तीन कैंसर रोधी दवाओं की अधिकतम खुदरा कीमत में कमी

नयी दिल्ली केंद्र सरकार ने कैंसर रोधी दवाओं – ट्रैस्टुजुमाब, ओसिमर्टिनिब और डर्वालुमैब का अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) घटाने के निर्देश दिये हैं। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने मंगलवार को जारी एक कार्यालय ज्ञापन में कहा कि दवा निर्माताओं को तीन कैंसर रोधी दवाओं- ट्रैस्टुजुमाब, ओसिमर्टिनिब और डर्वालुमैब पर एमआरपी कम करने का निर्देश दिया गया है। सीमा शुल्क से छूट और जीएसटी दरों में कमी के कारण बाजार में इन दवाओं के एमआरपी में कमी होनी चाहिए और करों तथा शुल्कों में कमी का लाभ उपभोक्ताओं को दिया जाना चाहिए। इसलिए एनपीपीए ने कार्यालय ज्ञापन से इन दवाओं के सभी निर्माताओं को इन दवाओं के एमआरपी को कम करने का निर्देश दिया है। यह निर्देश में वर्ष 2024-25 के केंद्रीय बजट में की गई घोषणा के अनुरुप है, जिसमें इन तीन कैंसर रोधी दवाओं को सीमा शुल्क से छूट दी गई है। वित्त मंत्रालय ने इन तीन कैंसर रोधी दवाओं पर सीमा शुल्क घटाकर शून्य कर दिया है। इन तीन दवाओं पर जीएसटी दरों को 12 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत करने की अधिसूचना जारी कर दी गई है। recent visitors 80

विजयपुर उपचुनाव में कांग्रेस का विरोध, रिटर्निंग ऑफिसर को हटाने की मांग

Congress protests in Vijaypur by-election, demands removal of returning officer भोपाल। मध्य प्रदेश की दो विधानसभा सीटों पर आगामी उपचुनाव में कांग्रेस ने विजयपुर के रिटर्निंग ऑफिसर उदय सिंह सिकरवार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने रिटर्निंग अधिकारी पर पक्षपात और भाजपा के पक्ष में काम करने का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग से अधिकारी को हटाने की मांग की है। कटारे का कहना है कि 2017-18 में हुए उपचुनाव के दौरान भी सिकरवार पर आरोप लगे थे, जिसके बाद उन्हें रिटर्निंग ऑफिसर के पद से हटाया गया था। उन्होंने प्रश्न उठाते हुए कहा, “हर बार उदय सिंह को ही चुनावी जिम्मेदारी क्यों दी जाती है?” कुल प्रत्याशी और उपचुनाव की प्रक्रिया विजयपुर में कुल 12 और बुधनी में 23 उम्मीदवारों के नामांकन पत्र स्वीकृत हुए हैं, जबकि कुछ अभ्यर्थियों के नामांकन खारिज कर दिए गए हैं। चुनाव प्रक्रिया के तहत 13 नवंबर को मतदान और 23 नवंबर को मतगणना होगी। recent visitors 95

आज से एकादशी तक छोटे व्यापारियों और ठेले वालों से नहीं ली जाएगी मार्केट फीस’, CM मोहन यादव का निर्देश

‘Market fees will not be taken from small traders and street vendors from today till Ekadashi’, instructions from CM Mohan Yadav CM Mohan Yadav Directed Departments: दीपावली पर्व को ध्यान में रखते हुए धनतेरस से देवउठनी एकादशी तक सभी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष व्यवस्था करने के लिए संबंधित विभागों को सीएम साय ने निर्देश दिया। प्रदेश में वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि दीपावली पर्व पर स्थानीय विक्रेताओं से सामग्री की खरीदी को प्रोत्साहित किया जाये। धनतेरस से एकादशी तक सभी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे व्यापारियों और हाथ ठेला वालों से बाजार शुल्क न लिया जाए। सभी नगरीय निकाय स्थानीय स्तर पर साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने विशेष अभियान चलायें। साथ ही प्रदेश में रोशनी के पर्व दीपावली पर विद्युत की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री यादव मंत्रालय में समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम के पहले प्रदेशवासियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीपावली और मध्य प्रदेश के स्थापना दिवस पर सभी को शुभकामनाएं दी। recent visitors 114

पति बच्चे के साथ हाल में टीवी देख रहा था, पत्नी ने बेडरूम में लगा ली फांसी

भोपाल  कोलार इलाके में एक 30 वर्षीय महिला ने फांसी लगा ली। महिला जब फांसी लगा रही थी, तब उसका पति अपने नौ महीने के बच्चे के साथ हाल में था और टीवी देख रहा था। काफी देर बाद जब पत्नी नहीं दिखाई दी तो उसने कमरे देखा, जहां वह फांसी के फंदे पर लटकी हुई मिली। सूचना के बाद पहुंची कोलार थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर खुदकुशी के कारणों की जांच शुरू की है, महिला के पास से सुसाइड नोट नहीं मिला है। मामले की जांच कर रहे एएसआइ रुपेंद्र ने बताया कि शैलेंद्र कुमार और निशा सिंह ने तीन साल पहले प्रेम विवाह किया था। शैलेंद्र उत्तरप्रदेश के अमेठी से संबंध रखता है, जबकि निशा अशोका गार्डन में अपने माता-पिता के साथ रहती थी। शादी के बाद दोनों कोलार शिफ्ट हो गए थे। दंपति मिलकर एक ट्रेवल एजेंसी चलाते थे। निशा ने यह कदम क्यों उठाया, इसको लेकर अब तक कोई कारण सामने नहीं आया है। पुलिस महिला के स्वजनों के बयान दर्ज करेगी। recent visitors 72

इंदौर में दो बच्चियों को कार से कुचलने वाला नाबालिग निकला, किराए पर ली थी कार

इंदौर इंदौर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है. इलाके में एक तेज रफ्तार कार ड्राइवर ने घर के बाहर रंगोली बना रही दो बच्चियों को टक्कर मार दी. हादसे के बाद आसपास के लोगों ने बच्चियों को कार के नीचे से निकाला और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया. दोनों बच्चियों की हालत स्थिर बनी हुई. दोनों बच्चियों की पहचान 13 वर्षीय नव्या प्रजापत और उसकी बहन 21 वर्षीय प्रियांशु के रूप में हुई है. पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है. सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए वीडियो के मुताबिक एरोड्रम थाना क्षेत्र के राजनगर में घर के बाहर दोनों बहने बैठकर रंगोली बना रही थी. इसी दौरान एक तेज रफ्तार कार आई और उन्हें टक्कर मार दी. टक्कर की जानकारी जब वहीं पर रहने वाले रहवासियों को लगी, तो तुरंत मौके पर पहुंचे और कार चालक आयुष प्रजापत को पकड़ कर पूरे मामले की सूचना एरोड्रम पुलिस को दी. इंदौर के एरोड्रम क्षेत्र के जय भवानी नगर में हुए हादसे का आरोपी पकड़ा गया है। वह नाबालिग है और उसने कार चलाने के लिए किराए से ली थी। सोमवार शाम तेज गति से कार चलाते हुए उसने दो लड़कियों को कुचल दिया था। प्रियांशी (21) पुत्री पवन प्रजापत और निव्या (13) पुत्री आनंद प्रजापत दोनों बच्चियां अपने घर के बाहर रंगोली बना रही थीं, जब कार ने उन्हें टक्कर मारी और फिर पास के एक घर की दीवार में जा घुसी। टक्कर के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। घटना के बाद घायल लड़कियों को स्थानीय लोगों ने तुरंत निजी अस्पताल पहुंचाया था। अचानक दबा दिया एक्सलेरेटर पुलिस ने आरोपी की पहचान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की और भारतीय दंड संहिता की धारा 110, 324(5) के तहत मामला दर्ज किया है। पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि उसने कार द्वारकापुरी निवासी एक व्यक्ति से चलाने के लिए ली थी और अचानक सामने आए एक दोपहिया वाहन को बचाने के प्रयास में एक्सलेरेटर दब गया, जिससे यह हादसा हुआ। इस घटना के बाद इलाके में भारी हंगामा हुआ और स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। किराए पर ली थी कार जानकारी के मुताबिक पकड़ा गया आरोपी 17 साल का नाबालिग है। जो अपने दोस्त से कार मांगकर लाया था। पुलिस ने फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान की। जो हुकुमचंद कॉलोनी का रहने वाला निकला। उक्त कार द्वारकापुरी में रहने वाले किसी सेन नाम के व्यक्ति की है। जो उसने किसी को किराए पर दी थी। नाबालिग ने उससे कार चलाने के लिए मांगी थी। कार का नंबर MP09ZW7287 है।   लोगों ने चक्का जाम करके की नारेबाजी कार ड्राइवर की पहचान हुकुमचंद कॉलोनी में रहने वाले तुषार अग्रवाल के रूप में हुई है. घटना के बाद इलाके में रहने वाले लोग भड़क गए भड़क गए और कार को पलट दिया. इसके बाद लोगों ने रास्ते पर चक्का जाम किया और नारेबाजी की. डीसीपी आलोक शर्मा का कहना है कि पूरे ही मामले में कार चालक के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है. उन्होंने बताया कि दोनों ही युवतियों की स्थिति अभी स्थिर बनी हुई है. फिलहाल सीसीटीवी कैमरे के आधार पर प्रारंभिक तौर पर आरोपी कार चालक के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. मामले में शिकायत कराई दर्ज इंदौर में एक दिन पहले खजराना क्षेत्र में पदस्थ नारकोटिक्स डीआईजी महेश चंद्र जैन की कार को एक तेज स्पीड दूसरी कार ने टक्कर मार दी थी. हादसे के वक्त डीआईजी कार में ही सवार थे. डीआईजी ने मामले में शिकायत दर्ज कराई है. recent visitors 70

निचली अदालत ने मामले को बहुत ही लापरवाही से लिया, बेगुनाह 14 सालजेल में रही

जबलपुर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक महिला को 14 साल बाद आजादी दी है। हाईकोर्ट ने हत्या के मामले में जेल में बंद महिला को बरी कर दिया और उसे झूठे मामले में फंसाने के लिए पांच गवाहों और तीन जांच अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि अगर अभियोजन पक्ष के गवाहों और जांच अधिकारियों को बिना ऐक्शन लिए छोड़ दिया जाता है, तो इससे बेईमान लोगों को निर्दोष लोगों को झूठे केस में फंसाने का बढ़ावा मिलेगा। जस्टिस जीएस अहलूवालिया और विशाल मिश्रा की पीठ ने निचली अदालत की भी खिंचाई की और कहा कि यह वास्तव में दुर्भाग्यपूर्ण है कि निचली अदालत के जज ने मामले को बहुत ही लापरवाही से लिया और कानून की नजर से सबूतों का मूल्यांकन नहीं किया। क्या है मामला दरअसल, खंडवा जिले के पिपलोदा गांव की रहने वाली सुरजाबाई और उसकी बहन भूरीबाई (जो उस समय 20 वर्ष की थीं) को सितंबर 2008 में अपने बहनोई हरि उर्फ ​​भग्गू की जहर देकर और गला घोंटकर हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।अदालत ने मामले में खामियां पाईं जिसमें बताया गया था कि सुरजाबाई और भूरीबाई ने हरि की हत्या की और उसे नीम के पेड़ पर लटका कर इसे आत्महत्या का मामला दिखाने की कोशिश की। सुरजाबाई ने बताया कि उसकी सास ने उसे आत्महत्या के बारे में बताया था। वह उसे (मृतक को) बैलगाड़ी से अस्पताल ले गई और बाद में पुलिस को सूचना दी। दिसंबर 2010 में खंडवा की एक ट्रायल कोर्ट ने दोनों महिलाओं को दोषी ठहराया था। भूरीबाई को जमानत मिल गई, लेकिन सुरजाबाई तब से जेल में है। उसने ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में अपील की। अदालत को जांच में कई खामियां मिलीं। अदालत ने कहा कि ऐसा लगता है कि अपीलकर्ता सुरजाबाई से दुश्मनी के कारण अभियोजन पक्ष के गवाहों ने उसे झूठे केस में फंसाया है। अदालत ने कहा कि चूंकि अपीलकर्ता की ओर से कोई भी पेश नहीं हुआ, इसलिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित फैसले के आधार पर अदालत ने स्वयं ट्रायल कोर्ट के रिकॉर्ड का अध्ययन किया और राज्य के वकील की बातें सुनीं। 16 अक्टूबर को कोर्ट ने आदेश में कहा, 'सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि भूरीबाई, जो सुरजाबाई की बहन है और गर्भवती थी, को भी बिना किसी आधार के इस मामले में फंसाया गया। अभियोजन पक्ष यह साबित करने में विफल रहा है कि मृतक को सुरजाबाई के घर में कोई जहरीला पदार्थ दिया गया था। इसके अलावा अभियोजन पक्ष यह साबित करने में भी विफल रहा है कि मृतक को अस्पताल ले जाने वाली सूरजबाई या भूरीबाई ही थी।' recent visitors 83

उमा भारती ने क्राइम ब्रांच में दर्ज कराई FIR, MP से कर्नाटक तक जुड़ा है मामला

 भोपाल मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस वीडियो में एक महिला आईपीएस अफसर पूर्व सीएम उमा भारती को भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार कर लेती है. इस वीडियो के वायरल होने के बाद पूर्व सीएम उमा भारती के निजी सचिव द्वारा क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई गई है. पूर्व सीएम उमा भारती के निजी सचिव उमेश गर्ग की शिकायत पर क्राइम ब्रांच ने बीएनएस की धारा 336(4) और 356(2) के तहत अज्ञात आरोपी के खिलाफ के खिलाफ केस दर्ज किया है. शिकायत में बताया गया है कि पूर्व सीएम उमा भारती की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया. वीडियो में क्या? बता दें 45 सेकंड के वीडियो में कहा गया है कि "यह एक ऐसी आईपीएस अफसर हैं, जो मुख्यमंत्री के काले कारनामे देखने उनके ही घर नौकरानी बनकर पहुंच गई. लेकिन बाद में जो हुआ उसे देखकर आप भी हैरान हो जाएंगे. 40 सेकंड रुकिए." वीडिया में आगे कहा गया कि "2000 बैच की तेजतर्रार आईपीएस अफसर दीपा दिवाकर मौदगिल उर्फ डी रूपा जिस राज्य में होती हैं, वहां कोई भी कानून का उल्लंघन नहीं कर सकता. यह चर्चा में तब आ गईं जब इन्हें पता चला कि मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ठेकेदारों से जबरदस्ती पैसे मांग रहीं हैं. तभी रूपा जी मुख्यमंत्री के घर नौकरानी बनकर पहुंच गईं." आगे कहा गया कि "जैसे ही उन्होंने मुख्यमंत्री को ठेकेदारों से पैसे मांगते देखा तभी रूपा जी ने अपना असली चेहरा दिखाया तो सभी के होश उड़ गए. आईपीएस अफसर डी रूपा ने मुख्यमंत्री को उनके ही घर से गिरफ्तार कर लिया. अब आप बताइए क्या हर आईपीएस ऑफिसर को अपना काम ऐसी ही ईमानदारी से करना चाहिए." 'छवि खराब करने की कोशिश' इधर इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के सचिव ने अपनी शिकायत में लिखा, किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा यह रील जानबूझकर पूर्व सीएम और बीजेपी की वरिष्ठ नेता की छवि धूमिन करने, उनकी मानहानि करने की नियत से यूट्यूब पर अपलोड कर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की है. इसमें फोटो और वीडियो में काट-छांट कर एडिट कर तथ्यहीन जानकारी दी गई है. recent visitors 98