प्रदेश में चिकनगुनिया का खौफ बरकरार, दिन में 142 मरीज हो चुके शिकार

शहर में चिकनगुनिया बेकाबू हो रहा है। मरीजों की संया लगातार बढ़ती जा रही है। शहर में एक साथ चिकनगुनिया के मरीज बढ़ने के बाद इसके वैरिएंट का पता लगाने के लिए जीआरएमसी के माइक्रो बायोलॉजी विभाग द्वारा 20 सैंपल पुणे भेजे हैं। इन वैरिएंट के माध्यम से पता चलेगा कि आखिर यह कैसे एक साथ बढ़े। ग्वालियर ! चिकनगुनिया(Chikungunya Alert) के मरीजों की भरमार के चलते यह संया 142 तक पहुंच गई है। चिकनगुनिया के सबसे ज्यादा मरीज वार्ड 19 के पुष्कर कॉलोनी में सामने आए हैं। इसमें छह दिनों में ही 55 तक मरीज पहुंच गए हैं। इसके बावजूद भी आसपास के क्षेत्रों में भी मरीजों को चिकनगुनिया की समस्या बनी हुई है। पिछले चार दिनों से लगातार स्वास्थ्य विभाग की टीम यहां पर मरीजों की जांच कर रही है, जिससे ज्यादातर मरीजों को समय पर उपचार भी मिलने लगा है। वहीं चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए पुष्कर कॉलोनी के पार्क में शनिवार को निशुल्क होयोपैथिक चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जाएगा। यह शिविार दोपहर 2 बजे से शाम 4.30 बजे तक लगेगा। शुक्रवार को 74 सैंपल की जांच में 17 लोगों को चिकनगुनिया की पुष्टि हुई है। इसमें वार्ड 55 में रहने वाले 4 वर्षीय बच्चे के साथ वार्ड 19 के नाना नगर में रहने वाले 63 वर्षीय व्यक्ति को भी चिकनगुनिया(Chikungunya Alert) की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही तारागंज, साईं कॉलोनी, मामा का बाजार, लोहा मंडी, आपागंज, गोले का मंदिर, ज्योति नगर, काशीपुरा मुरार, धर्मवीर पेट्रोल पंप के पास , सुरेश नगर, कोटेश्वर आदि क्षेत्र में मरीज सामने आए। दिसंबर के महीने में डेंगू के मरीजों की संया न के बराबर आ गई है। वहीं चिकनगुनिया(Chikungunya Alert) ने पैर पसार रखे हैं। हालात यह हो गए कि दिसंबर के छह दिन में डेंगू के मरीज घटकर सिर्फ 15 आए हैं।डॉ अजयपाल सिंह, मेडिसिन विभाग जीआरएमसी, इन दिनों डेंगू के मरीज काफी कम हो गए है। वहीं चिकनगुनिया तेजी से फैल रहा है। इसमें बुखार के साथ दर्द काफी परेशान कर रहा है। हालात यह हैं कि बच्चे 15 दिन में तो बुजुर्ग को दो से तीन महीने तक का समय लग रहा है। इस समय चिकनगुनिया से पीड़ित ओपीडी में भी ज्यादा पहुंच रहे हैं। recent visitors 133

लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन के बेटे मंदार के शोरूम में तोड़फोड़, पोते से हाथापाई

इंदौर ताई के शोरूम में तोड़फोड़, इंदौर में सुमित्रा महाजन के परिवार के साथ बदसलूकी। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ताई के बेटे मिलिंद महाजन के नेमावर रोड स्थित शोरूम पर शुक्रवार देर शाम जमकर तोड़फोड़ हुई। तोड़फोड़ करने वाला भाजपा नेता प्रताप करोसिया के परिवार से है। पुलिस ने शोरूम मैनेजर की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली है। हंगामा नेमावर रोड स्थित मिड्रवेस आटोमोबाइल पर हुआ। यहां वाहनों का सर्विस सेंटर भी है। मैनेजर भूषण दीक्षित ने बताया कि घटना शुक्रवार शाम सात से सवा सात बजे के बीच की है। आरोपित सौरभ करोसिया अपने साथियों के साथ सर्विस सेंटर-शोरूम आया और अपनी गाड़ी स्वराज माजदा बगैर पैसे दिए और बगैर गेट पास के बाहर ले जाने लगा। हमने उसे ऐसा करने से रोका तो उसने कहा कि किसके बाप में हिम्मत है, जो मेरी गाड़ी रोक सकता है। सुरक्षाकर्मियों ने उसे रोका तो वह और उसके साथी गाली-गलौज करने लगे। सौरभ ने शोरूम में पत्थर मारकर कांच फोड़े व हंगामा करने लगा। बदमाशों ने तोड़फोड़ की और टीआई बचाने में लगे रहे गार्ड गणेश दुबे के मुताबिक सौरभ अपने साथ सात-आठ लोगों को लेकर आया था। जब गेट पास मांगा तो उसने गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया। मुश्किल से उसे रोका तो वह तोड़फोड़ करने पर आमादा हो गया। उसके साथियों ने भूषण को पटक-पटक कर मारा। ताई के पोते सिद्धार्थ के साथ भी हाथापाई की। परिसर में बने चैंबर के कांच भी फोड़ दिए। कुर्सियां और अन्य सामान भी उठाकर फेंक दिया। आरोपित बगैर पैसे दिए गाड़ी लेकर चले गए। पुलिस को सूचना दी मगर थाना प्रभारी नीरज मेढा एफआईआर टालते रहे। वरिष्ठ अधिकारियों को बताने के बाद पुलिस पहुंची व सिर्फ सौरभ पर ही नामजद केस दर्ज किया जबकि सीसीटीवी फुटेज में उसके साथी भी तोड़फोड़ करते दिखाई दे रहे हैं। उधर प्रताप करोसिया ने सफाई में कहा कि महाजन परिवार से मेरे अच्छे संबंध हैं। सौरभ मेरा भतीजा है, फिर भी कार्रवाई के लिए पुलिस को बोला। recent visitors 58

अजाक्स कार्यालय पर बाबा साहब अंबेडकर की पुण्यतिथि एवं महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में मनाया

भोपाल ! राजधानी स्थित अजाक्स कार्यालय सेकण्ड स्टॉप पर बाबा साहब अंबेडकर की पुण्यतिथि एवं महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में मनाया गया, जिसमें मुख रूप से मध्य प्रदेश अजाक्स के प्रांतीय सचिव इंजीनियर एम सी अहिरवार उपस्थित हुए,वहीं कार्यकम की शुरुआत बाबा साहब अंबेडकर की प्रतिमा में फुल अर्पित करके की गई,कार्यालय में बच्चों को रेलवे,बैंकिंग,पटवारी,एवं एम पी पी एस सी की कोचिंग निःशुल्क कराई जाती हैं, वहीं इंजीनियर एम सी अहिरवार ने बाबा साहब के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि,भारतीय संविधान के निर्माता,समाज सुधारक,बुद्धिजीवी और चिंतक डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने जो देश को दिया है,उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता है,बाबा साहब ने सामाजिक भेदभाव और छूआ-छूत के विरूद्ध अभियान चलाया,और सबके लिए समान अधिकार,स्वतंत्रता और व्यवहार की वकालत की,बाबा साहब का देश की उन्नति के लिए दिया गया, अतुलनीय योगदान हमेशा याद रहेगा,वहीं सभी बच्चों को बाबा साहेब के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प दिलाया recent visitors 117

प्रदेश में नए कॉलेज नहीं खुलेंगे, सरकार ने सुनवाई के दौरान कोर्ट से कही ये बात

जबलपुर ! मप्र हाईकोर्ट में प्रदेश के बहुचर्चित नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़े की सुनवाई चल रही है. शुक्रवार को सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से हाईकोर्ट को बताया गया कि सत्र 2024-25 में एक भी नया नर्सिंग कॉलेज नहीं खोला जाएगा, सिर्फ पुराने और सीबीआई जांच में पात्र पाए गए कॉलेजों को मान्यता दी जाएगी. जस्टिस संजय द्विवेदी व जस्टिस एके पालीवाल की युगलपीठ ने नर्सिंग काउंसिल की रजिस्ट्रार के खिलाफ कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करने के निर्देश देते हुए अगली अगली सुनवाई 12 दिसंबर को निर्धारित की है. गौरतलब है कि लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल बघेल की ओर से नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़े को लेकर याचिका दायर की गई थी. इसमें प्रदेश में फर्जी नर्सिंग कॉलेज संचालित किए जाने का मामला उठाया गया था. याचिका की सुनवाई के दौरान द विजन एजुकेशन एंड रूरल डेवलपमेंट सोसाइटी छतरपुर ने भी हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर मध्यप्रदेश सरकार के उस निर्णय को चुनौती दी, जिसमें इस सत्र में नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता के लिए सिर्फ पुराने कॉलेजों के रिन्यूल के लिए पोर्टल खोला गया. याचिका में कहा गया कि नियम अनुसार मान्यता प्राप्त करने नए व पुराने संचालित सभी कॉलेजों को बराबर अवसर मिलना चाहिए. सरकार की ओर से कहा गया, ” क्योंकि नर्सिंग कॉलेजों का मामला दो साल से हाईकोर्ट की मॉनिटरिंग में सीबीआई जांच में है, इस कारण इस साल केवल मान्यता नवीनीकरण हेतु पोर्टल खोला गया है. सीबीआई जांच में पात्र पाए गए कालेजों को नवीनीकरण की मान्यता दी जाएगी. वहीं याचिकाकर्ता विशाल बघेल ने शासन के उस निर्णय को चुनौती दी जिसमें नर्सिंग घोटाले की अनियमितता में लिप्त एक इंस्पेक्टर अनीता चांद को ही नर्सिंग काउंसिल का रजिस्ट्रार बना दिया गया. हाईकोर्ट ने प्रकरण में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं. अगल सुनवाई 12 दिसंबर को होगी. recent visitors 144

तुरंत सीरिया छोड़ दें, भारतीय नागरिकों को अर्जेंट एडवाइजरी की जारी

नई दिल्ली सीरिया में विद्रोहियों के कत्लेआम और उथल-पुथल को देखते हुए शुक्रवार देर रात भारत ने अपने नागरिकों के लिए अर्जेंट एडवाइजरी जारी कर दी है। भारत की तरफ से जारी सला में कहा गया है कि लोगों को सीरिया जाने से बचना चाहिए। इसके अलावा विदेश मंत्रालय ने सीरिया में रहने वाले भारतीय नागरिकों से कहा है कि वे तुरंत सीरिया छोड़कर निकलने की कोशिश करें। इसके अलावा जो लोग सीरिया नहीं छोड़ पा रहे हैं वे भारतीय दूतावा के संपर्क में रहें। विदेश मंत्रालय ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। हेल्पलाइन नंबर है- +963993385973. इसपर वॉट्सऐप मेसेज भी भेजा जा सकता है। इसके अलावा hoc.damascus@mea.gov.in पर ईमेल के जरिए भी दूतावास से संपर्क किया जा सकता है। सीरिया में इस्लामवादियों के नेतृत्व में विद्रोहियों का नियंत्रण बढ़ने के बीच भारत ने शुक्रवार को कहा था कि वह वहां की स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है। विद्रोहियों ने देश के सबसे बड़े शहर अलेप्पो के अधिकतर भूभाग पर कब्जा करने के बाद गुरुवार को मध्य सीरिया के शहर होम्स को भी काफी हद तक अपने कब्जे में कर लिया है। मंत्रालय ने कहा, “जो लोग जा सकते हैं, उन्हें जल्द से जल्द उपलब्ध वाणिज्यिक उड़ानों से सीरिया छोड़ने की सलाह दी जाती है और अन्य लोगों से अनुरोध है कि वे अपनी सुरक्षा के बारे में अत्यधिक सावधानी बरतें तथा अपनी गतिविधियों को न्यूनतम तक सीमित रखें।” गौरतलब है कि इस्लामी आतंकवादी समूह हयात तहरीर अल-शाम (एचटीएस) ने हमा के प्रमुख शहर पर कब्जा कर लिया है और वे होम्स शहर की ओर बढ़ रहे हैं। हजारों लोगों को होम्स छोड़कर जाना पड़ा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “हमने उत्तर सीरिया में हाल में लड़ाई तेज होने पर ध्यान दिया है। हम स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए हैं। सीरिया में लगभग 90 भारतीय नागरिक हैं, जिनमें से 14 संयुक्त राष्ट्र के विभिन्न संगठनों के लिए काम कर रहे हैं।” उन्होंने कहा, “हमारा मिशन हमारे नागरिकों की सुरक्षा के लिए लगातार उनसे संपर्क बनाए हुए है।” recent visitors 120

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस पहल को पुलिस कर्मियों के लिए सुरक्षा और सहयोग का एक मजबूत आधार बताया

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए 8 प्रमुख बैंकों के साथ पुलिस सैलरी पैकेज के तहत समझौता (एमओयू) किया है। इस समझौते में भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, कैनरा बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और आईडीबीआई बैंक शामिल हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस पहल को पुलिस कर्मियों के लिए सुरक्षा और सहयोग का एक मजबूत आधार बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता पुलिस विभाग के कर्मचारियों के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह समझौता न केवल पुलिस कर्मियों को आर्थिक रूप से सशक्त करेगा, बल्कि उनके परिवारों की आवश्यकताओं को भी पूरा करेगा। यह पहल छत्तीसगढ़ सरकार की सुशासन और पारदर्शिता की नीति को और मजबूत करेगी और पुलिस कर्मियों के कार्यक्षमता और मनोबल में सकारात्मक परिवर्तन लाएगी। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस पहल को पुलिस विभाग के कल्याण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों को यह स्वतंत्रता दी गई है कि वे अपनी सुविधा और आवश्यकता के अनुसार किसी भी बैंक में सैलरी खाता खोल सकते हैं। इसके लिए किसी भी प्रकार की बाध्यता या अतिरिक्त शुल्क नहीं होगा। सभी बैंकों से प्राप्त प्रस्ताव पुलिस इकाइयों को भेजे जाएंगे ताकि पुलिस कर्मी अपनी आवश्यकताओं के अनुसार सबसे उपयुक्त बैंक का चयन कर सकें। यह समझौता पुलिस कर्मियों और उनके परिवारों के लिए कई लाभ प्रदान करेगा। इसमें सामान्य मृत्यु के मामलों में ₹1 लाख से ₹10 लाख तक की जीवन बीमा राशि, दुर्घटना में मृत्यु के मामलों में  ₹10 लाख से ₹1 करोड़ तक की सहायता, स्थायी विकलांगता के मामलों में ₹30 लाख से ₹1 करोड़ तक और आंशिक विकलांगता के लिए ₹22.5 लाख से ₹1 करोड़ तक की बीमा राशि का प्रावधान शामिल है। बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए ₹4 लाख से ₹20 लाख तक और कन्या विवाह के लिए ₹5 लाख से ₹10 लाख तक की आर्थिक सहायता उपलब्ध होगी। नक्सल हिंसा में शहीद होने वाले पुलिस कर्मियों के परिवारों के लिए ₹10 लाख से ₹50 लाख तक की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। recent visitors 76

धर्मगुरुओं ने मोहम्मद यूनुस से कहा कि हर नागरिक को जमानत का अधिकार है

ढाका  बांग्लादेश में अल्पसंख्यक धार्मिक समूहों के नेताओं ने अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस से कहा कि हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास की जमानत याचिका पर विचार किया जाना चाहिए। राजद्रोह के आरोपों का सामना कर रहे चिन्मय कृष्ण दास की जमानत की सुनवाई 2 जनवरी को होनी है। बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों से जुड़ी खबरों ने मोहम्मद यूनुस की सरकार की पोल खोल दी है। मोहम्मद युनूस की सरकार नहीं चाहती की हमलों की खबरें दुनिया के सामने आएं। इसके अलावा वह ऐसा दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि जैसे देश में अल्पसंख्यकों पर हमले हो रहे हैं और उन्हें इसके बारे में पता नहीं। मोहम्मद यूनुस ने गुरुवार को अल्पसंख्यकों पर हमलों की सटीक जानकारी लेने और अपराधियों को न्याय के कटघरे में खड़ा करने के लिए धार्मिक नेताओं से सहयोग मांगा। यूनुस ने दावा किया कि वास्तविकता और विदेशी मीडिया में आने वाली खबरों में अंतर है। बांग्लादेश की सरकारी न्यूज एजेंसी BSS के मुताबिक उन्होंने कहा, 'हम सटीक जानकारी जानना चाहते हैं और इसे प्राप्त करने के लिए एक प्रक्रिया स्थापित करना चाहते हैं।' 'जमानत हर नागरिक का अधिकार' सेंट मैरी कैथेड्रल के फादर अल्बर्ट रोसारियो ने कहा, 'जमानत प्राप्त करना हर किसी का अधिकार है।' प्रसिद्ध बांग्लादेशी लेखक फरहाद मजहर ने भी दास के जमानत के अधिकार पर जोर दिया। बैठक में बांग्लादेश बौद्ध संघ के मुख्य सलाहकार सुकोमल बरुआ ने शांति और एकता के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने का प्रस्ताव रखा। रमना हरिचंद मंदिर के सहायक सचिव अविनाश मित्रा ने कहा कि हिंदू समुदाय ने अपनी शिकायतें रखीं और यूनुस ने धैर्यपूर्वक इन्हें सुना। शेख हसीना के भाषणों पर लगी रोक बांग्लादेश की एक अदालत ने बृहस्पतिवार को पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के किसी भी भाषण को प्रसारित पर प्रतिबंध लगा दिया। पूर्व प्रधानमंत्री हसीना को अगस्त में बांग्लादेश में हुए भारी विरोध प्रदर्शनों के दौरान सत्ता से बेदखल किया गया था और इसके बाद वह भारत चली गई थीं। हसीना के भाषणों के प्रसारण और प्रकाशन संबंधी मामलों की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधिकरण का यह फैसला पूर्व प्रधानमंत्री की ओर से न्यूयॉर्क में अपनी अवामी लीग पार्टी के समर्थकों को ‘डिजिटल’ माध्यम से पहली बार सार्वजनिक रूप से संबोधित किए जाने के एक दिन बाद आया है। अपने संबोधन में उन्होंने बांग्लादेश के अंतरिम नेता नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस पर नरसंहार करने और अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं की रक्षा करने में विफल रहने का आरोप लगाया। recent visitors 86