पार्षद खुशबू अतुलकर ने तोरण तोड़ने वाले किसान को दिया पुरस्कार।

Councilor Khushbu Atulkar presented an award to the farmer who broke the toran. हरिप्रसाद गोहेआमला। नगर के प्राचीन माता मंदिर में शनिवार को पोला पर्व बड़े ही हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। समिति के अध्यक्ष मदन साहू के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में नगरवासी उमड़ पड़े। कार्यक्रम में नगर कांग्रेस अध्यक्ष अजय सोलंकी एवं पूर्व पार्षद विजय अतुलकर ने नगर के सम्मानीय समाजसेवी श्री विजय पटेल का साल और श्रीफल देकर सम्मान किया। वहीं मंदिर परिसर में ग्राम पटेल द्वारा बैल जोड़ी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। पूर्व पार्षद विजय अतुलकर ने बताया कि श्री विजय पटेल ने ही मोक्ष धाम निर्माण के लिए अपनी लाखों रुपये की निजी भूमि नगर हित में दान दी है, जो हम सभी के लिए गर्व की बात है। आयोजित कार्यक्रम में वार्ड नंबर 9 की पार्षद एवं यूथ कांग्रेस जिला महासचिव कुमारी खुशबू विजय अतुलकर की ओर से तोरण तोड़ने वाले किसान भाई को सम्मान स्वरूप 2100 रुपये की नगद राशि भेंट की गई। इस अवसर पर मंदिर परिसर में हजारों की संख्या में महिला, पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग पोला उत्सव देखने पहुंचे थे। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि, व्यापारी संघ, पत्रकारगण, समिति के सदस्य और पुलिस बल उपस्थित रहा।इस दौरान प्रमुख रूप से समिति अध्यक्ष मदन साहू, पूर्व पार्षद विजय अतुलकर, नगर कांग्रेस अध्यक्ष अजय सिंह सोलंकी, वरिष्ठ कांग्रेसी छन्नू बेले, कन्हैया साहू, वरिष्ठ कांग्रेसी हरिप्रसाद गोहे, राजेश सूरे, सुखदेव नारे, पत्रकार नरेंद्र आसोले सहित हजारों गणमान्य नागरिक मौजूद थे। recent visitors 72

हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी: पोषण माह में आहार विविधता और प्रोटीन पर जागरूकता

Our Anganwadi, Our Responsibility: Raising Awareness About Dietary Diversity and Protein During Nutrition Month विशेष संवाददाता: जितेन्द्र श्रीवास्तव/अर्पिता श्रीवास्तव जबलपुर। 9वें राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत “हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी” थीम पर विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में 11 सितंबर 2026 को परियोजना शहरी क्रमांक-4 के परियोजना अधिकारी श्री रीतेश दुबे के निर्देशन में सेक्टर स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन हनुमानताल वार्ड स्थित आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक-32 में किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय “आहार विविधता एवं पर्याप्त प्रोटीन” रहा। इस दौरान महिलाओं के लिए पोषण प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें THR रेसिपी, HCM मेनू, स्थानीय एवं क्षेत्रीय खाद्य पदार्थ, प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थ तथा संतुलित थाली का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में वार्ड पार्षद श्रीमती कविता रैकवार ने महिलाओं को स्थानीय एवं घरेलू खाद्य पदार्थों के बेहतर उपयोग के माध्यम से बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बच्चों का समय पर टीकाकरण कराने, गर्भवती महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य जांच करवाने तथा मातृ वंदना योजना का लाभ लेने की अपील की। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खाद्य पदार्थों के विविध प्रयोग से भोजन की पौष्टिकता बढ़ाने का लाइव डेमॉन्स्ट्रेशन मातृ सहयोगिनी समिति की अध्यक्ष श्रीमती अर्चना खरे द्वारा किया गया। उन्होंने बताया कि उपलब्ध घरेलू खाद्य सामग्री का संतुलित और विविध उपयोग बच्चों एवं परिवार के बेहतर पोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कार्यक्रम में आयुष विभाग ने भी सहभागिता की। बच्चों एवं महिलाओं की स्वास्थ्य जांच कर उन्हें आवश्यक सलाह दी गई तथा निःशुल्क दवाओं का वितरण किया गया। डॉ. श्रद्धा कार्तिकेय ने महिलाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा पौष्टिक एवं संतुलित आहार को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर पर्यवेक्षक श्रीमती खुशबू ठाकुर एवं श्रीमती पूजा चौरसिया, सेक्टर की समस्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं, शासकीय प्राथमिक कन्या शाला फूटाताल की शिक्षिकाएं श्रीमती दीप्ति तिवारी एवं श्रीमती नीरा कोरा सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र की महिलाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं और परिवारों को संतुलित आहार, पर्याप्त प्रोटीन, स्थानीय खाद्य पदार्थों के उपयोग तथा बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना रहा। — सेक्टर-2, परियोजना शहरी क्रमांक-4 recent visitors 57

बारिश ने बदल दी ग्वालियर की तस्वीर, तिघरा डैम के 3 गेट खुले… सांक नदी में छोड़ा गया पानी; जानिए शहर को क्या होगा फायदा

Rain has transformed Gwalior, with three gates of the Tighra Dam opened… water released into the Sank River; learn about the benefits to the city. विशेष संवाददाता: संतोष सिंह तोमर  ग्वालियर। तिघरा डैम का जलस्तर लगातार बढ़ने के बाद शुक्रवार शाम साढ़े छह बजे इसके तीन गेट खोल दिए गए। तीनों गेट नौ-नौ इंच खोले गए और इनके जरिए 1040 क्यूसिक पानी सांक नदी में छोड़ा गया। खास बात यह है कि इस सीजन में मानसून के आखिरी दिनों में पहली बार तिघरा डैम के गेट खोले गए हैं। गेट खोले जाने के दौरान निगम महापौर शोभा सिकरवार, एमआइसी सदस्य, जल संसाधन विभाग और नगर निगम के इंजीनियरों सहित अन्य अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। सुबह 739.40 फीट था जलस्तर, दिनभर बढ़ता रहा शुक्रवार सुबह आठ बजे तिघरा बांध का जलस्तर 739.40 फीट दर्ज किया गया था। दिन में तिघरा के कैचमेंट क्षेत्र में हुई वर्षा के कारण जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा। जलस्तर में हो रही लगातार बढ़ोतरी और आगे संभावित वर्षा को देखते हुए जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने दोपहर करीब 1:30 बजे गेट खोले जाने की सूचना जारी की। शाम पांच बजे तक बांध का जलस्तर 739.50 फीट से अधिक पहुंच गया। इसके बाद भी जलस्तर बढ़ता रहा। भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए अधिकारियों ने आखिरकार तीन गेट खोलने का निर्णय लिया। शाम साढ़े छह बजे गेट नौ-नौ इंच खोलकर सांक नदी में 1040 क्यूसिक पानी छोड़ा गया। इस सीजन में पहली बार खुले डैम के गेट इस बार मानसून के दौरान तिघरा डैम के गेट लंबे समय तक बंद रहे। पिछले वर्षों में जुलाई से अक्टूबर के बीच तिघरा डैम के गेट 17 बार खोले गए थे। इस बार मानसून के आखिरी दिनों में पहली बार गेट खोलने की स्थिति बनी है। अगस्त के आखिरी सप्ताह और सितंबर की शुरुआत में हुई बारिश से डैम का जलस्तर तेजी से बढ़ा। इसके बाद रात में और शुक्रवार दिन में हुई बारिश ने जलस्तर को और ऊपर पहुंचा दिया। इसी के चलते डैम से पानी छोड़ना पड़ा। गेट खुलने की खबर से शहरवासियों में खुशी ग्वालियर शहर की जलापूर्ति मुख्य रूप से तिघरा डैम पर निर्भर है। इस मानसून के आधे सीजन तक पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण तिघरा डैम आधा भी नहीं भर पाया था। इसका असर शहर की जलापूर्ति पर भी पड़ा और लोगों को एक दिन छोड़कर पानी मिल रहा था। डैम के पर्याप्त नहीं भरने से आगे जलसंकट की चिंता भी बढ़ गई थी। हालांकि अगस्त के आखिरी सप्ताह और सितंबर की शुरुआत में हुई अच्छी बारिश से तस्वीर बदल गई। तिघरा डैम के फुल होने के बाद अब गेट खोले जाने से शहरवासियों में खुशी है। लोगों को उम्मीद है कि अब ग्वालियर में रोजाना पानी की सप्लाई हो सकेगी। एम. विश्वेश्वरैया की देखरेख में मजबूत हुई इंजीनियरिंग तिघरा डैम का निर्माण सांक नदी पर वर्ष 1916 में कराया गया था। महाराजा माधवराव सिंधिया प्रथम ने बांध की योजना और उसकी तकनीकी बारीकियों को समझने के लिए भारत के महान इंजीनियर और भारत रत्न सर एम. विश्वेश्वरैया को आमंत्रित किया था। 1917 में बांध के शुरुआती क्षतिग्रस्त होने के बाद इसके पुनर्निर्माण और आटोमैटिक फ्लड गेट्स की तकनीक को मजबूत बनाने में उनके सुझावों और इंजीनियरिंग का महत्वपूर्ण योगदान रहा। निर्माण के ठीक एक साल बाद 19 अगस्त 1917 को भारी बारिश और नींव में बलुआ पत्थर के रिसाव के कारण बांध का एक हिस्सा टूट गया था। इसके बाद इसे अधिक मजबूत संरचना के साथ दोबारा तैयार किया गया। 1927 में जीर्णोद्धार, 1970 में फिर आईं दरारें वर्ष 1927 के आसपास तिघरा डैम का जीर्णोद्धार पूरा हुआ। इसके बाद 1970 में अत्यधिक जलभराव और तकनीकी वजहों से इसके कुछ हिस्सों में फिर दरारें आईं। इसके बाद सरकार ने आधुनिक सिविल इंजीनियरिंग तकनीक का इस्तेमाल करते हुए इसे मजबूत कंक्रीट और चुनाई संरचना में बदला। तिघरा डैम से ग्वालियर शहर को जलापूर्ति की शुरुआत वर्ष 1916 से ही हुई थी। 1916 से अब तक यह शहर की लगभग 14 लाख आबादी के लिए पेयजल का प्राथमिक स्रोत बना हुआ है। मोतीझील वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में तिघरा का पानी साफ करने के बाद शहर की विभिन्न टंकियों तक पहुंचाया जाता है। 24 मीटर ऊंचा और 1,341 मीटर लंबा है डैम तिघरा डैम की ऊंचाई लगभग 24 मीटर और लंबाई 1,341 मीटर है। इसका निर्माण ग्वालियर शहर की जलापूर्ति के साथ आसपास के 11 गांवों की सिंचाई के उद्देश्य से कराया गया था। recent visitors 25

काले हिरण और चिंकारा के शिकारी और तस्कर को राहत नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका

No relief to blackbuck and chinkara poachers and smugglers, Supreme Court rejects bail plea विशेष संवाददाता: जितेन्द्र श्रीवास्तव/अर्पिता श्रीवास्तव  जबलपुर। प्रदेश में काले हिरण व चिंकारा के अवैध शिकार और उनके मांस की तस्करी के मुख्य आरोपी सबाह अंतुले की जमानत याचिका को सुप्रीम कोर्ट की युगल पीठ ने खारिज कर दिया है। अब तक इस संगठित गिरोह के 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। विवेचना जारी है। एसटीएसएफ इंदौर इकाई, स्थानीय पुलिस और वनमंडल इंदौर की संयुक्त टीम ने किशनगंज में की गई कार्रवाई के दौरान लगभग 65 किलोग्राम वन्यजीव मांस, एक देशी पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस और तस्करी में प्रयुक्त टोयोटा इनोवा क्रिस्टा वाहन जब्त कर तीन आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। आरोपी तस्कर और वन्य जीवों का अवैध शिकार करने के आरोपी सबाह ने इंदौर स्थित उच्च न्यायालय की खंडपीठ में जमानत याचिका दायर की थी, जिसे उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया था। इसके बाद आरोपी ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान एसटीएसएफ की दलीलों से सहमत होते हुए सर्वोच्च न्यायालय की युगल पीठ ने आरोपी सबाह अंतुले की जमानत याचिका खारिज कर दी। आरोपी सबाह 27 अक्टूबर 2025 से केंद्रीय जेल इंदौर में निरुद्ध है। प्रकरण में अग्रिम विवेचना जारी है। इस मामले में वनमंडल इंदौर द्वारा भारतीय वन अधिनियम, 1927 एवं वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत वन अपराध प्रकरण 3 दिसंबर 2024 को दर्ज किया था। प्रकरण में एसटीएसएफ की इंदौर इकाई ने विवेचना करते हुए वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्य जुटाए और इस अंतर्राज्यीय तस्कर गिरोह के विरुद्ध अलग प्रकरण दर्ज किया।  recent visitors 40

जबलपुर में टोल प्लाजा का बैरियर तोड़कर भाग रही एसयूवी में मिली ब्रांडेड शराब

Branded liquor found in SUV that broke through toll plaza barrier in Jabalpur विशेष संवाददाता: जितेन्द्र श्रीवास्तव/अर्पिता श्रीवास्तव  जबलपुर। सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद जिले में पुलिस लगातार शराब के अवैध व्यापार में लिपत आरोपितों पर कार्रवाई कर रही है। मामला दर्ज कर जांच कर रही है पुलिस पुलिस ने शराब परिवहन में प्रयुक्त एसयूवी और मोटरसाइकिल भी जब्त की है। दोनों मामलों में आरोपितों के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। ग्राम निगरी कैनाल के पास रोकने का प्रयास किया बरगी पुलिस को शुक्रवार को सूचना मिली कि धूमा की ओर से एक एसयूवी में भारी मात्रा में शराब जबलपुर लायी जा रही है। सूचना पर ग्राम निगरी कैनाल के पास एसयूवी एमपी 20 जेडडब्ल्यू 5181 को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस को देखकर वाहन तेज गति से भगाने लगा ड्राइवर पुलिस को देखकर वाहन तेज गति से भगाने लगा और राष्ट्रीय राजमार्ग पर टोल प्लाजा का बूम बैरियर तोड़कर आगे निकल गया। 48 पाव और 359 बोतल अंग्रेजी शराब मिली पुलिस ने घेराबंदी कर बेलखाड़ू निवासी ड्राइवर आशुतोष शिवहरे (30) को पकड़ लिया। तलाशी में एसयूवी के अंदर 48 पाव और 359 बोतल अंग्रेजी शराब मिली। recent visitors 36

उमंग सिंघार का सरकार पर तीखा हमला: नौकरी के नाम पर जुमले, हाथ में डिग्री और आंखों में इंतजार!

Jobs are just rhetoric, degrees in hand, and longing in the eyes! Umang Singhar launches a scathing attack on the government. “माता-पिता लाखों खर्च कर बच्चों को पढ़ाते हैं, लेकिन डिग्री के बाद रोजगार नहीं” — पेसा मोबिलाइजर्स समेत हजारों युवाओं के संघर्ष पर उठाए सवाल भोपाल। मध्यप्रदेश में बेरोजगारी के मुद्दे को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है। उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेश का युवा पढ़-लिखकर रोजगार की तलाश में दर-दर भटकने को मजबूर है। माता-पिता अपने बच्चों की पढ़ाई पर लाखों रुपये खर्च कर उन्हें बेहतर भविष्य देने का सपना देखते हैं, लेकिन शिक्षा पूरी होने के बाद रोजगार नहीं मिलने से वही युवा निराशा और बेरोजगारी के चक्र में फंस जाता है। “वादे बहुत हुए, अब रोजगार का हिसाब दे सरकार” नेता प्रतिपक्ष ने पेसा मोबिलाइजर्स समेत हजारों युवाओं के संघर्ष का मुद्दा उठाते हुए सरकार को घेरा। उनका कहना है कि अपने अधिकारों और रोजगार की मांग को लेकर युवा लगातार आवाज उठा रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान करने के बजाय केवल आश्वासनों तक सीमित दिखाई दे रही है। सिंघार ने सवाल उठाया कि आखिर युवाओं को रोजगार कब मिलेगा? जिन परिवारों ने बच्चों की पढ़ाई के लिए अपनी जिंदगी की कमाई लगा दी, उनके बच्चों के भविष्य की जिम्मेदारी कौन लेगा? इंदौर में गूंजेगी युवाओं की आवाज! इसी बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के तहत इंदौर पहुंचने वाले हैं। उमंग सिंघार ने कहा कि यह कार्यक्रम उन छात्रों और युवाओं की आवाज बनेगा, जो रोजगार और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। रोजगार और शिक्षा जैसे मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगने का वक्त आ गया है। उमंग सिंघार ने अपने संदेश में कहा— “अब युवाओं की आवाज दबेगी नहीं, गूंजेगी… छात्रों की गूंज।” प्रदेश की राजनीति में रोजगार का मुद्दा एक बार फिर केंद्र में आता दिखाई दे रहा है। राहुल गांधी के इंदौर कार्यक्रम के साथ कांग्रेस इस मुद्दे को युवाओं के बीच जोर-शोर से उठाने की तैयारी में है। recent visitors 21

आरजीपीवी में ठगी : प्यून ने ठगे 18 लाख, 15 लोगों को दिया नौकरी का झांसा

RGPV scam: Peon dupes 15 people of Rs 18 lakh, promises them jobs भोपाल । राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) में नौकरी लगवाने के नाम पर विवि के प्यून ने 15 लोगों से करीब 18 लाख रुपये की ठगी कर ली और फिर ठगी की रकम अपने कैंसर के इलाज में खर्च कर दी। आरोपी ने आरजीपीवी में क्लर्क की नौकरी निकलने की बात कहकर लोगों से रकम ली। पुलिस जांच में सामने आया है कि उसने नौकरी से संबंधित फर्जी नोटिस भी दिखाया था। आरोपी फिलहाल मुंह के कैंसर की चौथी स्टेज से पीड़ित है और उसका कीमोथैरेपी से इलाज चल रहा है। गांधीनगर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया है। परिचित के माध्यम से की 15 लोगों से ठगी पुलिस के अनुसार मामले की शिकायतकर्ता छिंदवाड़ा निवासी नुसरत आयशा ने बताया कि वर्ष 2025 में सतपुड़ा भवन से सेवानिवृत्त परिचित हनीफ मियां के माध्यम से उसकी पहचान आरजीपीवी के प्यून नसीम खान से हुई थी। नसीम ने आरजीपीवी में क्लर्क की भर्ती निकलने की बात कही और नौकरी लगवाने का भरोसा दिया। इसके बाद नुसरत ने उसे रकम दी। उसने अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को भी नौकरी लगवाने की जानकारी दी, जिसके बाद कुल 15 लोगों ने नसीम को करीब 18 लाख रुपये दे दिए। आरोप है कि रकम लेने के बाद नसीम ने सभी को नौकरी नहीं लगवाई। ठगी की रकम इलाज में खर्च होने की बात आई सामने इसी दौरान वह कैंसर से पीड़ित हो गया। शिकायतकर्ताओं के अनुसार नसीम ने बताया कि उसने नौकरी के लिए ली गई रकम अपने इलाज में खर्च कर दी है। जांच कर रहे एएसआइ संजय मिश्रा ने बताया कि आरोपी के बयान लिए जा चुके हैं। फिलहाल उसका कैंसर का इलाज चल रहा है, इसलिए उसकी गिरफ्तारी नहीं की गई है। पुलिस मामले में रकम के लेन-देन, फर्जी दस्तावेज और अन्य पीड़ितों की जानकारी जुटा रही है। recent visitors 25