मध्यप्रदेश में दबे पांव ‘पश्चिमी विक्षोभ’ की एंट्री, 27 जिलों में बारिश-वज्रपात अलर्ट, बढ़ेगा तापमान

भोपाल मध्‍य प्रदेश में मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है। पिछले कुछ दिनों से दिन के तापमान में बढ़ोतरी हुई है। हालांकि रात में हल्‍की ठंड है। अब मार्च के पहले सप्ताह में मध्य प्रदेश के पश्चिम-उत्तरी हिस्से में हल्की बारिश होने के आसार है। मौसम विभाग का कहना है कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से ऐसा हो सकता है। इससे पहले 3 दिन तक दिन-रात का पारा 2 से 3 डिग्री बढ़ा रहेगा। जिससे गर्मी का अहसास होगा। 2 मार्च से असर दिखाएगा नया पश्चिमी विक्षोभ मौसम विभाग के अनुसार, 2 मार्च से नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमोत्तर भारत में असर दिखा सकता है। फिलहाल एक पश्चिमी विक्षोभ हिमालय क्षेत्र में सक्रिय है। एक चक्रवातीय सिस्टम पश्चिमी राजस्थान व आसपास सक्रिय है। इसके प्रभाव से मप्र के 27 जिलों में बारिश होने की संभावना है। भोपाल, इंदौर, मंदसौर, नीमच, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना और शिवपुरी जिलों में कहीं-कहीं बारिश और वज्रपात की संभावना है। इसके अलावा शेष जिलों का मौसम शुष्क बना रह सकता है। भिंड, मुरैना और श्योपुर जिले में भी बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 2 मार्च से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। जिसका असर प्रदेश में भी देखने को मिल सकता है। अभी साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर है। गुरुवार को दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। रात में भी पारा बढ़ सकता है। वहीं, 28 फरवरी को राजधानी भोपाल और इंदौर समेत कई शहर में दिन का पारा 2 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है। इधर, बुधवार को भोपाल में सुबह से बादल छाए रहे। वहीं, रीवा, सतना, पन्ना और मैहर जिलों में भी मौसम बदला रहा। बाकी शहरों में आसमान साफ रहा। जिससे दिन के पारे में बढ़ोतरी देखने को मिली। पिछले 5 दिन से प्रदेश में हल्की ठंड पड़ रही है। बुधवार रात पचमढ़ी में तापमान 6.8 डिग्री, शहडोल के कल्याणपुर में 8.7 डिग्री, शाजापुर के गिरवर में 9.6 डिग्री और मंडला में 10.2 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 12.6 डिग्री, इंदौर में 17.6 डिग्री, ग्वालियर में 15.5 डिग्री, उज्जैन में 13.8 डिग्री और जबलपुर में पारा 11.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। recent visitors 66

राजिम कुंभ छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक समरसता का महापर्व : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के प्रयागराज कहे जाने वाले राजिम में आयोजित कुंभ कल्प के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि राजिम  कुंभ कल्प आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प का आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक समरसता का महापर्व है। यहाँ माघ पूर्णिमा से लेकर महाशिवरात्रि तक हजारों श्रद्धालु संगम में पुण्य स्नान करते हैं और संत महात्माओं का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा कि राजिम कुंभ कल्प को भव्यता प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार ने हर संभव प्रयास किए हैं। इस आयोजन से राज्य की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को नई पहचान मिल रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  हमारी सरकार ने राजिम कुंभ कल्प की भव्यता को पुनः स्थापित किया है और इसे और भी भव्य स्वरूप देने के लिए संकल्पबद्ध है। मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2005 में राजिम कुंभ कल्प की शुरुआत हुई थी, जिसे छत्तीसगढ़ की जनता का आशीर्वाद और संतों का सान्निध्य निरंतर मिलता रहा है। उन्होंने उल्लेख किया कि पिछले कुछ वर्षों में इस आयोजन में कुछ बाधाएँ आई थीं, लेकिन छत्तीसगढ़ की जनता ने 2023 में पुनः आशीर्वाद देकर सरकार को सशक्त बनाया, जिससे यह महाकुंभ अपने परंपरागत स्वरूप में लौटा। उन्होंने कहा कि अब 54 एकड़ भूमि में इस मेले का आयोजन किया जा रहा है, जिससे इसकी भव्यता और व्यवस्थाओं में विस्तार हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार इस आयोजन को और अधिक सुसंगठित और भव्य बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। श्रीरामलला दर्शन योजना – श्रद्धालुओं के लिए ऐतिहासिक पहल मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भगवान श्रीराम के ननिहाल में बसे रामभक्तों की श्रद्धा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ‘अयोध्या धाम श्रीरामलला दर्शन योजना’ शुरू की है। इस योजना के अंतर्गत अब तक 20,000 से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम और काशी विश्वनाथ के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि पाँच सौ वर्षों के संघर्ष के बाद अयोध्या में श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई। यह हम सबके लिए गौरव का क्षण है। छत्तीसगढ़ की कृषि समृद्धि – किसानों को सशक्त बना रही सरकार मुख्यमंत्री साय ने कहा  कि छत्तीसगढ़ में कृषि क्षेत्र में निरंतर प्रगति हो रही है। पिछले वर्ष 145 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की गई थी, जबकि इस वर्ष 149 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदा गया है। सरकार ने 3100 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदने का वादा किया था, जिसे पूरा किया गया है। किसानों को उनकी फसल का अंतर भुगतान एक सप्ताह के भीतर सीधे खातों में जमा कराया गया है। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि हाल ही में प्रयागराज महाकुंभ में 144 वर्षों बाद 70 करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान किया, जो भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक शक्ति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ भी अपने आध्यात्मिक आयोजन को इसी स्तर पर पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयास करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा  कि उत्तर प्रदेश सरकार से समन्वय कर छत्तीसगढ़ को प्रयागराज में साढ़े चार एकड़ भूमि प्राप्त हुई, जहाँ छत्तीसगढ़ पवेलियन का निर्माण किया गया। इस पहल के तहत 25,000 से अधिक श्रद्धालुओं को वहाँ भोजन, आवास और आध्यात्मिक सेवाएँ निशुल्क प्रदान की गईं। उन्होंने कहा कि यह प्रयास छत्तीसगढ़ की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। संस्कृति और लोककला को बढ़ावा देने के लिए प्रयास मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प में राष्ट्रीय और आंचलिक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने इस आयोजन को और भी भव्य बनाया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प मेला-स्थल को और अधिक सुविधाजनक और व्यवस्थित बनाया जा रहा है। सरकार आने वाले वर्षों में मेला क्षेत्र के विस्तार और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान देगी। उन्होंने कहा कि राजिम कुंभ कल्प हमारी आस्था, संस्कृति और सामाजिक समरसता का पर्व है। यह आयोजन हमें अपनी जड़ों से जोड़ता है और हमारी सनातन संस्कृति को जीवंत बनाए रखता है। इस अवसर पर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने अपने उद्बोधन में कहा कि राजिम कुंभ हमारी सांस्कृतिक धरोहर है, जिसका संरक्षण और विकास आवश्यक है। वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि हम सभी को इस पावन अवसर पर संकल्प करना चाहिए कि जलस्रोतों और पावन नदियों के प्रति श्रद्धाभाव रखते हुए जलस्रोतों को प्रदूषण से बचाएं। इस अवसर पर कुरूद विधायक अजय चंद्राकर, राजिम विधायक रोहित साहू, बसना विधायक संपत अग्रवाल, अभनपुर विधायक इंद्र कुमार साहू, पूर्व सांसद चंदूलाल साहू, रामप्रताप सिंह, धर्मस्व विभाग के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, रायपुर आयुक्त महादेव कावरे, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के एमडी विवेक आचार्य, गरियाबंद कलेक्टर दीपक कुमार अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में साधु संत गण एवं श्रद्धालुजन उपस्थित थे। recent visitors 66

अनियंत्रित होकर खाई में गिरा वाहन, 3 की मौत 27 घायल, पिकअप में सवार होकर सगाई में जा रहा था परिवार

Jabalpur Accident जबलपुर (जितेन्द्र श्रीवास्तव) ! मध्य प्रदेश के जबलपुर में आज गुरुवार को दर्दनाक हादसा हो गया. सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि घटना में दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए हैं. मृतकों में महिला समेत तीन बच्चे शामिल हैं. वहीं घायलों में बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं समेत 27 लोगों के घायल होने की खबर है. सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पूरी घटना, बरेला थाना क्षेत्र के महगवां इलाके की है. जहां एक पिकअप में सवार होकर सभी लोग सगाई करने मंडला जा रहे थे. इस दौरान वाहन अनियंत्रित होकर 4 फीट नीचे गड्ढे में गिर गया. जिसमें महिला समेत तीन लोगों की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि घटना में 27 लोग घायल हैं. हादसे में घायल सभी लोग एक ही परिवार के हैं. पूरा परिवार तिलवारा थाना क्षेत्र के ऐंठाखेड़ा का रहने वाला है. घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंच गई. सभी घायलों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज जबलपुर में भर्ती कराया गया है. जबकि मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पुलिस अग्रिम विधिक कार्रवाई कर रही है. घायलों के परिजन राजकुमार नरेती ने बताया कि ऐंठाखेड़ा से सभी लोग बरेला के चुरईखानी गांव सगाई में जा रहे थे. इसी दौरान गाड़ी की स्टेयरिंग फेल हो गई. वाहन में बच्चे समेत 30 लोग सवार थे. तीन की मौत हो गई है. जिसमें मेरसिंह कुलस्ते, हिरोंदाबाई, धूमकेती रामेश्वर मुरारी की मौत हो गई. recent visitors 187

इन्वेस्टर्स मीट में हुए बड़े-बड़े दावे, कुछ नतीजा भी निकले, छिंदवाड़ा में बोले कमलनाथ

KAMALNATH COMMENTS ON GIS 2025 छिन्दवाड़ा ! मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट कराकर पैसों की बारिश कराने का दावा किया है. सरकार ने कहा है कि इससे मध्य प्रदेश की तकदीर और तस्वीर दोनों बदल जाएगी. हालांकि, KAMALNATH COMMENTS ON GIS 2025 ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट पर तंज कसा है. छिंदवाड़ा में सवाल उठाते हुए कमलनाथ ने कहा कि यह घोषणाएं धरातल पर उतरें, तो ही कुछ फायदा होगा. निवेश केवल विश्वास से आता है : कमलनाथ चार दिवसीय दौरे पर गुरुवार को छिंदवाड़ा पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इन्वेस्टर समिट पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा, ” इन्वेस्टर समिट होती है और बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं लेकिन नतीजा कुछ भी नहीं निकलता. यह सब कुछ विश्वास से होता है. विश्वास होगा तो इन्वेस्ट होगा. विश्वास ही नहीं होगा, तो इन्वेस्ट भी नहीं होगा.” उन्होंने हवाई पट्टी पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा आगे कहा, ” इन्वेस्टर मीट हो रही है लेकिन इसका कोई नतीजा निकलेगा, ऐसी कोई गारंटी नहीं है. इन्वेस्टर मीट में उद्योगपति सरकार पर विश्वास होने के बाद इन्वेस्ट करते हैं. लेकिन इन्वेस्ट करने के लिए पहले विश्वास का होना जरूरी है विश्वास ही नहीं है तो इन्वेस्टर मीट का नतीजा पॉजिटिव कैसे निकलेगा? गृह मंत्री ने कहा था जमीनी स्तर पर अमल हो गौरतलब है कि इन्वेस्टर समिट का उद्घाटन खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था, जिसमें देश और विदेश के बड़े-बड़े उद्योगपतियों ने हिस्सा लिया था. वहीं दूसरे दिन समापन केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने किया था और उन्होंने कहा था कि मध्य प्रदेश में बेहतर संभावनाएं हैं और उद्योगपतियों ने इच्छा भी जताई है कि जल्द से जल्द जो एमओयू साइन हुए हैं उन्हें धरातल पर अमल में लाना चाहिए. Reas More : https://mysecretnews.com/president-draupadi-murmu-reached-bageshwar-dham/ recent visitors 147

10वीं बोर्ड की परीक्षा आज से शुरू, 9.53 लाख छात्र होंगे शामिल, नकल रोकने के लिए कड़े इंतजाम, भोपाल में बने हैं 103 एग्जाम सेंटर

भोपाल मध्य प्रदेश में एमपी बोर्ड कक्षा 10वीं की परीक्षा शुरू हो रही है. परीक्षा की शुरुआत हिंदी विषय के पेपर से होगी. परीक्षा तय गाइडलाइन के अनुसार आयोजित की जा रही है. परीक्षा का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित किया गया है. पूरे प्रदेश में 9 लाख 53 हजार छात्र शामिल होंगे. वहीं नकल रोकने के लिए इस बार सख्त नियम भी बनाए गए हैं. वहीं परीक्षा को लेकर एमपी बोर्ड की ओर से जरूरी दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं. एक ही शिफ्ट में होगी एमपी बोर्ड परीक्षा परीक्षाएं एक ही शिफ्ट में आयोजित की जाएंगी. एग्जाम सुबह 09 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक आयोजित होगा. बता दें कि छात्रों को परीक्षा पुस्तिकाएं सुबह 8:50 बजे दी जाएंगी, जबकि प्रश्नपत्र 8:55 बजे दिए जाएंगे. वहीं स्टूडेंट्स से दोपहर 12 बजे हल किए हुए अंसर सीट ले लिए जाएंगे. 10वीं बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए जरूरी गाइडलाइंस छात्रों के लिए परीक्षा केंद्र पर समय पर पहुंचना महत्वपूर्ण है. स्टूडेंट्स परीक्षा शुरू होने से कम से कम 30 मिनट पहले परीक्षा केंद्र पर जरूर पहुंच जाएं. इसके बाद छात्र परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं कर पाएंगे, क्योंकि केंद्र के गेट सुबह 8:45 बजे बंद कर दिए जाएंगे. परीक्षा सेंटर पर जरूर ले जाएं एडमिट कार्ड बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं के लिए एडमिट कार्ड बेहद जरूरी है. बिना प्रवेश पत्र के किसी भी छात्र को परीक्षा सेंटर में प्रवेश नहीं मिलेगा. इसलिए सभी छात्रों को परीक्षा के दिन एडमिट कार्ड साथ लेकर जाना चाहिए. इसके साथ ही छात्रों को स्कूल आईडी कार्ड भी साथ अपने साथ रखना अनिवार्य होगा. इलेक्ट्रॉनिक गैजेट पर रोक छात्र-छात्राएं मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, कैलकुलेटर, ब्लूटूथ डिवाइस या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट को अपने परीक्षा हॉल में न जाएं. दरअसल, एमपी बोर्ड की ओर से इनकी अनुमति नहीं है. बता दें कि बोर्ड परीक्षा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर सख्त प्रतिबंध रहेगा. नकल रोकने के लिए बनाए गए सख्त नियम इस बार नकल रोकने के लिए सख्त नियम भी बनाए गए हैं. इस बार परीक्षा केंद्रों पर ‘ईमानदारी की पेटी' नामक अनोखी पहल की गई है. मंडल द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक, प्रत्येक परीक्षा केंद्र के बाहर लोहे की एक पेटी रखी जाएगी, जिसमें छात्र अपनी स्वेच्छा से किसी भी प्रकार की नकल सामग्री, जैसे गाइड, चिट आदि डाल सकेंगे. 9.53 लाख विद्यार्थी परीक्षा में होंगे शामिल कक्षा 10वीं में लगभग 9.53 लाख विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होंगे. इसके लिए कुल 3,887 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं.  यह परीक्षा छात्रों के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. 16 लाख से अधिक विद्यार्थी दे रहे परीक्षा इस साल हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में 9 लाख 53 हजार 777 छात्र एवं हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) परीक्षा में 7 लाख 6 हजार 475 छात्र शामिल हो रहे हैं। कुल परीक्षार्थियों की संख्या 16 लाख 60 हजार 252 है। बोर्ड परीक्षा के लिए प्रदेशभर में 3,887 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। ईमानदारी की पेटी रखी जाएगी परीक्षा केंद्रों पर इस बार परीक्षा केंद्रों पर 'ईमानदारी की पेटी' नामक अनोखी पहल की गई है। मंडल द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक परीक्षा केंद्र के बाहर लोहे की एक पेटी रखी जाएगी, जिसमें छात्र अपनी स्वेच्छा से किसी भी प्रकार की नकल सामग्री, जैसे गाइड, चिट आदि डाल सकेंगे। इस पेटी पर स्पष्ट रूप से लिखा होगा कि "यह पेटी स्वेच्छा से नकल सामग्री परीक्षा कक्ष में प्रवेश से पहले जमा करने के उद्देश्य से रखी गई है।" यदि कोई छात्र परीक्षा कक्ष में नकल सामग्री के साथ पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ परीक्षा अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। recent visitors 65

आईटी क्षेत्र में 64 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव हुए प्राप्त: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) भोपाल में कहा है कि देश के विकास में 3टी- टैक्सटाइल, टूरिज्म, टेक्नोलॉजी की विशेष भूमिका रहेगी। मध्यप्रदेश अब पारंपरिक औद्योगिक राज्य नहीं, बल्कि भारत में टैक्नोलॉजी और इनोवेशन का हब बनने की ओर अग्रसर है। जीआईएस में पहली बार आईटी एवं टैक्नोलॉजी समिट का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह आयोजन राज्य के डिजिटल भविष्य के लिये मील का पत्थर साबित होगा। इस समिट में राज्य को टेक्नोलॉजी के नये केन्द्र के रूप में स्थापित किया। समिट में दुनिया के टेक लीडर्स, उद्योग विशेषज्ञों, निवेशको, इनोवेटर्स और स्टार्ट-अप्स आदि ने भाग लिया। राज्य को आईटी क्षेत्र में 64 हजार करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुये। इससे प्रदेश में 1.8 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इन रोजगारों में युवाओं की भागीदारी सर्वाधिक रहेगी। टेक कंपनियों जैसे डिजिटल कन्वर्जेंस टेक्नोलॉजीज, थोलोन्स, एलसीना, श्रीटेक, केन्स टेक्नोलॉजी और बियॉन्ड स्टूडियोज आदि ने राज्य में निवेश किया है। ग्लोबल टेक कंपनियों ने भी मध्यप्रदेश में निवेश की रूचि दिखाई, जिनमें आईबीएम, माइक्रोसॉफ्ट, बारक्लेज जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल हैं। राज्य के तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने के लिये इन कंपनियों से एमओयू भी किये गये। इससे टेक्नोलॉजी, स्किल डेवलपमेंट और इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा। जीआईएस भोपाल को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिये पहली बार 6 विभागीय समिट का आयोजन किया गया। आईटी एवं टेक्नोलॉजी समिट में उद्यमियों एवं स्टार्ट-अप के लिये 4 विशेष सत्र आयोजित किये गये। इस समिट में सूचना एवं प्रोद्योगिकी विभाग के साथ उद्योगों के विशेषज्ञों ने सीधे संवाद किया, राज्य की नीतियों पर चर्चा की और निवेश के नये अवसरों की रूपरेखा तय की। समिट में इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिलाइन एंड मैन्यूफैक्चरिंग, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स, इनिमेशन विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी, सेमीकंडक्टर और ड्रोन टेक्नोलॉजी जैसे उभरते विषयों पर राज्य की सम्भावित रणनीतियों पर चर्चा की गई। राज्य सरकार ने सेमीकंडक्टर मैनुफैक्चरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बढ़ावा देने और ड्रोन टेक्नोलॉजी को प्रोत्साहित करने के लिये विशेष कदम उठाये हैं। जीआईएस- भोपाल में विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी विभाग की नवीन पॉलिसी को भी लॉन्च किया। प्रदेश को आईटी क्षेत्र निवेश अनुकूल बनाने के लिये मध्यप्रदेश एनीमेशन, वीआर, गेमिंग कामिक्स और विस्तारित रियलिटि नीति- 2025, जीसीसी नीति- 2025, सेमी कंडक्टर नीति- 2025 और ड्रोन संवर्धन एवं उपयोग नीति- 2025 को लॉन्च किया गया। इन नीतियों में आईटी एवं टेक्नोलॉजी के क्षेत्र निवेश आकर्षित करने के लिये वित्तीय एवं गैर वित्तीय प्रावधान किये गये हैं। भविष्य की संभावनाओं का ध्यान रखते हुये इन नीतियों को व्यापक और दूरदर्शी बनाया गया। आईटी उद्योगों के विशेषज्ञों द्वारा राज्य की नीतियों की सराहना विभागीय समिट के दौरान की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आईटी और टेक्नोलॉजी सेक्टर में युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए नए स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम शुरू करने की घोषणा की। इनमें एआई, डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी, ब्लॉक चेन और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसी अत्याधिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जायेगा। जीआईएस- भोपाल ने निवेश आकर्षित करने साथ ही विचार मंथन, नीति निर्माण और भविष्य की दिशा तय करने का अवसर प्रदान किया। विकसित भारत के साथ विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प को साकार करने के लिये आईटी क्षेत्र मध्यप्रदेश को निवेश, नवाचार और अवसरों की नई ऊंचाईयों तक ले जायेगा।   recent visitors 61

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा बुंदेलखंड की धरती शौर्य और साहस के साथ कला और संस्कृति का ऐसा संगम है

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि बुंदेलखंड की धरती शौर्य और साहस के साथ कला और संस्कृति का ऐसा संगम है, जहाँ शस्त्र और शास्त्र के समन्वय की पराकाष्ठा देखने को मिलती है। अद्वितीय वास्तुकला, सांस्कृतिक धरोहर और ऐतिहासिक विरासत की नगरी खजुराहो, भारतीय संस्कृति और कला का अद्वितीय गौरव है। उन्होंने कहा कि खजुराहो नृत्य समारोह ने भारतीय कला और संस्कृति की विविधता में एकता को देश-विदेशों में मजबूत किया है। भारतीय शास्त्रीय नृत्य की विविधता और समृद्धता को प्रदर्शित करने और विस्तारित करने में समारोह का उल्लेखनीय योगदान है। राज्यपाल पटेल खजुराहो में 51वें खजुराहो नृत्य समारोह के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल पटेल ने कहा है कि मध्यप्रदेश संस्कृति विभाग के आयोजन में 139 नृत्य कलाकारों ने 24 घंटे, 9 मिनट, 26 सेकंड तक लगातार नृत्य कर, जो गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड बना है। इससे हमारी संस्कृति का गौरव बढ़ा है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिये आयोजकों को बधाई दी है। समारोह मे सुप्रसिद्ध अभिनेत्री और नृत्यांगना सुमीनाक्षी शेषाद्रि की ओडिसी नृत्य की प्रस्तुति हुई। अपनी प्रस्तुति में उन्होंने नृत्य के अधिपति भगवान शिव की स्तुति की। अगली प्रस्तुति पद्मभूषण राधा—राजा रेड्डी के कुचिपुड़ी नृत्य की हुई। इसके बाद ‘जतीस्वरम’ की राग मांडारी और ताल आदि में निबद्ध प्रस्तुति हुई। यह प्रस्तुति बिना किसी गीत और शब्द के विशुद्ध नृत्य का एक उत्कृष्ट उदाहरण मानी गई। कलावार्ता : कलाविदों एवं कलाकारों के मध्य संवाद कलावार्ता में मंदिर स्थापत्य और नृत्य कला का दार्शनिक और आध्यात्मिक परिप्रेक्ष्य में कलाविदों एवं कलाकारों के मध्य संवाद हुआ। कलावार्ता का प्रवर्तन दिल्ली से आये कलाविद आनंदवर्धन ने किया। बाल नृत्य महोत्सव में युवा कलाकारों को भी मिला मंच     युवा कलाकारों को भारतीय संस्कृति से जोड़ने के लिये पहली बार आयोजित खजुराहो नृत्य महोत्सव के अंतिम दिन मंच प्रदान किया गया। इसमें युवा कलाकारों ने कथक और भरतनाट्यम नृत्य प्रस्तुतियां दीं।   recent visitors 60