जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने एक बार फिर संघ प्रमुख के बयान पर अपना विरोध दर्ज कराया, हिंदुओं के नेता नहीं

मुंबई संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर संत समाज उबल रहा है। इस बीच जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने एक बार फिर संघ प्रमुख के बयान पर अपना विरोध दर्ज कराया है। मुंबई में ANI से बातचीत में जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा, "…वह किसी संगठन के प्रमुख हो सकते हैं लेकिन वह हिंदू धर्म के प्रमुख नहीं हैं कि उनकी बात हम मानते रहें। वह हमारे अनुशासक रहे हैं, हम उनके अनुसार नहीं चल सकते।" उन्होंने आगे कहा, “मैं बीस बार कह रही हूं कि हिन्दू धर्म की व्यवस्था के लिए वह ठेकेदार नहीं हैं। हिंदू धर्म की व्यवस्था हिन्दू धर्म के आचार्यों के हाथ में है। संपूर्ण भारत के भी वह प्रतिनिधि नहीं हैं।” जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने यह भी कहा कि जो हमारी ऐतिहासिक वस्तुएं हैं, वह हमें मिलनी ही चाहिए और हमें लेनी भी चाहिए, चाहे जैसे मिले। भले इसके लिए साम, दाम, दंड, भेद क्यों न अपनाना पड़े। रामभद्राचार्य के अलावा और कई संतों ने भी मोहन भागवत के बयान की आलोचना की है। ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने भी भागवत के उस बयान पर उनकी आलोचना की है जिसमें उन्होंने कहा था कि हर जगह मंदिर ढूंढ़ने की इजाजत नहीं दी सकती। बता दें कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने पुणे में एक व्याख्यानमाला को संबोधित करते हुए कहा , “धर्म प्राचीन है और धर्म की पहचान से ही राम मंदिर बनाया गया है। यह सही है, लेकिन सिर्फ मंदिर बन जाने से कोई हिंदुओं का नेता नहीं बन सकता। हिंदू धर्म सनातन धर्म है और इस सनातन और सनातन धर्म के आचार्य सेवाधर्म का पालन करते हैं। यह मानव धर्म की तरह सेवा धर्म है। सेवा करते समय हमेशा चर्चा से दूर रहना हमारा स्वभाव है।” उन्होंने आगे कहा, “जो लोग बिना दिखावे के लगातार सेवा करते हैं, वे सेवा की इच्छा रखते हैं। सेवा धर्म का पालन करते हुए हमें अतिवादी नहीं होना चाहिए और देश की परिस्थिति के अनुसार मध्यम मार्ग अपनाना चाहिए। मानव धर्म ब्रह्मांड का धर्म है और इसे सेवा के माध्यम से प्रकट किया जाना चाहिए। हम विश्व शांति की घोषणा करते हैं , लेकिन अन्य जगहों पर अल्पसंख्यकों की क्या स्थिति है? इस पर ध्यान देना जरूरी है। पेट भरने के लिए जो जरुरी है, वह करना चाहिए , लेकिन घर-गृहस्थी से परे जो कुछ भी हमें मिला है, उसका दोगुना सेवा के रूप में देना चाहिए।” recent visitors 57

HC का महत्‍वपूर्ण आदेश, सरकार निजी मेडिकल कॉलेजों की सीटें बढ़ाएं

जबलपुर प्रदेश में अब निजी मेडिकल कॉलेजों में भी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए कोटा होगा। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत व न्यायाधीश विवेक जैन की युगलपीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि अगले शैक्षणिक सत्र से प्रदेश के निजी मेडिकल कॉलेजों में सीटों की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए आरक्षण की व्यवस्था की जा सके। अगले सत्र से बढ़ेंगी सीटें- सरकार को आदेश-एक साल में पूरी करे प्रक्रिया युगलपीठ ने इस प्रक्रिया को पूरी करने के लिए सरकार को एक वर्ष का समय दिया है। यह महत्वपूर्ण आदेश जबलपुर निवासी छात्र अथर्व चतुर्वेदी की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया गया। याचिकाकर्ता ने बताया कि उसने ईडब्ल्यूएस वर्ग से नीट परीक्षा में 530 अंक प्राप्त किए थेए लेकिन उसे निजी मेडिकल कॉलेज में सीट नहीं मिली। याचिका में आरोप लगाया गया कि कम अंक प्राप्त करने वाले एनआरआई और अन्य कोटे के छात्रों को प्राथमिकता दी गईए जबकि ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए कोई सीट आरक्षित नहीं थी। सरकार का सीटों का बहाना छात्र ने राज्य सरकार के 2024.25 सत्र के प्रवेश नियमों को चुनौती दी, जिसमें निजी मेडिकल कॉलेजों में ईडब्ल्यूएस आरक्षण का प्रावधान नहीं किया गया था। उसने यह भी बताया कि केंद्र सरकार ने 2019 में ईडब्ल्यूएस आरक्षण के लिए अधिसूचना जारी कर दी थी, लेकिन मध्य प्रदेश सरकार ने इसे लागू नहीं किया।  नियमों में बदलाव संभव नहीं राज्य सरकार ने अपनी दलील में कहा कि नीट परीक्षा के नियम पहले से तय थे और प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसलिए नियमों में बदलाव संभव नहीं है। साथ ही, नेशनल मेडिकल कमीशन से निजी कॉलेजों में सीटें बढ़ाने का कोई निर्देश नहीं था। जिसके बाद हाई कोर्ट ने सरकार को निर्देशित किया कि वह अगले सत्र से सीटें बढ़ाने और ईडब्ल्यूएस आरक्षण लागू करने की प्रक्रिया सुनिश्चित करे। ज्ञात हो कि श्याम शाह मेडिकल कॉलेज ने वर्ष 2023 में मेडिकल रिकार्ड आफीसर के पद के लिए विज्ञापन जारी किया था। इसमें कंडीडेट से आवेदन मांगे गए थे। कई उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। योग्यता के आधार पर तत्कालीन डीन डॉ मनोज इंदूरकर के समय पर आवेदनों की स्क्रूटनी के बाद पात्र अपात्र की सूची फरवरी 2024 में जारी की गई थी। मेडिकल कॉलेज से जारी लिस्ट में सिर्फ एक उम्मीदवार ही पद के लिए योग्य पाया गया था। लिस्ट जारी होने के बाद भी पात्र कंडीडेट को ज्वाइनिंग  आदेश जारी नहीं किया गया। आठ महीेने बाद 16 दिसंबर को नई स्क्रीनिंग कमेटी गठित की गई। मेडिकल रिकार्ड आफीसर के लिए आए आवेदनों की फिर से जांच कराई गई। इसके लिए डीन ने कमेटी का भी गठन किया। डीन ने पांच लोगों की कमेटी गठित की। फिर स्क्रूटनी और नए सिरे से चयन कार्यवाही किए जाने के बाद 20 दिसंबर को नई लिस्ट जारी कर दी गई। इसमें जो कंडीडेट अपात्र था। उसे पात्र और जो पात्र था उसे वेटिंग लिस्ट में डाल दिया गया। इतना ही नहीं नई लिस्ट सिर्फ दो उम्मीदवारों की ही जारी की गई है। जबकि इसमें 9 उम्मीदवार थे। पहले जारी की गई सूची में सिर्फ एक ही पात्र था सुपर स्पेशलिटी और संजय गांधी अस्पताल दोनों ही जगह मेडिकल रिकार्ड के पदों पर नियुक्ति की जानी थी। दोनों ही जगह के लिए आवेदन मांगे गए थे। गांधी स्मारक चिकित्सालय और संजय गांधी अस्पताल में मेडिकल रिकार्ड आफीसर के लिए 9 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। इसमें अंकुर जैन पिता राजेन्द्र जैन, गगन मारन पिता भोज राज, शुभम श्रीवास्तव पिता सनत श्रीवास्तव, सनेन्द्र चौहान पिता सुरेन्द्र सिंह चौहान, निशांत यादव पिता विक्रम यादव, शिवम पटेल पिता शैलेन्द्र पटेल, विजय शर्मा पिता रमेश चन्द्र शर्मा, रितेश शुक्ला पिता पंकज शुक्ला, संजय दुबे पिता रामकृष्ण दुबे शामिल थे। इनमें से सिर्फ विजय शर्मा हीपात्र निकले थे। इसी तरह सुपर स्पेशलिटी में अंकुर जैन पिता राजेन्द्र जैन, पूनम जैन पिता अशोक कुमार जैन, सत्यम सुडेले पिता रविन्द्र सुडेले, योगेश दुबे पिता कैलाश बाबू दुबे, सनेन्द्र चौहान पिता सुरेन्द्र सिंह चौहान, निशांत यादव पिता विक्रम यादव, विजय शर्मा पिता रमेशचन्द्र शर्मा ने आवेदन किया था। इसमें भी विजय शर्मा ही पात्र पाए गए थे। दो कंडीडेट की लिस्ट हुई जारी श्याम शाह मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ सुनील अग्रवाल ने 20 दिसंबर की डेट से दो लोगों की मेडिकल रिकार्ड आफीसर के पद के लिए दो लोगों की लिस्ट जारी की गई। इसमं निशांत यादव का नाम पात्र की श्रेणी में रख दिया है। वहीं जो पहले की सूची में पात्र थे विजय शर्मा उन्हें वेटिंग लिस्ट में रख दिया गया है। इस लिस्ट में सिर्फ दो ही नाम रखे गए हैं। निशांत यादव को भी अपात्र की श्रेणी में पहले रखा गया था। इनके अलावा और भी कंडीडेट थे। इनमें से किसी को भी पात्र नहीं किया गया। नियमों में भी किया गया है हेरफेर मेडिकल रिकार्ड आफीसर के लिए श्याम शाह मेडिकल कॉलेज में जो योग्यता रखी गई थी। उसमें शासन से तय मापदंडों के विपरीत विज्ञापन निकाला गया था। शासन के गजट नोटिफिकेशन में मेडिकल रिकार्ड आफीसर के लिए अनिवार्य शैक्षणिक योग्यता मान्यत प्राप्त विश्वविद्याय से स्नातक एवं किसी मान्यता प्राप्त चिकित्सा महाविद्यालय, चिकित्सालय, संस्था में चिकित्सा अभिलेख संधारण का प्रशिक्षण उत्तीर्ण /1 वर्ष का प्रशिक्षण अनिवार्य अंकित है। वहीं श्याम शाह मेडिकल कॉलेज में जो विज्ञापन जारी किया गया था उसमें शैक्षणिक सहायता को बदलकर अभिलेख और तकनीकी में 1 वर्ष का प्रशिक्षण होना अनिवार्य कर दिया गया। भर्ती के नियम और योग्यता में ही बदलाव कर दिया गया। recent visitors 59

उज्जैन के महाकाल मंदिर पहुंचे Varun Dhawan साथ में Atlee रहे मौजूद

 उज्जैन जाने-माने फिल्म अभिनेता वरुण धवन(Varun Dhawan), साउथ एक्ट्रेस कीर्ति सुरेश और वामिका और डाइरेक्टर एटली मंगलवार अल सुबह महाकाल मंदिर पहुंचे। पारंपरिक भस्म आरती में सभी सेलिब्रिटी शामिल हुए। सभी ने भगवान महाकाल(Ujjain Mahakal Temple) का आशीर्वाद लिया और अपनी आगामी फिल्म की सफलता के लिए प्रार्थना की। अभिनेता वरुण धवन समेत सभी स्टार्स ने मंदिर के नंदी हॉल में करीब 2 घंटे तक बाबा महाकाल का ध्यान किया। आरती के बाद सभी ने जल चढ़ाकर पूरे विधि-विधान से महाकाल की पूजा अर्चना की। मीडिया से बातचीत के दौरान वरुण ने कहा कि यहां आकर भस्म आरती देखने और पूजा करने का बहुत अच्छा अनुभव हुआ। हमने भगवान से प्रार्थना की है कि हमारी फिल्म दर्शकों को पसंद आए। बता दें कि अभिनेता वरुण धवन, साउथ एक्ट्रेस कीर्ति सुरेश और वामिका के साथ सोमवार देर शाम इंदौर पहुंचे थे। इस दौरान पूरी टीम शहर के निजी सिनेमा हाल में फिल्म प्रमोशन के लिए मौजूद रही। तीनों कलाकारा फैंस से मिले और फिल्म देखने के लिए अपील की। recent visitors 114

मध्य प्रदेश नेतृत्व से भेजे जाने वाले तीन नामों में से अंतिम अंतिम मुहर दिल्ली से ही लगाई जाएगी

भोपाल भाजपा संगठन चुनाव को लेकर अब जिला अध्यक्षों को चुने जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सोमवार को राष्ट्रीय सहमंत्री शिव प्रकाश, केंद्रीय पर्यवेक्षक सरोज पांडे, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, संगठन मंत्री हितानंद की मौजूदगी में जिला अध्यक्ष चुनाव को लेकर बैठक बुलाई गई। बैठक में स्पष्ट हुआ है कि इस बार भाजपा के जिला अध्यक्षों के नाम सांसद-विधायकों की तरह दिल्ली से ही तय होंगे। मध्य प्रदेश नेतृत्व से भेजे जाने वाले तीन नामों में से अंतिम अंतिम मुहर दिल्ली से ही लगाई जाएगी। जिला अध्यक्ष को लेकर चयन समिति बंद लिफाफे में प्रदेश नेतृत्व को नामों का सुझाव देगी। सूत्रों की मानें तो राष्ट्रीय संगठन मध्य प्रदेश मनमानी रोकने की दिशा में यह कार्य कर रहा है। अभी तक क्षेत्रीय क्षत्रप अपने हिसाब से जिला अध्यक्षों का चयन करते थे। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिले सीएम मोहन यादव केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से सोमवार रात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिल्ली में मुलाकात की। वह आज  भी दोपहर तक दिल्ली में रहेंगे। मुख्यमंत्री यहां कुछ अन्य केंद्रीय मंत्रियों से मिलकर भारत सरकार से जुड़ी योजनाओं का प्रदेश में हो रहे क्रियान्वयन की प्रगति रख सकते हैं। वहीं संगठन के वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। केंद्रीय मंत्री चौहान से भी हुई मुलाकात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से भी मिले। इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर भी उनके साथ थे। उन्होंने कृषि से जुड़े क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की। recent visitors 68

रीवा में दोस्त के साथ घूमने गई युवती को, निर्वस्त्र कर बनाया था वीडियो, तीन आरोपी गिरफ्तार

रीवा  शहर में पिकनिक स्पॉट पर युवक-युवती को निर्वस्त्र कर पीटकर रुपए छीनने वाले तीन बदमाशों को सिरमौर पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार कर लिया। एक आरोपी अभी भी फरार है। सोमवार सुबह उन्हें सिरमौर कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। आरोपियों ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उस दिन वे नशे में थे और कपल को पत्थर के पीछे देखकर उनकी नीयत डोल गई। 5 हजार मिलने पर उन्हें और लालच आ गया। इसलिए उन्होंने लड़की का बिना कपड़ों वाला वीडियो बना लिया। सिरमौर कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। आरोपियों ने कहा- उस दिन वे नशे में थे और कपल को पत्थर के पीछे देखकर उनकी नीयत डोल गई। 5 हजार मिलने पर उन्हें और लालच आ गया। इसलिए उन्होंने लड़की का बिना कपड़ों वाला वीडियो बना लिया। उन्हें छोड़ने के बाद उनसे और रुपयों की डिमांड की। फोन पर लगातार उन्हें डराया-धमकया। उनका वीडियो वायरल कर बदनाम करने का कहा। ज्यादा रुपए नहीं मिले वीडियो वायरल कर दिया। बता दें कि आरोपियों के खिलाफ (354,354-क,354-1,392,341,506,66-ई,67-ए) की धाराओं में केस दर्ज किया किया है। यह है पूरा घटनाक्रम पुलिस ने बताया कि पीड़िता करीब 6 माह पूर्व अपने दोस्त के साथ पूर्वा वाटरफॉल घूमने गई थी। जहां एकांत में बैठकर कुछ बातें कर रहे थे। इसी दौरान पीछे से तीन बदमाश आ पहुंचे। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि बदमाशों ने हमारे साथ बदतमीजी शुरू कर दी, फिर हमें कपड़े उतारने के लिए फोर्स किया। चट्टान के पीछे ले जाकर जबरन हमारे कपड़े उतरवाए। वे लगातार वीडियो बना रहे थे। एसपी विवेक सिंह ने बताया कि मामले में शारदा पिता राममिलन केवट निवासी ग्राम दुलहरा, मुकेश पिता शिवनंदन केवट निवासी ग्राम दुलहरा, संजय विश्वकर्मा पिता संतोष विश्वकर्मा निवासी ग्राम क्योटी को गिरफ्तार कर लिया है। नीरू विश्वकर्मा फरार है। यह है पूरा घटनाक्रम पीड़िता ने  बताया कि करीब 8 मार्च को मैं क्योंटी वॉटरफॉल अपने दोस्त के साथ घूमने गई थी। हम दोनों एकांत में बैठकर कुछ बातें कर रहे थे। इसी दौरान पीछे से तीन बदमाश आ पहुंचे। उन्होंने हमारे साथ बदतमीजी शुरू कर दी, फिर हमें कपड़े उतारने के लिए फोर्स किया। चट्टान के पीछे ले जाकर जबरन हमारे कपड़े उतरवाए। वे लगातार वीडियो बना रहे थे। मैंने उनसे कहा कि मैं आप सबके पांव पकड़ती हूं। मेरा वीडियो मत बनाओ। लेकिन वे लगातार अभद्रता करते रहे। मारपीट करने के साथ ही लगातार जान से मारने की धमकी भी दे रहे थे। मैंने उनसे कहा कि आपको जो चाहिए वह ले लीजिए। लेकिन मुझे छोड़ दीजिए, पर उन्हें हमारे ऊपर बिल्कुल भी तरस नहीं आया। घटना के बाद से पूरा परिवार मानसिक तौर पर परेशान है और तनाव में जी रहा है। जबकि पीड़िता डरी-सहमी हुई है। युवक बोला-अश्लील वीडियो बनाकर पैसे मांगे पीड़ित युवक ने बताया कि आरोपियों ने मेरी दोस्त और मेरा अश्लील वीडियो बनाया। हमने उनके पैर पकड़ लिए। लेकिन उन्हें बिल्कुल भी रहम नहीं आया। वे बार-बार कह रहे थे कि पैसे निकालो, पैसे निकालो। उन्होंने हम दोनों को नग्न कर वीडियो बनाया। शर्मिंदगी की वजह से हम अपना मुंह छिपाते रहे। हमने उनसे कहा कि आपको जो चाहिए हमसे ले लो। लेकिन हमे जिंदा छोड़ दो। इस तरह का काम हमारे साथ ना करो। लेकिन डर की वजह से उनकी हर बात हमें माननी पड़ी। हम मजबूर हो गए थे। हम भागने की कोशिश भी करते तो वह हमें पकड़कर और टॉर्चर कर सकते थे। पीड़ित युवक ने कहा कि हमारे पास लगभग 5 हजार रुपए थे। वह हमने उन्हें दे दिए। लेकिन वे कहने लगे कि और पैसे लेकर आओ, नहीं तो तुम्हें पूरी दुनिया में इतना बदनाम कर देंगे कि कहीं मुंह दिखाने लायक नहीं रहोगे। घर-परिवार में भी उठना बैठना मुश्किल हो जाएगा। इसके बाद हमने उन्हें इस उम्मीद से पैसे दिए, शायद वो हमारी मजबूरी को समझ जाएं। शायद वह हमारे दर्द को समझ पाएं। लेकिन उन्हें हमें बदनाम करने के अलावा कुछ सूझा ही नहीं। जरा भी दया नहीं आई। हमारे साथ इस तरह का गलत काम किया। जिसे हम शायद जिंदगी भर नहीं भूल पाएंगे। वीडियो वायरल कर जिंदगी नर्क बना दी पीड़ित ने कहा कि अगर हमें मालूम होता कि हमारे साथ कुछ ऐसा होने वाला है। तो हम बिल्कुल भी उस जगह पर नहीं जाते। बदनामी के डर से हमने पुलिस में शिकायत नहीं की। लेकिन आरोपियों ने हमारा वीडियो वायरल कर ही दिया। हमारी जिंदगी नर्क बना दी। उन्होंने तो हमारी इज्जत नीलाम कर दी। अब पुलिस को उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलवानी चाहिए ताकि दोबारा किसी के साथ इस तरह का हादसा ना हो पाए। आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस को बताया है कि वे अपना ज्यादातर समय नशा और हुल्लड़बाजी में बिताते थे। वे कपल्स या फिर ऐसे किसी व्यक्ति की तलाश में रहते थे, जिसे वे अपना शिकार बना सकें। उस दिन हमारे एक साथी ने हमें आकर बताया कि चट्टान के पीछे दो लड़के-लड़की बैठे हैं। हम चारों इकट्ठा हो गए। तय कर लिया कि इनसे हर तरह का लाभ लेने की कोशिश करेंगे। हमने उनके साथ बदतमीजी भी की। नग्न अवस्था में लड़की का वीडियो बनाया। हमारे एक साथी ने उनसे शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश भी की। पुलिस बोली-तीन गिरफ्तार,एक फरार एडिशनल एसपी अनिल सोनकर ने बताया कि मामले में शारदा पिता राममिलन केवट नि ग्राम दुलहरा, मुकेश पिता शिवनन्दन केवट नि ग्राम दुलहरा, संजय विश्वकर्मा पिता संतोष विश्वकर्मा नि ग्राम क्योटी को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि नीरू साकेत फरार है। recent visitors 71

घूसखोरों पर कार्रवाई के खिलाफ 3 माह में देनी होगी अभियोजन स्वीकृति

भोपाल मध्य प्रदेश में अब भ्रष्ट अफसर-कर्मचारी प्रकरण दर्ज होने के बाद अधिक समय तक अभियोजन से नहीं बच पाएंगे। अभियोजन पर सहमति या असहमति के लिए सरकार ने 3 माह की अवधि तय कर दी है। यही नहीं अब हर मामला सीधे विभाग नहीं आएगा, बल्कि नियुक्तिकर्ता अधिकारी ही सहमति या असहमति दे सकेंगे। हर अभियोजन स्वीकृति में विधि विभाग का अभिमत अनिवार्य होगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने सोमवार देर रात इसके आदेश जारी किए। नियुक्तिकर्ता अधिकारी भी मंजूरी दे सकेंगे, कैबिनेट के लिए भी 45 दिन तय पहला बदलाव- भ्रष्टाचार या घूसखोरी का केस दर्ज होता है तो सीधे नियुक्तिकर्ता अधिकारी ही अभियोजन स्वीकृति दे सकेंगे। उदाहरण- किसी पंचायत सचिव के खिलाफ केस दर्ज होता है तो सहमति जिला पंचायत सीईओ दे पाएंगे। इसके बाद विभाग की सहमति जरूरी नहीं होगी। अब तक… विभाग की सहमति जरूरी होती थी। इसलिए हर बड़े-छोटे मामले सरकार तक आते थे। नियुक्तिकर्ता अधिकारी प्रकरण का परीक्षण कर जांच एजेंसी को भेजेगा। जांच एजेंसी चालान प्रस्तुत कर अधिकारी को सूचित करेगी। इसके बाद विधि विभाग इसमें फॉलोअप लेगा। पूरी प्रक्रिया 45 दिन में होगी। अब तक… विधि विभाग से अभिमत अनिवार्य नहीं था। दूसरा बदलाव- यदि नियुक्तिकर्ता अधिकारी असहमत है तो वह कारण सहित विधि विभाग को भेजेगा। इसके बाद विधि विभाग अपना अभिमत संबंधित विभाग को भेजेगा। यदि दोनों विभाग आपस में सहमत नहीं हैं तो मामला संबंधित विभाग के जरिए कैबिनेट में आएगा। अब तक… कैबिनेट में पहले समय सीमा तय नहीं थी। अब कैबिनेट को 45 दिन में निर्णय लेना होगा। इस तरह कुल 90 दिन यानी 3 महीने लगेंगे। तीसरा बदलाव- किसी अफसर या कर्मचारी के खिलाफ यदि निजी परिवाद आता है तो उस स्थिति में संबंधित का पक्ष सुनना जरूरी होगा। सुनवाई के बाद 3 माह में प्रकरण का निराकरण करना होगा। recent visitors 66

साकेत गुरूद्वारा में शहादत दिवस पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन 22 दिसम्बर से 29 दिसम्बर तक

Special program organized on Martyrdom Day at Saket Gurudwara from 22 December to 29 December सुशील दामले (विशेष संवाददाता) भोपाल। राजधानी स्थित साकेत नगर गुरूद्वारा में शहादत दिवस पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है,गुरूद्वारा में शहादत दिवस पर विशेष कार्यक्रम 22 दिसम्बर से प्रारंभ हो कर 29 दिसम्बर तक चलेगा । वहीं प्रमुख सेवादार हरदीप सिंह ने हमें बताया कि,4 साहिबजादों और माता गुजरी जी का बलिदान सिख समाज के लिए गर्व की बात है,10 लाख सैनिकों के सामने चमकौर के मैदान में हुए,युद्ध के दौरान बारी-बारी से उनका बलिदान किया गया । इनकी शहादत की याद में गुरुद्वारा साहिब में विशेष सफर-ए-शहादत समागम चल रहा हैं,जिसमें प्रतिदिन रात 8 बजे से 9:30 तक कीर्तन एवं अरदास की जा रही हैं,वहीं उन्होंने ने बताया कि,गुरुद्वारा साहिब में प्रतिदिन लंगर की सेवा होती हैं,जिसमें हजारों लोगों को चाय एवं भोजन कराया जाता हैं,अब तक गुरुद्वारा साहिब में हम लोग ने बीस लाख लोगों से अधिक को भोजन करा चुके हैं,एवं समय समय पर कंबल और जरूरत का सामान भी वितरित करते हैं  वही लंगर कर चुके लोगों से बात की तो उन्होंने कहा कि,हम लोग इलाज़ के लिए एम्स हॉस्पिटल में आए हुए हैं,बाहर का भोजन काफी महंगा पड़ता हैं,इसलिए हम प्रतिदिन गुरुद्वारे में भोजन करते हैं,गुरुद्वारे की सेवा से हम लोग बहुत खुश हैं,यहां का भोजन स्वादिष्ट और घर जैसा है,चलिए जानते हैं लंगर में आए लोगों ने क्या कहा,,,,, recent visitors 176