आमला में स्वर्णकार समाज ने धूमधाम से मनाई अजमीढ़ देव जयंती।

The goldsmith community celebrated Ajmidh Dev Jayanti with great pomp in Amla.

  • शहर में निकली भव्य शोभायात्रा, जगह-जगह पुष्पवर्षा से हुआ स्वागत, प्रतिभावान बच्चों का सम्मान और वृक्षारोपण कर दिया पर्यावरण का संदेश।

हरिप्रसाद गोहे 

आमला। सकल स्वर्णकार समाज द्वारा आराध्य देव आदिपुरुष महाराज अजमीढ़ देव की जयंती बड़े ही धूमधाम एवं श्रद्धाभाव से मनाई गई।

सुबह समाज के सदस्यों ने वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। दोपहर में के. सोनी प्ले स्कूल, सोनी मोहल्ला से भव्य शोभायात्रा प्रारंभ हुई जो सर्राफा मार्केट, पुराना थाना, मेन रोड, पीरमंजिल, जनपद चौक होते हुए रतेड़ा रोड स्थित दादाजी दयालु लॉन पहुंची। शोभायात्रा मार्ग पर व्यापारिक संगठनों, राजनीतिक दलों एवं पत्रकारों द्वारा पुष्पवर्षा, आतिशबाजी एवं जलपान से स्वागत किया गया।

मान्यता है कि अजमीढ़ जी महाराज ने ब्रह्मा जी के वंशज महर्षि अत्रि की 28वीं पीढ़ी में जन्म लिया। वे भगवान श्रीराम के समकालीन एवं मित्र थे। उन्होंने अपने प्रताप से अज्मेरू नगर की स्थापना की जो वर्तमान में अजमेर के नाम से जाना जाता है।

दादाजी दयालु लॉन में अजमीढ़ जी महाराज के तैलचित्र पर माल्यार्पण व पूजन के पश्चात विचार गोष्ठी आयोजित हुई। वरिष्ठजनों ने समाज की प्रगति पर विचार रखे। इस दौरान शिक्षा, खेल एवं अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान बच्चों व युवाओं को सम्मानित किया गया। बच्चों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। कार्यक्रम में मातृशक्तियों की विशेष सहभागिता रही। अंत में सहभोज प्रसादी के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

समाज के वरिष्ठजनों ने बताया कि पिछले वर्ष जयंती पर प्लास्टिक मुक्त शहर का संदेश देकर कपड़े के थैले वितरित किए गए थे, इस वर्ष वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया गया है।

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