बुधनी विधानसभा में कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का जनसंपर्क अभियान: राजकुमार पटेल के समर्थन में दो दिवसीय दौरा

Public relations campaign of Congress President Jitu Patwari in Budhni Assembly: Two-day visit in support of Rajkumar Patel मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी आज, 27 अक्टूबर, से बुधनी विधानसभा क्षेत्र में दो दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान वे कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमार पटेल के समर्थन में व्यापक जनसंपर्क करेंगे और मतदाताओं के साथ संवाद स्थापित करेंगे। पटवारी का यह दौरा 28 अक्टूबर तक चलेगा, जिसमें वे क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में जाकर कांग्रेस की नीतियों और आगामी चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति से लोगों को अवगत कराएंगे। दौरे का मुख्य उद्देश्यबुधनी विधानसभा क्षेत्र, जो प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखता है, में कांग्रेस इस बार मजबूत दावेदारी पेश कर रही है। जीतू पटवारी के इस दौरे का उद्देश्य स्थानीय मतदाताओं के बीच कांग्रेस के प्रत्याशी राजकुमार पटेल के प्रति समर्थन को बढ़ाना और जनता को कांग्रेस की योजनाओं से अवगत कराना है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, पटवारी इस दौरे में किसानों, युवाओं और महिलाओं के लिए पार्टी के एजेंडे पर विशेष रूप से जोर देंगे और क्षेत्र के विकास के लिए कांग्रेस की प्राथमिकताओं को सामने रखेंगे। मतदाताओं से संवाददौरे के दौरान जीतू पटवारी विभिन्न गांवों और कस्बों में जाकर जनसभाएं करेंगे, जहां वे सीधे तौर पर मतदाताओं से संवाद करेंगे। कांग्रेस का उद्देश्य जनता की समस्याओं को सुनना और उन्हें कांग्रेस की ओर से समाधान का भरोसा देना है। इस अवसर पर पटवारी स्थानीय मुद्दों जैसे कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर भी चर्चा करेंगे। कांग्रेस की रणनीतिबुधनी विधानसभा पर कांग्रेस की नजर लंबे समय से है, और जीतू पटवारी का यह दौरा इस ओर एक अहम कदम है। पार्टी ने इस बार राजकुमार पटेल को प्रत्याशी बनाया है, जिन्हें स्थानीय स्तर पर अच्छा जनसमर्थन हासिल है। जीतू पटवारी का समर्थन भी उन्हें मजबूती देने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी का लक्ष्य क्षेत्र के लोगों के सामने कांग्रेस के विकल्प को एक मजबूत विकल्प के रूप में पेश करना है। कांग्रेस समर्थकों में उत्साहदौरे की घोषणा के बाद से ही कांग्रेस समर्थकों और स्थानीय कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। पार्टी कार्यकर्ता जीतू पटवारी के नेतृत्व में बुधनी में नई ऊर्जा के साथ जुटे हुए हैं। कांग्रेस का मानना है कि इस तरह के जनसंपर्क अभियानों से मतदाताओं के साथ सीधा संवाद स्थापित होगा, जो चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कुल मिलाकर, जीतू पटवारी का यह दौरा कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है, क्योंकि इससे कांग्रेस को स्थानीय स्तर पर समर्थन बढ़ाने का अवसर मिलेगा। पटवारी के संवाद कार्यक्रम को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि कांग्रेस बुधनी में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराने के लिए प्रतिबद्ध है। recent visitors 160

मध्य प्रदेश: शाजापुर के राम मंदिर में नमाज पढ़ने पर विवाद, तीन भाइयों पर FIR दर्ज

Madhya Pradesh: Controversy over offering Namaz in Ram temple of Shajapur, FIR registered against three brothers मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के गांव किलोदा स्थित राम मंदिर के अंदर नमाज पढ़ने की घटना सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मंदिर के पुजारी की शिकायत पर पुलिस ने तीन भाइयों के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत करने का मामला दर्ज किया है। आरोपियों की पहचान अकबर खान, रुस्तम खान और बाबू खान के रूप में हुई है, जो एक ही परिवार से हैं। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। मंदिर के पुजारी ओम प्रकाश शर्मा ने बताया कि जब वह पूजा की तैयारियों में लगे हुए थे, तब तीन लोग मंदिर परिसर में जबरन प्रवेश कर गए। उन्होंने मंदिर में रखे मटके का पानी लिया और हाथ-पैर धोकर परिसर में घुस गए। पुजारी और ग्रामीणों द्वारा मना करने पर भी इन लोगों ने प्रांगण में नमाज अता की, जिससे वहां उपस्थित लोग आक्रोशित हो गए। पुलिस का बयानसरसलाई थाना प्रभारी जनक सिंह रावत ने जानकारी देते हुए बताया कि पुजारी की शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। प्रारंभिक जांच के बाद तीनों भाइयों पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। फिलहाल, पुलिस टीम द्वारा आरोपियों की तलाश जारी है और इस मामले में सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। मंदिर प्रांगण में लोगों की प्रतिक्रियाघटना के बाद से मंदिर के आसपास के इलाके में तनाव का माहौल है। ग्रामीण इस घटना से नाराज हैं और उन्होंने पुलिस से जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। धार्मिक सहिष्णुता और सामाजिक शांति का मुद्दाइस घटना ने धार्मिक सहिष्णुता और आपसी सद्भाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सभी धर्मों के लोगों से अपील की गई है कि वे आपसी सद्भाव बनाए रखें और इस प्रकार की घटनाओं से बचे ताकि समाज में शांति बनी रहे। recent visitors 176

केंद्रीय मंत्री शिवराज, वीडी शर्मा और भूपेंद्र सिंह के खिलाफ MP-MLA कोर्ट में मानहानि का ट्रायल जारी रहेगा

Defamation trial against Union Minister Shivraj, VD Sharma and Bhupendra Singh will continue in MP-MLA court. मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, सांसद वीडी शर्मा और विधायक भूपेंद्र सिंह के खिलाफ मानहानि मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में जारी रहेगी। हाई कोर्ट ने तीनों नेताओं की याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने मामले को निरस्त करने की मांग की थी। जबलपुर : मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व वर्तमान केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, खजुराहो सांसद वीडी शर्मा और पूर्व मंत्री एवं वर्तमान विधायक भूपेंद्र सिंह के विरुद्ध एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में मानहानि की ट्रायल जारी रहेगी। हाई कोर्ट ने उक्त तीनों नेताओं द्वारा मानहानि प्रकरण को चुनौती देते हुए उसे निरस्त करने की मांग की थी।न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी की एकलपीठ ने उस मांग को अस्वीकार करते हुए तीनों की याचिका निरस्त कर दी। इस मामले में 21 सितंबर को सुनवाई पूरी होने के बाद हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जो शुक्रवार को बाहर आया। राज्यसभा सदस्य वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने विशेष कोर्ट ने उक्त तीनों नेताओं के विरुद्ध आपराधिक अवमानना व 10 करोड़ रुपये की मानहानि का प्रकरण दायर किया है। तन्खा ने आरोप लगाया कि उक्त भाजपा नेताओं ने उनके विरुद्ध प्रिंट और दृश्य मीडिया में अपमानजनक टिप्पणी करके और सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के समक्ष हुई कार्यवाही का दुष्प्रचार करके दंडनीय अपराध किया है। तन्खा की ओर से सिब्बल ने रखा था पक्षतन्खा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल व अधिवक्ता हरजस छाबड़ा ने पैरवी की, वहीं शिवराज व अन्य की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेन्द्र सिंह ने पक्ष रखा। वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने मध्य प्रदेश में पंचायत और निकाय चुनाव मामले में परिसीमन और रोटेशन की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में पैरवी की थी। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव में ओबीसी आरक्षण पर रोक लगा दी तो उक्त भाजपा नेताओं ने साजिश करते हुए इसे गलत तरीके से प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, वीडी शर्मा और भूपेंद्र सिंह ने गलतबयानी करके ओबीसी आरक्षण पर रोक का ठीकरा उनके सिर फोड़ दिया। जिससे उनकी छवि व अदालत की गरिमा को ठेस पहुंची है। तन्खा का आरोपतन्खा का आरोप है कि भाजपा नेताओं ने उनके खिलाफ गलत और अपमानजनक टिप्पणियां की थीं, जो एक अधिवक्ता के रूप में उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाली थीं। यह मानहानि का मामला उन्होंने एक नेता के रूप में नहीं, बल्कि एक अधिवक्ता के रूप में दायर किया है और उन्होंने कोर्ट से आग्रह किया कि इस मामले में नजीर पेश की जाए। निचली अदालत से तीनों नेताओं को समन और वारंट जारी हुए थे और उन्हें हाजिर होने कहा गया था। इसी से क्षुब्ध होकर शिवराज सिंह व अन्य ने हाई कोर्ट की शरण ली थी। हाई कोर्ट ने पूर्व में उक्त नेताओं के विरुद्ध वारंट पर रोक लगा दी थी। भाजपा नेताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेन्द्र सिंह ने दलील दी कि उनके बयानों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। उनका उद्देश्य किसी की मानहानि करना नहीं था। recent visitors 128

कार्तिकेय की मतदाताओं को चेतावनी: कांग्रेस का विधायक चुना तो गांव में नहीं होगा विकास कार्य

Karthikeya’s warning to voters: If a Congress MLA comes, not a single brick is going to be laid in the village. please understand all of you शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान ने एक कार्यक्रम में कहा कि उपचुनाव में 19-20 होता है तो आप समझिए, किसका नुकसान होगा? अपने पैरों पर हम क्यों कुल्हाड़ी मारें? MP Bypoll 2024: मध्य प्रदेश के बुधनी विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव को लेकर अब राजनीति चरम पर पहुंच गया है. इस सीट पर बीजेपी के बीच मुख्य मुकाबला है. इस बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय सिंह चौहान ने एक चुनावी कार्यक्रम में कुछ ऐसा कह दिया कि उनके बयान को लेकर कांग्रेस ने उन्हें नसीहत देने लगे हैं. एमपी कांग्रेस के बड़े नेता ने उन पर पलटवार करते हुए कार्तिकेय सिंह को नसीहत दी है. दरअसल, कार्तिकेय सिंह चौहान ने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि उपचुनाव में 19-20 होता है तो आप समझिए, किसका नुकसान होगा? अपने पैरों हम क्यों कुल्हाड़ी मारें? ये है कार्तिकेय का बयान एमपी के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान ने कहा, “अपनी पोलिंग में गड़बड़ी कर हम क्यों अपनी इज्जत खराब करें? क्या हम को नहीं जाना काम कराने के लिए मुख्यमंत्री के पास, क्या हमें नहीं जाना काम कराने के लिए कृषि मंत्री के पास. आप ही लोग बताईए, सरपंच जी कैसे कराएंगे आप काम. जबाव दीजिए.” उन्होंने आगे कहा कि यदि उन्नीसा-बीस हुआ तो हम किस मुंह से अपने नेताओं के पास काम कराने जाएंगे. अगर गलती से भी कांग्रेस का विधायक आ जाता है तो एक ईंट गांव में नहीं लगने वाली है. समझ लेना आप सब. दिग्विजय सिंह ने क्या दी नसीहत? एमपी के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान के इस बयान पर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर उन्हें नसीहत दी है. उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा, “कार्तिकेय अभी से इस प्रकार का भाषण ना दो. अपने पिता शिवराज सिंह चौहान जी से सीखो. लोकतंत्र में सरकार और विपक्ष दोनों मिलकर भारत निर्माण में सहयोग करते हैं.” उन्होंने कहा कि 10 साल तक मैं मुख्यमंत्री रहा, लेकिन मैंने इस प्रकार की भाषा का कभी उपयोग नहीं किया. आपके पिता गवाह हैं. पंचायत राज कानून में निर्माण काम करने के जिम्मेदार सरपंच की होती है, ना कि विधायक की. आप तो अभी ना सरपंच हैं ना विधायक. आप मेरे पुत्र नहीं पौत्र समान हैं. यह मेरी राय है. आप मानें ना मानें, आप जानें. जय सियाराम. recent visitors 138

दीपावली के बाद भोपाल में 300 क्षेत्रों में बढ़ सकती है प्रॉपर्टी की कीमतें

After Diwali, property prices may increase in 300 areas in Bhopal. भोपाल। भोपाल शहर में बीते छह महीने में एक हजार 294 स्थानों पर जमकर प्रॉपर्टी की खरीद -फरोख्त की गई है। इनमें से 300 स्थान ऐसे हैं, जहां वर्तमान दरों से अधिक दरों पर रजिस्ट्रियां हुई हैं। ऐसे में अब जिला प्रशासन और पंजीयन विभाग ने इन स्थानों पर प्रॉपर्टी की दरें बढ़ाने का निर्णय लिया है। संभवत : दीपावली के बाद यहां प्रॉपर्टी महंगी हो सकती है और इसके लिए किसी भी तरह की कोई दावे-आपत्ति भी नहीं लिए जाएंगे। इस संबंध में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने गुरुवार को वरिष्ठ जिला पंजीयक मुकेश श्रीवास्तव, स्वप्नेश शर्मा सहित अन्य अधिकारियों के साथ बैठक ली और उन्हें नई कलेक्टर गाइडलाइन का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजधानी भोपाल सहित प्रमुख जिलों में प्रॉपर्टी की जमकर खरीद-फरोख्त के चलते पिछले दिनों तीन-तीन महीने में प्रॉपर्टी की दरें तय करने के निर्देश दिए थे। एआई से किया जाएगा सर्वे अधिकारियों ने बताया कि शहर के किन स्थानों पर अधिक दामों में प्रॉपर्टी की ज्यादा खरीद-फरोख्त की जा रही है, इसका पता लगाने के लिए एआई की मदद ली जाएगी। इससे यह पता चल सकेगा कि किन क्षेत्रों में अधिक दामों पर जमकर प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त की जा रही है। इन्हीं स्थानों को प्रस्ताव में शामिल किया जाएगा।उप जिला मूल्याकंन और जिला मूल्यांकन में सहमति के बाद नई दरें एक जनवरी से लागू कर दी जाएंगी। जिले में प्रॉपर्टी की बढ़ती खरीद-फरोख्त के चलते हर तीन महीने यानि अप्रैल, जुलाई, अक्टूबर और जनवरी में दरें दोबारा से बढ़ाई जाएंगी। ऐसे में एक स्थान पर तीन-तीन महीनों की खरीद-फरोख्त का असर प्रॉपर्टी के दामों पर पड़ेगा।यहां बढ़ सकते हैं प्रॉपर्टी के दाम एआई की मदद से पंजीयन के पोर्टल के बीते छह महीने के डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है। क्षेत्रीय स्थान, मेट्रो रूट, प्रमुख सरकारी परियोजनाएं और बस स्टैंड के आसपास की प्रॉपर्टी का मूल्यांकन एआई मॉडल से किया गया है। कोलार सिक्सलेन की वजह से गोल जोड़, थुआखेड़ा से लेकर कजलीखेड़ा तक बदलाव होगा। चूनाभट्टी से नेहरू नगर, कोटरा, वैशाली नगर में भी दरें बदलेंगी।सलैया से बगली के बीच, बैरागढ़ रेलवे लाइन के आसपास, सनखेड़ी, हिनोतिया आलम, बरखेड़ा नाथू, कलखेड़ा, सेवनियां गोंड से लेकर इंद्रपुरी से अयोध्या बायपास और यहां से आशाराम तिराहा तक प्रस्तावित बायपास से 100 मीटर तक की दरों में बदलाव प्रस्तावित किया जाएगा। हुई थी 25 से 95 प्रतिशत वृद्धिअप्रैल 2024 में नई गाइडलाइन लागू की थी, जिसमें कोलार, सलैया, अयोध्या बाइपास और मिसरोद में 25 से लेकर 94 प्रतिशत तक दाम बढ़ाए गए थे। सबसे ज्यादा मिसरोद के कोरल वुड्स के मुख्य मार्ग पर प्रति वर्ग मीटर 94 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी। यहां रहवासी प्लाट की कीमत 44 हजार रुपये वर्ग मीटर से बढ़ाकर 70 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर किया गया। recent visitors 118

उज्जैन जिले में खाचरोद के करीब सड़क दुर्घटना में 4 लोगों की मौत

4 people died in a road accident near Khachrod in Ujjain district उज्जैन ! उज्जैन जिले में खाचरोद के निकट बेडावन्या गांव में एक भयानक सड़क दुर्घटना में चार लोगों की मौत हो गई। यह दुर्घटना एक टैंकर और इनोवा कार के बीच हुई, जिसमें कार में सवार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, ये लोग जियारत करने के लिए अजमेर जा रहे थे। दुर्घटना शुक्रवार सुबह हुई। टैंकर इंदौर के पास मांगलिया से आ रहा था, जबकि कार तेज रफ्तार में थी और अचानक टैंकर से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का ऊपरी हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया और कुछ घायलों के शरीर से अंग भी टूट गए। मौके पर मौजूद राहगीरों ने जल्दी से कार के अंदर फंसे घायलों को बाहर निकाला और पुलिस व एंबुलेंस को सूचित किया। घायल व्यक्तियों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। इंदौर रोड पर एसडीओपी के वाहन को टक्करवहीं दूसरी ओर, इंदौर रोड पर पंथपिपलई के पास एक तेज रफ्तार कार चालक ने एसडीओपी के वाहन को टक्कर मार दी। इस हादसे में 32वीं बटालियन का जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। एसडीओपी ब्रजेश श्रीवास्तव कर्नाटक के राज्यपाल की अगवानी के लिए खड़े थे। घटना के बाद नानाखेड़ा पुलिस थाने के टीआई ने आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। घट्टिया में बाइक सवार की मौतआगर रोड पर घट्टिया थाना क्षेत्र में एक अज्ञात वाहन ने एक बाइक सवार को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक, रवि, एक शराब कंपनी का एरिया मैनेजर था। वह देर रात को शराब की दुकान से लौट रहा था जब यह हादसा हुआ। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश शुरू कर दी है। इन दुर्घटनाओं ने उज्जैन जिले में सड़क सुरक्षा की गंभीरता को एक बार फिर उजागर किया है। लोगों से अपील की जाती है कि वे सड़क पर चलने के दौरान सावधानी बरतें और तेज गति से वाहन चलाने से बचें। recent visitors 200

मोहन सरकार सरपंचों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में, राजनीतिक माहौल गर्म

mohan government preparing to bring no-confidence motion against sarpanches, political atmosphere heated मध्य प्रदेश सरकार पंचायत राज अधिनियम में संशोधन कर सरपंचों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का प्रावधान करने जा रही तीन चौथाई पंचों के हस्ताक्षर के साथ यह प्रस्ताव सरपंच की तीन साल की कार्यावधि पूरी होने पर लाया जा सकेगा।Ordinance against Sarpanch : मध्य प्रदेश सरकार ने एक अहम कदम उठाते हुए सरपंचों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की योजना बनाई है। यह कदम पंचायत राज अधिनियम में संशोधन से संभव होगा। अब सरपंचों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए तीन-चौथाई पंचों (पंचायत सदस्यों) के हस्ताक्षर की आवश्यकता होगी और यह प्रस्ताव सरपंच का तीन साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद ही लाया जा सकेगा। सरकार इस नए प्रावधान को लागू करने के लिए एक अध्यादेश का मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया में है। जिसे अगले महीने कैबिनेट में पेश किया जाएगा। ऐसी होगी अविश्वास प्रस्ताव की नई व्यवस्था वर्तमान में, नगरीय निकायों के अध्यक्षों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का प्रावधान है। इसी तरह का प्रावधान अब पंचायतों में भी लागू किया जाएगा। इस संशोधन में नगरीय निकायों की तरह सरपंचों के खिलाफ भी अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए तीन चौथाई पंचों का समर्थन आवश्यक होगा। साथ ही, यह प्रस्ताव केवल तब लाया जा सकेगा जब सरपंच की कार्यावधि को तीन साल पूरे हो चुके हों। चूंकि अभी विधानसभा का सत्र प्रस्तावित नहीं है, इसलिए सरकार अध्यादेश के माध्यम से यह संशोधन करेगी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने इस संशोधन का प्रारूप तैयार कर लिया है, जिसे वरिष्ठ सचिव समिति को भेजा जाएगा। इसके बाद, विधि एवं विधायी विभाग से परिमार्जन कटाने के बाद अंतिम रूप से इसे कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। लंबे समय से हो रही मांग पंचायत और ग्रामीण संगठनों की लंबे समय से यह मांग थी कि सरपंचों के खिलाफ भी नगरीय निकायों की तरह अविश्वास प्रस्ताव लाने की व्यवस्था होनी चाहिए। इस मुद्दे पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल (Prahlad Singh Patel) ने संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और सहमति व्यक्त क। जिसके बाद इस दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। सरपंचों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की नई व्यवस्था क्या है? मध्य प्रदेश सरकार ने पंचायत राज अधिनियम में संशोधन किया है। जिसके तहत सरपंचों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए तीन-चौथाई पंचों के हस्ताक्षर आवश्यक होंगे। यह प्रस्ताव केवल तब लाया जा सकेगा जब सरपंच का तीन साल का कार्यकाल पूरा हो चुका हो। कब तक यह नया प्रावधान लागू होगा? सरकार इस नए प्रावधान को लागू करने के लिए एक अध्यादेश का मसौदा तैयार कर रही है, जिसे अगले महीने केबिनेट में पेश किया जाएगा। अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए कितने पंचों का समर्थन आवश्यक है? अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए तीन-चौथाई पंचों (पंचायत सदस्यों) का समर्थन आवश्यक होगा। यह व्यवस्था कब से मांग की जा रही थी? यह व्यवस्था पंचायत और ग्रामीण संगठनों द्वारा लवे समय से मांगी जा रही थी, ताकि सरपंचों के खिलाफ भी नगटीय निकायों के समान अविश्वास प्रस्ताव लाने का अधिकार हो। क्या यह संशोधन विधानसभा में पेश होगा? 2 वर्तमान में विधानसभा का सत्र प्रस्तावित नहीं है, इसलिए यह संशोधन अध्यादेश के माध्यम से किया जाएगा। विधि एवं विधायी विभाग के परिमार्जन के बाद इसे कैविनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। recent visitors 192