महाकुंभ के लिए बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार किया गया, श्रद्धालुओं के लिए तैयार प्रयागराज

महाकुंभ नगर कभी संकरी और खस्ताहाल सड़कों के लिए पहचाने जाने वाले प्रयागराज का आज कायाकल्प हो चुका है। पहले कुंभ 2019 और अब महाकुंभ 2025 को देखते हुए योगी सरकार ने यहां की सूरत ही बदल दी है। 2019 कुंभ के दृष्टिगत जो विकास कार्य हुए, उसे 2025 महाकुम्भ में और विस्तार देते हुए स्थाई कार्यों पर जोर दिया गया है। सनातन आस्था के सबसे बड़े समागम महाकुंभ के लिए बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार किया गया है। आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी तरह की परेशानी न हो, इसको देखते हुए इस बार 200 सड़कों का निर्माण और विकास किया गया है। इन सड़कों को 3 लाख पौधों और एक लाख हॉर्टिकल्चर सैंपलिंग से सजाया गया है। कुल मिलाकर महाकुंभ के दौरान जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां आएंगे तो यहां की सड़कों और उनके सौंदर्यीकरण की मनमोहक छवि के साथ यादगार अनुभव लेकर वापस जाएंगे। प्रयागराज में महाकुंभ के महा आयोजन को देखते हुए कुल 200 ऐसी सड़कें हैं, जिनका उन्नयन किया गया है। इसमें नई सड़कों का भी निर्माण हुआ है, जबकि सड़कों का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण भी किया गया है। सड़कों के निर्माण और विकास में तीनों विभागों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसमें सबसे ज्यादा काम प्रयागराज नगर निगम की ओर से किया गया है, जिसने कुल 78 सड़कों का नव निर्माण, चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण करने में सफलता प्राप्त की है। इसके बाद लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने 74 और प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने कुल 48 सड़कों का विकास किया है। इसके साथ ही सड़कों का सौंदर्यीकरण भी किया गया है। खासतौर पर विभिन्न तरह के पौधों को यहां सजाया गया है, जबकि हॉर्टिकल्चर सैंपलिंग्स भी की गई है। इन 200 सड़कों पर कुल मिलाकर तीन लाख पौधों को रोपित किया गया है, जबकि एक लाख हॉर्टिकल्चर सैंपलिंग्स को प्लांट किया गया है। इन्हीं सड़कों के माध्यम से श्रद्धालुओं का संगम तक आवागमन सुगम हो सकेगा और उन्हें दिव्य आनंद की अनुभूति प्राप्त होगी। इन सड़कों का निर्माण तीनों विभागों के लिए कतई आसान नहीं रहा है। इसके लिए इन्हें कई तरह की चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा है। उदाहरण के तौर पर निर्माण के दौरान कई ऐसे स्थल थे, जहां पर एंक्रोचमेंट था जिन्हें हटाया गया है। श्रद्धालुओं के साथ ही प्रयागराज वासियों की सुविधा के लिए निर्मित इन सड़कों के विकास के लिए कुल मिलाकर 4426 एंक्रोचमेंट को ध्वस्त किया गया है। इसी तरह, कई स्थलों पर निर्माण को लेकर कोर्ट केस का भी सामना करना पड़ा है। कुल मिलाकर 82 कोर्ट केसेस को रिजॉल्व किया गया है। वहीं, निर्माण के दौरान 4893 इलेक्ट्रिक पोल्स को भी यहां से शिफ्ट करने में सफलता प्राप्त हुई है। इतना ही नहीं, सड़कों के निर्माण के साथ-साथ 170 किमी. लंबी अंडरग्राउंड केबलिंग भी की गई है।   recent visitors 67

केंद्र सरकार ने हाईवे और एक्सप्रेसवे पर साइन बोर्डों के लिए नए दिशा-निर्देश लागू किए, 24 जनवरी से हाईवे के नियम बदल जाएंगे

नई दिल्ली नए साल की शुरूआत होते ही केंद्र सरकार ने हाईवे और एक्सप्रेसवे पर साइन बोर्डों के लिए नए दिशा-निर्देश लागू किए हैं। ये दिशा-निर्देश 24 जनवरी से प्रभावी होंगे, जिनका उद्देश्य सड़क उपयोगकर्ताओं को स्पष्ट, मानकीकृत और समय पर जानकारी प्रदान करना है। इन परिवर्तनों के जरिए दुर्घटनाओं को कम करने और यातायात को अधिक सुव्यवस्थित बनाने की कोशिश की जा रही है। स्पीड लिमिट और चेतावनी संकेतक नई व्यवस्था के तहत रंबल स्ट्रिप्स जैसे संभावित खतरनाक स्थानों से पहले संकेतक लगाए जाएंगे, ताकि ड्राइवर को अपनी गति समायोजित करने का समय मिल सके। स्पीड लिमिट की जानकारी हर पांच किलोमीटर पर साइन बोर्डों के माध्यम से दी जाएगी। इन बोर्डों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वाहन चालकों के लिए पढ़ना और समझना आसान हो। मानकीकरण और एकरूपता सड़क परिवहन मंत्रालय ने साइन बोर्डों पर उपयोग किए जाने वाले अक्षरों और संख्याओं के आकार और रंग को मानकीकृत कर दिया है। इस कदम से संकेतकों की एकरूपता बढ़ेगी और उन्हें समझने में आसानी होगी। साथ ही, अलग-अलग वाहनों की गति सीमा को एक ही बोर्ड पर स्पष्ट रूप से दर्शाने की व्यवस्था की गई है। No parking और पैदल यात्री सुरक्षा दुर्घटनाओं और ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए "नो पार्किंग" बोर्ड हर पांच किलोमीटर पर लगाए जाएंगे। इसके अलावा, पैदल यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, क्रॉसिंग की जानकारी पहले से देने की व्यवस्था की गई है। समग्र सुरक्षा के प्रयास इन दिशा-निर्देशों को तैयार करने के लिए विशेषज्ञों की एक समिति का गठन किया गया, जिसने अंतरराष्ट्रीय अनुभवों और सड़क सुरक्षा के आंकड़ों का गहराई से अध्ययन किया। इसके आधार पर मार्ग संकेतकों को तीन मुख्य श्रेणियों में विभाजित किया गया: अनिवार्य, चेतावनी और सूचना संबंधी संकेतक। recent visitors 74

प्रधानमंत्री मोदी आज दिल्ली में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज  दिल्ली में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। वह अशोक विहार के स्वाभिमान अपार्टमेंट में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 1,675 नवनिर्मित फ्लैटों का उद्घाटन करेंगे। पीएम मोदी दो शहरी पुनर्विकास परियोजनाओं-नौरोजी नगर में विश्व व्यापार केंद्र और सरोजिनी नगर में जीपीआरए टाइप-II क्वार्टरों का उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा वह द्वारका में सीबीएसई के एकीकृत कार्यालय परिसर का उद्घाटन करेंगे और नजफगढ़ के रोशनपुरा में वीर सावरकर कॉलेज की आधारशिला रखेंगे। पीएम मोदी सभी के लिए आवास की प्रतिबद्धता प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार पीएम मोदी ‘सभी के लिए आवास’ (हाउसिंग फॉर ऑल) की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप 3 जनवरी 2025 को दोपहर करीब 12 बजकर 10 मिनट पर दिल्ली के अशोक विहार स्थित स्वाभिमान अपार्टमेंट में इन-सीटू स्लम पुनर्वास परियोजना के अंतर्गत झुग्गी झोपड़ी (जेजे) समूहों के निवासियों के लिए नवनिर्मित फ्लैटों का दौरा करेंगे। इसके बाद करीब 12 बजकर 45 मिनट पर प्रधानमंत्री दिल्ली में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे झुग्गी बस्तियों के निवासियों के लिए 1,675 नवनिर्मित फ्लैटों का उद्घाटन करेंगे आपको बता दें अशोक विहार में पीएम मोदी झुग्गी बस्तियों के निवासियों के लिए 1,675 नवनिर्मित फ्लैटों का उद्घाटन करेंगे। वह लाभार्थियों को स्वाभिमान अपार्टमेंट की चाबियां भी सौंपेंगे। नवनिर्मित फ्लैटों के उद्घाटन से दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) द्वारा दूसरी सफल इन-सीटू स्लम पुनर्वास परियोजना को पूर्ण किया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य दिल्ली में झुग्गी बस्तियों के निवासियों को उचित सुख-सुविधाओं से सुसज्जित बेहतर और स्वस्थ परिवेश प्रदान करना है। सरकार द्वारा फ्लैट के निर्माण पर खर्च किए गए प्रत्येक 25 लाख रुपये के लिए, पात्र लाभार्थी कुल राशि का 7 प्रतिशत से भी कम भुगतान करते हैं, जिसमें 1.42 लाख रुपये का नाममात्र योगदान और पांच साल के रखरखाव के लिए 30,000 रुपये शामिल हैं। नौरोजी नगर और सरोजिनी नगर में टाइप-II क्वार्टर का उद्घाटन करेंगे प्रधानमंत्री दो शहरी पुनर्विकास परियोजनाओं-नौरोजी नगर में विश्व व्यापार केंद्र (डब्ल्यूटीसी) और सरोजिनी नगर में जनरल पूल आवासीय आवास (जीपीआरए) टाइप-II क्वार्टर का भी उद्घाटन करेंगे। वर्ल्ड ट्रेड सेंटर ने 600 से ज़्यादा जीर्ण-शीर्ण क्वार्टरों को अत्याधुनिक वाणिज्यिक टावरों में बदला नौरोजी नगर में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर ने 600 से ज़्यादा जीर्ण-शीर्ण क्वार्टरों को अत्याधुनिक वाणिज्यिक टावरों से बदलकर इस क्षेत्र का कायाकल्‍प कर दिया है। इससे उन्नत सुविधाओं के साथ लगभग 34 लाख वर्ग फ़ीट प्रीमियम वाणिज्यिक स्‍थल उपलब्‍ध हुआ है। सरोजिनी नगर में जीपीआरए टाइप-II क्वार्टर में 28 टावर शामिल हैं, जिनमें 2,500 से अधिक आवासीय इकाइयां हैं, जिनमें आधुनिक सुविधाओं और स्‍थल का कुशल उपयोग किया गया हैं। परियोजना के डिजाइन में वर्षा जल संचयन प्रणाली, सीवेज और जल उपचार संयंत्र तथा सौर ऊर्जा से चलने वाले अपशिष्ट कॉम्पैक्टर शामिल हैं जो पर्यावरण के प्रति जागरूक जनजीवन को प्रोत्साहित करते हैं। द्वारका में सीबीएसई के एकीकृत कार्यालय परिसर का भी उद्घाटन करेंगे इसके अलावा प्रधानमंत्री दिल्ली के द्वारका में सीबीएसई के एकीकृत कार्यालय परिसर का भी उद्घाटन करेंगे, जिस पर करीब 300 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसमें कार्यालय, ऑडिटोरियम, उन्नत डेटा सेंटर, व्यापक जल प्रबंधन प्रणाली आदि शामिल हैं। पर्यावरण के अनुकूल इस इमारत का निर्माण उच्च पर्यावरणीय मानकों के अनुसार किया गया है और इसे भारतीय हरित भवन परिषद (आईजीबीसी) के प्लेटिनम रेटिंग मानकों के अनुसार निर्मित किया गया है। दिल्ली विश्वविद्यालय में 600 करोड़ रुपये की 3 नई परियोजनाओं की रखेंगे आधारशिला शुक्रवार को पीएम मोदी दिल्ली विश्वविद्यालय में 600 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली तीन नई परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इसमें पूर्वी दिल्ली के सूरजमल विहार के पूर्वी परिसर में एक अकादमिक ब्लॉक और द्वारका के पश्चिमी परिसर में एक अकादमिक ब्लॉक शामिल है। इसमें नजफगढ़ के रोशनपुरा में वीर सावरकर कॉलेज का भवन भी शामिल है, जिसमें शिक्षा के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी।   recent visitors 69

पेट्रोकेमिल प्लांट की जगह सुरक्षित करने बाउंड्रीवॉल का निर्माण तेज गति से

बीना  बीपीसीएल के पेट्रोकेमिल प्लांट के कार्य की गति इस वर्ष तेज होगी और नई कंपनियां यहां कार्य करने आएंगी। वर्तमान में सिविल वर्क का कार्य चल रहा है, जिसमें पेड़ कटाई, जमीन लेवलिंग की जा रही है। भांकरई, मूडरी गांव तरफ प्लांट की जगह सुरक्षित करने के लिए बाउंड्रीवॉल का निर्माण तेज गति से किया जा रहा है और उसी तरफ नए गेट भी तैयार हो रहे हैं। भांकरई के पास जमीन समतलीकरण के बाद प्लांट की मशीनें लगाने के लिए पिलर खड़े किए जाने लगे हैं। साथ ही रिफाइनरी परिसर में जहां मुख्य प्लांट बनना है, वहां अभी ब्लास्ंिटग कर जमीन को समतल कर रहे हैं और पेड़ों की कटाई भी की जा रही है। यह कार्य होने के बाद प्लांट की मशीनों को लगाने के लिए फाउंडेशन बनाने के कार्य में तेजी आएगी। इस वर्ष में बड़ी कंपनियां आकर कार्य शुरू करेंगी, जिससे पांच साल में यह कार्य पूरा हो सके।  जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया होगी तेज उद्योग विभाग यहां 500 एकड़ जमीन का अधिग्रहण कर बीपीसीएल को देगी। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया इस वर्ष तेज होगी। जमीन अधिग्रहण को लेकर किसान अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और मांगें पूरी होने पर ही जमीन देने के बात कर रहे हैं। इसको लेकर एसडीएम न्यायालय में किसानों ने आपत्ति भी दर्ज कराई है। काम में तेजी आने से मिलेगा रोजगार नई कंपनियां आने पर जैसे-जैसे प्लांट के काम में तेजी आएगी, वैसे ही स्थानीय लोगों को रोजगार मिलने लगेगा। इसका इंतजार लोग लंबे समय से कर रहे हैं। अभी जो कार्य चल रहा है, उसमें कम लोगों को ही रोजगार मिला है। आसपास लोग चाय, नाश्ता, खाना की दुकानें भी खोल रहे हैं। recent visitors 68

मध्यप्रदेश वासियों को अगले 3 दिन शीतलहर से राहत , भोपाल, इंदौर-उज्जैन समेत 40 जिलों में कोहरा छाया रहेगा 

Madhya Pradesh residents will get relief from cold wave for next 3 days, fog will prevail in 40 districts including Bhopal, Indore-Ujjain भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर-उज्जैन समेत मध्यप्रदेश के करीब 40 जिलों में शुक्रवार सुबह भी कोहरा छाया रहा। ग्वालियर में यह इतना घना था कि विजिबिलिटी 100 मीटर के आसपास रही। भोपाल में ओस के चलते शहर भर की सड़कें भीगी नजर आईं। जबलपुर में बीते कुछ दिन से पारा 8 डिग्री सेल्सियस पर ठहरा है। यहां सुबह और रात को कड़ाके की ठंड पड़ रही है। प्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में पारा 4 डिग्री सेल्सियस के नीचे है। वहीं, सभी शहरों में पारा 13 डिग्री से कम बना हुआ है। मौसम विभाग ने अगले 3 दिन तक मध्यम से घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। हालांकि, इस दौरान शीतलहर का अलर्ट नहीं है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि प्रदेश में अभी कोहरे का असर बना रहेगा। तीन दिन के बाद न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होगी। इसलिए बढ़ रही ठंड फिलहाल, जम्मू, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, लद्दाख में बर्फबारी हो रही है। जिससे सर्द हवाएं प्रदेश में आ रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार, जेट स्ट्रीम हवा 12.6 किमी की ऊंचाई पर 222 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चल रही है। इस कारण ठंड का असर है। आने वाले दिनों में बर्फ पिघलेगी। जिससे हवा की रफ्तार तेज होगी और प्रदेश में ठंड का असर बढ़ जाएगा। इस कारण जनवरी में प्रदेश का मौसम ठंडा ही रहेगा। 20 से 22 दिन तक शीतलहर चलने का अनुमान है। बारिश थमते ही ठंड का असर बढ़ा बता दें कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की एक्टिविटी के चलते दिसंबर के आखिरी दिनों में बारिश और ओले का दौर रहा। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन समेत 45 से अधिक जिलों में बारिश हुई। वहीं, 20 जिले ऐसे रहे, जहां ओले भी गिरे। बारिश का दौर खत्म होते ही ठंड का असर बढ़ गया। साल 2024 की आखिरी रात भी ठंडी रही। वहीं, नए साल 2025 के पहले और दूसरे दिन सर्दी का असर बना रहा। अगले 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम 3 जनवरी: भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, सिंगरौली, सीधी, मऊगंज, रीवा, मैहर, सतना, पन्ना, कटनी, दमोह, छतरपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़, सागर, नरसिंहपुर, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, विदिशा, देवास, आगर-मालवा, रतलाम, मंदसौर, नीमच में मध्यम से घना कोहरा रहेगा। 4 जनवरी: भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, नीमच, मंदसौर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, सीहोर, रायसेन, सागर, नरसिंहपुर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, पन्ना, कटनी, सतना, मैहर, सीधी, मऊगंज, सिंगरौली और रीवा में घना कोहरा रहेगा। 5 जनवरी: भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, नीमच, मंदसौर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, सीहोर, रायसेन, सागर, नरसिंहपुर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, पन्ना, कटनी, सतना, मैहर, सीधी, मऊगंज, सिंगरौली और रीवा में घना कोहरा छाया रहेगा। recent visitors 334

मध्य प्रदेश में अध्यक्ष पद को लेकर बीजेपी के सवर्ण दांव की चर्चा फिर से तेज

भोपाल नए साल की शुरुआत के साथ ही मध्य प्रदेश में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं. राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि 15 जनवरी तक मध्य प्रदेश में नए अध्यक्ष की ताजपोशी हो सकती है, क्योंकि दिल्ली से लेकर भोपाल तक कई संगठनात्मक बैठकें हो चुकी हैं, जिसमें अध्यक्ष पद को लेकर रायशुमारी हुई है. फिलहाल खजुराहो से सांसद वीडी शर्मा मध्य प्रदेश में प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, वह 2020 से लेकर 2025 तक की पारी खेल चुके हैं. अध्यक्ष पद को लेकर कई तरह की अटकलें लग रही है, क्योंकि इस पद के लिए कई नेता दावेदार नजर आ रहे हैं. वीडी शर्मा को मिला था विस्तार वीडी शर्मा को बीजेपी ने 2020 में मध्य प्रदेश का अध्यक्ष बनाया था, जिसके बाद 2023 में उनका कार्यकाल पूरा हो गया था, क्योंकि बीजेपी में अध्यक्ष पद का कार्यकाल तीन साल का होता है, लेकिन विधानसभा चुनाव नजदीक होने की वजह से उनके कार्यकाल को विस्तार दिया गया था, जिसके बाद से वह चार साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं. हालांकि वीडी शर्मा अब भी अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल माने जा रहे हैं, क्योंकि उनके नेतृत्व में विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन किया है. हालांकि चर्चा यह भी है कि वीडी शर्मा को पार्टी कोई दूसरी जिम्मेदारी सौंप सकती है, ऐसे में उनकी जगह कोई और नेता ले सकता है. क्या मध्य प्रदेश फिर दिखेगा बीजेपी का सवर्ण दांव मध्य प्रदेश में अध्यक्ष पद को लेकर बीजेपी के सवर्ण दांव की चर्चा फिर से तेज हो गई है. क्योंकि फिलहाल प्रदेश में बीजेपी की राजनीतिक व्यवस्था को देखा जाए तो पार्टी ने सभी वर्गों को साधने का काम किया है. बीजेपी ने ओबीसी से आने वाले डॉ. मोहन यादव को सीएम बनाया है, जबकि डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा एससी वर्ग से आते हैं. ये दोनों ही नेता मालवा जोन से आते हैं, इसी तरह राजेंद्र शुक्ला को भी डिप्टी सीएम बनाया गया है जो ब्राह्राण हैं और विंध्य अंचल से आते हैं. जबकि सवर्ण वर्ग के नरेंद्र सिंह तोमर को विधानसभा अध्यक्ष बनाया गया है जो चंबल रीजन से आते हैं. सवर्ण वर्ग से आने वाले वर्तमान अध्यक्ष वीडी शर्मा बुंदेलखंड रीजन से सांसद हैं, ऐसे में उनकी जगह बीजेपी किसी सवर्ण वर्ग के नेता पर ही दांव लगा सकती है. नरोत्तम मिश्रा के साथ ये नेता दावेदार मध्य प्रदेश में प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में सूबे के पूर्व गृहमंत्री और बीजेपी के सीनियर नेता नरोत्तम मिश्रा के नाम की चर्चा सबसे ज्यादा है, वह पिछले कुछ दिनों में तेजी से राज्य की राजनीति में एक्टिव भी दिख रहे हैं, जबकि हाल में उन्होंने कई बार वीडी शर्मा से मुलाकात भी की है. मिश्रा के दिल्ली दौरे की भी चर्चा है. इसके अलावा भोपाल की हुजूर सीट से तीन के बार के विधायक रामेश्वर शर्मा के नाम की चर्चा भी चल रही है. शर्मा इस बार मंत्री पद के भी दावेदार थे, लेकिन उन्हें जगह नहीं मिली थी, जिसके बाद उनके नाम की चर्चा अध्यक्ष पद के लिए भी चल रही है. वहीं पूर्व मंत्री अरविंद सिंह भदोरिया का नाम भी इस रेस में शामिल हैं, भदोरिया को संगठन का कुशल रणनीतिकार माना जाता है. ये नाम भी चौंका सकते हैं बीजेपी राजनीतिक अपने सरप्राइज के लिए भी जानी जाती है. 2014 के बाद से ही बीजेपी ने अब तक कई चौंकाने वाले फैसले किए हैं, ऐसे में इस बात की भी पूरी संभावना है कि किसी अनजाने चेहरे की एंट्री भी हो सकती है. पन्ना से विधायक और पूर्व मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह, बैतूल से विधायक हेमंत खंडेलवाल का नाम भी तेजी से अध्यक्ष पद की रेस में शामिल हुआ है. माना जा रहा है कि बीजेपी आलाकमान की दिल्ली में हुई बैठक में भी इन दोनों की चर्चा हुई है. वहीं भोपाल से पार्टी सांसद आलोक शर्मा भी अध्यक्ष की दौड़ में शामिल माने जा रहे हैं. आदिवासी वर्ग की भी चर्चा बीजेपी का फोकस हमेशा आदिवासी वर्ग पर भी रहा है. मोहन सरकार में आदिवासी वर्ग से आने वाले मंत्रियों की संख्या अच्छी खासी है, जिनके पास बड़े विभागों की जिम्मेदारियां हैं. ऐसे में अगर बीजेपी आदिवासी वर्ग से आने वाले नेता पर दांव लगाती है तो इस लिस्ट में मंडला से आठ बार के सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते का नाम भी रेस में शामिल हैं. वह अटल और मोदी सरकार में मंत्री रह चुके हैं. इसके अलावा राज्यसभा सांसद सुमेर सिंह सोलंकी के नाम की चर्चा भी कई बार हो चुकी है. जबकि अनुसूचित जाति वर्ग से आने वाले नेता पूर्व मंत्री लाल सिंह आर्य के नाम की चर्चा भी तेज है. 15 जनवरी तक मिल सकता है नया अध्यक्ष मध्य प्रदेश में फिलहाल बीजेपी के संगठन चुनावों की प्रक्रिया जारी है, जिसके तहत मंडल अध्यक्षों की नियुक्तियां हो चुकी हैं, जबकि जिला अध्यक्षों के लिए रायशुमारी का दौर जारी है. वहीं माना जा रहा है कि 15 जनवरी तक प्रदेश में नए अध्यक्ष की ताजपोशी भी हो सकती है. क्योंकि जिला अध्यक्षों के चुनाव की प्रक्रिया इस हफ्ते में पूरी होने की उम्मीद है, ऐसे में फिर नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति हो सकती है. recent visitors 92

MP में ठंड, कोहरा और बारिश का कहर, मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट

भोपाल मध्य प्रदेश के कई इलाकों में सर्दी और कोहरे का प्रकोप शुक्रवार को भी जारी रहा। इस दौरान रायसेन, राजगढ़ और शाजापुर में शीतलहर का असर देखा गया और वहां कड़ाके की सर्दी पड़ी। जबकि भोपाल, नर्मदापुरम, सीहोर, मरुखेड़ा (नीमच) में भी बेहद ठंडा दिन रहा। इस दौरान प्रदेश में सबसे कम तापमान पचमढ़ी (नर्मदापुरम) में 3.4 डिग्री दर्ज किया गया। सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के सभी संभागों के जिलों में मौसम मुख्यत: शुष्क रहा। गुरुवार सुबह इन जिलों में रहा कोहरा आज मौसम की बात करें प्रदेश के श्योपुरकलां, नीमच, आगर, मंदसौर, उज्जैन, शाजापुर, सीहोर, राजगढ़, जबलपुर, भोपाल, भिंड एवं मुरैना जिलों में मध्यम से घना कोहरा छाया रहा, जबकि रतलाम, झाबुआ, धार, इंदौर, देवास, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, ग्वालियर, दतिया, गुना, छतरपुर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, नरसिंहपुर, रायसेन, अशोकनगर एवं विदिशा जिलों में हल्का कोहरा छाया रहा। प्रदेश में शुक्रवार सुबह सबसे कम तापमान पचमढ़ी (नर्मदापुरम) में 3.4 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा पिपरसमा (शिवपुरी) में 4.4 डिग्री, मरुखेड़ा (नीमच) में 4.6 डिग्री, कल्याणपुर (शहडोल) में 4.8 डिग्री और आगर-मालवा (आगर) में 5.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। राजधानी भोपाल और जबलपुर एयरपोर्ट पर सबसे कम यानी सिर्फ 50 मीटर की दृश्यता दर्ज की गई। शुक्रवार को ज्यादातर जिलों रहेगा कोहरा, 5 जगह गिर सकता है पाला मौसम विभाग ने शुक्रवार को रायसेन और शाजापुर जिले में कहीं-कहीं घना कोहरा छाने, शीतलहर चलने और पाला पड़ने की संभावना जताई है। इसके अलावा विदिशा, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा जिले में भी कुछ स्थानों पर घना कोहरा छाने और पाला पड़ने की उम्मीद जताई है। भोपाल, राजगढ़, आगर जिलों में भी कहीं-कहीं घना कोहरा छाने और ठंडा दिन रहने की उम्मीद है। इसके अलावा सीहोर, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, नीमच, मंदसौर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, बैतूल, हरदा, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, मैहर और निवाड़ी जिलों में कहीं कहीं मध्यम से घना कोहरा छाने की उम्मीद है। वहीं नीमच, नर्मदापुरम, भोपाल, राजगढ़, आगर जिलों में कहीं-कहीं बेहद ठंडा दिन रहने की उम्मीद है। कैसा रहा बीता दिन? बीते दिन प्रदेश के नर्मदापुरम संभाग के जिलों में न्यूनतम तापमान विशेष रूप से गिरा। इसके अलावा इंदौर, उज्जैन, रीवा और शहडोल संभागों के जिलों में भी न्यूनतम तापमान में गिरावट देखी गई। भोपाल और नर्मदापुरम संभागों के जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से कम रहा, जबकि शेष सभी संभागों के जिलों के तापमानों में विशेष परिवर्तन नहीं हुआ। अधिकतम तापमान की बात करें तो उज्जैन व रीवा संभाग के जिलों में इसमें काफी गिरावट देखी गई। वे सामान्य से काफी कम रहे यानी यहां ठंड का ज्यादा असर देखा गया। जबकि इस दौरान इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और सागर संभागों के जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से कम रहे और शेष सभी संभागों के जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य ही रहा। सिनोप्टिक मौसमी परिस्थितियां पश्चिमी विक्षोभ, जम्मू एवं संलग्न उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर माध्य समुद्र तल से 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर चक्रवातीय परिसंचरण के रूप में स्थित है। पश्चिमोत्तर भारत के ऊपर माध्य समुद्र तल से 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 222 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से उपोष्ण जेट स्ट्रीम हवाएं बह रही हैं। मध्य ईरान के ऊपर माध्य समुद्र तल से 3.1 किलोमीटर से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई के बीच अवस्थित पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवातीय परिसंचरण के रूप में सक्रिय है। recent visitors 75