ग्राम पारूआ में नवनिर्मित पंचायत भवन का लोकार्पण, विधायक जयवर्धन सिंह ने ग्रामीणों को किया समर्पित

Inauguration of the newly constructed Panchayat Bhawan in village Parua, MLA Jaivardhan Singh dedicated it to the villagers. राजगढ़। क्षेत्र के विकास को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ग्राम पारूआ में नवनिर्मित पंचायत भवन का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक Jaivardhan Singh ने भवन का उद्घाटन कर इसे ग्रामवासियों को समर्पित किया। लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा कि यह नया पंचायत भवन ग्राम पंचायत के प्रशासनिक कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके साथ ही ग्रामीणों को विभिन्न शासकीय योजनाओं और सेवाओं का लाभ लेने में भी सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास और जनसेवा के लिए वे निरंतर प्रतिबद्ध हैं तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना उनकी प्राथमिकता है। पंचायत भवन के निर्माण से स्थानीय प्रशासन को बेहतर कार्यस्थल मिलेगा और ग्रामवासियों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए एक व्यवस्थित मंच उपलब्ध होगा। https://www.facebook.com/share/p/18fJZEWWZ9 इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, पंचायत पदाधिकारी, स्थानीय गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। recent visitors 51

जन औषधि केंद्रों की सुविधाओं का स्थानीय लोगों को दिलाएं लाभ : कुमरे

Provide benefits of Jan Aushadhi Centres to local people: Kumre  शहडोल। इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी मध्यप्रदेश राज्य शाखा के चैयरमैन डॉ. श्याम सिंह कुमरे ने जिला रेडक्रॉस सोसायटी शहडोल के द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।    चैयरमैन रेडक्रॉस सोसायटी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा संचालित शहडोल जिले में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि क्रेंद्रो के माध्यम से दी जाने वाली सुविधाओं का लाभ प्रत्येक जरूरतमंद मरीजों को दिलाना अनिवार्य करें। जिन विकासखंडों में जन औषधि केंद्र संचालित नहीं हुए है, वहां जल्द प्रारंभ कराएं। जन औषधि केंद्रो में दी जाने वाली सुविधाओं का लाभ दिलाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार कराएं। जन औषधि केंद्रो में पर्याप्त मात्रा में दवाईयां उपलब्ध रहें, यह भी ध्यान रखें।   चैयरमैन ने कहा कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि जिला रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से युवाओं, आपदा मित्रों एवं जनमानस को सीपीआर, सांप काटने पर बचाव, आग से बचाव, सड़क दुर्घटनाओं से बचाव जैसे अन्य आपदाओं से निपटने के लिए कैंप आयोजित कर समय-समय पर उन्हें प्रशिक्षण दें एवं जिला रेडक्रॉस सोसायटी में वॉलिंटियर एवं रक्तदाताओं को पंजीकृत करें।  उन्होंने कुपोषण की स्थिति की जानकारी लेते हुए कहा कि शहडोल जिले को कुपोषण मुक्त करने के लिए अधिकारी समाजसेवियों का भी सहयोग लें। अतिकुपोषित वाली आॅगनवाड़ीे केंद्रों को रेडक्रॉस सोसायटी को सौंपे तथा रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से एनआरसी केंद्रों का संचालन भी कराएं।  श्री कुमरे ने शहडोल जिले में दर्ज कुपोषित, अतिकुपोषित एवं मध्यम कुपोषित बच्चों की स्थिति के संबंध में भी जानकारी ली। मेडिकल कॉलेज शहडोल में ब्लड बैंक एवं जन औषधि केंद्र को एक सप्ताह के भीतर प्रारंभ कराने के निर्देश दिए। रेडक्रॉस सोसायटी के माध्मय से स्वास्थ्य शिविर, नेत्र जांच शिविर,  बहुदिव्यांग प्रमाण पत्र  प्रदान करने के लिए शिविरों के आयोजन करने के सीएमएचओ को निर्देश दिए।  जिला रेडक्रॉस के समिति के गठन, स्कूलों में जूनियर रेडक्रॉस के गठन पर चर्चा एवं अंशदान, विश्वविद्यालयों महाविद्यालयों में युवक रेडक्रॉस के गठन पर चर्चा एवं अंशदान पर चर्चा, जिला रेडक्रास शाखा द्वारा संचालित प्रकल्पों की जानकारी, सिकल सेल एनीमिया से पीड़ित मरीजों के उपचारार्थ सहायतार्थ क्षय रोग से ग्रसित मरीजों की सहायतार्थ बनाये गए नि:क्षय मित्र की जानकारी, वृद्धजनों एवं दिव्यांगजनों की सहायतार्थ कार्य, जिला रेडक्रास ईकाइयों में आपदा मित्रों तैयार करने, निरोगी काया अभियान के अंतर्गत महिला एवं युवतियों में स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूकता सहित अन्य विषयों की जानकारी ली। इन जानकारी के संबंध में कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने विस्तृत जानकारी साझा की।  बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शिवम प्रजापति, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अमृता गर्ग, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश मिश्रा, डीपीसी अमरनाथ सिंह सहित जिला रेडक्रॉस सोसायटी के सदस्य मौजूद रहे। recent visitors 54

अमरूद की खेती से चमकी किस्मत: किसान अभिषेक दांगी ने कमाए एक सीजन में 10 लाख रुपये

Guava farming brings fortune: Farmer Abhishek Dangi earns Rs 10 lakh in one season भोपाल। मध्यप्रदेश में पारंपरिक खेती के साथ उद्यानिकी फसलों की ओर बढ़ता रुझान किसानों की आय बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहा है। केंद्र सरकार की ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ओडीओपी) योजना के तहत भोपाल जिले को अमरूद उत्पादन के लिए चयनित किया गया है। उद्यानिकी विभाग द्वारा किसानों को आधुनिक तकनीक, उच्च गुणवत्ता के पौधे, ड्रिप सिंचाई और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे जिले में अमरूद की खेती तेजी से बढ़ रही है। भोपाल जिले के बरखेड़ा बरामद गांव के प्रगतिशील किसान अभिषेक दांगी ने अमरूद की खेती से सफलता की नई मिसाल पेश की है। उन्होंने करीब तीन वर्ष पहले अपनी साढ़े चार एकड़ जमीन में बीएनआर किस्म के 1660 अमरूद के पौधे लगाए थे। उद्यानिकी विभाग से मिली ड्रिप सिंचाई और तकनीकी मार्गदर्शन की मदद से उनकी फसल ने अच्छा उत्पादन दिया। वर्तमान में उनके बाग से करीब 6400 किलोग्राम अमरूद का उत्पादन हो रहा है। अभिषेक दांगी बताते हैं कि अमरूद की खेती से उन्हें एक सीजन में करीब 10 लाख रुपये की आय प्राप्त हुई है। उनके अमरूद की मांग भोपाल के साथ अन्य राज्यों में भी बढ़ रही है। उद्यानिकी विभाग के सहायक संचालक राजकुमार सगर के अनुसार पिछले पांच वर्षों में भोपाल जिले में अमरूद की खेती का रकबा और उत्पादन करीब 70 प्रतिशत तक बढ़ा है। जिले की लगभग 50 ग्राम पंचायतें अमरूद उत्पादन के नए क्लस्टर के रूप में विकसित हो चुकी हैं। किसानों को पौधारोपण, ड्रिप सिंचाई, ऋण और तकनीकी सहयोग देकर आधुनिक खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।  अमरूद की खेती से जिले के मनमोहन पाटीदार, अरुण दांगी और अभिषेक दांगी जैसे किसान न केवल अपनी आय बढ़ा रहे हैं, बल्कि अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा बन रहे हैं। recent visitors 61

लाड़ली लक्ष्मी योजना पर कमलनाथ का बड़ा हमला: “1 लाख देने का वादा निकला जुमला”

Kamal Nath’s big attack on Ladli Laxmi Yojana: “The promise of giving Rs 1 lakh turned out to be a mere slogan” भोपाल। मध्यप्रदेश में लाड़ली लक्ष्मी योजना को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तिकरण के नाम पर भाजपा केवल पाखंड कर रही है और जमीनी हकीकत कुछ और ही है। कमलनाथ ने कहा कि वर्ष 2007 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के समय भाजपा सरकार ने बड़े प्रचार-प्रसार के साथ लाड़ली लक्ष्मी योजना शुरू की थी। उस समय यह दावा किया गया था कि योजना के तहत लाड़ली लक्ष्मी बेटियों को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी, लेकिन अब सामने आ रहे आंकड़े इस दावे की सच्चाई उजागर कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि योजना में पंजीकृत बेटियों में से केवल लगभग 20 प्रतिशत बच्चियों को ही एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिल पाएगी, जबकि बाकी बड़ी संख्या में बच्चियां विभिन्न नियमों और प्रक्रियाओं के कारण योजना से बाहर हो जाती हैं। कमलनाथ के अनुसार, आंकड़े बताते हैं कि कक्षा 6वीं में छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाली बालिकाओं की संख्या 13,67,897 है, लेकिन कक्षा 9वीं तक पहुंचते-पहुंचते यह संख्या घटकर 7,06,123 रह जाती है। यानी लगभग 48 प्रतिशत बेटियां हाईस्कूल तक पहुंचने से पहले ही सिस्टम से बाहर हो जाती हैं। इसी तरह कक्षा 11वीं में केवल 2,72,443 और कक्षा 12वीं में मात्र 1,56,378 बेटियां ही छात्रवृत्ति की पात्र बचती हैं। कमलनाथ ने कहा कि यह स्थिति साफ दिखाती है कि सरकार ने बेटियों को एक लाख रुपये देने के नाम पर सिर्फ़ हवाबाज़ी और प्रचार किया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने मांग की कि सरकार लाड़ली लक्ष्मी योजना के ऐसे नियमों में बदलाव करे जिनकी वजह से छात्राएं लाभ से वंचित हो रही हैं। साथ ही बेटियों का ड्रॉपआउट रेट कम करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और योजना में पंजीकृत सभी बेटियों को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता सुनिश्चित की जाए। recent visitors 60

गैस सिलेंडर की बढ़ी कीमतों के खिलाफ भोपाल में कांग्रेस का प्रदर्शन, केंद्र सरकार पर साधा निशाना

Congress protests in Bhopal against increased gas cylinder prices, targets central government भोपाल। रसोई गैस की बढ़ती कीमतों के विरोध में शनिवार को भोपाल में जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा जोरदार प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन जिला शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र की मोदी सरकार पर महंगाई बढ़ाने का आरोप लगाते हुए कहा कि लगातार बढ़ रही गैस सिलेंडर की कीमतों ने आम जनता की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। नेताओं का कहना था कि पहले ही महंगाई से जूझ रही जनता पर गैस की कीमतों में बढ़ोतरी करना “गरीबी में आटा गीला” करने जैसा है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए गैस की कीमतों में की गई वृद्धि को तुरंत वापस लेने की मांग की। नेताओं ने कहा कि रसोई गैस आम आदमी की जरूरत है और इसकी कीमतों में बढ़ोतरी सीधे गरीब और मध्यम वर्ग पर बोझ डालती है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना ने कहा कि केंद्र सरकार को जनता की परेशानियों को समझना चाहिए और महंगाई पर तुरंत नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि गैस की बढ़ी हुई कीमतें वापस नहीं ली गईं तो कांग्रेस आगे भी जनआंदोलन तेज करेगी। recent visitors 62

गांधी आश्रम छात्रावास में होली पर्व पर सेवा और संस्कारों का संगम, बांटी खुशियां

A confluence of service and values ​​on the occasion of Holi festival at Gandhi Ashram hostel, happiness was shared. भोपाल। सेवा भारती के तत्वावधान में सेवा भारती वनवासी एवं दिव्यांग बालक छात्रावास, गांधी आश्रम, गांधीनगर में निवासरत 30 वनवासी छात्रों के साथ समाजसेवियों एवं विभिन्न सेवा भावी संगठनों द्वारा होली पर्व उल्लासपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को गुलाल, पिचकारी, मिष्ठान एवं उपहार भेंट किए गए।सेवा भारती महानगर भोपाल के मीडिया प्रभारी भगवान दास ढालिया ने बताया कि अभावग्रस्त वनवासी क्षेत्र के 30 बच्चे छात्रावास में रहकर शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। जिनकी शिक्षा-दीक्षा एवं लालन-पालन सेवा भारती समाज के सहयोग से किया जाता है।गांधी आश्रम समिति के सचिव मनोज सोनी ने बताया कि होली के अवसर पर समाजसेवियों एवं सेवा संगठनों ने छात्रों के साथ होली मनाई। कार्यक्रम में समिति अध्यक्ष मुकेश शर्मा, दुर्वेश मालवीय, हुकुम सिंह ठाकुर, ललित मूलचंदानी, सत्येंद्र अग्रवाल, संतोष साहू, विजय गुप्ता (एसबीआई) सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे। इस दौरान जीव सेवा संस्थान, पुष्प हरी मीरचन्दानी ट्रस्ट, नवजीवन सेवा समिति, अक्षर फाउंडेशन तथा स्वर्वेद महा मंदिर धाम वाराणसी सहित अनेक संस्थाओं द्वारा छात्रों को कंबल, ट्रैकसूट, स्कूल बैग, पानी की बोतल, भोजन सामग्री, दैनिक उपयोगी वस्तुएं, कॉपी-किताबें, मिष्ठान, नमकीन, गुलाल एवं पिचकारी आदि भेंट की गईं।सभी समाजसेवियों ने आगामी परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें नियमित अध्ययन के लिए प्रेरित किया। अक्षर फाउंडेशन द्वारा स्वास्थ्य के लिए योग की उपयोगिता बताते हुए योग क्रियाओं का अभ्यास कराया गया। कार्यक्रम में छात्रों द्वारा भक्ति गीतों की मनोहारी प्रस्तुति भी दी गई। recent visitors 51

जन औषधि दिवस 2026 : दावा 2000 से अधिक दवाइयों और उपकरण का, हकीकत में 500 ही उपलब्ध

इंदौर। देश में मरीजों को सस्ती दवाइयां मिलें, इस उद्देश्य से प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोले गए। दावा किया जाता है कि इन केंद्रों में 50 से 70 प्रतिशत तक की छूट के साथ 2000 से अधिक प्रकार की दवाइयां और उपकरण मिलते हैं। जबकि हकीकत यह है कि इन पर करीब 500 प्रकार की दवाइयां ही उपलब्ध हैं। इन केंद्रों पर जेनरिक दवाइयां मिलती हैं। इंदौर में 100 और मध्य प्रदेश में 600 से अधिक केंद्र हैं, लेकिन यहां अभी भी मधुमेह, उच्च रक्तचाप, प्रोटीन पाउडर, फेसवाश आदि ही उपलब्ध नहीं होते हैं। इस कारण मरीजों को मजबूरन मेडिकल दुकान पर जाकर महंगे दामों में दवाइयां खरीदनी पड़ती है। यह भी देखा गया है कि इन केंद्रों पर सिर्फ जेनरिक दवाइयों को बेचने की ही अनुमति होने के बावजूद नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। यानी यह सभी प्रकार की दवाइयां बेचते हैं क्योंकि इन पर कभी कार्रवाई नहीं होती है। मरीजों को जरूरी दवाइयां नहीं मिलती बता दें कि उक्त योजना 2008 में तत्कालीन केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई थी। इसके बाद 2016 में भाजपा सरकार ने इसे री-लांच किया। अब हालत यह है कि जगह-जगह जन औषधि केंद्र तो खुल गए हैं लेकिन मरीजों को जरूरी दवाइयां नहीं मिलती। सबसे अधिक परेशानी उन्हें होती है, जो दूर-दूर से यहां शासकीय अस्पताल में इलाज करवाने के लिए आते हैं। जो दवाई उन्हें शासकीय अस्पताल में नहीं मिलती है, वे इन केंद्रों पर लेने के लिए जाते हैं। यहां पर नहीं मिलने के कारण उन्हें मजबूरन महंगी दवाएं खरीदना पड़ती हैं। मध्य प्रदेश में सबसे अधिक केंद्र इंदौर में बता दें जन औषधि के सबसे अधिक केंद्र प्रदेश में इंदौर में ही हैं, बावजूद मरीजों को दवाइयां खरीदने में परेशानी होती है। हालांकि कई दवाइयां इन केंद्रों पर मरीजों को आसानी से मिल जाती हैं, जिससे मरीजों को फायदा भी मिल रहा है। 1000 रुपये की दवाइयां मिलती हैं 300 में अधिकारियों ने बताया कि जन औषधि केंद्र के माध्यम से 50 से 70 प्रतिशत सस्ते में दवाइयां उपलब्ध करवाई जाती हैं। जैसे बाजार में यदि कोई दवाई 1000 रुपये में मिल रही है तो वह केंद्र में 300 रुपये में मिल सकती है। इससे बड़ी संख्या में लोगों को लाभ हो रहा है। भ्रमित हो रहे लोग, अन्य केंद्रों पर भी लगी पीएम की फोटो शहर में करीब 100 प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र हैं, जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की फोटो लगी हुई है। जबकि इसके अलावा भारत औषधि केंद्र जैसे नाम से केंद्र भी खोले गए हैं। यहां प्रधानमंत्री के फोटो लगाने की अनुमति नहीं है। बावजूद फोटो लगा रखे हैं। इन्हें नोटिस भी जारी किया गया है, लेकिन कोई जवाब अब तक नहीं आया है। समय पर नहीं मिलती दवाइयां दवाई न मिलने पर जब भी केंद्र संचालकों से इसका कारण पूछा जाता है तो वे यही कहते हैं कि हमें दवाइयां समय पर नहीं मिल पाती हैं। कई बार दवाइयों का आर्डर देते हैं, लेकिन हमें समय पर दवाई ही नहीं मिल पाती है। ऐसे में मरीजों को खाली हाथ लौटना पड़ता है। नियम है कि सात दिन में केंद्र पर जो भी दवाई का आर्डर देते हैं, वे आ जानी चाहिए, लेकिन हमारे पास 15 दिन-एक माह तक दवाइयां नहीं आ पाती हैं। वहीं कई बार दवाइयां आती भी हैं तो मरीज अधिक मात्रा में लेकर चले जाते हैं। recent visitors 117