वक्फ संशोधन बिल पर समर्थन की लहर, मंत्री सारंग बोले- गुमराह करने वालों को जनता ने दिया करारा जवाब!

Wave of support on Waqf Amendment Bill

Wave of support on Waqf Amendment Bill, Minister Sarang said- People have given a befitting reply to those who mislead! भोपाल। वक्फ संशोधन बिल को लेकर चर्चाओं के बीच मध्यप्रदेश के सहकारिता और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस बिल का आम मुसलमान से कोई विरोधाभास नहीं है, बल्कि कुछ अमीर मुस्लिम नेता, जो वक्फ बोर्ड की संपत्तियों पर बेजा कब्जा किए बैठे हैं, वही इसका विरोध कर रहे हैं। मुस्लिम समाज ने दिखाया समर्थन, झूठे प्रचार करने वालों को दिया जवाब : मंत्री सारंग मंत्री सारंग ने कहा कि भोपाल में हजारों मुस्लिम भाइयों और बहनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वक्फ संशोधन बिल का खुलकर समर्थन किया है। यह उन नेताओं के लिए करारा तमाचा है, जो इस बिल को लेकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बिल किसी समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि वक्फ बोर्ड की संपत्तियों के सही उपयोग और आम मुसलमान के हित में लाया गया है। वक्फ संपत्तियों पर बेजा कब्जा करने वालों में मचा हड़कंप : मंत्री सारंग मंत्री सारंग ने कहा कि यह बिल केवल उन लोगों के पेट में दर्द पैदा कर रहा है, जिन्होंने अवैध रूप से वक्फ संपत्तियों पर कब्जा कर रखा है। यह आम मुसलमान के खिलाफ नहीं, बल्कि पारदर्शिता लाने और गरीब मुस्लिम समुदाय को इसका सही लाभ दिलाने के लिए बनाया गया है। राजनीतिक रोटी सेंकने वालों को जनता का करारा तमाचा : मंत्री सारंग उन्होंने कहा कि कुछ नेता अपनी राजनीति चमकाने के लिए इस मुद्दे पर झूठ फैला रहे हैं, लेकिन भोपाल में मुस्लिम समाज द्वारा दिए गए समर्थन ने इस झूठ को बेनकाब कर दिया है। मंत्री सारंग ने जोर देकर कहा कि जो लोग इस बिल को पढ़ेंगे, वे इसका विरोध नहीं करेंगे। यह बिल पढ़ने के बाद विरोध नहीं करेगा कोई : मंत्री सारंग मंत्री सारंग ने जनता से अपील करते हुए कहा कि वक्फ संशोधन बिल को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम को दूर करना आवश्यक है। यह कानून मुस्लिम समाज को मजबूत करने और उनकी संपत्तियों का सही उपयोग सुनिश्चित करने के लिए लाया गया है। उन्होंने कहा कि भोपाल के मुस्लिम समाज ने जिस तरह से इस बिल का समर्थन किया है, वह यह साबित करता है कि यह बिल किसी समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि उनके अधिकारों की रक्षा करने वाला है। recent visitors 74

सलकनपुर देवी मंदिर रोप-वे पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा से खिलवाड़

salkanpur devi mandir ropeway

the safety of devotees is being compromised at salkanpur devi mandir ropeway सीहोर ! salkanpur devi mandir ropeway नवरात्र के दूसरे दिन सलकनपुर स्थित मा विजयासन देवी मंदिर में करीब 38 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए है। सोमवार को सलकनपुर देवी मंदिर के रोप-वे का एक आपत्तिजनक वीडियो भी सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल – वीडियो में सुरक्षा नियमों को दरकिनार कर दो युवक रोप-वे की बोगी के ऊपर बैठे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने संज्ञान देते हुए रोप-वे संचालक को फटकार लगाई है। रोप-वे संचालक का तर्क है कि यह रोप-वे का मेंटेनेंस करने वाले कर्मचारी थी, रूटीन चैकिंग कर रहे थे। जानकारी के अनुसार नवरात्र मेला के चलते रोपवे पर भीड़ हैं। सुबह 4 से रात 10 बजे तक रोपवे चल रहा है, एक दिन में करीब 900 श्रद्धालु रोपवे के माध्यम से देवी मंदिर परिसर तक आते-जाते हैं। रोप-वे का 120 रुपए प्रति सवारी के हिसाब से किराया फिक्स है, एक बोगी में 6 लोग बैठते हैं। सलकनपुर देवी मंदिर रोपवे प्रभारी राजू श्रीवास्तव का कहना है कि मेला के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से हर घंटे रोप-वे की जांच की जाती है। वीडियो रविवार का है, कर्मचारी रूटीन चैकिंग कर रहे थे। श्रीवास्तव का तर्क है कि बोगी के ऊपर बैठे कर्मचारी सेफ्टी बेल्ट लगाए हुए थे। बुदनी एसडीओपी रवि शर्मा ने बताया कि रोप-वे संचालक को हिदायत दी है कि वह बिना सुरक्षा इंतजाम के रूटीन चेकिंग नहीं करें। salkanpur devi mandir ropeway सामान्य गति से चल रहा ट्रैफिकः मां विजयासन देवी के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए अल सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरु हो जाता है। श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना एवं दर्शन में किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हो, इसके लिए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। पर्याप्त पार्किंग होने के चलते ट्रैफिक सुचारु रहा है। सोमवार को दिनभर लोग आवाजाही करते दिखे। ट्रैफिक नियंत्रण के लिए पुलिस की तरफ से पर्याप्त बल तैनात किया गया है। पुलिस की तरफ से लाउ डस्पीकर की मदद से निरंतर निर्देश प्रसारित किए जा रहे हैं जिससे ट्रैफिक जाम नहीं हो। Read more: अब ChatGPT पर Free में बनेगी Ghibli इमेज, ट्रेंड वायरल पर Sam Altman ने की बड़ी घोषणा, जानें तरीका मेडिकल सहायता का लाभ ले रहे श्रद्धालु मंदिर परिसर में स्वास्थ्य परीक्षण के लिए हेल्थ कैंप लगाया है। सोमवार को करीब 80 व्यक्तियों ने परीक्षण कराया। ज्यादातर मरीज धूप के कारण घबराहट होने पर जांच कराने गए थे। प्रशासन की तरफ से मंदिर परिसर में हेल्प डेस्क भी बनाया गया है, जिसकी मदद से लोग मंदिर परिसर में चौतरफा घूम पा रहे हैं। सलकनपुर मंदिर के लिए बाहर से आने वाली बसों की पार्किंग के लिए अस्थाई बस स्टैंड बनाया गया है, जिसमें बसों को खड़ा करया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए समिति द्वारा अधिकृत टैक्सी वाहन चलाए हैं। recent visitors 93

उज्जैन में जल्द लॉन्च होगा विक्रमादित्य वैदिक एप; ज्योतिष संबंधी जानकारी भी मिलेगी, मोबाइल से जान सकेंगे शादी समेत अन्य शुभ मुहूर्त

Vikramaditya Vedic app will be launched soon in Ujjain; Astrological information will also be available, उज्जैन । उज्जैन में वैदिक घड़ी के बाद अब विक्रमादित्य वैदिक एप लॉन्च होने जा रहा है। इसमें न सिर्फ समय देखने को मिलेगा बल्कि सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त सहित पंचांग की दूसरी बारीकियां जैसे मांगलिक मुहूर्त और काल गणना के बारे में भी जानकारी होगी। इस एप का लोकार्पण देश के गृह मंत्री अमित शाह के हाथों किया जाना प्रस्तावित है। एप को गुजरात और उत्तर प्रदेश की टीमों ने मिलकर बनाया है। इसे एंड्रॉइड और IOS वर्जन पर भी चलाया जा सकेगा। खास बात ये है कि एप पूरी तरह मुफ्त होगा, जो दुनिया की करीब 189 भाषाओं में चलेगा। एप का ट्रायल रन गूगल प्ले स्टोर पर विक्रमादित्य शोध पीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने बताया कि यह एप मिनी पंचांग की तरह होगा। अभी एप का ट्रायल रन गूगल प्ले स्टोर पर चल रहा है। जल्द इसे पूरा कर नए अपडेट के साथ अप्रैल में लाॅन्च कर दिया जाएगा। मुहूर्त के मतभेद कम नहीं कर पाएगा एप पंचांगों में मतभेद को लेकर निदेशक तिवारी ने कहा- मतभेद वास्तव में है ही नहीं क्योंकि भारतीय कालगणना की परंपरा को पिछले 200-300 साल में उज्जैन से अलग-अलग देशों जैसे ग्रीन विच ले जाया गया। ऐसे ही देश में अलग-अलग शहरों में रहने वाले ज्योतिषियों ने अपने समय अनुसार गणना शुरू कर दी इसलिए मतभेद सामने आए। उन्होंने बताया कि उज्जैन के कालगणना केंद्र को ध्वस्त कर दिया गया। जिसके बाद स्वतंत्र पंचांग तैयार हो गए। लोगों ने अपने हिसाब से पंचांग देखना शुरू कर दिया इसलिए मतभेद हो गए। recent visitors 116

एमपी में ईद उल फितर पर मांगी अमन-चैन की दुआ: काली पट्‌टी बांधकर पहुंचे नमाजी, भोपाल में शहर काजी ने कहा- तालीम पर खास ध्यान दो

Prayers for peace and harmony were offered on Eid ul Fitr in MP: Namazis arrived wearing black bands, Shahar Qazi in Bhopal said- pay special attention to education ईद-उल-फितर के पाक त्योहार पर अकीदतमंदों ने नमाज पढ़कर देश-प्रदेश में अमन-चैन की दुआ की। भोपाल सुशील दामले (ब्यूरो रिपोर्ट)। देशभर के साथ मध्यप्रदेश में भी ईद-उल-फितर का त्योहार आज सोमवार को मनाया जा रहा है। सुबह से ही अकीदतमंद नमाज पढ़ने ईदगाह और मस्जिदों में पहुंचे। भोपाल की ताज उल मसाजिद, जामा मस्जिद और मोती मस्जिद सहित दूसरी मस्जिदों में भी ईद की नमाज अदा कर देश और मध्यप्रदेश में अमन-चैन और खुशहाली की दुआ मांगी। भोपाल में ईदगाह पर होने वाली मुख्य नमाज सुबह 7:30 बजे अदा की गई। हर साल की तरह इस बार भी नमाज की सूचना तोप से गोले दागकर दी गई। नमाज ए खास से पहले शहर काजी मुश्ताक अली नदवी ने तकरीर में नौजवानों से कहा- कैरेक्टर और क्वालिटी पैदा करो। नशे से दूरी रखो, हलाल कमाई पर ध्यान दो। हलाल और हराम में फर्क करना सीखो।शहर काजी ने कहा- अपने रोजमर्रा के खर्चों को कम करो लेकिन बच्चों की अच्छी तालीम पर खास ध्यान दो।इससे पहले रविवार शाम रूअत-ए-हिलाल कमेटी ने चांद नजर आने की पुष्टि कर दी थी। शहर काजी सैय्यद मुश्ताक अली नदवी की अगुवाई में मोती मस्जिद में चांद का दीदार किया गया। प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों से भी इसकी तस्दीक हुई। काली पट्‌टी बांधकर पहुंचे नमाजी भोपाल के ईदगाह और अन्य मस्जिदों में नमाज पढ़ने पहुंचे मुस्लिम धर्मावलंबी बांह पर काली पट्टी बांधकर नमाज पढ़ने पहुंचे। वे वक्फ अमेंडमेंट बिल का विरोध कर रहे थे।बता दें कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने मुस्लिम समुदाय से काली पट्‌टी बांधकर शांतिपूर्ण और मौन विरोध प्रदर्शन की अपील की थी। बोर्ड ने कहा था कि अगर ये बिल पारित हो गया तो मस्जिद, दरगाह, मदरसे, कब्रिस्तान और कई अन्य संस्थान उनके हाथ से चले जाएंगे। recent visitors 79

कलश यात्रा के साथ संत नामदेव की प्रतिमा स्थापना 

Installation of the statue of Saint Namdev along with Kalash Yatra  भोपाल (सुशील दामले)। राजधानी स्थित जवाहर चौक स्थित संत नामदेव सामुदायिक भवन में,दो दिवसीय संत नामदेव की प्रतिमा स्थापना और आश्रय स्थल के लोकार्पण का शुभारंभ किया जा रहा हैं,इस दौरान कलश यात्रा का आयोजन किया गया,यात्रा संत नामदेव सामुदायिक भवन से जवाहर चौक हनुमान मंदिर से होकर,संत नामदेव सामुदायिक भवन तक निकाली गई, जिसमें नामदेव समाज की महिलाओं ने सिर पर कलश रख कर संत नामदेव के नारे लगाए और नृत्य किया,वहीं नामदेव समाज विकास मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष अरुण नामदेव ने हमें बताया कि,सामुदायिक भवन में संत नामदेव महाराज के कैलेंडर,नामदेव चालीसा और नामदेव आरती का विमोचन किया गया जिसमें भगवान विठ्ठल और संत नामदेव की प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा की जा रही है, साथ ही नामदेव की याद में भवन के प्रथम तल पर तीन कमरे बनवाए गए है,जिसका उपयोग समाज के लोगों के लिए निःशुल्क रहेगा recent visitors 88

एमपी में हजारों शिक्षकों को हटाने का आदेश जारी, हाईकोर्ट के निर्देश पर इन्हें मिली थी नियुक्ति

Order issued to remove thousands of teachers in MP, they were appointed on the instructions of High Court Vocational Teachers Remove Order : मध्य प्रदेश में व्यवसायिक शिक्षकों की मुश्किलें बढ़ाने वाला आदेश लोक शिक्षण संचालनालय की ओर से जारी किया गया है। राज्य के लगभग 6 हजार व्यवसायिक शिक्षकों को हटाने का आदेश विभाग द्वारा किया गया है। दरअसल, लोक शिक्षण संचालनालय ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों में वोकेशनल ट्रेनिंग दे रहे करीब 6 हजार व्यावसायिक शिक्षकों को हटाने के निर्देश दे दिए हैं। व्यावसायिक शिक्षकों की सेवाएं 30 अप्रैल 2025 तक ही होंगी। राजधानी भोपाल के गौतम नगर स्थित लोक संचालनालय विभाग की ओर से सेकेंड्री एजुकेशन मध्य प्रदेश के सत्र 2024-25 में कार्यरत व्यवसायिक प्रशिक्षकों की सेवाओं के संबंध में आदेश जारी करते हुए कहा है कि, इस कार्यालय एवं कार्यरत सभी वी.पी.टी के बीच किए गए अनुबंध के आधार पर स्पष्ट किया जाता है कि, आपकी ओर से विद्यालय में उपस्थित कराए गए सभी व्यवसायिक प्रशिक्षकों की सेवाएं 30 अप्रैल 2025 तक रहेंगी। शेष निर्देश पृथक से जारी किए जाएंगे। आदेश में कही गई ये खास बातपिछले साल हाईकोर्ट के निर्देश पर इन शिक्षकों को नियुक्ति दी गई थी। अब अचानक उनकी सेवाएं खत्म करने के आदेश जारी हो गए है। फिलहाल, सिर्फ हटाने का आदेश है। आदेश में लिखा है कि, शेष निर्देश आगे जारी किए जाएंगे। recent visitors 91

सागर वासियों को खुशखबरी नहीं बढ़ेगा जलकर, सम्मेलन में सहमति नहीं बनी, प्रस्ताव अगले सम्मेलन तक टला

Good news for Sagar residents, water tax will not increase, no consensus was reached in the conference, proposal postponed till next conference सागर । शनिवार को निगम परिषद का साधारण सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन निगम के सभागार में रखा गया। जिसमें विधायक शैलेंद्र जैन, महापौर संगीता तिवारी, निगम अध्यक्ष वृंदावन अहिरवार, निगम आयुक्त राजकुमार खत्री समेत एमआईसी सदस्य, पार्षद और अधिकारी, कर्मचारी शामिल हुए। सम्मेलन में सबसे पहले बजट पेश किया गया, जिसको लेकर चर्चा हुई। शहर विकास के मुद्दों पर चर्चा शुरू की गई। इस दौरान नगर निगम क्षेत्र में जलकर बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया। जिसमें बताया गया कि वर्तमान में जलकर की दरें 150 रुपए प्रतिमाह और अनुसूचित जनजाति के लिए 75 रुपए प्रतिमाह है। जिसको बढ़ाकर 263.37 रुपए प्रतिमाह करने और प्रतिवर्ष 5 प्रतिशत की वृद्धि करने के संबंध में प्रस्ताव रखा गया। प्रस्ताव पर चर्चा शुरू की गई। जिसमें निगम के नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के पार्षदों ने जलकर बढ़ाए जाने के प्रस्ताव का विरोध किया। उन्होंने कहा कि पहले निगम जनता को नियमित पानी की सप्लाई करें। उसके बाद जलकर बढ़ाने पर विचार किया जाएगा। वहीं पक्ष के पार्षदों ने भी जलकर बढ़ाने पर आपत्ति ली। भाजपा के पार्षदों ने कहा कि शहर में अभी 10 से 12 दिन ही लोगों को पानी की सप्लाई की जा रही है। ऐसे में जलकर नहीं बढ़ाया जाना चाहिए। पहले पानी की सप्लाई व्यवस्था को सुधारा जाएगा। नियमित पानी की सप्लाई की जाए, जिसके बाद जलकर बढ़ाने पर बात हो। चर्चा के बाद निगम अध्यक्ष ने जलकर बढ़ाने के प्रस्ताव को अगले नगर परिषद के सम्मेलन में रखने का निर्णय लिया है। सीवर परियोजना संचालन के लिए 100 रुपए प्रतिमाह पर बनी सहमतिसम्मेलन में सीवर परियोजना के संचालन के लिए उपभोक्ता शुल्क 200 रुपए प्रतिमाह और 5 प्रतिशत प्रतिवर्ष वृद्धि का प्रस्ताव रखा गया। जिस पर हितग्राहियों से सीवर संचालक के लिए 100 रुपए प्रतिमाह उपभोक्ता शुल्क लेने पर सहमति जताई गई है। इसके अलावा कटरा बाजार में नवनिर्मित दुकानों के आवंटन पर बात हुई। सिविल लाइन चौराहे का नाम भगवान परशुराम चौराहा के नाम पर करने का प्रस्ताव रखा गया। इसके साथ ही अन्य विषयों पर चर्चा की गई। विरोध करने की तैयारी से पहुंचे थे कांग्रेस पार्षदनिगम सम्मेलन में जलकर बढ़ाने का प्रस्ताव रखने का पहले ही निर्णय हो चुका था। जिसको लेकर कांग्रेस के पार्षद सम्मेलन में जलकर बढ़ाए जाने की स्थिति में विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी में पहुंचे थे। उन्होंने विरोध के लिए तख्तियां बनवा रखी थी, जिनमें लिखा था जलकर में वृद्धि नहीं होगी-नहीं होगी। 30 दिन 24 घंटे पानी दो, फिर पानी का पैसा लो जैसे स्लोगन लिखे थे। हालांकि जलकर के प्रस्ताव को अगले सम्मेलन तक टाल दिया गया है। recent visitors 100