Saturday, July 4, 2026 9:26 am

विद्यालयों में बच्चों की कम संख्या को लेकर विद्यालय बंद करने की बात पर गरमाई सियासत, माया- प्रियंका ने सरकार पर साधा निशाना

लखनऊ प्रदेश में परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की कम होती संख्या को लेकर ऐसे विद्यालयों का पास के विद्यालयों में संविलियन (मर्ज) कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके तहत 50 से कम नामांकन वाले विद्यालयों को चिह्नित कर उनके पास के विद्यालय में भेजने को लेकर सभी जिलों में रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया है। वहीं जर्जर विद्यालयों को भी एक महीने में ध्वस्त कराने की प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है। इस तरह के निर्देशों के बाद प्रदेश में सियासत गरमा गई है। बसपा सुप्रीमों मायावती और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने सरकार पर निशाना साधा है। प्रियंका ने कहा कि यह दलित और पिछड़ों के खिलाफ फैसला उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने 27,764 प्राइमरी और जूनियर स्कूलों को बंद करने का फैसला लिया है। यह कदम शिक्षा क्षेत्र के साथ-साथ दलित, पिछड़े, गरीब और वंचित तबकों के बच्चों के खिलाफ है। यूपीए सरकार शिक्षा का अधिकार कानून लाई थी जिसके तहत व्यवस्था की गई थी कि हर एक किलोमीटर की परिधि में एक प्राइमरी विद्यालय हो ताकि हर तबके के बच्चों के लिए स्कूल सुलभ हो।कल्याणकारी नीतियों और योजनाओं का मकसद मुनाफा कमाना नहीं बल्कि जनता का कल्याण करना है। भाजपा नहीं चाहती कि कमजोर तबके के बच्चों के लिए शिक्षा सुलभ हो। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा 50 से कम छात्राें वाले बदहाल 27,764 परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों को बंद करने का फैसला उचित नहीं है। ऐसे में गरीब बच्चे आखिर कहां और कैसे पढ़ेंगे। राज्य सरकार को दूसरे स्कूलों में उनका विलय करने के बजाय उनमें जरूरी सुधार करके बेहतर बनाने के उपाय करने चाहिए। बसपा सुप्रीमो ने रविवार को सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि यूपी व देश के अधिकतर राज्यों में खासकर प्राइमरी व सेकंडरी शिक्षा का बुरा हाल है। इसकी वजह से गरीब परिवारों के करोड़ों बच्चे अच्छी शिक्षा से दूर होने के साथ सही शिक्षा से भी वंचित हैं। ओडिसा सरकार द्वारा कम छात्राें वाले स्कूलों को बंद करने का फैसला भी अनुचित है। सरकारों की इसी गरीब व जनविरोधी नीतियों का परिणाम है कि लोग प्राइवेट स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ाने को मजबूर हो रहे हैं। जैसा कि सर्वे से स्पष्ट है, लेकिन सरकार द्वारा शिक्षा पर समुचित धन व ध्यान देकर इनमें जरूरी सुधार करने के बजाय इनका बंद करना ठीक नहीं है। बैठक में दी गई है यह जानकारी हाल ही में प्रदेश के सभी मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक व बेसिक शिक्षा अधिकारियों की बैठक में यह जानकारी दी गई कि इस सत्र में बच्चों की संख्या 1.49 करोड़ है। वहीं केंद्र सरकार द्वारा विद्यालयों को पूर्ण रूप से क्रियाशील व औचित्यपूर्ण बनाने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्र ने अपेक्षा की है कि कम नामांकन वाले विद्यालयों का पास के अन्य विद्यालयों में संविलियन (मर्ज) करने की सम्भावना देख ली जाए। 50 से कम नामांकन वाले प्राथमिक विद्यालयों से जुड़ी प्रक्रिया प्राथमिकता पर पूरी की जाए। इसे ध्यान में रखकर कार्ययोजना तैयार की जाए कि उस ग्राम पंचायत में मानक विद्यालय है या नहीं। किस विद्यालय को पास के अन्य विद्यालय में मर्ज किया जा सकता है। बच्चों को कितनी दूरी तय करनी होगी, भवन व शिक्षकों, परिवहन की उपलब्धता, नहर, नाला, सड़क या हाईवे आदि को देखते हुए हर विद्यालय के लिए रिपोर्ट तैयार की जाए।   recent visitors 65

बर्थडे गर्ल शनाया कपूर ने शेयर की स्टाइलिश तस्वीरें

मुंबई,  बॉलीवुड में अपनी पहली फिल्म के साथ धमाल मचाने को तैयार अभिनेत्री शनाया कपूर ने सोशल मीडिया पर अपने जन्मदिन की ताजा तस्वीरें शेयर की हैं। तस्वीरों में अभिनेत्री स्टाइलिश और खूबसूरत लग रही हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर तस्वीरें शेयर कर अभिनेत्री ने कैप्शन में लिखा, “मुझे मेरे बर्थडे डिनर की ड्रेस से प्यार है।” वीडियो में अभिनेत्री अपने लुक और ड्रेस को फ्लॉन्ट करती नजर आ रही हैं। 2 नवंबर को जन्मीं अभिनेत्री इस साल 25 साल की हो गई हैं। अभिनेत्री को बर्थडे की शुभकामनाएं देने के लिए मनोरंजन जगत के तमाम सितारों ने सोशल मीडिया का सहारा लिया। जानकारी के अनुसार शनाया संयुक्त अरब अमीरात में अपना बर्थडे मना रही हैं। दुबई से शेयर की गई तस्वीरें उनके बर्थडे बैश की है, जिसमें वह अपनी स्टाइलिश ड्रेस में एक से बढ़कर एक पोज देती नजर आ रही हैं। शनाया “शक्ति” अभिनेता संजय कपूर और महीप कपूर की बेटी हैं। संजय-महीप ने 1997 में शादी की थी। उनके दो बच्चे शनाया और जहान हैं। इस बीच शनाया के वर्कफ्रंट की बात करें तो अभिनेत्री शशांक खेतान निर्देशित फिल्म “बेधड़क” से डेब्यू करने जा रही हैं। यह करण जौहर की होम प्रोडक्शन फिल्म है। इसके अलावा अभिनेत्री की झोली में और भी कई बड़े प्रोजेक्ट्स हैं। शनाया कपूर साउथ सुपरस्टार मोहनलाल के साथ “वृषभ” में भी नजर आएंगी। पैन-इंडिया फिल्म में अभिनेत्री एक राजकुमारी की भूमिका निभाती नजर आएंगी। फिल्म का निर्देशन नंदा किशार कर रहे हैं। फिल्म में काम करने को लेकर शनाया ने कई बार अपना उत्साह जाहिर किया है।   recent visitors 119

प्रदेश के 27000 हजार विद्यालयों को बंद करने की बात सरकार ने किया खंडन

लखनऊ यूपी में 27 हजार प्राथमिक विद्यालय बंद होने की बात का सरकार ने खंडन कर दिया है। बेसिक शिक्षा की महानिदेशक कंचन वर्मा ने कहा कि मीडिया में ऐसी खबरें चल रही हैं जिनमें प्रदेश के 27000 हजार विद्यालयों को बंद करने की बात कही जा रही है। यह बातें निराधार और भ्रामक हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी कोई प्रक्रिया गतिमान नहीं है। एक बयान जारी करते हुए कंचन वर्मा ने कहा कि 27000 प्राथमिक विद्यालयों को निकटवर्ती विद्यालयों में विलय करते हुए बंद करने की बात कही जा रही है। यह बिल्कुल भ्रामक एवं निराधार है। प्रदेश में किसी भी स्कूल को बंद नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का प्राथमिक शिक्षा विभाग विद्यालयों में मानव संसाधन और आधारभूत सुविधाओं के विकास, शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर करने तथा छात्रों, विशेषकर बालिकाओं के, ड्राप आउट दर को कम करने के लिए सतत प्रयत्नशील है।  इस दृष्टि से समय-समय पर विभिन्न अध्ययन किए जाते हैं। हमारा उदेश्य शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर करना है। उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने 27,764 प्राइमरी और जूनियर स्कूलों को बंद करने का फैसला लिया है। यह कदम शिक्षा क्षेत्र के साथ-साथ दलित, पिछड़े, गरीब और वंचित तबकों के बच्चों के खिलाफ है। यूपीए सरकार शिक्षा का अधिकार कानून लाई थी जिसके तहत व्यवस्था की गई थी कि हर एक किलोमीटर की परिधि में एक प्राइमरी विद्यालय हो ताकि हर तबके के बच्चों के लिए स्कूल सुलभ हो।कल्याणकारी नीतियों और योजनाओं का मकसद मुनाफा कमाना नहीं बल्कि जनता का कल्याण करना है। भाजपा नहीं चाहती कि कमजोर तबके के बच्चों के लिए शिक्षा सुलभ हो। मायावती ने कहा कि यह फैसला उचित नहीं बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा 50 से कम छात्राें वाले बदहाल 27,764 परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों को बंद करने का फैसला उचित नहीं है। ऐसे में गरीब बच्चे आखिर कहां और कैसे पढ़ेंगे। राज्य सरकार को दूसरे स्कूलों में उनका विलय करने के बजाय उनमें जरूरी सुधार करके बेहतर बनाने के उपाय करने चाहिए। बसपा सुप्रीमो ने रविवार को सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि यूपी व देश के अधिकतर राज्यों में खासकर प्राइमरी व सेकंडरी शिक्षा का बुरा हाल है। इसकी वजह से गरीब परिवारों के करोड़ों बच्चे अच्छी शिक्षा से दूर होने के साथ सही शिक्षा से भी वंचित हैं। ओडिसा सरकार द्वारा कम छात्राें वाले स्कूलों को बंद करने का फैसला भी अनुचित है। सरकारों की इसी गरीब व जनविरोधी नीतियों का परिणाम है कि लोग प्राइवेट स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ाने को मजबूर हो रहे हैं। जैसा कि सर्वे से स्पष्ट है, लेकिन सरकार द्वारा शिक्षा पर समुचित धन व ध्यान देकर इनमें जरूरी सुधार करने के बजाय इनका बंद करना ठीक नहीं है। recent visitors 79

अचल संपत्ति गाइडलाइन नियम: संशोधन, प्रक्रिया और प्रशासनिक सवाल

Real Estate Guideline Rules: Amendments, Procedures and Administrative Questions भोपाल। मध्यप्रदेश में अचल संपत्ति के बाजार मूल्य का निर्धारण “मार्गदर्शक बाजार मूल्य सिद्धांत” के आधार पर किया जाता है। यह सिद्धांत राज्य में वर्ष 2000 में लागू हुआ था, और इसके अनुसार प्रत्येक वर्ष संपत्ति की गाइडलाइन दरें निर्धारित की जाती हैं। हाल ही में इस प्रक्रिया के अंतर्गत कुछ संशोधन किए गए हैं, जिनमें नए गजट नोटिफिकेशन और संभावित अध्यादेशों की बात सामने आई है। इसके संदर्भ में जनहित के कुछ सवाल और मुद्दे उठे हैं। गाइडलाइन निर्धारण की प्रक्रिया और केंद्रीय मूल्यांकन समिति केंद्रीय मूल्यांकन समिति का गठन गाइडलाइन दरों का निर्धारण करने और उनकी समीक्षा के लिए होता है। इंदौर में गाइडलाइन दरों को लेकर अंतिम बैठक 20 अक्टूबर 2024 को आयोजित हुई, लेकिन इसके बावजूद गाइडलाइन दरें कई स्थानों पर मीडिया में पहले ही लीक हो गईं। इसे लेकर यह सवाल उठता है कि मीडिया तक यह सटीक जानकारी कैसे पहुंची। जिला मूल्यांकन समिति और दावे-आपत्तियों का समय इस बार गाइडलाइन पर दावे और आपत्तियों की अंतिम तिथि 4 नवंबर 2024 को निर्धारित की गई है। लेकिन यह समय दीपावली पर्व के अवकाश के बीच आता है, जो कि मध्यप्रदेश में एक महत्वपूर्ण त्योहार है। इस दौरान लगातार अवकाश होने के कारण यह प्रश्न उठता है कि क्या अवकाश के दिनों में संबंधित कार्यालय खुले थे और क्या लोगों को दावे-आपत्ति दर्ज करने का पूरा अवसर मिला। जनसंपर्क विभाग या जिला प्रशासन ने इस संबंध में क्या सूचनाएं दीं और क्या संबंधित अधिकारियों के बैठने की व्यवस्था थी, इस पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। प्रस्तावित गाइडलाइन के मैन्युअल अवलोकन और सूचना पटल पर जानकारी प्रस्तावित गाइडलाइन को आम जनता के अवलोकन हेतु कहां रखा गया था, क्या मैन्युअल रूप से इसका निरीक्षण संभव था, और क्या सूचना पटल पर इसकी जानकारी उपलब्ध कराई गई थी? इन सवालों के संदर्भ में वैधानिकता और पारदर्शिता को लेकर चिंताएं सामने आई हैं। संपदा प्रणाली और बाजार मूल्य के संबंध प्रश्न यह भी उठता है कि यदि बाजार मूल्य गाइडलाइन दर से कम है, तो क्या संपदा प्रणाली इसे मान्यता देती है? धारा 31 के तहत मूल्य निर्धारण में उपपंजीयक गणों की भूमिका क्या है और कितने जिला पंजीयकों ने इस नियम के तहत दस्तावेज स्पष्ट किए हैं? आयकर विभाग और गाइडलाइन का संबंध आयकर विभाग संपत्ति का मूल्य निर्धारण गाइडलाइन दर के अनुसार करता है। क्या यह कानून आयकर विभाग के लिए अब भी लागू है या इसमें किसी प्रकार का संशोधन हुआ है? साथ ही, यदि गाइडलाइन दर को जिला पंजीयक के आदेश से मान्यता मिलती है, तो क्या व्यवहार मूल्य की मान्यता आयकर नियमों के अनुरूप है? मौखिक निर्देश और वैधानिक नियम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा इस संबंध में मौखिक निर्देश दिए गए हैं, लेकिन कानून की दृष्टि से मौखिक निर्देशों की तुलना में लिखित और वैधानिक नियम अधिक महत्वपूर्ण होते हैं। अतः यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि यह गाइडलाइन किस कानून, किस वर्ष और किस विधान के अंतर्गत आती है। इन प्रश्नों का तथ्यात्मक और नीतिगत उत्तर देकर प्रशासन को पारदर्शिता बनाए रखनी होगी, ताकि आम जनता के अधिकारों की रक्षा हो सके और गाइडलाइन प्रक्रिया के बारे में भ्रम दूर हो सके। recent visitors 168

एक ही स्थान पर मिलेगी खाद, बीज, मिट्टी और कृषि उपकरणों की जानकारी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पीएम किसान समृद्धि केन्द्र वन स्टॉप सेंटर के रूप में कार्य करेंगे। इनमें खाद, बीज, कृषि उपकरण और मिट्टी परीक्षण के अतिरिक्त खेती-किसानी से संबंधित अन्य जानकारियाँ भी उपलब्ध कराई जायेंगी। उल्लेखनीय है कि 3 सितम्बर को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सहकारिता विभाग और नर्मदा नियंत्रण मण्डल के कार्यों की समीक्षा बैठक में प्रत्येक ग्राम पंचायत में पीएम किसान समृद्धि केन्द्र स्थापित किये जाने के निर्देश दिये थे। पीएम किसान समृद्धि केन्द्रों का उद्देश्य है कि एक ही स्थान पर किसानों को मिट्टी, बीज, उर्वरक इत्यादि की जानकारी उपलब्ध कराई जाये। इसके साथ ही इन केन्द्रों को कस्टम हॉयरिंग सेंटर्स से जोड़कर किसानों को कृषि संबंधी छोटे और बड़े उपकरण भी उपलब्ध कराये जायें। किसानों को कृषि की बेहतर पद्धतियों और विभिन्न शासकीय योजनाओं के बारे में जानकारियाँ प्रदान की जायें। किसानों को मिलेंगे ये लाभ ग्राम पंचायतों में पीएम किसान समृद्धि केन्द्र स्थापित हो जाने से किसानों को अन्य स्थानों पर नहीं जाना पड़ेगा। उन्हें केन्द्र में ही खेती-किसानी के लिये आवश्यक सभी संसाधन उपलब्ध होंगे। संसाधन उपलब्ध न होने पर किसान समृद्धि केन्द्र समन्वयक की भूमिका निभाकर उन्हें संसाधन उपलब्ध करायेगा। इससे किसानों का खाद, बीज, उर्वरक और कृषि उपकरणों की खरीदी के लिये आने-जाने का समय भी बचेगा और अन्य व्यय भी नहीं होंगे। उन्हें किसान समृद्धि केन्द्र पर ही गुणवत्तापूर्ण सामग्री उपलब्ध होगी, जिससे वे बेहतर उपज भी प्राप्त कर सकेंगे। किसान समृद्धि केन्द्र पर रहेगी हेल्प-डेस्क पीएम किसान समृद्धि केन्द्र पर हेल्प-डेस्क भी रहेगी। यहाँ से मृदा विश्लेषण और मृदा परीक्षण के आधार पर पोषक तत्वों के उपयोग की जानकारी मिलेगी। मौसम पूर्वानुमान की जानकारी मिलेगी। केन्द्र से फसल बीमा, ड्रोन, कृषि वस्तुओं की जानकारी के साथ अधिक लाभार्जन के लिये फसलों के पेटर्न के पैकेज संबंधी जानकारी भी मिलेगी। प्रगतिशील किसानों का रहेगा व्हाट्सएप ग्रुप पीएम किसान समृद्धि केन्द्र के संचालक कृषि विभाग और कृषि संबंधी कार्यक्रम और गतिविधियों से जुड़े रहेंगे। पीएम किसान समृद्धि केन्द्र से जुड़े प्रगतिशील किसानों के किसान समृद्धि समूह नामक व्हाट्स-अप ग्रुप का निर्माण भी किया जायेगा। recent visitors 84

कांकेर नक्सल मुठभेड़ में शामिल जवान केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक होंगे सम्मानित

कांकेर  कांकेर पुलिस अधीक्षक आई के एलिसेला समेत जिले के 58 जवान केंद्रीय दक्षता पदक से सम्मानित हुए हैं. उन्हें ये सम्मान हापाटोला मुठभेड़ में सफल ऑपरेशन पर दिया गया. इस मुठभेड़ में लगभग 1 करोड़ 80 लाख के इनामी 29 नक्सली मारे गए थे. कांकेर के जवानों को सम्मान: गृह मंत्रालय की तरफ से हर साल विशेष ऑपरेशन, जांच और फोरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले देशभर के पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों को केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक से सम्मानित किया जाता है. साल 2024 में छत्तीसगढ़ के 182 अधिकारी व कर्मचारियों को सम्मानित किए जाने के साथ ही कांकेर के पुलिस अधीक्षक आई. कल्याण ऐलिसेला के अलावा जिले के अन्य 57 अधिकारियों व कर्मचारियों को इस पदक से सम्मानित किए जाने की घोषणा दिवाली के दिन की गई. इस पदक की घोषणा हर साल 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर की जाती है. 16 अप्रैल 2024 को मारे गए थे 29 नक्सली: कांकेर पुलिस अधीक्षक आई के एलिसेला ने कहा कि छत्तीसगढ़ और कांकेर जिला पुलिस के लिए ये सम्मान बड़ी उपलब्धि है. 16 अप्रैल 2024 को हापाटोला मुठभेड़ में 29 नक्सली मारे गए थे. उन पर 1 करोड़ 80 लाख का इनाम घोषित था. इनमें कई बड़े नक्सली शामिल थे. इस घटना के बाद कांकेर में नक्सली घटनाओं में काफी कमी आई है. इस घटना के बाद लोकसभा चुनाव हुआ था जो काफी शांतिपूर्ण हुआ. इस में नक्सली एनकाउंटर का काफी महत्व रहा. आई के एलिसेला ने बताया कि इस सफल एनकाउंटर को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक की घोषणा की गई. इस ऑपरेशन में शामिल 60 लोगों को इस पदक से सम्मानित किया गया. बाकी लोगों के लिए भी वीरता पदक की अनुशंसा की गई है. अमित शाह के दौरे के बाद हापाटोला मुठभेड़: कांकेर जिले के कलपर-हापाटोला मुठभेड़ के कुछ माह पहले गृहमंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान अगले साल तक नक्सलियों का सफाया करने की बात कहीं थी. इसके बाद ही ये ऑपरेशन चलाया गया. एसपी आई कल्याण ऐलीसेला ने कांकेर और सीमावर्ती जिलों की सीमा पर नक्सल ऑपरेशन के लिए खाका तैयार किया और अंदरुनी इलाके में नेटवर्क बढ़ाया. कलपर हापाटोला पहाड़ी में नक्सलियों की उपस्थिति का इनपुट मिलने पर नक्सलियों के कैंप पर हमला बोलने की रणनीति तैयार की गई. इस ऑपरेशन में पखांजुर एएसपी प्रशांत शुक्ला, पखांजुर डीएसपी रवि कुमार कुजूर, पखांजुर थाना प्रमारी लक्ष्मण केवट और तत्कालीन बांदे थाना प्रभारी रामेश्वर देशमुख ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की रणनीति पर ऑपरेशन किया. यह आपरेशन उस समय का सबसे बड़ा ऑपरेशन था, जिसमें 29 नक्सलियों को मार गिराने में कांकेर पुलिस और अन्य बल को सफलता मिली. नक्सलियों के कई बड़े लीडर एनकाउंटर में मारे गए. कांकेर मुठभेड़ समेत कई ऑपरेशनों में विशेष योगदान इस सम्मानित सूची में उन पुलिसकर्मियों के नाम शामिल हैं, जिन्होंने कांकेर नक्सल मुठभेड़ समेत विभिन्न अभियानों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. इनके साहस और निडरता के कारण इन अभियानों में सफलता प्राप्त हुई. इनकी बहादुरी से ही अंतिम सांसें ले रहा नक्सलवाद छत्तीसगढ़ का नाम पूरे देश में कभी नक्सल प्रभावित राज्य के रूप में नकारात्मक रूप में लिया जाता था. साल की शुरुआत में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सात राज्यों के डीजीपी और मुख्य सचिवों की बैठक लेकर नक्सलवाद के खात्मे के लिए खाका तैयार किया. छत्तीसगढ़ के पुलिस अफसरों और जवानों में उन्होंने ऐसा जोश भरा कि इसके बाद सिलसिलेवार मुठभेड़ों का दौर शुरू हो गया. कांकेर से लेकर नारायणपुर व बीजापुर में पुलिस अफसरों की रणनीति और मैदान में जवानों की बहादुरी से इसे अंजाम तक पहुंचाया गया. यही वजह रही कि अवॉर्ड सूची में छत्तीसगढ़ के जवानों व पुलिस अफसरों की संख्या पूरे देश में सर्वाधिक है. recent visitors 56

दीपावली के बाद ‘वास्तविकता’ में वापस लौटीं अभिनेत्री सारा अली खान

मुंबई,  “केदारनाथ” अभिनेत्री और पटौदी खानदान की लाडली सारा अली खान रोशनी के त्योहार दीपावली के जश्न के बाद अब काम पर वापस लौट चुकी हैं। अभिनेत्री ने सोशल मीडिया पर एक खूबसूरत पोस्ट शेयर किया है। सारा अली खान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के स्टोरी सेक्शन पर एक उगते सूरज की तस्वीर डाली और कैप्शन में लिखा “दीपावली के बाद शूटिंग का दिन। वास्तविकता में वापसी और हां अभी भी सूरज का पीछा करना है।” हालांकि, अभिनेता सैफ अली खान और अमृता सिंह की बेटी सारा ने यह नहीं बताया कि वह किस फिल्म की शूटिंग कर रही हैं। 25 अक्टूबर को सारा ने खुलासा कर फैंस को जानकारी दी कि वह फिल्म निर्माता अमर कौशिक और अभिनेता आयुष्मान खुराना के साथ हिमाचल प्रदेश के मनाली में जासूसी-कॉमेडी फिल्म की शूटिंग कर रही हैं। अभिनेत्री ने हाल ही में तस्वीरें शेयर कर बताया कि उन्होंने 24 मीटर ऊंचे हिडिंबा देवी मंदिर का दौरा किया। सारा ने निर्देशक और अभिनेता के साथ अलाव के पास बैठे हुए कई तस्वीरें शेयर की। एक तस्वीर में अभिनेत्री काले और सफेद रंग की हुडी के साथ डार्क कलर की जींस और इयरमफ्स में नजर आ रही हैं। कौशिक और आयुष्मान भी काले रंग के कपड़े पहने नजर आ रहे हैं। इससे पहले दीपावली पर सारा ने भाई इब्राहिम अली खान के साथ तस्वीरें शेयर कर भाई-बहन के बीच के खूबसूरत रिश्ते को दिखाया था। सारा अपने भाई के साथ ‘कभी खुशी कभी गम’ पल को एंजॉय करती नजर आई थीं। सारा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर इब्राहिम के साथ अपनी तस्वीरें पोस्ट की और कैप्शन में लिखा, “कभी खुशी कभी गम मेरे भाई जान के साथ, यह हमेशा मजेदार होता है। कभी हंसी और कभी-कभी वह डांटता है और अप्पा जान वही करेंगी जो उन्हें कहा जाएगा।” recent visitors 80