2027 तक 95% वाहनों को इलेक्ट्रिक करने का टारगेट, पेट्रोल-डीजल गाड़ियां होंगी बंद?, दिल्ली में लॉन्च हुई EV पॉलिसी 2.0

नई दिल्ली दिल्ली सरकार ने EV पॉलिसी 2.0 (Delhi EV policy 2.0) के प्रमुख बिंदुओं की घोषणा कर दी है। इस नई पॉलिसी के तहत 2027 तक दिल्ली में 95% न्यू व्हीकल रजिस्ट्रेशन इलेक्ट्रिक वाहनों के रूप में करने का लक्ष्य रखा गया है। दिल्ली में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को तेजी से अपनाने और देश में EV लीडरशिप को मजबूत करने के लिए यह नीति तैयार की गई है। दिल्ली EV पॉलिसी पहली बार 2020 में पेश की गई थी, जो 2024 में समाप्त हो गई थी। इसे कई बार बढ़ाया गया, लेकिन अब यह नई पॉलिसी पुराने ढांचे की जगह लेगी। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं। CNG से इलेक्ट्रिक में बदलाव सभी CNG ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और लाइट कॉमर्शियल व्हीकल (LCV) को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक में बदला जाएगा। सभी बसें भी पूरी तरह से इलेक्ट्रिक होंगी। खरीदारी पर विशेष प्रोत्साहन इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर, LCV और ट्रकों की खरीद पर इंसेंटिव मिलेगा। स्क्रैपिंग और रेट्रोफिटिंग इंसेंटिव भी मिलेगा, ताकि लोग पेट्रोल-डीजल गाड़ियों से EV की तरफ शिफ्ट हों। फ्लीट और कॉमर्शियल ट्रांसपोर्ट का इलेक्ट्रिफिकेशन कैब, डिलीवरी सर्विस और अन्य कॉमर्शियल वाहनों को EV में बदला जाएगा। पॉलिसी में सख्त नियम और रेगुलेशन लाए जाएंगे, ताकि इसका पालन सुनिश्चित किया जा सके। EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार दिल्ली में नए पब्लिक और प्राइवेट EV चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे। नए बिल्डिंग प्रोजेक्ट्स में EV चार्जिंग स्टेशन अनिवार्य होंगे। रिंग रोड और आउटर रिंग रोड जैसे प्रमुख मार्गों पर फास्ट-चार्जिंग कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे। राज्य EV फंड का गठन: इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए ग्रीन टैक्स, पॉल्यूशन सेस और एग्रीगेटर लाइसेंस फीस से एक विशेष फंड बनाया जाएगा। रोजगार और स्किल डेवलपमेंट: EV सेल्स, सर्विसिंग, फाइनेंसिंग और बैटरी मैनेजमेंट में नई नौकरियां पैदा होंगी। दिल्ली स्किल एंड एंटरप्रेन्योरशिप यूनिवर्सिटी (DSEU) EV मैकेनिक और ड्राइवरों के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाएगी। दिल्ली EV पॉलिसी 2.0 क्यों है खास? यह नीति न केवल वाहन मालिकों को इलेक्ट्रिक गाड़ियों की तरफ आकर्षित करेगी, बल्कि प्रदूषण कम करने और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने में भी अहम भूमिका निभाएगी। साथ ही EV सेक्टर में रोजगार बढ़ाने और इन्फ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने का यह एक बड़ा कदम है। recent visitors 54

कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह का सरकार पर हमला, शिक्षकों की कमी समेत ये मुद्दे उठाए

Congress MLA Jaivardhan Singh attacked the government, raised these issues including shortage of teachers विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने प्रदेश के स्कूलों में 70000 शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। इस पर मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि विधायक अभिभाषण से हटकर वक्तव्य दे रहे हैं। सत्ता पक्ष के दूसरे सदस्य भी सारंग का समर्थन करने लगे। इससे शोर शराबे की स्थिति बन गई। जवाब में कांग्रेस विधायक भी शोर-शराबा करने लगे। बाद में विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा कि जो आंकड़े उन्होंने पेश किए हैं, वह स्कूल शिक्षा विभाग के आंकड़े हैं। वे गलत जानकारी नहीं दे रहे हैं। उनके वक्तव्य के दौरान डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने भी टोका। इसके बाद कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा कि यह उम्मीद जताई जा रही थी कि राज्यपाल के अभिभाषण में कुछ नया देखने को मिलेगा। लेकिन, ऐसा कुछ नहीं हुआ। पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में जो योजनाएं चल रही थीं, उनको भी आगे बढ़ाने में सरकार पीछे रही है। जयवर्धन सिंह ने कहा पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने वादा किया था कि अगर, उनकी सरकार फिर बनेगी तो हर परिवार को 450 रुपए में एलपीजी सिलेंडर देंगे। लेकिन, सरकार बनने के बाद ऐसा नहीं हुआ है। सीखो कमाओ योजना को लेकरजयवर्धन सिंह कांग्रेस विधायक ने कहा कि योजना का बजट 300 करोड़ है, लेकिन इसमें से केवल 30 करोड़ खर्च किए गए हैं। Gi सम्मिट को लेकर उन्होंने कहा कि मोहन सरकार में 1 साल में ये सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा किया है। मध्य प्रदेश में जो बड़े-बड़े उद्योग हैं, वह कांग्रेस की देन हैं। सरकार किसानों के साथ धोखा कर रही है। एक भी किसान का गेहूं 2700 रुपए क्विंटल और धान 3100 रुपये क्विंटल में धान नहीं खरीदा गया। सहकारिता विभाग में हर 5 वर्ष में चुनाव होते थे। भाजपा राज्य में चुनाव क्यों नहीं हो रहे। मंडियों के चुनाव होते थे, लेकिन अब क्यों नहीं हो रहे। recent visitors 119

ग्वालियर शहर में मुख्यमंत्री के कारकेड गुजरते समय पुलिस ने गफलत में उसका एक वाहन ही रोक दिया

ग्वालियर एमपी के ग्वालियर शहर में मुख्यमंत्री के कारकेड गुजरते समय पुलिस ने गफलत में उसका एक वाहन ही रोक दिया। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने स्थिति को संभाल लिया, इसलिए बात नहीं बिगड़ी। लेकिन इसे लापरवाही मानते हुए उस पॉइंट पर तैनात जिला विशेष शाखा में पदस्थ निरीक्षक जितेन्द्र तोमर को लाइन अटैच कर दिया गया। बैरिकेडिंग की वजह से गड़बड़ा गई व्यवस्था जानकारी के मुताबिक सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करीब 1.30 घंटे ग्वालियर में रहे। शाम साढ़े छह बजे शिवपुरी से ग्वालियर पहुंचे मुख्यमंत्री का काफिला एयरपोर्ट से कटोराताल के पास छत्री के लिए रवाना हुआ। मुख्यमंत्री यहां माधवराव सिंधिया जयंती कार्यक्रम में शामिल होने पहुंच रहे थे। इसी बीच जब उनका काफिला इंदरगंज छत्री की तरफ जा रहा था, तभी इस रूट पर पुलिस की व्यवस्था बैरिकेडिंग की वजह से गड़बड़ा गई। यहां पुलिसकर्मियों ने काफिले के एक वाहन को रोक लिया। इस रूट की सुरक्षा की जिमेदारी जिला विशेष शाखा में पदस्थ निरीक्षक जितेन्द्र सिंह तोमर की थी। एसपी धर्मवीर सिंह यादव ने बताया निरीक्षक तोमर को लाइन अटैच किया गया है। हवाई अड्डे पर सीएम ने बदला रास्ता हवाई अड्डे पर भी मुख्यमंत्री के आने जाने के रास्ते में भी गफलत हो गई। दरअसल यहां सुरक्षा व्यवस्था मुख्य रास्ते पर थी। लेकिन मुख्यमंत्री उसके बाजू वाले रास्ते से एयरपोर्ट में दाखिल हो गए। ऐन वक्त पर उनके रास्ता बदलने से पुलिस यहां भी गड़बड़ा गई। दोनों रास्ते आसपास थे तो दूसरे रास्ते पर तैनात बल अपनी पोजिशन बदल कर उस रास्ते पर आ गया जिससे मुख्यमंत्री एयरपोर्ट में जा रहे थे। recent visitors 81

गुना में एक प्रेमी ने महिला के पति के सामने ही संबंध बनाने की मांग की, फिर हुआ कांड

गुना मध्य प्रदेश में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। एक व्यक्ति ने अपनी प्रेमिका से उसके पति के सामने ही संबंध बनाने की मांग की। इसके बाद महिला और उसके पति ने मिलकर उस व्यक्ति की हत्या कर दी। उन्होंने व्यक्ति को जंगल में ले जाकर उसके कपड़े उतरवाए और गला घोंटकर मार डाला। फिर उसके कपड़े और जूते जलाकर फरार हो गए। पुलिस ने इस अंधे कत्ल का खुलासा कर दिया है और महिला को गिरफ्तार कर लिया है। उसका पति अभी भी फरार है। यह घटना 26 फरवरी को केंट थाना क्षेत्र में हुई थी। आनंद जाटव के रूप में मृतक की पहचान मृतक की पहचान 35 वर्षीय आनंद जाटव के रूप में हुई है। आरोपी महिला भारती दोहरे और उसका पति शिवराज दोहरे हैं। पुलिस के अनुसार, आनंद जाटव, भारती के पति शिवराज के जेल में रहने के दौरान उससे अवैध संबंध बनाता था। शिवराज के जेल से छूटने के बाद भी आनंद का भारती से मिलना-जुलना जारी रहा। पति के सामने ही सेक्स की डिमांड 25 फरवरी को आनंद शराब के नशे में भारती के घर पहुंचा और शिवराज के सामने ही भारती से संबंध बनाने की जिद करने लगा। उसने कहा कि वह उसके पति के सामने ही संबंध बनाना चाहता है। यह बात भारती और शिवराज को नागवार गुजरी। उन्होंने आनंद को सबक सिखाने की ठान ली। शराब पीने के बाद उतार दिए कपड़े भारती और शिवराज ने आनंद को मारने की योजना बनाई। उन्होंने आनंद को अपनी स्कूटी पर बिठाकर जंगल में ले गए। वहां उसे और शराब पिलाई। फिर भारती ने आनंद से कहा कि अगर वह संबंध बनाना चाहता है तो पहले अपने कपड़े उतार दे। जैसे ही आनंद नग्न हुआ, भारती और शिवराज ने उसके गले में स्टॉल डालकर उसका गला घोंट दिया। कपड़े और जूते जला दिए हत्या के बाद दोनों ने आनंद के कपड़े और जूते वहीं जला दिए और मौके से फरार हो गए। ग्रामीणों ने बताया कि 25 फरवरी की दोपहर एक महिला और पुरुष को आनंद की हत्या करते और उसके कपड़े जलाते देखा गया था। वे दोनों एक काले रंग की स्कूटी पर सवार होकर भाग गए थे। सीसीटीवी से आरोपियों की पहचान की पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान भारती और शिवराज के रूप में की। पुलिस ने 7 मार्च को भारती को उसके किराए के मकान से गिरफ्तार कर लिया। घटना में इस्तेमाल की गई काली स्कूटी भी बरामद कर ली गई। सख्ती पर कबूल कर लिया गुनाह शुरुआत में भारती ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस ने भारती को 8 मार्च को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस अब फरार शिवराज की तलाश कर रही है। जंगल में मिला था नग्न शव 26 फरवरी को विलोनिया गांव के पास जंगल में एक युवक का नग्न शव मिला था। मृतक के गले में कपड़े का फंदा कसा हुआ था और उसके हाथ-पैर जूते के फीते से बंधे थे। घटनास्थल पर मृतक के जले हुए कपड़े और जूते भी मिले थे। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया और मृतक की पहचान आनंद जाटव के रूप में की। पति के जेल जाने पर हुई दोस्ती आरोपी भारती ने बताया कि मृतक आनंद जाटव मेरे पति शिवराज के जेल में रहने के दौरान मुझसे अवैध संबंध बनाता था। उसने आगे कहा कि 25 फरवरी को आनंद जाटव हमारे घर आया और शराब के नशे में मेरे पति के सामने ही मुझ पर संबंध बनाने का दबाव डालने लगा। उसने कहा कि वह मेरे पति के सामने ही संबंध बनाना चाहता है।   recent visitors 88

हनी सिंह के कंसर्ट का 1 करोड़ का सामान जब्त, पुलिस के गैरजिम्मेदाराना रवैये की शिकायत करेंगे

इंदौर इंदौर में मशहूर सिंगर हनी सिंह का कॉन्सर्ट विवादों में है। पहले 50 लाख रूपये मनोरंजन कर जमा करने को कहा गया,बाद में पुलिस ने 8 लाख लेकर ही कार्यक्रम करने की अनुमति दे दी। हनी सिंह का कॉन्सर्ट तो हो गया,लेकिन इंदौर के महापौर पुलिस अफसरों से खासा नाराज हैं। इसके लिए वह उचित प्लेटफॉर्म पर शिकायत भी करेंगे। नगर निगम महापौर पुष्यमित्र भार्गव पुलिस प्रशासन से सख्त लहजे में कहा कि हनी सिंह शो के लिए आयोजकों ने जरुरी अनुमतियां नहीं ली थी, फिर आयोजन कैसे हो गया। जिम्मेदारों को आयोजन रोकना चाहिए था, लेकिन उन्होंने लापरवाही बरती है। महापौर ने कहा कि मैंने पत्र लिखकर कहा था कि जब तक निगम को मनोरंजन कर नहीं मिले तब तक आयोजन की अनुमति न दी जाए। फिर भी पुलिस अफसरों ने अनुमति दे दी। यह उचित नहीं है। पुलिस अफसरों की इस गैरजिम्मेदाराना हरकत के लिए उचित प्लेटफार्म पर उनकी शिकायत करेंगे। क्या है पूरा मामला? इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने हनी सिंह शो के आयोजको से 50 नाख रूपए मनोरंजनकर जमा कराने को कहा था। इसके चलते अपर आयुक्त लता अग्रवाल ने नोटिस भी जारी किया था,लेकिन आयोजकों ने करीब आठ लाख रुपए जमा कराकर अपना पल्ला झाड़ लिया। इसके बाद निगम की किरकिरी होने पर अपर आयुक्त के निर्देश पर निगम के रिमूवल अमले ने हनी सिंह शो के साउंड सिस्टम से भरा कंटेनर जब्त कर लिया। बताया जाता है कि इस कंटेनर में करीब एक करोड़ का सामान है। अब यदि आयोजकों को सामान चाहिए तो पचास लाख रुपए मनोरंजन कर के जमा कराएं। इस तरह हनी सिंह और निगम के बीच आपस में ठन गई है। निगम अफसरों ने भी मनोरंजन कर को अपनी प्रतिष्ठा का मुद्दा बना लिया है। महज डेढ़ घंटे में खत्म हो गया प्रोग्राम तय समय पर हनी सिंह का कार्यक्रम शुरु हुआ और गायक ने अपने मशहूर दस गाने सुनाकर महज डेढ़ घंटे में ही शो खत्म कर रवानगी ले ली। इससे निगम को मनोरंजन कर के 50 लाख रुपए नहीं मिले और दर्शक भी कार्यक्रम जल्द खत्म होने पर नाराज हो गए। ज्ञात रहे कि नगर निगम महापौर ने मनोरंजनकर जमा होने के बाद ही कार्यक्रम की अनुमति देने की बात कही थी। इसके लिए पुलिस कमिश्रर को पत्र भी लिखा था,लेकिन इवेंट के लिए पुलिस और प्रशासन से अनुमति पहले ही ले ली गई थी। हालांकि नगर निगम ने हनी सिंह के कॉन्सर्ट के आयोजकों को मनोरंजन कर जमा करने का नोटिस जारी किया। नगर निगम ने जीएसटी पोर्टल के माध्यम से जानकारी दी कि इस कार्यक्रम के लिए 3 करोड़ 28 लाख रुपए से अधिक के टिकट बेचे गए हैं। इस राशि का 10 प्रतिशत मनोरंजन कर पहले ही जमा करना जरूरी बताया गया। नियत में खोट- महापौर महापौर पुष्य मित्र भार्गव ने कहा कि आयोजकों की नीयत में खोट है। उन्होंने आयोजकों से पोस्ट डेटेड चेक देने का आग्रह किया था,लेकिन आयोजकों ने इसे यह कहते हुए मना कर दिया कि वे चेक लेकर यात्रा नहीं करते। हनी सिंह का कार्यक्रम डेढ़ घंटे में समाप्त होने पर नगर निगम की डिप्टी कमिश्नर लता अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि शो खत्म करने में नगर निगम की कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने बताया कि टैक्स जमा न होने के कारण शो को बंद किया गया,ऐसा कहना गलत है। इस इवेंट के लिए 7 लाख 85 हजार रुपए का टैक्स पहले ही जमा किया गया था,लेकिन 50 लाख रुपए की टैक्स मांग अभी भी बाकी है। पहले भी हुआ विवाद – शहर में दिलजीत दोसांझ के कार्यक्रम आयोजको ने मनोरंजन कर जमा करने का आश्वासन देने के बाद कार्यक्रम किया और गायब हो गए। इससे निगम को एफआईआर करानी पड़ी। इसके चलते ही इस बार हनी सिंह शो के पहले ही टिकिट बिक्री के आधार पर दस फीसदी मनोरंजन कर जमा कराने का नोटिस आयोजक टीवी टुडे नेटवर्क लिमिटेड को दिया गया। इसके चलते उसने 7 लाख 85 हजार रुपए का टैक्स जमा किया। इसे निगम ने अपर्याप्त बताया और आयोजकों को पत्र लिखकर 50 लाख रुपए का टैक्स जमा कराने के निर्देश दिए। recent visitors 65

154 साल की महिला ने ऐसे ली 10 साल के बच्चे की जान

इंडियाना अमेरिका से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां 150 किलो से ज्यादा वजनी महिला के ऊपर बैठने के कारण 10 साल के बेटे की मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है। खबर है कि महिला फॉस्टर यानी बच्चे की पालक मां थी। वहीं, महिला ने भी बच्चे के ऊपर बैठने की बात स्वीकार की है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 10 साल के बच्चे की पहचान डकोटा लिवाई स्टीवन्स के तौर पर हुई है। वह इंडियाना का रहने वाला था। वहीं, महिला की पहचान 48 साल की जेनिफर ली विल्सन बताई जा रही है, जिसका वजन करीब 154 किलो है। वह कथित तौर पर बच्चे पर यह सोचकर बैठ गई थीं कि वह परेशानी में होने का नाटक कर रहा है। विल्सन को 6 साल की जेल हुई है। घटना 25 अप्रैल 2023 की है। तब पुलिस को विल्सन के घर पर स्टीवन मिला था। तब वह बेहोश था। जांच में अधिकारियों को उसकी गर्दन और सीने पर चोट के निशान मिले। लड़के ने बाद में अस्पताल में दम तोड़ दिया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, विल्सन ने जांच अधिकारियों को बताया है कि लड़का घर से भाग कर पड़ोसी के पास पहुंच गया था। उसका दावा है कि जब लड़के को वापस लाया गया, तब भी वह बुरा बर्ताव कर रहा था और घर छोड़ने की कोशिश कर रहा था। महिला ने स्वीकार किया है कि वह लड़के पर करीब 5 मिनट तक बैठी रहीं। उस दौरान उन्हें लगा कि लड़का नाटक कर रहा है, लेकिन जब उसने जवाब नहीं दिया तो महिला ने सीपीआर की कोशिश की और पुलिस को खबर की। महिला ने कोर्ट को बताया है कि वह सिर्फ लड़के को घर छोड़ने से जाने से रोकना चाहती थीं। ऑटोप्सी रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि स्टीवन की मौत मैकेनिकल एस्फिक्सिया से हुई है और मौत के तरीके को हत्या माना गया है। उसे फेफड़ों और लिवर पर गंभीर चोटें आई थीं। recent visitors 80

दुनिया के 20 सबसे प्रदूषित शहरों में से 13 भारत में, दिल्ली अब भी मोस्ट पॉलुटेड कैपिटल, देखें लिस्ट

नई दिल्ली दुनिया के सबसे अधिक प्रदूषित शहर भारत में ही हैं. चाहे दुनिया का मोस्ट पॉलुटेड सिटी हो या कैपिटल, दोनों यही हैं. जी हां, दुनिया के 20 सबसे प्रदूषित शहरों में से 13 भारत में हैं. मेघालय का बर्नीहाट इस लिस्ट में सबसे ऊपर है. दुनिया की सबसे अधिक प्रदूषित राजधानी का शर्मनाक खिताब अब भी दिल्ली के पास ही है. मंगलवार को प्रकाशित एक नई रिपोर्ट में ये चौंकाने वाला खुलासा हुआ. स्विस एयर क्वालिटी टेक्नोलॉजी कंपनी IQAir की ‘वर्ल्ड एयर क्वालिटी रिपोर्ट 2024’ के मुताबिक, दिल्ली दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी बनी हुई है. वहीं, 2024 में भारत दुनिया का पांचवां सबसे प्रदूषित देश रहा. 2023 में भारत इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर था. रिपोर्ट में क्या है रिपोर्ट में कहा गया है कि 2024 में भारत में PM2.5 की मात्रा में 7 प्रतिशत की गिरावट देखी गई. 2024 में यह औसतन 50.6 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रही, जबकि 2023 में यह 54.4 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर थी. फिर भी, दुनिया के 10 सबसे प्रदूषित शहरों में से छह भारत में हैं. दिल्ली में लगातार प्रदूषण का स्तर ऊंचा दर्ज किया गया. यहां सालाना औसत PM2.5 की मात्रा 91.6 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रही. जो कि 2023 के 92.7 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर के आंकड़े के मुकाबले लगभग अपरिवर्तित है. दुनिया के 20 सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल 13 भारतीय शहर हैं- बर्नीहाट, दिल्ली, मुल्लांपुर (पंजाब), फरीदाबाद, लोनी, नई दिल्ली, गुरुग्राम, गंगानगर, ग्रेटर नोएडा, भिवाड़ी, मुजफ्फरनगर, हनुमानगढ़ और नोएडा. भारत में वायु प्रदूषण गंभीर खतरा कुल मिलाकर, 35 प्रतिशत भारतीय शहरों ने सालाना PM2.5 का स्तर WHO की 5 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर की सीमा से 10 गुना अधिक दर्ज किया. भारत में वायु प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर खतरा बना हुआ है, जिससे अनुमानित जीवन प्रत्याशा 5.2 वर्ष कम हो जाती है. पिछले साल प्रकाशित लैंसेट प्लैनेटरी हेल्थ स्टडी के अनुसार, 2009 से 2019 तक हर साल भारत में लगभग 15 लाख मौतें PM2.5 प्रदूषण के लंबे समय तक संपर्क में रहने से हुईं. क्या है पीएम 2.5 PM2.5 हवा में मौजूद 2.5 माइक्रोन से छोटे सूक्ष्म प्रदूषण कणों को कहते हैं. ये कण फेफड़ों और रक्तप्रवाह में प्रवेश कर सकते हैं, जिससे सांस लेने में तकलीफ, हृदय रोग और यहां तक कि कैंसर भी हो सकता है. इसके स्रोतों में वाहनों से निकलने वाला धुआं, औद्योगिक उत्सर्जन और लकड़ी या फसल अवशेषों का जलना शामिल है. सौम्या स्वामीनाथन ने क्या सुझाव दिए WHO की पूर्व मुख्य वैज्ञानिक और स्वास्थ्य मंत्रालय की सलाहकार सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि भारत ने वायु गुणवत्ता डेटा संग्रह में प्रगति की है. लेकिन यहां इसको लेकर पर्याप्त कार्रवाई का अभाव है. उन्होंने पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में कहा, ‘हमारे पास डेटा है, अब हमें एक्शन लेने की जरूरत है. कुछ उपाय आसान हैं जैसे बायोमास को एलपीजी से बदलना. भारत के पास इसके लिए पहले से ही एक योजना है, लेकिन हमें अतिरिक्त सिलेंडरों पर सब्सिडी देनी चाहिए. पहला सिलेंडर मुफ्त है, लेकिन सबसे गरीब परिवारों, खासकर महिलाओं को ज्यादा सब्सिडी मिलनी चाहिए. इससे उनके स्वास्थ्य में सुधार होगा और बाहरी वायु प्रदूषण कम होगा.’ आईसीएमआर की पूर्व चीफ का सुझाव उन्होंने कहा कि शहरों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट का विस्तार और कुछ खास कारों पर जुर्माना लगाने से मदद मिल सकती है. सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि इसके लिए प्रोत्साहन और जुर्माने का मिला-जुला तरीका जरूरी है. इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की पूर्व महानिदेशक ने कहा कि उत्सर्जन कानूनों का सख्ती से पालन कराना बेहद जरूरी है. उद्योगों और निर्माण स्थलों को नियमों का पालन करना चाहिए और शॉर्टकट अपनाने के बजाय उत्सर्जन में कटौती के लिए उपकरण लगाने चाहिए.   recent visitors 51