Saturday, July 4, 2026 5:30 am

स्मृति शेष : सियासत के महानायक स्व. अर्जुन सिंह, रहेंगे हर दौर याद

Smriti remaining: Late great leader of politics. Arjun Singh, every phase will be remembered स्व. अर्जुन सिंह जी, देश व प्रदेश का ऐसा नाम जिनका जिक्र आते ही मन में कई तरह के रूप सामने आने लगते हैं। कभी गरीबों के मसीहा के रुप में तो कभी उद्योगपतियों के रहनुमा के रूप में, तो कभी अफसरों के मार्गदर्शक के रूप में तो कभी एक व्यक्तित्वपरख राजनेता के रूप में। आज सारा देश, मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं केन्द्रीय मंत्री रहे स्व. अर्जुन सिंह का जन्म दिन मना रहा है।अर्जुन सिंह का जन्म 5 नवंबर 1930 को एक राजपूत परिवार में हुआ था। वे शिव बहादुर सिंह के बेटे थे, जो एक जागीरदार और चुरहट राजघराने के 26वें राव और कांग्रेस के राजनीतिज्ञ थे। अर्जुन सिंह सही मायने में सियासत के एक महानायक कहे जाते हैं। हम देश के नव निर्माण के लिए पूर्व प्रधानमंत्री स्व. जवाहरलाल नेहरू एवं राष्ट्र पिता महात्मा गांधी के सुझाए उपायों पर अमल करने की बात कहते हैं पर अर्जुन सिंह सचमुच उनके अनुरुप ही आचरण किया करते थे। विंध्य क्षेत्र की रिमही जनता उन्हें सम्मान पूर्वक दाऊ साहब के नाम से ही संबोधित किया करती थी। मेरे ख्याल से लगभग पूरा प्रदेश ही उन्हें इस नाम से संबोधित किया करता था। आम जनता के इस संबोधन का दाऊ साहब पूर ख्याल भी रखते थे। सचमुच वह एक पालक की भूमिका का निर्वाहन भी करते थे। बताते हैं कि उनके प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने के पहले तक पूरा विंध्य क्षेत्र शिक्षा के क्षेत्र में काफी पिछड़ा था। जब उन्होंने प्रदेश की बागडोर सम्हाली तो विंध्य क्षेत्र के साथ पूरे प्रदेश में शिक्षा का अलख जग गया। इतना ही उनके मुख्यमंत्री रहते उन्होंने हर उस आदमी का भला किया है जो उनके पास तक पहुंचा या महज जिसकी जानकारी भी उन तक पहुंची है। दाऊ साहब की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि वह किसी जाति या धर्म को विशेष महत्व नहीं देते थे। उनकी नजरों में हर जाति- धर्म का आदमी एक समान था। प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने के बाद भी वह सिर्फ अपने प्रदेश के लोगों का भला नहीं सोचते थे, उनकी सोच समग्र थी। देश में पहली बार तेन्दूपत्ता के राष्ट्रीयकरण का काम उनकी ही देन है। जेठ की दुपहरी में रोजी-रोटी के लिए जंगलों की खाक छानने वाले बीड़ी मजदूरों की पीड़ा को समझने का काम सिर्फ अर्जुन सिंह ही कर सकते थे। गरीबों के प्रति उनका बेहद स्नेह इस कदर जज्बाती था कि, मुख्यमंत्री का पद संभालते ही उन्होंने प्रदेश के सभी झुग्गीवासियों को, जहां वह रह रहे थे, पट्टे देने का ऐलान कर दिया। वह सही मायने में एक महान युग प्रणेता थे। देश-प्रदेश के हर तबके का ख्याल उनके जेहन में हमेशा रहा करता था। दाऊ साहब की राजनीतिक दक्षता का तो कोई सानी नहीं था। उन्हें इसी कुशलता के कारण राजनीति का चाणक्य कहा जाता था। राजनीतिक मसलों को हल करने की जो कला उनमें थी, देश के चुनिंदा नेताओं में ही मानी जा सकती है। फिर चाहे वह आतंकवाद की आग से झुलसते पंजाब में शांति वहाल कराना हो या पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिंहाराव के साथ तत्कालीन मतभेदों के चलते घुटने न टेकने का हो। वह हर मामले में अव्वल रहे हैं। उन्होंने एक कुशल प्रशासक के रूप में भी अपनी अमिट छाम छोड़ी है। वह प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री थे जिन्होंने लापरवाही के आरोप से घिरे एक आईएएस अफसर जो तत्कालीन मुख्य सचिव थे, को निलंबित करने का काम किया था। कहते हैं प्रदेश के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष स्व. श्रीनिवास तिवारी जी, जो उस समय दाऊ साहब के मंत्रिमंडल में स्वास्थ्य मंत्रालय का कामकाज देख रहे थे। इसी दौरान उन्होंने रीवा मेडिकल कालेज के कुछ प्रोफेसरों का तबादला तब अविभाजित मप्र में रायपुर कर दिया। कुछ दिन बाद उन्हीं प्रोफेसरों के तबादले कैंसिल भी हो गये। उस समय उप्र के इलाहाबाद जिले से प्रकाशित एक प्रसिद्ध समाचार पाक्षिक पत्रिका में इन तबादलों में लेनदेन की खबर छपी। बताते हैं कि समाचार पत्रिका के बाजार में आते ही बतौर मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह ने तिवारी जी का स्तीफा मांग लिया था। इस घटना का जिक्र करने का कारण सिर्फ यह है कि प्रदेश की जनता को एक निष्पक्ष प्रशासन देने के मामले में वह किसी से कोई समझौता नहीं करते थे। कहते हैं कि काम के मामले में वह लापरवाही बर्दास्त नहीं करते थे। पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री रहे चरणदास महंत ने मुझसे एक साक्षात्कार में बताया था कि दाऊ साहब समय के बहुत ही पाबंद थे। वह हमेशा निर्धारित समय पर पहुंचना पसंद करते थे। उनकी बैठकों में नेता या अफसर निर्धारित समय से पहले ही अपना स्थान ग्रहण कर लेता था। समय की प्रतिबद्धता मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री रहे स्व. बाबूलाल गौर ने दाऊ साहब स्व. अर्जुन सिंह से ही सीखी थी। शायद यही कारण था कि उनके कार्यकाल में अफसरशाही कभी हावी नहीं रही। आज दाऊ साहब हमारे बीच नहीं है पर उनकी कर्मठता, कर्तव्य परायणता, देश के लिए कुछ कर गुजरने की लगन हमे हमारे कर्म करने की प्रधानता को मजबूत संबल प्रदान कर रही है। recent visitors 289

निया शर्मा का सोशल प्लेटफॉर्म पर छलका दर्द, बोलीं- मुझसे कोई प्यार नहीं करता

मुंबई, मशहूर टेलीविजन एक्ट्रेस निया शर्मा ने आखिरकार अपने रिलेशनशिप स्टेटस और शादी की अपनी प्लानिंग के बारे में बात की है। उन्होंने बताया कि वह सिंगल हैं और खुद से सवाल किया कि क्या वो शादी के बिना कुछ मिस कर रही हैं? निया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘इंस्टाग्राम’ पर अपने फैंस और फॉलोअर्स के साथ एक सवाल-जवाब सेशन किया, जहां एक यूजर ने उनसे पूछा कि क्या उनका कोई बॉयफ्रेंड है? उन्होंने जवाब दिया, ‘नहीं मेरा कोई बॉयफ्रेंड नहीं है तो क्या सिंगल ही मर जाएंगे। मुझसे कोई प्यार नहीं करता।’ एक अन्य ने उनसे उनकी शादी की प्लानिंग के बारे में पूछा, जिस पर उन्होंने कहा, “सर मैं आपको खुश नहीं दिखाई देती क्या या आपको बर्दाश्त नहीं होता कि मैं अपनी लाइफ में खुश हूं? मेरी जिंदगी में कुछ कमी दिखाई देती है या फिर मैं उस स्तर तक नहीं जी पा रही हूं…ऐसा क्या है जो मैं शादी के बिना मिस कर रही हूं।’ इसके बाद निया ने अपने फैन्स को वजन घटाने के मजेदार टिप्स दिए, जिन्होंने उनसे पूछा था कि उनके जैसी अच्छी बॉडी कैसे हासिल की जाए। उन्होंने इसका जवाब दिया, ‘जब भी आपका खाने का मन हो… बस अपने मुंह पर टेप लगा लें।’ एक्ट्रेस को उनके ड्रेसिंग स्टाइल के लिए तारीफ मिली तो उन्होंने कहा, ‘यही मैं भी सोचती हूं लेकिन फिर लोग मेरे पीछे क्यों आते हैं?’ डार्क सर्कल हटाने के टिप्स पूछने वालों को एक मजेदार जवाब देते हुए एक्ट्रेस ने कहा ‘यह सवाल मैं सभी से पूछ रही हूं, जो भी सबसे अच्छी टिप्स लेकर आएगा, उसे मेरी तरफ से ढेर सारा आशीर्वाद मिलेगा।’ बता दें कि निया को हाल ही में शो ‘लाफ्टर शेफ फन अनलिमिटेड’ और ‘सुहागन चुड़ैल’ में देखा गया था। पहले शो में वह कृष्णा अभिषेक, राहुल वैद्य, करण कुंद्रा, अंकिता लोखंडे, विक्की जैन, जन्नत जुबैर रहमानी, रीम शेख, सुदेश लहरी और कश्मीरा शाह के साथ देखा गया। इसे भारती सिंह होस्ट करती हैं और शेफ हरपाल सिंह सोखी जज करते हैं। निया ने ‘ट्विस्टेड’, और ‘जमाई 2.0’ जैसी वेब सीरीज में भी काम किया है।   recent visitors 125

अजय देवगन ने बताया कब रिलीज होगा ‘आजाद’ का टीजर

मुंबई, ‘दृश्यम’ स्टार अजय देवगन के भतीजे अमन देवगन ‘आजाद’ के साथ बॉलीवुड डेब्यू करने वाले हैं। फिल्म में उनके साथ अभिनेत्री रवीना टंडन की बेटी राशा थडानी भी नजर आएंगी। इस बीच अजय देवगन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर बताया है कि ‘आजाद’ का टीजर कब रिलीज होगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अपकमिंग फिल्म ‘आजाद’ का एक पोस्टर शेयर कर अजय देवगन ने प्रशंसकों को बताया है कि भतीजे अमन देवगन की फिल्म का टीजर कब आउट होगा। उन्होंने कैप्शन में लिखा “जब भी दोस्ती और वफादारी का जिक्र होगा तब बात सिर्फ ‘आजाद’ की होगी। ‘आजाद’ का टीजर कल (5 नवंबर को) रिलीज होगा। फिल्म की रिलीज के साथ इस जनवरी 2025 में बड़े पर्दे पर रोमांच के गवाह बनें।” फिल्म का निर्देशन अभिषेक कपूर ने किया है। इसमें राशा थडानी और अमन देवगन लीड रोल में नजर आएंगे। अभिषेक एक सफल निर्देशक माने जाते हैं। उन्होंने मनोरंजन जगत को ‘रॉकऑन’, ‘केदारनाथ’ और ‘चंडीगढ़ करे आशिकी’ जैसी फिल्में दी हैं। निर्माताओं ने हाल ही में फिल्म के टाइटल का खुलासा कर प्रशंसकों को एक झलक दिखाई। रोमांचक फिल्म अमन देवगन और राशा थडानी की बड़ी शुरुआत है। रॉनी स्क्रूवाला और प्रज्ञा कपूर द्वारा निर्मित ‘आजाद’ भरपूर मनोरंजन का वादा करती है। ‘चंडीगढ़ करे आशिकी’ के बाद अभिषेक की यह पहली फिल्म है। अभिषेक ने म्यूजिकल ड्रामा ‘रॉकऑन’ से बड़ी सफलता हासिल की, जिसमें अभिनेता फरहान अख्तर और प्राची देसाई ने अर्जुन रामपाल के साथ मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं। रिलीज के बाद फिल्म को आलोचकों ने काफी सराहा था। फिल्म का कॉसेप्ट, कहानी, साउंडट्रैक और कलाकारों के प्रदर्शन की जमकर प्रशंसा हुई। हालांकि, यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर औसत व्यावसायिक सफलता वाली रही। इसके बावजूद कपूर के करियर के लिए यह फिल्म शानदार साबित हुई और उन्हें हिंदी में सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला। अभिषेक कपूर ने साल 2013 में दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत, राजकुमार राव, अमित साध और अमृता पुरी स्टारर फिल्म ‘काई पो छे’ लिखी थी। उन्होंने फिल्म का निर्देशन भी किया था। यह फिल्म चेतन भगत के उपन्यास ‘द 3 मिस्टेक्स ऑफ माई लाइफ’ (2008) पर आधारित थी। इसका वर्ल्ड प्रीमियर 63वें बर्लिन अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में हुआ था।   recent visitors 125

न्यूजीलैंड ने ऐतिहासिक सफलता के लिए टीम ने विभिन्न प्रकार की चुनौतियों पर विजय प्राप्त की: एजाज पटेल

मुंबई न्यूजीलैंड ने भारत को 3-0 से ऐतिहासिक रूप से हराया, जिसमें टीम ने विभिन्न प्रकार की चुनौतियों पर विजय प्राप्त की। उनमें से सबसे बड़ी बाधा पिचों की प्रकृति थी, जिसमें बेंगलुरु, पुणे और मुंबई में टीमों के लिए अलग-अलग परिस्थितियां थीं। पहले टेस्ट के लिए पिच में मौसम की बड़ी भूमिका थी और न्यूजीलैंड ने पहली पारी में भारत को हराने के लिए तेज़ गति के अनुकूल परिस्थितियों का भरपूर लाभ उठाया, जिसने अनिवार्य रूप से खेल को अपने पक्ष में कर लिया। पुणे का विकेट, हालांकि स्पिन के लिए सहायक था, धीमा था और धीमे गेंदबाजों को इसे फिर से समायोजित करने की आवश्यकता थी। फिर से, मेहमान टीम ने परिस्थितियों को बेहतर तरीके से समझा और मिशेल सेंटनर की अगुआई में उनके स्पिनरों ने भारत के खिलाफ न्यूजीलैंड की पहली सीरीज जीत की नींव रखी। फिर मुंबई आया और इस बार एजाज पटेल ने परिचित परिस्थितियों में गेंदबाजी की, क्योंकि उन्होंने न्यूजीलैंड को ऋषभ पंत की चुनौती से पार पाने में मदद की और भारत में वाइटवॉश (न्यूनतम 3 टेस्ट) हासिल करने वाली पहली टीम बन गई। जूम कॉन्फ्रेंस में मीडिया से बात करते हुए, एजाज ने न्यूजीलैंड के सामने आने वाली विभिन्न परिस्थितियों और चुनौती का सामना करने के लिए उनकी तैयारियों पर प्रकाश डाला। “तीन अलग-अलग सतहें और तीन अलग-अलग मैच रहे हैं, और मुझे लगता है कि हम अच्छी तरह से जानते हैं कि एशिया जाने की चुनौतियों में से एक यह है कि परिस्थितियां हर समय बदलती रहती हैं और आपको अनुकूल होना पड़ता है और मैच के भीतर भी परिस्थितियां बहुत तेज़ी से बदलती हैं। मेरा मतलब है कि इस मुंबई टेस्ट में भी मैं गेंदबाजी कर रहा था…मुझे लगता है कि पहली पारी में और मुझे लगा कि मैं वास्तव में अच्छी गेंदबाजी कर रहा हूँ, लेकिन विकेट वास्तव में टर्न नहीं कर रहा था और फिर मैं लंच के बाद वापस आया और अचानक सब कुछ होने लगा। एजाज, जिन्होंने यह भी कहा कि न्यूजीलैंड ने उपमहाद्वीप में विभिन्न पिचों का सामना करने के लिए अपने घर पर अच्छी तैयारी की थी,ने कहा, “तो मुझे लगता है कि जब आप उपमहाद्वीप में आते हैं तो यह उस कौशल सेट और उस सीमा के बारे में होता है, चाहे वह 90 के दशक में गेंदबाजी करना हो या 80 के दशक में गेंदबाजी करना हो और शुरू से ही उन सीमाओं में अनुकूलन करने में सक्षम होना। यह सतह को जल्दी से पढ़ने के बारे में भी है क्योंकि जैसा कि मैंने कहा कि परिस्थितियां निरंतर (दर) से बदलती हैं। कभी-कभी सुबह की परिस्थितियां मध्य सत्र की परिस्थितियों से बहुत अलग हो सकती हैं और इसलिए एक स्पिनर के रूप में यह जानना ज़रूरी है कि इसका अधिकतम लाभ कैसे उठाया जाए, अपनी गति कैसे बदली जाए, गेंद को आकार में रखते हुए कैसे ऊपर-नीचे किया जाए।” उन्होंने कहा, “अगर मैं आपसे ईमानदारी से कहूँ, तो हमारे घर पर सर्दी बहुत अच्छी रही, जहां हमने टर्निंग विकेटों पर तैयारी की और हमने सुनिश्चित किया कि हमारे पास अलग-अलग सतहें हों, जिन पर हमने अभ्यास किया और कोशिश की, इसलिए मुझे लगता है कि हम अलग-अलग सतहों पर गेंदबाजी करने के लिए भी तैयार थे। तो हां, यह तैयारी से बहुत जुड़ा है, लेकिन फिर यह आपके कौशल का समर्थन करने और मुझे लगता है कि आप वहां जाकर वास्तव में ऐसा करने के बारे में जानते हैं।” भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज़ से पहले, न्यूज़ीलैंड ने ग्रेटर नोएडा में अफ़गानिस्तान के खिलाफ़ बारिश के कारण रद्द हुए टेस्ट मैच के साथ महत्वपूर्ण तैयारी का समय खो दिया। श्रीलंका के खिलाफ़ बाद की दो मैचों की सीरीज़ में, उन्हें मेजबानों द्वारा 2-0 से हरा दिया गया, जिसमें न्यूज़ीलैंड ने दोनों मैचों में टॉस खो दिया और उन्हें दूसरे स्थान पर बल्लेबाजी करनी पड़ी। हालांकि, भारत में, उनके पास बल्लेबाजी के लिए सबसे अच्छी परिस्थितियां थीं और न्यूज़ीलैंड ने सुनिश्चित किया कि वे इसका फ़ायदा उठाएं। एशियाई परिस्थितियों में टॉस कारक कितना महत्वपूर्ण है, इस बारे में बात करते हुए, एजाज ने कहा: “मुझे लगता है, श्रीलंका से यहां तक, मुझे नहीं लगता कि हम बहुत अलग थे, ईमानदारी से कहूं तो। मुझे लगता है कि हमने श्रीलंका में कुछ बहुत अच्छी क्रिकेट खेली, लेकिन दुर्भाग्य से (हम सीरीज़ हार गए)। जब आप उपमहाद्वीप में आते हैं, तो टॉस बहुत महत्वपूर्ण होता है और तीसरी पारी में गेंदबाजी की तुलना में आखिरी पारी में गेंदबाजी करना, खासकर टर्निंग विकेट पर, कभी-कभी स्पिनरों के रूप में अंतर पैदा कर सकता है। “जबकि श्रीलंका में परिणाम हमारे पक्ष में नहीं रहे, मुझे नहीं लगता कि हमने बहुत खराब खेला या ऐसा कुछ भी। बल्लेबाजी विभाग से भी, हमने फिर भी बोर्ड पर रन बनाए। यह सिर्फ इस बात का मामला था कि, मुझे लगता है, आप जानते हैं, श्रृंखला में हमारे लिए थोड़ी किस्मत भी खराब थी।” एजाज ने स्पिन सलाहकार रंगना हेरात को उनके योगदान और रणनीतिक अंतर्दृष्टि का श्रेय दिया, जिसने न्यूजीलैंड के स्पिनरों को भारतीय बल्लेबाजों के खिलाफ शीर्ष पर आने में मदद की। उन्होंने स्पिनर के लिए सीधी डिलीवरी के महत्व के बारे में भी बात की और बताया कि कैसे यह टर्निंग ट्रैक पर बल्लेबाजों के लिए मुश्किल बना देता है, और यह भी कि कैसे न्यूजीलैंड के बल्लेबाज इस संबंध में अच्छी तरह से तैयार थे। “जाहिर है कि उपमहाद्वीप में उनके पास काफी अनुभव है और बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाजी के मामले में उनका रिकॉर्ड अपने आप में बहुत कुछ कहता है। इसलिए मेरा मतलब है कि मेरे लिए उनका होना बहुत बढ़िया था क्योंकि हम दोनों की गेंदबाजी शैली काफी हद तक एक जैसी है। लेकिन मुझे लगता है कि यह बहुत बढ़िया है।   recent visitors 95

कमिंस का शानदार प्रदर्शन, पाकिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में 1-0 से आगे ऑस्ट्रेलिया

मेलबर्न ऑस्ट्रेलिया ने पाकिस्तान को दो विकेट से हराकर तीन मैचों की वनडे सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। अब टीम की नजर दूसरे मुकाबले में जीत के साथ सीरीज में अजेय बढ़त बनाने पर होगी। मेलबर्न में खेले गए इस मुकाबले में पाकिस्तान ने 46.4 ओवर में 203 रन बनाए। जवाब में मेजबानों ने 33.3 ओवर में आठ विकेट पर 208 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस मैच में कंगारू टीम के कप्तान पैट कमिंस गेंद और बल्ले दोनों से चमके। पाकिस्तान की पारी मोहम्मद रिजवान की अगुआई में खेलने उतरी पाकिस्तान की टीम की शुरुआत इस मैच में धीमी हुई। सईम अयूब एक और अब्दुल्ला शफीक 12 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद मोर्चा बाबर आजम और कप्तान रिजवान ने संभाला। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 39 रनों की साझेदारी हुई, जिसको जाम्पा ने तोड़ा। उन्होंने पूर्व कप्तान बाबर को बोल्ड किया। वह चार चौकों की मदद से 37 रन बनाकर लौटे। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रिजवान ने 44, नसीम शाह ने 40, शाहीन अफरीदी ने 24, इरफान खान ने 22, सलमान आगा ने 12 रन बनाए। हारिस रऊफ खाता खोले बिना लौटे जबकि मोहम्मद हसनैन दो रन बनाकर नाबाद रहे। कंगारूओं के लिए मिचेल स्टार्क ने तीन, कमिंस और जाम्पा ने दो-दो विकेट लिए। इसके अलावा सीन एबॉट और मार्नस लाबुशेन ने एक-एक विकेट चटकाया। ऑस्ट्रेलिया की पारी लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया को पहला झटका 19 रन के स्कोर पर लगा। मैथ्यू शॉर्ट को शाहीन शाह अफरीदी ने सईम अयूब के हाथों कैच कराया। वह सिर्फ एक रन बना सके। वहीं, दूसरे सलामी बल्लेबाज जैक फ्रेजर मैकगर्क (16) भी नसीम शाह का शिकार हो गए। इसके बाद मोर्चा स्टीव स्मिथ और जोश इंगलिस ने संभाला। दोनों के बीच 85 रनों की साझेदारी हुई, जिसे हारिस रऊफ ने तोड़ा। उन्होंने 17वें ओवर में स्मिथ को कैच आउट कराया। वह छह चौकों की मदद से 44 रन बनाने में सफल हुए जबकि इंगलिस ने 49 रन बनाए। इस मुकाबले में मार्नस लाबुशेन ने 16, आरोन हार्डी ने 10, सीन एबॉट ने 13 रन बनाए। मैक्सवेल खाता भी नहीं खोल पाए। मेजबानों की जीत में पैट कमिंस ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने 32 रनों की नाबाद पारी खेली। इसमें उनका साथ मिचेल स्टार्क ने दिया। वह दो रन बनाकर नाबाद रहे। पाकिस्तान के लिए हारिस रऊफ ने तीन और शाहीन अफरीदी ने दो विकेट चटकाए। वहीं, नसीम शाह और मोहम्मद हसनैन को एक-एक सफलता मिली।   recent visitors 63

अरबपतियों की सूची में उथल-पुथल, अंबानी और जुकरबर्ग को झटका, जानिए क्यों लगा है झटका

मुंबई दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में इस समय बड़ी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। जहां एक ओर बीते 24घंटे में दुनिया के टॉप-10अरबपतियों में से 9को भारी नुकसान हुआ है।वहीं दूसरी ओर भारतीय उद्योगपतियों मुकेश अंबानी और गौतम अडानी की नेटवर्थ भी घटकर टॉप-15से बाहर चली गई है। एलन मस्क, जेफ बेजोस और मार्क जुकरबर्ग को हुआ तगड़ा नुकसान ब्लूमबर्ग बिलेनियर्स इंडेक्स के अनुसार, दुनिया के सबसे अमीरों में शामिल टॉप-10अरबपतियों को पिछले एक दिन में काफी नुकसान उठाना पड़ा है। इसमें सबसे बड़ा झटका टेस्ला और स्पेसएक्स के संस्थापक एलन मस्क को लगा है। उनकी संपत्ति 4.39अरब डॉलर घटकर 258अरब डॉलर रह गई है। वहीं, अमेज़न के संस्थापक जेफ बेजोस की संपत्ति में भी 1.94अरब डॉलर की कमी आई, जिससे उनकी नेटवर्थ 218अरब डॉलर रह गई। इसके अलावा, फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा के CEO मार्क जुकरबर्ग की संपत्ति में भी 2.23अरब डॉलर की गिरावट आई और अब उनकी कुल संपत्ति 199अरब डॉलर है। बिल गेट्स के लिए खुशखबरी, बाकी सभी को नुकसान टॉप-10अरबपतियों की सूची में एकमात्र नाम जो फायदा में रहा, वह माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स का है। उनके नेटवर्थ में 373मिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई, जिससे उनकी कुल संपत्ति 157अरब डॉलर हो गई है। वहीं, अन्य अरबपतियों में लैरी एलिसन को 538मिलियन डॉलर, बर्नार्ड अर्नाल्ट को 353मिलियन डॉलर, लैरी पेज को 1.49अरब डॉलर, सर्गेई ब्रिन को 1.39अरब डॉलर, स्टीव बाल्मर को 610मिलियन डॉलर और वॉरेन बफे को 2.76अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। मुकेश अंबानी और गौतम अडानी की संपत्ति में भारी गिरावट भारत के दो प्रमुख उद्योगपति, मुकेश अंबानी और गौतम अडानी, जो कभी टॉप-15अरबपतियों की सूची में शामिल थे, अब इस सूची से बाहर हो गए हैं। भारतीय शेयर बाजार में पिछले कुछ समय से जारी गिरावट का असर इन दोनों के साम्राज्य पर पड़ा है, जिसके चलते उनकी संपत्ति में भी कमी आई है। मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में पिछले एक महीने में लगभग 5प्रतिशत की गिरावट आई है। इससे उनकी नेटवर्थ में 2.72अरब डॉलर (लगभग 22,882करोड़ रुपये) की कमी आई है, और अब उनकी कुल संपत्ति 98.8अरब डॉलर रह गई है। इस गिरावट के साथ मुकेश अंबानी अब दुनिया के 17वें सबसे अमीर व्यक्ति हैं। वहीं, गौतम अडानी की नेटवर्थ भी घटकर 92.3अरब डॉलर रह गई है, जिसमें 2.06अरब डॉलर (लगभग 17,330करोड़ रुपये) की गिरावट आई है। इसके साथ ही वह अब दुनिया के 18वें सबसे अमीर व्यक्ति के रूप में सूचीबद्ध हैं। दुनियाभर के शेयर बाजारों में गिरावट हाल के दिनों में वैश्विक शेयर बाजारों में आई गिरावट का प्रभाव दुनिया के कई शीर्ष अरबपतियों की संपत्ति पर पड़ा है, जिससे उनकी रैंकिंग में बदलाव आया है। विशेष रूप से भारतीय उद्योगपतियों मुकेश अंबानी और गौतम अडानी की संपत्ति में आई गिरावट ने उन्हें टॉप-15 सूची से बाहर कर दिया है, जो एक महत्वपूर्ण बदलाव है। recent visitors 129

बकाया बिजली बिल भरेगी सरकार

Government will pay the outstanding electricity bill भोपाल। मध्य प्रदेश की सरकार ने नगरीय निकायों के करोड़ों रुपये के बकाया बिजली बिल चुकाने का निर्णय लिया है। आर्थिक संकट में फंसे इन निकायों की सहायता के लिए चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि का उपयोग किया जाएगा, जिससे उनकी बिजली की देनदारी चुकाई जा सकेगी। 60 करोड़ रुपये की स्वीकृति मप्र नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने इस मद से 60 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। इसमें से सबसे अधिक 31 करोड़ रुपये पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को दिए जाएंगे, जिससे इंदौर नगर निगम के 23 करोड़ रुपये का बकाया बिल समायोजित किया जाएगा। इसके अलावा भोपाल नगर निगम के 5 करोड़, जबलपुर के 5.5 करोड़ और ग्वालियर के 2.5 करोड़ रुपये का बिल भी चुकाया जाएगा। वित्तीय स्थिति की चुनौती मध्य प्रदेश के नगरीय निकायों की वित्तीय स्थिति इस कदर बिगड़ चुकी है कि वे अपने बिजली के बिल समय पर चुकाने में असमर्थ हैं। इसके पीछे मुख्य कारण है कि इन निकायों की वसूली बेहद कम है। पेयजल, स्ट्रीट लाइट आदि के लिए विद्युत वितरण कंपनियों से बिजली की आपूर्ति की जाती है, लेकिन स्थानीय निकायों द्वारा रहवासियों से शुल्क की वसूली में कमी आई है। सरकार का निर्णय इस स्थिति को देखते हुए सरकार ने चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि का उपयोग बिजली के बकाया बिलों का भुगतान करने का निर्णय लिया है। यह राशि अब मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के बजाय बिजली बिल चुकाने में खर्च की जाएगी। इससे विद्युत वितरण कंपनियों पर भी दबाव कम होगा और उनकी सेवा में भी कोई बाधा नहीं आएगी। recent visitors 165