कांग्रेस के शहरी और ग्रामीण अध्यक्ष ने रखा लक्ष्य, ग्राउंड जीरो तक पहुंचेगा संगठन

Congress’s urban and rural president set the target, the organization will reach ground zero भोपाल। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार कांग्रेस ने भोपाल जिले के जिलाध्यक्षों की स्थिति साफ कर दी है। शहर और ग्रामीण अध्यक्षों को पुन: संगठन को मजबूत करने की कमान सौंपी है। दोनों अध्यक्षों ने अपना कामकाज भी प्रारंभ कर दिया है। कमान मिलते ही रविवार को शहर अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना और ग्रामीण अध्यक्ष अनोखी मानसिंह पटेल से मेल-मिलाप और बधाई देने का सिलसिला सुबह से शुरू हुआ, जो देररात तक जारी रहा है। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कार्यकारिणी विस्तार में स्थान देने समेत अन्य जनहित के मुद्दों पर जिलाध्यक्ष और कार्यकर्ताओं के बीच विस्तृत चर्चा की। अब कार्यकर्ताओं में नई उम्मीद जाग गई है कि उन्हें भी जिले की नवीन कार्यकारिणी में काम करने का अवसर मिलेगा। शहर अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना ने कहा कि संगठन को पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी के मार्गदर्शन में जल्द भोपाल शहर की कार्यकारिणी गठित करेंगे, ताकि पार्टी के कार्यकर्ता फिर से नए सिरे से समाज के बीच पहुंचेंगे और उनके जनहित के मुद्दे उठाएंगे और सरकार को इनका निराकरण के लिए मजबूर करेंगे।  वहीं ग्रामीण अध्यक्ष अनोखी मानसिंह पटेल ने नीलबड़ स्थित अपने कार्यालय पर अपनी प्राथमिकता बताते हुए कहा कि हाईकमान के निर्देशानुसार तकरीबन 60 दिनों के भीतर नवीन कार्यकारिणी गठित कर देंगे। इस बार विशेष तौर पर हर पंचायत स्तर पर संगठन को गढ़ा जाएगा। पंचायत कमेटी में करीब 20 पदाधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। इसमें समाज के सभी वर्गों को प्राथमिकता मिलेगी। जल्द ही इस संबंध में पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों से मार्गदर्शन लेंगे और नियुक्तियां प्रारंभ कर दी जाएंगी। उन्होंने बताया कि एक ही लक्ष्य है कि पंचायत स्तर तक संगठन और पार्टी की विचारधारा से लोगों को जोडऩा है। उन्होंने बताया कि पंचायत स्तर के पदाधिकारियों से चर्चा कर जनहित के मुद्दों की एक सूची तैयार करेंगे। इसके बाद सरकार के खिलाफ पार्टी हल्लाबोल करेंगे। recent visitors 134

राष्ट्रीय प्रभारी केसी वेणुगोपाल की जेब में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष

Congress district president in the pocket of national in-charge KC Venugopal भोपाल। बहुप्रतीक्षित कांग्रेस जिलाध्यक्षों की लिस्ट अब से थोडी देर में कभी भी आ सकती है। आज मप्र के प्रभारी व राष्ट्रीय महासचिव हरीश चौधरी व राष्ट्रीय प्रभारी केसी वेणुगोपाल, की लंबी मैराथन बैठक के बाद प्रदेश के कांग्रेस जिलाध्यक्षों के नाम तय हो गये है। यह नाम बंद लिफाफे में केसी वेणुगोपाल के पास है और कभी भी आज देर रात तक दिल्ली का कांग्रेस आलाकमान सूची जारी कर सकता है।  सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस जिलाध्यक्षों को लेकर काफी दिनों से लंबी जददोजहद चल रही थी और जिलाध्यक्षों के नाम घोषित नहीं हो पा रहे थे, अब मध्यप्रदेश के प्रभारी हरीश चौधरी और राष्ट्रीय प्रभारी केसी वेणुगोपाल ने कांग्रेस जिलाध्यक्षों की सूची को अंतिम रूप दे दिया है।  सूत्रों के मुताबिक जिलाध्यक्ष सूची कल ही घोषित होने वाली थी लेकिन कल कांग्रेस नेताओं ने सुझाव दिया था कि सूची 15 अगस्त से पहले न घोषित की जाये क्योंकि सूची घोषित होने के बाद तिरंगा रैली जैसे आयोजन पर असर पडेगा। इसके बाद यह सुझाव मानकर आज कभी भी कांग्रेस जिलाध्यक्ष सूची घोषित की जाने की तैयारी है।  ग्वालियर में बदल रहे अध्यक्ष ग्वालियर में कांग्रेस जिलाध्यक्ष डा. देवेन्द्र शर्मा भी बदले जा रहे है। उनकी जगह किसी नये कांग्रेस नेता को जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी जा रही है। संजय सिंह यादव का नाम चर्चा में है। recent visitors 109

कांग्रेस की चुनावी तैयारियों का आगाज “कांग्रेस का ‘नव संकल्प’: 2028 की रणभेरी मांडू से”

कांग्रेस की चुनावी तैयारियों का आगाज “कांग्रेस का ‘नव संकल्प’: 2028 की रणभेरी मांडू से”

Congress’s election preparations begin “Congress’s ‘Nav Sankalp’: The battle cry of 2028 from Mandu” Congress Nav Sankalp from Mandu मध्य प्रदेश की राजनीति में बदलाव की आहट सुनाई देने लगी है। कांग्रेस ने 2028 विधानसभा चुनावों के लिए अपनी रणनीतिक बिसात बिछानी शुरू कर दी है — और इसकी शुरुआत हो रही है ऐतिहासिक नगरी मांडू से। 21 और 22 जुलाई को आयोजित ‘नव संकल्प शिविर’ कांग्रेस की गंभीरता, तैयारी और भविष्य की लड़ाई के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह महज एक शिविर नहीं, बल्कि कांग्रेस के संगठनात्मक पुनर्निर्माण और विचारधारा की पुनर्स्थापना का एक मंच है। 12 सत्रों में बंटे इस शिविर में विधायकों को विचारधारा, विपक्ष की भूमिका, जन मुद्दों की समझ, और सोशल मीडिया रणनीति जैसे पहलुओं पर प्रशिक्षित किया जाएगा। यह दिखाता है कि कांग्रेस अब सिर्फ प्रतिक्रिया देने वाली पार्टी नहीं, बल्कि दिशा देने वाली ताकत बनना चाहती है। Congress Nav Sankalp from Mandu शिविर का सबसे अहम संदेश है — संगठन की मजबूती, विचारधारा की स्पष्टता और जनता से संवाद की नई शुरुआत। राहुल गांधी की वर्चुअल मौजूदगी और शीर्ष नेताओं — जैसे कमलनाथ, जीतू पटवारी, विवेक तन्खा, सुप्रिया श्रीनेत, अजय माकन — की सक्रिय भागीदारी इस बात को पुष्ट करती है कि कांग्रेस अब ‘नेताओं की भीड़’ नहीं, बल्कि ‘विचारधारा से जुड़ा कैडर’ बनाना चाहती है। विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने जहां एक ओर शिविर की रूपरेखा प्रस्तुत की, वहीं दूसरी ओर उन्होंने सरकार की असफलताओं को उजागर करते हुए कांग्रेस के वैकल्पिक विज़न को भी सामने रखा। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को “झूठ का पुलिंदा” कहना और प्रदेश में बढ़ते अपराध, बेरोजगारी, और भ्रष्टाचार पर तीखे सवाल खड़े करना कांग्रेस के तीखे तेवरों को दर्शाता है। Read more: क्या बार-बार थकान और भूख न लगना फैटी लीवर की चेतावनी हो सकती है? जानिए कैसे बचाव संभव यह शिविर आने वाले वर्षों में कांग्रेस की राजनीति की दिशा तय कर सकता है। अगर यह प्रशिक्षण और आत्ममंथन जमीन पर उतर पाया, तो मांडू कांग्रेस के लिए वही बन सकता है, जो कभी नव-भारत निर्माण के दौर में वर्धा और सेवाग्राम हुआ करते थे। कांग्रेस ने यह संकेत दे दिया है कि वह अब विपक्ष में बैठने के लिए नहीं, सत्ता में लौटने के लिए मैदान में है। अब देखना यह होगा कि मांडू से निकली यह संकल्पशक्ति 2028 तक कितना प्रभाव छोड़ती है। recent visitors 201

भोपाल में ‘शुद्धिकरण अभियान’ की शुरुआत, अशोका गार्डन बना ‘राम बाग’ हमीदिया, हबीबगंज समेत कई नामों पर प्रस्ताव

भोपाल में ‘शुद्धिकरण अभियान’ की शुरुआत, अशोका गार्डन बना ‘राम बाग’ हमीदिया, हबीबगंज समेत कई नामों पर प्रस्ताव

ashoka garden now called ram bagh hamidia and habibganj also renamed भोपाल ! hamidia and habibganj also renamed मध्य प्रदेश की राजधानी इन दिनों एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रही है। नगर निगम द्वारा शुरू किए गए ‘शुद्धिकरण अभियान’ के तहत अब शहर के प्रमुख स्थलों और इलाकों के नाम भारतीय सांस्कृतिक पहचान के अनुरूप किए जा रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि यह कदम गुलामी और विदेशी आक्रांताओं की छाया को समाप्त करने के उद्देश्य से उठाया गया है। इस कड़ी में पहला बड़ा बदलाव अशोका गार्डन को लेकर हुआ है। अब इस इलाके को ‘राम बाग’ के नाम से जाना जाएगा। मेयर इन काउंसिल (MIC) ने इस प्रस्ताव को पारित कर दिया है और नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि, “भोपाल की पहचान राजा भोजपाल से जुड़ी हुई होनी चाहिए, न कि उन नामों से जो हमारी ऐतिहासिक चेतना को धूमिल करते हैं।” Read more: क्या बार-बार थकान और भूख न लगना फैटी लीवर की चेतावनी हो सकती है? जानिए कैसे बचाव संभव हमीदिया, हबीबगंज समेत कई नामों पर प्रस्ताव hamidia and habibganj also renamedनिगम ने हमीदिया अस्पताल, हमीदिया कॉलेज और हबीबगंज जैसे इलाकों के नामों को बदलने की सिफारिश भी शासन को भेजी है। इन नामों को नवाबी काल और विदेशी प्रभाव का प्रतीक माना जा रहा है। सूर्यवंशी ने स्पष्ट कहा कि, “हमीदुल्लाह खान जो कि भोपाल का अंतिम नवाब था, वह भारत की जगह पाकिस्तान में विलय चाहता था। ऐसे नाम अब भोपाल की संस्कृति के अनुकूल नहीं हैं।” राजनीति भी गर्माई, विपक्ष ने उठाए सवालजहां सत्ता पक्ष इसे “संस्कृति का सम्मान” और “गुलामी से मुक्ति” बता रहा है, वहीं विपक्ष ने इसे “राजनीतिक स्टंट” करार दिया है। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए नाम बदलने की राजनीति की जा रही है। नवीन पहचान की ओर बढ़ता भोपाल hamidia and habibganj also renamedशहर सरकार द्वारा पारित यह प्रस्ताव इस बात का संकेत है कि भोपाल अब अपनी पहचान भारतीय परंपरा, संस्कृति और गौरवशाली अतीत के आधार पर दोबारा गढ़ने की ओर अग्रसर है। हालांकि, इस अभियान पर विचारधारा और राजनीतिक मतभेदों की छाया भी स्पष्ट रूप से देखी जा रही है। recent visitors 112

तबादला-पोस्टिंग: अधिकारी ही रहे बॉस, गिड़गिड़ाते रह गए मंत्री, चांस खत्म

तबादला-पोस्टिंग: अधिकारी ही रहे बॉस, गिड़गिड़ाते रह गए मंत्री, चांस खत्म

Transfer-Posting: Officers remained the bosses, ministers kept pleading, chances over भोपाल। प्रदेश में एक महीना 17 दिन ट्रांसफर और पोस्टिंग का सीजन चला। सरकार ने मंत्रियों को छूट दी थी, लेकिन ट्रांसफर-पोस्टिंग में विभाग के एसीएस-पीएस ने अपनी मनमार्जी चलाई और उन्होंने ही अपनी रणनीति के तहत अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादले किए। चिंताजनक पहलू यह है कि गंभीर बीमारी से जुड़े प्रकरणों में कर्मचारियों को ट्रांसफर का लाभ नहीं मिला। जबकि नीति में गंभीर बीमारी, परिवार में बीमार और पति-पत्नी को एक ही जिले में पदस्थ करने का प्रावधान किया गया था। वन विभाग ने तो ‘ए-प्लसÓ की नोटशीट तक की सिफारिशों को दरकिनार कर दिया है। आखिरी दिन तक वन मंत्रालय में तबादला सूची में मैनेजमेंट कोटे के आधार देर रात तक नाम कटते और जुड़ते रहे। तबादला सीजन में मंत्रियों और प्रमुख सचिवों के बीच तालमेल की कमी भी खुलकर सामने आई है। तबादले के लिए तमाम मनुहार कर बैन हटवाने वाले मंत्रियों को अपने मिलने-जुलने वालों के तबादले और पोस्टिंग करने का मौका नहीं मिल सका है। वरिष्ठ अफसरों ने इसके लिए सरकार के नियमों को भी दरकिनार किया है। एसीएस और मंत्रियों के बीच खींचतान की वजह से कई विभागों में 8 फीसदी तक तबादले नहीं हो पाए हैं। वहीं कई विभागों द्वारा अब बैकडेट में तबादला आदेश जारी किए जा रहे हैं। राजस्व विभाग ने 509 पटवारियों का तबादला किए। इसके बाद 89 पटवारियों के आधी रात को आदेश जारी कर दिए गए हैं। अभी कुछ सूची जारी करने की तैयारी विभाग कर रहा है। वह भी बैकडेट में होने की तैयारी चल रही है। वन विभाग में फारेस्ट गार्ड, प्रभारी रेंजर से लेकर एसडीओ तक के ट्रांसफर 17 और 18 जून तक जारी किए गए हैं। सीएम के विभागों को लेकर खासी माथा-पच्चीमुख्यमंत्री के पास गृह, जेल, उद्योग, नर्मदा घाटी, विमानन, वन जैसे करीबन 10 से ज्यादा विभाग हैं। इन विभागों में जितने भी ट्रांसफर किए गए हैं, उसमें सीएम मॉनिट के नाम पर एसीएस-पीएस ने अपनी मनमानी की है। वन विभाग में दीगर मंत्रियों को डस्टबिन में डाल दिया गया। इससे मंत्रियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। साथ ही स्थानांतरित हुए अधिकारियों-कर्मचारियों में असंतोष व्याप्त है। कई अधिकारियों का मैनेजमेंट कोटे से मनपसंद पोस्टिंग कराने की सिफारिश मंत्रियों और शीर्षस्थ अधिकारियों से की थी। उनके नाम सूची में आए, लेकिन चाही गई जगह नहीं मिली। यहां भी देर रात तक नाम कटते और जुड़ते रहे हैं। यही वजह रही कि एक रेंजर स्वस्ति श्री जैन की पोस्टिंग 2 जगह कर दी गई। कुछ मामलों में जहां जगह ही नहीं, वहां भी तबादले किए गए हैं। वन विभाग में चर्चा है कि मंत्रालय के अधिकारियों ने जमकर मनमानी की, क्योंकि वन विभाग सीएम के पास है और उनके पास गृह जेल उद्योग और आईएएस की पोस्टिंग संबंधित महत्वपूर्ण कार्य हैं। इसके कारण उनका वन विभाग पर फोकस कम रहा और इसका फायदा नौकरशाह और शीर्ष अफसरों ने जमकर उठाया। यही स्थिति जेल विभाग में भी रही। उद्योग विभाग की सूची का तो कर्मचारियों को पता ही नहीं चला। एमएसएमई विभाग में मंत्री चेतन्य काश्यप के प्रस्तावों को तवज्जो ही नहीं दी गई। उधर, पीएचई में किए गए तबादलों में विभागीय मंत्री द्वारा की गई अनुशंसाओं को दरकिनार कर ट्रांसफर किए गए। यह सब मुख्यमंत्री के नाम पर विभागों के अफसरों ने खेल खेला है। इस मामले में तो कर्मचारियों ने विभागाध्यक्षों पर लेनदेन के भी आरोप लगाए हैं। मंत्री प्रहलाद पटेल की तबादलों में नहीं चलीकैबिनेट में प्रहलाद पटेल कद्दावर मंत्रियों में गिने जाते हैं, लेकिन तबादलों में अफसरों ने उनकी नहीं सुनी। तबादला आदेश जारी करने के दौरान अफसरों ने यह कहकर मंत्री के नाम रिजेक्ट किए कि यह तीन फार्मूले में फिट नहीं बैठते हैं। ये फार्मूला है-पारस्परिक तबादला, गंभीर बीमारी जैसे कैंसर या ब्रेन ट्यूमर तथा तीसरा महिला का अपने परिवार से दूर पदस्थ होना बताया गया। यही वजह है कि मंत्री के यहां से गए प्रस्तावों पर तबादले नहीं किए गए। उधर, आजीविका मिशन, आरईएस, पंचायत राज सहित अन्य विभागाध्यक्ष कार्यालयों में ट्रांसफर खुलकर किए गए हैं। राजस्व विभाग के पीएस विवेक पोरवाल ने मंत्री करण सिंह वर्मा की भी नहीं सुनी, ऐसी चर्चा है। मंत्री ने जो सूची भेजी, उसमें भारी काट-छांट करते हुए प्रमुख सचिव और सीएलआर ने नामात्र के तबादले किए हैं। recent visitors 137

शोक की घड़ी में भाजपा का पचमढ़ी आयोजन नैतिकता का उल्लंघन: विभा पटेल

BJP’s Panchmarhi event in the hour of mourning Violation of ethics: Vibha Patel भोपाल। मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती विभा पटेल ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा संवेदनशील नहीं है। उसका करुणा, वेदना, पीड़ा और मानवीयता से कोई सरोकार नहीं है। इसकी मिसाल अहमदाबाद विमान हादसे के चलते पचमढ़ी प्रशिक्षण शिविर स्थगित नहीं करना है।  श्रीमती विभा पटेल ने कहा कि अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की अंतरराष्ट्रीय उड़ान दुर्घटनाग्रस्त होने से इस अकल्पनीय हादसे में सिर्फ यात्री और क्रू मेंबर्स ही नहीं, बल्कि मेडिकल कॉलेज के कई छात्र, आम नागरिक समेत 275 लोग असमय काल के गाल में समा गए। इस शोक की घड़ी में वैश्विक नेताओं समेत देश-दुनिया में शोक की लहर है। लेकिन उत्सवप्रेमी भाजपा संगठनात्मक आयोजन के नाम पर विधायकों-सांसदों का तीन दिनी प्रशिक्षण सत्र का आयोजन कर रही है। यह आश्चर्यजनक है क्योंकि इस दुर्घटना में भाजपा के पूर्व सीएम विजय रूपाणी की भी मृत्यु हुई है। इसके बावजूद भाजपा का कार्यक्रम को स्थगित नहीं करना और उद्घाटन के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को आमंत्रित करना उसके मानवता विरोधी चेहरे को प्रदर्शित करता है। यह सामाजिक मानदंडों, सामान्य शिष्टाचार और नैतिक सीमाओं का सीधा उल्लंघन है।  श्रीमती विभा पटेल ने केंद्रीय गृह मंत्री शाह के उस बयान की भी निंदा की है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ” ये एक्सीडेंट है.. एक्सीडेंट को कोई रोक नहीं सकता..’। श्रीमती विभा पटेल ने कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को कुछ भी बोलने से सोचना चाहिए। अभी देश अहमदाबाद विमान हादसे के सदमे से उबरा नहीं है। कई परिवार शोक और सदमे से घिरे है। यह हादसा न जाने कितने परिवारों के लिए विनाश का कारण बन गया, कितनों की दुनिया उजड़ गई। इसको समझते हुए भाजपा का अपने आयोजन को लेकर हठधर्मी वाला रवैया रखना उसके अमानवीय व्यवहार, आचरण और चरित्र को प्रदर्शित करता है। श्रीमती विभा पटेल ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति सहानुभूति प्रकट करते हुए कहा कि इस कठिन समय में भाजपा को सद् बुद्धि मिले, वह यही ईश्वर से प्रार्थना करती है। recent visitors 242

भोपाल पहुंचे राहुल गांधी मध्य प्रदेश में नई कांग्रेस खड़ी करने… 5 घंटे में करेंगे ताबड़तोड़ बैठकें

भोपाल पहुंचे राहुल गांधी मध्य प्रदेश में नई कांग्रेस खड़ी करने… 5 घंटे में करेंगे ताबड़तोड़ बैठकें

Rahul Gandhi reached Bhopal to establish a new Congress in Madhya Pradesh… will hold a series of meetings in 5 hours भोपाल (Rahul Gandhi in MP): 23 साल से मध्य प्रदेश में कांग्रेस वनवास काट रही है। कमल नाथ के नेतृत्व में 2018 में सरकार बनी, पर डेढ़ साल ही चल सकी। विधानसभा और लोकसभा चुनाव के समय बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता पार्टी छोड़कर चले गए। संगठन का ताना-बाना बिखर गया। अब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी मप्र में नई कांग्रेस खड़ी करेंगे। इसके लिए संगठन सृजन अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। इसकी शुरुआत मंगलवार, 3 जून को भोपाल में राहुल गांधी ही करेंगे। वे 5 घंटे में तीन बैठकों और अधिवेशन में भाग लेंगे। विभीषणों को चिन्हित करने की बात कह चुके राहुल गांधीमध्य प्रदेश में अब कांग्रेस नया नेतृत्व तैयार कर रही है। अभी तक यह कमल नाथ, दिग्विजय सिंह जैसे नेताओं के हाथों में रहा है। राहुल गांधी मध्य प्रदेश में भी ‘विभीषणों’ को चिन्हित करने की बात भी कह चुके हैं।जीतू पटवारी को प्रदेश अध्यक्ष, उमंग सिंघार को नेता प्रतिपक्ष और हेमंत कटारे को उपनेता बनाकर पीढ़ी परिवर्तन की कवायद भी प्रारंभ कर दी गई है। इस बीच, देश में जनगणना के साथ जाति आधारित गणना का श्रेय पार्टी राहुल गांधी को देगी। इसके लिए प्रदेश कांग्रेस पूरे प्रदेश में अभियान चलाएगी। संगठन सृजन अभियान के दौरान ही कार्यकर्ता घर-घर जाकर बताएंगे कि राहुल गांधी के जाति आधारित गणना करने का मुद्दा उठाने के बाद भारत सरकार को झुकना पड़ा और वह इसके लिए तैयार हुई। विमानतल से प्रदेश कांग्रेस कार्यालय तक 52 द्वार भी बनाए गए है, जिनमें जाति आधारित गणना के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया गया है। recent visitors 119