गजब मध्य प्रदेश: मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक हैं या भैंसों के तबेलाघर

Amazing Madhya Pradesh: Is Chief Minister Sanjeevani Clinic or Buffalo Stables? मुरैना नगर निगम के सीएम संजीवनी क्लीनिक खस्ताहाल हैं. अधिकांश क्लीनिक बंद हो गए. यहां लगे खिड़की-दरवाजे तक चोरी हो गए मुरैना। जनता को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक शुरू किए गए. 25-25 लाख रुपए की लागत से संजीवनी क्लीनिक शुरू करने के लिए भवन बनाए गए. लेकिन अब अधिकांश संजीवनी क्लीनिक बंद पड़े हैं. यहां न कोई स्टाफ है और ना कोई इलाज होता है. शाम होते ही यहां गाय-भैंसों का डेरा जम जाता है. मुरैना के जौरी गांव में संजीवनी क्लीनिक की दुर्दशा देखकर आप दंग रह जाएंगे. इसके अलावा और भी कई स्थानों पर संजीवनी क्लीनिक बंद पड़े हैं. जौरी गांव का संजीवनी क्लीनिक लावारिस मुरैना नगर निगम सीमा अंतर्गत शहर के जौरी गांव में पिछले वर्ष 2023 में 25 लाख रुपए की लागत से संजीवनी क्लीनिक की स्थापना की गई. लेकिन आज ये संजीवनी क्लिनिक बंद है. बिल्डिंग के अंदर कमरों में गाय-भैंस का गोबर पड़ा हुआ है. लोग खिड़की एवं लोहे की जालियां तोड़कर ले गए और कई दरवाजे टूटे पड़े हुए हैं. काफी समय से यह क्लीनिक बंद है. इसकी बाउंड्री भी तोड़ दी गई. जिसे बाद में मेंटेनेंस कराया गया. स्थानीय निवासी शिवाकांत उपाध्याय बताते हैं “जब यह संजीवनी क्लिनिक आरंभ हुआ था, तब यहां बीपी एवं डायबिटीज सहित कुछ अन्य जांच हुआ करती थी और 4 लोगों का स्टाफ बैठता था. लेकिन वर्तमान में यह पूरी तरह से तहस-नस पड़ा हुआ है.” मुरैना नगर निगम क्षेत्र में 14 संजीवनी क्लीनिक स्वीकृत संजीवनी क्लीनिक के पास में ही आरोग्यधाम है, जहां से ग्रामीण छोटी-मोटी बीमारियों की दवा ले लेते हैं. गंभीर बीमारियों के लिए जिला अस्पताल जाना पड़ता है. वर्तमान में नगर निगम क्षेत्र में अधिकांश संजीवनी क्लीनिक की यही हालत है. बता दें कि वर्ष 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा संजीवनी क्लीनिक बनाने की प्रदेश में घोषणा की गई थी. नगर निगम मुरैना क्षेत्र में 14 संजीवनी क्लीनिक स्वीकृत किए गए. स्वीकृत संजीवनी क्लीनिक में से अभी तक आधे निर्मित हुए हैं जबकि आधे क्लीनिक के लिए जगह नहीं मिल पाई है, जिस कारण यह योजना अब खतरे में पड़ गई है. कम्युनिटी हेल्थ ऑफीसर कहीं और शिफ्ट कर दिए इस मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पद्मेश उपाध्याय ने बताया “14 संजीवनी क्लीनिक स्वीकृत हुए थे. 4 या 5 हमारे हैंडओवर किए गए थे. अभी तुस्सीपुरा, मुड़िया खेड़ा, छोंदा गांव, जोरी गांव, गडोरापुरा, न्यू आम पुरा क्लीनिक सही चल रहे हैं. संजीवनी क्लीनिक में केवल ओपीडी का काम होता है और दवाइयां आरोग्यधाम से मिलती हैं. अभी कुछ इसमें तब्दीली की गई है, इस वजह से कम्युनिटी हेल्थ ऑफीसर इधर-उधर शिफ्ट कर दिए गए हैं.” recent visitors 278

ठंड के आगमन के साथ मध्यप्रदेश में मेलों की रौनक, भोपाल में भोजपाल महोत्सव 15 नवंबर से शुरू

With the arrival of cold, the fairs in Madhya Pradesh brighten up, Bhojpal Mahotsav starts from November 15 in Bhopal. Bhojpal Mela 2024 ठंड का मौसम आते ही मध्यप्रदेश में मेलों का दौर भी शुरु हो रहा है। अगले 4-5 महीनों में प्रदेशभर में कई बड़े मेले लगेंगे जिनमें लाखों लोग शामिल होंगे। ठंड का मौसम आते ही मध्यप्रदेश में मेलों का दौर भी शुरु हो रहा है। अगले 4-5 महीनों में प्रदेशभर में कई बड़े मेले लगेंगे जिनमें लाखों लोग शामिल होंगे। प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी बड़ा मेला लगेगा। राजधानी के भेल दशहरा मैदान पर भोजपाल महोत्सव मेला का आयोजन किया जाएगा। 15 नवंबर से प्रारंभ होनेवाला भोजपाल मेला सस्ते सामानों के लिए विख्यात है। मेले में इस बार अत्याधुनिक झूलों के साथ द ग्रेट जैमिनी सर्कस भी लोगों को लुभाएगा। भोजपाल महोत्सव मेले में इस बार शहरवासियों को बहुत कुछ नया देखने को मिलेगा। एक ओर द ग्रेट इंडियन सर्कस में रशियन और अफ्रीकन कलाकारों के रोमांचक करतब देख सकेंगे वहीं दूसरी ओर यहां देश का सबसे बड़ा झूला रोलर कोस्टर, टावर, रेंजर, आक्टोपस और ब्रेक डांस भी आ रहे हैं। भेल जनसेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित भोजपाल महोत्सव मेला की शुरुआत 15 नवंबर को शाम 7 बजे से भजन संध्या के साथ की जाएगी। भोजपाल महोत्सव मेला समिति के अध्यक्ष सुनील यादव ने बताया कि यहां आनेवाले लाखों लोगों की सुविधा के लिए समुचित व्यवस्था की जा रहीं हैं। मनोरंजन के अलावा भोजपाल महोत्सव मेले में हर प्रकार के सस्ते सामान मिलते हैं। पूरे इलाके में यह मेला सस्ते सामानों के लिए जाना जाता है। 12 एकड़ क्षेत्र में फैले मेले में लगी दुकानों में सभी प्रकार का सामान बहुत कम दरों पर मिलता है। यही कारण है कि मेले में राजधानी सहित आसपास के क्षेत्रों, जिलों और नगरों से करीब 20 लाख लोग शिरकत करते हैं। इस बार भी भोजपाल मेले में कपड़ों से लेकर घरेलू जरूरतों की सैंकड़ों दुकानें लगाई जा रही हैं।भोजपाल महोत्सव मेले का विगत 8 सालों से आयोजन किया जा रहा है। मेले का यह 9 वां साल है। 15 नवंबर से शुरु होनेवाला मेला इस बार 29 नवंबर तक चलेगा। संयोजक विकास विरानी के अनुसार पूरे 45 दिनों तक लोग यहां अपना मनोरंजन कर सकेंगे। recent visitors 440

मध्यप्रदेश में बीजेपी नेताओं को खुली छूट, पुलिस को जहां चाहो वहां पीटो”, जीतू पटवारी का तंज

BJP leaders in Madhya Pradesh have a free hand, beat the police wherever they want”, Jitu Patwari. भोपाल। कटनी जिले के एक थाने में पुलिस कर्मियों के साथ गालीगलौच किए जाने और हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में हंगामा करने वाले खुद को बीजेपी पदाधिकारी बता रहे हैं. ये लोग वीडियो में पुलिस अधिकारियों को वर्दी उतारने की धमकी दे रहे हैं. वीडियो वायरल होने के बाद अब कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया “बीजेपी कार्यकर्ताओं को खुली छूट दी गई है कि पुलिस को पीटो. कांग्रेस जल्द ही प्रदेश में पुलिस पिटाई की पूरी सीरीज निकालने जा रही है.” कांग्रेस बोली – अपराध न रोकें, इसलिए पिटती है पुलिस पुलिस से गालीगालौच का वीडिया समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता यश भारतीय ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया है. उन्होंने लिखा “बीजेपी नेता पुलिस से गालीगलौच कर थाना परिसर से अपने साथी को छुड़ा ले गए.” पुलिस से बदसलूकी को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बीजेपी पर जमकर हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया “पुलिस की कैसे पिटाई होती है, मध्यप्रदेश इसका ज्वलंत उदाहरण है. बीजेपी कार्यकर्ताओं को खुली छूट है कि पुलिस को पीटो. पुलिस को इसलिए मारो कि वे अपराधों को न रोकें.” कांग्रेस पार्टी पुलिस पिटाई की सीरीज निकालेगी जीतू पटवारी का कहना है “मोहन यादव सरकार में कितने पुलिसकर्मियों की पिटाई हुई है, हर जिले, तहसील में रोज पुलिस पिटती है, इस पर पूरी सीरीज निकाली जाएगी, इसे तैयार किया जा रहा है.” पटवारी ने कहा कि बीजेपी ने मोदी की गारंटी दी थी कि बहनों को 3 हजार रुपए महीना दिया जाएगा. क्या यह मिलने लगे हैं ? लाडली बहना के नाम पर भ्रमित किया गया. इसी तरह किसानों को 2700 रुपए में गेहूं खरीदा जाएगा. बीजेपी बताए यह सच है या झूठ. सरकार ने गरीबों की योजनाएं बंद कर दी. एससी,एसटी, ओबीसी की छात्रवृत्ति बंद कर दी. 33 विभागों के पास पैसा नहीं है,. बीजेपी झूठ के पैरों पर खड़ी है. अगर कांग्रेस झूठ बोल रही है तो सरकार बताए सच क्या है ? recent visitors 229

सीतापुर-हनुमना सिंचाई परियोजना के लिए समन्वित प्रयास कर शीघ्र कार्य प्रारंभ करें- उप मुख्यमंत्री शुक्ल

Make coordinated efforts and start work on Sitapur-Hanumana Irrigation Project soon – Deputy Chief Minister Shukla भोपाल ! उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि सीतापुर-हनुमना सिंचाई परियोजना से मऊगंज, सीधी और सिंगरौली जिले के किसानों की तकदीर और खेती की तस्वीर बदल जाएगी। इस परियोजना से 653 गांवों में एक लाख 20 हजार हेक्टेयर में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने परियोजना का निर्माण कार्य समय पर शुरू करने के लिए राजस्व, वन तथा जल संसाधन विभाग को समन्वित प्रयास कर आवश्यक स्वीकृति की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये। कमिश्नर कार्यालय सभागार रीवा में उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विन्ध्य की महत्वकांक्षी सीतापुर-हनुमना माइक्रो सिंचाई परियोजना की समीक्षा की। उल्लेखनीय है कि परियोजना के लिये शासन द्वारा 4 हज़ार 167 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है, साथ ही निर्माण एजेंसी से 3 हज़ार 700 करोड़ का अनुबंध हो गया है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि परियोजना का बांध सीधी जिले में अमिलिया के पास सोन नदी में प्रस्तावित किया गया है। यह क्षेत्र सोन घड़ियाल अभ्यारण्य में स्थित है। निर्माण कार्यों के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति, वन्यजीव संरक्षण संबंधी स्वीकृति तथा अन्य स्वीकृति आवश्यक होंगी। इसके लिए जल संसाधन विभाग ऑनलाइन आवेदन कर दे। वन विभाग के अधिकारियों के सहयोग से जल संसाधन विभाग परियोजना की मंजूरी के लिए प्रोजेक्ट तैयार कर लें। इसके लिए विशेषज्ञ की भी सलाह ले सकते हैं। इस सिंचाई परियोजना से लाखों किसानों को लाभ मिलेगा। घड़ियाल के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बांध का निर्माण कराएं, जिससे विकास के कार्यों के साथ वन्य जीवों के संरक्षण में भी किसी तरह का प्रभाव न पड़े। बहुती सिंचाई परियोजना का शेष निर्माण कार्य 1 माह के अंदर करें पूरा उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुती सिंचाई परियोजना के शेष निर्माण कार्य को पूरा करके किसानों को दिसम्बर माह तक सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध करा दें। नहरों की साफ-सफाई और मरम्मत का कार्य एक माह में पूरा कराएं। अधूरे निर्माण कार्य 30 नवम्बर तक पूरा कराकर दिसम्बर माह में नईगढ़ी एक परियोजना में सात हजार हेक्टेयर में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराएं। मुख्य अभियंता जल संसाधन ने बताया कि सीतापुर-हनुमना सिंचाई परियोजना में सोन नदी पर 268.90 एमसीएम क्षमता का बांध बनाया जाएगा। इससे सोन घड़ियाल के बेसिन में 2 हज़ार हेक्टेयर जमीन, 1 हज़ार 290 हेक्टेयर निजी भूमि तथा 15 हेक्टेयर वन भूमि डूब क्षेत्र में आएगी। बांध से रीवा जिले के 11 गांवों में 3 हज़ार हेक्टेयर, मऊगंज में 399 गांवों में 62 हज़ार 500 हे., सीधी जिले में 140 गांवों में 26 हज़ार 500 हे. तथा सिंगरौली जिले के 103 गांवों में 28 हज़ार हे. में सिंचाई की सुविधा मिलेगी। कमिश्नर रीवा संभाग श्री बीएस जामोद, आईजी एमएस सिकरवार, कलेक्टर रीवा श्रीमती प्रतिभा पाल, कलेक्टर मऊगंज अजय श्रीवास्तव, विभागीय अधिकारी एवं निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। recent visitors 118

सब्जियों की बढ़ती कीमतों ने बढ़ाई घर के खाने की लागत, शाकाहारी थाली महंगी

Rising prices of vegetables increase the cost of home food, vegetarian thali becomes expensive अक्टूबर में सब्जियों की कीमतों में वृद्धि के कारण घर में बना शाकाहारी और मांसाहारी खाना महंगा हो गया है। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल की रिपोर्ट के अनुसार, शाकाहारी थाली की कीमत पिछले साल की तुलना में 20% बढ़कर 33.3 रुपये प्रति प्लेट तक पहुंच गई है, जो सितंबर के 31.3 रुपये प्रति प्लेट से अधिक है। इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण सब्जियों की कीमतों में उछाल है। आइए जानते हैं कि आखिर शाकाहारी और मांसाहारी थाली की कीमतों में यह इजाफा क्यों हुआ। क्रिसिल की रिपोर्ट के अनुसार अक्टूबर में प्याज की कीमतें सालाना आधार पर 46 फीसदी बढ़ीं, जबकि आलू की कीमतें 51 फीसदी बढ़ीं, जिसका मुख्य कारण लगातार बारिश होना है, जिसके कारण आवक कम हुई आलू-प्याज-टमाटर ने बढ़ाई महंगाई रिपोर्ट के अनुसार मासिक ‘रोटी चावल दर’ रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर में प्याज की कीमतें सालाना आधार पर 46 फीसदी बढ़ीं, जबकि आलू की कीमतें 51 फीसदी बढ़ीं, जिसका मुख्य कारण लगातार बारिश होना है, जिसके कारण आवक कम हुई और महाराष्ट्र और कर्नाटक में फसल भी प्रभावित हुई. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि टमाटर की कीमतें एक साल पहले की समान अवधि के 29 रुपए प्रति किलोग्राम से दोगुनी होकर 64 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई हैं, क्योंकि बारिश के कारण आवक प्रभावित हुई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि मध्य प्रदेश, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश से आपूर्ति शुरू होने के साथ नवंबर से इस जिंस (टमाटर) की कीमतें स्थिर होने की संभावना है. ये भी है महंगाई का कारण रिपोर्ट में कहा गया है कि सब्जियों की कीमतों का कुल थाली लागत में 40 प्रतिशत भारांश होता है और इसलिए उतार-चढ़ाव ने कुल लागत को प्रभावित किया. रिपोर्ट में कहा गया है कि शाकाहारी थाली में 11 प्रतिशत भार वाली दालों की कीमतों में इस महीने के दौरान 11 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिसका कारण शुरुआती स्टॉक में कमी, स्टॉक पाइपलाइन में कमी और त्योहारी मांग का होना है. रिपोर्ट में कहा गया है कि नई आवक के कारण दिसंबर से कीमतों में गिरावट आने की उम्मीद है. रिपोर्ट में कहा गया है कि ईंधन की लागत में सालाना आधार पर 11 प्रतिशत की गिरावट ने भोजन की लागत में उछाल को रोकने में मदद की. मांसाहारी थाली में मामूली इजाफा वहीं दूसरी ओर मांसाहारी थाली की महंगाई को लेकर भी रिपोर्ट में ज्यादा चिंता व्यक्त नहीं की गई है. मांसाहारी थाली के मामले में, ब्रॉयलर की कीमतों में 9 प्रतिशत की गिरावट, जो कि थाली की लागत का आधा हिस्सा है, ने लागत में अपेक्षाकृत धीमी वृद्धि की. रिपोर्ट के अनुसार घर में बनी मांसाहारी थाली की कीमत अक्टूबर में 61.6 रुपये रही, जबकि एक महीने पहले इसी अवधि में यह 59.3 रुपये और एक साल पहले इसी अवधि में 58.6 रुपए थी. रिपोर्ट में कहा गया है कि मांसाहारी थाली की लागत में 22 प्रतिशत हिस्सा सब्जियों की कीमतों का भी रहा. recent visitors 205

सचिन पायलट : भोपाल सचिवालय में जमे है माफिया, 400 पार के अहंकार को जनता ने दिया करारा जवाब

Sachin Pilot: Mafia is established in Bhopal Secretariat, public gave a befitting reply to the arrogance of Rs 400 भोपाल। MP by election 2024: मध्यप्रदेश पहुंचे कांग्रेसी नेता सचिन पायलट ने बड़ा बयान दिया है। कहा कि- हम सब आज उपचुनाव में प्रचार करेंगे। जनता ने जिन उम्मीदों को लेकर वोट डाले थे उस पर सरकार खरा नहीं उतरी। हर क्षेत्र में सिर्फ प्रचार, प्रसार, फोटो छप रही हैं। भोपाल सचिवालय में माफिया जमे है। 400 पार के अहंकार को जनता ने करारा जवाब दिया है। भाजपा ने दो बैसाखियों पर सरकार बनाई है। राहुल गांधी के नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद सरकार की जवाबदारी तय की है।केंद्र की सरकार आज भी कांग्रेस को दोष दे रही है। चिन्हित लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए नीतियां बन रही हैं। बीजेपी का ग्राफ देशभर में डाउन हो रहा है। झारखंड और महाराष्ट्र में इंडिया गठबंधन की सरकार बनेगी। झारखंड में इंडिया गठबंधन की सरकार बनाने की हवा चल रही है। हर मुद्दे पर सार्थक चर्चा करेंगे एमपी में मजबूत विपक्ष के रूप में सरकार काम कर रही है। उपचुनाव में हम अच्छा करेंगे, एक नए बदलाव की शुरुआत होगी। प्रियंका वायनाड से चुनाव लड़ रही हैं, सुखद परिणाम हर जगह कांग्रेस के लिए है।भारत की सीमाओं का संरक्षण किसकी जिम्मेदारी है। गौ माता, भगवान राम के नाम पर वोट बटोरते हैं, विपक्षी सरकारों को बजट नहीं देते, बहुत सारे नेता पार्टी छोड़ते हैं, हमारे यहां पूरी पार्टी चुनाव लड़ती है। फ्री बीज को लेकर बोले – कांग्रेस सरकार अगर गरीबों को मदद करना चाहे तो उसे फ्री बीज कहते हैं, हमने जहां जो कहा वह करके दिखाया है। झूठ बोलना, कांग्रेस को कोसना कब तक करेंगे। शिवराज की योजना इतनी अच्छी थी तो उन्हें हटाया क्यों। हमारा संख्या बल अब बहुत बेहतर है, हम हर मुद्दे पर सार्थक चर्चा करेंगे। जम्मू कश्मीर को फुल स्टेट का दर्जा मिले यह हम चाहते हैं। पढ़ेंगे और बढ़ेंगे अभियान पायलट ने कहा कि- बाटेंगे और काटेंगे के खिलाफ कांग्रेस का नया प्लान। पढ़ेंगे और बढ़ेंगे अभियान पर कांग्रेस काम करेगी।लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने कहा था कि कांग्रेस अगर आई तो मंगलसूत्र छीन ले जाएंगे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री काटेंगे की बात करते हैं। हम सकारात्मक राजनीति करेंगे। पढ़ेंगे और बढ़ेंगे। बीजेपी का काम है कि ध्रुवीकरण करना, धार्मिक भावना राजनीतिक आक्रमण करना, विपक्ष की आवाज दबाने के लिए सत्ता का दुरुपयोग करना। अब एक तरफा हवा चल रही है गठबंधन की सरकार बनाने के लिए लोग उठ चुके हैं। नेताओं की बयानबाजी और नाराजगी बहुत सारे नेता छोड़ते हैं तो आते हैं। कांग्रेस पार्टी अपने-अपने संगठन अपने विचारधारा पर काम कर रही है। हम एकजुटता से काम कर रहे हैं। शिवराज के बयान पर कहा कि वे कितने साल से काम कर रहे थे। मजबूरन उन्होंने जाना क्यों पड़ा, इसका जवाब दें। रेवाड़ी की राजनीति करते हैं। हम लोग काम करते हैं तो दिक्कत और हम अगर अनुदान देना चाहे तो समस्या, और खुद 80 करोड लोगों को फ्री भोजन कर रहे हैं. आप अन्नदाता है हम कोई घोषणा करें तो हम पाप कर रहे हैं.. सीजी में उपराष्ट्रपति के बयान पर छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट बोल- कानून के बारे में रहकर कानून का काम करना चाहिए। चुनाव से पहले इस प्रकार की बातें करना और धार्मिक बातें बोलकर वोट बटोरना ठीक बात नहीं है। विकास की बात करनी चाहिए। कभी गौ माता, कभी नागरिक संहिता, कभी मंदिर की बात सिर्फ चुनाव के लिए करते हैं। ऐसी राजनीति को जनता भी स्वीकार नहीं कर रही है recent visitors 317

भोपाल के वन विहार में शेर और चीता का दीदार करना हुआ महंगा, चार गुना बढ़ गई फीस

Visiting lions and buffaloes in Bhopal’s Van Vihar has become expensive, now you will have to pay four times more  भोपाल। (Van Vihar National Park) मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित वन विहार नेशनल पार्क में आज गुरुवार से भ्रमण महंगा हो गया है। सफारी वाहन बुकिंग में 300 की जगह अब 1000 रुपए लगेंगे। जबकि 6 से 12 वर्ष के बच्चों के लिए सफारी फीस 150 रुपए निर्धारित की गई है। वहीं पैदल जाने वालों को 25 रुपए देने होंगे। इंदौर के रालामंडल अभ्यारण और मुकुंदपुर की व्हाइट टाइगर सफारी के भी दाम बढ़ गए है। वन विहार नेशनल पार्क में वन्य प्राणियों की झलक के लिए नई फीस जारी की गई है। पैदल भ्रमण प्रति व्यक्ति 25 रुपये देना होगा। अभी प्रति व्यक्ति 20 रुपए शुल्क था। इसके अलावा नई दरों में स्वयं की साइकल से 30 रुपये, उद्यान की साइकिल से 40 रुपये, दोपहिया मोटर वाहन 2 व्यक्ति 80 रुपये देना होगा। ऑटो रिक्शा चालक सहित अधिकतम 4 व्यक्ति 120 रुपये, हल्के 4 पहिया वाहन अधिकतम 5 व्यक्ति 300 रुपये, हल्के 4 पहिया वाहन 5 व्यक्ति से अधिक क्षमता वाले 500 रुपये, मिनी बस अधिकतम 20 व्यक्ति 1100 रुपये, बस 20 से अधिक व्यक्ति 2200 रुपये, गोल्फ कॉर्ट से भ्रमण (प्रवेश शुल्क के अतिरिक्त) प्रति व्यक्ति 60 रुपये लगेगा। वहीं 5 वर्ष से अधिक 12 वर्ष तक की आयु के बच्चे 40 रुपये, 5 वर्ष तक की आयु के बच्चे नि:शुल्क, पूरी गोल्फ कॉर्ट अधिकतम 6 व्यक्ति 400 रुपये और प्रबंधन द्वारा उपलब्ध कराए गए वाहन से सफारी भ्रमण (प्रति ट्रिप) प्रति व्यक्ति 100 रुपये, 5 वर्ष से अधिक 12 वर्ष तक की आयु के बच्चे 30 रुपये, 5 वर्ष तक की आयु के बच्चे नि:शुल्क तथा संपूर्ण वाहन (अधिकतम छह व्यक्ति) 1000 रुपये देय होगा। recent visitors 723