कैलिफोर्निया में प्लेन क्रैश, 2 की मौत,18 घायल, बिल्डिंग की छत से टकराया, यहां 200 लोग मौजूद थे

कैलिफ़ोर्निया अमेरिका के कैलिफोर्निया में फर्नीचर के वेयर हाउस पर एक प्लेन क्रैश हुआ है। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, लॉस एंजिल्स के पास गुरुवार को एक विमान इमारत की छत से टकरा गया। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई और 18 अन्य घायल हो गए। हादसे के तुरंत बाद विमान में भीषण आग लग गई समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, फुलर्टन पुलिस प्रवक्ता क्रिस्टी वेल्स ने बताया कि यह दुर्घटना स्थानीय समयानुसार दोपहर 2:09 बजे लॉस एंजिल्स से 40 किमी दक्षिण-पूर्व में फुलर्टन शहर में हुई। हादसे के तुरंत बाद ही विमान में भीषण आग लग गई और आसपास के जगहों को खाली कराया गया। अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि विमान किस तरह का था स्थानीय केएबीसी न्यूज चैनल के वीडियो फुटेज में एक बड़ी इमारत के ऊपर से धुआं निकलता हुआ दिखाई दिया है। यह इमारत एक क्षेत्रीय ट्रेन लाइन के पास स्थित है और इसके दोनों ओर कई इमारतें भी हैं। क्रिस्टी वेल्स ने कहा कि अभी यह पता नहीं चल पाया है कि यह विमान किस तरह का था, घायल एयरक्राफ्ट में या फिर जमीन पर थे और घायलों की स्थिति क्या है। recent visitors 84

CG के पूर्व मंत्री लखमा हो सकते हैं गिरफ्तार, शराब घोटाले में ईडी को मिले अहम सबूत

रायपुर   छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला में ED को जांच में कवासी लखमा के खिलाफ ऐसे कई सबूत मिले हैं जिसके आधार पर उनकी गिरफ्तारी तय है। जांच में पहले पता चला  कि अनवर ढेबर, अनिल टुटेजा और अन्य लोगों का शराब सिंडिकेट छत्तीसगढ़ राज्य में काम कर रहा था। इस घोटाले की रकम 2161 करोड़ रुपए है। शराब की खरीद और बिक्री के लिए राज्य निकाय द्वारा उनसे खरीदी गई शराब के प्रति ‘केस’ के लिए डिस्टिलर्स से रिश्वत ली जाती थी। कवासी लखमा को शराब घोटाले से पीओसी से हर महीने कमिशन मिलाता था। ईडी को उन्हे गिरफ्तार करने के लिए यही सबूत काफी है। छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में राज्य के पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को ईडी गिरफ्तार कर सकती है। ईडी ने अपने आधिकारिक बयान में दावा किया है कि शराब घोटाले में लखमा के शामिल होने और उन्हें अवैध शराब बिक्री पर कमीशन मिलने के अहम सबूत मिले हैं। पूर्व मंत्री कवासी लखमा जब मंत्री थे तो उनकी गाड़ी में हमेशा एक शख्स उनके साथ घूमा करता था। उसका नाम सुशील ओझा है। वह कांग्रेस पार्टी में प्रदेश प्रतिनिधि के पद पर है। उसके घर पर ईडी ने छापा मारा था। रायपुर निवासी ओझा फिलहाल विदेश यात्रा पर है। वहीं, पूर्व मंत्री लखमा ने कहा वह ईडी के समक्ष 3 जनवरी को पेश होंगे। उन्होंने कहा कि जिन सबूतों की बात ईडी की टीम कर रही है, उन्हीं सबूतों के आधार पर उनके खिलाफ बड़ी कार्रवाई कर सकती है। इससे पहले ईडी इसी तरह के सूबतों का दावा करते हुए शराब कारोबारी और रायपुर के महापौर रहे एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर आबकारी विभाग के अधिकारी एपी त्रिपाठी समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। ईडी ने छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत 28 दिसंबर को छत्तीसगढ़ के रायपुर, धमतरी और सुकमा जिलों में स्थित सात परिसरों में तलाशी अभियान चलाया था। तलाशी अभियान के दौरान ईडी ने घोटाले की प्रासंगिक अवधि के दौरान कवासी लखमा द्वारा नकद में पीओसी के उपयोग से संबंधित सबूत जुटाया था। इसके अलावा तलाशी में कई डिजिटल डिवाइस बरामद और जब्त की गईं। ईडी ने एक्स पर इसकी जानकारी दी है। recent visitors 79

जो नहीं देख पाए दुनिया उन्हें लुई ब्रेल ने दिखाई राह, सरकार उनकी कर रही अनदेखी

सुशील दामले विशेष संवाददाता भोपाल। वैज्ञानिक लुई ब्रेल ने दुनिया नहीं देखने वालों के लिए बड़ी खोज की थी, जिसकी वजह से ही दिव्यांगजन बड़ी से बड़ी सरकारी सेवा कर देश के लिए अपना योगदान दे पा रहे हैं। यह बात 2 जनवरी 2025 को निशक्तजन कल्याण धारा समिति से जुड़े सदस्य दिव्यांग डॉ गोविन्द यादव ने ब्रेल लिपि के जनक लुई ब्रेल को याद करते हुए कही। उन्होंने बताया कि पिछले 5 वर्षों से समिति के माध्यम से लुई ब्रेल की जयंती मना रहे हैं। इसका उदेश्य यह है कि लुई ब्रेल को लोग जाने। क्योंकि बहुत से लोगों को इनके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। लुई ने ब्रेल लिपि की खोज की और इसी लिपि से बिलाइंड दिव्यांगजन शिक्षा ग्रहण कर पा रहे हैं। डॉ यादव ने कहा 5 जनवरी को राजधानी भोपाल के पोलिटेक्निक कॉलेज चौराहा स्थित हिंदी भवन में लुई ब्रेल की जयंती के उपलक्ष्य में कार्यक्रम होगा। इसमें प्रदेशभर से दिव्यांजन समेत बड़ी संख्या में विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं के पदाधिकारी शामिल होंगे। नेहरू नगर कोटरा स्थित समर्थनम ऑफ़ द दिसहेबल संस्था के प्लेसमेंट अधिकारी अंकित शुक्ला ने बताया कि हमारी संस्था का मुख्य उदेश्य बिलाइंड बच्चों को शिक्षित कर उन्हें रोजगार पाने लायक और रोजगार दिलाने के लिए उन्हें आगे लाना है, ताकि वे भी समाज की मुख्य धारा में आ सकें। संस्था का मुख्यालय बेंगलोर में है। जिसके देशभर में 15 सेंटर संचालित हैं। recent visitors 195

मध्यप्रदेश के दो पैरालंपिक खिलाड़ी सुरूबीना फ्रांसिस और कपिल परमार ने प्रदेश का नाम रोशन किया

भोपाल मध्यप्रदेश के दो पैरालंपिक खिलाड़ी सुरूबीना फ्रांसिस और कपिल परमार ने प्रदेश का नाम रोशन किया है। दोनों खिलाड़ियों को भारत के प्रतिष्ठित खेल पुरस्कार “अर्जुन अवार्ड’’ से सम्मानित किया जायेगा। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने इस बड़ी उपलब्धि पर दोनों खिलाड़ियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश को गौरवान्वित किया है। दोनों खिलाड़ियों की लगन, मेहनत और समर्पण ने उन्हें इस राष्ट्रीय पुरस्कार को हासिल करने के काबिल बनाया है। सारंग ने कहा कि उनकी यह उपलब्धि हमारे अन्य खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक रहेगी। उल्लेखनीय है कि रुबीना जबलपुर की रहने वाली है और कई साल से एमपी शूटिंग एकेडमी भोपाल में ट्रेनिंग ले रही हैं, वहीं कपिल परमार सीहोर के रहने वाले हैं। दोनों खिलाड़ी पेरिस पैरालंपिक 2024 के मेडलिस्ट हैं। कपिल परमार ने पेरिस पैरालंपिक 2024 में 5 सितंबर 2024 को मेंस के -60 किग्रा J1 वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इसी के साथ वे जूडो में पैरालंपिक पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए। पेरिस पैरालंपिक 2024 में रुबिना ने 10 मीटर एयर पिस्टल SH1 इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। रुबिना एमपी की पहली खिलाड़ी हैं जिन्होंने पैरालंपिक में पदक हासिल किया है। राष्ट्रपति 17 जनवरी को पुरस्कार प्रदान करेंगी युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय ने आज राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2024 की घोषणा की। राष्ट्रपति पुरस्कार विजेताओं को 17 जनवरी, 2025 सुबह 11 बजे राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक विशेष समारोह में पुरस्कार प्रदान करेंगी। उल्लेखनीय है कि समिति की सिफारिशों के आधार पर और उचित जांच के बाद, सरकार ने विभिन्न खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, विश्वविद्यालय और संस्थाओं को पुरस्कार प्रदान करने का निर्णय लिया है। 'खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अर्जुन पुरस्कार' पिछले चार वर्षों की अवधि में अच्छे प्रदर्शन तथा नेतृत्व, खेल कौशल और अनुशासन की भावना दिखाने के लिए दिया जाता है। अर्जुन अवार्ड के लिए आवेदन ऑनलाइन आमंत्रित किए गए थे और खिलाड़ियों/प्रशिक्षकों/ संस्थाओं को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वयं आवेदन करने की अनुमति दी गई थी। इस वर्ष इन पुरस्कारों के लिए बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए, जिन पर भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) वी. रामसुब्रमण्यम की अध्यक्षता वाली चयन समिति द्वारा विचार किया गया और इसमें प्रख्यात खिलाड़ी, खेल पत्रकारिता में अनुभव रखने वाले गणमान्य व्यक्ति और खेल प्रशासक शामिल थे।   recent visitors 61

शहर के पेट्रोल पंपों पर फ्यूल डिलेवरी वर्कर की भूमिका निभायेंगीं “शक्ति दीदी”

ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में ग्वालियर जिले में "शक्ति दीदी" के नाम से जिला प्रशासन द्वारा यह प्रेरणादायी पहल की गई है। जिन महिलाओं को “शक्ति दीदी” के रूप में फ्यूल वर्कर के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराया गया है, वे ऐसी महिलायें हैं जो अपनों द्वारा उपेक्षित हैं अथवा जिनके पति का असमय निधन हो चुका है। पेट्रोल पंप संचालकों ने इस सराहनीय पहल में सहयोग करने का भरोसा दिलाया और कहा कि वे अपने पेट्रोल पंपों पर शक्ति दीदी के रूप में अन्य जरूरतमंद महिलाओं को भी रोजगार देंगे। ग्वालियर शहर के पाँच व्यस्ततम पेट्रोल पंपों पर नए साल के दूसरे दिन गुरुवार को पाँच महिलाओं ने ‘शक्ति दीदी’ के रूप में फ्यूल डिलेवरी वर्कर का मोर्चा संभाला। ग्वालियर के पड़ाव आरओबी के समीप स्थित वैश्य एण्ड मुखर्जी पेट्रोल पंप पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विवेक कुमार ने श्रीमती जयहालदार को शक्ति दीदी की जिम्मेदारी सौंपी। इसी तरह संस्कृति पेट्रोल पंप न्यू कलेक्ट्रेट पर अपर कलेक्टर श्रीमती अंजू अरुण कुमार ने श्रीमती रानी शाक्य, दर्शन फ्यूल स्टेशन पिंटो पार्क पर अपर कलेक्टर कुमार सत्यम ने श्रीमती प्रीति माझी एवं सांई राम पेट्रोल पंप चेतकपुरी पर एडीएम टी.एन. सिंह ने श्रीमती निशा परिहार का स्वागत कर उन्हें शक्ति दीदी का दायित्व सौंपा। महिला फ्यूल वर्कर के रूप में तैनात शक्ति दीदी की ड्यूटी की अवधि प्रात: 9 बजे से सायंकाल 5 बजे तक रहेगी। कलेक्टर श्रीमती चौहान ने सुविधा पेट्रोल पंप की “शक्ति दीदी” श्रीमती मीना जाटव का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वे पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने दायित्व का निर्वहन करें। जिला प्रशासन सहयोग के लिये सदैव तत्पर रहेगा। साथ ही पुलिस के सहयोग से आपकी सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जायेगा। उन्होंने इस अवसर पर शहरवासियों का आह्वान किया कि वे पेट्रोल पंपों पर अपने वाहन में तेल भरवाते समय फ्यूल वर्कर की भूमिका निभा रही शक्ति दीदी का सम्मान और हौसला अफजाई करें, जिससे उनका मनोबल बढ़े।   recent visitors 59

महाकुंभ के लिए बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार किया गया, श्रद्धालुओं के लिए तैयार प्रयागराज

महाकुंभ नगर कभी संकरी और खस्ताहाल सड़कों के लिए पहचाने जाने वाले प्रयागराज का आज कायाकल्प हो चुका है। पहले कुंभ 2019 और अब महाकुंभ 2025 को देखते हुए योगी सरकार ने यहां की सूरत ही बदल दी है। 2019 कुंभ के दृष्टिगत जो विकास कार्य हुए, उसे 2025 महाकुम्भ में और विस्तार देते हुए स्थाई कार्यों पर जोर दिया गया है। सनातन आस्था के सबसे बड़े समागम महाकुंभ के लिए बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार किया गया है। आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी तरह की परेशानी न हो, इसको देखते हुए इस बार 200 सड़कों का निर्माण और विकास किया गया है। इन सड़कों को 3 लाख पौधों और एक लाख हॉर्टिकल्चर सैंपलिंग से सजाया गया है। कुल मिलाकर महाकुंभ के दौरान जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां आएंगे तो यहां की सड़कों और उनके सौंदर्यीकरण की मनमोहक छवि के साथ यादगार अनुभव लेकर वापस जाएंगे। प्रयागराज में महाकुंभ के महा आयोजन को देखते हुए कुल 200 ऐसी सड़कें हैं, जिनका उन्नयन किया गया है। इसमें नई सड़कों का भी निर्माण हुआ है, जबकि सड़कों का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण भी किया गया है। सड़कों के निर्माण और विकास में तीनों विभागों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसमें सबसे ज्यादा काम प्रयागराज नगर निगम की ओर से किया गया है, जिसने कुल 78 सड़कों का नव निर्माण, चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण करने में सफलता प्राप्त की है। इसके बाद लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने 74 और प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने कुल 48 सड़कों का विकास किया है। इसके साथ ही सड़कों का सौंदर्यीकरण भी किया गया है। खासतौर पर विभिन्न तरह के पौधों को यहां सजाया गया है, जबकि हॉर्टिकल्चर सैंपलिंग्स भी की गई है। इन 200 सड़कों पर कुल मिलाकर तीन लाख पौधों को रोपित किया गया है, जबकि एक लाख हॉर्टिकल्चर सैंपलिंग्स को प्लांट किया गया है। इन्हीं सड़कों के माध्यम से श्रद्धालुओं का संगम तक आवागमन सुगम हो सकेगा और उन्हें दिव्य आनंद की अनुभूति प्राप्त होगी। इन सड़कों का निर्माण तीनों विभागों के लिए कतई आसान नहीं रहा है। इसके लिए इन्हें कई तरह की चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा है। उदाहरण के तौर पर निर्माण के दौरान कई ऐसे स्थल थे, जहां पर एंक्रोचमेंट था जिन्हें हटाया गया है। श्रद्धालुओं के साथ ही प्रयागराज वासियों की सुविधा के लिए निर्मित इन सड़कों के विकास के लिए कुल मिलाकर 4426 एंक्रोचमेंट को ध्वस्त किया गया है। इसी तरह, कई स्थलों पर निर्माण को लेकर कोर्ट केस का भी सामना करना पड़ा है। कुल मिलाकर 82 कोर्ट केसेस को रिजॉल्व किया गया है। वहीं, निर्माण के दौरान 4893 इलेक्ट्रिक पोल्स को भी यहां से शिफ्ट करने में सफलता प्राप्त हुई है। इतना ही नहीं, सड़कों के निर्माण के साथ-साथ 170 किमी. लंबी अंडरग्राउंड केबलिंग भी की गई है।   recent visitors 67

केंद्र सरकार ने हाईवे और एक्सप्रेसवे पर साइन बोर्डों के लिए नए दिशा-निर्देश लागू किए, 24 जनवरी से हाईवे के नियम बदल जाएंगे

नई दिल्ली नए साल की शुरूआत होते ही केंद्र सरकार ने हाईवे और एक्सप्रेसवे पर साइन बोर्डों के लिए नए दिशा-निर्देश लागू किए हैं। ये दिशा-निर्देश 24 जनवरी से प्रभावी होंगे, जिनका उद्देश्य सड़क उपयोगकर्ताओं को स्पष्ट, मानकीकृत और समय पर जानकारी प्रदान करना है। इन परिवर्तनों के जरिए दुर्घटनाओं को कम करने और यातायात को अधिक सुव्यवस्थित बनाने की कोशिश की जा रही है। स्पीड लिमिट और चेतावनी संकेतक नई व्यवस्था के तहत रंबल स्ट्रिप्स जैसे संभावित खतरनाक स्थानों से पहले संकेतक लगाए जाएंगे, ताकि ड्राइवर को अपनी गति समायोजित करने का समय मिल सके। स्पीड लिमिट की जानकारी हर पांच किलोमीटर पर साइन बोर्डों के माध्यम से दी जाएगी। इन बोर्डों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वाहन चालकों के लिए पढ़ना और समझना आसान हो। मानकीकरण और एकरूपता सड़क परिवहन मंत्रालय ने साइन बोर्डों पर उपयोग किए जाने वाले अक्षरों और संख्याओं के आकार और रंग को मानकीकृत कर दिया है। इस कदम से संकेतकों की एकरूपता बढ़ेगी और उन्हें समझने में आसानी होगी। साथ ही, अलग-अलग वाहनों की गति सीमा को एक ही बोर्ड पर स्पष्ट रूप से दर्शाने की व्यवस्था की गई है। No parking और पैदल यात्री सुरक्षा दुर्घटनाओं और ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए "नो पार्किंग" बोर्ड हर पांच किलोमीटर पर लगाए जाएंगे। इसके अलावा, पैदल यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, क्रॉसिंग की जानकारी पहले से देने की व्यवस्था की गई है। समग्र सुरक्षा के प्रयास इन दिशा-निर्देशों को तैयार करने के लिए विशेषज्ञों की एक समिति का गठन किया गया, जिसने अंतरराष्ट्रीय अनुभवों और सड़क सुरक्षा के आंकड़ों का गहराई से अध्ययन किया। इसके आधार पर मार्ग संकेतकों को तीन मुख्य श्रेणियों में विभाजित किया गया: अनिवार्य, चेतावनी और सूचना संबंधी संकेतक। recent visitors 74