देश के सबसे अमीर मुख्यमंत्री में डॉ मोहन यादव ,,,,,, वें स्थान पर ,ताजा रिपोर्ट से मचा हड़कंप

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की सोमवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव(Dr Mohan Yadav) देश के पांचवें सबसे अमीर सीएम है। विधानसभा चुनाव 2023 के समय डॉ. मोहन यादव के पास 1.41 लाख व पत्नी सीमा के पास 3.38 लाख नकद थे। रिपोर्ट के मुताबिक आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू 931 करोड़ रुपए की कुल संपत्ति के साथ देश के सबसे अमीर मुख्यमंत्री हैं, जबकि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (15 लाख रुपए) के पास सबसे कम संपत्ति है। वहीं देश के 31 मुख्यमंत्रियों(Richest Chief Ministers) की कुल संपत्ति 1630 करोड़ रुपए है। 2023-24 में भारत की प्रति व्यक्ति शुद्ध राष्ट्रीय आय लगभग, 85, 854 थी, जबकि एक मुख्यमंत्री की औसत आमदनी 13, 64, 310 रुपए है, जो औसत प्रति व्यक्ति आय का लगभग 7.3 गुना है। चल संपत्ति: विस चुनाव 23 के समय डॉ. मोहन(CM Mohan Yadav) यादव के पास 1.41 लाख व पत्नी सीमा के पास 3.38 लाख नकद थे। डॉ. यादव के पास 5.66 करोड़, पत्नी के पास 3.23 करोड़, परिवार के पास 59.66 लाख और बेटा अभिमन्यु के पास 42.96 लाख की चल संपत्ति थी।अचल संपत्ति का विवरण: डॉ. मोहन यादव के पास चुनाव के पहले 13.36 करोड़ और पत्नी सीमा पास 18.75 करोड़ की अचल संपत्ति थीं।चुनाव के पहले मोहन यादव पर 5.75 करोड़, पत्नी सीमा पर 1.86 करोड़, परिवार पर 4 लाख रुपए की देनदारियां थीं। recent visitors 283

नववर्ष में सिर्फ 45 मिनट में होंगे बाबा महाकाल के दर्शन, प्रशासन ने की पूरी तैयारी

उज्जैन  नया साल आने में अब कुछ ही समय बचा है। ज्यादातर लोग नए साल की शुरुआत उज्जैन स्थित बाबा महाकाल के दर्शन से करते हैं। ऐसे में 31 दिसंबर और 01 जनवरी को बाबा महाकाल के दरबार में भक्तों की भारी भीड़ जुटने की संभावना है। इसे देखते हुए भगवान महाकाल के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 31 दिसंबर और एक जनवरी के दिन मंदिर समिति इस बार विशेष तैयारी कर रही है। भक्तों को आसानी से दर्शन कराने के लिए कई व्यवस्थाएं की गई हैं। वहीं, प्रशासन का दावा है कि सुगम दर्शन व्यवस्था से भक्त करीब 45 मिनट में भगवान के दर्शन कर सकेंगे। भक्तों को कर्कराज पार्किंग से शक्तिपथ होते हुए महाकाल लोक से मंदिर में प्रवेश मिलेगा। 31 और एक को शीघ्र दर्शन टिकट व्यवस्था बंद रहेगी। कार्तिक मंडपम में सामान्य श्रद्धालुओं को बड़ी संख्या में प्रवेश कराकर दर्शन करवाए जाएंगे। इन दोनों दिन भस्मार्ती में श्रद्धालुओं की संख्या को आधा कर दिया जाएगा। कहां होगी वाहन पार्क करने की व्यवस्था?     हरिफाटक ब्रीज के नीचे तथा हाटबाजार परिसर     कर्कराज, कलोता व भील समाज धर्मशाला परिसर     कार्तिक मेला ग्राउंड तथा माधव सेवा न्यास परिसर यहां से मिलेगा भक्तों को मंदिर में प्रवेश सामान्य दर्शनार्थी: चारधाम मंदिर के सामने से दर्शन की कतार में लगने के बाद शक्तिपथ के रास्ते श्री महाकाल महालोक, मानसरोवर फैसिलिटी सेंटर, महाकाल टनल-1 से गणेश मंडप में पहुंचेंगे तथा भगवान महाकाल के दर्शन करेंगे। वीआईपी: प्रोटोकाल के तहत आने वाले वीआईपी दर्शनार्थी हरिफाटक ओवर ब्रीज से होकर बेगमबाग के रास्ते नीलकंठ द्वार से मंदिर में प्रवेश करेंगे। यहां वीआइपी पार्किंग की व्यवस्था भी रहेगी। वृद्ध, दिव्यांग: नए साल पर भगवान महाकाल के दर्शन करने आने वाले वृद्ध व दिव्यांग दर्शनार्थियों का प्रवेश मंदिर कार्यालय के सामने अवंतिका से होगा। यहीं व्हील चेयर की सुविधा उपलब्ध रहेगी। दर्शन के बाद भक्त इस रास्ते से जाएंगे बाहर भगवान महाकाल के दर्शन उपरांत भक्त गेट नंबर 10 अथवा निर्माल्य द्वार से मंदिर के बाहर आएंगे। इसके बाद निर्धारित मार्ग से बड़ा गणेश मंदिर के सामने से होते हुए हरसिद्धि चौराहा से पुन: चारधाम मंदिर पहुंचेंगे। भक्तों के लिए फ्री रहेंगी ये सुविधाएं जूता स्टैंड: भील समाज की धर्मशाला, चारधाम मंदिर के सामने, अवंतिका द्वार के समीप निशुल्क जूता स्टैंड की सुविधा उपलब्ध रहेगी। भोजन प्रसादी: श्री महाकाल महालोक के सामने मंदिर समिति के अन्नक्षेत्र में भक्तों को निशुल्क भोजन प्रसादी की सुविधा उपलब्ध रहेगी। पेयजल: करीब ढाई किलो मीटर लंबे मार्ग पर कई स्थानों पर पेयजल के इंतजाम रहेंगे। यहां से प्रसाद खरीद सकेंगे भक्त मंदिर समिति द्वारा चारधाम मंदिर के समीप और पार्किंग में लड्डू प्रसाद काउंटर स्थापित किए जाएंगे। भक्त यहां से लड्डू प्रसाद खरीद सकेंगे। डायवर्सन और पार्किंग व्यवस्था चार पहिया वाहन पार्किंग 1. इंदौर/देवास/मक्सी मार्ग सेः वाहन कर्कराज, भील समाज पार्किंग। वैकल्पिक मन्नत गार्डन, इम्पीरियल होटल के पीछे। 2. बड़नगर/नागदा मार्ग सेः मोहनपुरा ब्रिज से कार्तिक मेला मैदान। 3. आगर मार्ग से मकोडिया आम से कार्तिक मेला मैदान वैकल्पिकः कृषि उपार्जन मैदान। दो पहिया वाहन पार्किंग 1. इंदौर/देवास/मक्सी मार्ग से नरसिंह घाट पार्किंग। 2. बड़नगर /आगर/नागदा मार्ग से हरसिद्धी पाल पार्किंग। वैकल्पिक शंकराचार्य चौराहा गुरुद्वारा पार्किंग। भारी वाहन डायवर्सन 1. इंदौर से नागदा /आगर/मक्सी मार्ग, तपोभूमि-देवास बायपास। 2. मक्सी से इंदौर मार्ग, नरवर बायपास। 3. बड़नगर/नागदा/आगर मार्ग, मोहनपुरा ब्रिज से देवास रोड। वाहन प्रतिबंधित मार्ग (31 दिसंबर शाम 4 बजे से) 1. हरिफाटक टी से महाकाल घाटी चौराहा। 2. जंतर-मंतर से चारधाम पार्किंग। 3. शंकराचार्य चौराहा से नरसिंहघाट। पार्किंग से निकास मार्ग 1. कर्कराज/नरसिंहघाट पार्किंग, भूखी माता मार्ग। 2. इंटरपिटिशन पार्किंग, जयसिंहपुरा से लालपुल। 3. हरिफाटक पार्किंग, वाकणकर ब्रिज। रिजर्व पार्किग इंजीनियरिंग कॉलेज और प्रशांति चौराहा। नोटः नगर निगम द्वारा चारधाम टर्निंग तक बस सेवा उपलब्ध। recent visitors 142

31 जनवरी 2025 तक टैक्स से जुड़े इस जरूरी काम के लिए बढ़ी अंतिम तारीख , जानें सबकुछ

नई दिल्ली आज साल 2024 का आखिरी दिन है और कल से नए साल (New Year 2025) का आगाज होने जा रहा है, इस बीच टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी खबर आई है. दरअसल, आयकर विभाग ऐन मौके पर विवाद से विश्वास स्कीम (Vivad Se Vishwas Scheme) की डेडलाइन में इजाफा कर दिया है. इस स्कीम की लास्ट डेट 31 दिसंबर तय की गई थी, जिसे बढ़ाकर अब 31 जनवरी तक कर दिया गया है. इसका मतलब है कि एक महीने और टैक्सपेयर्स अपने विवादित टैक्स को कम अमाउंट के साथ निपटा सकते हैं. बता दें कि इस स्कीम का ऐलान मोदी 3.0 के पहले बजट (Budget) में वित्त मंत्री द्वारा किया गया था. आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से… एक महीने के लिए बढ़ी डेडलाइन आयकर विभाग (Income Tax Department) ने टैक्सपेयर्स के विवादित टैक्स मुद्दों के निपटाने के लिए विवाद से विश्वास योजना की शुरुआत की थी, जिसमें आयकर विवादों से परेशान टैक्सपेयर्स (Tax Payers) को कम अमाउंट देकर करा सकते हैं. इस स्कीम की डेडलाइन भी 31 दिसंबर 2024 यानी आज खत्म होने वाली थी. लेकिन इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से सोमवार को ही इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी कर इसकी डेडलाइन को 1 महीने के लिए बढ़ाने का ऐलान किया गया. अगर आप इस योजना का लाभ उठाकर टैक्स विवाद का निपटारा कराना चाहते हैं, तो फिर आपके पास अब 31 जनवरी 2025 तक का समय है. नहीं तो देना होगा 110% पेमेंट केंद्रीय प्रत्यक्ष कर आयोगा यानी CBDT ने एक नोटिफिकेशन जारी कर कहा है कि अब विवाद से विश्वास योजना का लाभ अगले साल भी मिलेगा और 31 जनवरी तक विवादित टैक्स निपटारे किए जा सकेंगे. इसमें साफ कहा गया है कि नई डेडलाइन तक अगर टैक्सपेयर्स अपने विवादों का निपटारा नहीं करा पाते हैं, तो फिर ऐसे स्थिति में 1 फरवरी 2025 या उसके बाद की जाने वाली घोषणाओं पर विवादित टैक्स डिमांड का 110 फीसदी पेमेंट करना होगा. इन करदाताओं को स्कीम का फायदा Vivad Se Vishwas Yojna का लाभ ऐसे करदाताओं को मिलेगा, जिनके विवादित टैक्स से जुड़े मामले के संबंध में अपनी दायर की गई है. जिन टैक्सपेयर्स ने 22 जुलाई 2024 तक सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ठ या फिर आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण में याचिका दायर की है, या फिर टैक्स ऑफिसर्स की ओर से अपील की गई है, तो फिर उन्हें इस स्कीम के तहत कम अमाउंट देकर टैक्स निपटारा करने का फायदा मिल सकता है. सरकार को उम्मीद है कि इस योजना से लगभग 2.7 करोड़ प्रत्यक्ष कर मांगों का समाधान हो सकेगा, जिनकी कुल राशि लगभग 35 लाख करोड़ रुपये होगी. तेजी से इन मामलों का निपटान करने के लिए स्टार्ट की गई Income Tax Department की इस स्कीम के तहत चार तरह के फॉर्म जारी किए गए हैं. ये चार फॉर्म किए गए हैं जारी फॉर्म 1 – इसमें आप डिक्लेरेशन फाइल और अंडरटेकिंग देंगे. फॉर्म 2 – यह अथॉरिटी द्वारा जारी किए जाने वाले प्रमाणपत्र के लिए होगा. फॉर्म 3 – इस फॉर्म के तहत घोषणाकर्ता द्वारा पेमेंट की जानकारी दी जाएगी. फॉर्म 4 – अथॉरिटी द्वारा टैक्स एरियर के फुल एंड फाइनल सेटलमेंट की जानकारी दी जाएगी. फॉर्म 1 और 3 हैं सबसे जरूरी विवाद से विश्वास सरकारी स्कीम में फॉर्म-1 को इनकम टैक्स से जुड़े हर विवाद के लिए अलग-अलग से भरना होगा. वहीं फॉर्म-3 में आपको पेमेंट की जानकारी शेयर करनी होगी. इसमें आपको अपील, आपत्ति, आवेदन, रिट याचिका या दावे को वापस लेने के प्रमाण के साथ अथॉरिटी को देना पड़ेगा. फॉर्म 1 और 3 को टैक्सपेयर्स द्वारा इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रस्तुत किया जा सकेगा. ये फॉर्म आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल यानी www.incometax.gov.in पर उपलब्ध कराए जाएंगे. क्या होता है डायरेक्ट और इनडायरेक्ट टैक्स? भारत में डायरेक्ट टैक्स के तहत इनकम टैक्स (Income Tax) आता है. जो लोग इसके लिए तय किए गए दायरे में आते हैं, उन्हें अपने इनकम ब्रैकेट के हिसाब से टैक्स देना पड़ता है और इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करना पड़ता है. इनडायरेक्ट के तहत वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी (GST) के मामले आते हैं. आप जो भी सामान खरीदते हैं या टेलीकॉम जैसी किसी सेवा का इस्तेमाल करते हैं, तो उस पर जीएसटी देना पड़ता है.   recent visitors 60

LPG सिलेंडर का दाम 1 जनवरी से बदल रहा! जानें आपकी जेब पर कितना पड़ेगा भारी

LPG GAS CYLINDER PRICE 2025 नए साल के मौके पर आपकी रसोई के बजट को या तो झटका लग सकता है या फिर बड़ी राहत भी मिल सकती है. दरअसल, हर महीने की एक तारीख को गैस कंपनियां एलपीजी के दामों का रिव्यू कर उन्हें घटाने बढ़ाने का फैसला लेती हैं. लंबे समय से कंपनियों द्वारा घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में परिवर्तन नहीं किया गया है. ऐसे में माना जा रहा है कि 1 जनवरी 2025 को LPG गैस के दामों में बदलाव हो सकता है. 2025 में कितने बढ़ सकते हैं घरेलू LPG सिलेंडर के दाम? नए साल की पहली तारीख को घरेलू LPG सिलेंडर के दाम घटेंगे या बढ़ेंगे, ये फैसला तो 1 जनवरी 2025 को ही होगा, लेकिन अगर कीमतें बढ़ती हैं तो इसमें आमतौर पर 50 से 100 रु का अंतर किया जाता है. बात करें पिछले जनवरी 2023 औरक जनवरी 2024 की तो नव वर्ष की पहली तारीखों को घरेलू गैस सिलेंडर समेत सभी गैस सिलेंडरों की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया था. ऐसे में माना जा रहा है कि इस वर्ष घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ाई जा सकती हैं. 2024 में कितनी बढ़ी-घटीं एलपीजी की कीमतें? मार्च 2024 में घरेलू गैस सिलेंडर में और जुलाई 2024 में कर्मशियल गैस सिलेंडर की कीमतों में कटौती की गई थी. इसके बाद अगस्त, सितंबर और नवंबर 2024 में कर्मशियल एलपीजी की कीमतों को बढ़ाया गया. वहीं घरेलू गैस सिलेंडर के दाम मार्च 2024 से ही स्थिर बने हुए हैं. मध्यप्रदेश में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत मध्यप्रदेश के भोपाल शहर में 31 दिसंबर 2024 को 14.2kg वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 808 रु 50 पैसे हैं. मध्यप्रदेश में सिलेंडर का ये रेट मार्च 2024 से ही स्थिर हैं. यानी लगभग 9 महीनों से घरेलू गैस सिलेंडर के दामों ये बदलाव नहीं हुआ है. इससे पहले इसमें बदलाव मार्च 2024 में हुआ था, जब घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में 100 रु की कटौती की गई थी. मध्यप्रदेश के प्रमुख शहरों में घरेलू व कमर्शियल सिलेंडर के दाम शहर कीमतें (घरेलू सिलेंडर) कीमतें (कमर्शियल सिलेंडर) भोपाल 808 रु 50 पैसे 1824 रु जबलपुर 809 रु.50 पैसे 2036 रु 50 पैसे इंदौर 831 रु 1926 रु ग्वालियर 886 रु 2047 रु 50 पैसे recent visitors 320

अफगानिस्तानी बॉर्डर पर पाकिस्तानी चौकी पर टीटीपी के कब्जे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

काबुल पाकिस्तान और अफगानिस्तान इस समय एक दूसरे पर धड़ाधड़ हमले कर रहे हैं. डूरंड लाइन क्रॉस कर पाकिस्तान में घुसे अफगान के तालिबानी लड़ाके पाकिस्तानी चौकियों पर बम बरसा रहे हैं. इस बीच खबर आई कि तहरीकए-ए-तालिबान (टीटीपी) ने पाकिस्तानी सेना के एक पोस्ट पर कब्जा कर लिया. लेकिन अब इसे लेकर पाकिस्तानी सेना की सफाई आई है. अफगानिस्तानी बॉर्डर पर पाकिस्तानी चौकी पर टीटीपी के कब्जे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. कहा जा रहा है कि टीटीपी ने इस वीडियो को खुद जारी किया है. लेकिन अब पाकिस्तानी सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस पर सफाई देते हुए कहा है कि सेना की इस चौकी को हमले से कुछ समय पहले ही खाली कर दिया गया था. उन्होंने कहा कि यहां से सैन्यकर्मियों को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया था. यह प्रक्रिया सिर्फ बाजौर तक सीमित नहीं थी बल्कि उत्तरी और दक्षिणी वजीरिस्तान में भी इसी तरह सैन्यकर्मियों को चौकियों से हटा दिया गया था. बता दें कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में तालिबानी लड़ाकों को पाकिस्तानी पोस्ट पर हथियारों के साथ जश्न मनाते देखा जा सकता है. उन्होंने आर्मी पोस्ट से पाकिस्तान का झंडा उखाड़कर टीटीपी का झंडा भी लहरा दिया. अफगानी तालिबानी लड़ाकों और पाकिस्तानी सेना के बीच क्यों ठनी? पाकिस्तानी सेना और अफगान लड़ाकों के बीच यह विवाद उस समय गहरा गया, जब तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने हाल ही में वजीरिस्तान के मकीन इलाके में पाकिस्तानी सेना के 30 जवानों को मार गिराया था. इसके जवाब में, पाकिस्तान ने एयरस्ट्राइक करके यह संदेश देने की कोशिश की थी कि वह अपने सैनिकों की हत्या बर्दाश्त नहीं करेगा. अफगान तालिबान के पास भारी मात्रा में हथियार और दुर्गम इलाकों में छिपने की क्षमता है. उनके पास एके-47, मोर्टार, रॉकेट लॉन्चर जैसे आधुनिक हथियारों का विशाल भंडार है. इसके अलावा, तालिबानी लड़ाके उन पहाड़ों और गुफाओं से हमले करते हैं, जिनके बारे में पाकिस्तानी सेना को जानकारी तक नहीं है. शहबाज शरीफ सरकार पहले से ही आर्थिक संकट, सीपैक प्रोजेक्ट में देरी और बलूचिस्तान में अलगाववाद जैसी समस्याओं से जूझ रही है. इन मुद्दों ने सरकार और सेना दोनों को कमजोर किया है. अब तालिबान के साथ टकराव ने इस संकट को और बढ़ा दिया है. तालिबान की ताकत कितनी है? इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज की रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान के पास इस समय एक लाख 50 हजार एक्टिव लड़ाके हैं. तालिबान ने अफगानिस्तान के लिए अब तक रक्षा बजट का सार्वजनिक रूप से खुलासा नहीं किया है. अफगानिस्तान की सत्ता संभालने के बाद सेना को औपचारिक रूप देने के लिए स्पेशल फोर्स और आठ इन्फैंट्री कोर के अंतर्गत तीन बटालियन की नींव रखी गई. तालिबान का मैनपावर सोर्स कबाइली इलाकों में बसे कबीले और उनके लड़ाके हैं. इसके अलावा कट्टर धार्मिक संस्थाएं, मदरसे भी उनके विचार को सपोर्ट कर रहे हैं. लेकिन इन सबसे ज्यादा पाकिस्तानी सेना और आईएसआई की सीक्रेट मदद तालिबान के लिए मददगार साबित हो रही है. अमेरिकी खुफिया आकलन भी जमीनी हालात को साफ करते हैं जिसमें कहा गया है कि अमेरिकी सैनिकों की वापसी के 6 महीने के भीतर अफगानिस्तान सरकार का प्रभुत्व खत्म हो जाएगा और तालिबान का शासन आ सकता है.   recent visitors 70

रेलवे ने महाकुंभ में 3 हजार स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया, 560 ट्रेने रिंग रेल रूट पर चलाई जाएंगी

प्रयागराज महाकुंभ के आयोजन के लिए ना केवल उत्तर प्रदेश प्रशासन बल्कि भारतीय रेलवे ने भी कमर कस ली है। प्रयागराज में गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती नदी के पवित्र संगम पर आगामी 13 जनवरी से शुरू होने वाले महाकुंभ की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए जुटा है। दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक महाकुंभ के लिये क्षेत्र को तमाम सुविधाओं से लैस करने के मकसद से श्रमिकों की पूरी फौज नदियों के प्रवाह को व्यवस्थित करने, सड़कों को चौड़ा करने और घाटों को समतल करने में जुटी है। वहीं रेलवे ने महाकुंभ के लिए 3 हजार स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है। इसमें से 560 ट्रेने रिंग रेल रूट पर चलाई जाएंगी। नॉर्थ सेंट्रल रेलवे के जनरल मैनेजर उपेंद्र चंद्र जोशी ने कहा कि आसपास के 9 रेलवे स्टेशनों पर 560 टिकटिंग पॉइंट की व्यवस्था की जा रही है। प्रयागराज जंक्शन, सुबेदारगंज, नैनी, प्रयागराज छेओकी, प्रयाग जंक्शन, फाफामऊ, प्रयागराज रामबाग, प्रयागराज संगम और झूसी स्टेशन पर टिकट काउंटर बनाए गए हैं।  रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा कि इन पॉइंट्स से रोज करीब 10 लाख टिकट बांटे जा सकते हैं। महाकुंभ मेले को देखते हुए 15 दिन पहले टिकट लेने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि रिंग रेल रूट पर भी ट्रेनें चलाई जाएंगी। प्रयागराज-अयोध्या-वाराणसी-प्रयागराज, प्रयागराज संगम- जौनपुर-प्रयाग-प्रयागराज, गोविंदपुरी-प्रयागराज-चित्रकूट-गोविंदपुरी और झांसी-गोविंदपुरी-प्रयागराज-माणिकपुर-चित्रकूट-झांसी रूट पर ट्रेनें चलाई जाएंगी। रेलवे 10 हजार से ज्यादा नियमित और 3 हजार से ज्यादा स्पेशल ट्रेनों का संचालन करेगा। स्पेशन ट्रेनों में करीब 1800 छोटे रूट पर और 700 ट्रेनें लंबे रूट पर चलेंगी। इसके अलावा रिंग रूट पर 560 ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा की नजरिए से 18 हजार से ज्यादा आरपीएफ और एसआरपी के जवानों को तैनात किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रयागराज जंक्शन पर 6 बेड वाले ऑब्जरवेशन रूम का सेटअप तैयार किया गया है। यहां ऑक्सीजन सिलेंडर, कंसंट्रेटर, ईसीजी मशीन, ग्लुकोमीटर, नेबुलाइजर और स्ट्रेचर की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अलावा यात्रियों की सुरक्षा के लिए 1186 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है। इनमें से 116 कैमरे एआई तकनीक से चलते हैं। कहां से चलेंगी ट्रेनें अब तक जिन स्पेशल ट्रेनें की समय सारिणी सामने आई है उनमें मैसूर से लेकर कामाख्या और वलसाड़ से राजकोट तक की ट्रेनें शामिल हैं। इसमें मैसूर-दानापुर-मैसूर एक्स्परेस, कामाख्या-टूंडला-कामाख्या एक्सप्रेस, कानपुर से्ंट्रल-भागलपुर, नाहरलगुन-टुंडला-नाहरलगुन, टाटानगर-टुंडला- टाटानागर, रांची-टूंडला-रांची. पटना-प्रयागराज-पटना. गया-प्रयागराज-गया, विश्वामित्री-बलिया-विश्वामित्री, वलसाड-दानापुर-वलसाड, वापी-गया-वापी, साबरमती-बनारस-साबरमती, भावनगर टर्मिनल-बनारस-साबरमती. अहमदाबाद-जंघई-अहमदाबाद, राजकोट-बनारस-राजकोट, वेरावल-बनारस-वेरावल ट्रेनें शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में इस मेगा आयोजन को 'एकता का महाकुंभ' बताया और लोगों से समाज से नफरत और विभाजन को खत्म करने के संकल्प के साथ इस भव्य धार्मिक समागम से लौटने का आग्रह किया। महाकुंभ आगामी 13 जनवरी को 'पौष पूर्णिमा' से शुरू होगा और 45 दिनों के बाद 26 फरवरी को 'महा शिवरात्रि' पर सम्पन्न होगा। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, महाकुंभ में श्रद्धालुओं के लिये एक लाख 60 हजार टेंट और डेढ़ लाख शौचालयों की स्थापना की गई है और इनकी साफ-सफाई के लिए 15 हजार सफाई कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। मेला क्षेत्र में पानी की सुविधा देने के लिये 1,250 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई है। इसके अलावा 67 हजार एलईडी लाइट, दो हजार सोलर लाइट और तीन लाख पौधे लगाए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, नौ पक्के घाट, सात रिवरफ्रंट सड़कें और 12 किलोमीटर क्षेत्र में अस्थायी घाट निर्माणाधीन हैं। सात बस अड्डे भी बनाए जा रहे हैं। वहीं, क्षेत्र को सजाने के लिए 15 लाख वर्ग फुट से अधिक के भित्ति चित्र और ‘स्ट्रीट पेंटिंग’ बनाई गई हैं। हालांकि, हर बड़ा आयोजन अपने साथ उतनी ही बड़ी चुनौतियां भी लेकर आता है। कटान की वजह से गंगा नदी अपने मूल मार्ग से दूर चली गई है और महाकुंभ के लिए उपलब्ध भूमि कम हो गई है। इसके अलावा, पांच साल के दौरान नदी के प्रवाह की जद में आ जाने से साल 2019 के कुंभ के लिए इस्तेमाल की गई 3200 हेक्टेयर जमीन कम हो गई है। recent visitors 73

हादसा : महिदपुर में सुबह तेज रफ्तार पिकअप पलटी, तीन मजदूरों की हुई मौत, सभी रतलाम जा रहे थे

उज्जैन उज्जैन में मंगलवार सुबह तेज रफ्तार पिकअप पलट गई। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई। 14 घायल हैं, इनमें पांच लोगों की हालत गंभीर है। गंभीर घायलों को जिला अस्पताल से रेफर किया गया है। बाकी घायलों का इलाज महिदपुर में चल रहा है। हादसा महिदपुर तहसील के डेलची गांव में सुबह करीब 8:30 बजे हुआ। पिकअप मजदूरों को लेकर रतलाम जा रही थी। स्पीड तेज होने के चलते पिकअप अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे ऊतरकर पलट गई। मजदूर नीचे दब गए।मौके पर मौजूद लोग मदद के लिए पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई। पिकअप के नीचे दबने से कंचन बाई (45), जसोदा बाई (35) और बाला राम (15) की मौत हो गई। माया बाई, रेखा बाई, पायल बाई, रम्भा बाई को गंभीर हालत में उज्जैन जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मंजू बाई, हेमा बाई, साजन बाई, लक्ष्मी बाई, डाली बाई, रेखा बाई, ललिता बाई, रम्भा बाई, कमला बाई, उमराव बाई, सुगन बाई और रुक्मा बाई को महिदपुर के अस्पताल हैं। सभी महिलाएं मजदूर थीं और सुबह के समय खेतों में मटर तोड़ने के लिए अन्य गांवों में जा रही थीं। recent visitors 77