जनजातीय कल्याण कार्यक्रम क्रियान्वयन का लक्ष्य अन्त्योदय हो : राज्यपाल पटेल

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि जनजातीय कल्याण कार्यक्रम क्रियान्वयन में अन्त्योदय का लक्ष्य रहें। जनजातीय समुदाय की सबसे पिछड़ी जनजाति, उसमें सबसे पिछड़े परिवार को हितलाभ देने में प्राथमिकता दी जाए। राज्यपाल श्री पटेल ने गुरुवार को पशुपालन, उच्च शिक्षा, वन और जनजातीय कार्य विभाग की क्रमिक रुप से राजभवन में समीक्षा की। बैठक में जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष श्री दीपक खांडेकर, राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव श्री के.सी. गुप्ता भी मौजूद थे। राज्यपाल द्वारा जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा राज्यपाल श्री पटेल ने जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा में कहा कि प्रधानमंत्री की पहल जनमन कार्यक्रम जनजातीय समुदायों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का अभूतपूर्व प्रयास है। जनजातीय परिवार को विकास की मुख्यधारा में जोड़ने का दुर्लभ अवसर है। आवश्यकता संवेदनशीलता के साथ लक्ष्य बनाकर समर्पित भाव से कार्य करने की है। उन्होंने कहा कि जनमन के तहत बनी कार्य-योजना के कार्य समय पर पूरे हों और उनकी गुणवत्ता उत्कृष्ट हो। उन्होंने सिकल सेल के संबंध में चर्चा के दौरान कन्या छात्रावास के रक्त परीक्षण में 78 प्रतिशत लड़कियों में रक्त अल्पता मिलने की जानकारी देते हुए, छात्रावासों में पौष्टिक भोजन के अनुसार मेन्यू तैयार करने की जरूरत बताई। उन्होंने जनमन के तहत संचालित मोबाइल मेडिकल वैन में सिकल सेल जांच और सिकल सेल औषधियों के वितरण की व्यवस्था किए जाने के लिए कहा है। जनजातीय विकासखण्डों के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के परिसर में जन औषधि केन्द्र खोलने और केन्द्र संचालन की पात्रता पूरी करने वाले जनजातीय युवाओं को नियुक्त करने के लिए कहा है। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने जनजातीय छात्रावासों के रहवासियों को हेल्थ कार्ड उपलब्ध कराने की बात कही है। बैठक में प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य श्री गुलशन बामरा उपस्थित थे।                                                राज्यपाल द्वारा पशुपालन एवं डेयरी विभाग की समीक्षा राज्यपाल श्री पटेल ने पशुपालन एवं डेयरी विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय योजना क्रियान्वयन की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य पी.वी.टी.जी. जनजातियों को सतत आजीविका उपलब्ध कराना है। जरूरी है कि योजना में अति गरीब परिवारों को प्राथमिकता दी जाए। योजना राज्य सरकार के कार्यक्रम के रूप में पृथक से ही संचालित की जाए। किसी अन्य योजना अथवा कार्यक्रम में समावेशन नहीं किया जाए। राज्यपाल को बताया गया कि राजभवन के निर्देशानुसार जनसंख्या के अनुपात में लक्ष्यों का निर्धारण किया गया है। बैगा जनजाति के 30, सहरिया जनजाति के 374 और भारिया जनजाति के 30 हितग्राही परिवारों को 2-2 दुधारू पशुओं से लाभान्वित किया जा रहा है। पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल और प्रमुख सचिव पशुपालन श्री उमाकांत उमराव भी उपस्थित थे। राज्यपाल द्वारा उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा राज्यपाल श्री पटेल ने उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा में जनजाति प्रतिभाओं के टैलेंट पूल के ऑन एवं ऑफ लाइन सम्मेलनों के आयोजनों की जरूरत बताई है। जनजाति कल्याण योजनाओं केन्द्र सरकार के पोर्टल के साथ विभाग को संबंद्ध होने के लिए कहा है, जिससे योजनाओं के दोहरे लाभ की समस्या उत्पन्न नहीं हो। उन्होंने कहा कि जनजातीय आबादी के मान से विभागीय बजट के प्रावधान के संबंध में विचार किया जाना चाहिए। विभाग द्वारा जनजातीय युवाओं की खेल प्रतिभा और अभिरुचि के अनुसार केन्द्र सरकार के खेल प्राधिकरण के साथ समन्वय से किसी एक खेल को चयनित कर प्रोत्साहन का प्रयास समग्रता के साथ किया जाए। उन्होंने जनजातीय पदों के बैकलॉग के संबंध में भी चर्चा की। उच्च शिक्षा विभाग से अपेक्षा की है कि वह बैकलॉग के स्वरूप और पदों की पूर्ति में होने वाली समस्याओं को चिन्हांकित करें। पदों की पूर्ति के लिए योग्य जनजाति उम्मीदवारों की उपलब्धता कराने के प्रयासों का नेतृत्व करें। बैठक में अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन, आयुक्त उच्च शिक्षा श्री निशांत बरबड़े उपस्थित थे। राज्यपाल ने की वन विभाग के कार्यों की समीक्षा राज्यपाल श्री पटेल ने वन विभाग की समीक्षा में विभाग के अधिकारियों से अपेक्षा की है कि वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत सामुदायिक वन अधिकारों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विशेष पहल करें। आवश्यकता होने पर मानव संसाधनों की उपलब्धता के संबंध में विचार किया जाना चाहिए। राज्यपाल को बताया गया कि वन अधिकार अधिनियम के तहत पट्टे देने के प्रावधानों को सरलीकृत किया गया है। विभागीय स्तर पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार पट्टाधारियों को वन अधिकार अधिनियम के तहत पट्टे देने की कार्रवाई प्रचलित है। अपर मुख्य सचिव वन श्री अशोक बर्णवाल उपस्थित थे।   recent visitors 42

‘जीतू और जय’ की जोड़ी के पीछे है दिग्विजय सिंह का माइंडगेम! कमलनाथ होते जा रहे हैं साइड

भोपाल ! किसी बड़े टास्क या मिशन को पूरा करने के लिए पार्टनरशिप या कहे तो जोड़ी जरूरी होती है। खासकर कांग्रेस के अंदर की जोड़ी हमेशा चर्चा में रहती है। विधानसभा चुनाव के दौरान इस बार कमलनाथ और दिग्विजय सिंह की जोड़ी थी। सियासी गलियारों में इसे जय-वीरू की जोड़ी कहा जाता था लेकिन यह खास कमाल नहीं कर पाई है। इन दिनों एमपी कांग्रेस में नई जोड़ी की चर्चा है, यह जोड़ी जीतू और जय की है। यानी jeetu patwari and jai vardhan की। साथ आने के बाद इस जोड़ी ने कमाल भी शुरू कर दिया है। एमपी उपचुनाव में जीतू और जय की जोड़ी ने मिलकर श्योपुर में कमाल किया। कहा जा रहा है कि इस जोड़ी को आगे बढ़ाने में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह का माइंडगेम है। इसकी वजह से कमलनाथ जैसे दिग्गज नेता असहज होने लगे हैं। पार्टी के दिग्गज नेता भी इशारों इशारों में कह चुके हैं कि इन सबके पीछे दिग्विजय सिंह ही हैं। दिग्गी राजा राजनीति से रिटायर्ड होने से पहले अपने बेटे के लिए मैदान तैयार करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इसके लिए समय समय पर जयवर्धन सिंह को जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं। जिसे लेकर दूसरे नेता और कार्यकर्ताओं में असंतोष भी दिखा है। वहीं jeetu patwari and jai vardhan ने खुद को साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। इसके सबसे अच्छा एग्जांपल श्योपुर विधानसभा उपचुनाव हैं। इस चुनाव में जयवर्धन सिंह को प्रभारी बनाया गया था। इस दौरान जीतू और जयवर्धन ने जनमत साधने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। और उसका परिणाम जीत को तौर पर कांग्रेस पार्टी को मिला भी है। Read More : दिल्ली के किसान, इस बार किसकी खड़ी करेंगे खाट, शिवराज-आतिशी में जमकर वाकयुद्ध! कांग्रेस में चल रहे इस माइंडगेम पर उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेता सवाल खड़े कर चुके हैं। पूर्व नेता प्रतिपक्ष रह चुके कांग्रेस के दिग्गज नेता अजय सिंह जीतू पटवारी की अध्यक्षता वाली एमपी कांग्रेस की नई कार्यकारिणी पर भी निशाना साधा था। इसे दौरान उन्होंने बयान देते हुए यह भी कहा था कि कांग्रेस का भगवान ही मालिक है। पर्दें के पीछे वालों पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस को बर्बाद करने वाले लोग आज भी पार्टी को पीछे से चला रहे हैं। दोनों की एक मुलाकात से जुड़ा हुई वीडियो भी सामने आया है। जिसमें जीतू पटवारी और जयवर्धन सिंह हंसी खुशी एक दूसरे से बात करते नजर आ रहे हैं। इसे दौरान मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी चलते चलते उनका हाथ थामते भी नजर आ रहे हैं। ये वीडियो इंटरनेट पर खूब वायरल हो रहा है। जिस पर लोग अपनी अपनी प्रतिक्रिया भी देते नजर आ रहे हैं। ऐसे ही एक लाला यादव नामक यूजर से लिखा कि आने वाले विधानसभा चुनाव में ये जोड़ी बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। अब देखना होगी कि आने वाले समय में क्या होता हैं। [/more] recent visitors 377

सीएम ने मृतक बच्चियों के परिजन को चार-चार लाख और घायल बच्ची को आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए

भोपाल/दमोह मध्य प्रदेश के दमोह जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है जिसमें मासूम बेटियों के जिंदा जलने की घटना पर प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दुख जाहिर किया है। सीएम ने दमोह कलेक्टर को पीड़ित परिवार के सहयोग और तीसरी घायल बच्ची के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं। सीएम ने मृतक बच्चियों के परिजन को चार-चार लाख और घायल बच्ची को आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर सुधीर कोचर ने बताया कि तीसरी बच्ची को जबलपुर रेफर किया गया है और डॉक्टर और प्रशासन की टीम भी भेजी गई है ताकि उसे अच्छा इलाज मिल सके। बता दें कि यह पूरा मामला जिले के हटा ब्लाक के ग्राम बरोदा कला का है जहां खेत मे बनी झोपड़ी में आग लगने की वजह से ये हादसा हुआ है। दरअसल बरोदा में एक खेत मे सागर जिले के आदिवासी मजदूर गोविंद आदिवासी और उनकी पत्नी खेत मे काम कर रही थी जबकि उनकी तीन बेटियां 3 साल की कीर्ति, 4 साल जान्हवी, और 5 महीने हीर, खेत मे बनी झोपड़ी में थी। अचानक झोपड़ी से आग की लपटें निकलते देख बच्चियो के माता पिता और दूसरे लोग दौड़े लेकिन जब तक वो वहां पहुंचते आग ने विकराल रूप ले लिया और तीनों बहिने बुरी तरह जल गई। जाँच में जुटी पुलिस पीड़ित परिवार तीनो को लेकर हटा के सिविल अस्पताल पहुंचा जहां उपचार के बाद उन्हें दमोह रेफर किया गया। जिला अस्पताल में दो मासूमो 4 साल की जान्हवी और 5 महीने की हीर ने दम तोड़ दिया है वहीं तीसरी जिंदगी की जंग लड़ रही है। प्राथमिक तौर पर झोपड़ी में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। हटा पुलिस मौके पर है और जाँच में जुटी है। सीएम ने जताया दुःख, सहायता राशि की घोषणा मुख्यमंत्री ने एक्स पर लिखा कि दमोह जिले के ग्राम बरोदा कला में एक मजदूर परिवार की झोपड़ी में आग लगने की वजह से आग की चपेट में आकर एक ही परिवार की दो मासूम बच्चियों के असमय काल कवलित होने एवं एक बच्ची के गंभीर रूप से जलने का समाचार हृदय विदारक है। दुःख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं। शासन की ओर से मृतकों बच्चियों के परिजनों के लिए ₹4-4 लाख और गंभीर घायल बच्ची हेतु नियमानुसार आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं। परमपिता परमात्मा से प्रार्थना है कि दिवंगत बच्चियों की पुण्यात्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान दें एवं शोकाकुल परिजनों को यह वज्रपात सहन करने की शक्ति प्रदान करें।   recent visitors 52

जब तक देश में ईवीएम तब तक विपक्षी दलों का इक़बाल बुलंद नहीं होगा

सुशील दामले विशेष संवाददाता भोपाल। क्रांति जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष करण करोसिया ने ईवीएम मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार और प्रशासन पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन भाजपा सरकार की कठपुतली बनकर काम कर रहा है। विपक्षी दलों के नेताओं की आवाज को कुचला जा रहा है। जबकि आज से 20 साल पहले ऐसा नहीं होता था। जब भी कोई दलों के लगभग एक दर्जन लोग सरकार और प्रशासन के अधिकारियों से मिलते थे तो उनकी बात को तवज्जो मिलती थी और मुद्दों पर चर्चा भी होती थी। आज उल्टा हो रहा है। अपनी बात रखने वालों पर सरकार बलपूर्वक हमले करवाती है। एक तरह से भाजपा सरकार की इस देश में तानाशाही चल रही है। इसकी सबसे बड़ी मुख्य वजह है देश में ईवीएम से चुनाव होना। जब तक देश में ईवीएम से चुनाव होते रहेंगे, तब तक विपक्षी दलों का रहने का कोई औचित्य ही नहीं है। करोसिया ने कहा कि भाजपा सरकार में दलितों पर हमले और अत्याचार बढ़ गए हैं। दलितों के नाम पर सिर्फ यह भाजपा सरकार डोंग करती है। आप देखिए देश के संसद में गृहमंत्री अमित शाह ने डॉ भीमराव अंबेडकर का कितना बड़ा अपमान किया है। जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि ईवीएम हटाने को हमारी पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन करेगी। उन्होंने बेरोजगारों, किसानों की दुर्दशा को लेकर भाजपा सरकार को दोषी बताया है। भाजपा अपने जिला अध्यक्षों की सूची को लेकर जनता के मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए यह ड्रामा रच रही है। recent visitors 356

दिल्ली के किसान, इस बार किसकी खड़ी करेंगे खाट, शिवराज-आतिशी में जमकर वाकयुद्ध!

Delhi’s Farmers: दिल्ली विधानसभा चुनाव में इस बार किसान भी मुद्दा बन रहे हैं। दिल्ली विधानसभा क्षेत्रों में करीब 300 से ज्यादा गांव हैं। ये गांव करीब आधा दर्जन सीटों को प्रभावित करते हैं। इस बार किसान महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगे। भाजपा ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पूरी तरह से इस काम में लगा रखा है। चौहान दिल्ली के किसानों से लगातार मिल रहे हैं। वह आप सरकार पर किसानों की उपेक्षा का आरोप भी लगा रहे हैं। दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी और शिवराज सिंह में किसानों को लेकर बयानबाजी हो चुकी है। शिवराज ने पिछले दिनों आतिशी को पत्र लिखकर दिल्ली के किसानों की व्यथा बताई थी। पलटवार करते हुए आतिशी ने जवाब दिया था कि भाजपा का किसानों के बारे में बात करना वैसे ही है, जैसे दाऊद अहिंसा पर प्रवचन दे रहा हो। उन्होंने कहा कि जितना बुरा हाल किसानों का भाजपा के समय हुआ, उतना कभी नहीं हुआ। पंजाब में किसान आमरण अनशन पर बैठे हैं। भाजपा के राज में किसानों पर गोलियां और लाठियां चलाई गई थीं। दिल्ली विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद ‘शीशमहल’ मामले को लेकर सियासत गर्मा गई है। आप सांसद संजय सिंह ने भाजपा को चुनौती दी कि वह 2700 करोड़ रुपए में बने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आलीशान राजमहल को दिखाए। संजय सिंह ने कहा था कि वह पहले मुख्यमंत्री आवास जाएंगे। उसके बाद प्रधानमंत्री का आवास देखने जाएंगे। वह सौरभ भारद्वाज के साथ दिल्ली सीएम आवास पहुंचे। आप नेताओं को सीएम आवास में जाने से पुलिस ने रोक दिया। इस पर आप नेता धरने पर बैठ गए। बाद में दोनों नेता पीएम आवास के लिए निकले। रास्ते में पुलिस ने उन्हें रोक लिया। पुलिस और आप नेताओं के बीच नोकझोंक हुई। दोनों आप नेता प्रधानमंत्री आवास के पास धरने पर बैठ गए। recent visitors 318

विद्यार्थियों को सही शिक्षा और संस्कार ही श्रेष्ठ नागरिक बनाते हैं: कमिश्नर

रीवा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम बेहतर करने के लिए रीवा और मऊगंज जिले में आपरेशन निखार चलाया जा रहा है। इसके तहत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के सभागार में किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए कमिश्नर बीएस जामोद ने कहा कि रीवा जिले में माड़ौ स्कूल में परीक्षा परिणाम जब शत-प्रतिशत हो सकता है तो अन्य स्कूलों में क्यों नहीं है। सभी प्राचार्य विद्यार्थियों को सही रणनीति बनाकर बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कराएं। विद्यार्थियों की कमजोरी का परिमार्जन करने के लिए अतिरिक्त कक्षाएं लगाएं। प्राचार्य बेहतर परीक्षा परिणाम प्राप्त करने के लिए लगन और समर्पण से प्रयास करें। बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम शत-प्रतिशत करने का लक्ष्य निर्धारित कर उसे प्राप्त करने के लिए सतत प्रयास करें। कमिश्नर ने कहा कि शिक्षा विकास की कुंजी है। शिक्षक विद्यार्थियों को सही शिक्षा और अच्छे संस्कार देंगे तभी वे श्रेष्ठ नागरिक बनेंगे। प्राचार्य और शिक्षक विद्यार्थियों से आत्मीय संबंध बनाकर उनकी कमियों को दूर करने का प्रयास करें। स्कूल में विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति और नियमित कक्षाओं का संचालन होगा तो परिणाम बेहतर आएंगे। विद्यार्थियों को गत तीन वर्ष के प्रश्नपत्रों और बोर्ड से प्राप्त मॉडल प्रश्नपत्र का लगातार अभ्यास कराएं। स्कूल में ज्ञान दान देने के साथ खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा अन्य रोचक कार्यक्रम आयोजित कर इसका वातावरण ऐसा बनाएं कि हर विद्यार्थी स्कूल जाने के लिए लालायित रहे। कमिश्नर ने कहा कि विद्यार्थी के कॅरियर और जीवन दोनों को सही दिशा देने के लिए उनका उचित मार्गदर्शन करें। विद्यार्थियों में ज्ञान और शिक्षा का विकास होने पर ही आत्मविश्वास का भाव पैदा होगा। विद्यार्थी देश का भविष्य हैं। इस भावी पीढ़ी को दिशा देने और गढ़ने की जिम्मेदारी शिक्षकों की है। आप सब लगन के साथ विद्यार्थियों को जब शिक्षा देंगे तो आपके मन में जो आत्मसंतोष का भाव और अभिभावकों के मन में सम्मान होगा वही सबसे बड़ा पुरस्कार है। स्कूलों के साथ-साथ छात्रावासों की व्यवस्थाओं में सुधार तथा पठन-पाठन की बेहतर व्यवस्था के लिए भी प्राचार्य निरंतर प्रयास करें। कार्यशाला में कलेक्टर मऊगंज अजय श्रीवास्तव ने कहा कि कमिश्नर सर के मार्गदर्शन में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर करने के लिए अभिनव प्रयास किया जा रहा है। बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम जब अच्छे आते हैं तो हम सबका सर ऊंचा होता है। जिन स्कूलों के परिणाम संतोषजनक नहीं हैं उनके प्राचार्य कमियों का मंथन करें। बोर्ड परीक्षाओं के लिए बहुत अधिक समय नहीं बचा है। अभी भी हम प्रयास करेंगे तो परिणाम बेहतर आएंगे। अच्छे परिणाम देने वाले प्राचार्यों को सम्मानित किया जाएगा। स्कूल के जो अच्छे विद्यार्थी हैं उन्हें प्रदेश की मैरिट सूची में स्थान बनाने के लिए प्रेरित करें। अगले शिक्षा सत्र के शुरू होते ही शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और परीक्षा परिणाम बेहतर करने के प्रयास शुरू कर दें। कार्यशाला में संयुक्त संचालक शिक्षा केपी तिवारी ने आपरेशन निखार की जानकारी देते हुए कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम बेहतर करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। स्मार्ट कक्षाओं में गुणी शिक्षकों के लगातार लेक्चर विद्यार्थियों को सुनाए जाते हैं। मॉडल प्रश्नपत्र तथा टिप्स एण्ड ट्रिक्स का भी लगातार अभ्यास कराया जा रहा है। कार्यशाला में माखनलाल चतर्वेदी विश्वविद्यालय के संचालक डॉ संदीप भट्ट ने कॅरियर मार्गदर्शन के संबंध में उपयोगी सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि हर विद्यार्थी के कॅरियर की प्लानिंग कक्षा 8वीं के बाद करनी चाहिए। उसी के अनुरूप उसे विषयों का चयन करना चाहिए। कार्यशाला में रीवा और मऊगंज जिले में कक्षा 10वीं और 12वीं में प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाले स्कूलों के प्राचार्यों को सम्मानित किया गया। कार्यशाला में सीएम राइज पीके स्कूल रीवा के प्राचार्य वरूणेन्द्र सिंह ने बोर्ड परीक्षा परिणामों का विकासखण्डवार विश्लेषण प्रस्तुत किया। कार्यशाला में जिला शिक्षा अधिकारी सुदामालाल गुप्ता तथा तीन सौ प्राचार्य एवं विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी शामिल हुए। recent visitors 65

भोपाल के तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को समयबद्ध कार्यवाही के निर्देश: मंत्री करण सिंह वर्मा

भोपाल । मध्यप्रदेश सरकार ने राजस्व प्रकरणों के शीघ्र और समयबद्ध निराकरण पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया है। राजस्व मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की चेतावनी देते हुए राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा ने सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को अपने कार्यों में तत्परता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कहा है। समयबद्धता पर जोर मंत्री करण सिंह वर्मा ने स्पष्ट किया कि लंबित राजस्व प्रकरणों के समाधान में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी प्रकरणों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर निपटाने की प्रक्रिया अपनाएं।उन्होंने कहा, “राजस्व प्रकरणों का समयबद्ध समाधान जनता के प्रति हमारी जवाबदेही को दर्शाता है। किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।” अनावश्यक विलंब नहीं होगा स्वीकार वर्मा ने सभी अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि किसी भी मामले को अनावश्यक रूप से न रोका जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग में पारदर्शिता और कुशलता सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है। कठोर कार्यवाही की चेतावनी कार्य में लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ मंत्री ने कठोर कार्यवाही की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारी जो अपने कर्तव्यों में चूक करेंगे या जानबूझकर प्रकरणों को लंबित रखेंगे, उन्हें अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। जनता का विश्वास बढ़ाने की पहल इस निर्देश का उद्देश्य राजस्व विभाग में जनता का विश्वास बढ़ाना और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना है। मंत्री वर्मा ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि जनता को उनके प्रकरणों का शीघ्र समाधान मिले और उन्हें कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। समर्पित अधिकारी बने मिसाल मंत्री ने अच्छे प्रदर्शन वाले अधिकारियों की सराहना की और सभी अधिकारियों को उनके उदाहरण का अनुसरण करने की सलाह दी। यह पहल प्रदेश में राजस्व मामलों में पारदर्शिता और दक्षता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उम्मीद है कि इन निर्देशों से भोपाल के राजस्व विभाग में सुधार और जनता के लिए सुविधाजनक सेवाएं सुनिश्चित होंगी। [/more] recent visitors 235