बिस्टान नगर परिषद विवाद: कर्मचारी और पार्षद के बीच कहासुनी बनी कानूनी कार्रवाई

बिस्टान नगर परिषद विवाद: कर्मचारी और पार्षद के बीच कहासुनी बनी कानूनी कार्रवाई

Bistan Municipal Council dispute: An altercation between an employee and a councillor led to legal action. खरगोन। जिले की Bistan Municipal Council dispute में शुक्रवार को हुए विवाद ने न सिर्फ नगर परिषद कार्यालय बल्कि पूरे क्षेत्र का माहौल गर्मा दिया। यहां एक महिला कर्मचारी और पार्षद के बीच कहासुनी इतनी बढ़ गई कि मामला पुलिस थाने तक जा पहुंचा। इस विवाद का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद घटना ने और तूल पकड़ लिया। जानकारी के अनुसार, नगर परिषद की महिला कर्मचारी भूरि पिता नारायण और पार्षद राजेश प्रजापत के बीच किसी काम को लेकर बहस हुई। देखते-देखते बहस तीखी तकरार में बदल गई। महिला कर्मचारी ने आरोप लगाया कि पार्षद ने उसके साथ अभद्रता करते हुए शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई। महिला का कहना है कि यह व्यवहार न केवल उसकी कार्यक्षमता को प्रभावित करता है बल्कि महिला सम्मान पर भी चोट पहुंचाता है। Bistan Municipal Council dispute घटना के बाद महिला कर्मचारी सीधे थाने पहुंचीं और पूरी बात पुलिस को बताई। बिस्टान थाने में महिला की शिकायत पर पार्षद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। थाना प्रभारी जितेन्द्र बघेल ने बताया कि महिला की शिकायत पर मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। इस पूरे घटनाक्रम के चलते नगर परिषद कार्यालय सहित थाने में दिनभर गहमागहमी का माहौल रहा। बड़ी संख्या में कर्मचारी भी थाने पहुंचे और महिला कर्मचारी के समर्थन में खड़े हुए। कर्मचारियों का कहना है कि शासकीय कार्य में जनप्रतिनिधियों का हस्तक्षेप लगातार बढ़ रहा है, जिससे कार्य करने में दिक्कत आती है। Bistan Municipal Council dispute वहीं, स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। एक ओर लोग महिला कर्मचारी के समर्थन में हैं, तो वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों का मानना है कि विवाद को इतना बढ़ाना ठीक नहीं था और इसे कार्यालय स्तर पर ही सुलझा लिया जाना चाहिए था। हालांकि, अब मामला कानूनी रूप ले चुका है और पुलिस ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है। वीडियो वायरल होने के बाद पूरे क्षेत्र की निगाहें इस प्रकरण पर टिकी हुई हैं। पुलिस विवेचना के बाद ही साफ हो पाएगा कि हकीकत क्या थी और किसकी गलती से विवाद ने इतना बड़ा रूप लिया। यह घटना न केवल शासकीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है, बल्कि जनप्रतिनिधि और कर्मचारियों के बीच आपसी तालमेल की कमी को भी उजागर करती है। अब देखना होगा कि जांच के बाद इस मामले का क्या परिणाम निकलता है। recent visitors 110

नमो मैराथन रन: युवाओं ने दिखाया जोश और देशभक्ति का उत्साह

नमो मैराथन रन: युवाओं ने दिखाया जोश और देशभक्ति का उत्साह

Namo Marathon Run: Youth display enthusiasm and patriotic zeal जितेन्द्र श्रीवास्तव जबलपुर ! सेवा पखवाड़ा अंतर्गत आज नमो मैराथन रन का आयोजन राइट टाउन स्टेडियम से किया गया।जो विकसित और आत्म निर्भर भारत की थीम पर आयोजित था। देशभर के 45 शहरों में एक साथ हो रहे इस कार्यक्रम का शुभारंभ शहर में उत्साह और जोश के साथ किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह थे। साथ ही सांसद आशीष दुबे, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक अशोक रोहाणी, डॉ अभिलाष पांडेय, नीरज सिंह, प्रदेश भाजपा कोषाध्यक्ष अखिलेश जैन,नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर, नगर निगम अध्यक्ष रिकुंज विज सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। इस अवसर पर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह,जिला पंचायत सीईओ अभिषेक गहलोत सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। अतिथियों ने मंच पर दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की मैराथन शुभारम्भ अवसर पर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने धावकों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि यह दौड़ ही आत्मनिर्भर भारत का संकल्प है, जो नशा मुक्त भारत,आत्मनिर्भर भारत और फिट इंडिया को बढ़ावा देता है। उन्होंने नशा से होने वाली हानियों के बारे में जानकारी देकर उससे दूर रहने को कहा और स्वदेशी अपनाने के लिए प्रेरित किया।रेस की शुरुआत अशोका होटल के सामने से हुई, जहां पर मंत्री सिंह व अन्य जनप्रतिनिधियों ने हरी झंडी दिखाकर पहले लड़कों की दौड़ को रवाना किया। इसके तुरंत बाद लड़कियों की रेस को भी हरी झंडी दिखाई गई। मैराथन प्रतिभागियों ने अग्रवाल चौक होते हुए ओवर ब्रिज से महानदा, छोटीलाइन,शास्त्री ब्रिज, तीन पट्टी मार्ग होते हुए रविशंकर शुक्ल स्टेडियम तक दौड़ लगाई। इन्हें मिला पुरस्कार नमो मैराथन में अमरदीप पाल प्रथम स्थान प्राप्त किया।वही अखिलेश यादव द्वितीय तथा तृतीय स्थान राजेंद को मिला। बालिकाओं में कोमल साहू प्रथम स्थान पर रही। अंशिका लोधी द्वितीय तथा नेहा यादव को तृतीय स्थान मिला। प्रथम पुरस्कार 11 हजार, द्वितीय 5100 और तृतीय पुरस्कार 2100 नगद दिया गया साथ ही ट्रैक सूट, रनर शू और ट्रॉफी प्रदान किया गया।इसके साथ ही 7 अन्य धावकों को प्रथम दसवां स्थान प्राप्त किया उन्हें सांत्वना पुरस्कर भी दिया गया।नमो मैराथन रन में हजारों युवाओं ने उत्साह से भाग लिया। आयोजन के दौरान पूरा माहौल जोश, देशभक्ति और जागरूकता के नारों से गूंज उठा। इस रन का उद्देश्य आत्मनिर्भर व विकसित भारत के साथ युवाओं को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा। recent visitors 105

कान्हा नेशनल पार्क के 97 गाइडों को मिला तीन दिवसीय रिफ्रेशर प्रशिक्षण

कान्हा नेशनल पार्क के 97 गाइडों को मिला तीन दिवसीय रिफ्रेशर प्रशिक्षण

97 guides of Kanha National Park received three-day refresher training मंडला । विश्व प्रसिद्ध Kanha National Park में पर्यटकों को बेहतर सफारी अनुभव और सटीक जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पार्क प्रबंधन द्वारा 97 गाइडों के लिए तीन दिवसीय रिफ्रेशर प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। खटिया स्थित ईको सेंटर में सरही और खटिया रेंज के गाइडों को नेचरलिस्ट ट्रेनरों की देखरेख में प्रशिक्षण दिया गया। रविवार को संपन्न इस शिविर में गाइडों को वन्यजीव संरक्षण, प्राकृतिक संपदा, स्थानीय संस्कृति और पर्यटक संवाद कौशल से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर गहन जानकारी दी गई । प्रशिक्षण की शुरुआत नेचर सफारी से हुई, जिसमें प्रतिभागियों को जंगल की विविधता, तितलियों, पक्षियों, सरीसृपों और पार्क के नियमों के बारे में व्यवहारिक जानकारी दी गई। संचार कौशल पर विशेष सत्र आयोजित कर गाइडों को पर्यटकों के साथ प्रभावी संवाद बनाने की तकनीकें बताई गईं। नेचर ट्रेल के दौरान गाइडों ने जंगल के वातावरण को नजदीक से समझा और प्रमुख शाकाहारी प्रजातियों के साथ-साथ आदिवासी जीवनशैली पर विशेष जानकारी प्राप्त की । रोचक सत्रों के माध्यम से गाइडों को जानवरों के व्यवहार, केस स्टडी और रोल प्ले के जरिए व्यावहारिक ज्ञान को मजबूत करने का अवसर मिला। “कौन कितना है हटके” जैसे इंटरैक्टिव सत्रों ने प्रशिक्षण को और अधिक ज्ञानवर्धक बनाया ।समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस दौरान विशेषज्ञ याजुवेंद्र उपाध्याय, स्नेहा सुंदरम, अभिलाष वर्शी, आशीष कछवाहा और फील्ड बायोलॉजिस्ट ने अपने अनुभव साझा करते हुए गाइडों को पर्यटकों के साथ बेहतर तालमेल बनाने और कान्हा की विशेषताओं को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करने के टिप्स दिए।कान्हा प्रबंधन ने बताया कि इस प्रशिक्षण के बाद गाइड पर्यटकों को न केवल वन्यजीवों और जंगल की अनोखी जैव विविधता से परिचित कराएंगे, बल्कि संरक्षण और स्थानीय संस्कृति के महत्व को भी प्रभावी ढंग से समझा पाएंगे। इससे देश-विदेश से आने वाले सैलानियों को कान्हा भ्रमण के दौरान और अधिक समृद्ध अनुभव प्राप्त होगा। recent visitors 71

MPWLC में 10 करोड़ का टेंडर घोटाला: नियम ताक पर, चहेती फर्मों को करोड़ों का फायदा,पढ़िए पूरी पड़ताल

MPWLC tender scam: Rules flouted, favoured firms benefit by crores; learn how officials are committing fraud भोपाल। MPWLC Scam in 10 crores मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक कॉर्पोरेशन (MPWLC) में सड़क और साइनज के करीब 10 करोड़ रुपये के टेंडर को लेकर गंभीर गड़बड़ियों के आरोप लगे हैं। शिकायतें बताती हैं कि अधिकारियों ने तय नियमों की अनदेखी कर चहेती फर्मों को फायदा पहुँचाया और पात्रता की मूल शर्तें पूरी न करने के बावजूद उन्हें क्वालिफाई कर दिया। टेंडर की पहली शर्त ही टूटी MPWLC Scam in 10 crores जुलाई 2025 में जारी इस टेंडर में साफ लिखा था कि भाग लेने वाली फर्म मध्य प्रदेश पीडब्ल्यूडी में पंजीकृत होनी चाहिए। लेकिन कॉर्पोरेशन ने एवेन्यू ग्राफिक्स, सत्यम ग्राफिक्स और अबुल फैज जैसी फर्मों को भी क्वालिफाई कर लिया, जिनका रजिस्ट्रेशन उस वक्त नहीं था। हद तो यह कि एक फर्म ने तो टेंडर जारी होने के बाद आवेदन किया, जो कि नियमों के हिसाब से अमान्य है। OEM सर्टिफिकेट के बिना भी क्वालिफाई MPWLC Scam in 10 crores पड़ताल में यह भी सामने आया कि इन फर्मों के पास ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (OEM) का इनकॉरपोरेशन सर्टिफिकेट तक नहीं था। बावजूद इसके उन्हें प्रजेंटेशन के लिए बुलाया गया और बाद में दस्तावेज़ लेकर खानापूर्ति कर दी गई। प्रतिस्पर्धा खत्म, थ्री एम वेंडर बाहर इस टेंडर में छह वेंडर शामिल हुए थे, जिनमें तीन थ्री एम इंडिया से और तीन ओराफिल से थे। लेकिन अधिकारियों ने एक पेपर के आधार पर थ्री एम इंडिया के सभी वेंडरों को बाहर कर दिया। जबकि उनके पास पीडब्ल्यूडी रजिस्ट्रेशन और सभी जरूरी दस्तावेज मौजूद थे। इससे प्रतिस्पर्धा घट गई और अनुमान लगाया जा रहा है कि टेंडर सामान्य से 20–25% कम दर पर मंजूर होने की बजाय केवल ढाई प्रतिशत कम दर पर खोला गया। नियमों की अनदेखी, पारदर्शिता पर सवाल जानकारों का कहना है कि टेक्निकल बिड खुलने के सिर्फ एक घंटे बाद ही फाइनेंशियल बिड भी खोल दी गई, जबकि नियमानुसार इसमें कम से कम 24 घंटे का अंतर होना चाहिए। इस प्रक्रिया से किसी भी वेंडर को आपत्ति दर्ज कराने का मौका ही नहीं मिला। जवाबदेही से बचते अधिकारी जब चीफ इंजीनियर जीपी मेहरा से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि “हमने पीडब्ल्यूडी एनआईटी के अनुसार फर्मों को क्वालिफाई किया है, बाकी जानकारी अधीक्षण यंत्री से लीजिए।”अधीक्षण यंत्री एसके जैन का कहना था कि “स्टैंडर्ड मानकों के हिसाब से कार्रवाई हुई है और रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करने वाली फर्म को भी पात्र माना जाता है। शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी गई है।”वहीं, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की एसीएस रश्मि अरुण शमी ने कहा, “मुझे जानकारी नहीं है, पता करती हूं।” एमडी अनुराग वर्मा से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। recent visitors 153

बैतूल में छात्रों के पैदल मार्च के बाद जागा प्रशासन, जांच में मिली गड़बड़ी तो की कार्रवाई

बैतूल में छात्रों के पैदल मार्च के बाद जागा प्रशासन, जांच में मिली गड़बड़ी तो की कार्रवाई

The administration woke up after the students’ march in Betul, and took action after an investigation found irregularities. बैतूल ! शाहपुर स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में छात्रों के विरोध के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। प्राचार्य पंकज शरण को निलंबित करने का प्रस्ताव दिया गया है। स्टाफ नर्स सोनम हनोते और काउंसलर पूजा दुबे की सेवाएं समाप्त कर दी गईं। साथ ही मेस ठेकेदार आलोक सिंह की निविदा निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बता दें बुधवार को करीब 600 छात्र भोजन की खराब गुणवत्ता और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी को लेकर विरोध जताते हुए शाहपुर से बैतूल कलेक्टर से मिलने के लिए पैदल निकल पड़े। छात्र 36 किलोमीटर दूर बैतूल जाने के लिए निकले और बरेठा तक पहुंच गए।कलेक्टर और केंद्रीय मंत्री मौके पर पहुंचेस्थिति की जानकारी मिलते ही कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी शाहपुर पहुंचे। उन्होंने छात्रों को बसों से वापस हॉस्टल भेजा। मौके पर केंद्रीय जनजातीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके भी पहुंचे। दोनों ने छात्रों से करीब डेढ़ घंटे तक चर्चा की। वहीं छात्रों की शिकायतों पर कलेक्टर ने जांच रिपोर्ट आयुक्त को भेजी। रिपोर्ट में खराब भोजन और स्वास्थ्य सेवाओं की कमियां सही पाई गईं। इसके बाद प्रशासन ने जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर यह कार्रवाई की है। recent visitors 85

शिवपुरी में किसान की पिटाई मामले ने तूल पकड़ा, जीतू पटवारी बोले- अत्याचार बर्दाश्त नहीं करेंगे

शिवपुरी में किसान की पिटाई मामले ने तूल पकड़ा, जीतू पटवारी बोले- अत्याचार बर्दाश्त नहीं करेंगे

The case of beating of a farmer in Shivpuri gained momentum, Jitu Patwari said – we will not tolerate atrocities. शिवपुरी। करैरा में खाद के टोकन के लिए लाइन में लगे किसान को नायब तहसीलदार द्वारा थप्पड़ मारने की घटना ने प्रदेश की सियायत को गर्मा दिया है। प्रदेश कांग्रेस ने इसे मुद्दा बना लिया है। उधर तहसीलदार कल्पना शर्मा ने कहा कि किसान व्यवस्था बिगाड़ रहा था। हंगामे के बाद वहां पहुंचे किसान कांग्रेस के नेता मान सिंह फौजी ने पीड़ित किसान की बात मोबाइल पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी से करवाई। पटवारी ने कहा कि किसानों पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।अब कलेक्टर से शिकायत कर नायब तहसीलदार पर कार्रवाई कराई जाएगी। जानकारी के अनुसार खाद वितरण केंद्र पर टोकन लेने के लिए किसानों की लाइन लगी थी। आरोप है कि इसी दौरान लाइन में धक्का-मुक्की के दौरान हाथरस गांव निवासी महेंद्र राजपूत को नायब तहसीलदार विजय त्यागी ने थप्पड़ मार दिया था। recent visitors 84

छिंदवाड़ा कांग्रेस ने नगर निगम के खिलाफ निकाली टैक्स विरोधी अर्थी

छिंदवाड़ा कांग्रेस ने नगर निगम के खिलाफ निकाली टैक्स विरोधी अर्थी

Chhindwara Congress took out an anti-tax procession against the Municipal Corporation. छिंदवाड़ा। छिंदवाड़ा नगर कांग्रेस कमेटी ने नगर निगम द्वारा लगाए जा रहे टैक्स के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। शिवाजी चौक राजीव भवन से शुरू हुई रैली फव्वारा चौक होते हुए नगर निगम कार्यालय पहुंची। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने यहां निगम पर टैक्स कम करने की मांग रखी।प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘टैक्स की अर्थी’ भी निकाली। नगर कांग्रेस अध्यक्ष पप्पू यादव मटकी पकड़े आगे चल रहे थे, जबकि पीछे कार्यकर्ता अर्थी को कांधा देकर ले जा रहे थे। इस दौरान बैंड की धुन पर ‘रघुपति राघव राजा राम’ बजाया गया और शहर के प्रमुख मार्गों पर जुलूस निकाला गया।प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस जिला अध्यक्ष विश्वनाथ ओकटे का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने निगम कमिश्नर, महापौर और सभापतियों को निशाने पर लेते हुए कहा कि जनता के पैसे से गाड़ी में डीजल डलवाने वाले हरामखोर कहां हैं? इतना ही नहीं, इतना ही नहीं, ओकटे ने पुलिस को भी चेतावनी दी कि कांग्रेस के खिलाफ फर्जी केस बनाना बंद करें, वरना उन्हें भी जवाब देना होगा।प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष विश्वनाथ ओकटे के अलावा पूर्व अध्यक्ष गंगाप्रसाद तिवारी, नगर अध्यक्ष पप्पू यादव, महिला मोर्चा अध्यक्ष किरण चौधरी, निगम अध्यक्ष सोनू मागो, युवा कांग्रेस अध्यक्ष गोलू पटेल, नेता प्रतिपक्ष हंसा दाढ़े, जय सक्सेना, पिंचू बैस, अभिषेक गुप्ता सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल रहे। recent visitors 81