योगराज ने पूर्व क्रिकेटर सकलैन मुश्ताक को धो दिया, पाकिस्तान को भारत से सीखने की सलाह दी

नई दिल्ली भारतीय टीम के पूर्व क्रिकेटर और युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह को उनके बेबाक बयान के लिए जाना जाता है। भारतीय टीम ने चैंपियंस ट्रॉफी पर कब्जा जमा लिया है। इसके बाद योगराज सिंह का बयान एक बार फिर चर्चा में है। भारत के चैंपियंस ट्रॉफी जीतने के बाद उन्होंने अपने खिलाड़ियों की जमकर तारीफ की है। इसके साथ ही योगराज ने उन्होंने पाकिस्तान और उनके पूर्व क्रिकेटर सकलैन मुश्ताक को धो दिया। योगराज सिंह सकलैन पर बरसे सकलैन मुश्ताक ने कहा था कि भारत को पाकिस्तान से 10 टेस्ट, 10 वनडे और टी20 खेलना चाहिए, फिर पता चलेगा कौन सी टीम अच्छी है। इसपर पलटवार करते हुए योगराज सिंह ने एएनआई से कहा, 'सकलैन मुश्ताक जी का मैं एक पढ़ रहा था उन्होंने बड़ा बवाल होकर बात की। 10 टेस्ट सीरीज, 10 वनडे खेल तो पता लग जाएगा कौन अच्छा है और कौन बुरा है। अरे तुम किन चक्करों में पड़े हो अच्छे बुरे के। ये अच्छे बुरे नहीं होते, ये खेल होती है। खेल में जीत वाले और हार वाले दोनों को प्यार किया जाता है।' योगराज सिंह ने आगे कहा- सकलैन मुश्ताक जी चैलेंज रहे हैं तो कहीं और करवा लो। दुबई में करवा लो। मैं सरकार से कहूंगा कि इतना तवा गर्म है, थोड़ा ठंडा कर दो। इन्हें भी पता लगे। भारत से सीखने को कहा योगराज सिंह ने पाकिस्तान से कहा कि वह भारत से सीख ले। उन्होंने बोला- मैं कहता हूं जी 78 साल में नहीं सीखे तो मैं क्या सीखाउंगा। जो लोग अपने लोगों को गालियां देते रहते हैं। अपने देश को गालियां देते रहते हैं। प्लेयर और आवाम के बारे में बुरा भला कहते रहते हैं। उस देश को आप क्या सीखा सकते हैं। जिसे सिर्फ जलना है आपसे। आप जीतो या हारो, उसे नुख्ता चीनी करनी है, वो आदमी कभी तरक्की कर सकता है क्या? हिंदुस्तान कहां से कहां चला गया और पाकिस्तान का क्या हाल है। कुछ सीखो हिंदुस्तान से। recent visitors 91

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ नेता दत्तात्रेय होसबोले बोले, देश का नाम भारत है तो इंडिया क्यों कहा जाए?

नागपुर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा है कि अपने देश को इंडिया नहीं, भारत कहना चाहिए। नोएडा में 'विमर्श भारत का' पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम में सरकार्यवाह ने देश को दो नामों, भारत और इंडिया के नाम से पुकारे जाने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि देश को दो नामों से क्यों जाना जा रहा। इसपर प्रश्न उठाना चाहिए। दत्तात्रेय ने कहा कहा, 'पिछले दिनों सरकार ने जी20 सम्मेलन में राष्ट्रपति आवास पर भोज के लिए निमंत्रण में रिपब्लिक ऑफ भारत लिखा। भारत के नाम को इंडिया नहीं कहना चाहिए, वह इंग्लिश में इंडिया है और भारत के वासियों के लिए भारत है, ऐसा हो सकता है दुनिया में कहीं। कॉन्स्टीट्यूशन ऑफ इंडिया- भारत का संविधान, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया- भारत का रिजर्व बैंक… प्रश्न उठना चाहिए। इसे ठीक करना ही पड़ेगा। भारत है तो भारत ही कहो।' आरएसएस के सरकार्यवाह ने कहा कि भारत की राष्ट्रीयता के संबंध में कई विचार आए, जो टूट गया क्या वही भारत है? क्या भारत एक जमीन का टुकड़ा है? या संविधान से चलने वाला केवल एक भारत है? केवल ऐसा नहीं है, भारत एक जीवन दर्शन है, आध्यात्मिक प्रतिभूत है। विश्व को संदेश देने वाला विश्वगुरु है। उन्होंने कहा कि भारत के संबंध में बहुत भ्रामक बातें फैलाई गईं। भारत को कहा गया कि भारत केवल एक कृषि प्रधान देश है, यहां किसी भी प्रकार का उद्योग नहीं है, जबकि यह सत्य नहीं है। 1600 ईस्वी में भारत की विश्व व्यापार में लगभग 23 प्रतिशत की हिस्सेदारी थी तो यह केवल क्या कृषि की थी, ऐसा नहीं है। अगर हम वैश्विक दृष्टि से देखें तो प्राचीन समय से ही हम किसी भी क्षेत्र में कम नहीं थे। हमने अपने स्वाभिमान को खोया। हमारी शिक्षा पद्धति नष्ट हुईं, जो बाहरी आक्रांता आए उन्होंने हमारे देश का दमन किया। दत्तात्रेय ने कहा कि आज भारत स्वतंत्र है, उसका मस्तिष्क स्वतंत्र है। पहले के दशकों में पढ़ाया जाता था कि भारत का गणित और विज्ञान के क्षेत्र में कोई योगदान नहीं है। भारत के इतिहास को तोड़ा और मरोड़ा गया है, जबकि भारत का इतिहास समृद्धि से भरा पड़ा है। आज यह महत्वपूर्ण है कि विश्व के बहुत से लोग भारत के बारे में एक सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हैं। उन्होंने कहा कि भारत का मूल परिचय संस्कृति का परिचय है। आचरण के महान आदर्श हैं। उन्होने कहा कि भारत में हमारे जो पूर्वज थे, उन्होंने निश्चय कर लिया था कि किसी भी स्थिति में अपनी संस्कृति की रक्षा करनी है और अपने विचार को बचा कर रखना है। काल के प्रवाह में भी इस देश की संस्कृति कभी नष्ट नहीं हुई, हमारे देश के मनीषियों ने इसे अलग-अलग रूप में प्रस्तुत किया है। recent visitors 87

औरंगजेब की कब्र और शिवाजी के मंदिर के रखरखाव में हर साल कितने पैसे खर्च करती है सरकार: खुलासा

मुंबई देश में इन दिनों छत्रपति शिवाजी महाराज और औरंगजेब को लेकर मामला गरमाया हुआ है. तमाम राजनीतिक दल इसको लेकर सियासत कर रहे हैं और अब RTI ने जो खुलासा किया है, उसने आग में घी डालने का काम किया. आरटीआई ने कहा है कि औरंगजेब जैसे क्रूर शासक के लिए सरकार सालभर में करीब 2 लाख रुपये खर्च करती है और छत्रपति शिवाजी के मंदिर के लिए सिर्फ 250 रुपये महीना ही दिया जाता है. सरकार पर लगा भेदभाव का आरोप RTI के खुलासे के बाद से हिंदू जनजागृति संगठन तमाम तरह के सवाल उठा रहा है. संगठन का कहना है कि आखिर औरंगजेब के लिए लाखों रुपये और छत्रपति शिवाजी के लिए इतने कम रुपये देकर ऐसा भेदभाव क्यों किया जा रहा है. हिंदू जनजागरण समिति ने इस सहायता को तुरंत बंद किए जाने की मांग की है और कहा है कि छत्रपति शिवाजी के मंदिर को भरपूर सहयोग किया जाना चाहिए. हिंदू जनजागृति संगठन ने मजार और मंदिर में भेदभाव का आरोप लगाया है. औरंगजेब की कब्र के लिए कितने सरकार ने दिए कितने रुपये हिंदू जनजागृति संगठन की मानें तो औरंजेब की कब्र के लिए हर साल केंद्र सरकार की भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा लाखों रुपये देकर सहायता और देखरेख की जा रही है. जानकारी की मानें तो साल 2021-22 में 2,55,160 रुपये और साल 2022-23 में 2,00,636 रुपये खर्च किए जा चुके हैं. इस तरीके से हिसाब जोड़ा जाए तो अभी तक लगभग 6.50 लाख रुपये का खर्चा आ चुका है. वहीं महाराष्ट्र के गौरवशाली इतिहास का प्रतीक छत्रपति शिवाजी के मंदिर के लिए सिर्फ 250 रुपये महीने दिए जाते हैं. मंदिर के लिए क्यों दी जा रही इतनी सी रकम हिंदू जनजागृति संगठन का कहना है कि ये बहुत ही दुर्भाग्यपूर्णं है कि जिन्होंने अपना सर्वस्व न्योछावर करके हिंदू धर्म, महाराष्ट्र की संस्कृति और स्वराज की रक्षा के लिए काम किया है और अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया, उनके मंदिर के लिए सिर्फ इतनी सी रकम क्यों दी जा रही है. संगठन ने मांग की है कि औरंगजेब की कब्र को दी जाने वाली सहायता तुरंत रोक दी जाए और छत्रपति शिवाजी के मंदिर के लिए भरपूर सहायता की जाए. recent visitors 84

मार्च में MP में बदला मौसम, तापमान 38 डिग्री, आज कैसा रहेगा वेदर, त्तर-पश्चिम भारत में नए सिस्टम से आएगी पारे में गिरावट

भोपाल  मध्यप्रदेश में मार्च के दूसरे हफ्ते में ही सूरज की तपिश काफी तेज हो गई है। प्रदेश के अधिकांश जिलों में तापमान 34 डिग्री सेल्सियस पार पहुंचने लगा है। सोमवार को इस सीजन का सबसे गर्म स्थान रतलाम रहा। जहां पर अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। खासतौर पर गुजरात से लगे इलाकों में तो तेज गर्मी पड़ने लगी है। राजधानी भोपाल और इंदौर जिले का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। प्रमुख जिलों का अधिकतम तापमान देखें तो भोपाल में 35.4 डिग्री, इंदौर में 35.6, ग्वालियर में 34.5, जबलपुर में 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। न्यूनतम तापमान देखा जाये तो भोपाल में 21.3, इंदौर में 21.4, ग्वालियर में 15.2, जबलपुर में 12.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। रातें अभी भी हो रही सर्द प्रदेश के पश्चिमी इलाकों के जिले, पूर्वी जिलों की की तुलना में ज्यादा गर्म हैं। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को प्रदेश के सभी जिलों में अधिकतम और न्यूनतम दोनों तापमानों में बढ़त दर्ज हुई है। अधिकतम तापमान में भले ही तेजी आ रही हो, लेकिन रात के तापमान में बड़ी वृद्धि नहीं हुई है। कुछ जिलों की रातें अभी भी ठंडक भरी हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश के पश्चिमी जिलों में दक्षिण पूर्वी हवाएं आ रही हैं। जबकि पूर्वी जिलों उत्तर पूर्वी हवाएं आ रही है। हालांकि ईरान के आसपास ऊपरी हवा में एक पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है। इसका असर देश के उत्तरी इलाकों पर दिखा, लेकिन प्रदेश में इसका कोई अधिक प्रभाव नहीं होगा। दिन में 38, रात में 23 डिग्री से ज्यादा तापमान पिछले 3 दिन से प्रदेश में गर्मी का असर बढ़ा है। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को धार-रतलाम में 38 डिग्री, शिवपुरी-मंडला में 37 डिग्री, गुना में 36.5 डिग्री, खरगोन में 36 डिग्री, सागर, सिवनी, नर्मदापुरम-टीकमगढ़ में 35.8 डिग्री, खजुराहो में 35.6 डिग्री, दमोह-बैतूल में 35.5 डिग्री, नरसिंहपुर में 35.2 डिग्री और खंडवा में 35.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो उज्जैन सबसे गर्म रहा। यहां तापमान 37 डिग्री तक पहुंच गया। इंदौर में 35.6 डिग्री, भोपाल में 35.4 डिग्री, ग्वालियर में 34.5 डिग्री और जबलपुर में 34 डिग्री रहा। रविवार-सोमवार की रात की बात करें तो धार में सबसे ज्यादा 23.2 डिग्री रहा था। वहीं, भोपाल, इंदौर में 21 डिग्री से ज्यादा रहा। अब बर्फीली हवा का असर नहीं बर्फीली हवा चलने से प्रदेश में चार दिन तक कड़ाके की ठंड पड़ी। इससे भोपाल समेत कई शहरों में पिछले 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया। कई शहरों में शीतलहर चली, जबकि रात का पारा 6 डिग्री तक पहुंच गया। राजगढ़, शाजापुर, उमरिया, मंडला, नौगांव और मलाजखंड जैसे छोटे शहर सबसे ठंडे रहे, लेकिन अब पारे में बढ़ोतरी होने लगी है। बर्फीली हवा का असर अब नहीं है। recent visitors 75

राज्यपाल के अभिभाषण पर विपक्ष का हमला, कहा- पीएम की तारीफ के अलावा कुछ समझ नहीं आया

MP Vidhan Sabha Budget Session 2025-26 : मध्य प्रदेश विधानसभा बजट सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही शुरू हो चुकी है। आज आर्थिक सर्वेक्षण और द्वितीय अनुपूरक बजट पटल पर रखा जाएगा। आज विपक्ष घोटालों और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश करेगा। अभिभाषण पर लगाए गए कांग्रेस के आरोप पर मंत्री सारंग का बयानअभिभाषण आने से पहले ही उस पर टिप्पणी करना कांग्रेस की आदत है। कांग्रेस के नेता अपनी कुर्सी बचाने के लिए कुछ तो बोलेंगे ही। इसीलिए अनर्गल आरोप लगा रहे हैं। कांग्रेस का एक विधायक बता दे कि उन्होंने अभिभाषण को पूरा सुना या पढ़ा है। हमारी सरकार विकास और कल्याण मूलक सरकार है। डबल इंजन की सरकार की जो परिभाषा है उसको प्रतिपादित करते हुए हमारी सरकार प्रदेश में विकास के नए आयाम स्थापित कर रही है। GYAN (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी) के माध्यम से हर वर्ग का कल्याण हमारी प्राथमिकता है। राज्यपाल के अभिभाषण से सरकार की विकास और कल्याण की जो पॉलिसी है वो परिलक्षित हुई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार पहुंचे विधानसभाउमंग सिंघार ने कहा कि जनता से किए गए बीजेपी के वादों को विपक्ष सदन में उठाएगा। राज्यपाल के अभिभाषण में कुछ भी नया नहीं था। सब पुराना है गिनाया जा रहा है। किसी के लिए भी कुछ भी नया नहीं है। बस सरकार के पुराने आंकड़े पढ़वाए गए हैं। recent visitors 119

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वैद्यराज सुषेण मंदिर व दशरथ दरबार के दर्शन, जलसेन सरोवर में कछुओं को खिलाया दाना

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने माता कौशल्या की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की माता कौशल्या व प्रभु श्रीराम के दर्शन कर प्रदेश की खुशहाली का किया प्रार्थना: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वैद्यराज सुषेण मंदिर व दशरथ दरबार के दर्शन, जलसेन सरोवर में कछुओं को खिलाया दाना मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण व रखरखाव हेतु दिए आवश्यक निर्देश रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के ग्राम चंदखुरी स्थित माता कौशल्या मंदिर में दर्शन व पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने माता कौशल्या एवं प्रभु श्रीराम के समक्ष नमन करते हुए राज्य की प्रगति, जनता की मंगलकामना और सामाजिक समरसता की प्रार्थना की। इसके साथ ही उन्होंने मंदिर परिसर में स्थित वैद्यराज सुषेण मंदिर और दशरथ दरबार के भी दर्शन किए। मुख्यमंत्री ने माता कौशल्या मंदिर परिसर में स्थित जलसेन सरोवर में कछुओं को दाना खिलाया और मंदिर परिसर के रखरखाव व सौंदर्यीकरण हेतु आवश्यक दिशानिर्देश दिए। इस अवसर पर माता कौशल्या जन्मभूमि सेवा संस्थान के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को माता कौशल्या और प्रभु श्रीराम की प्रतिमा का छायाचित्र भेंट किया। recent visitors 52

मुख्यमंत्री साय ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित “महतारी वंदन अभिनंदन” कार्यक्रम में महिला पत्रकारों को सम्मानित किया

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित "महतारी वंदन अभिनंदन" कार्यक्रम में महिला पत्रकारों को सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ महिला पत्रकारों ने मीडिया में महिलाओं की भूमिका पर खुलकर चर्चा की। महिला पत्रकारों ने कहा कि महिला पत्रकार राजनीति, अपराध, खेल सहित हर क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन कर सकती हैं, बशर्ते उन्हें बराबरी का अवसर मिले। उन्होंने कामकाजी महिलाओं के लिए बनाए जा रहे छात्रावासों की सराहना की और कहा कि यह पहल महिलाओं को घर से दूर भी सुरक्षित माहौल प्रदान करेगी। इससे अब अभिभावक अपनी बेटियों के करियर को लेकर निश्चिंत हो सकेंगे। उन्होंने पत्रकारों की सम्मान निधि ₹10,000 से बढ़ाकर ₹20,000 करने के फैसले के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय पत्रकारों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम है। महिला पत्रकारों ने मुख्यमंत्री निवास में सम्मान समारोह आयोजित करने पर खुशी जताई और कहा कि ऐसा लग रहा है जैसे एक पिता ने हमें अपने घर बुलाया हो। उन्होंने कहा कि यह पहल महिला पत्रकारों के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है।अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रदेश में पहली बार इस तरह का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिलाएँ समाज निर्माण की सशक्त धुरी हैं, और महिला पत्रकार अपनी लेखनी से सामाजिक परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।  महिला पत्रकारों ने मुख्यमंत्री साय के साथ लंच किया और उनके साथ सेल्फी भी ली।  मुख्यमंत्री साय ने महिला पत्रकारों के लिए भविष्य में नई योजनाओं पर विचार करने का भरोसा दिलाया और कहा कि सरकार महिला पत्रकारों को हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। recent visitors 78