दिल्ली से हटाई गई ग्रैप-4 की पाबंदियां, पश्चिमी विक्षोभ के कारण हवा में सुधार के संकेत, 369 पर AQ

नई दिल्ली पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम के बदले मिजाज और पूर्वानुमानों में पलूशन से राहत मिलने के संकेत हैं। दिल्ली में मंगलवार को प्रदूषण के स्तर में सुधार देखा गया। शाम को एक्यूआई 369 अंकों के साथ बेहद खराब श्रेणी में दर्ज किया गया। सोमवार को यह गंभीर श्रेणी में था। इस बीच वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली एनसीआर में लगाई गई ग्रैप-4 की पाबंदियों को हटाने का ऐलान कर दिया है। हालांकि, पलूशन को काबू में रखने के लिए ग्रैप 1, 2 और 3 के तहत लागू पाबंदियां जारी रहेंगी। पिछले तीन दिनों के दौरान AQI की स्थिति 1- 22 दिसंबर 409 मौसम के बदले मिजाज से सुधार पर एक्यूआई राजधानी के मौसम में बदलाव और हवा की गति में परिवर्तन होने से प्रदूषण के स्तर में कमी देखी जा रही है। दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक सुबह से ही सुधार पर है। दिल्ली में मंगलवार को शाम 4 बजे AQI 369 पर था। समिति का कहना है कि यह आंकड़ा ग्रैप-4 लागू करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से तय सीमा से 31 अंक नीचे है। मौसम विभाग ने दी गुड न्यूज दरअसल, मौसम विभाग ने पश्चिमी विक्षोभ के चलते दिल्ली एनसीआर में 26, 27 और 28 दिसंबर को बूंदाबांदी या बारिश की संभावना जताई है। 27 दिसंबर को हवा की स्पीड भी तेज रहने का अनुमान है। इससे पलूशन के स्तर में भी कमी देखी जा सकती है। अनुमान है कि वाले दिनों में दिल्ली का AQI 300-400 के बीच में रह सकता है। इन कार्यों पर लगी रोक हटी ग्रैप-4 की पाबंदिया हटने से दिल्ली के कारोबारियों को बड़ी राहत मिलेगी। दिल्ली में गैर-जरूरी सामान ले जाने वाले ट्रकों के दाखिल होने पर लगी रोक हटा ली जाएगी। साथ ही नेशनल हाइवे और फ्लाईओवर समेत सभी निर्माण और तोड़फोड़ गतिविधियों पर लगे प्रतिबंध भी हटा लिए जाएंगे। 16 दिसंबर को लगी थीं ग्रैप-4 की पाबंदियां उल्लेखनीय है कि वायु गुणवत्ता में गिरावट के बाद 16 दिसंबर से पूरे एनसीआर में ग्रैप-4 की पाबंदियां लागू थीं। ग्रैप-4 के तहत दिल्ली एनसीआर में सभी प्रकार की निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया था। recent visitors 95

शेख हसीना की मुश्किलें नहीं हो रही कम, पांच अरब डॉलर के परमाणु ऊर्जा प्लांट के कथित घोटाले के आरोप में जांच शुरू

ढाका बांग्लादेश में पांच अरब डॉलर के परमाणु ऊर्जा प्लांट के कथित घोटाले में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनके स्वजनों के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है। यह घोटाला ढाका से कुछ दूर स्थित रूपपुर पावर प्लांट को रूस की सरकारी एजेंसी रोसातोम बनवा रही है जिससे कुछ भारतीय कंपनियां भी जुड़ी हुई हैं। जानिए क्या है मामला यह बांग्लादेश का पहला परमाणु ऊर्जा प्लांट है जिसे ढाका से 160 किमी पश्चिम स्थित रूपपुर में रूस ने डिजाइन किया है। रूपपुर एनपीपी प्रोजेक्ट को लेकर लगाए गए आरोपों से रोसातोम ने इन्कार किया है। रूस सरकार के कारपोरेशन का कहना है कि वह पारदर्शी नीतियों के प्रति प्रतिबद्ध है। वह अपने हितों और प्रतिष्ठा के लिए कोर्ट में जाएगी। शेख हसीना पर लगे हैं ये आरोप वहीं, 77 वर्षीय अपदस्थ पीएम शेख हसीना पर आरोप है कि पांच अरब डालर के रूपपुर परमाणु ऊर्जा प्लांट की पूरी रकम को उन्होंने अपने मलेशिया के बैंक खाते में ट्रांसफर कर लिया है। इस मामले में शेख हसीना के अलावा, उनके बेटे सजीब वाजेब ज्वाय (अमेरिका में रहते हैं), उनकी भांजी व ब्रिटिश ट्रेजरी मिनिस्टर ट्यूलिप सादिक भी आरोपित हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार यह घटनाक्रम तब सामने आया जब दो दिन पहले बांग्लादेश के हाई कोर्ट ने अपने एक फैसले में पूछा कि भ्रष्टाचार विरोधी आयोग (एससीसी) ने अभी तक रूपपुर पावर न्यूक्लियर प्रोजेक्ट के पांच अरब डालर कथित रूप से शेख हसीना के मलेशिया के एकाउंट में ट्रांसफर किए जाने पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई है। हसीना, ज्वाय और ट्यूलिप की इस हेराफेरी को क्या अवैध नहीं घोषित किया जाना चाहिए? एसीसी के दस्तावेजों के अनुसार रूपपुर पावर प्लांट में भ्रष्टाचार होने की बात नेशनल डेमोक्रेटिक मूवमेंट (एनडीएम) के अध्यक्ष बाबी हज्जाज ने उजागर की थी। शेख हसीना पर लगे हैं कई अन्य आरोप उल्लेखनीय है कि हसीना अपदस्थ किए जाने के बाद यानी पांच अगस्त से भारत में शरण लिए हुए हैं। 16 साल के शासन और लगातार तीसरी बार सत्ता में निर्वाचित होने के बाद शेख हसीना पर और उनके सहयोगियों पर हत्याओं और प्रदर्शनों के भी आरोप लगाए गए हैं। हसीना के प्रत्यारोपण की मांग बता दें कि हाल के दिनों में ही बांग्लादेश नें भारत से शेख हसीना के प्रत्यारोपण के लिए पत्र लिखा था। भारत ने इस नोट के मिलने की बात स्वीकार की है। इस नोट को लेकर पिछले दिनों भारत के विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा कि, “हमें बांग्लादेश उच्चाोग से एक नोट वर्बल प्राप्त हुआ है जो प्रत्यर्पण से संबंधित है। इस बारे में हमारे पास साझा करने के लिए और कोई सूचना नहीं है।'' recent visitors 104

बाबा रामदेव की पतंजलि के खिलाफ मशहूर कंपनी डाबर ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया

नई दिल्ली अपने कई उत्पादों के लिए मशहूर कंपनी डाबर ने बाबा रामदेव की पतंजलि के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और उसके उस विज्ञापन पर रोक लगाने की मांग की है, जिसमें कथित तौर पर उसके च्यवनप्राश उत्पादों के खिलाफ पतंजलि आयुर्वेद द्वारा अपमानजनक विज्ञापन चलाने के आरोप हैं। मंगलवार को दायर अपनी याचिका में डाबर ने आरोप लगाया है कि पतंजलि आयुर्वेद उसके च्यवनप्राश उत्पादों के खिलाफ अपमानजनक विज्ञापन चला रही है। याचिका में डाबर ने पतंजलि को तुरंत अपमानजनक विज्ञापन चलाने से रोकने के लिए आदेश देने की मांग की है। डाबर की अर्जी पर जस्टिस मिनी पुष्करणा ने संबंधित पक्ष को नोटिस जारी किया है और अंतरिम आदेशों पर विचार करने के लिए जनवरी के अंतिम सप्ताह में मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया  है। बार एंड बेंच की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जब डाबर ने अपनी अर्जी डालकर इस पर सुनवाई की गुहार की, तब जस्टिस पुष्करणा ने शुरू में इसे मध्यस्थता के लिए भेजने की इच्छा जताई, लेकिन डाबर ने बार-बार इस मामले में तत्काल राहत की गुहार लगाई तो उन्होंने अंततः मामले की सुनवाई करने का फैसला किया। डाबर की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अखिल सिब्बल ने दलील दी कि पतंजलि आयुर्वेद एक आदतन अपराधी है। इसके साथ ही उन्होंने इस साल की शुरुआत में पतंजलि के खिलाफ दर्ज अवमानना ​​याचिका में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का भी उल्लेख किया, जिसमें पतंजलि, बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने अखबारों में लिखित माफीनामा छपवाया था। डाबर ने अपनी अर्जी में कहा कि वह पतंजलि आयुर्वेद के संस्थापक स्वामी रामदेव के एक विज्ञापन से व्यथित है, जिसमें वह कहते हैं, "जिनको आयुर्वेद और वेदों का ज्ञान नहीं, चरक, सुश्रुत, धन्वंतरि और च्यवनऋषि की परंपरा में 'असली' च्यवनप्राश कैसे बना पाएंगे?" (यह बताते हुए कि केवल पतंजलि स्पेशल च्यवनप्राश ही 'असली'/प्रामाणिक है; और बाजार में अन्य च्यवनप्राश के निर्माताओं को इस परंपरा के बारे में कोई जानकारी नहीं है, और परिणामस्वरूप, वे सभी नकली/'साधारण' हैं)। सिब्बल के अनुसार, अन्य च्यवनप्राश को 'साधारण' कहना यह दर्शाता है कि वे घटिया हैं। उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव की पतंजलि का विज्ञापन च्यवनप्राश की पूरी श्रेणी को अपमानित करता है, जो एक पुरानी आयुर्वेदिक दवा है। सिब्बल ने ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट का हवाला देते हुए कहा कि सभी च्यवनप्राश को प्राचीन आयुर्वेदिक ग्रंथों में उल्लिखित विशिष्ट फॉर्मूलेशन और अवयवों का पालन करना चाहिए, जिससे "साधारण" च्यवनप्राश की धारणा भ्रामक और डाबर जैसे प्रतिस्पर्धियों के लिए हानिकारक हो है क्योंकि इस सेगमेंट में 61.6% बाजार की हिस्सेदारी डाबर की है। सिब्बल ने यह तर्क भी दिया कि पतंजलि का विज्ञापन न केवल उपभोक्ताओं को गुमराह कर रहा है, बल्कि अन्य ब्रांडों को बदनाम भी कर रहा है, क्योंकि उनके विज्ञापन से यही संदेश जा रहा है कि सिर्फ उन्हीं के पास च्यवनप्राश बनाने की सही ज्ञान और आवश्यक तरीका है बाकी सभी इस मामले में अनाड़ी और दोयम दर्जे के उत्पादक हैं। recent visitors 87

PM मोदी क्रिसमस सेलिब्रेशन को लेकर केरल की एक कैथोलिक चर्च के बिशप ने तंज कसा, कहा- यहां तो हमला करते हैं

नई दिल्ली पीएम नरेंद्र मोदी दिल्ली में क्रिसमस सेलिब्रेशन के एक इवेंट में शामिल हुए थे। इसका आयोजन कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया ने किया था। इस पर केरल की एक कैथोलिक चर्च के बिशप ने तंज कसा है। उन्होंने फेसबुक पर लिखा, 'वहां वे बिशप का सम्मान करता है और क्रिब को लेकर श्रद्धा दिखाते हैं। यहां वे क्रिब को तबाह करना चाहते हैं।' बता दें कि क्रिब क्रिसमस सेलिब्रेशन के दौरान की जाने वाली उस सजावट को कहा जाता है, जो ईसा मसीह के जन्म को दर्शाती है। उन्होंने पलक्कड़ के सरकारी स्कूलों में क्रिसमस सेलिब्रेशन के आयोजनों में बवाल किए जाने की घटनाओं का जिक्र किया। इनमें से एक घटना में चित्तूर में तीन वीएचपी नेताओं को अरेस्ट किया गया है। इसके अलावा दूसरी घटना में उपद्रवियों की तलाश जारी है। आरोप है कि पलक्कड़ के नालेपल्ली इलाके के अपर प्राइमरी स्कूल में क्रिसमस मनाया जा रहा था। इस दौरान के. अनिल कुमार के नेतृत्व में वीएचपी के तीन नेता पहुंच गए थे। आरोप है किन इन लोगों ने क्रिसमस के सेलिब्रेशन पर सवाल उठाया और उसे रोकने की कोशिश की। इन लोगों ने कहा कि आखिर आप लोग क्रिसमस मनाते हैं, लेकिन जन्माष्टमी का सेलिब्रेशन क्यों नहीं किया जाता। इसके अलावा टीचर्स और अन्य लोगों के सांता क्लॉज की ड्रेस पहनने को लेकर भी सवाल उठाया। वीएचपी के नेताओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के सेक्शन 329 (3), 296 (b), 351 (2) और 132 के तहत केस दर्ज किया गया है। इसके अलावा एक अन्य स्कूल में क्रिसमस के क्रिब को नुकसान पहुंचाया गया। स्कूल को शुक्रवार को बंद कर दिया गया और सेमेस्टर एग्जाम के बाद छुट्टियां हैं। फिर भी पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है। इन्हीं दो घटनाओं को लेकर बिशप ने पीएम नरेंद्र मोदी के क्रिसमस सेलिब्रेशन में जाने को लेकर तंज कसा है। हालांकि भाजपा की ओर से स्नेह यात्रा की शुरुआत भी की गई है। इसके तहत केरल में भाजपा के नेता क्रिसमस के कार्य़क्रमों में हिस्सा ले रहे हैं। पीएम नरेंद्र मोदी भी कई बार इसका जिक्र कर चुके हैं कि हमें अल्पसंख्यक समुदायों के बीच जाना होगा और उनके बीच पैदा हुई भ्रांतियों को दूर करना होगा। recent visitors 88

कांग्रेस अध्यक्ष अलका लांबा कालकाजी विधानसभा सीट पर ‘आप’ की प्रत्याशी आतिशी को टक्कर दे सकती हैं

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव इस बार बेहद दिलचस्प होने जा रहे हैं। कांग्रेस पार्टी आदमी पार्टी (आप) के मुखिया अरविंद केजरीवाल के बाद अब आतिशी के खिलाफ भी मजबूत उम्मीदवार उतारने जा रही है। महिला कांग्रेस अध्यक्ष अलका लांबा कालकाजी विधानसभा सीट पर दिल्ली की मुख्यमंत्री और 'आप' की प्रत्याशी आतिशी को टक्कर दे सकती हैं। सूत्रों के अनुसार, मंगलवार को दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर हुई कांग्रेस की बैठक में 35 सीटों के लिए उम्मीदवार कों नामों पर चर्चा हुई। इसमें अलका लांबा सहित पर 28 नामों पर सहमति बनने की बात सामने आ रही है। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस की अलका लांबा को आतिशी के सामने कालकाजी विधानसभा सीट पर उतारने की तैयारी है। वहीं, सीमापुरी सीट से राजेश लिलोठिया कांग्रेस के उम्मीदवार हो सकते हैं। वहीं मनीष सिसोदिया की सीट जंगपुरा से फरहाद सूरी को कांग्रेस का टिकट मिल सकता है। इनके अलावा बिजवासन से देवेंद्र सहरावत और मटिया महल सीट से आसिम अहमद कांग्रेस उम्मीदवार हो सकते हैं। सूत्र बताते हैं कि 35 सीटों पर चर्चा के लिए आज हुई कांग्रेस की बैठक में 28 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम लगभग तय हो चुके हैं, जबकि 7 सीटों के लिए उम्मीदवारों पर चर्चा होना अभी बाकी है। बता दें कि, कांग्रेस ने 21 उम्मीदवारों की अपनी लिस्ट जारी कर दी है। बता दें कि, कांग्रेस 2013 से दिल्ली की सत्ता से बाहर है, जबकि आम आदमी पार्टी 2015 से दिल्ली में अपने दम पर सत्ता में काबिज है। उससे पहले कांग्रेस की तरफ से शीला दीक्षित लगातार 15 साल तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रही थीं। हालांकि, 2015 और 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन सबसे अधिक खराब रहा और वो अपना खाता तक नहीं खोल सकी। गौरतलब है कि, दिल्ली विधानसभा के लिए फरवरी 2025 में चुनाव होने की उम्मीद है। मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 23 फरवरी 2025 तक है। ऐसे में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी चौथी बार सत्ता में आने का प्रयास कर रही है। वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 70 में से 67 सीटें हासिल कर बंपर जीत दर्ज की थी। वहीं, वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 70 में से 62 पर जीत दर्ज की थी। भाजपा को वर्ष 2015 में 3 और 2020 में महज 8 सीटों से संतोष करना पड़ा था। recent visitors 77

ऑस्ट्रेलिया का रहा है दबदबा, भारत ने भी चखा है जीत का स्वाद, भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चौथा टेस्ट मेलबर्न में

मेलबर्न भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का चौथा मुकाबला गुरुवार से मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर खेला जाएगा। पर्थ टेस्ट भारत के नाम रहा, जबकि एडिलेड में ऑस्ट्रेलिया ने वापसी करते हुए पिंक बॉल टेस्ट में दमदार जीत हासिल की। तीसरा मैच बारिश के कारण ड्रॉ पर समाप्त हुआ था। वहीं चौथा मैच सीरीज के लिहाज से दोनों टीमों के लिए काफी महत्वपूर्ण होने वाला है। मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर ऑस्ट्रेलिया का काफी दबदबा रहा है और पिछले कुछ सालों के रिकॉर्ड पर नजर डाले तो ऑस्ट्रेलिया की टीम मेलबर्न में विपक्षी टीम पर हावी रही है। पैट कमिंस के नेतृत्व वाली ऑस्ट्रेलिया की टीम ने एडिलेड और ब्रिसबेन में भारत पर दबाव बनाया था और ज्यादातर समय खेल में आगे रही थी। हालांकि ब्रिसबेन में भारतीय टीम ने दमदार वापसी की थी और ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में 100 रन के अंदर सात विकेट गंवा दिए थे। हालांकि मेलबर्न में रोहित की टीम के लिए मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। वहीं चौथे मैच से पहले कई विवादों ने भी भारतीय खेमे में हलचल पैदा की है। विराट कोहली का एयरपोर्ट पर ऑस्ट्रेलियाई मीडिया को तस्वीर लेने से रोकना, फिर जडेजा का इंग्लिश रिपोर्ट को जवाब ना देना और फिर प्रैक्टिस के लिए दी गई यूज्ड पिच को लेकर भी सवाल उठे हैं। मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम ने इस मैदान पर 116 टेस्ट मैच खेले हैं। यहां पर पहला टेस्ट 1877 में खेला गया था। ऑस्ट्रेलिया की टीम ने कुल 67 मैच जीते हैं और 32 में उसे हार मिली है, जबकि 17 मैच ड्रॉ रहे हैं। 2010 से ऑस्ट्रेलिया ने कुल 14 मैच खेले हैं, जिसमें नौ में उसे जीत मिली है और तीन गंवाए हैं, दो ड्रॉ रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया ने मेलबर्न में पिछले 14 साल में तीन मैच गंवाए हैं और उनमें से दो मैच भारत ने जीते हैं। 2018 और 2020 में भारत ने जीत हासिल की थी। इससे पहले 2010 में ऑस्ट्रेलिया की टीम को इस मैदान पर पारी और 157 रनों से हार का सामना करना पड़ा था। recent visitors 73

थंबनेल ‌- समाजवादी युवजन सभा ने प्रदेश में किया संगठन का विस्तार 

Thumbnail- Samajwadi Yuva Sabha expanded its organization in the state सुशील दामले (विशेष संवाददाता) भोपाल। मध्य प्रदेश में समाजवादी युवजन  ने संगठन का विस्तार किया है । पार्टी ने पांच जिला अध्यक्ष सहित कुल 55 पदाधिकारीयों को प्रदेश में संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है । संगठन को लेकर सभा के प्रदेश अध्यक्ष इंजीनियर यदुवेंद्र यादव ने बयान देते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में डॉक्टर मोहन यादव की सरकार को 1 साल पूरा हो गया है लेकिन मध्य प्रदेश में बेरोजगारी चरम सीमा पर है । ं महिलाओं पर लगातार अत्याचार हो रहा हैं । प्रदेश की स्थिति दयनीय है ‌। इन सभी मुद्दों को लेकर उनकी पार्टी सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन करने की रणनीति तैयार कर रही है ।  बाइट ‌- इंजी यदुवेंद्र यादव , प्रदेशअध्यक्ष  स्लग ‌- समाजवादी युवजन सभा ने किया संगठन विस्तार  5 जिला अध्यक्ष सहित 55 पदाधिकारी की नियुक्ति  सरकार के खिलाफ आंदोलन की रणनीति कर रहे तैयार recent visitors 233