उत्तरकाशी के गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में जमी बर्फ, बारिश का अलर्ट जारी: मौसम विभाग

उत्तरकाशी उत्तरकाशी के गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में लगभग एक फीट बर्फ जमा होने से निचले इलाकों में भी ठंड बढ़ गई है। बर्फबारी के कारण प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने उत्तरकाशी जिले में भारी बर्फबारी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, जनपद के 2200 मीटर की ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम में तीव्र परिवर्तन होने की संभावना है। इन क्षेत्रों में भारी बर्फबारी और बारिश हो सकती है, जिससे सर्दी और बढ़ सकती है और यातायात प्रभावित हो सकता है। इस अलर्ट के मद्देनजर प्रशासन ने संबंधित क्षेत्रों में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। यात्रियों और स्थानीय निवासियों को खराब मौसम के कारण सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। सड़क मार्गों पर बर्फ जमने और दुर्घटनाओं के खतरे को देखते हुए यातायात व्यवस्था को लेकर भी अतिरिक्त इंतजाम किए जा रहे हैं। यह अलर्ट विशेष रूप से गंगोत्री, यमुनोत्री और अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों के लिए है, जहां बर्फबारी और बारिश की अधिक संभावना है। उत्तरकाशी जनपद के मुख्यालय सहित अन्य क्षेत्रों में जबरदस्त बारिश हुई है, जिससे ठंड में और भी वृद्धि हो गई है। भारी बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। इस मौसम में ठंड से बचने के लिए लोग अब अलाव का सहारा ले रहे हैं। जिला प्रशासन ने आपातकालीन स्थिति से निपटने के आदेश दिए हैं। आदेश के तहत स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, स्थानीय प्रशासन, और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट रहने को कहा गया है। साथ ही राजस्व विभाग, ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ), ग्राम प्रधान और अन्य संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में रहकर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। इन अधिकारियों को आपातकालीन स्थिति में त्वरित कार्रवाई करने और स्थानीय समुदाय को किसी भी प्रकार के संकट से बचाने के लिए सतर्क रहने को कहा गया है। उत्तरकाशी में बढ़ती ठंड और खराब मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन ने खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को बाहर जाने से मना किया है। केवल अति आवश्यक काम होने पर ही बाहर जाने की अनुमति दी गई है, ताकि ठंड और बर्फबारी के कारण होने वाली बीमारियों से बचाव किया जा सके। वहीं लोक निर्माण विभाग को भी विशेष निर्देश दिए गए हैं कि वे बर्फबारी वाले क्षेत्रों में अपनी निगरानी बढ़ाएं और सड़कों पर फिसलन को कम करने के लिए जरूरी उपाय करें।   recent visitors 84

Saurabh Sharma के ऑफिस में 13 घंटे से ज्यादा वक्त तक चली तलाशी, जानिए सर्चिंग टीम को क्या कुछ मिला

भोपाल परिवहन विभाग के धनकुबेर पूर्व आरक्षक (Former RTO Constable) सौरभ शर्मा (Saurabh Sharma) और उसके सहयोगी चेतन गौर (Chetan Gour) पर अब ईडी (ED) का भी शिकंजा कसना शुरू हो गया है. इनकी काली कमाई (Black Money) से जुड़े साक्ष्य तलाशने ईडी ने प्रदेश के अलग अलग इलाको में इनसे जुड़े ठिकानों पर एक साथ रेड की थी. ग्वालियर में सौरभ और चेतन के घरों पर लगभग साढ़े तेरह घण्टे तक जांच पड़ताल चली. बताया जा रहा है कि पुलिस इन दोनों जगहों से एक सेल डीड और एक डायरी जब्त करके ले गई है.  प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम गुरुवार को ही ग्वालियर पहुंच गई थी. ऐसे हुई कार्रवाई ED ने गुप्त ढंग से यहां ऑपरेशन की योजना बनाई थी, उसने स्थानीय टैक्सी का सहारा लेकर पर्यटक बनकर पहले शहर में भ्रमण किया. शुक्रवार को सुबह 5 बजे टीम सौरभ शर्मा के विनय नगर सेक्टर दो में  शब्द प्रताप आश्रम स्थित घर पहुंची. यहां देर रात तक लगभग 13.30 घंटे तक सर्चिग चली, जिसमें मकान की रजिस्ट्री से संबंधित सेल डीड, एक डायरी और अन्य दस्तावेज जब्त किए गए। इसके बाद टीम वहां से रवाना हो गई. सौरभ के किस ठिकाने से क्या मिला… 1. ई- 7/98, अरेरा कॉलोनी: इस मकान में सौरभ परिवार के साथ 2 साल से रह रहा है। सूत्रों का कहना है कि ये मकान रोहित तिवारी ने खरीदा था। सौरभ को उसने 50 हजार रुपए महीने किराए पर ये मकान दिया है। लोकायुक्त की टीम ने इस घर पर छापा मारा था। क्या मिला- यहां से प्रॉपर्टी में निवेश के दस्तावेज और नकदी मिली है। 2. ई- 7/78, अरेरा कॉलोनी: सौरभ ने ये बंगला 2 महीने पहले ही खरीदा है। बताया जा रहा है कि ये बंगला बहुत दिनों से खाली था। यहां लोकायुक्त की टीम ने छापा नहीं मारा, लेकिन दो दिन पहले यहां पुलिस देखी गई है। ये भी पता चला कि इस घर की निगरानी के लिए पुलिस ने एक दूसरे मकान पर सीसीटीवी लगाया था। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि किसी ने नहीं की। क्या मिला- ये मकान खाली था। यहां पर सर्चिंग के दौरान कुछ खास नहीं मिल पाया है। 3. ई- 7/ 657, अरेरा कॉलोनी: इस बंगले में सौरभ ने जयपुरिया स्कूल का ऑफिस बनाया हुआ था। इसमें ही उसका दोस्त चेतन सिंह गौर रहता था। लोकायुक्त को इसी मकान से 2 क्विंटल से ज्यादा चांदी की सिल्लियां मिली हैं। क्या मिला- जयपुरिया स्कूल में निवेश के कुछ दस्तावेज मिले हैं। खाली बैग मिले, जिन्हें नकदी के लिए इस्तेमाल किया जाता था। 4. ई- 8/ 98, रेलवे कॉलोनी: इस मकान में शरद जायसवाल रहता है। शरद कंस्ट्रक्शन कंपनी अविरल में डायरेक्टर भी हैं। बताया जा रहा है कि शरद ने सौरभ के निवेश से जुड़ी अहम जानकारी ईडी को दी है। क्या मिला- प्रॉपर्टी में निवेश के दस्तावेज सौरभ की मां का लॉकर फ्रीज कराया सौरभ शर्मा के विनय नगर स्थित आवास से ईडी की टीम को उसकी मां उमा शर्मा के साथ जॉइंट अकाउंट के दस्तावेज मिले हैं। जो यूनियन बैंक के हैं। उमा शर्मा के नाम शब्द प्रताप आश्रम स्थित यूनियन बैंक में एक लॉकर भी मिला है। जिसमें मनी लॉन्ड्रिंग के पैसे आने जाने की आशंका पर उसे फ्रीज कराया गया है। हाईवे पर हाल ही में एक जमीन बेचे जाने के भी कुछ दस्तावेज मिले हैं। इसके अलावा कई सारे रिकॉर्ड जमा किए गए हैं, जिनको आगे जांच में लिया जा सकता है। इसके अलावा ग्वालियर में सौरभ शर्मा के सिटी सेंटर स्थित घर और जबलपुर में उसकी ससुराल के मकान में भी ईडी ने दिन भर सर्चिंग की। यहां से भी कुछ अहम दस्तावेज और बैंक ट्रांजेक्शन की जानकारी मिली है। ईडी की एक अन्य टीम ने  सौरभ के दोस्त और पार्टनर चेतन गौर के कम्पू स्थित आवास पर छापा मारा. इस घर मे भी कोई मौजूद नहीं था. बताया गया कि ईडी ने चेतन के घर से कई दस्तावेज जब्त किये. चेतन के घर पर टीम ने तलाशी के बाद कुछ फाइलें भी जब्त कीं, जो सरकारी ठेकों से जुड़ी बताई जा रही हैं. बताया गया है चेतन ने सौरभ के काम में रिश्तेदारों का पैसा निवेश किया था, इसकी फाइलों की पड़ताल के लिए टीम यहां आई थी. चेतन ने 3 गाड़ियां भी दी हुई थीं, जिसके बदले में उसे हर महीने 2.50 लाख रुपये मिलते थे. बताया गया कि ईडी टीम (ED Team) ने सौरभ के विनय नगर स्थित घर मे काफी बारीकी से जांच पड़ताल की. उन्होंने फर्नीचर व जमीन को भी ठोक कर देखा. ईडी ने सौरभ के घर पर रखे फर्नीचर को भी अच्छी तरह से चेक करने के साथ ही फर्श  को भी कई बार ठोक कर देखा. वह यह देखना चाहती थी इनमें कुछ छिपा तो नहीं है. इसके साथ ही घर मे कार्यरत संग्राम नामक एक कर्मचारी से भी पूछताछ की. पता ये भी चला कि सौरभ ने कुछ समय पहले दुबई में अपनी पत्नी दिव्या के साथ अपने बेटे का जन्मदिन भी मनाया था. जांच में यह तथ्य भी प्रकाश में आया कि सौरभ के कई रिश्तेदार भी दुबई में रहते हैं. सौरभ के घर से जांच टीम रात लगभग साढ़े सात बजे निकली और सीधे गाड़ियों में सवार हो गई. इस टीम में एक पुरुष और एक महिला मुंह ढंके हुए निकले जो पूरी कार्रवाई के दौरान टीम के साथ रहे. इन दोनों को लेकर दिन भर चर्चा रही. हालांकि बताया गया कि यह दोनो स्वतंत्र साक्ष्य के रूप में लाये गए थे, जो एक राष्ट्रीय बैंक के एक मैनेजर और एक फील्ड ऑफीसर थे. टीम घरों से निकलकर सीधे अपने गंतव्य पर रवाना हो गई. शहर में नहीं रुकी. recent visitors 79

मध्यप्रदेश बीजेपी में जबर्दस्त खींचतान, मोहन-शर्मा-सिंधिया सबके पावर खत्म, हाईकमान का सीधा हस्तक्षेप

भोपाल ! मध्यप्रदेश में संगठन चुनावों के दौरान भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में भारी उथल-पुथल देखने को मिली। पार्टी के भीतर मंडल अध्यक्षों और जिला अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर खींचतान साफ झलकी। पार्टी ने पहले पारदर्शिता का दावा करते हुए कहा था कि नियुक्तियां किसी मंत्री, सांसद, विधायक, या जिलाध्यक्ष की पसंद से नहीं, बल्कि योग्यता के आधार पर होंगी। लेकिन व्यवहार में यह वादा अधूरा ही रहा। बीजेपी हाईकमान ने इस स्थिति से निपटने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे नेताओं का जिला अध्यक्षों के चयन में सीधा हस्तक्षेप समाप्त कर दिया गया है। हाईकमान ने स्पष्ट कर दिया है कि जैसे सांसद और विधायक के टिकट का निर्णय केंद्रीय नेतृत्व करता है, वैसे ही अब जिलाध्यक्षों का चयन भी दिल्ली से होगा। मध्यप्रदेश में बीजेपी जिलाध्यक्षों की चयन प्रक्रिया अंतिम चरण में है। जिला स्तर पर चुनाव अधिकारियों ने तीन नामों का पैनल तैयार कर प्रदेश संगठन को सौंप दिया है। अब इन नामों पर अंतिम निर्णय हाईकमान करेगा। यह पहली बार है जब मध्यप्रदेश बीजेपी में जिलाध्यक्षों का निर्धारण सीधे दिल्ली से किया जाएगा। इस बदलाव का उद्देश्य संगठन को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है। अब तक जिलाध्यक्षों का चयन स्थानीय नेताओं द्वारा किया जाता रहा, जिसमें कई बार सांसद और विधायकों ने अपनी पसंद के लोगों को ही प्राथमिकता दी। इससे योग्यता को दरकिनार किया गया। नई व्यवस्था के तहत काबिल और निष्ठावान कार्यकर्ताओं को प्रमुख जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। हाल ही में हुए मंडल अध्यक्षों के चुनावों में कई गड़बड़ियां सामने आईं। पार्टी द्वारा तय किए गए क्राइटेरिया, जैसे 45 साल की आयु सीमा, आपराधिक रिकार्ड न होना, और पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल न होना, का पालन कई जगहों पर नहीं हुआ। कई मंडल अध्यक्षों की नियुक्तियों पर विवाद हुआ, और कुछ को चयन के तुरंत बाद हटा भी दिया गया। मंडल अध्यक्षों के चुनाव में सामने आए विवादों और शिकायतों के बाद हाईकमान ने जिलाध्यक्षों के चयन को लेकर सख्ती दिखाई है। अब दिल्ली से चयन होने से पारदर्शिता और निष्पक्षता की उम्मीद बढ़ गई है। इससे कार्यकर्ताओं का विश्वास भी मजबूत होगा और पार्टी संगठन को नई दिशा मिलेगी। यह कदम मध्यप्रदेश बीजेपी के संगठन को न केवल मजबूती देगा, बल्कि योग्यता और पारदर्शिता के नए मानदंड भी स्थापित करेगा। recent visitors 417

खंडवा के प्रसिद्ध श्री राम मंदिर में लगी भीषण आग, आसपास के मकान कराए गए खाली, फायर ब्रिगेड ने पाया काबू

खंडवा मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के भामगढ़ स्थित श्री राम मंदिर में शुक्रवार की देर रात आग लग गई। मंदिर में आग लगने के बाद पहले ग्रामीणों ने आग बुझाने की कोशिश की। लेकिन, जब आग नियंत्रित नहीं हुई तो फायर ब्रिगेड की मदद ली गई। पुलिस के मुताबिक मंदिर में आग कैसे लगी यह बात स्पष्ट नहीं हो पाई है। इस अग्निकांड में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है, मंदिर में रखा सामान जरूर बड़ी तादाद में जल गया है। अग्निकांड के समय मंदिर में कोई था अथवा नहीं पुलिस इस बात की जानकारी जुटा रही है। आज सुबह आग पर पाया गया काबू जानकारी के अनुसार, भामगढ़ में लगभग 500 साल पुराना श्री राम मंदिर है। इस मंदिर में शुक्रवार की देर रात को अचानक आग लग गई, महज कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया। ग्रामीणों ने काफी देर तक आग बुझाने की कोशिश की, मगर उनके प्रयास सफल नहीं हुए। परिणाम स्वरूप फायर ब्रिगेड की गाड़ी बुलाना पड़ी और शनिवार की सुबह तक इस आग पर काबू पाया जा सका। आसपास के मकान कराए गए खाली बताया गया है कि इस पुराने मंदिर का लकड़ी का शेड और काफी पुरानी दीवार होने के कारण आग तेजी से भड़की। आग इतनी ज्यादा थी कि आसपास के मकानों को भी खाली करना पड़ा। आग कैसे लगी इस बात का खुलासा नहीं हो पाया है। इस अग्निकांड में मंदिर में रखी सामग्री जलकर खाक हो गई है। ग्रामीणों ने मंदिर परिसर से धुआं उठता देखा स्थानीय लोगों के मुताबिक शाम तक मंदिर में दर्शन करने भी बड़ी संख्या में लोग गए थे। देर रात लगभग ढाई बजे मंदिर परिसर से ग्रामीणों ने धुंआ उठते हुए देखा और फिर कुछ ही देर में आग ने आग की तेज लपटों दिखाई देने लगी। आग को बुझाने के लिए ग्रामीणों ने हर तरफ से पानी डाला गया मगर सफलता नहीं मिली। बाद में, फायर ब्रिगेड की मदद से इस आग को बुझाया जा सका। recent visitors 55

कल से शुरू होगी इसरो के अनूठे रिकॉर्ड कायम करने वाले मिशन ‘स्पैडेक्स’ की उलटी गिनती

चेन्नई भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) वर्ष 2024 शानदाई विदाई देने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुये अपने दोहरे रिकॉर्ड कायम करने वाले ‘स्पैडेक्स’ अंतरिक्ष मिशन के लिए उलटी गिनती काम कल से शुरू करेगा। इसके तहत पहली अंतरिक्ष डॉकिंग तकनीक पर – स्पैडेक्स उपग्रह से जुड़ी डॉकिंग और अनडॉकिंग श्रृंखला है और दूसरा पीएसएलवी-सी60 प्रक्षेपण यान पर पीओईएम-4 के हिस्से के रूप में 24 वैज्ञानिक प्रयोगों का पीएसएलवी का चौथा चरण शामिल है। पीएसएलवी-सी60 स्पैडेक्स मिशन का प्रक्षेपण 30 दिसंबर को श्रीहरिकोटा के पहले अंतरिक्ष बंदरगाह पर पैड से 2158 बजे निर्धारित है। पीएसएलवी मिशन के लिए उलटी गिनती का काम जो आम तौर पर 24 से 25 घंटे का होता है, कल से शुरू होने की उम्मीद है, जिसके दौरान चार चरण वाले वाहन में प्रणोदक भरने का कार्य किया जाएगा। इसरो ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, प्रक्षेपण के करीब एक कदम और बढ़ाते हुये स्पैडेक्स के प्रक्षेपण यान के साथ दो उपग्रह एकीकृत हो गए है। कहा गया, “एकीकरण मील का पत्थर है, एसडीएससी शार ‘लिफ्टऑफ़’ के एक कदम और करीब स्पैडेक्स उपग्रहों को पीएसएलवी-सी60 के साथ सफलतापूर्वक एकीकृत किया गया है।” बताया गया,“ पीएसएलवी-सी60 पर पहली बार पीआईएफ सुविधा में पीएस 4 (चौथे चरण इंजन) तक पूरी तरह से एकीकृत कर इसे पहले लॉन्च पैड पर ले जाया गया।” इसरो अपने पहले सफल अंतरिक्ष डॉकिंग प्रदर्शन के साथ वर्ष 2024 की शानदार विदाई करने के लिए उत्सुक है, क्योंकि यह अग्रणी मिशन भारत को चौथा देश बनने के लिए प्रेरित करेगा। इससे दुनिया को पता चलेगा कि देश जटिल अंतरिक्ष डॉकिंग तकनीक में महारत हासिल कर रहा है” इसरो के लिए यह एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व मिशन होगा जिसके तहत अंतरिक्ष डॉकिंग प्रदर्शन के लिए दो उपग्रह चेज़र और टारगेट वाले स्पैडेक्स लॉन्च के अलावा, स्पैडेक्स मिशन के साथ पीएसलवी ऑर्बिटल एक्सपेरिमेंट मॉड्यूल-4 (पीओईएम-4) पर अंतरिक्ष में रिकॉर्ड 24 वैज्ञानिक प्रयोग किये जायेंगे।   recent visitors 71

क्या बोतल बंद पानी सेफ? वैज्ञानिकों की यह रिसर्च उड़ा देगी आपकी नींद

कुछ साल में हुए रिसर्च में पाया गया कि औसतन एक लीटर पानी की बोतल में 240,000 प्लास्टिक कण पाए जाते हैं.यह एक बहुत ही चिंताजनक आंकड़ा है, क्योंकि नल के पानी के एक लीटर में औसतन 5.5 प्लास्टिक कण होते हैं. नैनोप्लास्टिक के कारण कैंसर, जन्म दोष और प्रजनन जैसी समस्याओं से जोड़ा जाता है. नैनोप्लास्टिक अपने छोटे आकार के कारण खतरनाक होते हैं – जिससे वे सीधे रक्त कोशिकाओं और मस्तिष्क में प्रवेश कर सकते हैं. बोतलों को बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले प्लास्टिक में आमतौर पर थैलेट्स होते हैं, जिन्हें विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से जोड़ा गया है.नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एनवायर्नमेंटल हेल्थ साइंसेज के अनुसार, थैलेट्स ‘विकासात्मक, प्रजनन, मस्तिष्क, प्रतिरक्षा और अन्य समस्याओं से जुड़े हैं’. पॉलियामाइड नामक एक प्रकार का नायलॉन पानी की बोतलों में पाया जाने वाला एक और प्लास्टिक कण था. हाल ही में हुए एक स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. एक लीटर के पानी की बोतल में लगभग 2, 40,000 प्लास्टिक के टुकड़े होते हैं. नॉर्मल एक लीटर के पानी की बोतल में पानी पी रहे हैं तो हो सकता है आप प्लास्टिक के टुकड़े पी रहे होंगे. हो सकता है आप प्लास्टिक के कण भी पी रहे होंगे. हमारी खराब लाइफस्टाइल के कारण अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में प्लास्टिक का खूब इस्तेमाल करते हैं. घर हो या ऑफिस प्लास्टिक बंद बोतल में पानी पीना हम खूब पसंद करते हैं. अगर आप भी ऐसा कर रहे हैं तो संभल जाएं क्योंकि आपके शरीर में धीमा जहर पहुंच रहा है. प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज नाम की संस्थान ने एक स्टडी में डराने वाला खुलासा किया है. जिसमें बताया गया है कि एक लीटर बोतलबंद पानी में करीब 2.40 लाख प्लास्टिक के महीन टुकड़े मौजूद होते हैं.जिसकी वजह से सेहत को गंभीर और जानलेवा खतरे (Bottled Water Harmful Effects) हो सकते हैं.प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज नाम की ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक प्लास्टिक के बोतल में पानी पीने के कारण कई गंभीर जानलेवा बीमारी हो सकती है. हाल ही में कुछ रिसर्च के मुताबिक बोतल में मौजूद बोतल बंद पानी में 100,000 से ज्यादा नैनोप्लास्टिक मिले हैं. यह इतने छोटे कण होते हैं कि ब्लड सर्कुलेशन तक को खराब कर सकते हैं. यह दिमाग और सेल्स को भी नुकसान पहुंचाते हैं. डायबिटीज और दिल की बीमारी हार्वर्ड स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ की रिसर्च के अनुसार, पॉली कार्बोनेट की बोतलों के पानी में बिस्फेनॉल ए केमिकल होता है, जो जब शरीर में जाता है तो दिल की बीमारियों और डायबिटीज का खतरा कई गुना तक बढ़ा सकता है. कैंसर का खतरा एक्सपर्ट्स के मुताबिक प्लास्टिक की बोतल में पानी पीने से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का खतरा बढ़ता है. इससे ब्रेस्ट और ब्रेन कैंसर का जोखिम बढ़ता है. प्लास्टिक बर्तन में रखी गर्म चीजों को खाने से बचना चाहिए. Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें. recent visitors 241

एक बार फिर से गूगल मैप ने दिखाया गलत रास्ता, कार सवार लोगों को निर्माणाधीन हाइवे पर भेज दिया, टला हादसा

हाथरस उत्तर प्रदेश में पिछले एक महीने में गूगल मैप की वजह से कई दर्दनाक हादसे हो चुके हैं। गूगल मैप लोगों गलत रास्ता दिखा कर भटका देता है। जिसके चसते बीते दिनों कई लोगों की जान भी जा चुकी है। अब हाथरस में गूगल मैप की वजह से एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। एक बार फिर से गूगल मैप ने गलत रास्ता दिखाया और कार सवार लोगों को निर्माणाधीन हाइवे पर भेज दिया। जिस वजह से कार मिट्टी के टीले से टकरा गई और कार चालक बुरी तरह चोटिल हो गए। मिट्टी के टीले से टकरा कर क्षतिग्रस्त हुई कार हादसा निर्माणाधीन मथुरा-बरेली हाईवे पर हुआ है। जहां एक परिवार एक परिवार कार में सवार होकर बदायूं से मथुरा जा रहा था। इसी दौरान गूगल मैप ने निर्माणाधीन हाइवे पर बंद पड़े रास्ते को दिखाया। जिस वजह से राहगीरों ने कार को उस ओर मोड़ लिया। कार वहां मौजूद मिट्टी के टीले से टकरा कर क्षतिग्रस्त हो गई। गनीमत रही कि इस हादसे में जान का कोई नुकसान नहीं हुआ। कार का एयरबैग खुलने की वजह से परिवार की जान बच गई। जानें कैसे हुआ हादसा शुक्रवार रात एक कार मैप के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इसमें सवार दो लोग घायल हो गए। बरेली के विमलेश श्रीवास्तव और कुशल कुमार कार से मथुरा जा रहे थे। इसके लिए उन्होंने गूगल मैप का सहारा लिया। कार सवार लोगों को सर्विस रोड से हाथरस की तरफ जाना था, लेकिन मैप ने उन्हें हाईवे पर चढ़ा दिया। हाथरस जंक्शन क्षेत्र में रोड ब्लाक के रिफ्लेक्टिंग बोर्ड न होने के कारण उनकी कार मिट्टी के ढेर से टकरा गई।  इससे कार सवार दोनों लोग घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस आनन-फानन में मौके पर पहुंची। जिसके बाद पुलिस ने कार सवार लोगों को सकुशल बाहर निकल लिया। पूरा मामला कोतवाली हाथरस जंक्शन क्षेत्र का है। निर्माणाधीन हाईवे हैं राहगीरों के लिए मुसीबत बता दें कि निर्माणाधीन हाईवे राहगीरों के लिए मुसीबत बन गए हैं। एनएचएआई की लापरवाही लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। उसपर गूगल मैप अलग राहगीरों को रास्ता भटका कर उनपर कहर बरपा रहा है। गूगल मैप राहगीरों को गुमराह कर देता है। जिसके चलते वाहन अधबने हाईवे पर दौड़ते हैं। recent visitors 152