69वें स्थापना दिवस पर मध्य प्रदेश का जश्न, मुख्यमंत्री करेंगे समारोह का शुभारंभ

Madhya Pradesh celebrates 69th foundation day, Chief Minister will inaugurate the function मध्य प्रदेश का 69वां स्थापना दिवस: धूमधाम से मनाया जाएगा राज्य का जन्मदिन, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन करेंगे समारोह का शुभारंभ भोपाल। आज मध्य प्रदेश अपना 69वां स्थापना दिवस पूरे उत्साह और गर्व के साथ मना रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आतिथ्य में भव्य राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया जाएगा। स्थापना दिवस का मुख्य कार्यक्रम भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में सुबह 9:45 बजे शुरू होगा, जिसमें मुख्यमंत्री ध्वजारोहण कर इस कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे। इसके बाद राष्ट्रगान के साथ समारोह को आगे बढ़ाया जाएगा। स्थापना दिवस के प्रमुख आकर्षण समारोह में प्रदेश की संस्कृति और गौरव को प्रदर्शित करने के लिए कई खास कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें मध्यप्रदेश का राज्य गान, पारंपरिक खेल मलखंब का प्रदर्शन और आर्मी के उपकरणों की प्रदर्शनी प्रमुख हैं। आर्मी उपकरणों का प्रदर्शन सुरक्षा और साहस का प्रतीक होगा, जो देश की रक्षा में सेना की भूमिका को दर्शाएगा।  मध्य प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को ध्यान में रखते हुए इस अवसर पर कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में बैंड की प्रस्तुति, पारंपरिक नृत्य और संगीत शामिल होंगे, जो राज्य की अनूठी सांस्कृतिक विविधता को उजागर करेंगे। राज्य की गौरवशाली विरासत का उत्सव मध्य प्रदेश के स्थापना दिवस को पूरे राज्य में खास अंदाज में मनाया जा रहा है। राज्य ने 69 वर्षों की यात्रा में विकास और समृद्धि की दिशा में कई मील के पत्थर हासिल किए हैं। इस अवसर पर प्रदेशवासी अपने राज्य की प्रगति और उपलब्धियों पर गर्व महसूस कर रहे हैं।  कार्यक्रम का उद्देश्य और भाव इस समारोह का उद्देश्य राज्य की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और सामाजिक धरोहर को संजोते हुए आने वाली पीढ़ियों को इसे संरक्षित रखने की प्रेरणा देना है। साथ ही, यह आयोजन प्रदेशवासियों में एकता और समर्पण का भाव उत्पन्न करता है, जो राज्य के उज्जवल भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है। मध्य प्रदेश का स्थापना दिवस, न केवल राज्य के लिए एक विशेष दिन है बल्कि पूरे देश के लिए भी एक प्रेरणा का स्रोत है। recent visitors 152

विजयपुर उपचुनाव में कांग्रेस का विरोध, रिटर्निंग ऑफिसर को हटाने की मांग

Congress protests in Vijaypur by-election, demands removal of returning officer भोपाल। मध्य प्रदेश की दो विधानसभा सीटों पर आगामी उपचुनाव में कांग्रेस ने विजयपुर के रिटर्निंग ऑफिसर उदय सिंह सिकरवार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने रिटर्निंग अधिकारी पर पक्षपात और भाजपा के पक्ष में काम करने का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग से अधिकारी को हटाने की मांग की है। कटारे का कहना है कि 2017-18 में हुए उपचुनाव के दौरान भी सिकरवार पर आरोप लगे थे, जिसके बाद उन्हें रिटर्निंग ऑफिसर के पद से हटाया गया था। उन्होंने प्रश्न उठाते हुए कहा, “हर बार उदय सिंह को ही चुनावी जिम्मेदारी क्यों दी जाती है?” कुल प्रत्याशी और उपचुनाव की प्रक्रिया विजयपुर में कुल 12 और बुधनी में 23 उम्मीदवारों के नामांकन पत्र स्वीकृत हुए हैं, जबकि कुछ अभ्यर्थियों के नामांकन खारिज कर दिए गए हैं। चुनाव प्रक्रिया के तहत 13 नवंबर को मतदान और 23 नवंबर को मतगणना होगी। recent visitors 91

बिजली खंभा लगाने के नाम पर रिश्वत: लाइनमैन रंगे हाथ पकड़ा गया

Bribe in the name of installing electric pole in Ujjain: Lineman caught red handed उज्जैन। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के गृह जिले उज्जैन में बिजली विभाग के एक कर्मचारी द्वारा खंभा लगाने के लिए आठ हजार रुपये रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। पवन सागित्रा नामक किसान ने खाचरोद तहसील के घिनौदा चौपाटी में खंभा लगाने के लिए लाइनमैन रामचंद्र धाकड़ को चार हजार रुपये रिश्वत देने के बाद लोकायुक्त पुलिस से शिकायत की, जिसके आधार पर लोकायुक्त पुलिस ने उसे रंगे हाथों पकड़ा। लोकायुक्त डीएसपी बसंत श्रीवास्तव के अनुसार, रामचंद्र धाकड़, जो विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड में लाइनमैन के पद पर कार्यरत हैं, को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। किसान ने आरोप लगाया कि उनके खेत में ट्रैक्टर चलाते समय गलती से खंभे से टकराकर खंभा गिर गया था। इसे दोबारा खड़ा करने के लिए लाइनमैन ने पुलिस में शिकायत न करने और खंभा लगाने के नाम पर आठ हजार रुपये की रिश्वत मांगी। पहला मामला, सफाई में बताया बिजली बिल लाइनमैन ने अपनी सफाई में कहा कि उसने पैसे बिजली का बिल भरने के नाम पर लिए थे। हालांकि, लोकायुक्त पुलिस ने इसे रिश्वतखोरी का मामला मानते हुए तुरंत कार्रवाई की। विद्युत पोल लगाने के नाम पर रिश्वत लेने का यह पहला मामला बताया जा रहा है, जिसमें शिकायत के बाद पुलिस ने जांच कर कार्रवाई की। recent visitors 142

भोपाल में बजरंग दल के पोस्टर से विवाद: दिवाली की खरीदारी ‘हिन्दू दुकानदारों’ से करने की अपील, कांग्रेस ने जताई नाराजगी

Controversy over Bajrang Dal poster in Bhopal: Appeal to do Diwali shopping from ‘Hindu shopkeepers’, Congress expressed displeasure भोपाल। दीपावली के बीच भोपाल में बजरंग दल के एक पोस्टर ने विवाद खड़ा कर दिया है। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने शहर में पोस्टर लगाए हैं, जिनमें लोगों से दिवाली की खरीदारी केवल हिन्दू दुकानदारों से करने की अपील की गई है और अन्य धर्म के व्यापारियों से सामान न खरीदने का अनुरोध किया गया है। इन पोस्टरों पर लिखा गया है, “अपना त्योहार, अपनों से व्यवहार। दीपावली की खरीदी उनसे करें, जो आपकी खरीदी से दीपावली मना सकें।” विश्व हिंदू परिषद का समर्थन विश्व हिंदू परिषद (VHP) के प्रांत प्रचार-प्रसार प्रमुख जितेंद्र सिंह चौहान ने इस अपील का समर्थन करते हुए कहा कि दीपावली सनातनियों का बड़ा त्योहार है और लोगों को अपने ही समुदाय से खरीदारी करनी चाहिए ताकि हर हिन्दू परिवार भी इस पर्व को मना सके। उनका मानना है कि यह त्योहार श्रीराम के अयोध्या आगमन की खुशी में मनाया जाता है और इसे समुदायिक स्तर पर समर्थन मिलना चाहिए। बीजेपी की प्रतिक्रिया इस मामले पर बीजेपी प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने भी प्रतिक्रिया दी। उनका कहना है कि कुछ मामलों में सनातन धर्म की भावनाओं को आहत करने की कोशिश की जाती रही है, और ऐसे में धार्मिक संगठनों द्वारा इस तरह की अपील स्वाभाविक है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह सनातन धर्म का विरोध करने वालों के साथ खड़ी रहती है और कहा कि देश में स्वदेशी को बढ़ावा देना जरूरी है। कांग्रेस की कड़ी आलोचना दूसरी ओर, कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अवनीश बुंदेला ने बजरंग दल की इस अपील को शर्मनाक बताते हुए इसकी निंदा की है। उन्होंने इसे विभाजनकारी राजनीति करार दिया और कहा कि फूलों और सब्जियों का कारोबार करने वाले अधिकतर लोग दूसरे धर्म के हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस सोच के तहत भगवान को फूल चढ़ाना भी बंद कर देना चाहिए। कांग्रेस ने इसे ‘घटिया सोच’ का परिणाम बताते हुए मुख्यमंत्री से बजरंग दल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। भोपाल में लगे इन पोस्टरों ने फिर से धार्मिक भावनाओं और सामाजिक एकता पर सवाल खड़े किए हैं। recent visitors 194

धनतेरस पर PM मोदी करेंगे एमपी में तीन मेडिकल कॉलेजों का उद्घाटन, किसानों को मिलेगी 1624 करोड़ की कल्याण निधि

PM Modi will inaugurate three medical colleges in MP on Dhanteras, farmers will get welfare fund of Rs 1624 crore मंदसौर। धनतेरस के अवसर पर मध्य प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से शामिल होंगे और प्रदेश के तीन नए मेडिकल कॉलेजों का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित कई मंत्री भी उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम का मुख्य आयोजन मंदसौर में रखा गया है। इन तीनों नए मेडिकल कॉलेजों में मंदसौर, नीमच और सिवनी का मेडिकल कॉलेज शामिल है। इन कॉलेजों का निर्माण पूर्ण हो चुका है, और इसी सत्र से छात्रों का प्रवेश भी आरंभ हो गया है। प्रधानमंत्री के वर्चुअल उद्घाटन के साथ ही ये तीनों मेडिकल कॉलेज आधिकारिक रूप से कार्यरत हो जाएंगे, जिससे क्षेत्र के छात्रों को चिकित्सा शिक्षा के नए अवसर मिलेंगे। किसान कल्याण निधि की सौगात इस मौके पर 80 लाख किसानों को मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के अंतर्गत 1624 करोड़ रुपये की राशि सीधे उनके खातों में स्थानांतरित की जाएगी। किसान कल्याण निधि के इस वितरण को लेकर मुख्य कार्यक्रम मंदसौर में आयोजित किया गया है, जिससे किसानों में काफी उत्साह है। आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारियों को नियुक्ति पत्र कार्यक्रम में 512 आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारियों को भी नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे, जो राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करेंगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंदसौर के लिए कुछ अतिरिक्त घोषणाएं भी कर सकते हैं, जिससे क्षेत्र के विकास को और गति मिलेगी। मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र के लिए ये योजनाएं प्रदेश के नागरिकों और किसानों के लिए दीपावली पर विशेष उपहार के रूप में हैं, जो राज्य के विकास और कल्याण में अहम भूमिका निभाएंगी। recent visitors 138

CM मोहन यादव का एक्शन मोड: देर रात समीक्षा बैठक में 11 अधिकारी निलंबित, तीन कलेक्टरों को फटकार

CM Mohan Yadav’s action mode: 11 officers suspended in late night review meeting, three collectors reprimanded भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बीती रात समाधान ऑनलाइन हेल्पलाइन की समीक्षा बैठक में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए बिजली वितरण कंपनी के जीएम सहित 11 अधिकारी-कर्मचारियों को निलंबित कर दिया। बैठक के दौरान विभिन्न शिकायतों पर ध्यान देते हुए मुख्यमंत्री ने तीन जिला कलेक्टरों पर भी नाराजगी जताई। बैठक में रायसेन जिले के एक व्यक्ति की बिजली बिल में गड़बड़ी की शिकायत पर बिजली वितरण कंपनी के जनरल मैनेजर को निलंबित कर दिया गया, जबकि खंडवा में एक लापता लड़की की रिपोर्ट दर्ज न होने पर संबंधित उपनिरीक्षक पर भी कार्रवाई की गई। इसके अलावा, झाबुआ जिले में कपिलधारा कूप निर्माण योजना में भुगतान में देरी पर पंचायत सचिव को निलंबित कर सीईओ और लेखाधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। तीन कलेक्टरों पर नाराजगी समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने तीन कलेक्टरों पर भी असंतोष जताया। अशोकनगर के कलेक्टर को छात्रवृत्ति वितरण में देरी पर फटकार लगाई, जबकि आलीराजपुर कलेक्टर से नि:शक्त जन मामलों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। बालाघाट कलेक्टर को बैठक में आईटी और डीआईजी के बीच बैठने पर निर्देशित किया गया कि प्रशासनिक अधिकारियों का सम्मान करते हुए वे सही जगह पर बैठें। कर्मचारियों को जिम्मेदारी का संदेश मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सरकारी कार्यों में देरी और लापरवाही को अस्वीकार्य बताया और कहा कि समाज के प्रति सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जबकि बेहतर प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को पुरस्कार और प्रमोशन से प्रोत्साहित किया जाएगा। मुख्यमंत्री के इस कड़े रुख से प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने का संदेश स्पष्ट है। recent visitors 141

चिकित्सा क्षेत्र में मध्यप्रदेश की बन रही है नई पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

Madhya Pradesh is becoming a new identity in the medical field: Chief Minister Dr. Yadav प्रत्येक जिले में खुलेगा मेडिकल कॉलेजप्रधानमंत्री श्री मोदी देंगे प्रदेश को अनेक सौगातें भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि चिकित्सा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश की नई पहचान बन रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार, 29 अक्टूबर को नीमच, मंदसौर और सिवनी में चिकित्सा महाविद्यालयों का वर्चुअल लोकार्पण कर रहे हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी प्रदेश के 81 लाख किसानों के खातों में 1624 करोड़ रूपये अंतरित करेंगे और 512 आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारियों को नियुक्ति-पत्र वितरण भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिस गति से प्रदेश के जिलों में चिकित्सा महाविद्यालय प्रारंभ किये जा रहे हैं, शीघ्र ही हर जिले में चिकित्सा महाविद्यालय होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश में चिकित्सा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आगामी दो वर्ष में लगभग 25 हजार पदों को भरने की कार्य-योजना है। प्रदेश में मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए 200-250 एकड़ के क्षेत्र में मेडिकल पार्क विकसित होंगे, जिससे विभिन्न सुपर स्पेशलिटी सेवाएं आमजन को एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकेंगी। प्रदेश के कुल 346 सामुदायिक केन्द्रों को एफ.आर. यू. में उन्नत करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किए जाने की कार्य योजना तैयार की गई है। प्रदेश में सिकल सेल एनीमिया की रोकथाम एवं बचाव के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। समस्त जनजातीय बहुल जिलों में सिकल सेल एनीमिया की जांच की जा रही है। गंभीर रोगियों के लिए हवाई सेवा पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा के अंतर्गत प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों से अत्यंत गंभीर रूप से बीमार और दुर्घटनाग्रस्त लोगों को एयरलिफ्ट कर समय पर उपचार उपलब्ध करवाने के लिए राज्य सरकार ने संवेदनशील पहल की है। इस सेवा में प्रयुक्त होने वाले हेलीकाप्टर में स्ट्रेचर और पैरामेडिकल स्टॉफ की व्यवस्था रखी गई है। चिकित्सा शिक्षा विभाग और लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के विलय का निर्णय सुशासन और कार्यदक्षता का उदाहरण बना है। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत प्रदेश में अब तक 4 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। recent visitors 132