12वीं पास विद्यार्थियों को आगे उच्च शिक्षा से जोड़ने के लिए कलेक्टर के माध्यम से विशेष प्रयास किये जाएंगे: अनुपम राजन

भोपाल उच्च शिक्षा संस्थानों में सकल नामांकन अनुपात यानि 12वीं पास विद्यार्थियों को आगे उच्च शिक्षा से जोड़ने के लिए कलेक्टर के माध्यम से विशेष प्रयास किये जाएंगे। अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा विभाग श्री अनुपम राजन की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई बैठक में संबंधित विभागों को कार्ययोजना बनाकर सकल नामांकन बढ़ाने के निर्देश दिए गए। बैठक में वर्ष 2023-24 के लिए 14वें सर्वेक्षण कार्य की समीक्षा की गई। सर्वेक्षण 27 नवम्बर 2024 को प्रारंभ हुआ था और 15 जनवरी 2025 तक चलेगा। सकल नामांकन अनुपात की गणना 18 से 23 साल आयु वर्ग के लिए 12वीं परीक्षा परिणाम के बाद उत्तीर्ण विद्यार्थी के उच्च शिक्षा में नामांकन के आधार पर की जाती है। इस सर्वे में उच्च शिक्षा के अलावा चिकित्सा शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, विधि, माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय, पशुपालन एवं पशु चिकित्सा, कृषि शिक्षा सहित प्रदेश में स्थित केंद्रीय, निजी, डीम्ड, मुक्त विश्वविद्यालय एवं राष्ट्रीय महत्व के उच्च शैक्षणिक संस्थान शामिल हैं। अपर मुख्य सचिव श्री राजन ने वर्ष 2022-23 के सर्वे में मध्यप्रदेश के 28.3 सकल नामांकन अनुपात में और बढ़ोत्तरी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कलेक्टर्स के माध्यम से 12वीं पास सभी विद्यार्थियों की जानकारी संकलित की जाए और जिनका उच्च शिक्षा में नामांकन नहीं हुआ है उनका नामांकन करवाया जाए। आयुक्त उच्च शिक्षा श्री निशांत बरबड़े ने बताया कि इस माह और अप्रैल में दो चरणों का कॉलेज चलो अभियान चलाया जाएगा। श्री राजन ने सभी विभागों से कहा कि वे सर्वे की प्रविष्टियां 15 जनवरी तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करें। बैठक में तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, स्कूल शिक्षा, कृषि आदि के अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 124

मनरेगा श्रमिकों का बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वेलफेयर बोर्ड पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीकरण हो, योगी सरकार ने दिए निर्देश

लखनऊ योगी सरकार श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में अहम कदम उठाते हुए भवन एवं अन्य सन्निर्माण श्रमिकों और मनरेगा श्रमिकों के पंजीकरण को प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी सम्बन्धित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि मनरेगा श्रमिकों का उत्तर प्रदेश बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वेलफेयर बोर्ड (BOCW) पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीकरण हो। जिससे कई भी श्रमिक बीओसीडब्ल्यू बोर्ड की योजनाओं के लाभ से वंचित न रहें। 1.29 लाख से अधिक श्रमिकों का हुआ पंजीकरण योगी सरकार का यह कदम न केवल श्रमिकों को योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाने में सहायक है, बल्कि उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाने और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में भी एक महत्त्वपूर्ण प्रयास है। इस दिशा में, मनरेगा योजना के अंतर्गत जॉब कार्ड धारकों को पोर्टल पर पंजीकरण कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। ग्राम्य विकास मुख्यालय स्तर से जनपदों के अधिकारियों को पंजीकरण के कार्य को तेज गति से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं साथ ही इसी बकायदा मॉनिटरिंग भी की जा रही है। आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2024-25 में अब तक 1.29 लाख से अधिक श्रमिकों का पंजीकरण कराया जा चुका है। शेष श्रमिकों का पंजीकरण शीघ्र कराने के लिए अधिकारी सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। श्रमिक पंजीकरण प्रक्रिया की हो रही नियमित समीक्षा योगी सरकार श्रमिकों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पंजीकरण प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी साधनों का उपयोग किया जा रहा है। सभी अधिकारियों को यह निर्देश दिए गए हैं कि श्रमिकों के पंजीकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। साथ ही, नियमित समीक्षा बैठकों के माध्यम से प्रगति की निगरानी की जा रही है। बीओसीडब्ल्यू बोर्ड के तहत चलाई जा रही योजनाएं श्रमिकों और उनके परिवारों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से बनाई गई हैं। इनमें मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना शामिल है, जो महिलाओं और बालिकाओं को स्वास्थ्य और आर्थिक सहायता प्रदान करती है। कन्या विवाह सहायता योजना गरीब श्रमिक परिवारों की बेटियों के विवाह में आर्थिक मदद प्रदान करती है। संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना श्रमिकों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करती है, जबकि अटल आवासीय विद्यालय योजना उन्हें बेहतर शिक्षा और आवासीय सुविधा प्रदान करती है। निर्माण कामगार मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता योजना दुर्घटनाओं की स्थिति में आर्थिक सहायता प्रदान करती है। महात्मा गांधी पेंशन योजना आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिकों को नियमित पेंशन सुविधा प्रदान करती है। आपदा राहत सहायता योजना प्राकृतिक आपदाओं में श्रमिकों को राहत प्रदान करती है, और गंभीर बीमारी सहायता योजना श्रमिकों को इलाज के लिए वित्तीय सहायता देती है। इसके अतिरिक्त, पंडित दीनदयाल उपाध्याय चेतना योजना श्रमिकों के सशक्तिकरण और कल्याण के लिए विशेष सहायता प्रदान करती है। श्रमिकों की सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित कर रही योगी सरकार श्रमिकों को योजनाओं का लाभ पहुंचाना केवल आर्थिक सहायता प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का प्रयास है। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि श्रमिक अपने अधिकारों और योजनाओं की जानकारी से अवगत हों। इसके लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में उत्तर प्रदेश सरकार श्रमिकों की भलाई के लिए ठोस कदम उठा रही है। यह पहल न केवल श्रमिकों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगी, बल्कि उनके जीवन को भी सरल और सम्मानजनक बनाएगी। श्रमिक पंजीकरण और योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने की यह रणनीति प्रदेश में समग्र विकास और समृद्धि की दिशा में एक बड़ा कदम है। recent visitors 82

HMPV वायरस को लेकर सरकार अलर्ट, स्वास्थ्य मंत्री शुक्ल ने अधिकारियों को निगरानी रखने के निर्देश दिए

भोपाल भारत में HMPV वायरस के दो मामले सामने आने के बाद मध्य प्रदेश सरकार वायरस को लेकर अलर्ट हो गई है। इसी को लेकर स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने अधिकारियों को एचएमपीवी वायरस की स्थिति पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए। अधिकारियों को दिए निर्देश इसी बीच एचएमपीवी वायरस को लेकर मध्य प्रदेश सरकार अलर्ट हो गई। स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने अधिकारियों को एचएमपीवी वायरस की स्थिति पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेजों में पे-प्रोटेक्शन से संबंधित प्रस्ताव को तैयार कर कैबिनेट अनुमोदन के लिए शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। एचएमपीवी वायरस की वर्तमान स्थिति पर विशेष ध्यान दिया जाए। केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुरूप सतत निगरानी रखने और आवश्यक स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की तैयारी रखने के भी निर्देश दिए। दरअसल, सरकार ने चीन वाले HMPV वायरस के भारत ने दो मामले की पुष्टि की है। जानकारी के अनुसार, बेंगलुरु के एक अस्पताल में एक तीन महीने की बच्ची और दूसरा 8 महीने के बच्चे में इस वायरस की पुष्टि हुई है। गौरतलब है कि इन दोनों मामलों में इंटरनेशनल ट्रैवल की कोई हिस्ट्री नहीं है। यह हैं लक्षण HMPV के लक्षण की बात करें तो इसमें अन्य सामान्य सर्दी वायरसों के लक्षणों के समान होते हैं। लेकिन इन लक्षण पर गौर फरमा सकते हैं। खांसी, बुखार, नाक बहना, गले में खराश या गले में जलन और दर्द होना, सांस लेने में कठिनाई, विशेषकर शिशुओं और छोटे बच्चों में सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। recent visitors 64

फेरे से पहले दूल्हा बने डॉक्टर ने 10 लाख रुपए और एक प्लॉट की मांग कर दी, डिमांड पूरी नहीं होने से टूटी शादी, दुल्हन पहुंची थाने

ग्वालियर मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक जोड़ा शादी के बंधन में बंधकर नए जीवन की शुरुआत करने जा रहा था। लेकिन फेरे से पहले दूल्हा बने डॉक्टर ने 10 लाख रुपए और एक प्लॉट की मांग कर दी। डिमांड पूरी नहीं हुई तो उसने फेरे लेने से इनकार करते हुए शादी तोड़ दी। काफी समझाने के बाद भी जब बात नहीं बनी तो दुल्हन ने महिला थाना पहुंचकर मामले की शिकायत की।   शादी से पहले दूल्हे के परिजनों ने नहीं की डिमांड दरअसल, थाटीपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली नेहा सिंह की शादी जून महीने में शिवपुरी खनियाधाना के रहने वाले सतेन्द्र वमन्या से तय हुई थी। सतेन्द्र पेशे से डॉक्टर है। बातचीत तय होने के बाद लड़की के परिजन ने उनसे दहेज की बात की तो सतेन्द्र और उसके परिजन ने किसी प्रकार की कोई डिमांड नहीं बताई। जिसके बाद 22 नवंबर की दोनों की शादी तय हुई थी। फेरे से पहले 10 लाख कैश और प्लाट की कर दी मांग बारात दरवाजे पर पहुंची और उसके बाद मैरिज गार्डन में स्टेज पर वर-वधु की जयमाला तक सब ठीक चला। लेकिन पंडित ने जब फेरे लेने के लिए मंडप में आने के लिए कहा तो रंग में भंग पड़ गया। क्योंकि सतेंद्र और उसके परिजन ने अचानक फेरे लेने से पहले दस लाख रुपए के साथ ग्वालियर में एक प्लाट की मांग रख दी।   बिना शादी किए लौट गई बारात दुल्हन पक्ष ने दूल्हे और उसके परिजन को समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद बिना फेरे लिए ही दूल्हा बारात वापस लेकर चला गया। इसके बाद नेहा महिला थाने पहुंची और मामले की शिकायत पुलिस से की। पुलिस ने नेहा की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए दोनों पक्षों की काउंसलिंग कराई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।   पुलिस ने शुरू की कार्रवाई ग्वालियर CSP अशोक जादौन ने बताया कि लड़की की शिकायत पर होने वाले दूल्हे डॉक्टर सतेंद्र वमन्या, उसके पिता लखन लाल, भाई जितेंद्र, पुष्पेंद्र, बहन किरण और मां फूलवती के खिलाफ दहेज एक्ट का मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। recent visitors 128

वेब पोर्टल के पत्रकार मोहम्मद जुबैर की गिरफ्तारी पर लगाई गई रोक 16 जनवरी तक बढ़ा दी: उच्च न्यायालय

प्रयागराज यति नरसिंहानंद के खिलाफ कंट्रोवर्शियल 'एक्स' पोस्ट कर सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने के मामले में आरोपी वेब पोर्टल के पत्रकार मोहम्मद जुबैर की गिरफ्तारी पर लगाई गई रोक इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 16 जनवरी तक बढ़ा दी है। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति योगेन्द्र कुमार श्रीवास्तव की पीठ ने प्राथमिकी को चुनौती देने वाली जुबैर की याचिका पर सुनवाई करते हुए सोमवार को यह आदेश पारित किया। इससे पहले 20 दिसंबर को हाई कोर्ट ने मौखिक रूप से यह कहते हुए कि वह खूंखार अपराधी नहीं है, उसकी गिरफ्तारी पर छह जनवरी तक रोक लगा दी थी। अपने आदेश में कोर्ट ने कहा था कि एफआईआर को पढ़ने से धारा 196 बीएनएस के तहत अपराध बनता है। हालाँकि, यह देखना होगा कि उसके खिलाफ धारा 152 बीएनएस बनती है या नहीं। recent visitors 73

यूपी के 5 जिलों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के पदों पर निकली भर्ती, जानिए कौन कैसे कर सकते है आवेदन ?

लखनऊ यूपी में आंगनबाड़ी में नौकरी करने की चाह रखने वालों के लिए खुशखबरी है। दरअसल, राज्य सरकार ने  5 जिलों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के पदों पर भर्ती करने के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। मुरादाबाद, कानपुर देहात, इलाहाबाद, बहराइच और अंबेडकरनगर में स्थित आंगनवाड़ी केंद्रों में पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। आपको बता दें कि आवेदन करने की आखिरी तारीख हर जिले के लिए अलग-अलग है। यूपी आंगनवाड़ी भर्ती 2024 के लिए आवेदन आधिकारिक वेबसाइट upanganwadibharti.in के माध्यम से जमा किए जा सकते हैं। यूपी आंगनवाड़ी भर्ती अधिसूचना 2025 में उल्लिखित विवरण, अंतिम तिथि, रिक्त पदों की संख्या नीचे लेख में देख सकते हैं। यूपी के इन जिलों में होगी भर्ती उत्तर प्रदेश में आंगनवाड़ी भर्ती विभिन्न चरणों में आयोजित की जा रही है। 5 नए जिलों में रिक्तियां, अंतिम तिथि के लिए नीचे दी तालिका देखें:     मुरादाबाद: 151 पद, आवेदन की अंतिम तिथि- 31 जनवरी 2025     कानपुर देहात: 88 पद, अंतिम तिथि- 15 जनवरी 2025     बलिया: 301 पद, अंतिम तिथि- 12 जनवरी 2025     बहराइच: 598 पद, अंतिम तिथि- 9 जनवरी 2025     अंबेडकर नगर: 223 पद, अंतिम तिथि- 7 जनवरी 2025 शैक्षणिक योग्यता: आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पद के लिए महिला उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं कक्षा पास होना आवश्यक है। केवल महिला उम्मीदवार ही आवेदन के पात्र हैं। उम्मीदवार जिस गांव, नगर, वार्ड या न्याय पंचायत से आवेदन कर रही हैं, वहां की निवासी होना आवश्यक है। कृपया ध्यान दें कि पात्रता मानदंड राज्य और पद के अनुसार भिन्न हो सकते हैं। अतः संबंधित राज्य की आधिकारिक वेबसाइट या आधिकारिक अधिसूचना अवश्य देखें। आयु सीमा: न्यूनतम आयु: 18 वर्ष अधिकतम आयु: 35 वर्ष recent visitors 112

एमपी गजब: स्वास्थ्य विभाग ने जिस अस्पताल को ब्लैकलिस्ट किया, उस का नाम बदलकर इलाज शुरू 

MP Gajab: The hospital which was blacklisted, its name changed and treatment started  जितेन्द्र श्रीवास्तव (विशेष संवाददाता) जबलपुर। निजी अस्पतालों में व्याप्त अनियमितताओं की जांच की मांग को लेकर समाजवादी पार्टी कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और जिला प्रशासन को एक शिकायती पत्र सौंपा है। पार्टी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जिस अस्पताल को ब्लैक लिस्टेड किया था, उसी अस्पताल में दूसरे नाम से हॉस्पिटल का संचालन होने लगा है। जिसकी जांच कर कार्यवाही की जाना चाहिए। आयुष्मान कार्ड का चल रहा फर्जीवाड़ा समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव आशीष मिश्रा ने आरोप लगाया है कि निजी अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड का घोटाला भी चल रहा है। विगत कुछ महीनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां पर आयुष्मान कार्ड के जरिए फर्जीवाड़ा किया गया है। उन अस्पतालों पर कार्रवाई भी की गई है लेकिन अभी भी जिले के कई अस्पताल ऐसे हैं जहां पर मरीजों का आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद भी उनसे नकद राशि भी जमा कराई जा रही है जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण गैलेक्सी हॉस्पिटल था। जिसमें एक मरीज से ली गई रकम को मुख्यमंत्री ने स्वयं ही वापस कराया था। ऐसे ही कुछ अस्पतालों की जांच कराए जाने की मांग को लेकर एक पत्र भी प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा गया है। गरुड़ पुराण लेकर पहुंचे थे पार्टी कार्यकर्ता समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता कलेक्टर कार्यालय गरुड़ पुराण लेकर पहुंचे थे और उसे प्रशासनिक अधिकारियों को भेंट करने का प्रयास किया गया लेकिन अधिकारियों ने गरुड़ पुराण नहीं ली केवल मांग पत्र लेकर उसे कलेक्टर के संज्ञान में लाने का आश्वासन दिया एसडीएम ऋषभ जैन ने बताया कि कार्यकर्ताओं द्वारा सौंपी गई शिकायत कलेक्टर दीपक सक्सेना के समक्ष रखी जाएगी उसके बाद उनके निर्देश अनुसार कार्यवाही की जाएगी। मरीज को लेकर पहुंचे थे पार्टी कार्यकर्ता निजी अस्पतालों की शिकायत करने समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता कलेक्टर कार्यालय अपने साथ मरीज को लेकर भी पहुंचे थे। गौरझामर निवासी हुकुमचंद प्रजापति और ग्वारीघाट निवासी राहुल अहिरवार ने भी निजी अस्पतालों की मनमानी से संबंधित बातें अधिकारियों को बताई। recent visitors 344