बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज क्लीन स्वीप करने उतरेगा इंडिया , मैच से जुड़ी हर जानकारी यहां देखें

हैदराबाद  पहले दो मैच में आसान जीत दर्ज करके सीरीज पहले ही अपने नाम कर चुकी भारतीय टीम बांग्लादेश के खिलाफ शनिवार को यहां होने वाले तीसरे और अंतिम टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में क्लीन स्वीप के इरादे से मैदान पर उतरगी जिसमें उसके सलामी बल्लेबाजों के प्रदर्शन पर निगाह टिकी रहेगी। भारत ने अपने कुछ प्रमुख खिलाड़ियों को विश्राम देकर इस टी20 सीरीज में युवा खिलाड़ियों को मौका दिया जिन्होंने मुख्य कोच गौतम गंभीर की रणनीति पर पूरी तरह से अमल करके जीत का जज्बा दिखाया। बांग्लादेश के खिलाफ ही कुछ दिन पहले कानपुर में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में भारत ने जिस तरह से परिणाम हासिल करने के लिए आक्रामक क्रिकेट खेली उससे टीम के नए दृष्टिकोण का पता चलता है। भारत ने दो टेस्ट मैच की सीरीज 2-0 से जीती थी और अब वह टी20 सीरीज में भी 3-0 से जीत दर्ज करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा। अगले साल होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी जैसी महत्वपूर्ण प्रतियोगिता को ध्यान में रखते हुए टीम प्रबंधन कुछ अच्छे विकल्प तैयार करने पर भी ध्यान दे रहा है। फिर चाहे वह तेज गेंदबाज मयंक यादव हों या स्पिनर वरुण चक्रवर्ती, गंभीर उनके प्रदर्शन पर करीबी नजर रखे हुए हैं और इन खिलाड़ियों ने भी अभी तक अपने मुख्य कोच को निराश नहीं किया है। मयंक आईपीएल 2024 के बाद चोटिल होने के कारण अधिकतर मैचों में नहीं खेल पाए थे लेकिन इस सीरीज में उन्होंने 150 किलोमीटर की रफ्तार से गेंदबाजी करके अपने कौशल का अच्छा नमूना पेश किया है। चक्रवर्ती ने ग्वालियर में पहले मैच में तीन विकेट लेकर तीन साल के बाद राष्ट्रीय टीम में सफल वापसी की है।टीम प्रबंधन ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी के प्रदर्शन पर भी करीबी नजर रखेगा जिन्होंने दिल्ली में दूसरे टी20 मैच में 34 गेंद पर 74 रन की धमाकेदार पारी खेलने के अलावा दो विकेट भी लिए। हो सकते हैं 2 बड़े बदलाव -मयंक यादव और नितीश रेड्डी इस सीरीज में पहले ही नाम कमा चुके हैं और अब डेब्यू करने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में हर्षित राणा का नाम भी जुड़ सकता है. हर्षित के लिए पिछला सीजन बहुत शानदार गुजरा, जहां उन्होंने KKR के लिए खेलते हुए 13 मैचों में 19 विकेट झटके थे. इससे पहले उन्हें जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 स्क्वाड में शामिल किया गया, लेकिन तब उन्हें डेब्यू का अवसर नहीं मिल पाया था. हर्षित को मौका मिलता है तो किसी एक मेन गेंदबाज को तीसरे मैच के लिए आराम दिया जा सकता है. -तिलक वर्मा अब तक टीम इंडिया के लिए 16 टी20 मैच खेल चुके हैं, जिनमें उनके नाम 336 रन है. वो 33.6 के बढ़िया औसत से बैटिंग करते आए हैं और अब तक 2 अर्धशतक भी लगा चुके हैं. हालांकि वनडे मैचों में उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है. मगर टी20 मुकाबलों में उनके बैट से खूब रन निकले हैं. यदि उन्हें मौका दिया जाता है तो मिडिल ऑर्डर में से किसी एक खिलाड़ी को बाहर होना पड़ सकता है. इन सकारात्मक पहलुओं के बीच संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की सलामी जोड़ी का प्रदर्शन टीम के लिए चिंता का विषय होगा। सैमसन को पारी शुरू करने का मौका दिया गया लेकिन केरल का यह विकेटकीपर बल्लेबाज अभी तक इसका फायदा नहीं उठा पाया है। उन्होंने पहले मैच में 29 और दूसरे मैच में 10 रन बनाए। सैमसन को अगर यहां मौका मिलता है तो उन्हें उसे हर हाल में भुनाना होगा क्योंकि टीम प्रबंधन टीम में शामिल दूसरे विकेटकीपर बल्लेबाज जितेश शर्मा को भी मौका दे सकता है। टीम प्रबंधन को दूसरे सलामी बल्लेबाज अभिषेक से भी बड़ी पारी की उम्मीद होगी जो अभी तक पहले दो मैच में 15 और 16 रन ही बना पाए हैं।  इसके अलावा भारतीय टीम प्रबंधन लेग स्पिनर रवि बिश्नोई और ऑलराउंडर हर्षित राणा को भी मौका देने पर विचार कर सकता है। जहां तक बांग्लादेश का सवाल है जो उसे अभी तक बल्लेबाजों ने काफी निराश किया है। उसे अगर वर्तमान दौरे में अपनी एकमात्र जीत हासिल करनी है तो कप्तान नजमुल हुसैन शंटो और लिटन दास जैसे सीनियर बल्लेबाजों को अच्छा प्रदर्शन करना होगा। हैदराबाद की पिच का पेंच राजीव गांधी उप्पल स्टेडियम की ये पिच ज़्यादातर बल्लेबाज़ों के ही माक़ूल होती है। यहां अब तक दो ही T20I खेले गए हैं, जिसमें दोनों ही मैचों में भारत ने रनों का पीछा करते हुए जीत हासिल की है। 2019 में वेस्टइंडीज़ ने पहले खेलते हुए 207 रन बनाए थे जिसके जवाब में भारत ने 18.4 ओवर में ही जीत हासिल कर ली थी। यहां पिछला T20I 2022 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया था जहां ऑस्ट्रेलिया ने 186 रन बनाए थे और भारत ने एक गेंद शेष रहते हुए जीत हासिल कर ली थी। यानी एक और रनों की बारिश की उम्मीद की जा सकती है। क्या भारत -बांग्लादेश मैच में बारिश की आशंका है ? एक तरफ़ रनों की बारिश की उम्मीद करें तो दूसरी तरफ़ शनिवार को हैदराबाद में पानी की बारिश की भी आशंका जताई जा रही है। मौसम विभाग के मुताबिक़ शनिवार की शाम बारिश हो सकती है, ऐसा हुआ तो मैच में ख़लल पड़ सकता है लेकिन अच्छी बात ये है कि हैदराबाद का ड्रेनेज काफ़ी अच्छा है। इस प्रकार हैं टीम भारत: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), रिंकू सिंह, हार्दिक पंड्या, रियान पराग, नितीश कुमार रेड्डी, वाशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, वरुण चक्रवर्ती, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा , मयंक यादव, तिलक वर्मा। बांग्लादेश: नजमुल हुसैन शंटो (कप्तान), तंजीद हसन तमीम, परवेज हुसैन एमोन, तौहीद हृदोय, महमूद उल्लाह, लिटन दास, जाकर अली अनिक, मेहदी हसन मिराज, महेदी हसन, रिशाद हुसैन, मुस्तफिजुर रहमान, तस्कीन अहमद, शोरिफुल इस्लाम , तंजीम हसन साकिब, रकीबुल हसन। मैच: भारतीय समयानुसार शाम सात बजे शुरू होगा।   recent visitors 82

मुल्तान टेस्ट में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को एक पारी और 47 रनों से हराया, 147 साल में पहली बार हुआ ऐसा

मुल्तान पाकिस्तान की टीम ने इंग्लैंड के ख‍िलाफ मुल्तान टेस्ट में पहली पारी में 500 प्लस से का स्कोर बनाया, इसके बावजूद उसे मैच के पांचवें दिन (11 अक्टूबर) को पारी और 47 रनों से हार मिली. दूसरी पारी में पाकिस्तान की टीम ने अंग्रेज गेंदबाजों के सामने सरेंडर कर दिया. टेस्ट मैच के चौथे दिन इंग्लैंड ने अपनी पारी 823/7 पर घोष‍ित की. जो टेस्ट इत‍िहास का चौथा बड़ा एक पारी का स्कोर था. पाकिस्तान ने इस मुकाबले में अपनी पहली पारी में 556 रन बनाए थे. यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि पाकिस्तान ने लगातार छठा टेस्ट मैच हारा है. पाकिस्तान टेस्ट इत‍िहास की पहली टीम बन गई, जो 500 से ज्यादा रन बनाने के बावजूद टेस्ट मैच हार गई हो. पाकिस्तान ने दिसंबर 2023 के बाद से अपने आखिरी छह टेस्ट मैच गंवाए हैं. यह टीम की पिछले ग्यारह टेस्ट मैचों में सातवीं घरेलू हार भी है, शेष चार ड्रॉ रहे हैं. मुल्तान टेस्ट में पाकिस्तान की ओर से पहली पारी में अब्दुल्लाह शफीक (102), कप्तान शान मसूद (151) और सलमान आगा (104 नाबाद) ने शानदार बल्लेबाजी की. जवाब में इस मैच में इंग्लैंड ने काउंटर अटैक करते हुए पहली पारी में हैरी ब्रूक ने 317 रनों की धमाकेदारी पारी खेली. वहीं जो रूट ने धमाकेदार दोहरा शतक जड़ते हुए 262 रन बनाए. इस तरह इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी 823/7 रन पर घोष‍ित की. इसके साथ ही टेस्ट मैच में 800 प्लस स्कोर 3 बार बनाने वाली बनाने वाली इंग्लैंड विश्व क्रिकेट की इकलौती टीम भी बन गई. इसके बाद पाकिस्तानी टीम ने मैच के चौथे दिन (10 अक्टूबर) को दूसरी पारी में बल्लेबाजी शुरू की तो उनकी टीम ताश के पत्ते की तरह बिखर गई. जब दिन का खेल खत्म हुआ पाकिस्तानी टीम 152/6 रन बनाकर संघर्ष कर रही थी. इसके बाद मैच के अंत‍िम दिन पाकिस्तान की टीम  220 रनों पर सिमट गई. इस तरह उसे पारी और 47 रनों से हार मिली. दूसरी पारी में पाकिस्तान की ओर से पहली पारी के शतकवीर सलमान आगा (63) थोड़ा बहुत संघर्ष कर सके, उनको आम‍िर जमाल (55) का साथ मिला. पाकिस्तानी पारी 220 पर पांचवें दिन खत्म हुई. अबरार अहमद बल्लेबाजी करने नहीं आ सके. दूसरी पारी में इंग्लैंड की ओर से जैक लीच सबसे सफल गेंदबाज रहे और उन्होंने 4 विकेट झटके. पाकिस्तान की हाल‍िया टेस्ट सीरीज इंग्लैंड का पाकिस्तान दौरा (2022/23): इंग्लैंड 3-0 (3) न्यूजीलैंड का पाकिस्तान दौरा (2022/23): ड्रॉ 0-0 (2) पाकिस्तान का श्रीलंका दौरा (2023): पाकिस्तान 2-0 (2) पाकिस्तान का ऑस्ट्रेल‍िया दौरा (2023/24) ऑस्ट्रेलिया 3-0 (3) बांग्लादेश का पाकिस्तान दौरा (2024): बांग्लादेश 2-0 (2) टेस्ट मैचों में सबसे ज्यादा टीम स्कोर एक पारी से हार के बाद 556 – पाकिस्तान बनाम इंग्लैंड, मुल्तान, 2024 ( पारी और 47 रन)* 492 – आयरलैंड बनाम श्रीलंका, गॉल, 2023 ( पारी और 10 रन) 477 – इंग्लैंड बनाम भारत, चेन्नई, 2016 (पारी और 75 रन) 463 – वेस्टइंडीज बनाम भारत, कोलकाता, 2011 ( पारी और 15 रन) 459 – भारत बनाम साउथ अफ्रीका, सेंचुरियन, 2010 (इन और 25 रन) पहले बल्लेबाजी करते हुए हार के बाद सबसे ज़्यादा स्कोर 595/8d – बांग्लादेश बनाम न्यूजीलैंड, वेलिंगटन, 2017 586 – ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड, सिडनी, 1894 556 – ऑस्ट्रेलिया बनाम भारत, एडिलेड, 2003 556 – पाकिस्तान बनाम इंग्लैंड, मुल्तान, 2024* 553 – न्यूजीलैंड बनाम इंग्लैंड, नॉटिंघम, 2022 हार हुए टेस्ट में टीम की ओर से पारी में सबसे ज्यादा शतक 3 – श्रीलंका बनाम ऑस्ट्रेलिया, कोलंबो, 1992 3 – पाकिस्तान बनाम इंग्लैंड, रावलपिंडी, 2022 3 – पाकिस्तान बनाम इंग्लैंड, मुल्तान, 2024* पहली पारी में 500 से ज्यादा रन बनाने के बाद सबसे ज्यादा हार 5 – पाकिस्तान* 3 – ऑस्ट्रेलिया 2 – इंग्लैंड 2 – न्यूज़ीलैंड 2 – बांग्लादेश – टेस्ट की पहली पारी में 500 से ज्यादा रन देने के बावजूद इंग्लैंड की यह 9वीं जीत है. दूसरी सबसे ज्यादा जीत ऑस्ट्रेलिया के नाम है जिसने छह जीत दर्ज की हैं. टेस्ट मैचों में पाकिस्तान की घरेलू मैदान पर सबसे बड़ी हार 1959 में लाहौर में वेस्टइंडीज के खिलाफ पारी और 156 रन 2004 में रावलपिंडी में भारत के खिलाफ पारी और 131 रन 2008 में रावलपिंडी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पारी और 99 रन 2004 में मुल्तान में भारत के खिलाफ पारी और 52 रन 2004 में मुल्तान में इंग्लैंड के खिलाफ पारी और 47 रन 2024* में इंग्लैंड की एशिया में पारी से टेस्ट जीत 2076 में दिल्ली में भारत के खिलाफ पारी और 25 रन 2024* में मुल्तान में पाकिस्तान के खिलाफ पारी और 47 रन 2024में पाकिस्तान की घरेलू मैदान पर सबसे लंबी हार का सिलसिला 11 – मार्च 2022 – जारी (7 हारे, 4 ड्रॉ)* 11 – फरवरी 1969 से मार्च 1975 (1 हारे, 10 ड्रॉ) 8 – मार्च 1959 – अक्टूबर 1964 (4 हारे, 4 ड्रा) 8 – अक्टूबर 1998 – मार्च 2000 (4 हारे, 4 ड्रा) टेस्ट क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर 952/6 – श्रीलंका vs भारत, कोलंबो, 1997 903/7d – इंग्लैंड vs ऑस्ट्रेलिया, द ओवल, 1938 849 – इंग्लैंड vs वेस्टइंडीज, किंग्स्टन, 1930 823/7d – इंग्लैंड vs पाकिस्तान, मुल्तान, 2024 790/3d – वेस्टइंडीज बनाम पाकिस्तान, किंग्स्टन, 1958 recent visitors 87

जम्मू-कश्‍मीर में कांग्रेस की स्थिति बहुत कमजोर, चार निर्दलीय विधायकों के उमर अब्दुल्ला को समर्थन दिया

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर विधानसभा के नतीजे भी अब कांग्रेस के लिए हरियाणा जैसे ही लग रहे हैं. हरियाणा में तो कांग्रेस चुनाव ही हार गई है, जम्मू-कश्मीर में तो आधा दर्जन सीटें जीतकर भी कांग्रेस ने हार जैसी स्थिति कर डाली है. ये सब हुआ है विधानसभा चुनाव जीत कर आये चार निर्दलीय विधायकों के उमर अब्दुल्ला की पार्टी नेशनल कांफ्रेंस को समर्थन देने के ऐलान के बाद. निर्दलीय विधायकों को अपने साथ लेने का मौका तो कांग्रेस के पास भी रहा होगा – कांग्रेस अगर समय रहते अलर्ट हो जाती तो क्या निर्दलीय विधायक उसके पाले में नहीं आ सकते थे? कांग्रेस की तरफ से ऐसी चूक कोई पहली बार हुई हो, ऐसा बिलकुल नहीं है. देर से लिया गया फैसला और लक्ष्य को साधने के प्रति लापरवाही हमेशा ही कांग्रेस पर भारी पड़ी है – और जम्मू-कश्मीर का मामला बस ताजातरीन है. सवाल है कि अब क्या कांग्रेस उमर अब्दुल्ला सरकार में अपने विधायकों के लिए बेहतर मोलभाव कर सकेगी? लेकिन, ऐसी संभावना तो फिलहाल बिलकुल भी नहीं लगती. सवाल ये भी है कि क्या अपने विधायकों को सरकार में बेहतर पोजीशन न दिला पाने की कीमत तो नहीं चुकानी पड़ेगी? और कहीं ऐसा न हो कालांतर में कांग्रेस के विधायक पार्टी को पीठ दिखाकर नेशनल कांफ्रेंस में ही न चले जायें? एक संभावना ये भी तो बनती ही है. वैसे, जिन निर्दलीयों ने नेशनल कॉन्‍फ्रेंस को समर्थन दिया है, उनका NC से ही नाता रहा है. दो निर्दलीय तो ऐसे हैं, जो उमर की पार्टी में ही थे, लेकिन सीटों के बंटवारे में जब उनकी विधानसभा कांग्रेस के कोटे में चली गई तो वे बागी होकर निर्दलीय खड़े हो गए. इंदरवाल सीट से जीते प्‍यारेलाल शर्मा और सूरनकोट से से चुनकर आए चौधरी अकरम को नेशनल कॉन्‍फ्रेंस का ही विधायक माना जाना चाहिए. हां, निर्दलीय होने की वजह से उनके पास मंत्रालय पाने का भी दावा बन गया है. जम्‍मू की खातिर उमर के लिए कांग्रेस के 6 विधायकों से ज्‍यादा काम के हैं 4 निर्दलीय जम्‍मू-कश्‍मीर के चुनाव में नेशनल कॉन्‍फ्रेंस ने अपनी ज्‍यादातर सीटें घाटी में ही जीतीं. जबकि कांग्रेस तो जम्‍मू से एक भी सीट नहीं जीत पाई. यानी लग रहा था कि सूबे का सत्‍ता पक्ष कश्‍मीर घाटी के विधायकों और मंत्रियों से पटा होगा. जबकि जम्‍मू में एकतरफा जीतकर आई बीजेपी विपक्ष में होगी. लेकिन, जम्‍मू क्षेत्र के ही चारों निर्दलीय विधायकों ने नेशनल कॉन्‍फ्रेंस को समर्थन देकर आगे आने वाली सरकार में घाटी और जम्‍मू के बीच संतुलन स्‍थापित करने की उम्‍मीद जगा दी है. उमर अब इन निर्दलीय विधायकों के भरोसे ये कह सकते हैं कि उनके पक्ष में जम्‍मू का प्रतिनिधित्‍व करने वाले सदस्‍य भी शामिल हैं. हालांकि, नेशनल कॉन्‍फ्रेंस और कांग्रेस गठबंधन में तय यही हुआ था कि कांग्रेस जम्‍मू का मोर्चा संभालेगी और नेशनल कॉन्‍फ्रेंस घाटी की चुनावी चुनौती से निपटेगी. नेशनल कॉन्‍फ्रेंस ने तो अपना कमिटमेंट पूरा किया, बल्कि जम्‍मू में भी कुछ सीटें जीतीं. जबकि कांग्रेस का जम्‍मू में सूपड़ा साफ हो गया. उसे जो 6 सीटें मिली हैं, वह भी घाटी में ही मिलीं. कोई भी फैसला लेने में हीलाहवाली बहुत भारी पड़ती है जम्मू-कश्मीर के नतीजे हरियाणा विधानसभा चुनाव में बुरी तरह झुलस चुकी कांग्रेस के लिए मरहम का काम कर रहे थे. क्योंकि नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस गठबंधन को बहुमत हासिल हो गया था. जम्‍मू-कश्‍मीर में 42 सीटें हासिल करने वाले उमर अब्‍दुल्‍ला ने 4 निर्दलीयों का समर्थन हासिल करके सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत जुटा लिया है. अब कांग्रेस का समर्थन मिलना बस औपचारिकता भर ही है. सरकार बनाने की उठापटक में कांग्रेस की आरामतलबी उसे भारी पड़ गई. जाहिर है, सरकार में जो रुतबा कांग्रेस को मिलता, उस पर 4 निर्दलीयों ने पहले दावा कर दिया है. इस स्थिति में अब फर्क तभी आएगा जब उप राज्यपाल के 5 विधायकों के मनोनयन से बहुमत का आंकड़ा 48 हो जाएगा – फिर भी निर्दलीयों के आगे कांग्रेस विधायकों की हैसियत कम ही रह जाएगी. राजनीतिक समीकरण बदल जाने का सीधा प्रभाव ये होगा कि कांग्रेस के लिए अपने विधायकों को सरकार में सही पोजीशन दिला पाना मुश्किल हो जाएगा – और ऐसे में विधायकों के टूट जाने का खतरा भी मंडराने लगा है.    कांग्रेस बार बार एक जैसी गलती क्यों करती है 1. हरियाणा में कांग्रेस की ये लगातार तीसरी हार है. 2014 में तो सत्ता परिवर्तन हुआ था, लेकिन 2019 में तो कांग्रेस के पास सत्ता में वापसी का अच्छा मौका था. पिछली बार न तो बीजेपी को बहुमत मिला था, न ही कांग्रेस को – और दुष्यंत चौटाला किंगमेकर बन कर उभरे थे. बीजेपी ने दुष्यंत चौटाला की जेजेपी को साध लिया, और कांग्रेस चूक गई. 2. गोवा और मणिपुर में 2017 के चुनाव में तो कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी थी, लेकिन दोनो राज्यों में पिछड़ जाने के बावजूद अगर बीजेपी सत्ता पर काबिज होने में सफल रही तो उसके लिए कांग्रेस ही जिम्मेदार थी. तब कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह गोवा के प्रभारी हुआ करते थे, और कांग्रेस की सरकार न बनवा पाने का खामियाजा भी उनको भुगतना पड़ा था. उसके बाद तो दिग्विजय सिंह को दरकिनार ही कर दिया गया था, और नर्मदा परिक्रमा की बदौलत साल भर बाद ही मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में उनकी वापसी हो सकी थी. गोवा की 40 में कांग्रेस ने 17 विधानसभा सीटें जीती थी, लेकिन 13 सीटों वाली बीजेपी ने निर्दलीयों को साथ लेकर सरकार बना लिया था – और वैसे ही मणिपुर में भी 28 सीटों वाली कांग्रेस को पछाड़ कर 21 विधायकों के साथ बीजेपी ने सरकार बना लिया था. 3. कांग्रेस नेतृत्व ने 2018 में नॉर्थ ईस्ट में वैसा ही रवैया दिखाया. 60 सीटों वाली मेघालय विधानसभा में बहुमत के लिए 31 विधायक चाहिये थे. 21 सीटों के साथ कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी थी, जिसे महज 10 विधायकों की जरूरत थी. लेकिन, 2 सीटें जीतने वाली बीजेपी ने ऐसा ताना बाना बुना कि गठबंधन की सरकार बन गई, और कांग्रेस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही. निर्दलीय विधायकों के फैसले में बीजेपी का कितना रोल? सवाल तो ये भी उठ रहा है कि जम्मू-कश्मीर में निर्दलीय विधायकों के उमर अब्दुल्ला … Read more

अरब सागर में गहरा कम दबाव का क्षेत्र बना, अधिकतर जिलों में अब बादल छाए रहेंगे

भोपाल अरब सागर में गहरा कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। बंगाल की खाड़ी में तमिलनाडु के तट पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। गहरे कम दबाव के क्षेत्र से केरल, तमिलनाडु होते हुए बंगाल की खाड़ी तक एक द्रोणिका बनी हुई है। पाकिस्तान और उससे लगे जम्मू पर एक पश्चिमी विक्षोभ हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक अलग-अलग स्थानों पर बनी इन मौसम प्रणालियों के असर से जबलपुर, नर्मदापुरम, इंदौर संभाग के जिलों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। अरब सागर में बनी मौसम प्रणाली के 48 घंटे में अवदाब के क्षेत्र में बदलने की संभावना है। इस वजह से प्रदेश के अधिकतर जिलों में बादल बने रहेंगे। साथ ही जबलपुरर, नर्मदापुरम, इंदौर संभाग के जिलों में बारिश का सिलसिला बना रहेगा। शेष क्षेत्रों में भी गरज-चमक के साथ कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है। इंदौर के रीगल क्षेत्र में 35 मिनट में बरसा 15 मिमी पानी गुरुवार को इंदौर शहर में दिनभर बादल छाए रहे और शाम चार बजे बाद धूल भरी तेज आंधी 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से चली। इसके बाद रीगल, पलासिया व विजयनगर क्षेत्र में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई। रीगल स्थित मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के स्टेशन पर शाम 5.20 तक 35 मिनट में 15 मिमी बारिश दर्ज हुई। वहीं एयरपोर्ट स्थित वेदर स्टेशन पर रात 8.30 बजे तक 2 मिमी बारिश दर्ज हुई। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक शुक्रवार को शहर में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। शाम के समय हुई तेज बारिश के कारण कई इलाकों में दृश्यता 2500 मीटर तक पहुंच गई। धूल भरी आंधी के कारण दो पहिया व चार पहिया वाहन चालकों को भी परेशानी हुई। दिन में छाए बादलों के कारण और दो दिन से शहर में हो रही बारिश के कारण शहरवासियों को गर्मी से राहत मिली। दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री कम 31.4 डिग्री दर्ज किया गया। दिखाई दिया धुंध का असर इंदौर में बादलों के कारण रात में गर्मी व उमस का असर भी बढ़ा। इस वजह से गुरुवार को न्यूनतम तापमान सामान्य से चार डिग्री अधिक 22.8 डिग्री दर्ज किया गया। शाम को हुई बारिश के कारण रात में भी शहर में धुंध का असर दिखाई दिखाई दिया। इन जिलों में होगी बारिश इंदौर, खरगोन, खंडवा, झाबुआ, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, आलीराजपुर, जबलपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, कटनी, नर्मदापुरम, बैतूल और हरदा जिले में रुक-रुककर बारिश के आसार हैं। recent visitors 113

सतना का प्रॉपर्टी डीलर गिरफ्तार महिला की नग्न तस्वीरें खींचकर किया गंदा काम, पुलिस ने लिया ये एक्शन

सतना  मध्य प्रदेश के सतना जिले में महिला से रेप का मामला सामने आया है. महिला ने प्रॉपर्टी डीलर पर रेप के आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत दर्ज करवाई है.  आरोप हे कि घर खरीदने का सौदा होने के बाद प्रापर्टी डीलर की नीयत महिला पर खराब हो गई. घर आने-जाने के दौरान महिला को नशीला पदार्थ सुंघाकर उसकी अद्धनग्न तस्वीर ले ली और उसी को वारयल करने की धमकी देकर बार-बार दुष्कर्म करने लगा. इससे  तंग महिला ने गुरूवार को थाने में शिकायत दर्ज कराई. जिसके बाद आरोपी प्रापर्टी डीलर पर केस दर्ज कर लिया गया. मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है. ये है पूरा मामला बताया जा रहा है कि पीडि़त महिला शहर के लालता चौक क्षेत्र में रहती है. उसके पति की तबियत खराब थी और बेटे जॉब के सिलसिले में शहर से बाहर रहते थे. यही कारण है कि वह अपना घर बेच कर बेटों के पास जाना चाहती थी. प्रापर्टी बेचने के दौरान आरोपी मजीद खान के साथ 60 लाख रुपए में सौदा हुआ. आरोपी ने डेढ़ साल का समय लेकर 10 लाख रुपए अग्रिम देकर एग्रीमेंट कर लिया. इसके बाद अक्सर घर आने-जाने लगा. घर में बीते साल की आठ मई को धोखे से स्प्रे डालकर बेहोश कर दिया और आपत्तिजक तस्वीर मोबाइल पर ले ली. इसके बाद फोटो वायरल करने की धमकी देकर बार-बार दुष्कर्म करने लगा. अंतिम बार आरोपी ने महिला के साथ 15 जनवरी 2024 को दुष्कर्म किया. महिला की रिपोर्ट पर आरोपी मजीद खान निवासी टिकुरिया टोला पर नामदज एफआईआर दर्ज की गई है..महिला की रिपोर्ट के आधार पर धारा 376, 376 (2)(एन), 328,450 और 506 का प्रकरण कायम किया गया है.  पैसे मांगने पर कोर्ट में केस किया बताया जा रहा है कि जब महिला और प्रापर्टी डीलर के बीच हुए सौदे का समय पूरा हो गया तो महिला ने उससे पैसों की मांग की और रजिस्ट्री कराने को कहा. इस दौरान आरोपी ने उसके साथ संबंध बनाने को कहा और न बनाने पर उसके खिलाफ कोर्ट में केस कर दिया. काफी दिनों बाद महिला ने साहस जुटाया और मामले से अपने परिचितों को अवगत कराया. उसके बाद थाने जाकर आरोपी पर दुष्कर्म का केस दर्ज करा दिया. हिरासत में आरोपी बताया जाता है कि महिला की शिकायत के बाद पुलिस ने प्रकरण दर्ज करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया है. हालांकि अभी पुलिस इस मामले में कुछ भी कहने से बच रही है. पुलिस सूत्रों की मानें तो आरोपी को पुलिस ने उसके घर से ही हिरासत में लिया है. recent visitors 72

BJP विधायक बृजबिहारी पटेरिया ने इस्तीफा लिया वापस, कहा- ‘गुस्से में किया था निर्णय

BJP MLA Brijbihari Pateria withdrew his resignation out of emotion सागर: BJP MLA Brijbihari Pateria ने अपना इस्तीफा वापस लेने के बाद कहा कि वह गुस्से में लिया गया कदम था. एफआईआर दर्ज हो गई है, अब इस्तीफे का कोई विषय नहीं है. संगठन और सरकार मेरे साथ है.सागर जिले के देवरी से BJP MLA Brijbihari Pateria ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है. विधायक एक डॉक्टर के खिलाफ रिश्वत मांगने को लेकर थाने में एफआईआर दर्ज कराने गए थे, लेकिन शिकायत न लिखे जाने पर उन्होंने अपना इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष को भेज दिया और धरने पर बैठ गए. देर रात तक चले धरने के बाद डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया, जिसके बाद विधायक ने अपना इस्तीफा वापस लिया. दरअसल, सागर के केसली थाना क्षेत्र के ग्राम मेड़की में सर्पदंश से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी. आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टर ने रिपोर्ट में सर्पदंश से मौत लिखने की एवज जगह में 40 हजार रुपये मांगे. सबूत होने के बाद भी पुलिस ने डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की. इसके बाद विधायक थाने पहुंचे, फिर भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई. इसके बाद BJP MLA Brijbihari Pateria ने विधानसभा अध्यक्ष के नाम अपना इस्तीफा लिखकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया और केसली पुलिस थाने में धरने पर बैठ गए. इस दौरान उन्होंने कहा, “सबूत और सत्ता पक्ष के होने के बाद भी अगर एफआईआर नहीं हो रही है तो इससे शर्मनाक बात क्या हो सकती है?” उन्होंने कहा, जब तक डॉक्टर दीपक दूबे के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं होती तब तक धरने पर बैठे रहेंगे. Read more : https://mysecretnews.com/mining-department-running-with-half-staff/ इस्तीफा वापस लेने के बाद क्या बोले BJP विधायक?उन्होंने यह भी बताया कि “ऐसी जानकारी लग रही है कि शायद डॉक्टर की पत्नी भी पुलिस में है इसलिए पुलिस मामला दर्ज करने से बच रही है.” वहीं देर रात जब केसली पुलिस ने डॉक्टर दीपक दूबे के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया, तो बृजबिहारी पटेरिया ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया. उन्होंने कहा, “वह आक्रोश में लिया गया कदम था. एफआईआर दर्ज हो गई है, अब इस्तीफे का कोई विषय नहीं है. संगठन और सरकार मेरे साथ है, मुख्यमंत्री जी के आदेश का मैं पालन करूंगा.” वहीं अब इस मामले ने प्रदेश का सियासी पारा बढ़ा दिया है. पूर्व मंत्री और वरिष्ठ बीजेपी विधायक गोपाल भार्गव ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर ट्वीट कर कहा, “मैंने विधायक बृजबिहारी पटेरिया से बात की और पूरा मामला जाना. प्रदेश की बीजेपी सरकार आमजन के प्रति बेहद संवेदनशील है, इस प्रकार के गैर जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली और व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.” recent visitors 160

SHO ने दर्ज नहीं की FIR तो दे दिया इस्तीफा, बोले- ‘ऐसी विधायकी मुझे नहीं करनी’, बाद में पलटे

सागर  सागर जिले की देवरी विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक बृजबिहारी पटेरिया गुरुवार की रात में अचानक त्यागपत्र दे दिया था। त्यागपत्र देने के कुछ ही घंटों बाद संगठन की फटकार के बाद त्यागपत्र की बात से पीछे हट गए और धरना भी समाप्त कर दिया। पार्टी सूत्रों के अनुसार पटेरिया रात में केसली थाने में अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए थे और अपना त्यागपत्र विधानसभा अध्यक्ष को भेजने की बात मीडिया के समक्ष कही थी। इसके बाद देर रात प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा और संगठन सक्रिय हुए और फटकार के बाद पटेरिया धरना समाप्त करने के साथ ही एक वीडियो जारी कर त्यागपत्र की बात से पलट गए। पटेरिया ने कुछ ही घंटों के भीतर वीडियो संदेश में कहा कि स्वाभाविक है कि वो आक्रोश का विषय था। दुर्भाग्यपूर्ण क्षण था, जब मैंने आक्रोश के वशीभूत होकर वो कदम उठा लिया था। पार्टी मेरे साथ में है। माननीय मुख्यमंत्री हमारे साथ में हैं। पूरा संगठन, मंडल अध्यक्ष, वो सभी कार्यकर्ता मेरे साथ में हैं, जिन्होंने मुझे इस पद तक पहुंचाया है। अब उन सबके निर्देशों और आदेशों का पालन मैं करूंगा। माननीय अध्यक्ष जी और मुख्यमंत्री जी के आदेश का पालन करूंगा। अब इस्तीफे की कोई बात ही नहीं है। इसके पहले गुरुवार देर रात अचानक खबर आई कि पटेरिया ने विधायक पद से त्यागपत्र दे दिया है और वे सागर जिले के केसली थाना परिसर में अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए हैं। पटेरिया केसली थाने पहुंचे थे और वहां एक पीड़ित की कथित तौर पर एफआईआर दर्ज नहीं होने के कारण उन्होंने वहीं से त्यागपत्र लिखकर विधानसभा अध्यक्ष और सचिवालय को भेज दिया था। तब उन्होंने कहा था कि जब सत्तारूढ़ दल के विधायक की बात ही नहीं सुनी जाए, तो वे ऐसी विधायिकी नहीं करना चाहते। पटेरिया के त्यागपत्र की खबर के बाद प्रदेश भाजपा संगठन और सरकारी तंत्र भी सक्रिय हुआ। देर रात प्रदेश अध्यक्ष और संगठन ने फोन पर पटेरिया को सख्ती से समझाया, तब उन्होंने तत्काल इस्तीफे की बात से पलटकर बयान जारी किया। बताया गया है कि पटेरिया को फोन पर जमकर फटकार लगाई गई। पटेरिया पहले कांग्रेस में थे और उसके टिकट पर भी दो दशक से अधिक समय पहले देवरी विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। नवंबर दिसंबर 2023 का चुनाव उन्होंने देवरी से भाजपा के टिकट पर लड़ा और विजयी हुए। दो सौ तीस सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के कुल सदस्यों की संख्या 163 है, जबकि कांग्रेस के 64 विधायक हैं। एक विधायक भारत आदिवासी पार्टी से है और दो सीट बुधनी और विजयपुर रिक्त हैं। recent visitors 73