भाजपा ने कर्नाटक में अपनी अनुशासन नीति को सख्ती से लागू करते हुए दो विधायकों को पार्टी से किया निष्कासित

बेंगलुरु भारतीय जनता पार्टी ने कर्नाटक में अपनी अनुशासन नीति को सख्ती से लागू करते हुए दो विधायकों को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। ये दोनों विधायक पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल पाए गए थे। निष्कासित किए गए विधायकों में यशवंतपुर से एसटी सोमशेखर और येल्लापुर से ए शिवराम हेब्बार शामिल हैं। पार्टी की तरफ से इस कार्रवाई की पुष्टि कर्नाटक बीजेपी अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र ने की। उन्होंने बताया कि यह निर्णय बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा गहन विचार-विमर्श के बाद लिया गया है। विजयेंद्र ने कहा कि यह निर्णय पार्टी की गरिमा बनाए रखने और अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए जरूरी था। कारण बताओ नोटिस के बाद आई कार्रवाई पार्टी के केंद्रीय अनुशासन समिति के सदस्य सचिव ओम पाठक ने ए शिवराम हेब्बार को एक औपचारिक पत्र भेजा, जिसमें कहा गया है कि बार-बार पार्टी के अनुशासन का उल्लंघन करने के चलते उन्हें यह सजा दी गई है। पत्र में लिखा है कि समिति ने 25 मार्च 2025 को भेजे गए कारण बताओ नोटिस के जवाब पर विचार किया और पाया कि विधायक द्वारा पार्टी की मर्यादाओं का कई बार उल्लंघन किया गया। इसके आधार पर उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से 6 साल के लिए निष्कासित किया गया है। साथ ही वे पार्टी के किसी भी पद पर बने नहीं रहेंगे। बीजेपी में अनुशासन सर्वोपरि बीजेपी हमेशा से अनुशासन को सबसे ऊपर मानती रही है। चाहे वह वरिष्ठ नेता हों या जनप्रतिनिधि, पार्टी विरोधी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाता। यही वजह है कि पार्टी ने अपने दो मौजूदा विधायकों पर भी सख्त कार्रवाई करने में देर नहीं की। विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम पार्टी के अंदर संदेश देने के लिए भी है कि अनुशासनहीनता या गुटबाजी जैसी गतिविधियों को किसी भी स्तर पर सहन नहीं किया जाएगा। recent visitors 67

भारत में मेक इन इंडिया को मिलेगी नई उड़ान, कर्नाटक में बनेगी पहली प्राइवेट एयरफोर्स हेलिकॉप्टर फैक्ट्री

नई दिल्ली भारत में एयरोस्पेस सेक्टर को लेकर एक बड़ी और अहम खबर सामने आई है। कर्नाटक के कोलार जिले में देश की पहली प्राइवेट सेक्टर की वायुसेना हेलिकॉप्टर असेंबली यूनिट बनने जा रही है। इस यूनिट को स्थापित करने की जिम्मेदारी एयरबस और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) की साझा साझेदारी को दी गई है। यह प्रोजेक्ट भारत सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ पहल को मजबूती देगा और एयरोस्पेस निर्माण में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। यह असेंबली लाइन यूरोपीय विमान निर्माता एयरबस और भारत की प्रमुख एयरोस्पेस कंपनी टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) द्वारा मिलकर बनाई जा रही है। इस संयंत्र में H125 सिविल हेलिकॉप्टर बनाए जाएंगे, जो एयरबस का सबसे ज्यादा बिकने वाला हल्का हेलिकॉप्टर है। यह भारत में निजी क्षेत्र की पहली हेलिकॉप्टर असेंबली यूनिट होगी। इससे पहले हेलिकॉप्टर असेंबली का काम भारत में सिर्फ सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों द्वारा किया जाता था। कहां बनेगा यह प्लांट? यह प्लांट कर्नाटक के कोलार जिले के वेमगल इंडस्ट्रियल एरिया में बनेगा, जो बेंगलुरु से लगभग दो घंटे की दूरी पर है। यहां पहले से ही टाटा ग्रुप के उपग्रह निर्माण और अन्य एयरोस्पेस इकाइयां मौजूद हैं। टाटा समूह ने इस प्रोजेक्ट के लिए हाल ही में 7.4 लाख वर्गफुट का प्लॉट अधिग्रहित किया है, जिसमें विमान निर्माण, फाइनल असेंबली और MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहाल) की सुविधाएं स्थापित की जाएंगी। इस संयंत्र में शुरुआत में हर साल 10 H125 हेलिकॉप्टरों का निर्माण किया जाएगा। लेकिन जैसे-जैसे मांग बढ़ेगी, उत्पादन क्षमता को भी बढ़ाया जाएगा। एयरबस के अनुसार आने वाले 20 वर्षों में भारत और दक्षिण एशिया में 500 लाइट हेलिकॉप्टरों की जरूरत होगी, जिसे देखते हुए यह प्लांट भविष्य के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण होगा। क्या है इस यूनिट का महत्व? मेक इन इंडिया को मजबूती – स्वदेशी निर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा। नई नौकरियों के अवसर – स्थानीय युवाओं के लिए नए रोजगार खुलेंगे।   Aequs के चेयरमैन और सीईओ अरविंद मेलिगेरी का कहना है कि यह परियोजना न केवल स्थानीय स्तर पर नौकरियां पैदा करेगी, बल्कि भारत को उन्नत औद्योगिक क्लस्टर के रूप में भी स्थापित करेगी। गुजरात को लेकर क्यों उठे सवाल? गौरतलब है कि टाटा और एयरबस इससे पहले वडोदरा (गुजरात) में भी C295 सैन्य विमान असेंबली लाइन की स्थापना कर रहे हैं। इसके साथ ही गुजरात को सेमीकंडक्टर प्लांट और डायमंड बोर्स जैसी बड़ी परियोजनाएं भी मिली हैं। इन्हीं वजहों से विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर गुजरात को विशेष तरजीह देने का आरोप लगाया है। हालांकि कोलार में हो रहे इस निवेश से दक्षिण भारत में भी संतुलन बनने की उम्मीद है। recent visitors 62

पाकिस्तान के खिलाफ युवा तेज गेंदबाजों पर जताया भरोसा, चोटों से जूझ रहा बांग्लादेश: बांग्लादेश मुख्य कोच

लाहौर चोट के कारण सीनियर तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान और तस्कीन अहमद के बाहर होने के बाद बांग्लादेश के मुख्य कोच फिल सिमंस को उम्मीद है कि बाकी तेज गेंदबाज पाकिस्तान के खिलाफ आगामी टी20 सीरीज में बेहतर प्रदर्शन करेंगे, जो बुधवार को लाहौर में शुरू होगी। तस्कीन टखने की चोट के कारण दो महीने से प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से दूर हैं, जबकि मुस्तफिजुर को पिछले हफ्ते दिल्ली कैपिटल्स (DC) के लिए अपने अंतिम इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 मैच के दौरान अंगूठे में चोट लग गई थी। सिमंस ने कहा, 'आपको अपने सीनियर तेज गेंदबाजों की कमी खलेगी। जैसा कि हमने देखा, फिज (मुस्तफिज़ुर) उस समय आईपीएल में किस तरह की गेंदबाजी कर रहे थे। हमें उनकी कमी खलेगी। यह किसी के लिए इस सीरीज में उनकी जगह लेने का मौका भी है। उम्मीद है कि कोई गेंदबाज इस सीरीज में फिज की जगह लेना चाहेगा। इस फॉर्मेट में हमारी गेंदबाजी आमतौर पर हमारी मजबूती होती है। लेकिन दो वरिष्ठ गेंदबाजों, तस्कीन और फिज के बाहर होने से संतुलन बिगड़ा है।' मुस्तफिज़ुर की अनुपस्थिति में चयनकर्ताओं ने खालिद अहमद को शामिल किया है। नाहिद राणा के प्रतिस्थापन खिलाड़ी को नहीं चुना गया है जिन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए दौरे से नाम वापस ले लिया है। खालिद के अलावा, तेज गेंदबाजी इकाई में तंजीम हसन साकिब, हसन महमूद और शोरीफुल इस्लाम शामिल हैं। ऑलराउंडर मेहदी हसन मिराज को भी चोटिल सौम्य सरकार की जगह लाया गया है ताकि उनके गेंदबाजी आक्रमण को मजबूत किया जा सके। यूएई से 2-1 से सीरीज हारने के बावजूद सिमंस आशावादी बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि टीम का मनोबल अच्छा है और लाहौर में शानदार प्रदर्शन के साथ वापसी करने को उत्सुक है। उन्होंने कहा, 'यूएई में सीरीज हारना मुश्किल था, लेकिन फिर कभी-कभी इससे आपका मनोबल बढ़ता है। हमारा मनोबल बहुत अच्छा रहा है, इसलिए हमें उम्मीद है कि (यूएई में परिणाम) हमारा मनोबल बढ़ाएगा।' उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि सीरीज जीतने का हमेशा अच्छा मौका रहता है। लोग कहते रहते हैं कि पाकिस्तान अच्छा नहीं खेल रहा है। फिर से, यह उस दिन होने वाली घटनाओं पर निर्भर करता है। हमारे पास यहां सीरीज जीतने का अच्छा मौका है। हम सभी पहलुओं में सुधार करने की कोशिश में कड़ी मेहनत कर रहे हैं। उम्मीद है कि हम इस सीरीज में बेहतर प्रदर्शन करेंगे।' यह सीरीज बांग्लादेश के तेज गेंदबाजी विभाग के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत भी करेगी, जिसमें शॉन टैट दो साल के अनुबंध पर तेज गेंदबाजी कोच के रूप में अपने पहले काम के लिए कोचिंग स्टाफ में शामिल होंगे। सिमंस ने कहा कि स्पिन गेंदबाजी कोच मुश्ताक अहमद के साथ टैट, जो दोनों कराची किंग्स और पेशावर जाल्मी के साथ हाल ही में पाकिस्तान सुपर लीग में शामिल थे, विपक्षी टीम की ताकत के बारे में मूल्यवान जानकारी देंगे। सिमंस ने कहा, 'मुझे लगता है कि वह (टैट) न केवल गेंदबाजों के लिए, बल्कि पूरी टीम के लिए शानदार साबित होंगे। हम यहां स्थिति का आकलन करेंगे। मुशी PSL में थे, इसलिए हम उनसे जानकारी लेंगे और अपने फैसले लेंगे।' अनुभवी खिलाड़ियों के न होने के कारण अब युवा तेज गेंदबाजों पर जिम्मेदारी आ गई है। उनमें से सबसे अनुभवी शोरफुल इस्लाम से आगे बढ़कर नेतृत्व करने की उम्मीद की जाएगी। बांग्लादेश 28 मई, 30 मई और 1 जून को गद्दाफी स्टेडियम में पाकिस्तान से तीन टी20 मैच खेलेगा।   recent visitors 55

2025 के चुनाव में केवटी सीट पर बीजेपी और आरजेडी उम्मीदवारों में होगी कड़ी टक्कर

केवटी केवटी विधानसभा सीट मधुबनी लोकसभा के तहत आता है। 1977 में केवटी सीट पर हुए विधानसभा चुनाव में जनता पार्टी के कैंडिडेट दुर्गादास राठौड़ ने जीत हासिल की थी। 1980 के चुनाव में केवटी सीट से कांग्रेसी कैंडिडेट  एस नबी ने जनता का समर्थन हासिल कर लिया था। वहीं 1985 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के कैंडिडेट कलीम अहमद ने विरोधियों को शिकस्त दे दिया था।1990 और 1995 के चुनाव में जनता दल के कैंडिडेट गुलाम सरवर ने जीत हासिल कर लिया था। वहीं 2000 के विधानसभा चुनाव में केवटी से एक बार फिर गुलाम सरवर ने आरजेडी की टिकट पर जीत का सिलसिला बरकरार रखा था। 2005 और 2010 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी की टिकट पर अशोक कुमार यादव ने लगातार दो बार जीत का सिलसिला कायम रखा था। 2015 के विधानसभा चुनाव में आरजेडी की टिकट पर फराज फातमी ने विरोधियों को शिकस्त दे दिया था, लेकिन 2020 में बीजेपी उम्मीदवार मुरारी मोहन झा ने आरजेडी को मात दे दिया था।   वहीं 2020 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी कैंडिडेट मुरारी मोहन झा ने जीत का परचम लहराया था। मुरारी मोहन झा 76 हजार तीन सौ 72 वोट लाकर पहले स्थान पर रहे थे तो आरजेडी कैंडिडेट अब्दुल बारी सिद्दीकी 71 हजार दो सौ 46 वोट लाकर दूसरे स्थान पर रहे थे। इस तरह से मुरारी मोहन झा ने अब्दुल बारी सिद्दीकी को 5 हजार एक सौ 26 वोट के कम मार्जिन से हराया था। वहीं तीन हजार तीन सौ चार वोट के साथ निर्दलीय कैंडिडेट योगेश रंजन तीसरे स्थान पर रहे थे। वहीं 2015 के विधानसभा चुनाव में केवटी सीट से आरजेडी कैंडिडेट फराज फातमी ने जीत हासिल की थी। फराज फातमी 68 हजार छह सौ एक वोट लाकर पहला स्थान हासिल किया था तो बीजेपी कैंडिडेट अशोक कुमार यादव को 60 हजार सात सौ 71 वोट ही मिल पाया था। इस तरह से फराज फातमी ने अशोक कुमार यादव को 7 हजार आठ सौ 30 वोट के अंतर से हरा दिया था। वहीं 3 हजार पांच सौ 13 वोट के साथ नोटा तीसरे स्थान पर रहा था।   वहीं 2010 के विधानसभा चुनाव में केवटी सीट से बीजेपी कैंडिडेट अशोक कुमार यादव ने जीत हासिल की थी। अशोक कुमार यादव 45 हजार सात सौ 91 वोट लाकर पहले स्थान पर रहे थे तो आरजेडी कैंडिडेट फराज फातमी ने 45 हजार सात सौ 62 वोट हासिल किया था। इस तरह से अशोक कुमार यादव ने फराज फातमी को 29 वोटों के बेहद कम अंतर से हरा दिया था। वहीं कांग्रेसी कैंडिडेट मोहम्मद मोहसिन ने 5 हजार छह सौ 79 वोट लेकर तीसरा स्थान हासिल किया था। वहीं 2005 के विधानसभा चुनाव में केवटी सीट से बीजेपी की टिकट पर अशोक कुमार यादव ने जीत हासिल की थी। अशोक कुमार यादव 41 हजार आठ सौ 17 वोट लाकर पहले स्थान पर रहे थे तो आरजेडी कैंडिडेट महबूब अहमद खां को 35 हजार एक सौ 65 वोट मिला था। इस तरह से अशोक कुमार यादव ने महबूब अहमद खां को 6 हजार छह सौ 52 वोट के अंतर से हरा दिया था। वहीं एलजेपी कैंडिडेट महेश प्रसाद गुप्ता ने 9 हजार चार सौ 46 वोट लेकर तीसरा स्थान हासिल किया था। केवटी सीट पर मुस्लिम, ब्राह्मण और यादव वोटर निर्णायक संख्या में हैं। इसके अलावा रविदास और पासवान वोटरों की संख्या भी यहां ठीक ठाक है। पिछली बार भी यहां बीजेपी कैंडिडेट ने 5 हजार से थोड़े ज्यादा अंतर से आरजेडी उम्मीदवार को हराया था। इसलिए 2025 के चुनाव में केवटी सीट पर बीजेपी और आरजेडी उम्मीदवारों में कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है। recent visitors 74

भारत के सांसद चाहे किसी भी पार्टी से हों, इन दिनों एकजुट नजर आ रहे, ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत का वैश्विक संदेश

नई दिल्ली भारत के सांसद चाहे किसी भी पार्टी से हों, इन दिनों एकजुट नजर आ रहे हैं। शशि थरूर, असदुद्दीन ओवैसी, अभिषेक बनर्जी, सुप्रिया सुले से लेकर रविशंकर प्रसाद तक सभी सांसद विदेशों में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और आतंकवाद के खिलाफ एक सुर में बोल रहे हैं। इन नेताओं का कहना है कि आतंकवाद किसी एक देश की नहीं बल्कि पूरी दुनिया की समस्या है। न्यूयॉर्क, बहरीन और यूरोप के अलग-अलग मंचों से सभी नेताओं ने पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दिया है आतंकियों को पनाह दोगे तो बख्शे नहीं जाओगे। ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत का वैश्विक संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में साफ कहा ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि आतंक के खात्मे का राष्ट्रीय अभियान है। पीएम मोदी ने अपील की कि देशवासी विदेशी सामानों की पहचान करें और उसका बहिष्कार करें। उनका कहना है कि पाकिस्तान आतंक को ही टूरिज्म मानता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि ये सिर्फ सैनिकों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि 140 करोड़ नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है। शशि थरूर ने दिखाई विपक्ष के भीतर राष्ट्रवाद की लहर न्यूयॉर्क में कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने 9/11 मेमोरियल जाकर श्रद्धांजलि दी और कहा कि भारत आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने दो टूक कहा—हमने हमला शुरू नहीं किया, लेकिन जवाब जरूर दिया। थरूर का यह भी कहना है कि भले ही वो सरकार का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन जब देश की बात आती है, तो सियासत पीछे रह जाती है। वो खुलकर स्वीकार करते हैं कि उन्होंने खुद एक लेख में सटीक लेकिन सोच-समझ कर हमला करने की बात कही थी और भारत ने बिल्कुल वैसा ही किया। ओवैसी बोले-इस्लाम आतंकवाद का विरोध करता है AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी ने बहरीन में साफ शब्दों में कहा कि आतंकवाद का इस्लाम से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कुरान का हवाला देते हुए कहा कि बेकसूर की हत्या मानवता की हत्या के समान है। ओवैसी ने यह भी कहा कि मजहब का सहारा लेकर निर्दोष लोगों की जान लेना सबसे बड़ा अपराध है, और ऐसा करने वालों को किसी भी धर्म का प्रतिनिधि नहीं माना जा सकता।    टीएमसी के अभिषेक बनर्जी ने कहा–पाकिस्तान आतंक का हैंडलर तृणमूल कांग्रेस महासचिव अभिषेक बनर्जी ने आतंकवाद को खतरनाक पागल कुत्ता बताया और पाकिस्तान को उसका दुष्ट हैंडलर। उनका कहना है कि जब तक इस ‘हैंडलर’ से दुनिया निपटेगी नहीं, तब तक आतंकवाद की बीमारी फैलती रहेगी। recent visitors 68

मुंबई में मूसलाधार बारिश ने 107 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया, 8 राज्यों में 27 मई से 1 जून तक आंधी, रेड अलर्ट

नई दिल्ली इस बार मानसून ने पूरे देश को चौंका दिया है। जहां आमतौर पर जून में दस्तक देने वाला दक्षिण-पश्चिम मानसून मई के अंत से पहले ही मुंबई पहुंच गया, वहीं इसके साथ आई मूसलाधार बारिश ने 107 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। देश के कई हिस्सों में भारी बारिश, तेज हवाएं और ओलावृष्टि की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मुंबई में बारिश से मचा हड़कंप मई महीने में इतनी ज्यादा बारिश पिछले एक सदी से भी ज्यादा वक्त में नहीं देखी गई। मुंबई के कई इलाकों में जलभराव से सड़कें तालाब बन गईं और मध्य रेलवे की हार्बर लाइन पर लोकल ट्रेन सेवाएं ठप हो गईं। वर्ली में निर्माणाधीन भूमिगत मेट्रो स्टेशन में पानी भरने से मेट्रो सेवाएं रोकनी पड़ीं और 250 से अधिक उड़ानें प्रभावित हुईं। राहत व बचाव के लिए एनडीआरएफ की 13 और एसडीआरएफ की दो टीमें तैनात की गई हैं। कहां-कहां फैला मानसून मानसून ने तेलंगाना, रायलसीमा, त्रिपुरा, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय तक अपनी पकड़ बना ली है और अगले कुछ दिनों में यह पूरे महाराष्ट्र और उत्तर-पूर्व भारत में फैलने की उम्मीद है। उत्तर भारत को मिली राहत, तापमान में गिरावट उत्तर भारत में गर्मी से कुछ राहत जरूर मिली है। पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तापमान 4 से 6 डिग्री तक गिर गया है, हालांकि मौसम विभाग के अनुसार, कुछ दिनों बाद तापमान फिर से चढ़ सकता है। आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का अलर्ट 27 मई से 1 जून तक उत्तर भारत के कई राज्यों जैसे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड, राजस्थान, हरियाणा और यूपी में आंधी, बारिश और तेज़ हवाओं की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। महाराष्ट्र के अन्य जिले भी प्रभावित पालघर, ठाणे, रायगढ़, सतारा, कोल्हापुर, सांगली और सोलापुर जैसे जिलों में भी हालात बिगड़ गए हैं। कई इलाकों में रेलवे ट्रैक डूब गए और मेट्रो स्टेशन की फॉल्स सीलिंग ढहने की घटनाएं भी सामने आई हैं। अन्य राज्यों में भी संकट     कर्नाटक में लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है, तटीय इलाकों में पांच दिन का रेड अलर्ट घोषित किया गया है।     केरल में बारिश के कारण चार लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। वायनाड, कोझिकोड और इडुक्की जिलों में राहत शिविर खोले गए हैं।     महाराष्ट्र के लातूर जिले में बिजली गिरने से दो लोगों की मौत और छह घायल हुए हैं। 75 साल में सबसे जल्दी मुंबई पहुंचा मानसून आईएमडी की वैज्ञानिक सुषमा नायर के अनुसार, मानसून ने इस बार 75 साल में सबसे जल्दी मुंबई में दस्तक दी है। इससे पहले इतनी जल्दी मानसून केवल 1956, 1962 और 1971 में ही पहुंचा था।   recent visitors 74

फारूक अब्दुल्ला की पहलगाम से अपील- देश भर से आएं लोग, खत्म हो गया कश्मीर में डर का माहौल

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम और नेशनल कॉन्फ्रेंस के चीफ फारूक अब्दुल्ला का कहना है कि कश्मीर में अब डर का माहौल काफी हद तक खत्म हो गया है। उन्होंने देश भर के लोगों से आग्रह किया कि वे कश्मीर में खूबसूरती का आनंद लेने के लिए आएं। अब्दुल्ला ने विदेश मंत्रालय से आग्रह किया कि वह जम्मू-कश्मीर की यात्रा के खिलाफ कुछ देशों की ओर से जारी निगेटिव ट्रैवल गाइडलाइन को रद्द कराने का प्रयास करे। पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के बाद कश्मीर में पर्यटन प्रभावित हुआ है। इस आतंकवादी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी। अब्दुल्ला ने कहा, 'यहां (पहलगाम हमला) जो हुआ वह बहुत दुखद है, ऐसा नहीं होना चाहिए था। लोग यहां खुशी-खुशी आ रहे थे। लोग अपने काम में व्यस्त थे, वे सरकारी नौकरी नहीं मांग रहे थे। पहलगाम में स्थिति ऐसी थी कि यहां कमरे उपलब्ध नहीं थे।'सीनियर लीडर ने पर्यटक रिसॉर्ट का दौरा किया और कुछ मित्रों के साथ पहलगाम गोल्फ कोर्स में गोल्फ खेला। उन्होंने कहा कि हालांकि हमले से भय का माहौल पैदा हुआ है, लेकिन सरकार ने घाटी में सुरक्षा स्थिति सुधारने के लिए कुछ कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा, 'यहां डर का माहौल था, लेकिन मुझे लगता है कि अब डर का माहौल काफी हद तक कम हो गया है। आप देख सकते हैं कि कितने लोग पहलगाम आ रहे हैं। मैं गुलमर्ग में था, वहां 400-500 पर्यटक थे।' उन्होंने कहा, 'अल्ला का शुक्र है कि अब डर खत्म हो रहा है। सरकार ने भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कुछ कदम उठाए हैं। मुझे लगता है कि लोगों को आगे आना चाहिए।' पूर्व केंद्रीय मंत्री ने केंद्र से अपील की कि वह उन देशों से बातचीत करे, जिन्होंने अपने नागरिकों को जम्मू कश्मीर नहीं जाने के लिए परामर्श जारी किया है, ताकि ये पाबंदियां हटाई जा सकें। उन्होंने स्पष्ट रूप से पाकिस्तान का हवाला देते हुए कहा, 'मैं केंद्र सरकार और विदेश मंत्री से भी अनुरोध करता हूं कि अब समय आ गया है कि विदेशों द्वारा भारत आने पर लगाए गए प्रतिबंध हटा दिए जाएं। दोनों देशों में शांति आ गई है और हम आशान्वित हैं कि शांति बनी रहेगी। उन्हें भी यहां आने की अनुमति मिलनी चाहिए क्योंकि वे भी इस जगह को देखना चाहते हैं। इनमें से कई गोल्फ खिलाड़ी हैं, मैं आशा करता हूं कि वे आएंगे।' अब्दुल्ला ने कहा कि बहुत से लोग गोल्फ खेलते हैं और इस खेल को अब खेलो इंडिया गेम्स में भी जगह मिल गई है। उन्होंने कहा, 'यह खेल ओलंपिक, राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों में खेला जाता है, इसलिए अब इसे हर जगह खेले जाने की जरूरत है। मेरा मानना ​​है कि हमारे लोगों को बड़ी संख्या में यहां आना चाहिए और इस खेल को खेलना चाहिए ताकि भारत को इन खेलों में पदक मिल सके।' कश्मीर की प्राकृतिक सुंदरता की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा, "इस मौसम और सुंदरता को देखिए, मैंने दुनिया भर में विभिन्न स्थानों की यात्रा की है, लेकिन मैंने कहीं भी ऐसी सुंदरता नहीं देखी है। मुझे उम्मीद है कि आपके चैनल को देखने वाले लोग बड़ी संख्या में यहां आएंगे, इस सुंदरता को देखेंगे और देश को मजबूत बनाएंगे। हमें डरना नहीं चाहिए, अगर हम डर गए, तो हम मर चुके हैं।' अमरनाथ यात्रा पर बोले- यह अहम है, भोले नाथ के होंगे दर्शन अब्दुल्ला ने तीन जुलाई से शुरू होने वाली वार्षिक अमरनाथ यात्रा के बारे में कहा कि यह तीर्थयात्रा हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, 'यह कई वर्षों से जारी है। मुझे उम्मीद है कि अधिक से अधिक तीर्थयात्री यहां आएंगे और शंकर भगवान, भोले नाथ के दर्शन करेंगे तथा अपने घर जाकर लोगों को बताएंगे कि यह स्थान कितना सुंदर है।' जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा अपने मंत्रिपरिषद की बैठक तथा बाद में पहलगाम में पर्यटन हितधारकों के साथ बैठक के बारे में पूछे गए सवाल पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष ने कहा कि यह महत्वपूर्ण है और इससे शांति का संदेश जाएगा। 'यहां पूरी कैबिनेट है तो लोगों को पॉजिटिव मेसेज मिलेगा' उन्होंने कहा, 'एक बार लोगों को पता चलेगा कि पूरा मंत्रिमंडल यहां है और यहां शांति है। वे हितधारकों से भी मिलेंगे। इसका भी असर होगा क्योंकि यहां के लोग सबसे ज्यादा परेशानी का सामना कर रहे हैं।' उन्होंने कहा, "इन लोगों ने ऋण लिए हैं, कुछ ने घर और होटल की मरम्मत के लिए, कुछ ने टैक्सी और घोड़ों के लिए। मुझे उम्मीद है कि हमारे देश से और ज्यादा लोग यहां आएंगे और हम उन्हें दिखाएंगे कि हमने पहले भी मेहमाननवाजी की है और आगे भी करेंगे।' पांच सालों में हमारी सरकार बहुत से बदलाव लाएगी पार्टी में खासकर श्रीनगर लोकसभा सांसद आगा सैयद रुहुल्ला मेहदी के साथ मतभेदों की खबरों पर उन्होंने कहा, 'हमारी पार्टी को तोड़ने की कोशिशें हमेशा होती रही हैं, लेकिन नेतृत्व परेशान नहीं है। यह हमारे लिए नई बात नहीं है, यह मेरे और मेरे पिता के समय भी होता रहा है। हमें क्यों चिंता करनी चाहिए?' उन्होंने कहा, 'हम यहां लोगों की समस्याएं हल करने के लिए हैं और हम ऐसा करेंगे, इंशा अल्लाह। आप देखिए कि अगले पांच सालों में इस राज्य में कितना बदलाव आएगा।'   recent visitors 65