Delhi: ‘दिल्ली के जाटों को OBC सूची में करें शामिल’, जाट समाज को लेकर अरविंद केजरीवाल ने PM मोदी को लिखा पत्र

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के जाट समुदाय को केंद्र की ओबीसी सूची में शामिल करने के लिए पीएम मोदी को पत्र लिखा। केजरीवाल ने लिखा कि केंद्र सरकार पिछले 10 सालों से लगातार जाट समाज के साथ धोखा कर रही है। केंद्र सरकार की वादाखिलाफी की वजह से दिल्ली के ओबीसी समाज के हजारों युवाओं के साथ अन्याय हो रहा है। केजरीवाल ने पत्र में लिखा, ‘एक महत्वपूर्ण विषय पर 10 साल पहले आपका किया वादा आपको याद दिलाने के लिए यह पत्र लिख रहा हूं। दिल्ली के जाट समाज के कई प्रतिनिधियों से पिछले कुछ दिनों में मुलाकात हुई। इन सभी ने केंद्र की ओबीसी लिस्ट में दिल्ली के जाट समाज की अनदेखी किये जाने पर चिंता जाहिर की। जाट समाज के प्रतिनिधियों ने मुझे बताया कि आपने 26 मार्च 2015 को दिल्ली के जाट समाज के प्रतिनिधियों को अपने घर बुलाकर ये वादा किया था कि जाट समाज, जो दिल्ली की ओबीसी लिस्ट में है, उसे केंद्र की ओबीसी लिस्ट में भी जोड़ा जाएगा ताकि उन्हें दिल्ली में मौजूद केंद्र सरकार के कॉलेजों और नौकरियों में आरक्षण का लाभ मिल सके।’ केजरीवाल ने आगे लिखा, ‘फिर 8 फरवरी 2017 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यूपी चुनाव से पहले चौधरी बीरेंद्र सिंह के घर पर दिल्ली और देश के जाट नेताओं की मीटिंग बुलाई और उनसे वादा किया कि स्टेट लिस्ट में जो ओबीसी जातियां हैं उनको केंद्र की लिस्ट में जोड़ा जाएगा। 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले दिल्ली में फिर भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा के आवास पर अमित शाह जाट नेताओं से मिले और उन्होंने फिर वादा किया कि दिल्ली के जाट समाज को केंद्र की ओबीसी लिस्ट में शामिल किया जाएगा लेकिन चुनाव के बाद इस पर कोई काम नहीं हुआ।’ केजरीवाल ने लिखा, ‘ओबीसी आरक्षण को लेकर केंद्र की नीतियों में कई विसंगतियां हैं जिनकी तरफ मैं आपका ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं। जैसे कि मुझे पता चला कि केंद्र की ओबीसी लिस्ट में होने की वजह से राजस्थान से आने वाले जाट समाज के युवाओं को दिल्ली यूनिवर्सिटी में ओबीसी आरक्षण का लाभ मिलता है, लेकिन दूसरी तरफ दिल्ली के ही जाट समाज को दिल्ली यूनिवर्सिटी में ओबीसी आरक्षण का लाभ नहीं मिल रहा है क्योंकि आपकी सरकार ने दिल्ली में जाट समाज को ओबीसी आरक्षण होने के बावजूद उन्हें केंद्रीय ओबीसी लिस्ट में शामिल नहीं किया है। ये तो दिल्ली के जाट समाज के साथ धोखा है। और भाजपा की केंद्र सरकार पिछले 10 सालों से लगातार ये धोखा कर रही है। सिर्फ जाट समाज ही नहीं रावत, रौनियार, राय तंवर, चारण व ओड, इन सभी जातियों को दिल्ली सरकार ने ओबीसी दर्जा दिया हुआ है, लेकिन केंद्र सरकार इन जातियों को दिल्ली में मौजूद अपने संस्थानों में ओबीसी आरक्षण का लाभ नहीं दे रही है।’ उन्होंने आगे लिखा, ‘दिल्ली में केंद्र सरकार की सात यूनिवर्सिटी हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी के दर्जनों कॉलेज हैं। दिल्ली पुलिस, एनडीएमसी, डीडीए, एम्स, सफदरजंग, राम मनोहर लोहिया जैसे केंद्र सरकार के कई संस्थानों में नौकरियां हैं जिनमें केंद्र सरकार के नियम लागू होते हैं। ऐसे में केंद्र सरकार की इस वादाखिलाफी की वजह से दिल्ली के ओबीसी समाज के हजारों युवाओं के साथ अन्याय हो रहा है। दिल्ली में जाट समाज व ओबीसी की 5 अन्य जातियों के साथ केंद्र सरकार का ये पक्षपातपूर्ण रवैया इन जातियों के युवाओं को शिक्षा और रोजगार के उचित अवसर हासिल नहीं होने दे रहा है। इसलिए केंद्र सरकार को तुरंत केंद्रीय ओबीसी सूची की विसंगतियों में सुधार कर दिल्ली में ओबीसी दर्जा प्राप्त सभी जातियों को केंद्र सरकार के संस्थानों में भी आरक्षण का लाभ देना चाहिये। recent visitors 280

MP में ठंड ने बरपाया कहर, भोपाल, राजगढ़ और पचमढ़ी समेत कई जिलों के तापमान में गिरावट दर्ज की गई

भोपाल मध्य प्रदेश में ठंड से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है. पारा लगातार गोते लगा रहा है. भोपाल, राजगढ़ और पचमढ़ी समेत कई जिलों के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. कोहरे की वजह से दिन में भी वाहन चालकों को लाइट का सहारा लेना पड़ रहा है. प्रदेश में सबसे ठंडा पंचमढ़ी रहा. पंचमढ़ी में तापमान जमाव बिंदु के करीब पहुंच गया. मौसम विभाग की तरफ से जारी अपडेट के मुताबिक पंचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 0.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. भोपाल में न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. राजगढ़ का न्यूनतम तापमान 1.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. बैतूल में 6.7 डिग्री सेल्सियस, धार में 5.8 डिग्री सेल्सियस, गुना में 5.4 डिग्री सेल्सियस, ग्वालियर में 6.6 डिग्री सेल्सियस, नर्मदापुरम में 9.4 डिग्री सेल्सियस, इंदौर में 6.6 डिग्री सेल्सियस, खंडवा में 10 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तपामान रिकॉर्ड किया गया है. मौसम विभाग के मुताबिक रायसेन में 5.1 डिग्री सेल्सियस, रतलाम में 5.8 डिग्री सेल्सियस, उज्जैन में 6 डिग्री सेल्सियस, छिंदवाड़ा में 5.6 डिग्री सेल्सियस, उमरिया में 5.5 डिग्री सेल्सियस, टीकमगढ़ में 6.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ है. इन जिलों के मौसम का जानें हाल मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि अभी लोगों को भीषण ठंड से निजात नहीं मिलने वाली है. तापमान में गिरावट का दौर जारी रहने वाला है. राजगढ़ में भी रिकॉर्ड तोड़ ठंड पड़ रही है. हालांकि कुछ जिलों का पारा दो डिजिट में रहा. सीधी में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा देखने को मिला है. रीवा और खजुराहो में मौसम साफ है. अधिकतम तापमान खंडवा में रिकॉर्ड किया गया. 28.5 डिग्री सेल्सियस तापमान से खंडवा में गर्मी का असर देखा जा रहा है. बैतूल में 23, भोपाल में 21, गुना में 21, इंदौर में 22, खरगोन में 26 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रहा. रायसेन में 23, रतलाम में 22.5, उज्जैन में 22, दमोह में 22, जबलपुर में 21, खजुराहो में 20, उमरिया में 21, टीकमगढ़ में 20, सीधी में 21, सतना में 19, रीवा में 18 और मंडला, नरसिंहपुर, सिवनी, सागर में 23 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड हुआ है. recent visitors 67

हॉट डॉग के नॉर्थ कोरिया के लोग दिवाने हो रहे हैं, इस बीच वहां के तानाशाह किम जोंग-उन ने हॉट डॉग को देश में बैन किया

नई दिल्ली इनदिनों अमेरिका के फेमस स्ट्रीट फूड हॉट डॉग के नॉर्थ कोरिया के लोग दिवाने हो रहे हैं. पिछले कुछ सालों से ये स्ट्रीट फूड वहां काफी लोकप्रिय हुआ है. इसी बीच वहां के तानाशाह ने किम जोंग-उन ने हॉट डॉग को देश में बैन कर दिया. इसके पीछे की जो वजह बताई, वो भी काफी मजेदार है. उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन ने देश में हॉट डॉग खाने और बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया है. इसे पश्चिमी संस्कृति के प्रभाव को खत्म करने के कदम के रूप में देखा जा रहा है. अब, अगर कोई व्यक्ति हॉट डॉग पकाते या बेचते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे देश के कुख्यात श्रम शिविरों में सजा भुगतनी पड़ सकती है. हॉट डॉग पर प्रतिबंध क्यों? कहा जा रहा है कि यह प्रतिबंध दक्षिण कोरिया से प्रेरित अमेरिकी व्यंजन 'बुदाए-जिगे' के बढ़ते चलन के कारण लगाया गया है. बुदाए जिगे को यहां 'आर्मी बेस स्टू' भी कहा जाता है. इसमें हॉट डॉग और स्पैम जैसे मांस शामिल होते हैं. ये एक तरह से हॉट डॉग ही है. 1950 में कोरियाई युद्ध के दौरान अमेरिकी सैनिकों द्वारा छोड़े गए मांस का उपयोग इसे बनाया जाता था. स्ट्रीट वेंडरों को चेतावनी उत्तर कोरिया में यह व्यंजन 2017 के आसपास लोकप्रिय होना शुरू हुआ. लेकिन अब इसे 'पूंजीवादी संस्कृति' का प्रतीक मानते हुए इसे पूरी तरह से बैन कर दिया गया है.उत्तर कोरिया के उत्तरी प्रांत रयांगगांग के एक विक्रेता ने बताया कि बाजार में बुदाए-जिगे बेचना बंद हो चुका है. अधिकारियों ने घोषणा की है कि अगर कोई इस फूड आयटक को बेचते हुए पकड़ा गया, तो उसकी दुकान को बंद कर दी जाएगी. यहां तलाक पर भी सख्ती इसके अलावा, उत्तर कोरिया में तलाक लेने वालों पर भी सख्त कार्रवाई हो रही है. रिपोर्ट्स के अनुसार, तलाक को सरकार 'विरोधी समाजवादी कृत्य' मानती है और किसी भी कानूनी तलाक को सरकार की स्वीकृति की आवश्यकता होती है.तलाक लेने वालों को एक से छह महीने तक श्रम शिविर में भेजा जा रहा है. महिला तलाकशुदाओं को पुरुषों की तुलना में अधिक कठोर सजा दी जा रही है. दक्षिण प्योंगन प्रांत की एक तलाकशुदा महिला ने बताया कि श्रम शिविर में लगभग 80 महिलाएं और 40 पुरुष कैद हैं. इनमें से करीब 30 पुरुष और महिलाएं तलाक के कारण सजा भुगत रहे हैं. महिलाओं को पुरुषों से अधिक लंबी सजा दी जा रही है. देश में लागू हैं कई कठोर नीतियां और प्रतिबंध उत्तर कोरिया में पश्चिमी और दक्षिण कोरियाई संस्कृति के प्रभाव को रोकने के लिए कई कठोर कदम उठाए गए हैं. इन कदमों में पारंपरिक व्यंजनों और रीति-रिवाजों को बढ़ावा देने और बाहरी प्रभावों पर पूर्ण प्रतिबंध शामिल है. विशेषज्ञ मानते हैं कि इन प्रतिबंधों का मकसद जनता पर नियंत्रण बनाए रखना और विदेशी संस्कृति के प्रवेश को रोकना है. यह उत्तर कोरियाई सरकार की कठोर नीतियों का एक और उदाहरण है. recent visitors 165

15 मार्च 2025 को ‘विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस’ का आयोजन किया जायेगा, संभाग स्तरीय पुरस्कार

भोपाल उपभोक्ताओं को उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में जागरूक करने की मशा से प्रतिवर्ष 15 मार्च 2025 को 'विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस' का आयोजन किया जाता है। इस अवसर पर उल्लेखनीय कार्य करने वाले स्वैच्छिक उपभोक्ता संगठनों, व्यक्तियों एवं छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिये पुरस्कार योजनान्तर्गत उत्कृष्ट प्रविष्टियां का चयन किया जाकर राज्य एवं संभाग स्तरीय पुरस्कार प्रदान किया जायेगा। राज्य स्तरीय पुरस्कार उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली संस्था/व्यक्तियों को राज्य स्तरीय पुरस्कार दिया जायेगा। प्रथम पुरस्कार मय प्रशस्ति-पत्र एक लाख 11 हजार रुपये, ‌द्वितीय पुरस्कार मय प्रशस्ति-पत्र 51 हजार रुपये और तृतीय पुरस्कार मय प्रशस्ति-पत्र 25 हजार रूपये का दिया जायेगा। संभाग स्तरीय पुरस्कार उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले संगठन/व्यक्ति को संभाग स्तरीय पुरस्कार दिया जायेगा। प्रथम पुरस्कार मय प्रशस्ति-पत्र 21 हजार रुपये, ‌द्वितीय पुरस्कार मय प्रशस्ति-पत्र 11 हजार रूपये और तृतीय पुरस्कार मय प्रशस्ति-पत्र 5 हजार रूपये का दिया जायेगा। पुरस्कार हेतु आवेदन की प्रक्रिया एवं शर्त राज्य स्तरीय एवं संभाग स्तरीय पुरस्कार के लिये ऐसे स्वैच्छिक उपभोक्ता संगठन व्यक्ति का चयन किया जायेगा जो विशेष रूप से उपभोक्ता हित संरक्षण एवं संवर्धन में संलग्न हो। आवेदक संगठन व्यक्ति द्वारा एक प्रति में आवेदन के मुख्य पृष्ठ पर 'राज्य स्तरीय पुरस्कार संभाग स्तरीय वर्ष 2024-25 हेतु' सुस्पष्ट रूप से लिखकर जिला कलेक्टर, जिला आपूर्ति नियन्त्रक अधिकारी को 23 जनवरी 2025 तक प्रस्तुत करना होगा। विलम्ब से प्रस्तुत आवेदन स्वीकार नहीं किये जायेंगे। संगठन व्यक्ति द्वारा उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में कैलेण्डर वर्ष 2024 (1) जनवरी 2024 से 31 दिसबर 2024 के दौरान प्रत्येक माह में की गई गतिविधियों की सप्रमाण विस्तृत विवरण रिपोर्ट संलग्न करना होगा।   recent visitors 142

भुसावल-कटनी-चोपन ट्रेन की प्रस्तावित समय-सारिणी और ठहराव को अंतिम रूप दिया जा चुका है, अब चोपन तक चलेगी

जबलपुर जबलपुर से सिंगरौली और चोपन तक की यात्रा करने वालों के लिए अच्छी खबर है। रेलवे ने भुसावल-कटनी एक्सप्रेस को चोपन तक चलाने की तैयारी लगभग पूर्ण कर ली है। भुसावल-कटनी-चोपन ट्रेन की प्रस्तावित समय-सारिणी और ठहराव को अंतिम रूप दिया जा चुका है। प्रस्ताव को स्वीकृति के लिए रेल बोर्ड के पास भेजा गया है। यदि सब कुछ ठीक रहा तो फरवरी से ट्रेन का संचालन आरंभ हो जाएगा। अभी जबलपुर से सिंगरौली के लिए दो सीधी ट्रेन चलती हैं। जबलपुर से सुबह के समय सिंगरौली जाने और वापसी में सिंगरौली से शाम को जबलपुर के लिए सीधी ट्रेन नहीं है। यह कमी नई ट्रेन से पूरी हो जाएगी। स्पेशल ट्रेन के रूप में लिया ट्रायल भुसावल-कटनी एक्सप्रेस को चोपन तक चलाने का ट्रायल किया जा चुका है। रेलवे ने गत वर्ष दीपावली और छठ पूजा के समय पर ट्रेन को कटनी से चोपन के मध्य स्पेशल ट्रेन के रूप में चलाया था। उस समय ट्रेन को भुसवाल-कटनी और कटनी-चौपन के मध्य दो अलग-अलग ट्रेन के रूप में संचालित किया गया। कटनी-चौपन रेलखंड में स्पेशल ट्रेन बनकर चलने के कारण यात्री किराया अपेक्षाकृत अधिक था। यात्री नहीं मिलने पर ट्रेन का संचालन बंद कर दिया गया था। भुसावल से कटनी पहुंचने के बाद इस ट्रेन का रैक लगभग 16 घंटे कटनी में खड़ा रहता है। इतने समय में ट्रेन कटनी-चोपन-कटनी का फेरा पूरा कर सकती है। इसलिए ट्रेन को अब उसी रैक से भुसावल से चोपन तक सीधे एक्सप्रेस के रूप में चलाने की योजना बनाई गई है। विस्तारित ट्रेन का ठहराव कटनी जंक्शन के स्थान पर कटनी साउथ होगा। ट्रेन के ठहराव का पुननिर्धारण करते हुए गति में वृद्धि का प्रस्ताव बनाया है। स्पेशल के स्थान पर नियमित ट्रेन दौड़ाने का विचार है, ताकि यात्री सामान्य किराए पर यात्रा कर सकें।   तीन राज्यों के यात्रियों को मिलेगा लाभ भुसावल-चोपन एक्सप्रेस के संचालन से तीन राज्यों (मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र) के यात्रियों को लाभ होगा। रेलमार्ग पर ट्रेन का अपेक्षाकृत छोटे स्टेशनों पर ठहराव रहेगा, जहां पर अन्य एक्सप्रेस ट्रेनें नहीं रुकती हैं। चोपन, कटनी, जबलपुर, इटारसी, खंडवा एवं भुसावल जैसे प्रमुख जंक्शन तक यात्रियों के लिए पहुंचना सरल होगा। भुसावल से चोपन के मध्य अभी नियमित सीधी ट्रेन सेवा नहीं है। भुसावल-चोपन एक्सप्रेस ट्रेन के चलने से यात्रियों को पहली नियमित ट्रेन उपलब्ध होगी। हाल ही में धनबाद-नासिक के मध्य एक स्पेशल ट्रेन आरंभ की गई है। ये ट्रेन भुसावल एवं चोपन को जोड़ती है, लेकिन सप्ताह में दो दिन चलती है। भुसावल-चोपन एक्सप्रेस एक नजर में प्रस्थान से गंतव्य तक यह ट्रेन लगभग 967 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। भुसवाल से सुबह 11:15 पर प्रस्थान कर दोपहर में 12 बजे चोपन पहुंचेगी। चोपन से शाम को चार बजे प्रस्थान कर शाम 5 बजे भुसावल पहुंचेगी। 15 कोच वाले रैक से ट्रेन का संचालन होगा। समस्त श्रेणी के कोच होंगे। लगभग 65 स्टेशनों में रुकेगी। अभी भुसावल-कटनी के बीच ही 59 ठहराव है। दोनों नगर के मध्य नियमित रूप से संचालित होने वाली पहली ट्रेन होगी।   recent visitors 166

बड़ामलहरा कांग्रेस विधायक सुश्री रामसिया भारती की पद यात्रा: “आपकी बेटी आपके द्वारा”

Pad Yatra of Badamalhara MLA Ms. Ramsiya Bharti: “Your daughter by you” भ्रमण की तिथि: गुरुवार, 9 जनवरी 2025   समय: सुबह 11:00 बजे   छतरपुर। बड़ामलहरा क्षेत्र की विधायक, सुश्री रामसिया भारती, अपने “आपकी बेटी आपके द्वारा” अभियान के अंतर्गत गुरुवार को विभिन्न गांवों का दौरा करेंगी। इस पद यात्रा का उद्देश्य जन-जन से जुड़कर उनकी समस्याओं को समझना और समाधान के लिए समर्पित प्रयास करना है।   इस अभियान के तहत सुश्री भारती प्रत्येक गांव में जाकर वहां के निवासियों से संवाद करेंगी। वे स्थानीय मुद्दों, ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, और महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान देंगी।   मेरी विधानसभा, मेरा परिवार  की भावना के साथ सुश्री भारती इस यात्रा को एक प्रेरणादायक पहल मानती हैं। उनका मानना है कि इस प्रकार के संवाद से जनता और नेतृत्व के बीच विश्वास और सहयोग को बढ़ावा मिलता है।   इस पद यात्रा के दौरान विधायक ग्रामीणों की शिकायतें सुनेंगी और उनके समाधान हेतु तत्कालीन प्रयास करेंगी। साथ ही, सरकार की योजनाओं और लाभों की जानकारी को भी साझा करेंगी।   आपकी भागीदारी क्षेत्रीय निवासियों से अपील की जाती है कि वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और अपनी समस्याएं व सुझाव विधायक के समक्ष प्रस्तुत करें। यह यात्रा स्थानीय विकास और सामुदायिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।   “आपकी बेटी आपके द्वारा” अभियान सुश्री रामसिया भारती की क्षेत्र के प्रति प्रतिबद्धता और सेवा का प्रतीक है। आइए, इस पहल का हिस्सा बनें और अपनी विधानसभा को एक बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर करें।  recent visitors 272

महाकुंभ के दौरान रेलवे ने श्रद्धालुओं की संख्या को ध्यान में रखते हुए स्पेशल ट्रेनें चलाने की घोषणा की, जाने पूरी लिस्ट

नई दिल्ली 2025 का महाकुंभ मेला 13 जनवरी से शुरू हो रहा है, जो 26 फरवरी को महा शिवरात्रि के साथ समाप्त होगा। यह मेला हर 12 साल में एक बार आयोजित होता है और इस बार का महाकुंभ उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में त्रिवेणी संगम पर होगा। इस मेले में लाखों श्रद्धालु स्नान और पूजा करने के लिए पहुंचते हैं। इस बार महाकुंभ के दौरान प्रमुख स्नान तिथियों में मकर संक्रांति (14 जनवरी), मौनी अमावस्या (29 जनवरी) और बसंत पंचमी (3 फरवरी) शामिल हैं। महाकुंभ के दौरान तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे ने इस विशेष आयोजन के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। रेलवे ने श्रद्धालुओं की संख्या को ध्यान में रखते हुए स्पेशल ट्रेनें चलाने की घोषणा की है। इन ट्रेनों के चलने से श्रद्धालुओं को यात्रा में आसानी होगी और कंफर्म टिकट मिलने की संभावना भी बढ़ जाएगी। 13,000 से अधिक ट्रेनें चलाने का ऐलान भारतीय रेलवे ने महाकुंभ मेला के दौरान कुल 13,000 से अधिक ट्रेनें चलाने का ऐलान किया है। इसमें 10,000 नियमित ट्रेन सेवाएं, 3,000 स्पेशल ट्रेनें और 560 रिंग रेल ट्रेनें शामिल हैं। इन ट्रेनें से प्रयागराज और अयोध्या, वाराणसी, जौनपुर, चित्रकूट जैसे शहरों के बीच यात्रा करना और भी आसान हो जाएगा। प्रयागराज से 16 स्पेशल ट्रेनें दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) ने प्रयागराज से विभिन्न गंतव्यों को जोड़ने के लिए 16 स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिलेगा। ये ट्रेनें विभिन्न शहरों के बीच तीर्थयात्रियों के लिए समय पर और सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करेंगी। महाकुंभ 2025 के लिए स्पेशल ट्रेनों की लिस्ट:     ट्रेन 7701: गुंटूर से आजमगढ़, 23:00 बजे प्रस्थान, अगले दिन 17:15 बजे पहुंचेगी (24 जनवरी)     ट्रेन 7702: आजमगढ़ से गुंटूर, 19:45 बजे प्रस्थान, अगले दिन 09:00 बजे पहुंचेगी (26 जनवरी)     ट्रेन 7707: मौला अली से आजमगढ़, 23:55 बजे प्रस्थान, अगले दिन 17:15 बजे पहुंचेगी (18 जनवरी और 21 फरवरी)     ट्रेन 7711: मौला अली से गया, 17:50 बजे रवाना, अगले दिन 09:00 बजे पहुंचेगी (19 जनवरी)     ट्रेन 7719: गुंटूर से गया, 14:20 बजे प्रस्थान, अगले दिन 09:00 बजे पहुंचेगी (25 जनवरी)     ट्रेन 7725: काचीगुडा से पटना, 16:45 बजे रवाना, अगले दिन 10:30 बजे पहुंचेगी (25 जनवरी) इन स्पेशल ट्रेनों का उद्देश्य श्रद्धालुओं के लिए यात्रा को अधिक आरामदायक और सुविधाजनक बनाना है। महाकुंभ मेला 2025 के लिए सभी तैयारियां पूरी महाकुंभ मेला भारत के सबसे पवित्र धार्मिक आयोजनों में से एक है। 2025 में यह मेला और भी भव्य होगा, और भारतीय रेलवे की इन स्पेशल ट्रेनों से यात्रा और भी सरल और सुरक्षित हो जाएगी। recent visitors 93