Wednesday, July 8, 2026 5:28 am

मां काली दरबार खरगहना में लगाभक्तों का तांता, दर्शन को पहुंचे सा परिवार भाजपा जिलाध्यक्ष अबध राज बिलैया

डिंडोरी शारदीय नवरात्रि की धूम सभी जगह देखी जा सकती है। अधिकतर भक्त उपासना में लगे हुए है।सुबह से ही शाम तक भक्तो की भीड़ देखी जा सकती है।जगह जगह पंडलो में माता रानी को प्रतिमा स्थापित है दर्शन करने के लिए बच्चे बूढ़े क्या जवान सभी को दरबार पर हाजरी लगाते देखा जा सकता है।पूरा क्षेत्र माता रानी मय हो गया है।कही माता रानी की भगते हो रही तो कही पांडा भाव खेल रहे है। इसी दौरान जिला मुख्यालय से महज 16किमी दूर ग्राम खरगाहना में भी प्रति वर्ष अनुसार माता काली की प्रतिमा रखी गई है जहा दर्शन के लिए हजारों की तादात में भक्तो का आवागमन है। दर्शन को पहुंचे भाजपा जिलाध्यक्ष अवध राज बिलैया ग्राम खरगाहना में स्थापित माता काली की प्रतिमा दर्शन करने अपनी धर्मपत्नी के साथ भाजपा  जिलाध्यक्ष  अवध राज बिलैया पहुंचे और माता रानी के श्री चरणों में नमन करते हुए पूजन आर्चना कर माता रानी की आरती में सम्मलित हुए ग्राम खरगाहना में प्रति वर्ष आरती कराने डिंडोरी के स्थानीय कलाकार सिंगार कमलेश सोनी बासू साहू विकास बर्मन ऑर्गन शुभम ओक्ता पेड कल्लू ढोलक दुर्गेश बर्मन विवेक सोनी माता रानी के दरबार पर हाजरी देते है और आरती में हजारों की संखायाओ में भक्तो की भीड़ देखी जा सकती है।  कार्यक्रम का आयोजन इस कार्यक्रम का आयोजन ग्राम खरगाहना के स्थानीय समिति द्वारा किया जाता है।बबलू  गौतम अध्यक्ष विपिन शाहू उपाध्यक्ष बद्री गौतम उमेश गौतम लकी गौतम विवेक पारस सतीश गौतम सतीश परमार संजू परमार अजय ठाकुर तुषार गौतमपिंकू गौतम राहुल गौतम मुकेश गौतम किशन परमार शुभम गौतम पंकज गौतम विष्णु गौतम संदीप गौतम रविंद्र गौतम रवि गौतम शुभम परमार वीरेंद्र सरिया दलवीर गौतम कृष्ण कुमार गौतम मकरंद गौतम चंद्रप्रकाश गौतम गंगाराम गौतम नीरज गौतम बलदाऊ गौतमदिनेश पारस राकेश गौतम भूपेंद्र गौतमसंजू पड़वार मां काली समिति खरगहना recent visitors 82

बांग्लादेश में यशोरेश्वरी काली मंदिर से देवी का मुकुट हुआ चोरी, पीएम मोदी ने किया था भेंट, घटना पर भारत सख्त

ढाका बांग्लादेश के जेशोरेश्वरी मंदिर से मां काली का मुकुट चोरी हो गया है। चांदी का बना सोने की परत वाला यह मुकुट भारत के पीएम नरेंद्र मोदी ने मंदिर को गिफ्ट किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2021 में जब बांग्लादेश गए थे तो उन्होंने जेशोरेश्वरी मंदिर का दौरा भी किया था। इस दौरान उन्होंने ये मुकुट भेंट किया था। उपहार में दिया गया देवी काली का ये मुकुट कथित तौर पर चोरी हो गया है। इस घटना पर भारत ने सख्त रुख दिखाया है। ढाका में भारतीय उच्चायोग ने बयान जारी करते हुए इस पर चिंता जताई है। उच्चायोग ने मुकुट को बरामद करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। बांग्लादेशी अखबार द डेली स्टार के मुताबिक, मंदिर के पुजारी और सफाई कर्मचारियों ने पाया कि देवी काली के सिर से मुकुट गायब है। बांग्लादेशी पुलिस ने चोरी की पुष्टि करते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि अपराधी की पहचान करने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है और जल्दी ही चोर को पकड़ लिया जाएगा। जेशोरेश्वरी मंदिर की हिन्दुओं में मान्यता पीढ़ियों से मंदिर की देखभाल कर रहे परिवार की सदस्य ज्योति चट्टोपाध्याय ने बांग्लादेशी मीडिया को बताया कि मुकुट चांदी से बना था और उस पर सोने की परत चढ़ी थी। पीएम नरेंद्र मोदी ने मार्च 2021 में जेशोरेश्वरी मंदिर को मुकुट भेंट करते हुए मंदिर में एक बहुउद्देश्यीय सामुदायिक हॉल का निर्माण करने का भी ऐलान किया था। जेशोरेश्वरी मंदिर की बांग्लादेश के अलावा भारत और दूसरे पड़ोसी देशों में भी काफी मान्यता है। ये भारत के साथ-साथ पड़ोसी देशों में फैले 51 शक्तिपीठों में से एक के रूप में प्रतिष्ठित है। यह मंदिर, भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थल, ईश्वरीपुर, सतखिरा में स्थित है। माना जाता है कि इसका निर्माण 12वीं शताब्दी में हुआ था। अल्पसंख्यकों के पूजा स्थलों की सुरक्षा पर सवाल बांग्लादेश में देवी का मुकुट चोरी होने का ये मामला ऐसे समय हुआ है, जब देश में धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा सवालों के घेरे में है। इस साल अगस्त में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद से बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमलों की एक श्रंखला देखी गई है। हालांकि मौजूदा चोरी में अभी तक इस तरह के किसी एंगल की बात पुलिस ने नहीं की है। 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है जेशोरेश्वरी मंदिर पीढ़ियों से मंदिर की देखभाल करने वाले परिवार के सदस्य ज्योति चट्टोपाध्याय ने बांग्लादेशी मीडिया को बताया कि यह मुकुट चांदी से बना था और इस पर सोने की परत चढ़ी हुई थी। चोरी हुआ मुकुट भक्तों के लिए सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व रखता है। हिंदू पौराणिक कथाओं में, जेशोरेश्वरी मंदिर को भारत और पड़ोसी देशों में फैली 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है।   ऐसा है मंदिर का इतिहास माना जाता है कि सतखीरा के ईश्वरीपुर में स्थित इस मंदिर का निर्माण 12वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में अनारी नामक ब्राह्मण ने करवाया था। उन्होंने जशोरेश्वरी पीठ के लिए 100 दरवाजों वाला मंदिर बनवाया था। बाद में 13वीं शताब्दी में लक्ष्मण सेन ने इसका जीर्णोद्धार करवाया और अंततः राजा प्रतापादित्य ने 16वीं शताब्दी में मंदिर का पुनर्निर्माण करवाया। अपनी बांग्लादेश यात्रा के दौरान, पीएम मोदी ने कहा था कि भारत मंदिर में एक बहुउद्देशीय सामुदायिक हॉल का निर्माण कराएगा। उन्होंने कहा कि यह स्थानीय लोगों के लिए सामाजिक, धार्मिक और शैक्षिक आयोजनों के लिए उपयोगी होगा और साथ ही, यह चक्रवात जैसी आपदाओं के समय सभी के लिए आश्रय का काम भी करेगा। recent visitors 111

अमेरिका: फ्लोरिडा तट से टकराया मिल्टन तूफान, 32 लाख से अधिक लोग अंधरे में रहने को मजबूर, 10 की मौत

 फ्लोरिडा अमेरिका में तूफान मिल्टन ने कहर मचा दिया है. फ्लोरिडा में इस तूफान का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला है. यहां करीब 20 लाख लोग अपने घरों को छोड़कर कहीं और चले गये हैं. जबकि, 4,300 से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू किया गया है. तूफान मिल्टन फ्लोरिडा के पश्चिमी तट से टकराया है. तूफान की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि फ्लोरिडा में कई बड़ी-बड़ी इमारतें ताश के पत्तों की तरह बिखरी हुई नजर आ रही हैं. तूफान के बाद ऐसी कई तस्वीरें सामने आई हैं, जिसमें अमेरिकी घरों की छत पूरी तरह से गायब हो चुकी है और घरों के अंदर का सामान यहां-वहां बिखरा पड़ा है. नजर आ रहे मगरमच्छ और सांप तूफान के बाद भारी बारिश के चलते आई बाढ़ के कारण फ्लोरिडा के कई इलाकों में मगरमच्छ और सांप भी देखे गये हैं. इस बीच फ्लोरिडा की सरकार ने लोगों से बाढ़ वाले इलाकों में जाने से बचने की अपील की है. सरकार ने लोगों से खुद को सुरक्षित रखने की गुजारिश की है. एक साल के अंदर तीसरा तूफान अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि तूफान बीतने के बाद भी टूट  चुके बिजली के तारों और मलबे से अभी भी खतरा बना हुआ है. अमेरिका के इतिहास में ऐसा छठी बार हो रहा है, जब एक साल के अंदर ही तीन तूफानों ने फ्लोरिडा में दस्तक दी है. साजिश को लेकर चल रही ये थ्योरी बता दें कि पहले मिल्टन तूफान को तूफानों की सबसे विनाशकारी श्रेणी 5 में रखा गया था. इस श्रेणी के तूफानों से हमेशा ही जान-माल का बड़ा नुकसान होता रहा है. हालांकि, बाद में इसकी कैटेगिरी को कम करके 3 कर दिया गया. अमेरिका में इस तूफान को लेकर कई कंस्पिरेसी थ्योरीज भी चल रही हैं. कहा जा रहा है कि कथित तौर पर मिल्टन कुदरत का कहर नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश है ताकि अमेरिकी चुनावों पर असर पड़ सके.     recent visitors 66

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन के 15 अखाड़ों को प्रोत्साहन स्वरूप 2-2 लाख रुपए देने की घोषणा

प्रदेश में कुश्ती सहित अन्य सभी खेलों को निरंतर बढ़ावा दिया जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन में मलखंभ अकादमी शीघ्र चालू होगी  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन के 15 अखाड़ों को प्रोत्साहन स्वरूप 2-2 लाख रुपए देने की घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन के क्षीरसागर सागर स्टेडियम ऑडिटोरियम में आयोजित कुश्ती दंगल कार्यक्रम में पहुंचे उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में कुश्ती सहित अन्य सभी खेलों को निरंतर बढ़ावा दिया जाएगा। उज्जैन में मलखंभ अकादमी शीघ्र चालू होगी। मलखंभ के साथ जिम्नास्टिक की भी सौगात मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को उज्जैन के क्षीरसागर स्टेडियम के ऑडोटोरियम में सॉवरियाँ ग्रुप द्वारा आयोजित कुश्ती दंगल प्रतियोगिता के प्रतिस्पर्धियों को संबोधित किया1 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस दौरान उज्जैन के सभी 15 अखाड़ों को आवश्यक उपकरण और सामग्री के लिए 2-2 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने सभी खेल प्रेमियों को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी। इस अवसर पर विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, विवेक जोशी सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री उज्जैन के विभिन्न गरबा कार्यक्रमों में हुए शामिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव महाष्टमी के पर्व पर आयोजित विभिन्न गरबा कार्यक्रमों में शामिल हुए। उन्होंने देवी माँ की पूजा-अर्चना कर सभी के लिये मंगल-कामनाएँ कीं।   recent visitors 64

राजधानी के अस्पताल में नवजात की मौत के बाद झोलाछाप डॉक्टर और दो महिलाएं गिरफ्तार

भोपाल  राजधानी भोपाल में सड़क पर लावारिस हालत में मिली नवजात बच्ची की मौत के बाद एक झोलाछाप डॉक्टर और एक अप्रशिक्षित नर्स को गिरफ्तार किया गया है. साथ ही एक महिला को भी गिरफ्तार किया गया है. महिला ने अपनी 17 साल की पोती के समय से पहले प्रसव कराने के लिए झोलाछाप डॉक्टर और अप्रशिक्षित नर्स की मदद ली थी. महिला की पोती ने ही बच्ची को जन्म दिया था. सहायक पुलिस आयुक्त सुनील श्रीवास्तव ने बताया कि बीते बुधवार शाम को सड़क किनारे एक बोरे में मिली बच्ची की गुरुवार सुबह सरकारी अस्पताल में मौत हो गई. ऐशबाग थाने के इंस्पेक्टर जितेंद्र गढ़वाल ने एक न्यूज एजेंसी को बताया, हमने झोलाछाप डॉक्टर सुरेंद्र नाहर (45), अप्रशिक्षित नर्स फिरदौस (40) और बच्ची को जन्म देने वाली नाबालिग लड़की की दादी को गिरफ्तार किया है. उन्होंने बताया कि तीनों पर 12 साल से कम उम्र की बच्ची को छोड़ने और भारतीय न्याय संहिता की धारा 93 और 105 के तहत गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है. नाबालिग ने जब बच्ची को जन्म दिया, तब वह गर्भावस्था के सातवें महीने में थी. इंस्पेक्टर गढ़वाल ने कहा कि प्रसूता का इलाज चल रहा है और उसका बयान उचित समय पर दर्ज किया जाएगा. एसीपी श्रीवास्तव ने कहा कि सभी तथ्य सामने आने के बाद आरोपियों पर और आरोप लगाए जा सकते हैं. 40 कैमरों को ट्रेस कर आरोपी तक पहुंची पुलिस पुलिस ने आरोपी महिला की पहचान के लिए रोड मैप तैयार किया। बाग उमराव दूल्हा से नवीन नगर तक 40 CCTV कैमरों के फुटेज चेक किए गए। जिससे आरोपी महिला के घर तक पुलिस पहुंचने में कामयाब हो गई। सबसे पहले आसमां को गिरफ्तार किया गया। उसने सहयोगी डॉक्टर सुरेंद्र नाहर का नाम बताया। दोनों की निशानदेही पर नाबालिग मां के घर तक पुलिस पहुंची। दो महीने से नजर नहीं आई पीड़िता नाबालिग पीड़िता के पड़ोसियों ने बताया कि वह दो महीने से दिखाई नहीं दे रही थी। पूछने पर उसकी तबीयत खराब होने की बात बताई जाती थी। पीड़ित किशोरी की मां ने किसी को भी घटना के संबंध में बताने के लिए मना किया था। नानी ने ही नर्स आसमां से संपर्क किया था। उन्हें उम्मीद थी कि प्रीमैच्योर डिलीवरी होने पर बच्चा मृत पैदा होगा। जिसे आसानी से ठिकाने लगा दिया जाएगा, लेकिन बच्चा स्वस्थ्य पैदा हुआ तो पीड़िता की मां ने उसे बोरी में डालकर आसमां को ही ठिकाने लगाने के लिए दे दिया। 60 हजार रुपए एडवांस भी दे दिए। काउंसिलिंग के बाद होगी नाबालिग की गिरफ्तारी डीसीपी प्रियंका शुक्ला ने बताया कि नाबालिग से संबंध बनाने वाला भी बाल अपचारी है। केस में इन दोनों को भी आरोपी बनाया गया है। हालांकि दोनों की फिलहाल गिरफ्तारी नहीं की जा सकी है। पुलिस सूत्रों की माने तो दोनों की काउंसिलिंग कराई जा रही है। इसके बाद दोनों की गिरफ्तारी की जाएगी। नाबालिग अपनी मां के साथ जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में रहती है। उसके पिता दस साल पहले मां को छोड़ चुके हैं, वह अलग रहते हैं। आरोपी डॉक्टर ने खुद को भाजपा नेता बताया आरोपी डॉक्टर अशोका गार्डन में प्राइवेट क्लीनिक का संचालन करता है। जो पुलिस हिरासत में खुद को भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ का मंडल अध्यक्ष बता रहा है। उसने घर और क्लीनिक पर भी बीजेपी के पद के साथ नेम प्लेट लगा रखी है। recent visitors 65

21वां दिव्य-कला मेला 17 से 27 अक्टूबर तक जबलपुर में होगा आयोजित

भोपाल दिव्यांगजन द्वारा तैयार किये जा रहे उत्पादों तथा उनकी शिल्प कौशल का प्रदर्शन करने केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा 21वें दिव्य-कला मेला का आयोजन 17 अक्टूबर से 27 अक्टूबर तक जबलपुर में किया जायेगा। राष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों के दिव्यांग उद्यमियों द्वारा अपने उत्पादों और शिल्प-कला का प्रदर्शन किया जायेगा। दिव्य-कला मेला एमएलबी स्कूल जबलपुर के सामने स्थित मैदान में लगाया जायेगा। दिव्यांगजन की क्षमताओं और शिल्प कौशल को आमलोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित किये जा रहे इस मेले में प्रवेश निःशुल्क रहेगा। आयुक्त, निःशक्तजन संदीप रजक ने कलेक्ट्रेट जबलपुर में मेले की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में दिव्य-कला मेले को भव्य स्वरूप में आयोजित करने के निर्देश दिये गए। आयुक्त, नि:शक्तजन रजक ने बताया कि दिव्य-कला मेला में स्वयं का व्यवसाय या उद्यम स्थापित करने के इच्छुक दिव्यांगजन को राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त और विकास निगम द्वारा बैंकों से संचालित ऋण योजनाओं की जानकारी दी जायेगी और प्रकरण भी तैयार किये जायेंगे। दिव्यांगजन के जॉब फेयर का आयोजन भी दिव्य-कला मेले के दौरान किया जायेगा।  दिव्यांगजन को रियायती दर पर सहायक उपकरण भी इस मेले में उपलब्ध कराये जाएंगे। उन्होंने बताया कि दिव्य-कला मेले में देश के विभिन्न राज्यों के दिव्यांग उद्यमियों के उत्पादों के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर भी दिव्यांगजन द्वारा तैयार किये गये उत्पादों के प्रदर्शन और विक्रय के लिये स्टॉल आरक्षित किये जायेंगे। दिव्य-कला मेले में खान-पान के स्टॉल भी लगाये जा रहे हैं। इसमें भी स्थानीय दिव्यांगजन को प्राथमिकता दी जायेगी। रजक ने बताया कि मेले के आयोजन को भव्य स्वरूप देने केंद्र एवं राज्य शासन के विभागों, विभिन्न स्वयं सेवी संगठनों, उद्योग संघों, व्यावसायिक संगठनों तथा रोटरी क्लब एवं लॉयंस क्लब का सहयोग देंगे।   recent visitors 49

मध्यप्रदेश राज्य जैव-विविधता क्विज प्रतियोगिता-2024

मध्यप्रदेश राज्य जैव-विविधता क्विज प्रतियोगिता-2024 जिला एवं राज्य स्तरीय आयोजन भोपाल प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं सदस्य सचिव राज्य जैव-विविधता बोर्ड सुदीप सिंह ने बताया कि क्विज प्रतियोगिता-2024 का आयोजन राज्य एवं जिला स्तर पर मध्यप्रदेश राज्य जैव-विविधता बोर्ड, वन विभाग एवं स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। क्विज प्रतियोगिता का आयोजन दो चरणों में किया जायेगा। प्रथम चरण में जिला स्तरीय एवं द्वितीय चरण में राज्य स्तरीय क्विज प्रतियोगिता आयोजित की जायेगी। प्रधान मुख्य वन संरक्षक सिंह ने बताया कि समस्त जिलों में विद्यालयीन टीम का पंजीयन ऑफलाइन के माध्यम से वन मण्डल में जिला क्विज मास्टर एवं उप वन मण्डलाधिकारी के सहयोग से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एक विद्यालय की टीम में 3 विद्यार्थी भाग ले सकेंगे। पंजीयन की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर, 2024 निर्धारित है। सिंह ने बताया कि प्रत्येक जिला स्तरीय प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय विजेता टीम को क्रमश: स्वर्ण पदक, रजत पदक, काँस्य पदक एवं प्रमाण-पत्र से पुरस्कृत किया जायेगा। प्रधान मुख्य वन संरक्षक सिंह ने बताया कि द्वितीय चरण में जिला स्तर पर विजयी प्रथम टीम के चयनित प्रतिभागी राज्य स्तरीय क्विज प्रतियोगिता में भाग लेंगे, जो 11 नवम्बर, 2024 को ऑनलाइन के माध्यम से आयोजित की जायेगी। राज्य स्तर पर सर्वश्रेष्ठ 3 विजेता टीम को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय राज्य स्तरीय विजेता घोषित कर पुरस्कृत किया जायेगा। सिंह ने बताया कि प्रथम विजेता टीम को 30 हजार रुपये, द्वितीय को 21 हजार एवं तृतीय को 15 हजार के साथ ही ट्रॉफी एवं प्रमाण-पत्र देकर राज्य स्तर के कार्यक्रम में सम्मानित किया जायेगा। प्रधान मुख्य वन संरक्षक सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश राज्य जैव-विविधता बोर्ड द्वारा प्रतिभागियों के लिये विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं, जिसे समस्त क्षेत्रीय वन मण्डल एवं जिला शिक्षाधिकारी कार्यालय से प्राप्त किये जा सकते हैं। क्विज प्रतियोगिता संबंधित अन्य आवश्यक जानकारी मध्यप्रदेश राज्य जैव-विविधता बोर्ड की वेबसाइट एवं सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है।   recent visitors 102