आज केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना का शिलान्यास एक ऐतिहासिक घटना बन रही है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कर कमलों से बुधवार को केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के भूमिपूजन का ऐतिहासिक कार्यक्रम होने वाला है। यह सच्चे अर्थों में भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी की 100 वीं जयंती को सार्थक करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल में मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में केन-बेतवा नदी जोड़ों परियोजना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. वाजपेयी ने जब नदी जोड़ो से संबंधित विषय रखा था उस समय उन्हें एनजीटी संस्था पर्यावरण से जुड़ी अन्य संस्थाओं का सामना करना पड़ा। लेकिन अब सारे समाधान हो गए हैं। अब नदी जोड़ो परियोजना का शिलान्यास एक ऐतिहासिक घटना बन रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उनका सभी मित्रों से भी आग्रह है कि यह एक प्रकार से देश के विकास के उत्सव का माहौल है, इसमें दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सबका स्वागत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केन-बेतवा नदी जोड़ो अभियान की शुरूआत से सिंचाई, पेयजल और उद्योग को पर्याप्त पानी देने की महत्वपूर्ण पहल हुई है। यह एक तरह से ऐतिहासिक घटना है। इससे बुंदेलखंड के 10 जिले लाभान्वित होंगे। इन जिलों में पानी की कमी की वजह से रोजगार की तलाश में पलायन होता था। दूसरी नदी जोड़ो परियोजना पार्वती-कालीसिंध और चंबल (पीकेसी) है, जो चंबल और मालवा क्षेत्र को लाभान्वित करेगी। चंबल क्षेत्र कष्ट में इसलिए था क्योंकि वहां पर खेती के अवसर कम थे। परियोजना से मुरैना, ग्वालियर, भिण्ड, गुना,शिवपुरी, राजगढ़ और उसके आगे पश्चिमी मालवा तक रतलाम, नीमच और मंदसौर तक कुल 11 जिलों में पानी की पर्याप्त उपलब्धता हो सकेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर और उज्जैन को पीकेसी के माध्यम से लाभ मिलेगा। इस परियोजना की शुरूआत के साथ न केवल हमारे लिए पीने का पानी, उद्योग और 8 लाख हैक्टेयर से अधिक का रकबा इससे सिंचित होगा। यह प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसके साथ ही ओंकारेश्वर में फ्लोटिंग सोलर परियोजना से सौर ऊर्जा प्राप्त करने के लिए नवकरणीय ऊर्जा का संयंत्र स्थापित हुआ है। भविष्य में बनने वाले बड़े-बड़े जलाशय और डेम प्रदेश की उन्नति में सहायक होंगे। ऊर्जा उत्पादन की संभावनाएं बढ़ेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एक ऐतिहासिक कार्यक्रम होने वाला है, जो यह सच्चे अर्थों में भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के प्रति सच्ची आदरांजलि होगी।   recent visitors 38

मुख्यमंत्री यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की 100वीं जयंती पर उनका पुण्य स्मरण किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की 100वीं जयंती पर उनका पुण्य स्मरण किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. वाजपेयी ने नदी जोड़ो परियोजना का स्वप्न देखा था, जिसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने साकार करने का कार्य किया है। स्व. वाजपेयी की 100वीं जयंती पर महत्वाकांक्षी केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना का शिलान्यास प्रधानमंत्री मोदी के कर-कमलों से हो रहा है। मध्यप्रदेश का बुंदेलखंड अंचल इस परियोजना के क्रियान्वयन का लाभ प्राप्त कर संपूर्ण अंचल ही नहीं, प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन लाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. वाजपेयी की जयंती के एक दिन पहले भोपाल में मंत्रालय के पास सरदार वल्लभ भाई पटेल उद्यान में सुशासन दिवस मनाया गया। अधिकारियों-कर्मचारियों ने इस अवसर पर प्रदेश में सुशासन के उच्चतम मापदंड स्थापित करने, शासन की व्यवस्थाएं पारदर्शी, जनकल्याण के हित में और जवाबदेही से ओत-प्रोत करने की शपथ ली है। निश्चित ही प्रदेश के नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए स्व. वाजपेयी के संकल्प को मध्प्रदेश ज्यादा से ज्यादा कार्य कर योगदान देगा। यही स्व. वाजपेयी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। प्रदर्शनी का अवलोकन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म शताब्दी वर्ष पर चित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चित्र प्रदर्शनी में प्रदर्शित चित्रों की प्रशंसा की। उन्होंने पं. दीनदयाल परिसर में स्व. वाजपेयी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर केंद्रित प्रदर्शनी का दीप प्रज्जवलित कर उद्घाटन किया।   recent visitors 127

महाकुंभ के कारण भोपाल मंडल से होकर गुजरने वाली कई यात्री ट्रेनों को निरस्त कर दिया, 12 जनवरी तक 16 गाड़ियां कैंसिल

भोपाल दक्षिण मध्य रेलवे, सिकंदराबाद मंडल के काजीपेट-विजयवाड़ा खंड के मोटूमारी जंक्शन स्टेशन पर इंटरलाकिंग कार्य चल रहा है। इस कारण भोपाल मंडल से होकर गुजरने वाली कई यात्री ट्रेनों को निरस्त कर दिया गया है। यह ट्रेनें हुईं निरस्त ट्रेन 22646 कोच्चुवेली-इंदौर एक्सप्रेस 28 दिसंबर से चार जनवरी तक निरस्त रहेगी। ट्रेन 22645 इंदौर-कोच्चुवेली एक्सप्रेस 30 दिसंबर से छह जनवरी तक निरस्त रहेगी। ट्रेन 12511 गोरखपुर-कोचूवेली एक्सप्रेस 26 दिसंबर से पांच जनवरी तक निरस्त रहेगी। ट्रेन 12512 कोचूवेली-गोरखपुर एक्सप्रेस 31 दिसंबर से आठ जनवरी तक निरस्त रहेगी। ट्रेन 12521 बरौनी-एर्नाकुलम एक्सप्रेस 23 दिसंबर से छह जनवरी तक निरस्त रहेगी। ट्रेन 12522 एर्नाकुलम-बरौनी एक्सप्रेस दिनांक 27 दिसंबर से 10 जनवरी तक निरस्त रहेगी। ट्रेन 01927 कानुपर-मदुरै स्पेशल 25 दिसंबर से आठ जनवरी तक निरस्त रहेगी। ट्रेन 01928 मदुरै-कानुपर स्पेशल 27 दिसंबर से 10 जनवरी तक निरस्त रहेगी। ट्रेन 04717 हिसार-तिरुपति स्पेशल 28 दिसंबर एवं चार जनवरी को निरस्त रहेगी। ट्रेन 04718 तिरुपति-हिसार स्पेशल 30 दिसंबर एवं छह जनवरी को निरस्त रहेगी। ट्रेन 06509 केएसआर बेंगलुरू – दानापुर एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन 30 दिसंबर एवं छह जनवरी को निरस्त रहेगी। ट्रेन 06510 दानापुर – केएसआर बेंगलुरू एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन एक जनवरी एवं आठ जनवरी को निरस्त रहेगी। भोपाल मंडल की पैसेंजर, मेमू ट्रेनें हुईं निरस्त महाकुंभ के कारण भोपाल मंडल में यात्री ट्रेनों के संचालन में बदलाव किया गया है। रेल प्रशासन ने अपरिहार्य कारणों से कई पैसेंजर और मेमू ट्रेनों को अस्थायी रूप से निरस्त करने का निर्णय लिया है। यात्री यात्रा करने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति के बारे में रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल एप के माध्यम से यह जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। ये ट्रेनें हुईं निरस्त 27 दिसंबर से 28 फरवरी तक ट्रेन 06603-06604 – बीना-कटनी मुडवारा-बीना पैसेंजर स्पेशल मेमू ट्रेन 06623-06624 – कटनी-बरगवां-कटनी मेमू स्पेशल ट्रेन 11606-11605 – भोपाल-बीना मेमू ट्रेन 06632 – बीना-भोपाल पैसेंजर स्पेशल मेमू 28 दिसंबर से 1 मार्च तक ट्रेन 06631 – भोपाल-बीना पैसेंजर स्पेशल मेमू   recent visitors 64

वृंदावन ग्राम योजना से गोवंश संरक्षण और जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा, दुग्ध उत्पादन, मार्केटिंग और ब्रांडिंग पर फोकस

भोपाल  ग्रामीणों को पशुपालन से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार लाने और जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए मध्य प्रदेश के 313 विकासखंडों में एक-एक वृंदावन ग्राम बनाए जाएंगे। इसके लिए राज्य सरकार उन ग्रामों का चयन करेगी, जहां न्यूनतम जनसंख्या दो हजार और कम से कम पांच सौ गोवंश होंगे। इसका एक आधार पशुओं के लिए चारे, पानी के साथ परिवहन की अच्छी व्यवस्था भी रखा गया है। ग्राम का चयन प्रभारी मंत्री के परामर्श से कलेक्टर करेंगे। योजना के पर्यवेक्षण के लिए जिला अधिकारियों की समिति भी बनाई जाएगी। देश में दूध का तीसरा बड़ा उत्पादक राज्य मध्य प्रदेश है। प्राकृतिक खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित खेती रोजगार देने के साथ अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार है और इसे विस्तार देने के लिए सरकार ने कार्ययोजना बनाई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुसार प्राकृतिक खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी क्रम में सरकार ने प्रत्येक विकासखंड में एक वृंदावन ग्राम बनाने का निर्णय लिया है। गोवंश संरक्षण, संवर्धन इस ग्राम में गोवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए नस्ल सुधार के माध्यम से दुग्ध उत्पादन में वृद्धि, प्राकृतिक खेती के लिए जैविक खाद के उपयोग, उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग, कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण जैसी गतिविधियां संचालित की जाएंगी। योजना के क्रियान्वयन के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने सभी कलेक्टर और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को ग्राम चिन्हित करने और पर्यवेक्षक के लिए समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। मार्केटिंग के साथ ब्रांडिंग पर रहेगा जोर विभागीय अधिकारियों ने बताया कि वृंदावन ग्राम में गाय से प्राप्त उत्पाद की मार्केटिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए स्व-सहायता समूह तैयार किए जाएंगे। इन्हें प्रशिक्षण भी दिलाया जाएगा। स्थानीय, राष्ट्रीय मेल, किसान बाजारों और प्रदर्शनी में उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे। चारा उत्पादन के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाएगा चारा उत्पादन के लिए कृषि विभाग किसानों को प्रोत्साहित करेगी। इसके लिए फसल की जानकारी दी जाएगी। गोचर भूमि का संरक्षण और विस्तार पर ध्यान दिया जाएगा। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को क्रियान्वित कराया जाएगा। राज्य बजट के साथ सीएसआर का होगा उपयोग वृंदावन ग्राम के लिए वित्तीय आवश्यकता की पूर्ति राज्य के बजट के अलावा विभिन्न कंपनियों के सीएसआर फंड से कराई जाएगी। इसके लिए औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग जिलों से प्राप्त विभिन्न कंपनियों के कार्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी के प्रस्तावों पर समन्वय करेगा। recent visitors 186

2024 में Swiggy से सबसे ज्यादा मंगाया गई डिश, हर सेकंड मिले 2 ऑर्डर

मुंबई स्विगी ने 2024 के लिए अपनी साल के अंत की रिपोर्ट जारी की है, जो विभिन्न खाद्य-संबंधी रुझानों के बारे में जानकारी देती है। (ध्यान दें कि सभी आँकड़े 1 जनवरी, 2024 और 22 नवंबर, 2024 के बीच एकत्र किए गए डेटा पर आधारित हैं)। पिछले साल की तरह, बिरयानी भारत में ऑर्डर की जाने वाली सबसे लोकप्रिय डिश बन गई है – विशेष रूप से इस डिलीवरी ऐप के माध्यम से। स्विगी ने 2024 में 83 मिलियन बिरयानी ऑर्डर किए। इसने बताया कि इसका मतलब है कि देश में प्रति मिनट 158 बिरयानी ऑर्डर की गईं (लगभग हर सेकंड में 2 ऑर्डर)। बिरयानी के बाद, स्विगी ने डोसा की लोकप्रियता पर प्रकाश डाला, जिसके इस साल 23 मिलियन ऑर्डर किए गए। स्विगी ने सबसे पसंदीदा डिश के बारे में अन्य आँकड़े भी दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, चिकन बिरयानी इस व्यंजन का सबसे पसंदीदा संस्करण है। इस साल स्विगी को इसके लिए 49 मिलियन ऑर्डर मिले। इन स्विगी ऑर्डर्स का एक बड़ा हिस्सा भारत के दक्षिणी राज्यों के लोगों का है। हैदराबाद 2024 में 9.7 मिलियन बिरयानी ऑर्डर के साथ "बिरयानी लीडरबोर्ड" में सबसे ऊपर है। इसके बाद बेंगलुरु (7.7 मिलियन ऑर्डर) और चेन्नई (4.6 मिलियन) का स्थान है। हर मिनट 158 बिरयानी ऑर्डर साल 2024 खत्म होने वाला है और नए साल (New Year 2025) की शुरुआत होने वाली है. इस बीच फूड डिलिवरी प्लेटफॉर्म स्विगी ने साल 2024 खत्म होने से पहले अपनी एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें 1 जनवरी 2024 से 22 नवंबर 2024 के बीच किए गए ऑर्डर में सबसे फेवरेट व्यंजनों के बारे में बताया गया है. 8.3 करोड़ ऑर्डर्स के साथ Biryani इस साल भी भारत में ऑर्डर किए जाने वाले सबसे पसंदीदा डिश बनी है. स्विगी के मुताबिक, देश में हर मिनट 158 प्लेट बिरयानी के ऑर्डर मिले हैं.  बिरयानी के ऑर्डर में सबसे आगे हैदराबाद रहा है, जहां पर 97 लाख बिरयानी ऑर्डर की गईं. डोसा दूसरे पायदान पर पहुंचा बिरयानी के बाद सबसे ज्यादा जो डिश ऑर्डर की गई है, वो Dosa है, जिसके ऑर्डर का आंकड़ा 1 जनवरी से 22 नवंबर के बीच 23 मिलियन या 2.3 करोड़ ऑर्डर रहा है. Swiggy की रिपोर्ट के अनुसार, प्लेटफॉर्म की क्विक डिलीवरी सर्विस, बोल्ट ने भी सुर्खियां बटोरीं. बीकानेर में, मिठाई के शौकीन व्यक्ति को महज 3 मिनट में आइसक्रीम के तीन फ्लेवर मिले, जो स्विगी के संचालन की गति को प्रदर्शित करता है. इस साल मिठाइयों में रसमलाई और सीताफल आइसक्रीम पसंदीदा रहे. एक व्यक्ति खा गया ₹50000 का पास्ता बिरयानी में चिकन बिरयानी सबकी पहली पसंद बनी. तो इसके साथ ही स्विगी के ग्राहकों के फेवरेट फूड लिस्ट में पास्ता को भी शामिल किया गया है, इसकी लोकप्रियता ऐसी रही, कि बेंगलुरु के एक अकेले यूजर ने ही अलग-अलग टेस्ट की पास्ता डिश पर 49,900 रुपये खर्च डाले. रिपोर्ट के मुताबिक, आधी रात को 12 से 2 बजे के बीच ऑर्डर की जाने वाली सबसे पसंदीदा डिश में चिकन बर्गर पहली, जबकि बिरयानी दूसरी थी. मुंबई के कपिल ने पहुंचाए सबसे ज्यादा ऑर्डर स्विगी के फूड मार्केटप्लेस के चीफ बिजनेस ऑफिसर सिद्धार्थ भाकू ने कहा कि साल 2024 वास्तव में स्वादिष्ट रोमांच से भरपूर वर्ष रहा. हमें अपनी इस यात्रा के केंद्र में होने पर गर्व है, जिससे भारत भर में लाखों लोगों को उनके पसंदीदा व्यंजनों का स्वाद लेने का मौका स्विगी के जरिए मिला. उन्होंने कहा कि स्विगी के डिलीवरी पार्टनरों (Swiggy Delivery Partners) वास्तव में 2024 के गुमनाम नायक बने, जिन्होंने सामूहिक रूप से 1.96 अरब किलोमीटर की यात्रा डिलीवरी करने के दौरान की. स्विगी ने अपनी रिपोर्ट में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले डिलीवरी पार्टनर्स की लिस्ट में टॉप पर कपिल कुमार पांडे रहे, जिन्होंने मुंबई में 10,703 डिलीवरी पूरी की और कोयंबटूर की कलीश्वरी एम 6,658 ऑर्डर के साथ महिला डिलीवरी पार्टनर्स में सबसे अव्वल रहीं. स्विगी के अनुसार, रात 12 से 2 बजे के बीच की भूख मिटाने के लिए बिरयानी दूसरी सबसे लोकप्रिय पसंद थी। चिकन बर्गर पहली पसंद थे। ट्रेनों में सबसे ज़्यादा ऑर्डर किए जाने वाले खाने में बिरयानी भी शामिल थी (स्विगी ने IRCTC के साथ मिलकर ट्रेन रूट पर खास स्टेशनों पर डिलीवरी के लिए एक समर्पित फीचर का इस्तेमाल किया है)। साल की शुरुआत में, स्विगी ने यह भी खुलासा किया था कि भारत में रमज़ान 2024 के दौरान प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए बिरयानी की लगभग 6 मिलियन प्लेटें ऑर्डर की गईं। सबसे ज़्यादा ऑर्डर हैदराबाद शहर में किए गए, जहाँ इस अवधि के दौरान स्विगी पर बिरयानी की एक मिलियन से ज़्यादा प्लेटें ऑर्डर की गईं (अधिक जानकारी यहाँ पढ़ें )। स्विगी की साल के अंत की रिपोर्ट से एक और दिलचस्प जानकारी एक ख़ास खाने के शौकीन के इस व्यंजन के प्रति प्रेम के बारे में थी। कोलकाता में एक स्विगी उपयोगकर्ता ने 1 जनवरी, 2024 को सुबह 4.01 बजे बिरयानी ऑर्डर की, जिसने साल की एक स्वादिष्ट शुरुआत को चिह्नित किया! recent visitors 187

प्रधानमंत्री मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के ओंकारेश्वर में स्थापित ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर परियोजना का भी उद्घाटन करेंगे

नईदिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती के अवसर पर कल मध्य प्रदेश जायेंगे और खजुराहो में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन तथा शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार श्री मोदी केन-बेतवा नदी जोड़ो राष्ट्रीय परियोजना की आधारशिला रखेंगे। यह राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य के दृष्टिकोण से देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना है। इस परियोजना से मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सिंचाई की सुविधा मिलेगी, जिससे लाखों किसान परिवारों को लाभ मिलेगा। इस परियोजना से क्षेत्र के लोगों को पेयजल की सुविधा भी मिलेगी। इसके साथ ही, जलविद्युत परियोजनाएं हरित ऊर्जा में 100 मेगावाट से अधिक का योगदान देंगी। इस परियोजना से रोजगार के कई अवसरों का सृजन होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। प्रधानमंत्री श्री वाजपेयी की 100वीं जयंती के अवसर पर एक स्मारक डाक टिकट और सिक्का जारी करेंगे। वह 1153 अटल ग्राम सुशासन भवनों की आधारशिला भी रखेंगे। ये भवन स्थानीय स्तर पर सुशासन के लिए ग्राम पंचायतों के कार्य और जिम्मेदारियों के व्यावहारिक संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। ऊर्जा की आत्मनिर्भरता और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता के अनुरूप, प्रधानमंत्री मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के ओंकारेश्वर में स्थापित ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर परियोजना का भी उद्घाटन करेंगे। यह परियोजना कार्बन उत्सर्जन को कम करेगी और वर्ष 2070 तक नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन के सरकार के मिशन में योगदान देगी। यह जल वाष्पीकरण को कम करके जल संरक्षण में भी मदद करेगी। recent visitors 73

मध्यप्रदेश में सीजन का पहला मावठा गिरा, कोहरा भी छाया: 27 दिसंबर को ओले-बारिश गिरने कि सम्भावना ; भोपाल, सहित कई जिलें भीगेंगे

The first drizzle of the season fell in Madhya Pradesh, fog also prevailed: Strong system of hail and rain on 27 December; Bhopal, along with many other districts will get wet भोपाल । मध्यप्रदेश में सीजन का पहला मावठा गिर रहा है। पिछले 24 घंटे में 10 से ज्यादा जिलों में हल्की बारिश हुई, जबकि ग्वालियर-चंबल संभाग में कोहरा छाया रहा। ऐसा ही मौसम अगले 4 दिन यानी, 28 दिसंबर तक बना रहेगा। 27 दिसंबर को ओले-बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम बनेगा। जिसका भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन समेत पूरे प्रदेश में असर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार-मंगलवार की रात में भिंड-सीहोर में बारिश हुई। वहीं, मंगलवार को पन्ना, दतिया, टीकमगढ़, बड़वानी, खजुराहो, निवाड़ी, मुरैना, भिंड, अशोकनगर, श्योपुर में हल्की बारिश दर्ज की गई। भोपाल में पूरे दिन बादल छाए रहे। वहीं, सर्द हवाएं चलीं। जिससे लोग ठिठुर गए। इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में भी ऐसा ही मौसम रहा। हालांकि, दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी हुई है। अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम… 25 दिसंबर: गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर में हल्के से मध्यम कोहरा रहेगा। 26 दिसंबर: खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, रतलाम, मंदसौर और नीमच में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, अनूपपुर, शहडोल और उमरिया में हल्के से मध्यम कोहरा छाया रहेगा। 27 दिसंबर: इंदौर, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, देवास, भिंड, मुरैना, श्योपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सागर और पांढुर्णा में ओले गिरने के साथ बारिश और 40 से 50Km प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चल सकती है। इसी तरह भोपाल, राजगढ़, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, रतलाम, उज्जैन, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, शहडोल, डिंडौरी, कटनी, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और मैहर में कहीं-कहीं बारिश और तेज हवा चलने का अनुमान है। 28 दिसंबर: अनूपपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, नर्मदापुरम, बैतूल, बालाघाट, पांढुर्णा में ओले गिरने के साथ तेज हवा चल सकती है। इसी तरह रायसेन, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, कटनी, जबलपुर, पन्ना, दमोह, सागर, मैहर में गरज-चमक और बारिश होने का अनुमान है। भोपाल, सीहोर, राजगढ़, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, मंदसौर और नीमच में हल्के से मध्यम कोहरा रहेगा। recent visitors 347