Bhopal School Time: भोपाल में लू के बीच बदला स्कूलों का समय, 12 बजे के बाद नहीं लगेंगी कक्षाएं

Bhopal School timings changed

Bhopal School timings changed: School timings changed amid heat wave in Bhopal, classes will not be held after 12 pm भोपाल ! Bhopal School timings changed मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी पड़ रही है। प्रदेश के कई जिले लू की चपेट में हैं। भोपाल में भी तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। ऐसे में स्कूली बच्चों की परेशानी बढ़ गई है। बच्चों की परेशानी को देखते हुए भोपाल कलेक्टर ने स्कूलों के समय में बदलाव के निर्देश दिए हैं। सभी शासकीय और अशासकीय स्कूलों को निर्देशित किया गया है कि 12 बजे के बाद कक्षाएं नहीं चलेंगी। 12 बजे बंद हो जाएंगे स्कूल भोपाल जिला शिक्षा अधिकारी के आदेशानुसार अब सभी स्कूलों में आठवीं तक के क्लास 12 बजे के बाद नहीं चलेंगे। कलेक्टर ने कहा है कि अत्याधिक गर्मी को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। विद्यार्थियों के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए यह फैसला लिया गया है। कक्षा आठवीं तक के क्लास अब 12 बजे के बाद नहीं लगेंगी। यह आदेश सभी शासकीय और गैरशासकीय स्कूल पर लागू होंगे। Bhopal School timings changed दरअसल, भोपाल में अप्रैल की शुरुआत में ही भीषण गर्मी पड़ने लगी। प्रदेश के अधिकांश जिलों में गर्मी की वजह से परेशानियां बढ़ गई हैं। साथ ही मौसमी बीमारियों में भी इजाफा हुआ है। ऐसे में बच्चों को दोपहर में काफी परेशानी हो रही थी। पैरेंट्स की मांग पर जिला प्रशासन ने यह फैसला लिया है। Read more: मध्य प्रदेश में बौद्ध सर्किट विकसित किया जाये… CM मोहन यादव ने अधिकारियों को दिया निर्देश गौरतलब है कि प्रदेश के प्रमुख जिलों की अधिकतम तापमान को देखें तो प्रदेश में सर्वाधिक तापमान नर्मदापुरम में 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया, यहां तापमान 44.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। रतलाम में 44 डिग्री सेल्सियस, उज्जैन में 42, खंडवा में 40.01, गुना में 43, धार में 42.4, भोपाल में 41.6, बैतूल में 40 ,उमरिया में 40.4, सागर में 42.6, इंदौर में 40.6, ग्वालियर में 41.7, जबलपुर में 40.7, मंडला में 42 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज हुआ। मौसम विभाग की मानें तो अभी गर्मी से लोगों को राहत नहीं मिलने वाली है। अगले एक दो दिनों तक प्रदेश में ऐसे ही लू चलने की संभावना है। recent visitors 95

MP WEATHER TODAY: 44 डिग्री के पार पहुंचा पारा: कईं जिलों में आज लू का अलर्ट, 9-10 अप्रैल को भोपाल-इंदौर में हीट वेव

MP WEATHER TODAY: Temperatures cross 44 degrees: Heat wave conditions in many districts today भोपाल। मध्यप्रदेश में गर्म हवाओं की वजह से तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। सोमवार को नर्मदापुरम और रतलाम सबसे गर्म रहे जबकि प्रदेश के 5 बड़े शहर- भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन में सीजन की सबसे ज्यादा गर्मी पड़ी। ऐसी ही गर्मी मंगलवार को भी पड़ेगी। मौसम विभाग के मुताबिक, इंदौर, उज्जैन और धार में रातें गर्म रहेंगी जबकि श्योपुर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी, गुना, नीमच, मंदसौर और रतलाम में लू का अलर्ट है। 9 और 10 अप्रैल को भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर में भी हीट वेव चलने की संभावना है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की वजह से 11 अप्रैल को प्रदेश के कई शहरों में हल्की बारिश हो सकती है। इससे पहले तेज गर्मी का असर बना रहेगा। सोमवार को मध्यप्रदेश के सभी शहरों में सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। मौसम विभाग के अनुसार, नर्मदापुरम में 44.3 डिग्री और रतलाम में 44 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। सीजन में पहली बार भोपाल-इंदौर समेत सभी पांच बड़े शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री के पार रहा। भोपाल में 41.6 डिग्री, इंदौर में 40.6 डिग्री, ग्वालियर में 41.7 डिग्री, उज्जैन में 42 डिग्री और जबलपुर में 40.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। पहला सप्ताह ऐसा रहा: रात का तापमान सभी संभागों में सामान्य से 2-3 डिग्री ज्यादा 21-24 डिग्री सेल्सियस बना रहा। वहीं, दिन में पश्चिमी गर्म हवाओं के कारण अधिकतम तापमान इंदौर, सागर और नर्मदापुरम संभागों में सामान्य से ज्यादा 39 से 44 डिग्री तक पहुंच गया। उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर समेत बाकी संभागों में यह 41 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। पहले सप्ताह रतलाम में लू चल चुकी है। वहीं, बाकी शहरों में गर्म हवाओं से गर्मी बढ़ी रही। दूसरा सप्ताह: इंदौर, उज्जैन और चंबल संभाग में रात का तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री ज्यादा यानी 23 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। पूर्वी नम हवाओं के कारण थोड़ी राहत के साथ भोपाल, जबलपुर, सागर, रीवा, शहडोल, ग्वालियर और नर्मदापुरम संभाग में तापमान सामान्य यानी 22-24 डिग्री बना रहेगा। इंदौर, ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा और शहडोल संभाग में तापमान सामान्य से बढ़कर 41 से 43 डिग्री सेल्सियस रहेगा। 2 से 3 दिन लू भी चल सकती है। इस दौरान बारिश होने की संभावना नहीं है, लेकिन वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से दक्षिणी हिस्से में बादल जरूर छा सकते हैं। तीसरा सप्ताह: उत्तर-पश्चिमी हवाओं के जोर पकड़ने के साथ इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, नर्मदापुरम संभागों में न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। पूरे प्रदेश में दिन में अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। 2 से 3 दिन लू चल सकती है। हल्की बारिश होने की संभावना है। चौथा सप्ताह: उत्तर-पश्चिमी हवाओं के लगातार जोर पकड़ने के साथ न्यूनतम तापमान पूरे प्रदेश में सामान्य से 3-4 डिग्री अधिक यानि 27 से 30 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा। दिन के साथ रातें भी गर्म हो जाएंगी। ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में पारा 43-45 डिग्री जबकि इंदौर, उज्जैन-भोपाल सहित बाकी प्रदेश में 41 से 44 डिग्री सेल्सियस तापमान रह सकता है। बंगाल क्षेत्र में साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से अप्रैल के आखिरी में 3 से 4 दिन तक लू का असर रह सकता है। recent visitors 124

नवरात्री पर कुक्कुट विकास निगम के संविदा कर्मचारियों की पांचवे दिन भी हढ़ताल जारी।

नवरात्री पर कुक्कुट विकास निगम के संविदा कर्मचारियों की पांचवे दिन भी हढ़ताल जारी।

The strike of contract employees of Poultry Development Corporation continues for the fifth day on Navratri. भोपाल, ब्यूरो रिपोर्ट ! कुक्कुट विकास निगम के संविदा कर्मचारी निरन्तर पांचवे दिन भी हडताल पर है पशुपालन मंत्री लखन पटेल द्वारा तीन बार बैठक कर पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रमुख सचिव उमाकान्त उमराव, एवं कुक्कुट निगम के प्रबंध संचालक डॉ.राजू रावत, एवं अपने विशेष सहायक पी सी जैन, को निर्देशित किया गया था कि संविदा कर्मचारियों की नस्ती पर तत्काल निर्णय लेकर संविदा निति को लागू करे उसके उपरान्त भी भी अभी तक आदेश जारी नही हो पाए और कर देरी पर देरी की जा रही है। जब कि कुक्कुट विकास निगम में समकक्षता का निर्धारण भी दो बार किया जा चुका है। सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र दिनांक 22/07/2023 में उल्लेखित कंडिका कमांक 31 से 3.5 तक की कार्यवाही दिनांक 10.08.2023 तक कर ली जाना चाहिये थी एवं शासन के द्वारा संविदा पद/कर्मचारीयों के संबध में सभी निगम/मंडलो से जानकारी भी चाही गई थी जिसमें कुक्कुट विकास निगम द्वारा संविदा कर्मचारियो की जानकारी शासन को निरंक प्रेषित की गई है जबकि निगम में 47 संविदा कर्मचारी कार्यरत है। गलत जानकारी प्रेषित किये जाने पर भी संबधित अधिकारी पर कोई कार्यवाही नहीं की गई है। कुक्कुट विकास निगम के संविदा निति लागु नहीं होने का सिर्फ छोटा सा कारण है कि 10.08.2023 के बाद संविदा निति लागू करने की कार्यवाही की जा सकती है अथवा नहीं। जिसके सबंध में मंत्री जी के निर्देशानुसार सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय से अभिमत प्राप्त किया जाना है किन्तु मंत्रालय में फाईल को एक टेबल से दूसरे टेबल पर घुमाया जा रहा है। यह कोई पहला मामला नही है कि मंत्री में उपर अफसरशाही हावी हो रही है देखना यह है कि कब तक शासन प्रशासन मंत्री जी निर्देशो मे रूची लेकर कुक्कुट विकास निगम के संविदा कर्मचारी की नस्ती में अभिमत प्राप्त कर संबधित समस्या का निराकरण कर संविदा निति तत्काल लागू कर संविदा कर्मचारियो को राहत देते है। रमेश राठौर ने सरकार को दी चेतावनी म.प्र. संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के अध्यक्ष श्री रमेश राठौर के द्वारा मांग पूरी होने तक हडताल पर रहेगे, कुक्कुट विकास निगम को जल्द जल्द आदेश जारी करने होगे। recent visitors 106

EV दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों के मामले में मध्य प्रदेश देश में आठवें स्थान पर

भोपाल  मध्य प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) से होने वाली दुर्घटनाओं में 2024 में 89 लोगों की जान चली गई। 868 लोग घायल हुए। यह आंकड़ा राज्यसभा में पेश किया गया। इसके अनुसार ईवी दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों के मामले में मध्य प्रदेश देश में आठवें स्थान पर है। हालांकि, 2022 से मौतों की संख्या में कमी आई है, लेकिन दुर्घटनाएं 2023 से स्थिर हैं। सरकार ईवी बैटरी की सुरक्षा को लेकर भी चिंतित है और उसने सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाने के लिए कदम उठाए हैं। कुल 663 EV दुर्घटनाएं हुईं। उत्तराखंड 369 मौतों के साथ पहले स्थान पर है। मध्य प्रदेश से ऊपर अन्य राज्य बिहार (230 मौतें), महाराष्ट्र (154 मौतें), राजस्थान (144 मौतें), पश्चिम बंगाल (133 मौतें), असम (117 मौतें) और कर्नाटक (99 मौतें) हैं। भारत में सड़क दुर्घटनाएं रिपोर्ट में खुलासा अच्छी बात यह है कि मध्य प्रदेश में EV दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मौतों की संख्या में पिछले तीन सालों में कमी आई है। यह जानकारी राज्यसभा में दी गई। पूरे देश में 2024 में EV से जुड़ी सड़क दुर्घटनाओं की संख्या 7,575 थी। इनमें 1,947 लोगों की जान गई और 9,318 लोग घायल हुए। राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार सरकार 'भारत में सड़क दुर्घटनाएं' नाम से एक वार्षिक रिपोर्ट प्रकाशित करती है। यह रिपोर्ट राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से मिले आंकड़ों पर आधारित होती है। राज्य सरकारें डालती हैं डाटा मंत्रालय ने बताया है कि एमओआरटीएच द्वारा ईवी से जुड़ी सड़क दुर्घटनाओं के बारे में अलग से कोई जानकारी नहीं जुटाई जा रही है। हालांकि, MoRTH के पास एक इलेक्ट्रॉनिक वेब पोर्टल है – eDAR। यह सड़क दुर्घटना के आंकड़ों की रिपोर्टिंग और निगरानी के लिए एक केंद्रीय जगह है। इसे सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू कर दिया गया है। पोर्टल पर डेटा राज्य सरकारें डालती हैं। मध्य प्रदेश में EV से जुड़ी सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में काफी कमी आई है। 2022 में, EV दुर्घटनाओं की कुल संख्या 1067 थी, जिसमें 250 लोगों की जान चली गई। 2023 में यह संख्या घटकर 670 हो गई, जिसमें 140 लोगों की जान गई। 2024 में दुर्घटनाओं की संख्या 663 रही और 89 लोगों की जान गई। सुझाव से संशोधन सरकार ने राज्यसभा में यह भी बताया कि EV बैटरी में आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं। MoRTH ने बैटरी और उसके घटकों, BMS (बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम) और संबंधित प्रणालियों के लिए सुरक्षा मानकों का सुझाव देने के लिए विशेषज्ञों की एक समिति बनाई थी। समिति के सुझावों के आधार पर MoRTH ने ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड्स (AIS) में संशोधन किया है। ये संशोधन 1 दिसंबर, 2022 से लागू हैं। AIS के कुछ नियम 31 मार्च, 2023 से प्रभावी हैं। इन संशोधनों से EV बैटरी और उसके घटकों के लिए मानकों और तकनीकी आवश्यकताओं को बढ़ाया गया है। इसके अलावा, MoRTH ने 19 दिसंबर, 2022 को एक नोटिफिकेशन जारी किया है। यह नोटिफिकेशन सभी प्रकार के EV, जिनमें क्वाड्रिसाइकिल, ई-रिक्शा, दोपहिया और चार पहिया वाहन शामिल हैं, के लिए उत्पादन की अनुरूपता (COP) की आवश्यकताओं से संबंधित है। सरकार ने यह जवाब दिया। recent visitors 45

MP: हाईकोर्ट ने भोज विश्वविद्यालय की नियुक्तियां कीं निरस्त, नए सिरे से भर्ती के कोर्ट ने दिए आदेश; जानें

appointments made in bhoj university

the appointments made in bhoj university are arbitrary and corrupt appointments made in bhoj university मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय में की गई नियुक्तियों को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की युगलपीठ ने मनमानी और दूषित करार देते हुए निरस्त कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश श्री सुरेश कुमार कैत और न्यायमूर्ति विवेक जैन की खंडपीठ ने चयनित अभ्यर्थियों के पक्ष में जारी एकलपीठ के आदेश को रद्द करते हुए नई नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। मध्य प्रदेश शासन और भोज मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा दायर अपील में कहा गया था कि वर्ष 2015 में प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर समेत अन्य पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी। लेकिन चयन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं बरती गईं। अपील में यह भी बताया गया कि चयन समिति में संबंधित विषयों के विशेषज्ञों को शामिल नहीं किया गया था, बल्कि अन्य विषयों के विशेषज्ञों से चयन कराया गया, जो नियमों के खिलाफ था। इसके अलावा, चयन समिति ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया। appointments made in bhoj university अपील में यह भी उल्लेख किया गया कि अभ्यर्थियों के शैक्षणिक दस्तावेजों की न तो ठीक से जांच की गई और न ही उनका निष्पक्ष मूल्यांकन किया गया। अंकों के कई कॉलम बिना किसी स्पष्टीकरण के खाली छोड़ दिए गए थे। साक्षात्कार में कुछ अभ्यर्थियों को अत्यधिक अंक देकर अन्य अधिक योग्य उम्मीदवारों की अनदेखी की गई, जिससे चयन प्रक्रिया पक्षपातपूर्ण प्रतीत होती है। Read more: एमपी में 900 करोड़ का एंबुलेंस घोटाला! कांग्रेस नेता जयवर्धन सिंह का सनसनीखेज खुलासा, जानें क्या कहा? इसके साथ ही, विज्ञापनों में महिलाओं और दिव्यांगों के लिए आरक्षण का उल्लेख नहीं किया गया था और न ही आरक्षण रोस्टर उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार तैयार किया गया था। इन अनियमितताओं के कारण चयन प्रक्रिया को निरस्त कर दिया गया था। इसके विरुद्ध चयनित अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर एकलपीठ ने उनके पक्ष में राहतकारी आदेश दिया था। इसी आदेश को चुनौती देते हुए यह अपील दायर की गई थी। recent visitors 105

मध्य प्रदेश में बौद्ध सर्किट विकसित किया जाये… CM मोहन यादव ने अधिकारियों को दिया निर्देश

Buddhist circuit should be developed

Buddhist circuit should be developed in Madhya Pradesh… CM Mohan Yadav gave instructions to the officials सांची बौद्ध भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में बौद्ध सर्किट विकसित किया जाना चाहिये. नवंबर में भोपाल में इंडियन सोसायटी फॉर बुद्धिस्ट स्टडीज का रजत जयंती सम्मेलन आयोजित किया जायेगा. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में धार्मिक, आध्यात्मिक पर्यटन के विकास को प्राथमिकता दी गई है. प्रदेश में भगवान बुद्ध का जिन स्थानों पर प्रभाव रहा है उन्हें बौद्ध सर्किट के रूप में विकसित करने के प्रयास किए जाएं. ऐसे स्थानों में उज्जैन सहित सांची के निकट सतधारा, सोनारी आदि का समावेश किया जाए. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 के विभिन्न प्रावधानों को विश्वविद्यालय में लागू करने को प्राथमिकता दी जाए. मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में सांची बौद्ध भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय सांची की कार्य परिषद की छठवीं बैठक गुरुवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में संपन्न हुई. बैठक में संस्कृति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी और विश्वविद्यालय के कुलाधिपति आचार्य प्रो. यज्ञेश्वर एस. शास्त्री वर्चुअल रूप से सम्मिलित हुए. बैठक में विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो. वैद्यनाथ लाभ के साथ ही, साधारण परिषद के सदस्य प्रो. सत्य प्रकाश शर्मा, पद्मश्री कपिल तिवारी, अभय कात्यायन और प्रो. ईश्वर शरण विश्वकर्मा उपस्थित थे. महाकात्यायन से संबंधित शोध कार्य होने चाहिये मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परिषद के सदस्यों के सुझावों पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे. उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध के प्रमुख शिष्यों में शामिल रहे महाकात्यायन से संबंधित शोध कार्य भी प्रारंभ किया जाए. महाकात्यायन ने उज्जैन से लेकर मथुरा तक भ्रमण करते हुए बौद्ध धर्म का प्रचार किया था. वे तर्क और शास्त्रार्थ में अद्वितीय माने गए थे. बोधि वृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्ति की उनकी कथा प्रेरक मानी गई है जो धैर्य, ज्ञान और आत्म-अनुशासन के मूल्यों की शिक्षा देती है. बुद्धिस्ट सोसायटी का रजत जयंती सम्मेलन बैठक में जानकारी दी गई कि नवंबर में भोपाल में इंडियन सोसायटी फॉर बुद्धिस्ट स्टडीज के रजत जयंती सम्मेलन का आयोजन प्रस्तावित है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस सम्मेलन के लिए आवश्यक तैयारियां प्रारंभ करने के निर्देश दिए. विश्वविद्यालय के कुलगुरू ने विश्वविद्यालय द्वारा संपादित की जा रही अकादमिक गतिविधियों की जानकारी दी. वर्तमान में विश्वविद्यालय के बालक और बालिका छात्रावास का निर्माण पूरा हो चुका है. अकादमिक भवन, प्रशासनिक भवन और लायब्रेरी भवन का कार्य भी पूर्णता की ओर है. recent visitors 83

एमपी में 900 करोड़ का एंबुलेंस घोटाला! कांग्रेस नेता जयवर्धन सिंह का सनसनीखेज खुलासा, जानें क्या कहा?

Ambulance scam 900crore in MP

Ambulance scam 900crore in MP ! Sensational disclosure by Congress leader Jaivardhan Singh, know what he said? Ambulance scam of Rs 900 crore in MP भोपाल ! Ambulance scam 900crore in MP कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने मध्य प्रदेश सरकार में एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश करने का दावा किया। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया है कि वह पिछले ढाई साल में दो हजार एंबुलेंस के लिए 900 करोड़ रुपये का भुगतान कर चुकी है, जो एक बड़े भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। इस मामले को गंभीर बताते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने ढाई साल में एंबुलेंस के लिए किराये के तौर पर छत्तीसगढ़ की एक निजी कंपनी को जो पैसा दिया है, वह एंबुलेंस की कीमत से तीन गुना ज्यादा है। जयवर्धन सिंह ने कहा कि हर सरकार का दायित्व होता है कि राज्य में चिकित्सा सुविधाओं पर नियंत्रण हो और उसकी गुणवत्ता अच्छी हो। मैंने विधानसभा में एक सवाल पूछा था कि एंबुलेंस के लिए प्रदेश सरकार ने अब तक कितना भुगतान किया है। मुझे जानकारी मिली कि पिछले ढाई साल में छत्तीसगढ़ की एक निजी कंपनी जय अम्बे इमरजेंसी सर्विसेज को 900 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। इस कंपनी के पास करीब दो हजार एंबुलेंस हैं और इसका औसत किराया प्रति एंबुलेंस 45 लाख रुपये दिया गया है। एनएचएम के तहत मिलने वाले पैसों का गलत इस्तेमाल उन्होंने कहा कि अगर आप इसकी तुलना करें तो एक पूरी तरह से सुसज्जित एंबुलेंस, जिसमें हर आधुनिक उपकरण जैसे वेंटिलेटर और ऑक्सीजन की व्यवस्था हो, उसकी अधिकतम कीमत 20 लाख रुपये होती है। लेकिन, यहां सरकार 45 लाख रुपये किराये के रूप में भुगतान कर चुकी है। यह सीधा-साधा भ्रष्टाचार और सरकारी धन का दुरुपयोग है। यह सब राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत मिलने वाले केंद्र सरकार के पैसों का गलत इस्तेमाल है। कम से कम 600 से 700 करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार हुआ है। इसमें भाजपा के दलाल, कुछ सरकारी अधिकारी और यह छत्तीसगढ़ी निजी कंपनी शामिल हैं, जिन्होंने सरकारी पैसों का गबन किया है। इस पैसे को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रयोग किया जाना चाहिए था, जिससे लाखों बच्चों और गर्भवती महिलाओं की मदद हो सकती थी। Read more: Ladli Laxmi Yojana: मध्य प्रदेश के कई जिलों में लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए बजट ही नहीं कंपनी को जारी किए गए थे 40 नोटिस उन्होंने इस घोटाले के कई उदाहरण भी पेश किए। उन्होंने कहा कि गुना से एक बच्चा भोपाल इलाज के लिए जा रहा था, लेकिन रास्ते में ऑक्सीजन खत्म हो गया और बच्चे की मौत हो गई। ऐसे कई मामले सामने आए हैं। जयवर्धन सिंह ने यह भी बताया कि जय अम्बे कंपनी के खिलाफ 40 से अधिक नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन सरकार ने इसके बावजूद इस कंपनी को पूरा भुगतान किया। Ambulance scam 900crore in MP दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो कांग्रेस विधायक ने बताया कि वह इस मामले में लोकायुक्त और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) में शिकायत करने का निर्णय ले चुके हैं। उन्होंने कहा, “मैंने तय किया है कि मैं इस मामले में लोकायुक्त और ईओडब्ल्यू में शिकायत करूंगा ताकि इस पूरे घोटाले की जांच हो सके। जिन लोगों ने सरकारी पैसों का दुरुपयोग किया है, उन्हें सजा मिलनी चाहिए और इस घोटाले में शामिल हर व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। यह घोटाला एक बड़े खेल का हिस्सा है, जिसे पूरी तरह से उजागर किया जाना चाहिए ताकि सरकारी पैसों का सही उपयोग हो सके और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार हो। recent visitors 107