साल की वो बड़ी घटनाएं, कुछ घटनाएं ऐसी रही, जिन्होंने पूरी दुनिया को झकझोर दिया, सवाल और विवाद पैदा किए

नई दिल्ली 2024 का साल भारत के लिए कई दर्दनाक, चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली घटनाओं से भरा रहा। यह साल न केवल राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना, बल्कि इसने कई संवेदनशील मुद्दों को भी सामने लाया। कुछ घटनाएं ऐसी रही, जिन्होंने पूरी दुनिया को झकझोर दिया और देश में बड़े पैमाने पर आक्रोश, सवाल और विवाद पैदा किए। आइए जानते हैं कुछ ऐसी प्रमुख घटनाओं के बारे में जिन्होंने इस साल भारतीय समाज को प्रभावित किया। 1. कोलकाता रेप कांड 9 अगस्त को कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक दिल दहला देने वाली घटना हुई। यहां पर एक महिला ट्रेनी डॉक्टर के साथ बलात्कार किया गया और उसके बाद बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस घटना ने ना केवल पश्चिम बंगाल, बल्कि पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। इस घटना के बाद राज्यभर में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए। लोग सरकार से सख्त कानून बनाने की मांग करने लगे, ताकि इस तरह के अपराधों पर काबू पाया जा सके। राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे और पुलिस की कार्यशैली पर भी सवालिया निशान लगे। यह घटना उस समय सामने आई, जब देशभर में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर चर्चा हो रही थी, जिससे इसे और भी संवेदनशील बना दिया। 2. वायनाड भूस्खलन 30 जुलाई को केरल के वायनाड जिले में एक भीषण भूस्खलन हुआ, जिसने कई किलोमीटर के इलाके को तबाह कर दिया। इस त्रासदी में 231 से ज्यादा लोगों की मौत की पुष्टि हुई, जबकि अन्य रिपोर्टों में मरने वालों की संख्या 420 से अधिक बताई गई। यह घटना मानसून के दौरान आई, और इसका असर इतना बड़ा था कि कई गांव पूरी तरह से बर्बाद हो गए। भारी बारिश और भूस्खलन के कारण बचाव कार्य भी मुश्किल हो गया। इस दुर्घटना में लगभग 1200 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और केरल सरकार ने पीड़ितों के लिए राहत उपायों की घोषणा की। यह घटना जलवायु परिवर्तन के असर को भी उजागर करती है, जिससे पर्यावरणीय संकट और बढ़ते हैं। 3. कर्नाटक का हैरान करने वाला मर्डर 2024 का एक और चौंकाने वाला मामला कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से सामने आया। यहां एक युवक ने अपनी प्रेमिका महालक्ष्मी की हत्या कर उसके शरीर के 59 टुकड़े किए और उन्हें फ्रिज में रख दिया। आरोपी ने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि उसने यह हत्या इसलिए की, क्योंकि वह अपनी प्रेमिका के व्यवहार से परेशान था। यह एक ऐसा अपराध था, जिसने न केवल कर्नाटक बल्कि पूरे देश को हैरान कर दिया। इस घटना के बाद महिला सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दे पर नए सिरे से बहस छिड़ी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया और मामले की जांच शुरू की, लेकिन इस घटना ने रिश्तों और मानसिक तनाव से जुड़ी समस्याओं को सामने लाया।   4. तिरुपति लड्डू विवाद 18 सितंबर को तिरुपति मंदिर के प्रसाद लड्डू में जानवरों की चर्बी मिलाए जाने का विवाद सामने आया। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और टीडीपी सुप्रीमो चंद्रबाबू नायडू ने आरोप लगाया कि मंदिर के प्रसाद में चर्बी का उपयोग किया जा रहा है। इस आरोप ने तिरुपति मंदिर प्रशासन को कठघरे में खड़ा कर दिया और मंदिर के प्रसाद के पवित्रता को लेकर सवाल उठने लगे। यह विवाद तब बढ़ा जब अन्य धार्मिक नेताओं और भक्तों ने इस आरोप को चुनौती दी। इस मुद्दे ने एक बड़ा धार्मिक और राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया, जो पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन गया। 5. रियासी आतंकी हमला 9 जून को जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले के पौनी इलाके में आतंकवादियों ने एक बस पर हमला किया। बस शिव खोरी से कटरा जा रही थी, तभी आतंकवादियों ने उस पर गोलीबारी की। इसके बाद बस खाई में गिर गई, जिससे 9 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। इस हमले ने कश्मीर में सुरक्षा की स्थिति को लेकर सवाल उठाए और पूरे राज्य में आतंकवादियों द्वारा किए जा रहे हमलों के खिलाफ आक्रोश पैदा किया। जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के हमलों की बढ़ती संख्या ने सुरक्षा एजेंसियों को और अधिक सतर्क कर दिया। 6. हाथरस भगदड़ कांड उत्तर प्रदेश के हाथरस में 2 जुलाई को एक धार्मिक सत्संग के बाद भगदड़ मच गई, जिसमें 123 लोगों की मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब हजारों लोग एकत्रित हुए थे और पुलिस एवं प्रशासन की ओर से कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई थी। भगदड़ मचने से लोग दबकर मारे गए, और इस हादसे ने सुरक्षा व्यवस्थाओं के खिलाफ सवाल खड़े कर दिए। धार्मिक आयोजनों में भारी भीड़ के दौरान सुरक्षा इंतजामों की कमी ने प्रशासन की लापरवाही को उजागर किया। घटना के बाद आयोजक को गिरफ्तार किया गया और कई बड़े सवाल प्रशासन की कार्यशैली पर उठे। 7. इतिहास का सबसे गर्म साल 2024 को अब तक का सबसे गर्म साल माना गया है। जलवायु परिवर्तन के कारण वैश्विक तापमान में रिकॉर्ड वृद्धि देखी गई है, और भारत भी इससे अछूता नहीं रहा। देश में जुलाई और अगस्त के महीने में भीषण गर्मी पाई गई, जिसने लोगों के जीवन को कठिन बना दिया। तापमान की वृद्धि के कारण जल संकट और सूखा जैसी समस्याएं सामने आईं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि यदि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को रोकने के लिए तत्काल कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में और भी गंभीर परिणाम हो सकते हैं। recent visitors 76

अब नजदीकी रिश्तेदारों को शेयर ट्रांसफर करने की सूचना सेबी को अलग से देने की जरूरत नहीं

मुंबई शेयरों की ऑनरशिप पैटर्न को लेकर सेबी ने नई गाइडलाइन जारी कर दी है। दरअसल अब नजदीकी रिश्तेदारों में शेयर ट्रांसफर को ऑनरशिप चेंज या मैनेजमेंट कंट्रोलिंग अथॉरिटी नहीं माना जाएगा। नजदीकी रिश्तेदार जिसमें भाई-बहन, माता-पिता या पत्नी और संतान आते हैं। इन्हें ट्रांसफर करने पर इसे ऑनरशिप चेंज नहीं माना जाएगा। दरअसल इन नजदीकी रिश्तेदारों को विरासत या शेयर ट्रांसफर करने की सूचना सेबी को अलग से देने की जरूरत नहीं है। इसके साथ ही मैनेजमेंट चेंज या ऑनरशिप ट्रांसफर होने के कारण सेबी को अलग से सूचना देने की अब जरूरत नहीं होगी। शेयर ट्रांसफर को लेकर सेबी द्वारा गाइडलाइन जारी की गई दरअसल बिचौलिया फर्मों को शेयर ट्रांसफर को लेकर सेबी द्वारा गाइडलाइन जारी की गई थी, लेकिन इस गाइडलाइन में असमंजस की स्थिति देखने को मिली थी। सवाल उठ रहा था कि क्या नजदीकी रिश्तेदारों को शेयर ट्रांसफर करना भी ऑनरशिप चेंज माना जाएगा। लेकिन अब सेबी की ओर से यह स्पष्ट कर दिया गया है, कि नजदीकी रिश्तेदारों को जिनमें पत्नी, माता-पिता, संतान और भाई-बहन शामिल है, को ऑनरशिप चेंज नहीं माना जाएगा। लेकिन उनके सिवा रिश्तेदारों को शेयर ट्रांसफर करना ओनरशिप चेंज माना जाएगा। इसके साथ ही अब शेयर ट्रांसफर करने की सूचना इन्वेस्टर एडवाइजर, रिसर्च एनालिस्ट या इनसे जुड़ी सेवा देने वाली कंपनियों को सेबी को देना होगी। सभी तरह के फर्म के लिए लागू किया गया दरअसल सेबी को जानकारी देने वाली इन कंपनियों को मध्यस्थ या बिचौलिया फर्म की श्रेणी में रखा जाएगा। दरअसल निवेशकों के हित की रक्षा के लिए सेबी द्वारा यह गाइडलाइन स्पष्ट की गई है। एक्सपर्ट्स की माने तो इन्वेस्टमेंट एडवाइजर और रिसर्च एनालिसिस तो फर्म कंपनी के साथ संबंधों का कानूनी स्वरूप भी अब तय हो चुका है। आसान भाषा में समझा जाए तो, अगर पिता की मौत हो जाती है और उसका पुत्र मैनेजमेंट संभालता है, तो इसे ऑनरशिप चेंज नहीं माना जाएगा। यह प्रोपराइटरी पार्टनरशिप और कॉर्पोरेट सभी तरह के फर्म के लिए लागू किया गया है। recent visitors 90

मध्यप्रदेश में 2 दिन गिरे ओले, बारिश-आंधी भी चली; अब बढ़ेगी ठंड, उज्जैन, सहित कई जिलों में 3 दिन कोहरा 

Hail fell in Madhya Pradesh for 2 days, rain and storm also occurred; cold will increase now, fog for 3 days in many districts including Ujjain  भोपाल में शनिवार-रविवार की दरमियानी रात धुंध छा गई। कोलार रोड, मंदाकिनी, चुना भट्टी में विजिबिलिटी 100 मीटर तक रही। भोपाल । मध्यप्रदेश में दो दिन मावठा गिरा। अब अगले तीन दिन उज्जैन, ग्वालियर और चंबल में कोहरा रहेगा। रविवार को प्रदेश के दक्षिणी हिस्से- खरगोन, बुरहानपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में हल्की बारिश हो सकती है। इसके बाद पूरे प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो जाएगा, जो पूरे जनवरी चलेगा। नए साल की पहली सुबह तेज सर्दी पड़ेगी। मौसम वैज्ञानिक प्रदीप कुमार गुप्ता ने बताया, ‘पश्चिमी-उत्तरी भारत में वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव है। एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी गुजर रहा है। इस वजह से पिछले दो दिन तक ओले गिरे और बारिश हुई। रविवार से बारिश की एक्टिविटी कम होगी, लेकिन कुछ जिलों में बारिश होने के आसार हैं।’ इसके पहले प्रदेश में लगातार दूसरे दिन शनिवार को भी बारिश हुई। सुबह 8.30 से शाम 5.30 बजे तक आधे से ज्यादा एमपी में बारिश हुई। 9 घंटे में सबसे ज्यादा पानी रीवा में 4.2 इंच गिर गया। उमरिया, नर्मदापुरम, बैतूल, जबलपुर, नरसिंहपुर, भोपाल, खजुराहो, नौगांव, सतना, टीकमगढ़, दमोह, सीधी, खंडवा, पचमढ़ी, सागर, रायसेन, धार, इंदौर, मंडला में बारिश हुई। मंदसौर, नीमच, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर में भी कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हुई। कई जगहों पर ओले भी गिरे। रात में भी बारिश का दौर जारी रहा। 42 जिलों के 250 शहर-कस्बों में बारिश शुक्रवार रात और शनिवार को 42 जिलों के 250 शहरों और कस्बों में पानी गिरा। इनमें भोपाल, मुरैना, अशोकनगर, नीमच, शाजापुर, बैतूल, रतलाम, ग्वालियर, आगर-मालवा, मंदसौर, देवास, नर्मदापुरम, सीहोर, रायसेन, उज्जैन, विदिशा, खंडवा, राजगढ़, हरदा, इंदौर, श्योपुर, शिवपुरी, भिंड, दतिया, खरगोन, बड़वानी, गुना, अलीराजपुर, धार, सागर, पन्ना, छतरपुर, दमोह, कटनी, छिंदवाड़ा, जबलपुर, नरसिंहपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़, सतना, सिवनी, रीवा जिले शामिल हैं। सबसे ज्यादा ढाई इंच बारिश मंदसौर जिले के गरोठ और देवास के सतवास में हुई। नर्मदापुरम शहर, सीहोर के नसरूल्लागंज और रायसेन के उदयपुर में 2 इंच से ज्यादा पानी बरस गया। ओले और बारिश के साथ आंधी भी चली। अगले 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम 29 दिसंबर: मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर में मध्यम कोहरा रहेगा। खरगोन, बुरहानपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में हल्की बारिश हो सकती है। 30 दिसंबर: मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर में कोहरा रहेगा। 31 दिसंबर: मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना और श्योपुर में मध्यम कोहरा रहेगा। recent visitors 264

प्रयागराज में रिंग रोड निर्माण कार्य के चलते पुराने टावरों को हटाकर नए टावर लगाए जा रहे हैं, तभी ब्रिज टावर गिरने से 7 मजदूर घायल

प्रयागराज सहसों के समीप रिंग राेड निर्माण का कार्य चल रहा है। इसे लेकर रेहंडम का तार नया टावर लगाकर ऊंचा किया जा रहा है। शनिवार दोपहर करीब दो बजे मजदूर मशीन के माध्यम से तार खींच रहे थे। इसी बीच अचानक ब्रिज टावर गिर गया, जिसके चपेट में आने से सात मजदूर घायल हो गए। ग्रामीण सभी को अस्पताल ले गए, जहां दो की हालत नाजुक देखकर उसे स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। यह है पूरी घटना रिंग रोड निर्माण कार्य के चलते पुराने टावरों को हटाकर नए टावर लगाए जा रहे हैं। रेहंडम के तार को भी नए टावरों में लगाकर ऊंचा किया जा रहा है। शनिवार दोपहर लगभग दो बजे मशीन के माध्यम से मजदूर ब्रिज टावर पर तार खींच रहे थे। इसी दौरान टावर गिर पड़ा। मौजूद अन्य मजदूरों के साथ ही राहगीरों व आसपास रहने वाले लोगों में अफरातफरी मच गई। लोगों ने नीचे दबे मजदूरों को बाहर निकाला बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने काफी मशक्कत के बाद टावर के नीचे दबे मजदूरों को बाहर निकाला। इसमें पश्चिम बंगाल के जिला मालदा टाउन के रहने वाले मजदूर आमिर पुत्र भोंदू, कासिम पुत्र इदुवा, अनिरुद्ध सिंह पुत्र सत्तर, अब्दुल पुत्र शेख अख्तर, पुतुल शेख पुत्र भद्दू शेख, सलीम व छोट्टन शामिल थे। सभी को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां पर सलीम व आमिर की स्थिति गंभीर देखकर डॉक्टरों ने उसे एसआरएन अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। घटनास्थल पर कार्य करने वाले अन्य मजदूरों ने बताया कि दोनों तरफ से तार को मशीन से खींचा जा रहा था। कुछ मजदूर टावर के नीचे काम कर रहे थे। टावर गिरा तो नीचे काम कर रहे मजदूर चपेट में आ गए। सलीम के पैर दब गया था, जिस कारण गंभीर चोट आई है। वहीं आमिर के भी हाथ व पैर में गंभीर चोट है। recent visitors 71

संसदीय इतिहास में पहली बार भाजपा ने रची भेदभाव की परिभाषा

सुशील दामले (विशेष संवाददाता) भोपाल। बिछिया विधायक नारायण सिंह पट्टा ने भाजपा सरकार की भेदभाव पूर्ण नीति पर कटाक्ष करते हुए मोहन सरकार की नीतियों पर हमला बोला है। विधायक पट्टा ने कहा कि यह सरकार कहने को तो कुछ भी कह देती है, लेकिन उसकी असल सच्चाई कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने लोकसभा चुनाव के पहले भाजपा विधायकों को 15 – 15 करोड रुपए की राशि विकास कार्यों के लिए दी है, लेकिन कांग्रेसी विधायकों को कुछ भी नहीं। इस बात का जब मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के विधायकों ने विरोध किया तो मुख्यमंत्री ने कांग्रेस विधायकों को भी 5 – 5 करोड रुपए देने के लिए घोषणा की थी, लेकिन यह घोषणा ही रह गई। उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा विधायकों को 15 – 15 करोड रुपए मिले, वह राशि भी आज तक विधायकों को पता नहीं चला कि मिली या नहीं मिली। मुख्यमंत्री मोहन यादव सिर्फ घोषणा ही कर रहे हैं। इतना बड़ा भेदभाव संसदीय इतिहास में किसी भी सरकार ने चुने हुए जनप्रतिनिधियों के साथ नहीं किया। विधायक पट्टा ने कहा कि भाजपा सरकार विकास और विपक्ष विरोधी है। मुख्यमंत्री आप हमारे साथ भेदभाव कर दीजिए, पर क्षेत्र की जनता के साथ ऐसा मत कीजिए। उनका कहना है कि यह हमारे साथ नहीं, बल्कि प्रदेश की 8 करोड़ जनता के साथ भेदभाव कर रहे हैं, यह ठीक नहीं है। जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेेगी। recent visitors 130

एमपी गजब : ‘धूम-3’ स्टाइल में चोरी: जुड़वा भाइ एक चोरी करता..दूसरा CCTV के सामने खड़ा रहता

रीवा, मऊगंज। मध्यप्रदेश के नवगठित मऊगंज जिले में चोरी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। चोरी करने का तरीका बॉलीवुड की मशहूर फिल्म धूम-3 से प्रेरित था, जिसमें जुड़वा भाइयों ने मिलकर पुलिस को चकमा दिया। लेकिन पुलिस की सतर्कता ने इस चालाकी का पर्दाफाश कर दिया। यह मामला तब उजागर हुआ जब मऊगंज पुलिस ने 22 दिसंबर की रात चाकमोड़ निवासी सत्यभान सोनी के घर हुई चोरी के आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस वारदात में घर से लाखों के जेवरात और नकदी चोरी हुई थी। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों—रविशंकर विश्वकर्मा, संजीव वर्मा, और जगन्नाथ केवट—को गिरफ्तार कर उनके पास से चोरी का सामान बरामद किया। जांच के दौरान खुलासा हुआ कि आरोपी संजीव वर्मा का जुड़वा भाई सौरभ वर्मा उसकी हर चोरी में शामिल था। दोनों भाइयों की शक्ल और कद-काठी एक जैसी होने का फायदा उठाते हुए उन्होंने पुलिस को गुमराह करने की योजना बनाई थी। जब संजीव चोरी करने जाता, तो सौरभ ठीक उसी वक्त एक जैसे कपड़े पहनकर किसी सीसीटीवी कैमरे के सामने अपनी उपस्थिति दर्ज कराता था। इस तरीके से, यदि चोरी के संदेह में पुलिस संजीव तक पहुंचती, तो सौरभ के सीसीटीवी फुटेज दिखाकर उनकी मौजूदगी किसी अन्य जगह साबित हो जाती थी। हालांकि, पुलिस की गहन जांच और सावधानी ने इस अनोखी चालाकी का भंडाफोड़ कर दिया। मऊगंज पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके जुड़वा भाई वाली योजना का राज़ उजागर किया। आरोपियों के पास से चोरी हुए जेवरात और नकदी भी बरामद कर ली गई है। यह मामला अपने आप में अनोखा है और इसे फिल्मी कहानी जैसा बताया जा रहा है। धूम-3 की कहानी में जुड़वा भाई अपने चालाक तरीकों से सभी को मात देते हैं, लेकिन मऊगंज में असल जिंदगी में जुड़वा भाइयों की चालाकी पुलिस के आगे टिक नहीं पाई। इस सफलता के बाद मऊगंज पुलिस की सतर्कता और कार्यकुशलता की सराहना हो रही है। नवगठित जिले में यह मामला न केवल पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण था, बल्कि उनकी क्षमता को साबित करने वाला भी रहा। पुलिस की सतर्कता ने अपराधियों को पकड़कर एक बार फिर यह दिखा दिया कि कानून से बच पाना मुश्किल है। मऊगंज पुलिस की इस कामयाबी से स्थानीय लोग भी राहत महसूस कर रहे हैं, और यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। recent visitors 150

भारी बर्फबारी के चलते पीर पंजाल सुरंग और श्रीनगर शहर के बीच जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सैकड़ों वाहन फंसे

श्रीनगर भारी बर्फबारी के कारण घाटी में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। पीर पंजाल सुरंग और श्रीनगर शहर के बीच जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सैकड़ों वाहन फंसे रहे। भारी बर्फबारी शुरू हो गई, जो शनिवार सुबह तक जारी रही। सड़क पर अत्यधिक फिसलन से पीर पंजाल सुरंग और श्रीनगर शहर के बीच सैकड़ों वाहन अटके पड़े हैं। भारी बर्फबारी और शून्य से नीचे के तापमान के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर बर्फ की मोटी चादर जम गई। जिसकी वजह से हाइवे पर गाड़ियां कई घंटों तक सुरंग के अंदर फंसी रहीं। स्थानीय अधिकारी सड़क पर फंसी हुई गाड़ियों को निकालने के लिए काफी प्रयास कर रहे थे, लेकिन बर्फबारी के कारण वाहन लगातार कई घंटों तक फंसे रहे। कुलगाम और अनंतनाग जिलों में वरिष्ठ नागरिक और पुलिस अधिकारी बर्फ हटाने वाली मशीनों के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर फंसे वाहनों को निकालने के लिए पहुंचे। शनिवार सुबह तक यातायात पूरी तरह से बहाल नहीं हो सका। श्रीनगर शहर और अन्य जिलों जैसे बडगाम, गांदरबल, बांदीपोरा, बारामुल्ला, कुपवाड़ा, पुलवामा, अनंतनाग, कुलगाम और शोपियां में भारी बर्फबारी के कारण सभी सड़कें बंद हो गईं। बर्फ हटाने वाली मशीनों को सुबह भेजा गया ताकि यातायात बहाल किया जा सके। श्रीनगर शहर के कुछ हिस्सों को छोड़कर बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बंद हो गई। भारी बर्फबारी के कारण बिजली के खंभे उखड़ गए, ट्रांसमिशन लाइनें टूट गईं और बिजली ग्रिड बाधित हो गए। हालांकि इस बर्फबारी से स्थानीय लोग काफी खुश हैं। क्योंकि लंबे समय से सूखा चल रहा था और लोग अब अच्छी फसल की उम्मीद कर रहे है। पिछले चार महीनों में बारिश न होने के कारण घाटी के अधिकांश झरने और कुएं सूख गए थे। श्रीनगर शहर और आसपास के इलाकों में यह मौसम की पहली बर्फबारी थी। बर्फबारी से घाटी में छुट्टियां मना रहे पर्यटकों के चेहरे भी खिल उठे। गुलमर्ग, पहलगाम, सोनमर्ग और अन्य पर्यटन स्थलों में करीब 10 इंच ताजा बर्फबारी हुई है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में और बर्फबारी और बारिश का अनुमान जताया है।   recent visitors 140