महाकुंभ में गैर हिन्दुओं को दुकान नहीं, पंडित धीरेंद्र शास्त्री बोले- जिनका राम से कोई काम नहीं, उन्हें राम के काम से क्या काम

कवर्धा बागेश्वरधाम के पीठाधीश्वर कथा वाचक पं. धीरेंद्र शास्त्री ने प्रयागराज महाकुंभ में गैर हिन्दुओं को दुकान नहीं दिए जाने के अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष के बयान का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि अखाड़ा परिषद की मांग बहुत अच्छी है, अति उत्तम है. जब राम से तुम्हारा कोई काम नहीं है, तो राम के काम से क्या काम है. पं. धीरेंद्र शास्त्री ने यह बात रविवार को मीडिया से चर्चा में कही. हनुमान कथा वाचन के लिए शहर पहुंचे शास्त्री का हैलीपेड पर समर्थकों ने भव्य स्वागत किया. हैलीपेड से वे राम्हेपुर रवाना हो गए, जहां बाली जी मंदिर के भूमि पूजन किया. कथा वाचक ने हैलीपेड पर मीडिया से चर्चा में कहा कि अब जिनको सनातन धर्म के सामान विक्रय करेंगे, वो लोग नाश ही करेंगे, कुछ जगह थूक कांड मिले, फलों में गंदगी फैलाए. हम नहीं कहते कोई भी हो सकते हैं, इसलिए महाकुम्भ मेले में गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित कर देना चाहिए. राम को मानते ही नहीं, तो मेरे आंगना में तुम्हारा क्या काम है. उन्होंने कहा कि वहां त्रिवेणी है, संगम है, महाकुंभ है, संतों का दर्शन है, कथा से लेना-देना है. तुम्हें सनातन से लेना-देना नहीं. जिन्हें सनातन संस्कृति का ज्ञान हो, हिन्दू के देवी-देवताओं के बारे में पता हो, पूजन पध्दति के पूजन के समानों के बारे में पता हो, वैसे लोगों को ही कार्य दिया जाए. recent visitors 61

मायावती ने कहा- ‘यूपी सरकार द्वारा 50 से कम छात्रों वाले बदहाल 27,764 विद्यालयों को बंद करके विलय करने का फैसला उचित नहीं

लखनऊ बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने यूपी में 27,764 परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों के दूसरे स्‍कूलों में विलय की तैयारियों पर सवाल उठाया है। सोशल मीडिया प्‍लेटफार्म 'एक्‍स' पर एक के बाद एक तीन ट्वीट के जरिए उन्‍होंने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी। मायावती ने लिखा- 'यूपी सरकार द्वारा 50 से कम छात्रों वाले बदहाल 27,764 परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में जरूरी सुधार करके उन्हें बेहतर बनाने के उपाय करने के बजाय उनको बंद करके उनका दूसरे स्कूलों में विलय करने का फैसला उचित नहीं। ऐसे में गरीब बच्चे आखिर कहाँ और कैसे पढ़ेंगे?' उन्होंने आगे लिखा, 'यूपी व देश के अधिकतर राज्यों में खासकर प्राइमरी व सेकण्डरी शिक्षा का बहुत ही बुरा हाल है जिस कारण गरीब परिवार के करोड़ों बच्चे अच्छी शिक्षा तो दूर सही शिक्षा से भी लगातार वंचित हैं। ओडिसा सरकार द्वारा कम छात्रों वाले स्कूलों को बंद करने का भी फैसला अनुचित।' अपने तीसरे ट्वीट में बसपा प्रमुख मायावती ने लिखा-'सरकारों की इसी प्रकार की गरीब व जनविरोधी नीतियों का परिणाम है कि लोग प्राइवेट स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ाने को मजबूर हो रहे हैं, जैसाकि सर्वे से स्पष्ट है, किन्तु सरकार द्वारा शिक्षा पर समुचित धन व ध्यान देकर इनमें जरूरी सुधार करने के बजाय इनको बंद करना ठीक नहीं।' recent visitors 92

बीना विधायक निर्मला सप्रे के मुंह पर भाजपा ने बांध दी पट्टी, नहीं कर सकती हैं मीडिया से बात

BJP has tied a bandage on the mouth of Bina MLA Nirmala Sapre, she cannot talk to the media भोपाल। मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी संगठन ने बीना विधायक निर्मला सप्रे पर इस बात की पाबंदी लगा दी है कि वे अब मीडिया से बात नहीं कर सकेंगे। दरअसल मीडिया ने कोशिश की वो उनसे मिलें बातचीत करें और उनसे जाने कि निर्मला का अगला कदम क्या होगा, लेकिन सप्रे ने साफ साफ कह दिया है कि मीडिया से बात नहीं करने के लिए मुझे ऊपर से आदेश है।मतलब भारतीय जनता पार्टी के संगठन से आदेश है कि जब तक वे अंतिम निर्णय नहीं लेती है जब तक कि वे किस पार्टी में है किसमें नहीं है, यह तय नहीं कर लेती हैं तब तक अब मीडिया से बातचीत नहीं करेंगे। निर्मला 2023 में कांग्रेस के टिकट पर बीना से विधायक चुनी गई थी।लेकिन 3 मई 2024 को रात में उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव के सामने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ले ली। भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता लेने के बाद आज तक निर्मला सप्रे ने अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया है। वे चाहतीं तो इस्तीफा देकर बीजेपी से चुनाव लड़ेगी, लेकिन ऐसी कुछ परिस्थितियां बन गई है कि विधायक सप्रे अब इस्तीफा देने को तैयार नहीं है। सब जानते हैं कि जो निर्मला सप्रे ने अपने मतदाताओं और कार्यकर्ताओं व अपने समर्थकों से जो कहा था कि अभी बीना के विकास के लिए इस्तीफा दे रही है। प्रदेश में अभी भारतीय जनता पार्टी की सरकार है तो बीना का विकास होगा। बीना जिला भी बनेगा, लेकिन यह बात तय हो गई है कि अब भारतीय जनता पार्टी बीना को जिला नहीं बनाएगी। क्योंकि बीना और खुरई के बीच में जिला बनाने को लेकर विवाद चल रहा है। कौन जिला बनना चाहिए, कौन नहीं बनना चाहिए। दूसरा मध्यप्रदेश में अब जिलों को लेकर एक परिसीमन समिति का गठन कर दिया गया है।जब तक वह समिति की रिपोर्ट नहीं आती है तब तक बीना जिला नहीं बनेगा। बेशक मुख्यमंत्री ने बीना का दौरा कर लिया है। तमाम विकास कार्यों की घोषणा कर दी है, लेकिन निर्मला सप्रे आज भी हिम्मत नहीं कर पा रही है कि वे कांग्रेस से इस्तीफा दे दें और बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़े। एक इंटरव्यू में सप्रे ने यह दावा था कि अक्टूबर में वे कांग्रेस के विधायक पद से इस्तीफा दे देंगे और भारतीय जनता पार्टी के लिए चुनाव का रास्ता सुगम कर देंगी। लेकिन आप जानते हैं कि उस समय से लेकर आज तक निर्मला सप्रे लगातार कहती रही है कि वह जल्द निर्णय लेंगी, लेकिन उन्होंने ऐसा अभी तक नहीं किया। पिछले दिनों भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में उनको देखा गया। उनसे मीडिया ने कुछ सवाल जानने की कोशिश की, लेकिन वे भाग निकली। भाजपा ने उनके मुँह पर पट्टी बांध दी है कि कुछ भी हो जाए, लेकिन अब आपका कोई भी बयान मीडिया में नहीं आना चाहिए। वरना आपके लिए खतरा पैदा हो सकता है। क्योंकि अब यह पूरा मामला कोर्ट कचहरी की ओर जा रहा है। मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष ने अभी तक कोई फैसला नहीं लिया है। मध्यप्रदेश कांग्रेस ने बाकायदा एक शिकायत विधानसभा स्पीकर को दी है कि सप्रे को अब आप दलबदल कानून के तहत बाहर का रास्ता दिखाएं। उन्हें नोटिस भी मिले।एक नहीं तीन तीन नोटिस मिले। उन्होंने जवाब भी दे दिया कि कांग्रेस की विधायक हैं। बीजेपी में गई नहीं है। कितना झूठ बोल सकते हैं वो सारे झूठ के सहारे ले लिए गए हैं। उसके बाद अभी तक अध्यक्ष ने अपना फैसला नहीं सुनाया है। निश्चित तौर पर जैसे ही अध्यक्ष का फैसला आएगा, उन्हें तीन महीने में निर्णय लेना होता है। जैसे फैसला आएगा कांग्रेस हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट का रास्ता खुला वहां जा सकती है। यही कारण है कि भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेताओं ने निर्मला से कहा है बिल्कुल चुप रहना है। एक शब्द नहीं बोलना है। आपका एक भी शब्द हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट में बयान माना जा सकता है। बीना में इस बात की भी चर्चा है कि उन्हें उपचुनाव में शायद हार का मुँह देखना पड़ सकता है इसलिए वे इस्तीफा नहीं दे रहीं हैं। वे बुधनी और विजयपुर उपचुनाव के हालात से भी डरी हुई हैं। recent visitors 216

जम्मू-कश्मीर में एक और आतंकी हमला, संडे मार्केट में फेंका ग्रेनेड, 9 घायल, घायलो को किया अस्पताल में भर्ती

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर में रविवार को एक और आतंकी हमला हुआ है। श्रीनगर की संडे बाजार में आतंकियों ने ग्रेनेड से हमला कर दिया, जिसमें कई लोग घायल हो गए। इस आतंकी हमले में कम से कम नौ लोग घायल हुए हैं, जिन्हें श्री महाराजा हरि सिंह अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। जानकारी के अनुसार, हमले के दौरान संडे मार्केट में ठीक-ठाक भीड़ थी। लोग खरीदारी कर रहे थे। ग्रेनेड फेंके जाने के तुरंत बाद वहां मौजूद लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। हमला टूरिस्ट रिसेप्शन सेंटर के पास लगने वाली संडे मार्केट में हुआ है। अस्पताल में डॉक्टर तनसीन शौकत ने बताया कि घायलों में आठ पुरुष और एक महिला शामिल हैं। सभी की स्थिति अभी स्थिर है। आतंकी हमले के तुरंत बाद इलाके को सील कर दिया गया है। पुलिस और सेना के जवान घटनास्थल पर पहुंच गए हैं और आतंकियों को ढूंढने के लिए सर्च ऑपरेशन भी शुरू कर दिया गया है। recent visitors 70

अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव से पहले मरी गिलहरी, भड़के लोग, बाइडन प्रशासन की जमकर हुई आलोचना

वॉशिंगटन अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव से पहले एक गिलहरी को मारे जाने के बाद विवाद पैदा हो गया है। अरबपति और स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क ने बाइडन प्रशासन की आलोचना की है। साथ ही कहा है कि डोनाल्ड ट्रंप गिलहरियों को बचाएंगे। दरअसल, पीनट नामक एक गिलहरी को पिछले दिनों रेबीज की वजह मार दिया गया था।। पीनट सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय थी और उसके नाम से बनाए गए इंस्टाग्राम अकाउंट पर पांच लाख से ज्यादा फॉलोवर्स थे। यहां यूजर्स पीनट की फोटोज, वीडियो को लाइक करते थे। गिलहरी के साथ ही एक रैकून को भी मारा गया है। गिलहरी को मारे जाने के बाद एलन मस्क ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन पर जमकर भड़ास निकाली। मस्क ने इसे नासमझ और हृदयहीन हत्या मशीन करार दिया है। अरबपति मस्क ने 'एक्स' पर लिखा, "राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प गिलहरियों को बचाएंगे। आरआईपी पीनट।'' मस्क के इस पोस्ट में गिलहरी अपने मालिक लोंगो की पीठ पर बैठी हुई भी दिखाई दे रही है। 537,000 इंस्टाग्राम फॉलोअर्स के साथ इंटरनेट सनसनी बनी काली गिलहरी पीनट को न्यूयॉर्क के अधिकारियों ने मार डाला था। इसके बाद बाद उसके दुखी मालिक मार्क लोंगो ने नाराजगी जताई और बड़ी संख्या में सोशल मीडिया यूजर्स भी काफी नाराज हुए। पीनट पहली बार लोंगो के पास तब आई थी, जब उसकी (गिलहरी) मां की एक कार के नीचे आने से मौत हो गई थी। इसके बाद लोंगो ने पीनट को बचाया और उसे बोतल से दूध पिलाया। बाद में सात साल तक गिलहरी लोंगो के पास ही रही। लोंगो ने ही पीनट नाम रखते हुए उसका इंस्टाग्राम अकाउंट भी बना दिया था।   रेबीज टेस्ट के बाद गिलहरी और रैकून को मारा गया चेमंग काउंटी स्वास्थ्य विभाग और न्यूयॉर्क राज्य पर्यावरण संरक्षण विभाग (डीईसी) ने बताया कि पीनट और लोंगो के साथ रहने वाले एक रैकून को रेबीज टेस्ट के बाद मार दिया गया, क्योंकि पीनट ने एक जांच के दौरान एक सरकारी कर्मचारी को काट लिया था। डीईसी के एक बयान में कहा गया, "30 अक्टूबर को, डीईसी ने एक रैकून और गिलहरी को जब्त किया। दोनों मनुष्यों के साथ रहने की वजह से उनके भी रेबीज के संपर्क में आने की संभावना पैदा हो गई थी। अधिकारियों ने सार्वजनिक सुरक्षा पर जोर दिया और जानवरों के संपर्क में आने वाले किसी भी व्यक्ति को चिकित्सा परामर्श लेने की सलाह दी। हालांकि, लोंगो ने दुख और गुस्सा व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, ''इंटरनेट, तुम जीत गए। तुमने अपने स्वार्थ के कारण सबसे अद्भुत जानवरों में से एक को मुझसे छीन लिया।" recent visitors 71

खतरनाक हुई दिल्ली की हवा! 8 इलाकों में AQI 400 पार, ज्यादातर इलाकों का एयर क्वालिटी इंडेक्स 350 के पार

नई दिल्ली दिवाली के बाद से दिल्ली की हवा का स्तर गिरता ही जा रहा है। प्रदूषण के कारण राजधानी के कई इलाकों में लोगों के लिए सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। रविवार को दिल्ली का आसमान धुएं की पतली परत से ढक गया। इस दौरान दिल्ली के ज्यादातर इलाकों का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 350 के पार रहा। वैसे तो दिल्ली के सभी इलाकों में प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ है, लेकिन 8 इलाके ऐसे हैं जहां रविवार को लोगों को सांस लेने में मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। आइए जानते हैं दिल्ली में प्रदूषण का हाल। 8 इलाकों में सबसे ज्यादा पलूशन वैसे तो दिल्ली एनसीआर के ज्यादातर इलाकों में प्रदूषण से हालत बदतर हुए हैं, लेकिन 8 इलाकों में हवा का स्तर खतरनाक हो गया है। यहां लोगों को सांस लेने में भी तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मिली जानकारी के अनुसार, रविवार को सुबह दिल्ली के नेहरू विहार और आनंद विहार की हवा में सबसे ज्यादा प्रदूषण दर्ज किया गया है। इसके साथ ही सीपीसीबी के आंकड़ों में दिखाया गया कि 38 निगरानी केंद्रों में से आठ केंद्र आनंद विहार, वजीरपुर, रोहिणी, पंजाबी बाग, नेहरू मार्ग, मुंडका, जहांगीरपुरी और अशोक विहार में एक्यूआई 400 से अधिक रहा। बाकी दिल्ली का क्या हाल दिवाली के दिन बेरोकटोट पटाखों की आतिशबाजी के बाद दिल्ली की हवा का स्तर गिरना तय था। ऐसा ही हुआ। रविवार को दिल्ली का औसत एक्यूआई 350 के ऊपर रहा। ऐसे में लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सीपीसीबी से मिली अपडेट के अनुसार, रविवार को सुबह सात बजे तक दिल्ली के न्यू मोती बाग इलाके में एक्यूआई 352 और आरके पुरम में 380 दर्ज किया गया है। इसके अलावा विवेक विहार में 388, द्वारका सेक्टर 8 में 385 और लोधी रोड में 330 दर्ज किया गया है। सीपीसीबी के अनुसार, इन सभी इलाकों में प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है। क्यो बोले लोग दिल्ली के बढ़ते प्रदूषण के कारण दिल्ली के लोग चिंतित हैं। लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर ऐसे लोगों को जिनको सांस संबंधी समस्या पहले से है। दिल्ली के बढ़ते प्रदूषण पर बात करते हुए दिल्ली के रहने वाले आदित्य कहते हैं कि यहां सांस लेना काफी मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि बाहर जाकर एक्सरसाइज करने का यह सही समय नहीं है क्योंकि आंखों में जलन देखने को मिल रही है। क्या कर रही दिल्ली सरकार? बढ़ते प्रदूषण के स्तर को रोकने के लिए सरकार कई बड़े प्रयासों का दावा कर रही है। हालांकि, ये सभी प्रयास खोखले साबित हो रहे हैं, क्योंकि लोगों को प्रदूषण से राहत तो नहीं मिल पा रही है। बढ़ती ठंड के साथ दिल्ली की हवा का स्तर गिरता ही जा रहा है। दिल्ली सरकार की तरफ से जानकारी देते हुए मंत्री गोपाल राय ने कहा कि प्रदूषण का स्तर कम करने के लिए सरकार 200 एंटी-स्मॉग गन लगाएगी। recent visitors 70

मंत्री सुरेश गोपी पूरम महोत्सव में व्यवधान की खबर सुनेन के बाद वह एंबुलेंस से वहां पहुंचे थे, हुआ केस दर्ज

केरल केरल पुलिस ने केंद्रीय राज्य मंत्री सुरेश गोपी के खिलाफ एंबुलेंस के दुरुपयोग के आरोप में केस दर्ज कर लिया है। उनपर आरोप है कि पूरम महोत्सव मं व्यवधान की खबर सुनेन के बाद वह एंबुलेंस से वहां पहुंचे थे। त्रिशूर पुलिस ने उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 279 और मोटर वीइकल एक्ट की धारा 179, 288, 192 के तहत केस दर्ज किया है। एफआईआर में कहा गया है कि जिस वाहन का इस्तेमाल केवल मरीजों के लिए होना चाहिए, केंद्रीय मंत्री ने उसका इस्तेमाल निजी यात्रा के लिए किया है। उनके खिलाफ सीपीआई नेता सुमेश केपी ने शिकायत की थी। राज्य में विपक्षी कांग्रेस ने आरोप लगयाा था कि त्रिशूर लोकसभा सीट से प्रत्याशी रहे बीजेपी के सुरेश गोपी के लिए ही महोत्सव में बवाल हुआ था। केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने इस मामले की जांच सीबीआई से करवाने की मांग की थी। केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि उन्हें वहां से कुछ युवाओं ने बचाकर उस एंबुलेंस में बिठा दिया, जो संकट में फंसे लोगों की सेवा के लिए महोत्सव स्थल पर मौजूद थी। उन्होंने कहा, "मुझे इस बारे में और कुछ बताने की जरूरत नहीं है। सीबीआई को आकर जांच करने दीजिए। क्या उनमें सीबीआई से जांच कराने की हिम्मत है। अगर ऐसा हुआ तो उनकी पूरी राजनीति जलकर भस्म हो जाएगी। आप चाहते हैं कि सच्चाई सामने आए, तो सीबीआई से जांच कराएं।” गोपी ने इससे पहले भाजपा नेताओँ समेत कुछ अन्य लोगों के दावों का खंडन किया था कि वह समारोह स्थल पर एंबुलेंस से पहुंचे थे। प्रदेश के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के यह कहने के बाद कि पूरम और अन्य अनुष्ठान बाधित नहीं हुए थे, त्रिशूर पूरम व्यवधान विवाद ने राज्य में राजनीतिक बहस शुरू कर दी है। केरल के लोक निर्माण मंत्री पी. ए. मोहम्मद रियास ने सीबीआई जांच की गोपी की चुनौती को खारिज करते हुए कहा कि इस तरह के बयान "केवल फिल्मों के लिए उपयुक्त हैं"। उन्होंने कोच्चि में संवाददाताओं से कहा, "हम जानते हैं कि सीबीआई और अन्य एजेंसियों का इस्तेमाल किस तरह से खास एजेंडे के लिए किया जाता है। उच्चतम न्यायालय ने सीबीआई को 'पिंजरे में बंद तोता' कहा था।" recent visitors 52