बांग्लादेश में हिंदू पुजारी चिन्मय दास के वकील पर घातक जानलेवा हमला, हालत गंभीर

कोलकाता बांग्लादेश में हिंदू धर्मगुरु चिन्मय कृष्ण दास प्रभु के मामले की लड़ाई लड़ रहे वकील रमन राय पर हमला हुआ है। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस्कॉन कोलकाता के प्रवक्ता राधारमण दास ने सोमवार को यह दावा किया। वकील रमन राय के लिए प्रार्थना करने की अपील दास ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर की गई एक पोस्ट में लिखा, ''कृपया वकील रमन राय के लिए प्रार्थना करें। उनकी केवल यही गलती थी कि उन्होंने अदालत में चिन्मय कृष्ण प्रभु का बचाव किया। इस्लामी कट्टरपंथियों ने उनके घर में तोड़फोड़ की और उन पर गंभीर हमला कर उन्हें आइसीयू में पहुंचा दिया, जहां वह अपनी जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे हैं।'' एक बंगाली चैनल से चर्चा में दास ने बताया कि यह घटना बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों की वकालत करने वालों पर बढ़ते खतरों को बताती है। गौरतलब है कि बीते 25 नवंबर को चिन्मय दास को बांग्लादेश में गिरफ्तार किया गया था और मंगलवार को अदालत ने उनकी जमानत खारिज करते हुए जेल भेज दिया था। भारतीय दस्तावेज के साथ 29 बांग्लादेशी धरे मणिपुर के सीएम एन बीरेन सिंह ने बताया कि 29 संदिग्ध बांग्लादेशियों को इंफाल पश्चिम जिले से पकड़ा गया है और उनके पास से असम में जारी हुए आधार कार्ड बरामद किए गए हैं। एक गुप्त सूचना के बाद सोमवार को पुलिस ने बेकरी में काम कर रहे लोगों को धरा गया। बांग्लादेश सांप्रदायिक गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगा एएनआइ के अनुसार बांग्लादेश के विदेश सलाहाकर मोहम्मद तौहीद हुसैन ने बताया कि यह सरकार सभी को साफ बताना चाहती है कि वो किसी भी तरह की सांप्रदायिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगी। सरकार हिंदू और मुस्लिम को एक बराबर देखती है। कानून अपने हिसाब से काम करेगा। अगर कोई गड़बड़ी करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मांट्रियल में प्रदर्शन कनाडा में बांग्लादेशी हिंदुओं ने इस्कॉन बांग्लादेश के समर्थन में प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार से अंतरिम बांग्लादेशी सरकार से उनके यहां अल्पसंख्यकों के अधिकारों के प्रति सम्मान की मांग की। उन्होंने एकजुटता, शांति और न्याय की मांग की। वहां पर कट्टरपंथियों को खुला छोड़ दिया गया है और वो हर जगह कब्जा कर रहे हैं। बांग्लादेश के साथ व्यापार बंद करने का एलान आइएएनएस के अनुसार असम के श्रीभूमि जिले के कम से कम 500 व्यापारियों ने घोषणा की है कि वे बांग्लादेश के साथ आयात-निर्यात नहीं करेंगे। करीमगंज जिला आयात-निर्यात समन्वय समिति के अमरेश राय ने कहा कि वे बांग्लादेश में इसाइयों और हिंदुओं के साथ धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा का विरोध करते हैं। संयुक्त रूप से फैसला लिया गया है कि बांग्लादेश में हालात सामान्य होने तक व्यापार नहीं किया जाएगा। बांग्लादेशी अल्पसंख्यक आयोग ने जताई चिंता बांग्लादेशी हिंदू बौद्ध इसाई एकता परिषद ने चिट्टागोंग में 70 अल्पसंख्यक वकीलों और दो पत्रकारों पर लगाए गए झूठे और परेशान करने वाले मामलों को दर्ज किए जाने पर चिंता जताई है। बीते 30 नवंबर को कोतवाली पुलिस थाने में देसी बम विस्फोट और वाहनों को नष्ट किए जाने के मामले पर रिपोर्ट दर्ज की थी।   recent visitors 80

मुख्यमंत्री ने ओंकारेश्वर पहुंचकर आदिगुरु की प्रतिमा के किये दर्शन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आदि गुरू शंकराचार्य जी की किसी से तुलना नहीं हो सकती, वे ज्ञान परंपरा में सूर्य के समान प्रकाशमान है। उनका यहां विराजना ही शुभता का सूचक है, वर्तमान में हिंसा का दौर चल रहा है ऐसे में आचार्य शंकर का जीवन दर्शन हमें शांति की प्रेरणा देता है। उन्होंने संतो को प्रणाम करते हुए कहा कि शंकराचार्य जी की परिकल्पना को पूर्ण रूप से साकार करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संस्कृति के संरक्षण के लिए सदैव हमारा मार्गदर्शन करते है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सभी उत्सवों एवं पर्वों में समाज के साथ सहभागी है। उन्होंने ओंकारेश्वर स्थित एकात्म धाम में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते एकात्म धाम को चरणबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आदिगुरू शंकराचार्य ने एकात्मवाद का अद्भुत संदेश जन-जन तक पहुंचाया। सनातन धर्म परम्परा की रक्षा एवं उसके सिद्धांतों के वैश्विक प्रचार-प्रसार में उनकी अहम भूमिका रही। कठिनाइयों और संघर्षों का सामना करते हुए वे अपने गुरु से दीक्षा लेने के लिए केरल से ओंकारेश्वर आए। उन्होंने गुरु दक्षिणा को अपने आचरण एवं कृतित्व से सार्थक किया और देश को एक रूप में जोड़ने की नई दिशा दिखाई। आदिगुरु शंकराचार्य ज्ञान परम्परा के बड़े वाहक थे। आदिगुरू शंकराचार्य ने देश की चारों दिशाओं में पीठ की स्थापना कर सबको एकता के सूत्र में पिरोया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महामंडलेश्वर दत्तात्रेय आश्रम पूज्य स्वामी विवेकानंद पुरी जी ने कहा कि ओंकारेश्वर-ममलेश्वर अद्वैत एकात्मता का धाम है। यह आदिगुरू शंकराचार्य और भारत को एक पहचान देने का केंद्र है। उन्होंने कहा ओंकारेश्वर, आदिगुरू शंकराचार्य जी की दीक्षाभूमि और साधना स्थली रही है। ओंकारेश्वर को पांचवें पीठ के रूप में विकसित किए जाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग महादेव के दर्शन कर जलाभिषेक किया। उन्होंने बाबा ओंकारेश्वर से प्रदेश की सुख-समृद्धि, विकास और कल्याण की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पैदल पुल से ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने माँ नर्मदा के विहंगम दृश्य का अवलोकन कर माँ नर्मदा को प्रणाम किया। उन्होंने फूल-प्रसादी विक्रय करने वाले दुकानदारों से भी चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ओंकारेश्वर में आदिगुरू शंकराचार्य की प्रतिमा के दर्शन किये और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पुष्प अर्पित कर पूजन किया। बटुकों ने मंत्रोच्चारों के साथ पूजन विधि संपन्न कराई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर आयोजित एकात्म धाम पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया और एकात्म धाम परिसर में पुस्तक एवं कैलेंडर का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग ट्रस्ट के ट्रस्टी राव देवेंद्र सिंह चौहान, सहायक सी.ई.ओ. अशोक महाजन सहित अन्य ट्रस्टी गण ने बाबा ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग की प्रतिकृति का प्रतीक चिन्ह भेंट किया। इस अवसर पर विधायकगण नारायण पटेल, श्रीमती कंचन मुकेश तनवे, श्रीमती छाया मोरे, जिला पंचायत अध्यक्ष पिंकी सुदेश वानखेड़े और बड़ी संख्या में संतजनों समेत प्रमुख सचिव संस्कृति शिवशेखर शुक्ला, संभागायुक्त दीपक सिंह, आईजी अनुराग, डीआईजी खरगोन रेंज सिद्धार्थ बहुगणा और कलेक्टर अनूप कुमार सिंह मौजूद रहे।   recent visitors 69

रातापानी अभयारण्य टाइगर रिजर्व घोषित

भोपाल की पहचान टाइगर राजधानी के रूप में होगी रातापानी को प्रदेश का आठवाँ टाइगर रिजर्व घोषित कर दिया गया रातापानी अभयारण्य टाइगर रिजर्व घोषित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल और मार्गदर्शन पर 2 दिसम्बर, 2024 को रातापानी को प्रदेश का आठवाँ टाइगर रिजर्व घोषित कर दिया गया है। राज्य शासन द्वारा इसकी अधिसूचना जारी कर दी गयी है। प्रस्तावित रातापानी टाइगर रिजर्व के कोर एरिया का रकबा 763.812 वर्ग किलोमीटर तथा बफर एरिया का रकबा 507.653 वर्ग किलोमीटर है। इस प्रकार टाइगर रिजर्व का कुल रकबा 1271.465 वर्ग किलोमीटर होगा। रातापानी टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र की सीमा के अंदर स्थित राजस्व ग्राम झिरी बहेड़ा, जावरा मलखार, देलावाड़ी, सुरई ढाबा, पांझिर, कैरी चौका, दांतखो, साजौली एवं जैतपुर का रकबा 26.947 वर्ग किलोमीटर राजस्व भूमि इन्क्लेव के रूप में बफर क्षेत्र में शामिल है। टाइगर रिजर्व में भौगोलिक रूप से स्थित, उक्त 9 ग्राम अभयारण्य की अधिसूचना में कोर क्षेत्र में शामिल नहीं हैं। रातापानी टाइगर रिजर्व बनने से टाइगर रिजर्व का सम्पूर्ण कोर क्षेत्र रातापानी टाइगर अभयारण्य की सीमा के भीतर है। इससे ग्रामीणों के वर्तमान अधिकार में कोई परिवर्तन नहीं होगा। इससे स्थानीय ग्रामीणों को पर्यटन से नये रोजगार सृजित होंगे, जिससे आर्थिक लाभ होगा। टाइगर रिजर्व गठित होने से भारत सरकार के राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण से बजट प्राप्त होने से वन्य-प्राणियों का और बेहतर ढंग से प्रबंधन किया जा सकेगा। इसके साथ ही स्थानीय ग्रामीणों को ईको टूरिज्म के माध्यम से लाभ प्राप्त होगा। टाइगर रिजर्व बनने से रातापानी को अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिलेगी तथा भोपाल की पहचान “टाइगर राजधानी’’ के रूप में होगी।   recent visitors 79

प्रदेश में पूरे नर्मदा परिक्रमा पथ को बेहतर तरीके से विकसित किया जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

माँ नर्मदा के घाट सनातन तीर्थ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव संतगण समाज को सदमार्ग पर चलने के लिए सदैव प्रेरित करते हैं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में पूरे नर्मदा परिक्रमा पथ को बेहतर तरीके से विकसित किया जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने ओंकारेश्वर में मां नर्मदा का पूजन और आरती की मुख्यमंत्री ओंकारेश्वर में आयोजित अमृतस्य मां नर्मदा पद परिक्रमा कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल संत और भगवा की अपनी एक विशेषता होती है। संतजन समाज और हजारों जीवन को सद मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते हुए ऊर्जा प्रदान करने का कार्य करते हैं। जिस प्रकार से सूर्य और दीप हमें ऊर्जा प्रदान कर अंधकार से मुक्त कराते हैं, वैसे ही संत जन हमारे जीवन को ज्ञान रूपी प्रकाश की नई ज्योति प्रदान करते हैं। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज ओंकारेश्वर में ब्रह्मपुरी घाट पर आयोजित "अमृतस्य मां नर्मदा पद परिक्रमा कार्यक्रम" में कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ब्रह्मपुरी घाट पर मां नर्मदा का पूजन कर आरती की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संत हमें सदैव सदमार्ग पर चलने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित करते हैं। उन्होंने कहा नदी, पर्वत, पहाड़ हम मनुष्यों को प्रकृति की एक देन है। इसके संरक्षण के लिए हम सभी को प्रयास करने की आवश्यकता है। हमें अपनी संस्कृति पर गर्व है और सभी को होना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में प्रत्येक देवस्थान पर बेहतर व्यवस्थाओं को सुनिश्चित कराया जाएगा। उन्होंने कहा प्रदेश में पूरे नर्मदा परिक्रमा पथ को बेहतर तरीके से विकसित करते हुए व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराई जाएंगी, जिससे नर्मदा परिक्रमा यात्रियों को सुविधा होगी। उन्होंने कहा इसके लिए 5 सदस्यीय मंत्रियों की समिति भी बनाई गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विश्व में एक विशेष पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा हम सभी को भारतीय संस्कृति पर गर्व और अभिमान हैं। मां नर्मदा अमरकंटक से निकलकर खंभात की खाड़ी में मिलती है। मां नर्मदा इस पूरे मार्ग में लंबी यात्रा तय करती है। पतित पावनी सलिल मां नर्मदा की धारा जिस भी मार्ग से गुजरती है वहां जीवन का सृजन और प्रकृति जीवंत होती है। मां नर्मदा के दर्शन में जीवन का दर्शन समाहित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा पूरे नर्मदा पद पर विभिन्न विकास कार्यों के लिए प्रदेश सरकार लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि माँ नर्मदा के पूरे परिक्रमा क्षेत्र में चल रहें सेवा के अनेक प्रकल्पों जिसमें नि:शुल्क अन्नक्षेत्र एवं आवास व्यवस्था विश्व के लिए प्रेरणा का विषय हैं, और यह केवल भारत में माँ नर्मदा के खंड में ही होता है। मध्यप्रदेश में तो यह और भी अद्भुत है, जहां घर घर से परिक्रमा करने वालों के लिए भोजन भेजा जाता है। श्रद्धेय गुरुदेव विवेक जी, जोड़ गणपति हनुमान मंदिर ओंकारेश्वर के महंत मंगलदास जी त्यागी, महानिर्वाणी अखाड़ा ओंकारेश्वर के महंत कैलाश भारती, मार्कण्डेय संन्यास आश्रम ओंकारेश्वर के महंत प्रणवानंद जी सरस्वती एवं निजानंद धाम खाचरोद के ब्रह्मचारी जी महाराज, खण्डवा विधायक श्रीमती कंचन तनवे, पंधाना विधायक श्रीमती छाया मोरे, मान्धाता विधायक नारायण पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पिंकी वानखेड़े सहित संतगण, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे। नर्मदा परिक्रमा का ऐप से डिजिटल क्रांति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नर्मदा परिक्रमा का ऐप से परिक्रमा कर रहे लोगों को परिक्रमा मार्ग में मदद मिलेगी, साथ ही स्थानीय लोगों के लिये रोज़गार के अवसरों में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि रोज़गार के अवसर लोगों को अपने ग्राम और शहर से जोड़े रखेंगे। डिजिटल क्रांति से स्थानीय लोगों को रोज़गार देने का प्रयास नर्मदा जी के खंड में नूतन अध्याय लिखेगा। इस एप से परिक्रमा कर रहे लोग स्थानीय संस्कृति से भी परिचित होंगे। परिक्रमा मात्र साधना नहीं भारत की संस्कृति की यात्रा भी होगी और मध्यप्रदेश से आरंभ होने वाली यात्रा पूरे भारत में ऐसे और अध्यायों को लिखेगी। परिक्रमा मार्ग में पौध-रोपण माँ नर्मदा के स्वरूप को अनादि काल तक रखेगा अक्षुण्ण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि माँ नर्मदा के पावन स्वरूप को अक्षुण्ण बनाये रखने के लिये परिक्रमा करने वाले श्रद्धालु तट पर 5-5 पौधे (सीड बाल्स) रोपने का पुनीत कार्य करें। इस प्रकार जब सरकार और समाज दोनों समन्वित रूप से प्रयास करेंगे तो माँ नर्मदा का आदि स्वरूप अनादि काल तक अक्षुण्ण बना रहेगा।   recent visitors 55

बीएमएचआरसी के 25वें वर्ष में प्रवेश करने पर डाक विभाग जारी करेगा विशेष आवरण

भोपाल सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने भोपाल गैस त्रासदी की 40वीं बरसी की पूर्व संध्या के मौके पर सोमवार को भोपाल गैस त्रासदी के दिवंगतों को मोमबत्ती जलाकर श्रद्धांजलि दी गयी। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती मालती राय एवं बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव सहित अस्पताल के कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने नम आंखों से गैस त्रासदी के दिवंगतों को श्रद्धांजलि दी एवं दो मिनट का मौन रखा। सारंग ने कहा कि 2 और 3 दिसंबर की रात में हुई गैस त्रासदी पूरी मानव जाति के लिए भयावह त्रासदी है। इस त्रासदी ने हमें यह सिखाया कि विकास और औद्योगिकीकरण का अपना महत्व है, लेकिन इसे किसी भी व्यक्ति की जान से बड़ा नहीं होना चाहिए। उस रात जो हुआ, वह सभी के लिये भयावह है। इस मौके पर मंत्री सारंग एवं महापौर ने अस्पताल भर्ती मरीजों को हेल्थ किट वितरित किए। बाद में सभी वार्डों में भर्ती मरीजों को हैल्थ किट बांटे गए। भोपाल स्मारक अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (बीएमएचआरसी) के 25वें वर्ष में प्रवेश करने पर डाक विभाग द्वारा मंगलवार 3 दिसम्बर को एक विशेष आवरण जारी किया जाएगा तथा सर्वधर्म सभा आयोजित होगी और बुजुर्ग गैस पीड़ितों का सम्मान किया जाएगा। 3 दिसंबर को सर्वधर्म सभा एवं बुजुर्ग गैस पीड़ित मरीजों का सम्मान 3 दिसंबर को सुबह 8:30 बजे से बीएमएचआरसी के ‘श्रद्धांजलि एवं आशा’ स्मारक के पास सर्वधर्म सभा का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान सभी धर्मों के धर्मगुरू अपने-अपने धर्मग्रंथों का पाठ करेंगे। इसके बाद 85 वर्ष अधिक उम्र के गैस पीड़ित बुजुर्ग मरीजों का सम्मान किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से बीएमएचआरसी के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों में लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण, निशुल्क जांच एवं दवा वितरण, गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग की जाएगी। शिविरों में आभा तथा आयुष्मान आईडी बनाई जाएंगी। रोटरी क्लब एवं महावीर इंटरनैशनल नामक संस्थाओं द्वारा गरीब मरीजों के लिए कंबल भी दान किए गए हैं, जिन्हें वार्डों में वितरित किया जाएगा। डाक विभाग द्वारा विशेष आवरण का किया जाएगा अनावरण बीएमएचआरसी ने हाल ही में अपनी स्थापना के 25वें वर्ष में प्रवेश किया है। गैस त्रासदी की 40वीं बरसी पर संस्थान के इस योगदान को चिन्हित करने के लिए भारतीय डाक विभाग द्वारा एक विशेष आवरण जारी किया जाएगा। डाक विभाग द्वारा जारी किया गया विशेष आवरण एक विशिष्ट डाक कवर होता है, जो किसी महत्वपूर्ण अवसर, घटना, व्यक्ति, स्थान, या किसी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, सामाजिक या वैज्ञानिक महत्व के विषय को समर्पित होता है। विशिष्ट विषयों पर जनता के बीच जागरूकता फैलाने के लिए भी इसे जारी किया जाता है। इसे खास डिजाइन और प्रतीकों के साथ तैयार किया जाता है, जो उस अवसर या विषय का प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व करते हैं। इस मौके पर मध्यप्रदेश सर्कल के मुख्य पोस्ट मास्टर जनरल विनीत माथुर, डाक सेवाओं के प्रमुख पवन कुमार डालमिया एवं बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ मनीषा श्रीवास्तव मौजूद रहेंगी। बीएमएचआरसी में अब तक 1.06 करोड़ विजिट हो चुकी हैं बीएमचआरसी और इसके सभी स्वास्थ्य केंद्रों में वर्ष 2000 से अब तक मरीजों को 1.06 करोड़ विजिट हो चुके हैं। इनमें से 98 प्रतिशत गैस पीड़ित या गैस पीड़ितों के आश्रित हैं। स्वास्थ्य केंद्रों में ही करीब 64 लाख मरीजों की विजिट हो चुकी है। अस्पताल में करीब 3.92 लाख गैस पीड़ित रजिस्टर्ड हैं, जबकि 61725 गैस पीड़ित आश्रित मरीज पंजीकृत हैं।   recent visitors 79

धानुक समाज विकास संघ भारत (वंशकार,बरार)द्वारा बैठक का आयोजन

Meeting organized by Dhanuk Samaj Vikas Sangh India (Vanshkar, Berar) भोपाल ! विधायक विश्रामगृह भोपाल में बैठक का आयोजन किया गया बैठक में कार्यक्रम की अध्यक्षता एडवोकेट बीपी बंसल रा.अध्यक्ष, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री भगवान दास सबनानी जी दक्षिण पश्चिम विधायक एवं प्रदेश महामंत्री भाजपा ने मोबाइल फोन पर समाज को राजनैतिक,भागीदारी एवम् समाज की मांगे पूर्ण करने का आश्वासन दिया तथा सीधी जिले में धानुक समाज महेश बंसल ने वर्ष २०२१ में नहर में बस गिरने के कारण 2 लोगों की जिंदगियां बचाई,३६ लाशों को नहर से निकाला,कलेक्टर सीधी ने सीएम को पत्र लिखकर महेश बंसल को आर्थिक सहायता, प्रशंसा पत्र दिलवाने के लिए पत्र लिखा एवम् प्रधानमंत्री ने सीएस एमपी को पत्र लिखा परंतु कोई फायदा नही मिला। एमपी में समाज की राजनैतिक भागीदारी के संबंध में चर्चा की, रोजगार, शिक्षा,खेलों पर चर्चा की गई।धानुक समाज के मध्य प्रदेश के विभिन्न जिले, संभाग, प्रदेश, राष्ट्रीय पदाधिकारी मौजूद थे वहीं समाज के सुनील वर्मारा, कोषाध्यक्ष,राजगढ़ से महेश वर्मा,मांगीलाल वंशकार, गुना से रामबाबू वंशकार, सीधी से महेश बंसल,सागर से मूलचंद उरया,सागर संभाग अध्यक्ष आत्माराम वर्मा,बी एल वर्मा गोविंद सिंह मधोलिया,पवन भरतेलिया, निलेश इंदौर,ज्ञान बाई बंसलखुरई, आरडी जराह, अनूप कुमार बेन,गुलशन वेनजबलपुर,राजू धानक झाबुआ,भगवत बंसल, मुन्नालालदमोह, शुभम टिकलियाहोशंगाबाद, नेपाल बनाफल,रवि बंसलरीवा, जोकेश वर्मानिवाड़ी, समर सतना, कमलेश बंसेल, गोपालखंडवा,उज्जैन संतोष सांडिया,ओमप्रकाश नागेले उज्जैन,शुभम वंशकार_ छिंदवाड़ा,भगवान सिंह दतिया, आशीषहरदा, प्रेमदेवास, सुनील नागेलेग्वालियर,राजेश बैतूल,बिरेंद्र वर्मा,संजू_इंदौर वीपी बंसल,श्यामसुंदर,जयराम बमरेले,महेश, विक्रम,राघवेंद्र, छोटेलाल,डमरू,विनोद,उत्तम,व अन्य जिलों से समाज बंधु शामिल हुए। recent visitors 280

विजयपुर और बुधनी में कांग्रेस की नई रणनीति आई काम… जीतू पटवारी ने किया था ये खेला !

Congress’s new strategy worked in Vijaypur and Budhni… Jitu Patwari played this! भोपाल। बुधनी सीट पर कभी ये हार का अंतर लाखों से होता था, लेकिन इस बार 2024 के उपचुनाव में कांग्रेस ने अपना अच्छा प्रदर्शन करते हुए उसे हजारों पर ला दिया है। इसी के साथ विजयपुर सीट पर कांग्रेस ने बड़ी जीत दर्ज की है। हालांकि विजयपुर की जीत पर कांग्रेस की नीति को लेकर कई तरह के बयान सामने आए हैं। अनुमान लगाए जा रहे हैं इसमें सबसे ज्यादा कयास विजयपुर सीट को लेकर यह लगाए गए हैं कि यह कांग्रेस का गढ़ माना जाता है।आजादी के बाद से ही विजयपुर सीट पर कांग्रेस का कब्जा रहा है। यहां पर कांग्रेस केवल एक बार चुनाव हारी है, लेकिन फिर 2022 में 18 हजार मतों के अंतर से कांग्रेस ने अपने किले में वापसी कर ली थी। रामनिवास रावत पिछले 6 बार कांग्रेस की टिकिट से जीतते आ रहेथे। उन्होंने विजयपुर सीट को कांग्रेस का एक मजबूत किला बना दिया था, लेकिन इस बार उनकी हार का कारण कांग्रेस की बदली हुई रणनीति को भी माना जा रहा है।विजयपुर चुनाव में कांग्रेस ने अपनी रणनीति पूरी तरह से बदल दी थी। कांग्रेस ने घर-घर जाकर लोगों को रामनिवास रावत को वोट न देने के लिए प्रेरित किया था। इसके अलावा पार्टी के प्रत्याशी मुकेश मल्होत्रा लगातार लोगों के संपर्क में थे। उन्हें अपने बीच देखकर लोग भी काफी विश्वास से भरे हुए थे। इसी के साथ ही कांग्रेस पर आरोप लगते रहे हैं कि वो एकजुट होकर चुनाव नहीं लड़ती है, लेकिन विजयपुर का चुनाव कांग्रेस ने एकजुट होकर लड़ा है। पार्टी के हर बड़े नेता ने वहां पर कैम्पेन किया। मजबूत प्रत्याशी न होने के बाद भी कांग्रेस ने आत्मविश्वास नहीं खोया था। रामनिवास रावत के भाजपा में आते ही कांग्रेस के सामने सबसे बड़ा संकट प्रत्याशी को लेकर खड़ा हो गया था। इसके बाद पार्टी ने बहुत सोच समझकर मुकेश मल्होत्रा को टिकट दिया था। इसके बाद कांग्रेस ने प्रचार में टिकाऊ, विकास का मुद्दा जोरों शोरों से उठाया था। इतना हीनहीं अगर हम विजयपुर क्षेत्र के लोगों की बात करें तो यहां के लोगों को दल-बदल की राजनीति भी पसंद नहीं आती है। यह भी एक बड़ा मुद्दा जनता के सामने बड़ा था।विजयपुर सीट को कांग्रेस ने बचा लिया है। ऐसे में रामनिवास रावत की हार की भाजपा अब समीक्षा करने में जुटी है। recent visitors 305