विश्व के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच संबंधों को मजबूत करने के तरीकों पर भी विचार-विमर्श करेंगे : पेंटागन

वाशिंगटन  अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन 23 अगस्त को अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय पेंटागन में अपने भारतीय समकक्ष राजनाथ सिंह की मेजबानी करेंगे। पेंटागन की उप प्रेस सचिव सबरीना सिंह ने  यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘भारत के साथ संबंध बहुत महत्वपूर्ण हैं। ये हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण हैं। एक यात्रा होने वाली है और जब हमारे पास इस बारे में और जानकारी होगी, तो हम निश्चित रूप से साझा करेंगे।’’ राजनाथ सिंह और ऑस्टिन की बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है। इस दौरान वे विश्व के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच संबंधों को मजबूत करने के तरीकों पर भी विचार-विमर्श करेंगे। सबरीना सिंह ने बैठक के बारे में और अधिक जानकारी नहीं दी। उन्होंने कहा, ‘‘मैं मंत्री की किसी भी बैठक के बारे में पहले नहीं बताऊंगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम हमेशा की तरह उनकी बैठक का विवरण देंगे। मेरे पास आपको देने के लिए फिलहाल इससे अधिक जानकारी नहीं है।’’ पेंटागन की अधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और अमेरिका के बीच बहुत मजबूत सैन्य संबंध हैं। सबरीना सिंह ने कहा, ‘‘आप जानते हैं कि (रक्षा) मंत्री (ऑस्टिन) हिंद-प्रशांत की अपनी एक यात्रा के दौरान भारत गए थे। जब हिंद-प्रशांत की बात आती है तो भारत एक महत्वपूर्ण साझेदार है और वह हमारा मार्गदर्शन करने वाली एनडीएस (राष्ट्रीय रक्षा रणनीति) के लिए भी अहम है। इस विभाग का ध्यान हिंद-प्रशांत और चीन से मिलने वाली बढ़ती चुनौतियों पर केंद्रित है और भारत ने इसमें एक बेहतरीन साझेदार के रूप में अपनी भूमिका निभाई है। इसलिए, हमारे सैन्य संबंध मजबूत हैं।’’     recent visitors 110

भारत, यूनाइटेड किंगडम, जापान, इंडोनेशिया, मैक्सिको और ब्राजील में जल्द ही ‘एआई ओवरव्यू’

नई दिल्ली  टेक क्षेत्र की दिग्गज कंपनी गूगल ने भारत सहित छह देशों में ‘एआई ओवरव्यू’ फीचर लाने की घोषणा की। भारत में कंपनी अंग्रेजी और हिंदी में ‘एआई ओवरव्यू’ शुरू कर रही है और साथ ही देश में पहली बार लोकप्रिय फीचर्स भी पेश कर रही है, जिन्हें सर्च लैब्स प्रयोग के दौरान खूब सराहा गया था। कंपनी ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा, “यह आपको भाषा टॉगल बटन के साथ अंग्रेजी और हिंदी परिणामों के बीच आसानी से स्विच करने में मदद करेगा, और ‘सुनो’ बटन पर टैप करके टेक्स्ट-टू-स्पीच के साथ प्रतिक्रियाओं को सुनने में मदद करेगा।” इसे भारत, यूनाइटेड किंगडम, जापान, इंडोनेशिया, मैक्सिको और ब्राजील में शुरू क‍िया जा रहा है। सर्च के उत्पाद प्रबंधन की वरिष्ठ निदेशक हेमा बुदराजू ने कहा कि परीक्षण के दौरान हमने देखा कि भारतीय उपयोगकर्ता अन्य देशों की तुलना में एआई ओवरव्यू के जवाबों को अधिक बार सुनते हैं। बुदराजू ने कहा, “हम खोज करते समय प्रासंगिक वेबसाइटों की जांच करने के लिए और अधिक तरीके पेश कर रहे हैं। डेस्कटॉप पर एआई अवलोकन के लिए दाहिने हाथ के लिंक डिस्प्ले के साथ – ऊपरी दाईं ओर साइट आइकन पर टैप करके मोबाइल पर भी पहुंचा जा सकता है।” बुदराजू ने कहा कि जैसे-जैसे हम एआई को विकसित करते हैं, हम विभिन्न स्रोतों से लोगों को जानकारी तक पहुंचने में मदद करने पर ध्यान केंद्रित करते हैं। गूगल ने कहा, “सर्च को बेहतर बनाने और बढ़ाने पर हमारा निरंतर ध्यान हमें वेब पर अधिक योग्य ट्रैफिक भेजने की सहूल‍ियत देता है।” कंपनी एआई ओवरव्यू के टेक्स्ट के भीतर सीधे प्रासंगिक वेब पेजों के लिंक जोड़ने का भी परीक्षण कर रही है। इससे लोगों के लिए क्लिक करना और उन साइटों पर जाना और भी आसान हो जाता है, जिनमें उनकी रुचि है।     recent visitors 104

रेडियो और टीवी के माध्यम से कृषि वैज्ञानिक किसानों को ‘किसान की बात’ के माध्यम से जानकारी देंगे – शिवराज सिंह चौहान

भोपाल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ रेडियो कार्यक्रम की तर्ज पर ‘किसान की बात’ कार्यक्रम जल्द शुरू किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने मुझसे कहा था कि ‘किसान की बात’ कार्यक्रम होना चाहिए। इसका आयोजन कम से कम महीने में एक बार होना चाहिए। इसके बाद हमने इस कार्यक्रम को आरम्भ करने का निर्णय लिया है, जो सितंबर माह में शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि रेडियो और टीवी के माध्यम से कृषि वैज्ञानिक और विभाग के अधिकारी किसानों को जानकारी देंगे। हम भी कार्यक्रम में उनके साथ बैठ जाएंगे। किसानों को विज्ञान का फायदा जरूर मिलना चाहिए। अच्छी खेती के लिए उन्हें कृषि की जानकारी तुरंत मिलनी चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दिल में किसान और खेती रहती है। उन्होंने देश के किसानों को प्राथमिकता दी है। अब स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश के अन्नदाता को भी लाल किले पर बुलाया जाता है। जब से पीएम मोदी देश के प्रधानमंत्री बने हैं, उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अन्नदाता को जरूर याद किया है। साल 2014 में जब वह पहली बार प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में 6 बार किसान का नाम लिया। इसके बाद 2015 में 23 बार, 2016 में 31 बार, 2017 में 20 बार, 2018, 2019 और 2020 में 17-17 बार और 2021 में 15 बार किसानों का नाम लिया। उन्होंने आगे कहाकि पीएम मोदी ने 2022, 2023 और 2024 में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अनगिनत बार किसानों का नाम लिया। पीएम मोदी के दिल में किसान और खेती रहती है। वो किसानों का हमेशा भला चाहते हैं। मैं भाग्यशाली हूं कि केंद्रीय कृषि मंत्री के रूप में मुझे किसानों की सेवा करने का काम दिया गया है।     recent visitors 138

मप्र उच्च न्यायालय जबलपुर में ई-फाइलिंग और स्कैनिंग सेन्टर शुरू

भोपाल न्यायपालिका के डिजिटलीकरण और आधुनिकीकरण की दिशा में एक आगे बढ़ते हुए मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर में आज ई-फाइलिंग और स्कैनिंग सेन्टर का शुभारंभ हुआ। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री संजीव सचदेवा ने आज मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर के माननीय न्यायाधीशों और मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर के बार एसोसिएशनों के पदाधिकारियों एवं अधिवक्ताओं की उपस्थिति में उच्च न्यायालय में ई-फाइलिंग और स्कैनिंग केंद्र का उद्घाटन किया। स्कैनिंग सेन्टर की सुविधा से अधिवक्ता/वादी व्यक्तिगत रूप से नए मामले दाखिल करने के साथ-साथ लबित मामलों में आवेदन/उत्तर/प्रतिक्रिया/दस्तावेज/वकालतनामा आदि ई-फाइलिंग केंद्र से दाखिल कर सकेंगे। ई-फाइलिंग सेन्टर में वे सभी सुविधाएं मौजूद हैं जो ऑनलाइन मामला दाखिल करने के लिए आवश्यक है। केंद्र में सहायक व्यक्ति या सुविधाकर्ता और स्कैनर जैसी विशेष सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं। बैठने की उचित व्यवस्था की गई है। ई-फाइलिंग सेन्टर पूरी तरह से वातानुकूलित है। त्वरित ई-फाइलिंग के लिए वितीय लेनदेन हेतु त्वरित प्रतिक्रिया (क्यू, आर.) कोड प्रदान किया गया है। मुकदमे की ई-फाइलिंग के संबंध में अधिवक्ताओं/वादियों को विशेष प्रोत्साहन दिया गया है. यदि मामला ई-फाइलिंग मोड्यूल द्वारा दायर किया जाता है। यदि प्रकरण में कोई कमी न हो तो इसे दाखिल करने की तिथि से तीसरे कार्य दिवस पर तत्काल सूचीबद्ध किया जाएगा। कमी होने की स्थिति में कमी को हटाने की तिथि से तीसरे कार्य दिवस में सूचीबद्ध किया जायेगा। ई-फाइलिंग सेन्टर मध्यप्रदेश के उच्च न्यायालय में ई-फाइलिंग को अत्यधिक बढ़ावा देगा और इससे सरकारी खजाने का पैसा भी बचेगा जो पहले मामलों को स्कैन करने या डिजिटल बताने में खर्च होता था। इससे कागजी कार्रवाई भी कम होगी और यह पर्यावरण के अनुकूल पहल है। recent visitors 102

आजादी का पर्व अमर शहीदों के बलिदान, साहस और शौर्य के पुनर्स्मरण का दिन है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वतंत्रता दिवस (आजादी का पर्व) अमर शहीदों के बलिदान, साहस और शौर्य को पुन: स्मरण का दिन है। देश के वीर सपूतों ने मातृभूमि को रक्त से सींचकर हमें स्वतंत्रता दिलाई है। रानी दुर्गावती, चंद्रशेखर आजाद, झांसी रानी लक्ष्मी बाई और पृथ्वीराज जैसे वीर बलिदानियों के शौर्य को सदैव स्मरण रखने की जरूरत है। स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में पृथ्वी राज चौहान की वीरता, संघर्ष और विजय पताका का उदाहरण हमारे लिए गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे देश का इतिहास रानी दुर्गावती जैसी कई वीरांगनाओं की शौर्य गाथाओं से भरा पड़ा है। स्वतंत्रता संग्राम, स्वतंत्रता सेनानियों और वीरों के बलिदान, व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाशित पुस्तकें देश और प्रदेश के लिए बड़ा दस्तावेज हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व के हमारे वीर शासकों ने नवीन तकनीक का उपयोग नहीं किया लेकिन आजादी के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर देश के अभिमान को बचाए रखा। हमें समय की प्रासंगिकता को दृष्टिगत रखते हुए नवीन तकनीक का उपयोग करना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वतंत्रता दिवस पर रवींद्र भवन सभागार में आयोजित "आजादी का महापर्व" सांस्कृतिक संध्या को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संस्कृति एवं पर्यटन श्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी, विधायक श्री भगवानदास सबनानी और प्रमुख सचिव संस्कृति एवं पर्यटन श्री शिव शेखर शुक्ला उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुप्रसिद्ध पार्श्व गायिका सुश्री पलक मुछाल और गायक पलाश मुछाल का स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बदलते दौर में देश आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व पर हमें गर्व है। हमारी सेना किसी से कम नहीं है। उन्होंने भारत के सैनिकों की वीरता को सराहा। हमारी सेना ने अनेक अवसरों पर दुश्मन के छक्के छुड़ा दिए। संस्कृति एवं पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने 78 वें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए देश को आजादी दिलाने वाले अमर शहीदों को याद कर नमन किया। उन्होंने कहा कि वीर सपूतों की वजह से ही हम स्वतंत्र हुए हैं। देश, समाज और राष्ट्र के विकास में प्रधानमंत्री श्री मोदी कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी का संकल्प है कि देश फिर से विश्व गुरु बने। स्वराज संस्थान संचालनालय संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रख्यात पार्श्व गायिका सुश्री पलक मुछाल और गायक श्री पलाश मुछाल के कलाकार दल ने राष्ट्र भक्ति के गीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में स्वाधीनता संग्राम विषय पर आधारित 15 पुस्तकों का विमोचन किया गया। संस्कृति विभाग के कला पंचाग 2024-25 का विमोचन भी किया गया। प्रमुख सचिव संस्कृति श्री शिव शेखर शुक्ला ने पौधा भेंट कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया और आभार प्रदर्शन भी किया। recent visitors 88

दुश्मन को फंसाने रचा षड़यंत्र, गुंडे ने खुद मारी थी गोली, राजफाश होते ही पुलिस ने उसके दोनों साथियों को गिरफ्तार कर लिया

ग्वालियर मुरैना के गुंडे मोनू रावत को फूलबाग पर गोली लगने के मामले का राजफाश हो गया है। उसने खुद ही कट्टे से अपनी जांघ में गोली मारी थी। वह अपने दुश्मन को फंसाना चाहता था। इसमें उसका साथ तासू शाक्य और विवेक मिश्रा ने दिया। घटना की कहानी का राजफाश होते ही पुलिस ने उसके दोनों साथियों को गिरफ्तार कर लिया। अभी मोनू अस्पताल में भर्ती है, गोली पैर में फंसी है। अस्पताल से डिस्चार्ज होते ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा। सोमवार को फूलबाग मैदान के पास संदिग्ध परिस्थितियों में मोनू रावत को गोली लगी थी। मोनू मुरैना के सबलगढ़ का रहने वाला है। जब उससे पूछताछ की गई तो उसने पुलिस को उलझा दिया था। रात में उसने बयान में कहा कि सबलगढ़ में रहने वाले जगराम शाक्य के बेटे संजय और विजय ने उसे गोली मारी है। पुलिस ने जब पड़ताल की तो सामने आया कि जगराम एक हत्या के मामले में फरियादी था। इसमें हत्या का आरोप मोनू रावत पर था। इस मामले में मोनू बरी हो गया था, क्योंकि इसमें गवाह पलट गए थे पुलिस को मामले में कुछ संदेह नजर आया। इसके बाद पुलिस ने मोनू से अस्पताल में पूछताछ की। उसने बताया कि उसके साथ तासू शाक्य और विवेक मिश्रा थे। पुलिस ने जब इन दोनों को राउंड अप कर पूछताछ की तो इन दोनों ने पूरी हकीकत पुलिस को बता दी। इन्होंने बताया कि मोनू ने खुद ही गोली मारी थी। वह संजय और विजय को फंसाना चाहता था, इसलिए उसने यह वारदात की। इसके बाद पुलिस ने दोनों के गिरफ्तार होने की बात मोनू को बताई तो उसने भी खुद गोली चलाना स्वीकार कर लिया। अब तीनों पर एफआईआर दर्ज की गई है। गवाह पलटा तो आरोपित हुआ बरी, उसी गवाह ने आरोपित के साथ मिलकर रचा षड्यंत्र: जिस हत्या के मामले में मोनू बरी हुआ था, उस मामले में तासू शाक्य गवाह था। उसने बयान पलट दिए। इसके चलते आरोपित बरी हो गया। अब उसी गवाह ने आरोपित के साथ मिलकर यह षड्यंत्र रच दिया। मोनू और तासू ग्वालियर जन्मदिन की पार्टी में शामिल होने आए थे। यहां जमकर शराब पी। इसके बाद विवेक की गाड़ी से निकले। फूलबाग पर यह घटना की। recent visitors 92

अविश्वास प्रस्ताव लाने की अवधि बढ़ाने पर भाजपा व कांग्रेस में सहमति बनने के बाद नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने तैयारी की

भोपाल मध्य प्रदेश में अब नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के विरुद्ध तीन वर्ष के पहले अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाया जा सकेगा। अविश्वास प्रस्ताव लाने की अवधि बढ़ाने पर दोनों प्रमुख दलों भाजपा व कांग्रेस में सहमति बनने के बाद नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने तैयारी कर ली है। अध्यादेश के माध्यम से नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 43 क में संशोधन किया जाएगा। वहीं, अविश्वास प्रस्ताव दो तिहाई पार्षदों के स्थान पर तीन चौथाई पार्षदों के हस्ताक्षर से प्रस्तुत करने संबंधी प्रस्तावित प्रविधान को वरिष्ठ सचिव समिति ने अस्वीकार कर दिया गया। निकाय चुनाव के दो साल पूरे प्रदेश में जुलाई-अगस्त 2022 में नगरीय निकायों के चुनाव हुए थे। इस बार नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष का चुनाव जनता से सीधे न कराकर पार्षदों के माध्यम से कराया गया। अधिनियम में प्रविधान है कि यदि पार्षदों को अध्यक्ष-उपाध्यक्ष पर विश्वास नहीं है तो वे अविश्वास प्रस्ताव ला सकते हैं। इसके लिए अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के निर्वाचन को दो वर्ष पूरा होने चाहिए और दो तिहाई पार्षदों के हस्ताक्षर वाला प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए। चूंकि, अब दो वर्ष की अवधि पूरी हो गई है और विधानसभा चुनाव के समय बड़ी संख्या में पार्षदों ने दलबदल किया है, इसलिए यह आशंका थी कि अविश्वास प्रस्ताव आ सकते हैं। इसे देखते हुए पार्टी स्तर पर विचार किया गया कि अविश्वास प्रस्ताव के लिए निर्धारित अवधि की सीमा को एक वर्ष बढ़ा दिया जाए और दो तिहाई के स्थान पर तीन चौथाई पार्षदों के हस्ताक्षर को अनिवार्य कर दिया जाए। संशोधन का प्रस्ताव तैयार नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने अधिनियम की धारा में संशोधन का प्रस्ताव तैयार करके वरिष्ठ सचिव समिति को भेजा, पर वहां तीन चौथाई पार्षदों द्वारा प्रस्ताव प्रस्तुत करने के प्रविधान को अस्वीकार कर दिया। हालांकि, अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत करने की अवधि को दो से बढ़ाकर तीन वर्ष करने पर सहमति दे दी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि वरिष्ठ सचिव समिति की अनुंशसा के आधार पर अध्यादेश का प्रारूप तैयार किया गया है और इसे प्रशासकीय स्वीकृति के बाद अंतिम निर्णय के लिए कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।   कैसे होता है अध्यक्ष का चुनाव उल्लेखनीय है कि इस बार नगर पालिका और परिषद के अध्यक्ष का निर्वाचन पार्षदों से कराया गया है। जबकि, महापौर का चुनाव सीधे मतदाताओं द्वारा किया गया है। अविश्वास प्रस्ताव स्वीकृत होने पर पार्षदों का सम्मेलन करके नया अध्यक्ष या उपाध्यक्ष चुनने की प्रक्रिया की जाती है। जबकि, महापौर के मामले में खाली कुर्सी भरी कुर्सी का चुनाव होता है। इसमें मतदाता तय करते हैं कि महापौर को रहना चाहिए या नहीं। यह प्रविधान यथावत रहेगा। recent visitors 95