ब्लैक लिस्टेड किया था, उसी अस्पताल में दूसरे नाम से हॉस्पिटल का संचालन होने लगा है। जिसकी जांच कर कार्यवाही की जाना चाहिए। आयुष्मान कार्ड का चल रहा फर्जीवाड़ा समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव आशीष मिश्रा ने आरोप लगाया है कि निजी अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड का घोटाला भी चल रहा है। विगत कुछ महीनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां पर आयुष्मान कार्ड के जरिए फर्जीवाड़ा किया गया है। उन अस्पतालों पर कार्रवाई भी की गई है लेकिन अभी भी जिले के कई अस्पताल ऐसे हैं जहां पर मरीजों का आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद भी उनसे नकद राशि भी जमा कराई जा रही है जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण गैलेक्सी हॉस्पिटल था। जिसमें एक मरीज से ली गई रकम को मुख्यमंत्री ने स्वयं ही वापस कराया था। ऐसे ही कुछ अस्पतालों की जांच कराए जाने की मांग को लेकर एक पत्र भी प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा गया है। गरुड़ पुराण लेकर पहुंचे थे पार्टी कार्यकर्ता समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता कलेक्टर कार्यालय गरुड़ पुराण लेकर पहुंचे थे और उसे प्रशासनिक अधिकारियों को भेंट करने का प्रयास किया गया लेकिन अधिकारियों ने गरुड़ पुराण नहीं ली केवल मांग पत्र लेकर उसे कलेक्टर के संज्ञान में लाने का आश्वासन दिया एसडीएम ऋषभ जैन ने बताया कि कार्यकर्ताओं द्वारा सौंपी गई शिकायत कलेक्टर दीपक सक्सेना के समक्ष रखी जाएगी उसके बाद उनके निर्देश अनुसार कार्यवाही की जाएगी। मरीज को लेकर पहुंचे थे पार्टी कार्यकर्ता निजी अस्पतालों की शिकायत करने समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता कलेक्टर कार्यालय अपने साथ मरीज को लेकर भी पहुंचे थे। गौरझामर निवासी हुकुमचंद प्रजापति और ग्वारीघाट निवासी राहुल अहिरवार ने भी निजी अस्पतालों की मनमानी से संबंधित बातें अधिकारियों को बताई। recent visitors 344

AIRPORT FLIGHTS ISSUE, जबलपुर एयरपोर्ट से कम उड़ानों के मामले में हाईकोर्ट सख्त, विमानन कंपनियों पर कड़ी टिप्पणी

जबलपुर ! मप्र हाईकोर्ट ने जबलपुर से अन्य बड़े शहरों के लिए एयर कनेक्टिविटी संबंधी मामले को गंभीरता से लिया है. चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत व जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने मंगलवार को दो विमानन कंपनियां स्पाईस जेट व आकासा एयरलाइंस का जवाब न आने पर सख्त टिप्पणी की है. युगलपीठ ने दोनों विमानन कंपनियों को जवाब के लिए आखिरी मोहलत देते हुए कहा कि अगली सुनवाई पर जवाब न आने पर उनपर भारी जुर्माना लगाना शुरू किया जाएगा. कोर्ट ने एयरलाइंस कंपनियों को दो टूक कहा है कि अगर अगली सुनवाई तक जबलपुर की एयर कनेक्टिविटी को लेकर उनका जवाब नहीं आया तो सभी पर बीस-बीस हजार रु का जुर्माना लगाया जाएगा. इसके साथ ही न्यायालय ने इंडिया एक्सप्रेस एयरलाइंस को पक्षकार बनाने के निर्देश देते हुए नोटिस जारी किए हैं. युगलपीठ ने मामले की अगली सुनवाई 16 जनवरी को निर्धारित की है. दरअसल, ये जनहित का मामला नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के डॉ. पीजी नाजपांडे व रजत भार्गव की ओर से दायर किया गया था. इसमें कहा गया है कि जबलपुर में अन्य शहरों की तुलना में कम फ्लाइट हैं. पूर्व में जबलपुर से मुम्बई, पुणे, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरू आदि शहरों के लिए फ्लाइटें संचालित होती थीं और जबलपुर की एयर कनेक्टिविटी प्रदेश के इंदौर व भोपाल के सामान थी. लेकिन लगातार फ्लाइटें बंद होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. याचिका में कहा गया कि पूर्व में जबलपुर से औसतन 15 फ्लाइट संचालित होती थीं. वहीं अब इनकी संख्या घटकर 5 हो गयी है, जिससे जबलपुर का विकास अवरुद्ध हो रहा है. इस मामले में इंडिगों विमान कंपनी ने अपना जवाब पेश कर दिया था. जबकि अनावेदक स्पाईस जेट व आकासा एयरलाइंस का जवाब प्रतीक्षित था. मामले में मंगलवार को हुई सुनवाई के बाद न्यायालय ने विमानन कंपनियों को जवाब पेश करने का आखिरी मौका दिया है. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने पक्ष रखा. recent visitors 141

मध्य प्रदेश में अनूठी पहल: डॉग संरक्षण को लेकर प्रदेश में लगायें जा रहें डॉग मेला 

Unique initiative in Madhya Pradesh: Dog fairs are being organised in the state for the protection of dogs  भोपाल । जबलपुर में एक राष्ट्रीय स्तर का डॉग शो हो रहा है. इसमें देश भर से 350 डॉग्स और उनके पालक हिस्सा ले रहे हैं. आयोजकों का कहना है कि इस आयोजन में कुछ डॉग्स 1000 किलोमीटर दूर से भी सफर तय करके पहुंच रहे हैं. कुत्तों की अलग-अलग प्रजातियों को जज करने के लिए भारत के दो और ऑस्ट्रेलिया से एक जज भी आए हुए हैं. यह शो जबलपुर में 9 नवंबर और 10 नवंबर को आयोजित किया जाएगा. शो में 350 डॉग्स होंगे शामिल जबलपुर में एक केनाल शो आयोजन किया जा रहा है. इस केनाल शो में भारत में पाई जाने वाली लगभग 35 देसी और विदेशी प्रजातियों के साढे़ 300 डॉग्स आ रहे हैं. इस दौरान इन्हें पालने वाले भी जबलपुर पहुंच रहे हैं. यह आयोजन जबलपुर के स्पोर्ट क्लब में हो रहा है. इन डॉग्स को दो दिनों तक जबलपुर में रखा जाएगा. जबलपुर में एक कैनल सोसाइटी है, जो इस शो का आयोजन करती है. इस समिति के सेक्रेटरी डॉ. अंकुर चौधरी ने बताया, ”इस शो में पहली बार एक ऑस्ट्रेलियन शेफर्ड डॉग शामिल हो रहा है, जो जमशेदपुर से जबलपुर आ रहा है. प्रयागराज से रामपुर हट प्रजाति के डॉग्स आ रहे हैं. इसके साथ ही एक बार फिर दक्षिण भारत की राजापलायम ब्रीड के डॉग्स भी इसमें शामिल होंगे. डॉग शो में हर कुत्ते को किया जाएगा जज इस डॉग शो में हर डॉग को जज भी किया जाएगा. यह जजमेंट बहुत बारीक होता है और इसके विशेष जज होते हैं. भारत में पंजाब के योगेश टुटेजा डॉग्स के बड़े जानकार माने जाते हैं. उन्होंने देश-विदेश के कई डॉग शो में जजमेंट दिए हैं. योगेश टुटेजा का कहना है, ”कुत्ता पालना एक साधना की तरह है, जब हम किसी ब्रीड का सिलेक्शन करते हैं तो हमें यह जानकारी होनी चाहिए कि इसके डॉग्स किस काम में आते हैं. हम उन्हें घर के अंदर पालना चाहते हैं या घर के बाहर. इसके साथ ही डॉग उसकी प्रजाति में कितना प्योर है, इसका भी जजमेंट किया जाता है. विदेशों में बढ़ रही है भारतीय कुत्तों की मांग योगेश टुटेजा ने आगे बताया, ”इसके साथ ही कुत्ते की तंदुरुस्ती और उसके अनुशासन को भी परखा जाता है. इसी के आधार पर यह तय किया जाता है कि कौन सा डॉग स्पेशल है और कौन सा डॉग नॉर्मल है.” पहले हमारे समाज में कुत्ते जरूरत के लिए पाले जाते थे, लेकिन अब यह शौक बन गया है. ऐसे डॉग शो कुत्ते पालने के शौकीन लोगों के लिए सीखने का अच्छा मौका होते हैं. अच्छी बात यह है कि विदेशी नस्ल के साथ-साथ भारतीय नस्ल के कुत्तों को भी लोग शौक से पाल रहे हैं और केवल देश ही नहीं विदेशों में भी इन कुत्तों की मांग बढ़ी है. recent visitors 173