क्रिसमस की खुशियों में झूम उठा शहर

The city rejoiced in the joy of Christmas सुशील दामले विशेष संवाददाता भोपाल ! राजधानी में क्रिसमस बड़े ही हर्ष उल्लास के साथ मनाया गया,रोशनी से जगमगाते शहर के गिरजाघरों से कैंडल रैलियां निकाली गई ! तो वहीं कैरोल गीत गूंजते रहे ! देर रात तक क्रिसमस पर्व को मनाया गया ! इस दौरान बालक यीशु का जन्म हुआ ! वैसे ही शहर के गिरजाघरों में मैरी क्रिसमस की स्वरलहरियों गूंज उठी ! लोगों ने एक-दूसरे को क्रिसमस की बधाई दी केक काटकर खुशियां मनाई ! बच्चों को उपहार बांटे गए गिरजाघरों में विशेष प्रार्थना की गई ! सेंट जॉन्स चर्च के फादर अनिल मार्टिन ने बताया कि,बालक यीशु के जन्मोत्सव के साथ ही,क्रिसमस की शुरुआत हो गई ! शहर के गिरजाघरों में देर रात से प्रार्थनाएं शुरू हुई ! वही फादर अनिल मार्टिन ने बताया कि,प्रभु यीशु का जन्म प्रेम शांति आनंद के लिए हुआ था ! मैं आप सबको आशीर्वाद देता हूं की शहर में हमारे प्रदेश में एवं देश में अमन चैन शांति और खुशहाली हो ! प्रभु यीशु मसीह का जन्म इसलिए हुआ था ! कि लोगों को पापों से मुक्ति और उनकी बुराइयों से छुटकारा मिल सके ! recent visitors 111

खरगोन में बड़ा हादसा, मजदूरों से भरी पिकअप पलटी, 27 घायल

 खरगोन खरगोन जिले के मंडलेश्वर थाना क्षेत्र के जामगेट पर बुधवार को रात 8 बजे मजदूरों से भरा पिकअप वाहन पलट गया। इसमें 27 लोग घायल हुए हैं। मामले में एसपी धर्मराज मीना मौके पर पहुंचे। घायलों को मंडलेश्वर अस्पताल लाया गया। जानकारी के अनुसार मजदूर प्याज लगाकर महू के बडगौंदा थाने के नहारखेडा गांव से अपने घर मण्डलेश्वर थाने के भुदरी और रामदड गांव लौट रहे थे। वाहन का ब्रेक फेल होने से वह पलट गया। पेट्रोलिंग कर लौट रहे एसपी धर्मराज मीना मौके पर पहुंचे। सभी घायलों को एम्बुलेंस, प्राइवेट वाहनों और खुद के वाहन से एसपी ने मंडलेश्वर अस्पताल पहुंचाया। सभी घायल खतरे बाहर हैं और इनका उपचार किया जा रहा है। इधर… आए दिन ट्रैफिक जाम की वजह से इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर हो रहे विवाद इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर यातायात का दबाव लगातार बढ़ते जा रहा है। इसमें अब घटनाओं के साथ ही लोगों के बीच विवाद भी होने लगे है। इसी तरह का मामला मंगलवार दोपहर को इंदौर रोड स्थित संतोषी माता मंदिर के सामने देखने को मिला। ग्राम सेल्दा की और से आ रहे चार पहिया वाहन चालक और दो अज्ञात व्यक्ति का विवाद हो गया। इसमें अज्ञात व्यक्ति ने सेल्दा निवासी जियाराम पटेल के साथ मारपीट करके घायल कर दिया। विवाद देख लोगों की भीड़ एकत्रित हो गए। आरोपित मौके से हुआ फरार जियाराम को बड़वाह के शासकीय अस्पताल लाया गया। जहां उपचार जारी है। वहीं आरोपित मौके से फरार हो गया। जानकारी के अनुसार ग्राम सेल्दा निवासी सुरेंद्र पटेल अपने साथी जियाराम पटेल के साथ कार से बड़वाह की और आ रहा था। ट्रैफिक के कारण कार धीरे-धीरे चल रही थी। बोला रांग साइड चल रहे हो तभी संतोषी माता मंदिर के समीप अचानक दो अज्ञात व्यक्ति आए और कहने लगे की रांग साइड चल रहे हो और ड्राइवर साइड के ग्लास पर घुसा मार कर तोड़ दिया। उससे बात करने के लिए कार में बेठे जियाराम पटेल बाहन निकले थे। अज्ञात व्यक्ति ने मारपीट करके घायल कर दिया। इसके बाद विवाद देख मौके पर भाग गया। प्रत्येक्षदर्शियो ने बताया कि युवक विवाद करने के बाद कार के सामने लेट गया था, कह रहा था। मुझे टक्कर मार दी। लोगों ने उसे उठाया तो वह भीड़ देख कर भाग गया। घायल जियराम पटेल ने पुलिस थाने पहुंच कर प्रकरण दर्ज करवाया है। recent visitors 75

मध्य प्रदेश के स्कूलों में हुई 10 दिन की छुट्टी, बढ़ गया शीत कालीन अवकाश

भोपाल एमपी में बीतते वर्ष को विदाई देने व नए साल के स्वागत में जश्न मनाने के लिए स्कूली बच्चों को खासी छुट्टियां मिल गई हैं। प्रदेश के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में शीतकालीन अवकाश की घोषणा कर दी गई है। एमपी में राज्य सरकार के कोर्स वाले सरकारी और प्राइवेट स्कूलों तथा केंद्र सरकार के सीबीएसई, आईसीएसई कोर्स वाले स्कूलों में अलग अलग अवकाश अवधि की घोषणा की गई है। प्रदेश के केंद्रीय स्कूलों में जहां 9 और 10 दिन की छुट्टी रहेगी वहीं राज्य सरकार के स्कूलों में केवल 5 दिन की छुट्टी दी गई है। हालांकि रविवार पड़ जाने के कारण राज्य सरकार के स्कूली बच्चों का शीतकालीन अवकाश भी एक दिन और बढ़ गया है। स्कूली बच्चों को ऐसे में 6 दिन की लगातार छुट्टी मिल रही है। छात्रों को इस समय एक साथ पांच से लेकर दस दिन तक की छुट्टियां मिलेंगी, जो उन्हें 31 दिसंबर से 4 जनवरी तक मिलने वाली छुट्टियों के साथ मिलकर अधिक लंबी हो गई हैं। छुट्टियों की अवधि में विभिन्न विद्यालयों के लिए बदलाव मध्य प्रदेश में सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के साथ-साथ केंद्रीय और अन्य बोर्ड के स्कूलों में छुट्टियों की अवधि अलग-अलग होगी। राज्य सरकार से संबद्ध स्कूल: प्रदेश के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 31 दिसंबर से 4 जनवरी तक 5 दिन की शीतकालीन छुट्टी घोषित की गई है। हालांकि, 5 जनवरी को रविवार होने के कारण बच्चों को एक और दिन की छुट्टी मिल रही है। इस तरह, राज्य सरकार के स्कूलों के छात्र 6 जनवरी से स्कूलों में वापस लौटेंगे। सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के स्कूल सीबीएसई और आईसीएसई से संबद्ध स्कूलों में शीतकालीन अवकाश की अवधि अधिक होगी। सीबीएसई के स्कूलों में 24 दिसंबर से 1 जनवरी तक यानी 9 दिन की छुट्टी रहेगी, और स्कूल 2 जनवरी से खुलेंगे। वहीं, आईसीएसई बोर्ड से संबद्ध स्कूलों में छुट्टियां 24 दिसंबर से 2 जनवरी तक होंगी, यानी 10 दिन की छुट्टी होगी। केंद्रीय विद्यालयों में शीतकालीन अवकाश: केंद्रीय विद्यालयों में भी छुट्टियों की घोषणा की गई है। इन स्कूलों में 31 दिसंबर से 2 जनवरी तक अवकाश रहेगा, और 3 जनवरी से स्कूल खुलेंगे। केंद्रीय विद्यालय के अधिकारियों के अनुसार, यह अवकाश छात्रों के लिए कल यानी 31 दिसंबर से शुरू हो जाएगा।  इधर एमपी के सीबीएसई बोर्ड के स्कूलों में 24 दिसंबर से 1 जनवरी 2025 तक का यानि 9 दिनों का शीतकालीन अवकाश रहेगा। अब 2 जनवरी 2025 को ये स्कूल खुलेंगे। मध्यप्रदेश के स्थानीय कोर्स के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 31 दिसंबर से 4 जनवरी 2025 तक का यानि 5 दिनों का शीतकालीन अवकाश घोषित किया गया है। चूंकि 5 जनवरी को रविवार है इसलिए एक दिन का अवकाश बढ़ गया है। ऐसे में एमपी के सरकारी और प्राइवेट स्कूल 6 जनवरी 2025 से लगेंगे। केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 1 के जनसंपर्क अधिकारी डा. कपिल भार्गव के अनुसार केंद्रीय विद्यालयों में शीतकालीन अवकाश घोषित किया गया है। आदेश के अनुसार कल से 2 जनवरी तक स्टूडेंट के लिए अवकाश रहेगा। recent visitors 216

शरद व्याख्यानमाला में साहित्येत्तर विषयों पर हुए व्याख्यान, विभिन्न क्षेत्रों की आठ विभूतियां हुईं सम्मानित

भोपाल भारत के पास अपना चिंतन और दर्शन है। कई सालों तक षडयंत्रपूर्वक भारत को अशिक्षित बताया जाता रहा। लेकिन सोचने वाली बात है कि यदि भारत अशिक्षित देश था तो यहां नालंदा जैसा विश्वविद्यालय और पुस्तकालय कैसे था। प्रकृति की रक्षा का भाव इस देश में कैसे पैदा हुआ? इन सब बातों को केंद्र में रखते हुए हमें हमारे गौरवशाली अतीत को दुनिया के सामने लाना चाहिए। उच्च शिक्षा मंत्री इंदरसिंह परमार बुधवार को हिंदी भवन में आयोजित शरद व्याख्यानमाला और सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। म.प्र. राष्ट्रभाषा प्रचार समिति के इस वार्षिक आयोजन में सामयिक विषयों पर व्याख्यान के साथ ही आठ विभूतियों को राष्ट्रीय सम्मान भी प्रदान किये गये। कार्यक्रम की अध्यक्षता मानस भवन के कार्यकारी अध्यक्ष रघुनंदन शर्मा ने की। व्याख्यान माला के अंतर्गत प्रो. शरद सोनी ने ‘वैश्विक संकट: सभ्यतागत संघर्ष की आहट’ तथा प्रो. शंकरशरण ने ‘भारतीयता का संस्कार देने की दिशा’ विषय पर व्याख्यान दिये। मंत्री परमार ने कहा कि हमें हमारी ज्ञान परंपरा की रक्षा के साथ सीमाओं की रक्षा भी करनी चाहिए। हमारी संस्कृति पर हमले करने वाले सीमा पार कर ही आये थे। मानस भवन के कार्यकारी अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि आज 25 दिसंबर का दिन है,यह भारत के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है। इस दिन पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी तथा मदनमोहन मालवीय का जन्म दिवस है। इस दिन के साथ मीठी स्मृतियों के साथ ही कुछ खट्टी यादें भी हैं। समिति के मंत्री संचालक कैलाशचंद्र पंत ने कहा कि समाज में विमर्श का वातावरण बने इसके लिए समिति द्वारा विभिन्न व्याख्यान मालाएं आयोजित की जाती हैं। शरद व्याख्यान माला उन्हीं में से एक है। इसमें साहित्येतर विषयों पर वक्तव्य होते हैं। इसके पूर्व समिति के सहमंत्री डॉ. संजय सक्सेना ने अतिथियों का स्वागत् किया। सरस्वती वंदना राजकुमारी शर्मा ने प्रस्तुत की। संचालन साहित्यकार डॉ. अनिता सक्सेना ने किया तथा आभार प्रदर्शन रंजना अरगड़े ने किया। इनका हुआ सम्मान नरेश मेहता स्मृति वांग्मय सम्मान से सुप्रसिद्ध लेखक प्रमोद भार्गव, वीरेन्द्र तिवारी रचनात्मक सम्मान शिशिर कुमार चौधरी, बैतूल, शैलेश मटियानी कथा सम्मान शीला मिश्रा, भोपाल, सुरेशचन्द्र शुक्ल ‘चन्द्र’ नाट्य सम्मान जयंत शंकर देशमुख, मुंबई,डॉ. प्रभाकर श्रोत्रिय स्मृति आलोचना सम्मान के. वनजा, कोच्ची, शंकरशरण लाल बत्ता पौराणिक सम्मान मोहन तिवारी आनंद, भोपाल, संतोष बत्ता स्मृति सम्मान इंदिरा दाँगी, भोपाल, संतोष श्रीवास्तव कथा सम्मान प्रभा पंत, हल्द्वानी को प्रदान किया गया। प्रभा पंत के अनुपस्थित रहने की दशा में उनकी बेटी ने सम्मान प्राप्त किया। सम्मानित रचनाकारों को नगद राशि शॉल, श्रीफल प्रशस्ति पत्र भेंट किया गया। विदेशी भाषा ने संस्कृति का नुकसान किया व्याख्यानों के चरण में प्रो. शंकर शरण ने ‘भारतीयता का संस्कार देने की दिशा’ विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि आज भारत में भारतीयता के संस्कार की दिशा पर बात हो रही है। यह दु:खद स्थिति है। शायद मुगल और ब्रिटिश शासन में भी यह स्थिति नहीं रही। उन्होंने कहा कि हम हमारे संस्कारों से उदासीन क्यों हुए, इन विषयों की पड़ताल करनी होगी। इसकी वजह यह भी हो सकती है कि भौतिक प्रगति की चाह में हमारी शिक्षा और भाषा विदेशी विचारों से प्रभावित रही। अभारतीय भाषा ने हमारे आचार-विचार और संस्कृति को प्रभावित किया। प्रो. शंकर शरण ने कहा कि यदि हमें इससे उबरना है तो हमें दूसरों पर दोषारोपण, दलबंदी और राजनेताओं पर निर्भरता के साथ ही वेद-पुराणों की सीखों को जीवन में उतारना होगा। तभी हम हमारे संस्कारों की पुर्नस्थापना कर पाएंगे। ‘वैश्विक संकट: सभ्यतागत संघर्ष की आहट’ विषय पर शरद सोनी ने कहा कि विश्व में उतार-चढ़ाव आते ही रहते हैं। यह आर्थिक,सामाजिक तथा अन्य तरह के होते हैं। अपनी बात के समर्थन में उन्होंने पूर्व की वैश्विक स्थिति पर तथ्यात्मक और आंकड़ों के साथ अपनी बात रखी।   recent visitors 108

“सहकार से समृद्धि” राज्य स्तरीय संगोष्ठी में शामिल हुए मंत्री सारंग

भोपाल सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा है कि हर पंचायत में पैक्स, सभी को रोजगार और सुव्यवस्थित सहकारी आंदोलन ही हमारा लक्ष्य है। सहकारिता को आगे बढ़ाने के लिये इसका विस्तार पंचायत स्तर पर करना होगा। सहकारिता के हर एक मूल भाव को आत्मसात करते हुए देश को समृद्ध बनाना ही हमारा लक्ष्य है। पैक्स के माध्यम से हर पंचायत तक रोजगार सृजित हो, इसके लिये बहुउद्देश्यीय पैक्स की अवधारणा गठित की गयी है। मंत्री सारंग बुधवार को भोपाल के समन्वय भवन में आयोजित "सहकार से समृद्धि" राज्य स्तरीय संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम के पूर्व नई दिल्ली में केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 10 हजार नवगठित बहुउद्देश्यीय पैक्स, डेयरी और मत्स्य सहकारी समितियों का उद्घाटन किया। कार्यक्रम से सभी प्रदेशों के सहकारिता विभाग के अधिकारी वर्चुअली शामिल हुए। परिवार सहकारिता का उत्कृष्ट उदाहरण मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में आमूलचूल परिवर्तन हुए हैं। समृद्ध राष्ट्र के लिये समाज को जोड़ने की जरूरत है और समाज को जोड़ने का केवल एक ही प्रकल्प है, सहकारिता। समाज का निर्माण सहकारिता के माध्यम से ही होता है। सभी की भागीदारी के साथ लक्ष्य को साधने का नाम ही सहकारिता है। परिवार सहकारिता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। रोजमर्रा की जिंदगी में भी सहकारिता के बिना कुछ नहीं हो सकता। सभी की भागीदारी महत्वपूर्ण होती है। पैक्स के माध्यम से हों रोजगार सृजित मंत्री सारंग ने कहा कि भागीदारी और बराबरी होने से अच्छे परिणाम निकलने का प्रतिशत बढ़ जाता है। सहकारी आंदोलन को मजबूत बनाने के लिये सभी वर्ग को जुड़ना होगा। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में हर पंचायत में पैक्स का लक्ष्य पूर्ण करने में सभी की भागीदारी सुनिश्चित हो। पैक्स के माध्यम से रोजगार सृजित हों और सदस्यों को लाभ मिले। उन्होंने कहा कि पैक्स पशुपालन, मत्स्य-पालन और ऋण वितरण तक ही सीमित नहीं रहे, पैक्स पेट्रोल पम्प और गैस एजेंसी भी चलाये, जिसके पास जगह हो वह शादी हॉल, मैरिज गार्डन भी बनायें, इससे पैक्स मजबूत होगा। संस्कार के साथ सहकारी आंदोलन मंत्री सारंग ने कहा कि अगले साल तक हर पंचायत में पैक्स हो, यही संकल्प लेने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमारा नारा है कि बिना सहकार नहीं उद्धार और बिना संस्कार नहीं सहकार। पूर्ण अनुशासन में संस्कार के साथ सहकारी आंदोलन को मध्यप्रदेश में स्थापित करने के लक्ष्य में सभी का सहयोग आवश्यक है। सहकारी मंथन के माध्यम से हो लक्ष्य निर्धारित मंत्री सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का भी लक्ष्य है कि रोजगार सृजित कर हर घर तक रोजगार पहुँचे। इसमें पैक्स की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। युवा साथियों के माध्यम से हम सुनिश्चित करेंगे कि पैक्स बहुउद्देश्यीय हो जाये। उन्होंने कहा कि जल्द ही हम सहकारी मंथन के माध्यम से नीचे से लेकर ऊपर तक सभी के साथ संवाद करेंगे और अगले वर्षों का लक्ष्य निर्धारित करेंगे। उत्कृष्ट अधिकारी तैयार करें मंत्री सारंग ने कहा कि उत्कृष्ट काम करने वालों का हमेशा सम्मान होता है। इसलिये आज कार्यक्रम में भी उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया गया है। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से कहा कि कनिष्ठों को उत्कृष्ट काम करने के लिये तैयार करें, जिससे वे वरिष्ठों की श्रेणी तक आने पर और ज्यादा सफल हो सकें। संभावनाएँ अनंत, तलाशने की जरूरत अपर मुख्य सचिव सहकारिता अशोक वर्णवाल ने कहा कि संभावनाएँ अनंत हैं, तलाशने की जरूरत है। पैक्स को बिजनेस बढ़ाने और हितग्राहियों को लाभ पहुँचाने की दिशा में काम करना होगा। इसके लिये सहकारिता संस्थाओं को आपस में भी व्यवसाय करने की जरूरत है। विमोचन कार्यक्रम में मंत्री सारंग ने सहकारी बैंकों के सुदृढ़ीकरण की मानक परिचालन प्रक्रियाओं पर केन्द्रित पुस्तक, विधि प्रक्रिया एवं सरलीकृत समाधान पर केन्द्रित पुस्तिका और सहकार से समृद्धि कार्यक्रम अंतर्गत महत्वपूर्ण गतिविधियों पर केन्द्रित ब्रोशर का विमोचन किया। सम्मान कार्यक्रम में सीबीएस पर काम करने वाली पूर्णत: कम्प्यूटरीकृत हो चुकी प्राथमिक कृषि सहकारी समिति नहारगढ़ (मंदसौर) के प्रबंधक पवन जैन, कम्प्यूटर ऑपरेटर सूरज विश्वकर्मा, मनासा (धार) के प्रबंधक राधेश्याम यादव, कम्प्यूटर ऑपरेटर सुनील यादव, सोनकच्छ (देवास) के प्रबंधक संतोष शुक्ला, कम्प्यूटर ऑपरेटर देवेन्द्र सिंह एवं अपेक्स बैंक द्वारा पूरे प्रदेश में 6 अक्टूबर से 10 दिसम्बर तक आयोजित विशेष ऋण महोत्सव में उत्कृष्ट कार्य करने हुए अधिकतम ऋण वितरित करने वाले शाखा प्रबंधकों क्रमश: सुनील सिंघल, भरतपुर शाखा (उज्जैन), शैलेन्द्र रावत, फ्रीगंज (उज्जैन) एवं अशोक चंदेल, टी.टी.नगर (भोपाल) को भी पुरस्कृत किया। उल्लेखनीय है कि पूरे प्रदेश में अपेक्स बैंक ने निर्धारित लक्ष्य 50 करोड़ रूपए के विरुद्ध 50.13 करोड़ रुपए का ऋण इस अवधि में वितरित किया गया। कार्यक्रम में आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएँ मनोज पुष्प, प्रबंध संचालक मार्कफेड आलोक कुमार सिंह, उप सचिव मनोज सिन्हा, महाप्रबंधक नाबार्ड कमर जावेद, अपर आयुक्त बी.एस. शुक्ला सहित शीर्ष सहकारी संस्थाओं के प्रबंध संचालक, सभी सहकारी संस्थाओं/बैंकों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन अरविंद बोध ने किया और प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक मनोज गुप्ता ने आभार माना।   recent visitors 87

श्रीमद् भागवत हरि कथा में भक्ति का रसपान कराएंगे कथावाचक मनोज अवस्थी 

Narrator Manoj Awasthi will immerse you in devotion in Shrimad Bhagwat Hari Katha  सुशील दामले (विशेष संवाददाता) भोपाल। श्रीमद् भागवत हरि कथा भेल के बरखेड़ा ई सेक्टर रामलीला मैदान में बुधवार 25 दिसंबर से शुरू हो गई है। कथावाचक मनोज अवस्थी महाराज अपने श्री मुख से प्रतिदिन कथा का श्रवण कराएंगे। कथा प्रारंभ से पूर्व बरखेड़ा हनुमान मंदिर से कलश यात्रा प्रारंभ हुई, जो नेहरू नगर मार्केट से होते हुए बरखेड़ा ई सेक्टर के रामलीला मैदान पर संपन्न हुई।  कथा आयोजक और श्रम श्री संस्था के अध्यक्ष रामबाबू शर्मा ने बताया कि पिछले दो दशकों से बरखेड़ा इस सेक्टर में कथा का आयोजन हो रहा है। इसी क्रम में इस वर्ष भी कथा का आयोजन प्रारंभ हो गया है। जो 25 दिसंबर से 31 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान विभिन्न धार्मिक प्रसंग मैं चलचित्रों का भी चित्रण किया जाएगा। क्षेत्र के श्रद्धालुओं से मेरा आग्रह है कि वह बड़ी संख्या में हर दिन कथा का रसपान करें और अपने जीवन को धन्य बनाएं। वहीं संस्था के मीडिया प्रभारी व पूर्व पार्षद महेश मालवीय ने बताया कि इस साप्ताहिक धार्मिक आयोजन में प्रतिदिन विविध प्रकार के कथा प्रसंगों का आयोजन होगा। इस दौरान कथा के मुख्य अजमान अवधेश पटेल एवं उनकी पत्नी श्रीमती सुशीला पटेल समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। recent visitors 124

आर्य समाज का 63वां वार्षिकोत्सव यज्ञ एवं वेदोपदेश समारोह आयोजित 

Arya Samaj’s 63rd annual festival Yagya and Vedopadesh ceremony organized सुशील दामले (विशेष संवाददाता) भोपाल। राजधानी स्थित पिपलानी में आर्य समाज भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स के द्वारा,63वां वार्षिक उत्सव यज्ञ एवं वेदोपदेश समारोह का आयोजन किया गया,इस दौरान उपस्थित सभी लोगों ने स्वामी श्रद्धानंद बलिदान दिवस के रूप में मनाया,कार्यक्रम में कई आयोजन के साथ साथ युवाओं के द्वारा रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया,वहीं आर्य समाज के प्रमुख प्रधान अतुल वर्मा ने हमें बताया कि, महर्षि देव दयानंद के कार्यों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से आर्य समाज की स्थापना 4 मार्च 1962 बोधोत्सव के पर्व पर की गई थी,इसी उपलक्ष्य में यह आयोजन प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी 22 दिसंबर से 25 दिसंबर तक आयोजित किया गया,कार्यक्रम में हमारे आर्य समाज के संत महात्माओं ने समाज की जन जागृति के लिए अपने विचार रखे,समारोह में मुख्य रूप से समाज के कोषाध्यक्ष फूलचंद गर्ग,मंत्री विवेक वाधवा,स्वामी ऋत स्पति परिव्राजक नर्मदापुरम,आचार्य योगेंद्र यौगिक नर्मदा पुरम,सेवक जगवानी,डॉक्टर वेदपाल आर्य मेरठ,अमृता आर्या दिल्ली,पंडित मधुलक,प्रकाश आर्य,विजय अग्रवाल,दिनेश अग्रवाल,सूर्य प्रकाश आर्य,वेदप्रकाश शर्मा,जानकी मोहन जोहरी,धर्मेंद्र कौशल समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे recent visitors 286